भारत छोड़ो आंदोलन (1942) PYQ MCQ प्रश्न | UPSC History

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1. भारत छोड़ो आंदोलन कब प्रारंभ हुआ?
(a) 9 अगस्त, 1942
(b) 10 अगस्त, 1942
(c) 15 अगस्त, 1942
(d) 16 अगस्त, 1942
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
उत्तर-(a)
9 अगस्त, 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन आरंभ हुआ। इससे पहले 7 अगस्त, 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक हुई और 8 अगस्त को भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया गया। आंदोलन शुरू होते ही ब्रिटिश सरकार ने ‘ऑपरेशन जीरो ऑवर’ के तहत गांधीजी सहित सभी प्रमुख कांग्रेसी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। गांधीजी को पुणे के आगा खां पैलेस में और जवाहरलाल नेहरू को अहमदनगर किले में नजरबंद किया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस आंदोलन में गांधीजी ने “करो या मरो” (Do or Die) का ऐतिहासिक नारा दिया था। आंदोलन के दौरान अरुणा आसफ अली ने बंबई में कांग्रेस का झंडा फहराकर भूमिगत प्रतिरोध का नेतृत्व किया और उन्हें ‘आंदोलन की वीरांगना’ कहा गया।
2. भारत छोड़ो आंदोलन कहां से शुरू हुआ था?
(a) साबरमती
(b) कलकत्ता
(c) बंबई
(d) मद्रास
U.P.P.C.S. (Pre) 1990
उत्तर-(c)
भारत छोड़ो आंदोलन बंबई से शुरू हुआ था। बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान (जिसे आज ‘अगस्त क्रांति मैदान’ कहा जाता है) में 8 अगस्त, 1942 को AICC ने यह प्रस्ताव स्वीकार किया और 9 अगस्त से आंदोलन आरंभ हो गया। 1942 के इस आंदोलन का सर्वाधिक प्रभाव बंबई, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, बंगाल और मद्रास में देखा गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ग्वालिया टैंक मैदान का नाम आज ‘अगस्त क्रांति मैदान’ इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में रखा गया है। इस आंदोलन के दौरान बलिया (उत्तर प्रदेश) और सतारा (महाराष्ट्र) में क्रांतिकारियों ने अस्थायी समानांतर सरकारें (‘प्रतिसरकार’) भी स्थापित की थीं।
3. वर्ष 1942 क्यों महत्वपूर्ण है?
(c) भारत छोड़ो आंदोलन
(d) भारत की स्वतंत्रता
M.P.P.C.S. (Spl.) (Pre) 2003
M.P.P.C.S. (Pre) 2004
उत्तर-(c)
वर्ष 1942 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह गांधीजी के नेतृत्व में अंग्रेजों के विरुद्ध चलाया गया सबसे बड़ा और अंतिम जन-आंदोलन था। नमक सत्याग्रह 1930 में और असहयोग आंदोलन 1920-22 में हुआ था, जबकि भारत की स्वतंत्रता 1947 में मिली।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत छोड़ो आंदोलन को ‘अगस्त क्रांति’ भी कहा जाता है। इस आंदोलन के दौरान लगभग 60,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था और ब्रिटिश सरकार ने इसे दबाने के लिए अत्यंत कठोर दमन नीति अपनाई।
4. अंग्रेजों के विरुद्ध ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की घोषणा किस वर्ष की गई?
(a) 1940 में
(b) 1942 में
(c) 1946 में
(d) 1936 में
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010
U.P. P.C.S. (Pre)1993
उत्तर-(b)
भारत छोड़ो आंदोलन की घोषणा 1942 में की गई। द्वितीय विश्वयुद्ध के संदर्भ में क्रिप्स मिशन की विफलता के बाद गांधीजी ने यह आंदोलन चलाने का निर्णय लिया। जुलाई 1942 में वर्धा में कांग्रेस कार्यसमिति ने और अगस्त 1942 में AICC ने इस प्रस्ताव को पारित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि में मार्च 1942 में आया क्रिप्स मिशन था, जो भारतीयों को युद्ध सहयोग के बदले डोमिनियन स्टेटस का प्रस्ताव लेकर आया था। कांग्रेस ने इसे “उत्तरदिनांकित चेक” (Post-dated Cheque) कहकर अस्वीकार कर दिया था।
5. भारतीय इतिहास में 8 अगस्त, 1942 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?
(a) ए.आई.सी.सी.द्वारा भारत छोड़ो प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
(b) वायसराय की एक्जेक्यूटिव काउंसिल का विस्तार अधिक संख्या में भारतीयों को सम्मिलित करने के लिए किया गया।
(c) सात प्रांतों में कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने त्यागपत्र दिया।
(d) क्रिप्स ने प्रस्ताव रखा कि द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त होते ही संपूर्ण डोमिनियन स्टेटस वाले भारतीय संघ की स्थापना की जाएगी।
I.A.S. (Pre) 2021
उत्तर-(a)
8 अगस्त, 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने भारत छोड़ो प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकार किया। इससे एक दिन पूर्व 7 अगस्त को इसी स्थान पर बैठक आरंभ हुई थी। कांग्रेस मंत्रिमंडलों का त्यागपत्र 1939 में हुआ था जब ब्रिटेन ने बिना भारत की सहमति के उसे द्वितीय विश्वयुद्ध में शामिल घोषित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत छोड़ो प्रस्ताव पास होने के तुरंत बाद गांधीजी ने ग्वालिया टैंक मैदान में उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था — “हर एक भारतीय को अब अपने आप को आज़ाद मानना होगा।” यह भाषण इतिहास में ‘Do or Die भाषण’ के नाम से प्रसिद्ध है।
6. 8 अगस्त, 1942 में कांग्रेस ने भारत छोड़ो आंदोलन कहां प्रारंभ किया था?
(a) बंबई
(b) मद्रास
(c) कलकत्ता
(d) पूना
U.P. Lower Sub. (Pre) 2015
उत्तर-(a)
8 अगस्त, 1942 को बंबई में AICC की बैठक में भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया गया और 9 अगस्त से आंदोलन आरंभ हुआ। इस आंदोलन का आह्वान गांधीजी ने किया था। ब्रिटिश सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गांधीजी और कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं को प्रातःकाल ही गिरफ्तार कर लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस आंदोलन के दौरान जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया और सुचेता कृपलानी जैसे नेताओं ने भूमिगत रहते हुए क्रांतिकारी गतिविधियों का संचालन किया। नेपाल में स्थित आज़ाद दस्ते (Azad Dastas) ने भी इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
7. ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का प्रस्ताव बंबई के किस मैदान में पारित किया गया?
(a) मैरीन ड्राइव मैदान
(b) काला घोड़ा मैदान
(c) चैम्बूर मैदान
(d) ग्वालिया टैंक
(e) इनमें से कोई नहीं
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2015
उत्तर-(d)
भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में पारित किया गया था। यह मैदान तत्कालीन बंबई का एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल था जहाँ AICC की ऐतिहासिक बैठक हुई। इस मैदान को आज ‘अगस्त क्रांति मैदान’ के नाम से जाना जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ग्वालिया टैंक मैदान का यह नाम वहाँ स्थित एक पुराने जलाशय (टैंक) के नाम पर पड़ा था। स्वतंत्रता के पश्चात भारत सरकार ने इस मैदान का नाम बदलकर ‘अगस्त क्रांति मैदान’ रख दिया, जो आज भी मुंबई के गिरगाँव क्षेत्र में स्थित है और राष्ट्रीय ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है।
8. भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ किया गया था-
(a) जुलाई, 1942 में
(b) अगस्त, 1942 में
(c) सितंबर, 1942 में
(d) अक्टूबर, 1942 में
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(b)
भारत छोड़ो आंदोलन अगस्त, 1942 में प्रारंभ हुआ। 8 अगस्त को AICC ने प्रस्ताव पारित किया और 9 अगस्त, 1942 से आंदोलन व्यापक रूप से आरंभ हो गया। जुलाई 1942 में केवल वर्धा में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस आंदोलन को ‘अगस्त क्रांति’ कहे जाने का कारण यही है कि इसकी समस्त निर्णायक गतिविधियाँ अगस्त माह में हुईं। वर्ष 1942 में भारत का वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो था, जिसने इस आंदोलन को कुचलने के लिए अत्यंत दमनकारी उपाय अपनाए और हजारों लोगों को जेलों में बंद किया।
9. 6 जुलाई, 1942 को वर्धा में महात्मा गांधीजी ने कांग्रेस की कार्यकारी समिति में अपने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की चर्चा की, तब उस समिति के अध्यक्ष थे-
(a) राजगोपालाचारी
(b) मौलाना अबुल कलाम आजाद
(c) पंडित जवाहरलाल नेहरू
43rd B.P.S.C. (Pre) 1999
उत्तर-(b)
जुलाई 1942 में वर्धा में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष मौलाना अबुल कलाम आजाद ने की थी। वे 1940 से 1946 तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे, जो कि अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। इस बैठक में सरोजिनी नायडू, वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू आदि नेताओं ने भाग लिया और ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पारित किया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मौलाना अबुल कलाम आजाद न केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे बल्कि स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री भी बने। उनके जन्मदिन 11 नवंबर को भारत में ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
10. 14 जुलाई, 1942 को कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का प्रस्ताव कहां पारित किया गया?
(a) बंबई
(b) वर्धा
(c) लखनऊ
(d) त्रिपुरा
R.A.S./ R.T.S. (Pre) 2010
M.P.P.C.S. (Pre) 1996
उत्तर-(a)
यह प्रश्न थोड़ा भ्रामक है — वर्धा में कार्यसमिति की प्रारंभिक बैठक हुई थी जहाँ प्रस्ताव की रूपरेखा तैयार हुई, किंतु AICC द्वारा प्रस्ताव औपचारिक रूप से बंबई में पारित किया गया। भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के समय भारत के Commander in Chief लॉर्ड वेवेल थे, जो वर्ष 1943 से 1947 तक भारत के वायसराय एवं गवर्नर जनरल भी रहे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लॉर्ड वेवेल के बाद लॉर्ड माउंटबेटन भारत के अंतिम वायसराय बने, जिन्होंने 1947 में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया का नेतृत्व किया। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ब्रिटिश सरकार ने पूरे देश में 57,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया और लगभग 1,000 लोग पुलिस गोलीबारी में शहीद हुए।
11. ‘करो या मरो’ का नारा किसने दिया?
(a) तिलक
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) भगत सिंह
(d) महात्मा गांधी
U.P.P.C.S. (Pre) 1991
उत्तर-(d)
‘करो या मरो’ (Do or Die) का ऐतिहासिक नारा महात्मा गांधी ने 8 अगस्त, 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में भारत छोड़ो आंदोलन की पूर्व संध्या पर दिया था। गांधीजी ने कहा था — “या तो हम भारत को आजाद कराएंगे या आजादी के प्रयास में दिवंगत होंगे।” यह नारा उस समय के जनमानस में असाधारण ऊर्जा और साहस भर देने वाला सिद्ध हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस नारे को अंग्रेजी में “Do or Die” कहा जाता है। गांधीजी ने यह भी स्पष्ट किया था कि ‘करो या मरो’ का अर्थ हिंसा नहीं, बल्कि अडिग संकल्प के साथ स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करना है। यह गांधीजी के समस्त जीवन की सबसे उग्र और निर्णायक घोषणा मानी जाती है।
12. भारत छोड़ो आंदोलन किसकी प्रतिक्रिया में प्रारंभ किया गया?
(a) कैबिनेट मिशन योजना
(b) क्रिप्स प्रस्ताव
(c) साइमन कमीशन रिपोर्ट
(d) वैवेल योजना
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
I.A.S. (Pre) 2013
उत्तर-(b)
मार्च 1942 में सर स्टैफोर्ड क्रिप्स के नेतृत्व में ब्रिटिश सरकार ने एक प्रस्ताव लाया जिसमें युद्धोपरांत भारत को डोमिनियन स्टेटस देने का वचन दिया गया था। कांग्रेस ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए गांधीजी की भाषा में इसे “उत्तरदिनांकित चेक” (Post-dated Cheque) कहा। क्रिप्स मिशन की इसी विफलता के बाद कांग्रेस ने भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ करने का निर्णय लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: क्रिप्स मिशन की विफलता का एक प्रमुख कारण यह था कि उसमें रक्षा विभाग पर भारतीयों का नियंत्रण नहीं दिया गया था। मुस्लिम लीग ने भी इस मिशन को अस्वीकार किया क्योंकि उसमें पाकिस्तान की मांग को स्वीकार नहीं किया गया था।
13. गांधीजी का ‘करो या मरो’ का आह्वान (नारा) था-
(a) भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान
(b) सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान
(c) असहयोग आंदोलन के दौरान
(d) खिलाफत आंदोलन के दौरान
उत्तर-(a)
‘करो या मरो’ का नारा गांधीजी ने भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान दिया था। यह नारा 8 अगस्त, 1942 की रात बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में AICC की बैठक में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण का हिस्सा था। असहयोग आंदोलन (1920-22) का नारा था “स्वराज एक वर्ष में”, और सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) की पहचान नमक सत्याग्रह से थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस भाषण में गांधीजी ने यह भी कहा था कि यदि उन्हें इस आंदोलन के लिए कोई नेता नहीं मिला तो वे स्वयं 73 वर्ष की आयु में नेतृत्व करेंगे। यही भाषण ‘Do or Die Speech’ या ‘Quit India Speech’ के नाम से इतिहास में अमर है।
14. भारत छोड़ो आंदोलन का नेतृत्व किया था-
(a) बी.आर. अम्बेडकर ने
(b) जवाहरलाल नेहरू ने
(c) महात्मा गांधी ने
(d) वल्लभभाई पटेल ने
45th B.P.S.C. (Pre) 2001
उत्तर-(c)
भारत छोड़ो आंदोलन की प्रेरणा और नेतृत्व महात्मा गांधी ने दिया था। हालांकि आंदोलन प्रारंभ होते ही 9 अगस्त, 1942 को ‘ऑपरेशन जीरो ऑवर’ के अंतर्गत गांधीजी सहित सभी शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके कारण यह आंदोलन स्वतः स्फूर्त रूप से पूरे देश में फैल गया। नेतृत्वहीन होने के बावजूद यह आंदोलन देशभर में जनांदोलन का रूप ले चुका था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी को गिरफ्तार कर पुणे के आगा खां पैलेस में रखा गया जहाँ उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी का फरवरी 1944 में निधन हो गया। गांधीजी को मई 1944 में स्वास्थ्य कारणों से रिहा किया गया।
15.’करो या मरो’ का संबंध किस आंदोलन से है?
(a) डांडी
(b) असहयोग
(c) खिलाफत
(d) भारत छोड़ो
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
उत्तर-(d)
‘करो या मरो’ का नारा भारत छोड़ो आंदोलन (1942) से संबंधित है। डांडी मार्च 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत हुआ था जिसमें गांधीजी ने नमक कानून तोड़ा था। असहयोग आंदोलन 1920-22 और खिलाफत आंदोलन 1919-24 में हुआ था। ये तीनों आंदोलन ‘करो या मरो’ के नारे से बिल्कुल असंबंधित हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत छोड़ो आंदोलन गांधीजी का तीसरा और अंतिम बड़ा जन-आंदोलन था। इससे पहले असहयोग आंदोलन (1920-22) और सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34) हो चुके थे। भारत छोड़ो आंदोलन को इन तीनों में सबसे उग्र और व्यापक माना जाता है।
16. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ करने के पूर्व दिन महात्मा गांधी ने
1. सरकारी कर्मचारियों को त्यागपत्र देने को कहा।
2. सैनिकों को अपने पद छोड़ने को कहा।
3. राजसी रियासतों के राजाओं को अपनी जनता की प्रभुसत्ता स्वीकार करने को कहा।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
I.A.S. (Pre) 2005
उत्तर-(c)
भारत छोड़ो आंदोलन से पूर्व गांधीजी ने सरकारी कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने को नहीं कहा, बल्कि यह कहा कि वे कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा घोषित करें। सैनिकों को पद छोड़ने नहीं, बल्कि अपने ही देशवासियों पर गोली चलाने से इंकार करने को कहा। केवल कथन 3 सही है — गांधीजी ने राजा-महाराजाओं से अपेक्षा की कि वे भारतीय जनता की प्रभुसत्ता स्वीकार करें और अपना भविष्य जनता के साथ जोड़ें।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने छात्रों से भी कहा था कि वे तभी पढ़ाई छोड़ें जब वे आजादी मिलने तक इस निर्णय पर दृढ़ रह सकें। यह गांधीजी की सोची-समझी रणनीति थी कि आंदोलन में अनुशासन बना रहे और अनावश्यक व्यवधान से बचा जाए।
17. यह कथन, “हम भारत को या तो आजाद करेंगे या आजादी के प्रयास में दिवंगत होंगे।” किससे जुड़ा है?
(a) असहयोग आंदोलन
(b) सविनय अवज्ञा आंदोलन
(c) वैयक्तिक सत्याग्रह
(d) भारत छोड़ो आंदोलन
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(d)
यह कथन भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ा है। 8 अगस्त, 1942 को बंबई में भारत छोड़ो प्रस्ताव पास होने के बाद गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का मंत्र देते हुए कहा था — “या तो हम भारत को आजाद कराएंगे या आजादी के प्रयास में दिवंगत होंगे।” गांधीजी ने यह भी कहा था कि पूर्ण स्वाधीनता से कम किसी भी प्रस्ताव को वे स्वीकार नहीं करेंगे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वैयक्तिक सत्याग्रह (1940-41) में विनोबा भावे को प्रथम सत्याग्रही चुना गया था और जवाहरलाल नेहरू द्वितीय सत्याग्रही थे। यह आंदोलन भारत छोड़ो से बिल्कुल भिन्न और बहुत सीमित था, इसलिए इस कथन का संबंध उससे नहीं है।
18. ‘करो या मरो’ नारा निम्नलिखित आंदोलनों में से किसके साथ संबंधित है?
(b) असहयोग आंदोलन
(c) सविनय अवज्ञा आंदोलन
(d) भारत छोड़ो आंदोलन
I.A.S. (Pre) 2009
Chhattisgarh P.C.S (Pre) 2005
उत्तर-(d)
‘करो या मरो’ नारा भारत छोड़ो आंदोलन (1942) से संबंधित है। स्वदेशी आंदोलन 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में हुआ था, असहयोग आंदोलन 1920-22 में और सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में नमक सत्याग्रह से शुरू हुआ था। इन तीनों आंदोलनों के अपने अलग नारे और पहचान हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: स्वदेशी आंदोलन का प्रमुख नारा था “वंदे मातरम्” और असहयोग आंदोलन में “स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है” (तिलक का नारा) की भावना प्रबल थी। इस प्रकार प्रत्येक आंदोलन की अपनी विशिष्ट पहचान थी।
19. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सी एक टिप्पणी सत्य नहीं है?
(a) यह आंदोलन अहिंसक था।
(b) उसका नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था।
(c) यह आंदोलन स्वतः प्रवर्तित था।
(d) इसने सामान्य श्रमिक वर्ग को आकर्षित नहीं किया था।
I.A.S. (Pre) 2011
उत्तर-(*)
1942 का भारत छोड़ो आंदोलन पूर्णतः अहिंसक नहीं था — आंदोलन के पहले सप्ताह में ही 250 से अधिक रेलवे स्टेशन क्षतिग्रस्त हुए, 500 से अधिक डाकघरों और 150 थानों पर हमले हुए। गांधीजी ने स्वयं जनता की इस हिंसा की निंदा करने से इंकार कर दिया था, यह कहते हुए कि यह ब्रिटिश दमन की प्रतिक्रिया थी। शीर्ष नेताओं की तत्काल गिरफ्तारी के कारण आंदोलन स्वतःस्फूर्त हो गया। UPSC की उत्तर कुंजी में विकल्प (b) को सही माना गया है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस आंदोलन ने किसानों, छात्रों और मध्यम वर्ग को व्यापक रूप से आकर्षित किया था। बिहार और उत्तर प्रदेश में किसानों ने रेल पटरियाँ उखाड़ीं और सरकारी इमारतों पर तिरंगा फहराया, जो दर्शाता है कि आंदोलन में आम जनता की गहरी भागीदारी थी।
20. निम्नलिखित में से किसने 1942 में ‘भारत छोड़ो प्रस्ताव’ का समर्थन किया था?
(a) ए. के. आजाद
(b) राजेंद्र प्रसाद
(c) सरदार वल्लभभाई पटेल
(d) जवाहरलाल नेहरू
U.P. Lower Sub. (Pre) 2009
उत्तर-(c)
8 अगस्त, 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में ‘भारत छोड़ो प्रस्ताव’ जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तावित किया गया था और सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसका समर्थन (अनुमोदन) किया था। मौलाना अबुल कलाम आजाद उस समय कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सरदार पटेल को ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है और वे स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री बने। उन्होंने 562 से अधिक देसी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराया, जिसे ‘लौह एकीकरण’ कहा जाता है।
21. ‘भारत छोड़ो’ का नारा किसने दिया था?
(a) महात्मा गांधी
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) यूसुफ मेहर अली
(d) अरुणा आसफ अली
U.P. P.C.S. (Pre)1996
उत्तर-(c)
‘भारत छोड़ो’ (Quit India) का नारा यूसुफ मेहर अली ने दिया था। यूसुफ मेहर अली बंबई के एक समाजवादी नेता और मेयर थे। ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा भी उन्हीं से जुड़ा माना जाता है, हालांकि इसे गांधीजी ने अपने ऐतिहासिक भाषण में प्रमुखता से प्रयोग किया। गांधीजी ने ‘भारत छोड़ो’ नारे को आंदोलन का नाम बनाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यूसुफ मेहर अली ने जवाहरलाल नेहरू के लिए ‘पंडितजी’ संबोधन भी प्रचलित किया था। वे कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के एक प्रमुख नेता थे और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कई बार जेल भी गए।
23. निम्नलिखित में से किन पार्टियों ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का समर्थन नहीं किया था?
(a) हिंदू महासभा ने
(b) कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने
(c) यूनियनिस्ट पार्टी ऑफ पंजाब ने
(d) उपर्युक्त सभी ने
U.P. Lower Sub. (Pre) 2004
उत्तर-(d)
हिंदू महासभा, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), यूनियनिस्ट पार्टी ऑफ पंजाब और मुस्लिम लीग — इन सभी ने भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन नहीं किया। CPI ने इसका विरोध इसलिए किया क्योंकि उस समय सोवियत संघ मित्र राष्ट्रों के साथ था और CPI ब्रिटेन के युद्ध प्रयासों को कमजोर नहीं करना चाहती थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मुस्लिम लीग के नेता मुहम्मद अली जिन्ना ने भारत छोड़ो आंदोलन को “कांग्रेस का हिंदू आंदोलन” कहकर इसकी आलोचना की थी। डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भी इस आंदोलन से दूरी बनाए रखी क्योंकि वे उस समय वायसराय की कार्यकारी परिषद में श्रम सदस्य थे।
24. ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव का आलेख बनाया था-
(a) जवाहरलाल नेहरू ने
(b) महात्मा गांधी ने
(c) मौलाना अबुल कलाम आजाद ने
(d) सरोजिनी नायडू ने
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2002
उत्तर-(b)
‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव का मूल आलेख (draft) महात्मा गांधी ने स्वयं तैयार किया था, जिसमें नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद ने सहयोग किया। इसे 8 अगस्त, 1942 को AICC की बैठक में नेहरू द्वारा प्रस्तावित और पटेल द्वारा अनुमोदित किया गया। यह प्रस्ताव ब्रिटिश शासन की तत्काल समाप्ति की माँग करता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस प्रस्ताव में यह भी कहा गया था कि यदि ब्रिटिश सरकार भारत छोड़ने से इंकार करती है तो कांग्रेस देशव्यापी सविनय अवज्ञा आंदोलन छेड़ेगी। गांधीजी ने इस प्रस्ताव में “व्यवस्थित अराजकता” (ordered anarchy) की नीति का भी उल्लेख किया था।
25. जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन प्रस्ताव पारित किया, कांग्रेस अध्यक्ष कौन था?
(a) महात्मा गांधी
(b) मौलाना अबुल कलाम आजाद
(c) सरदार पटेल
(d) पं. जवाहरलाल नेहरू
M.P.P.C.S. (Pre) 2018
उत्तर-(b)
भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित होते समय कांग्रेस के अध्यक्ष मौलाना अबुल कलाम आजाद थे। वे 1940 के रामगढ़ अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए थे। 1941 से 1945 तक युद्धकाल और आंदोलन के कारण कांग्रेस का कोई वार्षिक अधिवेशन नहीं हो सका, इसलिए वे लगातार 6 वर्षों तक (1940-1946) कांग्रेस अध्यक्ष बने रहे — जो कि अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मौलाना अबुल कलाम आजाद स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री बने और उन्होंने IIT तथा UGC की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके जन्मदिन 11 नवंबर को ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
26. 1942 में कांग्रेस के बंबई अधिवेशन में किसके द्वारा ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव प्रस्तावित किया गया था?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) नरेंद्र देव
(c) राजेंद्र प्रसाद
(d) जे.बी. कृपलानी
U.P.P.C.S. (Pre) 2013
उत्तर-(a)
8 अगस्त, 1942 को बंबई में AICC की बैठक में ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तावित किया गया था और सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसका अनुमोदन किया था। इस प्रस्ताव का मूल आलेख महात्मा गांधी ने तैयार किया था। नरेंद्र देव और जे.बी. कृपलानी भी कांग्रेस के प्रमुख नेता थे किंतु इस प्रस्ताव को प्रस्तावित नेहरू ने ही किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जवाहरलाल नेहरू को इस आंदोलन के बाद गिरफ्तार कर अहमदनगर किले में रखा गया, जहाँ उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “The Discovery of India” (भारत एक खोज) लिखी। यह पुस्तक 1946 में प्रकाशित हुई।
27. निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लगातार छः वर्षों तक अध्यक्ष था?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(c) अबुल कलाम आजाद
U.P. Lower Sub. (Pre) 2008
U.P. P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(c)
मौलाना अबुल कलाम आजाद 1940 से 1946 तक लगातार 6 वर्षों तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। यह कांग्रेस के इतिहास का सबसे लंबा अध्यक्षीय कार्यकाल है। इस अवधि में द्वितीय विश्वयुद्ध, भारत छोड़ो आंदोलन और उसके दमन जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाएँ घटीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जवाहरलाल नेहरू तीन बार कांग्रेस अध्यक्ष रहे — 1929 (लाहौर), 1936 (लखनऊ) और 1937 (फैजपुर)। दादाभाई नौरोजी 1886 में कांग्रेस के अध्यक्ष बने और वे ‘Grand Old Man of India’ के नाम से जाने जाते हैं।
28. “1942 के भारत छोड़ो आंदोलन” के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(a) इसका नेतृत्व महात्मा गांधी द्वारा किया गया
(b) कांग्रेस को एक असंवैधानिक संस्था घोषित किया गया
(c) यह एक अहिंसक आंदोलन था
(d) यह एक स्वतः स्फूर्त आंदोलन था
U.P.R.O./ A.R.O. (Re-Exam) (Pre) 2016
उत्तर-(*)
8 अगस्त, 1942 की रात को ही अधिकांश शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी हो जाने के कारण भारत छोड़ो आंदोलन एक स्वतःस्फूर्त आंदोलन बन गया। गांधीजी भी गिरफ्तार कर लिए गए, अतः वे व्यावहारिक रूप से नेतृत्व नहीं कर सके। आंदोलन में व्यापक हिंसा भी हुई, इसलिए यह पूर्णतः अहिंसक नहीं था। कांग्रेस को सरकार ने गैर-कानूनी संस्था अवश्य घोषित किया था — यह कथन सत्य है। UPRO/ARO की उत्तर कुंजी में विकल्प (b) को सही माना गया है, लेकिन वस्तुतः (a) और (c) दोनों असत्य कथन हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ब्रिटिश सरकार ने लगभग 60,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया और पुलिस तथा सेना की गोलीबारी में अनुमानतः 1,000 से अधिक लोग मारे गए। यह ब्रिटिश दमन का अब तक का सबसे भीषण रूप था।
29.’भारत छोड़ो’ आंदोलन के समय निम्नांकित में से किसने ‘कांग्रेस रेडियो’ का प्रसारण किया?
(a) अरुणा आसफ अली
(b) जयप्रकाश नारायण
(c) उषा मेहता
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P. P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(c)
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बंबई के विभिन्न स्थानों से एक गुप्त भूमिगत रेडियो चलाया जाता था जिसे ‘कांग्रेस रेडियो’ कहा जाता था। इसका संचालन उषा मेहता के नेतृत्व में एक छोटे से दल द्वारा किया जाता था। यह रेडियो प्रसारण मद्रास तक सुना जा सकता था। राम मनोहर लोहिया इस रेडियो पर नियमित रूप से प्रसारण करते थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उषा मेहता को अंततः ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें 4 वर्षों की कारावास की सजा दी गई। उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के लिए 1998 में भारत सरकार द्वारा ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया।
30.’भारत छोड़ो’ आंदोलन फल था-
(1) क्रिप्स के प्रस्तावों से भारतीयों के नैराश्य का
(2) भारत पर जापानी आक्रमण की धमकी का
(3) गांधीजी के लेखनों में देशवासियों को हिंसक साधन अपनाने के लिए भड़काने का
(4) ए.आई.सी.सी. द्वारा अगस्त, 1942 में एक प्रस्ताव पारित करने का
नीचे दिए गए कूटों का प्रयोग करके सही कूट का चयन कीजिए-
कूट :
(a) 1 और 2
(b) 1, 2 और 4
(c) 2, 3 और 4
(d) उपर्युक्त सभी
Uttarakhand U.D.A/L.D.A. (Pre) 2003
उत्तर-(b)
मार्च 1942 में क्रिप्स मिशन की विफलता से कांग्रेस को गहरी निराशा हुई। द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान का भारत पर आक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा था। अगस्त 1942 में AICC ने भारत छोड़ो प्रस्ताव पास किया। इस प्रकार कथन 1, 2 और 4 सही हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि गांधीजी ने अपने किसी भी लेखन में देशवासियों को हिंसक साधन अपनाने के लिए कभी प्रेरित नहीं किया — वे आजीवन अहिंसा के पक्षधर रहे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जापान ने 1942 में बर्मा (म्यांमार) पर कब्जा कर लिया था और भारत की पूर्वी सीमाएँ असुरक्षित हो गई थीं। इसी खतरे का उपयोग ब्रिटिश सरकार ने भारतीयों को युद्ध में सहयोग के लिए बाध्य करने में किया, जिसका गांधीजी ने विरोध किया।
31. भारत छोड़ो आंदोलन के समय इंग्लैंड के प्रधानमंत्री थे-
(a) चैम्बरलेन
(b) चर्चिल
(c) क्लीमेंट एटली
(d) मैकडोनॉल्ड
46th B.P.S.C. (Pre) 2005
उत्तर-(b)
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के समय इंग्लैंड के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल थे। वे 1940 से 1945 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे। चर्चिल भारत की स्वतंत्रता के कट्टर विरोधी थे और उन्होंने कहा था कि वे “ब्रिटिश साम्राज्य को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बने।” उन्हीं के निर्देश पर भारत में भारत छोड़ो आंदोलन का कठोरता से दमन किया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1945 में द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद ब्रिटेन में हुए आम चुनावों में चर्चिल की हार हुई और क्लीमेंट एटली प्रधानमंत्री बने। एटली के कार्यकाल में ही 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिली।
32. भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में उषा मेहता की ख्याति-
(a) भारत छोड़ो आंदोलन की बेला में गुप्त कांग्रेस रेडियो चलाने हेतु है।
(b) द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में सहभागिता हेतु है।
(c) आजाद हिंद फौज की एक टुकड़ी का नेतृत्व करने हेतु है।
(d) पंडित जवाहरलाल नेहरू की अंतरिम सरकार के गठन में सहायक भूमिका निभाने हेतु है।
I.A.S. (Pre) 2011 Uttarakhand Lower Sub. (pre) 2010
उत्तर-(a)
उषा मेहता की ख्याति भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान गुप्त ‘कांग्रेस रेडियो’ चलाने के लिए है। बंबई के विभिन्न स्थानों से संचालित यह भूमिगत रेडियो मद्रास तक सुना जाता था। उषा मेहता के नेतृत्व में इस रेडियो दल पर राम मनोहर लोहिया नियमित कार्यक्रम प्रसारित करते थे। अंततः ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर 4 वर्ष की सजा दी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उषा मेहता को उनकी असाधारण देशभक्ति और साहस के लिए 1998 में भारत सरकार द्वारा ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया। वे गांधीवादी विचारधारा की प्रबल समर्थक थीं और जीवनभर सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं।
33. निम्नलिखित पत्रकारों में से कौन महात्मा गांधी का जीवनीकार है?
(a) लुई फिशर
(b) रिचर्ड ग्रेग
(c) वेब मिलर
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Mains) 2013
उत्तर-(a)
अमेरिकी पत्रकार लुई फिशर महात्मा गांधी के प्रसिद्ध जीवनीकार हैं। उन्होंने ‘The Life of Mahatma Gandhi’ नामक पुस्तक लिखी जो गांधीजी की सर्वाधिक चर्चित जीवनियों में से एक है। वेब मिलर एक अमेरिकी पत्रकार थे जिन्होंने 1930 के नमक सत्याग्रह के दौरान धरसाना में हुए लाठीचार्ज का आँखों देखा विवरण दिया था। रिचर्ड ग्रेग ने गांधी की अहिंसा के सिद्धांतों पर लिखा था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लुई फिशर की जीवनी पर आधारित 1982 की फिल्म ‘Gandhi’ में बेन किंग्सले ने गांधीजी की भूमिका निभाई थी और इस फिल्म को 8 अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) मिले थे। यह फिल्म रिचर्ड एटनबरो ने निर्देशित की थी।
34. निम्न में से कौन कांग्रेस रेडियो पर भारत छोड़ो आंदोलन की अवधि में नियमित रूप से कार्यक्रम प्रसारित करता था?
(a) जयप्रकाश नारायण
(c) राम मनोहर लोहिया
(d) सुचेता कृपलानी
U.P. Lower Sub. (Pre) 2008
उत्तर-(c)
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बंबई से संचालित गुप्त ‘कांग्रेस रेडियो’ पर राम मनोहर लोहिया नियमित रूप से कार्यक्रम प्रसारित करते थे। इस रेडियो का संचालन उषा मेहता के नेतृत्व में किया जाता था। जयप्रकाश नारायण उस समय नेपाल की तराई से भूमिगत क्रांतिकारी गतिविधियाँ चला रहे थे। सुभाष चंद्र बोस उस समय भारत से बाहर थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: राम मनोहर लोहिया एक समाजवादी विचारक थे जिन्होंने बाद में समाजवादी आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने ‘हिंद किसान पंचायत’ की स्थापना की और जाति-व्यवस्था के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया।
35. महात्मा गांधी के जीवनीकार लुई फिशर संबद्ध थे-
(a) सविनय अवज्ञा आंदोलन से
(b) वैयक्तिक सत्याग्रह से
(c) असहयोग आंदोलन से
(d) भारत छोड़ो आंदोलन से
U.P.P.C.S. (Mains) 2010
उत्तर-(d)
अमेरिकी पत्रकार लुई फिशर भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के समय गांधीजी के साथ थे। वे उन विदेशी बुद्धिजीवियों में से थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता की माँग का खुलकर समर्थन किया। लुई फिशर के साथ पर्लबक, एडगर स्नो, एम.एल. सूर्मेन और नॉर्मन थॉमस जैसे अमेरिकी बुद्धिजीवी भी भारतीय स्वतंत्रता के पक्षधर थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लुई फिशर ने गांधीजी से सेवाग्राम आश्रम में भेंट की थी और उनके व्यक्तित्व से अत्यंत प्रभावित हुए थे। उनकी जीवनी ‘The Life of Mahatma Gandhi’ (1950) आज भी गांधी-साहित्य की एक प्रामाणिक कृति मानी जाती है।
36. भारत छोड़ो आंदोलन से उत्पन्न दंगे किस क्षेत्र में सबसे अधिक व्यापक रहे?
(i) बिहार (ii) बंगाल
(iii) गुजरात (iv) संयुक्त प्रांत
अपना निम्नांकित कूटों से चुने-
(a) (i) एवं (ii)
(b) केवल (i)
(c) (ii) एवं (iii)
(d) (i) एवं (iv)
41th B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(d)
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) से उत्पन्न विद्रोह और दंगे सर्वाधिक बिहार और संयुक्त प्रांत (आज का उत्तर प्रदेश) में व्यापक रहे। पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, बलिया और गोरखपुर तथा बिहार के गया, भागलपुर, सारण, पूर्णिया, शाहाबाद, मुजफ्फरपुर और चंपारण इस स्वतःस्फूर्त जन-विद्रोह के प्रमुख केंद्र रहे। यहाँ समानांतर सरकारें तक स्थापित हो गई थीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बलिया (उत्तर प्रदेश) में चित्तू पाण्डेय के नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने अस्थायी समानांतर सरकार स्थापित की थी जिसे ‘बलिया की अस्थायी सरकार’ कहा जाता है। इसी प्रकार महाराष्ट्र के सतारा में भी ‘प्रतिसरकार’ स्थापित की गई थी।
37. अमेरिकी पत्रकार, जो महात्मा गांधी के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान उनके साथ था, का नाम था-
(a) लुई फिशर
(b) विलियम एल. शिवेर
(c) वेब मिलर
(d) नेगली फार्सन
U.P.P.C.S. (Pre) 2001
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002
उत्तर-(a)
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अमेरिकी पत्रकार और गांधीजी के जीवनीकार लुई फिशर उनके साथ थे। विलियम एल. शिवेर एक अमेरिकी पत्रकार थे जो मुख्यतः नाजी जर्मनी और द्वितीय विश्वयुद्ध के संवाददाता के रूप में जाने जाते हैं। वेब मिलर ने 1930 के धरसाना सत्याग्रह का प्रत्यक्ष विवरण लिखा था। नेगली फार्सन भी एक अमेरिकी पत्रकार थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लुई फिशर ने गांधीजी की जीवनी के अतिरिक्त ‘A Week with Gandhi’ (1942) नामक पुस्तक भी लिखी जो भारत छोड़ो आंदोलन से ठीक पहले उनसे हुई मुलाकात पर आधारित है। इस पुस्तक में गांधीजी के व्यक्तित्व और उनकी रणनीति का रोचक विवरण है।
38. महात्मा गांधी का जीवनीकार लुई फिशर था-
(a) एक अमेरिकी पत्रकार
(b) एक ब्रिटिश पत्रकार
(c) एक फ्रांसीसी पत्रकार
(d) एक जर्मन पत्रकार
U.P.P.C.S. (Spl) (Mains) 2008
उत्तर-(a)
लुई फिशर एक अमेरिकी पत्रकार थे जिन्होंने महात्मा गांधी की प्रसिद्ध जीवनी ‘The Life of Mahatma Gandhi’ लिखी। वे राजनीतिक विषयों के पत्रकार थे और भारत की स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक थे। भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान वे गांधीजी के साथ रहे और इस आंदोलन का प्रत्यक्ष अनुभव लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लुई फिशर का जन्म 1896 में फिलाडेल्फिया (अमेरिका) में हुआ था। वे प्रिंसटन विश्वविद्यालय में भी अध्यापन कार्य करते थे। उनकी गांधी जीवनी को 1951 में नेशनल बुक अवार्ड के लिए नामांकित किया गया था।
39. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बकरी का टापू में अखिल भारतीय आजाद दस्ता का गठन किया था-
(a) राम मनोहर लोहिया ने
(b) ऊषा मेहता ने
(c) चित्तू पाण्डेय ने
(d) जयप्रकाश नारायण ने
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020
उत्तर-(d)
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जयप्रकाश नारायण ने नेपाल की तराई में स्थित ‘बकरी का टापू’ में ‘अखिल भारतीय आजाद दस्ता’ का गठन किया। इस दस्ते का उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध तोड़-फोड़ की कार्यवाहियाँ करके युद्ध-प्रयासों में बाधा पहुँचाना था। मई 1943 में ब्रिटिश दबाव में नेपाल सरकार ने जयप्रकाश नारायण सहित राम मनोहर लोहिया, श्यामनंदन सिंह, वैद्यनाथ झा और कार्तिक प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जयप्रकाश नारायण को ‘लोकनायक’ की उपाधि से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 1974 में इंदिरा गांधी के विरुद्ध ‘सम्पूर्ण क्रांति’ आंदोलन का भी नेतृत्व किया था, जो 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की भावना से प्रेरित था।
40. निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
कथन (A) : लॉर्ड लिनलिथगो ने 1942 के अगस्त आंदोलन को, सिपाही विद्रोह के बाद, सर्वाधिक गंभीर विद्रोह कहा था।
कारण (R) : कुछ क्षेत्रों में किसान व्यापक जनांदोलन में उठ खड़े हुए थे।
अब नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
कूट :
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है।
I.A.S. (Pre) 1999
उत्तर-(a)
1942 के अगस्त आंदोलन में किसानों की भागीदारी अत्यंत व्यापक थी। किसान दिन में खेती करते और रात को तोड़-फोड़ की कार्यवाहियों में भाग लेते थे। इनकी उग्रता इस हद तक थी कि तत्कालीन वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो ने प्रधानमंत्री चर्चिल को भेजे एक तार में इसे ‘1857 के सिपाही विद्रोह के बाद का सबसे गंभीर विद्रोह’ कहा। अतः कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लॉर्ड लिनलिथगो 1936 से 1943 तक भारत के वायसराय रहे और उनका कार्यकाल भारत में सबसे लंबे समय तक रहने वाले वायसराय के रूप में दर्ज है। उनके बाद लॉर्ड वेवेल (1943-1947) वायसराय बने।
41. निम्नलिखित में से किस आंदोलन के साथ अरुणा आसफ अली जुड़ी हैं?
(a) असहयोग आंदोलन
(b) सविनय अवज्ञा आंदोलन
(c) वैयक्तिक सत्याग्रह
(d) भारत छोड़ो आंदोलन
U.P. P.C.S. (Pre) 2013
U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl) (Pre) 2010
उत्तर-(d)
अरुणा आसफ अली का नाम भारत छोड़ो आंदोलन (1942) से अटूट रूप से जुड़ा है। 9 अगस्त, 1942 को जब सभी बड़े कांग्रेसी नेता गिरफ्तार हो गए, तब अरुणा आसफ अली ने बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में साहसपूर्वक कांग्रेस का तिरंगा झंडा फहराया। इस साहसी कार्य के कारण उन्हें ‘भारत छोड़ो आंदोलन की वीरांगना’ और ‘Grand Old Lady of Indian Independence Movement’ कहा जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अरुणा आसफ अली को 1997 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता के बाद वे दिल्ली की पहली महापौर (Mayor) बनीं और 1958 में उन्हें लेनिन शांति पुरस्कार भी मिला।
42. भारत छोड़ो आंदोलन के संदर्भ में महात्मा गांधी को कहां बंदी बनाया गया?
(a) बंबई में
(b) मद्रास में
(c) कलकत्ता में
(d) नई दिल्ली में
U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(a)
9 अगस्त, 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत के दिन ही ‘ऑपरेशन जीरो ऑवर’ के तहत गांधीजी को बंबई में गिरफ्तार किया गया। उन्हें पुणे के आगा खां पैलेस में सरोजिनी नायडू के साथ नजरबंद रखा गया। गांधीजी मई 1944 तक वहीं नजरबंद रहे और स्वास्थ्य कारणों से उन्हें रिहा किया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: आगा खां पैलेस में नजरबंदी के दौरान गांधीजी की पत्नी कस्तूरबा गांधी का फरवरी 1944 में निधन हो गया। उनके सचिव महादेव देसाई भी वहीं अगस्त 1942 में हृदयाघात से चल बसे। यह नजरबंदी गांधीजी के लिए अत्यंत पीड़ादायक रही।
43. जयप्रकाश नारायण को राष्ट्रीय स्तर के नेता की पहचान किस संदर्भ में मिली?
(a) भारत छोड़ो आंदोलन
(b) कांग्रेस समाजवादी दल की स्थापना
(c) भूदान आंदोलन
(d) उनको कांग्रेस कार्यकारिणी समिति का सदस्य बनाया जाना
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(a)
जयप्रकाश नारायण को राष्ट्रीय स्तर के नेता की पहचान भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान मिली। 9 अगस्त को सभी प्रमुख कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया और अरुणा आसफ अली ने भूमिगत रहकर आंदोलन का नेतृत्व किया। जेपी ने हजारीबाग जेल से फरार होकर नेपाल की तराई से ‘अखिल भारतीय आजाद दस्ता’ का संचालन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जयप्रकाश नारायण को ‘लोकनायक’ की उपाधि दी गई थी। उन्होंने 1974 में ‘सम्पूर्ण क्रांति’ आंदोलन का भी नेतृत्व किया। मरणोपरांत उन्हें 1998 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
44. निम्नलिखित में से किस एक आंदोलन के साथ अरुणा आसफ अली जुड़ी थीं?
(a) खिलाफत आंदोलन
(b) असहयोग आंदोलन
(c) सविनय अवज्ञा आंदोलन
(d) भारत छोड़ो आंदोलन
U.P.P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(d)
अरुणा आसफ अली का सर्वाधिक प्रसिद्ध योगदान भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में रहा। जब 9 अगस्त को समस्त वरिष्ठ नेता गिरफ्तार हो गए, तब उन्होंने बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में निडरता से तिरंगा फहराया। इसके बाद वे भूमिगत होकर लंबे समय तक आंदोलन की गतिविधियाँ चलाती रहीं। ब्रिटिश सरकार ने उन पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अरुणा आसफ अली का विवाह 1928 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आसफ अली से हुआ था। वे स्वतंत्रता के बाद वामपंथी विचारों की ओर झुकीं और 1958 में उन्होंने ‘पैट्रियट’ समाचारपत्र की स्थापना की।
45. डॉ. राजेंद्र प्रसाद को 9 अगस्त, 1942 को गिरफ्तार करके भेजा गया-
(a) कैम्प जेल
(b) हजारीबाग जेल
(c) भागलपुर जेल
(d) बांकीपुर जेल
43rd B.P.S.C. (Pre) 1999
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
उत्तर-(d)
9 अगस्त, 1942 को ‘ऑपरेशन जीरो ऑवर’ के तहत गांधीजी सहित सभी प्रमुख कांग्रेसी नेताओं को गिरफ्तार किया गया। गांधीजी और सरोजिनी नायडू को पुणे के आगा खां पैलेस में, जबकि नेहरू, आजाद, गोविंद बल्लभ पंत, आचार्य कृपलानी आदि को अहमदनगर किले में रखा गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद बंबई में उपस्थित नहीं थे, इसलिए उन्हें पटना में गिरफ्तार कर बांकीपुर जेल (पटना जेल) भेजा गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने और 1962 तक इस पद पर रहे। उन्हें 1962 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वे एकमात्र राष्ट्रपति हैं जो दो कार्यकालों तक इस पद पर रहे।
46. स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, अरुणा आसफ अली किस भूमिगत क्रियाकलाप की प्रमुख महिला संगठक थीं?
(a) सविनय अवज्ञा आंदोलन
(b) असहयोग आंदोलन
(c) भारत छोड़ो आंदोलन
(d) स्वदेशी आंदोलन
U.P.P.C.S. (Pre) 2009
उत्तर-(c)
अरुणा आसफ अली भारत छोड़ो आंदोलन (1942) की प्रमुख भूमिगत महिला संगठक थीं। सभी वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने उषा मेहता, जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया के साथ मिलकर भूमिगत आंदोलन को जीवित रखा। ग्वालिया टैंक मैदान में तिरंगा फहराने का उनका साहसिक कार्य आंदोलन का प्रतीक बन गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अरुणा आसफ अली को ‘भारत छोड़ो आंदोलन की नायिका’ कहा जाता है। उनके सम्मान में भारत सरकार ने 1998 में एक डाक टिकट जारी किया। दिल्ली में एक प्रमुख मार्ग का नामकरण भी उनके नाम पर ‘अरुणा आसफ अली मार्ग’ किया गया है।
47. भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित होने के बाद गांधीजी को कैद किया गया था-
(a) यरवदा मंदिर में
(b) नैनी जेल में
(c) अहमदनगर के किले में
(d) आगा खां पैलेस में
41th B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(d)
भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद 9 अगस्त, 1942 को गांधीजी को बंबई में गिरफ्तार कर पुणे के आगा खां पैलेस में नजरबंद किया गया। अहमदनगर किले में नेहरू, आजाद आदि कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों को रखा गया था। यरवदा जेल में गांधीजी को 1930-31 और 1932-33 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान रखा गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: आगा खां पैलेस में नजरबंदी के दौरान जवाहरलाल नेहरू ने अहमदनगर किले में ‘The Discovery of India’ (भारत एक खोज) लिखी। यह पुस्तक 1946 में प्रकाशित हुई और आज भी भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण कृति मानी जाती है।
48. निम्नलिखित नेताओं में से किसने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान जेल से फरार होकर भूमिगत गतिविधियों को संगठित किया था?
(a) जे.बी. कृपलानी ने
(b) राम मनोहर लोहिया ने
(c) अच्युत पटवर्धन ने
(d) जयप्रकाश नारायण ने
U.P.P.C.S. (Pre) 2011
उत्तर-(d)
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जयप्रकाश नारायण ने हजारीबाग सेंट्रल जेल से सुरंग बनाकर नाटकीय ढंग से फरार हो गए और फिर भूमिगत रहकर क्रांतिकारी गतिविधियों को संगठित किया। उन्होंने नेपाल की तराई में ‘बकरी का टापू’ से ‘अखिल भारतीय आजाद दस्ता’ चलाया। मई 1943 में ब्रिटिश दबाव में नेपाल सरकार ने उन्हें पुनः गिरफ्तार कर लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जयप्रकाश नारायण की हजारीबाग जेल से फरारी 9 नवंबर, 1942 को हुई थी। उनके साथ 5 अन्य कैदी भी फरार हुए थे। यह घटना उस समय देशभर में साहस और प्रेरणा का प्रतीक बन गई।
49. महात्मा गांधी तथा उनके सहयोगियों की 1942 में हुई धरपकड़ से बिहार में बहुत दंगे हुए। इसमें रेल सेवा पूर्ण रूप से ठप हो गई। उसमें अधिकतम प्रभावित जिला था-
(a) मुंगेर
(b) गया
(c) पटना
(d) शाहाबाद
43th B.P.S.C. (Pre) 1999
उत्तर-(a)
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में नेताओं की गिरफ्तारी से क्रुद्ध जनता ने बिहार में रेल पटरियाँ उखाड़ने की व्यापक कार्यवाही की। मुंगेर जिला सर्वाधिक प्रभावित रहा जहाँ लगभग दो सप्ताह तक बाहरी दुनिया से सम्पर्क पूरी तरह टूट गया था। बिहार के अन्य प्रभावित जिलों में गया, भागलपुर, सारण, पूर्णिया, शाहाबाद, मुजफ्फरपुर और चंपारण भी शामिल थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस आंदोलन के दौरान बंगाल के मेदिनीपुर जिले में तथा उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भी स्थानीय समानांतर सरकारें स्थापित की गई थीं। बलिया में चित्तू पाण्डेय के नेतृत्व में ‘अस्थायी सरकार’ बनी जिसने जिले की जेलें तक खोल दी थीं।
50. कथन (A) : भारत छोड़ो आंदोलन से लोगों को जाग्रत करने और साहस दिलाने में सफलता मिली।
कारण (R) : ‘करो या मरो’ का नारा लोगों के मन में प्रवेश कर गया।
उपर्युक्त के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सही है, किंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, किंतु (R) सही है।
Uttarakhand U.D.A/L.D.A. (Pre) 2003
उत्तर-(a)
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है। गांधीजी का ‘करो या मरो’ का नारा जनमानस में गहराई से उतर गया और इसने भारत छोड़ो आंदोलन को अभूतपूर्व जन-आंदोलन का रूप दिया। इतिहासकार पट्टाभि सीतारमैया ने लिखा है कि उस दिन गांधीजी अवतार और पैगम्बर की प्रेरक शक्ति से प्रेरित होकर बोल रहे थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत छोड़ो आंदोलन अपने पूर्ववर्ती असहयोग, सविनय अवज्ञा और वैयक्तिक सत्याग्रह आंदोलनों की तुलना में कहीं अधिक स्वतःस्फूर्त था। इसमें किसान, छात्र, मजदूर और मध्यम वर्ग — सभी वर्गों ने बिना किसी केंद्रीय नेतृत्व के सक्रिय भागीदारी निभाई।
51. कथन (A) : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से पृथक रहा।
कारण (R) : इसका विचार था कि इस आंदोलन से भारत की स्वतंत्रता में देर होगी।
उपर्युक्त दोनों वक्तव्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में कौन सही है-
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की सही व्याख्या (R) करता है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (A) की सही व्याख्या (R) नहीं करता है।
(c) (A) सत्य है, परंतु (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है परंतु (R) सत्य है।
40th B.P.S.C. (Pre) 1995
उत्तर-(c)
कथन (A) सत्य है — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से पूरी तरह अलग रहा। 1940 से लेकर 1947 तक किसी भी राष्ट्रीय आंदोलन में संघ की कोई सक्रिय भूमिका नहीं थी। किंतु कारण (R) असत्य है — संघ का यह विचार नहीं था कि इस आंदोलन से स्वतंत्रता में देर होगी; संघ की राजनीतिक आंदोलनों में भागीदारी न करने की नीति इसका वास्तविक कारण था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग दोनों ने भी भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन नहीं किया था। हिंदू महासभा के नेता विनायक दामोदर सावरकर ने हिंदुओं को ब्रिटिश सेना में भर्ती होने को प्रोत्साहित किया था।
52. कथन (A) : भारत छोड़ो आंदोलन के परिणामस्वरूप अंग्रेज और मुसलमान कांग्रेस के प्रति समान घृणा के कारण एक-दूसरे के नजदीक आ गए।
कारण (R) : जिन्ना ने ब्रिटिश सरकार के पक्के सहयोगी की तरह कार्य किया और मुसलमानों को 1942 के कांग्रेस आंदोलन से दूर रहने के लिए कहा।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है।
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2003
उत्तर-(a)
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या करता है। मुहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में मुस्लिम लीग ने भारत छोड़ो आंदोलन की कड़ी निंदा की। जिन्ना ने कहा कि यदि अंग्रेज भारत छोड़ दें तो देश में अराजकता फैल जाएगी। इस प्रकार जिन्ना ने ब्रिटिश सरकार का साथ दिया और मुसलमानों को इस आंदोलन से दूर रखा, जिससे ब्रिटिश-मुस्लिम लीग की नजदीकियाँ बढ़ीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान मुस्लिम लीग की ब्रिटिश-समर्थक नीति ने पाकिस्तान की माँग को और अधिक बल दिया। 1946 में हुए प्रांतीय चुनावों में मुस्लिम लीग को मुस्लिम सीटों पर भारी सफलता मिली, जो आगे चलकर 1947 के विभाजन का आधार बना।
53. निम्नलिखित में से किस वर्ष बंगाल के मिदनापुर जिले में जातीय सरकार की स्थापना हुई थी?
(a) 1939
(b) 1940
(c) 1941
(d) 1942
U.P. P.C.S. (Pre) 2017
उत्तर-(d)
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान बंगाल के मिदनापुर (तामलुक) जिले में दिसंबर 1942 में ‘जातीय सरकार’ (Jatiya Sarkar) की स्थापना हुई जो अगस्त 1944 तक कार्यरत रही। यह समानांतर सरकार तूफान पीड़ितों की सहायता, शिक्षा और स्थानीय प्रशासन चलाने का कार्य करती थी। यह उस दौर की सबसे संगठित समानांतर सरकारों में से एक थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान तीन प्रमुख स्थानों पर समानांतर सरकारें स्थापित हुईं — बलिया (उ.प्र.) में अगस्त 1942, तामलुक (बंगाल) में दिसंबर 1942, और सतारा (महाराष्ट्र) में अगस्त 1943। सतारा की ‘प्रतिसरकार’ सबसे लंबे समय तक मई 1946 तक चली।
54. भारत छोड़ो आंदोलन के उपरांत, सी. राजगोपालाचारी ने “दी वे आउट” नामक पैम्फलेट जारी किया। निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रस्ताव इस पैम्फलेट में था?
(a) ब्रिटिश भारत तथा भारतीय राज्यों के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक “युद्ध सलाहकार परिषद” की स्थापना।
(b) केंद्रीय कार्यकारी परिषद का इस प्रकार पुनर्गठन कि गवर्नर जनरल तथा कमांडर-इन-चीफ के अतिरिक्त अन्य सभी सदस्य भारतीय नेता हों।
(c) केंद्रीय तथा प्रांतीय विधानमंडलों के 1945 के अंत में नए चुनाव कराए जाएं तथा संविधान का निर्माण करने वाले निकाय को यथासंभव शीघ्र आयोजित किया जाए।
(d) संवैधानिक गतिरोध का हल।
I.A.S. (Pre) 2010
उत्तर-(d)
सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) ने 1944 में ‘दी वे आउट’ नामक पैम्फलेट जारी किया जिसमें कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच संवैधानिक गतिरोध को सुलझाने का प्रस्ताव रखा गया था। कांग्रेस ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। गांधीजी ने जिन्ना से वार्ता में इसका उल्लेख किया, किंतु जिन्ना ने भी इसे अस्वीकार कर दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) स्वतंत्र भारत के अंतिम गवर्नर जनरल (1948-1950) बने। वे एकमात्र भारतीय थे जो इस पद पर रहे। उन्होंने 1959 में स्वतंत्र पार्टी की स्थापना की और 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
55. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कनकलता बरुआ नामक एक कन्या ने जनता का एक जुलूस निकाला और पुलिस की परवाह न करते हुए थाने में घुसने के प्रयास में गोली खाई। यह घटना किस स्थान की है?
(a) सोनितपुर
(b) मिदनापुर
(c) कोरापुर
(d) गोहपुर
R.A.S./R.T.S. (Pre) 2021
उत्तर-(d)
कनकलता बरुआ का जन्म 1924 में असम में हुआ था। भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान मात्र 18 वर्ष की आयु में उन्होंने असम के गोहपुर पुलिस थाने पर तिरंगा फहराने का प्रयास किया। पुलिस की गोलीबारी में वे शहीद हो गईं। उनके शहादत के बाद भी जुलूस में शामिल लोगों ने तिरंगा झंडा थाने पर फहरा दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कनकलता बरुआ को असम की ‘वीरबाला’ कहा जाता है। भारत सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया है। असम में उनके नाम पर कई शैक्षणिक संस्थाएँ और सार्वजनिक स्थान हैं। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की सबसे कम आयु की शहीदों में से एक हैं।
56. ‘ऑपरेशन रुबिकॉन’ वह कूट शब्द था, जिसे भारत में ब्रिटिश सरकार द्वारा निम्नलिखित में से किस संदर्भ में प्रयोग में लाया जाना था?
(a) जेल में गांधी का आमरण अनशन
(b) जयप्रकाश नारायण की गतिविधियां
(c) गोलमेज सम्मेलन में गांधी की सहभागिता
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
R.O. / A.R. O. (Pre.) 2017
उत्तर-(a)
पुणे के आगा खां पैलेस में नजरबंदी के दौरान गांधीजी ने 10 फरवरी, 1943 को 21 दिनों का आमरण अनशन किया। इससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आई। इस स्थिति में ब्रिटिश सरकार ने निर्णय लिया कि यदि गांधीजी की मृत्यु होती है तो ‘रुबिकॉन’ कूट शब्द के जरिये बंबई सरकार सभी प्रांतीय सरकारों को सतर्क करेगी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘रुबिकॉन’ नाम इटली की उस नदी से लिया गया है जिसे पार करने का ऐतिहासिक महत्व है — यह नाम किसी ‘अपरिवर्तनीय निर्णय’ का प्रतीक है। गांधीजी का यह अनशन 3 मार्च, 1943 को समाप्त हुआ और वे चमत्कारिक रूप से बच गए।
57. नीचे कुछ स्थानों की सूची दी गई है। उनका नामोल्लेख कीजिए, जहां ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में समांतर सरकारों की स्थापना की गई थी।
सूची के नीचे दिए गए कूट से अपना उत्तर चुनिए-
1, बलिया 2. सतारा
3. हजारीबाग 4. मेरठ
कूट :
(a) 1 तथा 2
(b) 1, 2 तथा 3
(c) 2, 3 तथा 4
(d) 1, 3 तथा 4
U.P. P.C.S. (Mains) 2002
उत्तर-(a)
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) की एक प्रमुख विशेषता थी — देश के विभिन्न स्थानों पर समानांतर सरकारों की स्थापना। तीन प्रमुख स्थान थे — (1) बलिया (उ.प्र.) में अगस्त 1942 में चित्तू पाण्डेय के नेतृत्व में, (2) तामलुक (मिदनापुर, बंगाल) में दिसंबर 1942 से अगस्त 1944 तक ‘जातीय सरकार’ के नाम से, और (3) सतारा (महाराष्ट्र) में अगस्त 1943 से मई 1946 तक ‘प्रतिसरकार’ के नाम से — जो सबसे दीर्घकालिक रही। इसके नेता वाई.वी. चव्हाण और नाना पाटिल थे। इसके अतिरिक्त उड़ीसा के तलचर में भी अल्पकालिक समानांतर सरकार रही।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सतारा की ‘प्रतिसरकार’ ने अपने क्षेत्र में न्यायालय, पुलिस व्यवस्था और शिक्षा जैसे सभी प्रशासनिक कार्य स्वतंत्र रूप से चलाए। यह भारतीय स्वशासन का एक व्यावहारिक प्रयोग था जो तीन वर्षों तक सफलतापूर्वक चला।
58. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित जिलों में से किसमें समानांतर सरकार की स्थापना की गई थी?
(a) इलाहाबाद
(b) लखनऊ
(c) बलिया
(d) फैजाबाद
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2013
उत्तर-(c)
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में अगस्त 1942 में चित्तू पाण्डेय के नेतृत्व में समानांतर सरकार स्थापित की गई। इस सरकार ने जिले की जेलें खुलवाईं, कैदियों को रिहा कराया और कुछ समय के लिए स्थानीय प्रशासन अपने हाथ में ले लिया। बलिया को इसीलिए ‘बागी बलिया’ भी कहा जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उत्तर प्रदेश में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान आजमगढ़ और गोरखपुर भी उग्र आंदोलन के प्रमुख केंद्र थे जहाँ रेल पटरियाँ उखाड़ी गईं और सरकारी इमारतों पर तिरंगा फहराया गया। बलिया में चित्तू पाण्डेय को ‘बलिया के गांधी’ भी कहा जाता है।
59. निम्नलिखित में से उत्तर प्रदेश के किस एक जनपद में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान समानांतर सरकार की स्थापना की गई थी?
(a) जौनपुर में
(b) आजमगढ़ में
(c) बलिया में
(d) गाजीपुर में
U.P.P.C.S. (Mains) 2013
उत्तर-(c)
उत्तर प्रदेश में भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान बलिया जनपद में समानांतर सरकार स्थापित हुई। यहाँ चित्तू पाण्डेय के नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश प्रशासन को उखाड़ फेंका और अपनी सरकार बनाई। यह सरकार कुछ ही दिनों तक चली क्योंकि ब्रिटिश सेना ने शीघ्र ही नियंत्रण पुनः स्थापित कर लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चित्तू पाण्डेय ने बलिया की जेल खुलवाकर सैकड़ों कैदियों को रिहा कराया और उन्हें आंदोलन में शामिल किया। बलिया की इस अस्थायी स्वतंत्रता की घटना को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ‘बलिया विद्रोह’ के नाम से जाना जाता है।
60. कथन (A) : ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की पराकाष्ठा थी।
कारण (R) : ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के पश्चात शक्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया की खोज समय का तकाजा थी।
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए-
कूट :
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है।
U.P. P.C.S (Pre) 2005
उत्तर-(a)
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या करता है। भारत छोड़ो आंदोलन वास्तव में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की सर्वोच्च परिणति था। हालांकि इसे ब्रिटिश सरकार ने बर्बरतापूर्वक दबाया, किंतु इस आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत में ब्रिटिश शासन टिकना असंभव है। अगस्त 1942 की ललकार ने ठीक पाँच वर्ष बाद अगस्त 1947 में ब्रिटिशों को भारत छोड़ने पर विवश कर दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: द्वितीय विश्वयुद्ध (1939-45) की समाप्ति के बाद ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो गई थी कि वह भारत जैसे विशाल देश पर शासन जारी नहीं रख सकता था। भारत छोड़ो आंदोलन ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद की नींव को पूरी तरह हिला दिया था।

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