गोलमेज सम्मेलन PYQ MCQ प्रश्न | UPSC History

1.प्रथम गोलमेज सम्मेलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन एक सही नहीं है?
(a) यह 1930 में आयोजित हुआ था।
(b) इसे साइमन आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा करनी थी।
(c) इसका आयोजन लंदन में हुआ था।
(d) इसमें कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रतिभाग किया था।
U.P.P.C.S. (Mains) 2010
उत्तर-(d)
प्रथम गोलमेज सम्मेलन नवंबर 1930 में लंदन के सेंट जेम्स महल में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य साइमन कमीशन की सिफारिशों पर विचार करना था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस सम्मेलन का पूरी तरह बहिष्कार किया, क्योंकि उस समय कांग्रेस के प्रमुख नेता सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारण जेलों में बंद थे। इसलिए विकल्प (d) असत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस सम्मेलन में कुल 89 प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिनमें ब्रिटिश राजनेता और भारतीय रियासतों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। इस सम्मेलन का उद्घाटन ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम ने किया था।
2.लंदन में संपन्न हुए गोलमेज सम्मेलन में भारतीय ईसाइयों का प्रतिनिधित्व किसने किया था?
(a) राव बहादुर श्रीनिवास
(b) सर अकबर हैदरी
(c) सर ए. पी. पैट्रो
(d) के.टी. पॉल
U.P.P.C.S. (Pre) 2000
उत्तर-(d)
प्रथम गोलमेज सम्मेलन (1930) में भारतीय ईसाइयों का प्रतिनिधित्व के.टी. पॉल ने किया था। इस सम्मेलन की अध्यक्षता ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैक्डोनॉल्ड ने की थी। सम्मेलन में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें मुस्लिम, हिंदू, सिख, ईसाई और दलित वर्ग के नेता सम्मिलित थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: के.टी. पॉल उस समय के著名 भारतीय ईसाई नेता थे जो YMCA (Young Men’s Christian Association) से भी जुड़े थे। इस सम्मेलन में डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दलित वर्ग (Depressed Classes) का प्रतिनिधित्व किया था, जो उनकी राष्ट्रीय स्तर पर पहली बड़ी राजनीतिक भागीदारी मानी जाती है।
3.द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किसने किया?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(c) अबुल कलाम आजाद
(d) महात्मा गांधी
R.A.S./R.T.S. (Pre) 2008
उत्तर-(d)
द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (7 सितंबर – 1 दिसंबर, 1931) में महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। गांधी-इर्विन समझौते (मार्च 1931) के अंतर्गत यह तय हुआ था कि कांग्रेस इस सम्मेलन में भाग लेगी। गांधीजी के साथ महादेव देसाई, प्यारेलाल, मीराबेन और उनके पुत्र देवदास गांधी भी लंदन गए थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस सम्मेलन में गांधीजी और डॉ. अंबेडकर के बीच दलित प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर तीव्र मतभेद उभरे, जो बाद में 1932 के पूना पैक्ट की पृष्ठभूमि बने। सम्मेलन सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर बिना किसी ठोस निर्णय के समाप्त हो गया।
4.ब्रिटिश सरकार द्वारा लंदन में भारतीय नेताओं का प्रथम गोलमेज सम्मेलन कब बुलाया गया ?
(a) 1931
(b) 1929
(c) 1930
(d) 1932
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2014
उत्तर-(c)
ब्रिटिश सरकार ने नवंबर 1930 में लंदन में प्रथम गोलमेज सम्मेलन बुलाया। इस सम्मेलन का आयोजन उस राजनीतिक माहौल में हुआ जब साइमन कमीशन की रिपोर्ट को भारतीय दलों ने अस्वीकार कर दिया था और गांधीजी का सविनय अवज्ञा आंदोलन जोरों पर था। कांग्रेस ने इस सम्मेलन का बहिष्कार किया और बिना उसकी भागीदारी के सम्मेलन बेनतीजा रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तीनों गोलमेज सम्मेलन क्रमशः 1930, 1931 और 1932 में हुए। तृतीय गोलमेज सम्मेलन (नवंबर–दिसंबर 1932) में भी कांग्रेस ने भाग नहीं लिया और इसमें केवल 46 प्रतिनिधि ही उपस्थित थे – यह तीनों सम्मेलनों में सबसे कम प्रतिनिधित्व वाला था।
5.लंदन में आयोजित निम्नलिखित गोलमेज सम्मेलनों में से किसमें महात्मा गांधी उपस्थित थे ?
(a) प्रथम में
(b) द्वितीय में
(c) तृतीय में
(d) उपर्युक्त में से किसी में नहीं
U.P.P.C.S. (Pre) 2015
उत्तर-(b)
महात्मा गांधी केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में उपस्थित थे। प्रथम सम्मेलन (1930) में वे सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारण जेल में थे और कांग्रेस ने उसका बहिष्कार किया था। तृतीय सम्मेलन (1932) तक गांधी-इर्विन समझौता टूट चुका था और गांधीजी पुनः गिरफ्तार हो चुके थे, इसलिए वे उसमें भी शामिल नहीं हो सके।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: द्वितीय गोलमेज सम्मेलन के दौरान गांधीजी लंदन में लगभग तीन माह (सितंबर से दिसंबर 1931) रहे और उन्होंने ईस्ट एंड के मजदूर वर्ग से भी मुलाकात की। वापसी में उन्होंने रोम में इटली के तानाशाह मुसोलिनी से भी भेंट की थी।
6.निम्नलिखित में से किस भारतीय नेता ने लंदन में प्रथम गोलमेज कॉन्फ्रेंस में भाग लिया था?
(a) मौलाना मुहम्मद अली
(b) मौलाना अबुल कलाम आजाद
(c) महात्मा गांधी
(d) पं. जवाहरलाल नेहरू
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
उत्तर-(a)
प्रथम गोलमेज सम्मेलन (नवंबर 1930, लंदन) में कांग्रेस ने भाग नहीं लिया, परंतु मौलाना मुहम्मद अली सहित कई अन्य भारतीय नेताओं ने इसमें भागीदारी की। सम्मेलन में तेज बहादुर सप्रू, श्रीनिवास शास्त्री, मुहम्मद शफी, आगा खाँ, फज़लुल हक, मुहम्मद अली जिन्ना, होमी मोदी, एम.आर. जयकर, डॉ. अंबेडकर और सुंदर सिंह मजीठिया जैसे प्रतिनिधि शामिल थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मौलाना मुहम्मद अली ‘खिलाफत आंदोलन’ के प्रमुख नेता थे और एक समय गांधीजी के घनिष्ठ सहयोगी रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुहम्मद अली की मृत्यु इसी सम्मेलन के दौरान जनवरी 1931 में लंदन में ही हो गई थी और उनकी इच्छानुसार उन्हें जेरुसलम में दफनाया गया।
7.इनमें से किसने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग नहीं लिया था?
(a) महादेव देसाई
(b) प्यारेलाल नैय्यर
(c) मदन मोहन मालवीय
(d) जवाहरलाल नेहरू
M.P. P.C.S. (Pre) 2017
उत्तर-(d)
द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में गांधीजी के साथ महादेव देसाई (सचिव), प्यारेलाल नैय्यर, मीराबेन और देवदास गांधी गए थे। इसके अलावा सरोजिनी नायडू, मदन मोहन मालवीय और एनी बेसेंट ने भी इसमें भाग लिया। जवाहरलाल नेहरू इस सम्मेलन में शामिल नहीं थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: महादेव देसाई गांधीजी के अत्यंत विश्वस्त सहयोगी और निजी सचिव थे, जिन्होंने गांधी की डायरी और पत्राचार को वर्षों तक संभाला। मदन मोहन मालवीय हिंदू महासभा से संबद्ध थे और उन्होंने इस सम्मेलन में हिंदू हितों का प्रतिनिधित्व किया था।
8. निम्नलिखित नेताओं में से कौन द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग नहीं लिया था ?
(a) एम.के. गांधी
(b) सरोजिनी नायडू
(c) पंडित मदन मोहन मालवीय
(d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
U.P. P.C.S. (Pre) 2020
उत्तर-(d)
द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में गांधीजी, सरोजिनी नायडू, मदन मोहन मालवीय और एनी बेसेंट ने भाग लिया था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद इस सम्मेलन में उपस्थित नहीं थे। वे उस समय भारत में कांग्रेस की गतिविधियों से जुड़े थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सरोजिनी नायडू इस सम्मेलन में भाग लेने वाली एकमात्र प्रमुख महिला प्रतिनिधि थीं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद बाद में स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति (1950-1962) बने और उन्होंने संविधान सभा की अध्यक्षता भी की थी।
9.निम्नलिखित में से किन व्यक्तियों ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया ?
1. महात्मा गांधी 2. सरोजिनी नायडू
3. मदन मोहन मालवीय 4. मौलाना आजाद नीचे दिए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए-
(a) 1 और 2
(b) 1 और 3
(c) 1, 2 और 3
(d) 1, 3 और 4
U.P. Lower Sub.(Pre)1998
उत्तर-का चयन कीजिए-
द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (सितंबर–दिसंबर 1931) में महात्मा गांधी, सरोजिनी नायडू और मदन मोहन मालवीय ने भाग लिया। मौलाना अबुल कलाम आजाद इस सम्मेलन में सम्मिलित नहीं थे। गांधीजी ने इसमें कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था। सही कूट 1, 2 और 3 होगा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एनी बेसेंट, जो आयरिश मूल की थीं और ‘होम रूल लीग’ की संस्थापक थीं, ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया था। यह सम्मेलन मुख्यतः सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के विवाद के कारण असफल रहा।
10. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
कथन (a) : जवाहरलाल नेहरू ने दूसरे गोलमेज सम्मेलन (1932) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया था।
कारण (R) : गांधी-इर्विन समझौते (1931) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दूसरे गोलमेज सम्मेलन (1931) में भाग लेना अंतर्निहित था।
नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए :
(a) (a) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (a) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (a) तथा (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (a) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (a) सही है, किंतु (R) गलत है।
(d) (a) गलत है, किंतु (R) सही है।
U.P.R.O/A.R.O. (Pre) 2016
उत्तर-(d)
5 मार्च 1931 को हुए गांधी-इर्विन समझौते (दिल्ली पैक्ट) में कांग्रेस ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने की सहमति दी थी – अतः कारण (R) सही है। परंतु कथन (A) गलत है क्योंकि उस सम्मेलन में महात्मा गांधी ने कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया था, न कि जवाहरलाल नेहरू ने। इसलिए उत्तर (d) सही है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधी-इर्विन समझौते के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान जब्त की गई संपत्तियाँ वापस करने और राजनीतिक कैदियों को रिहा करने का वचन दिया था। यह समझौता कांग्रेस और ब्रिटिश सरकार के बीच पहली बार बराबरी के स्तर पर की गई औपचारिक वार्ता का प्रतीक माना जाता है।
11. निम्नलिखित गोलमेज सम्मेलनों में से किसका प्रतिनिधित्व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किया था?
(a) प्रथम गोलमेज सम्मेलन
(b) द्वितीय गोलमेज सम्मेलन
(c) तृतीय गोलमेज सम्मेलन
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर-(b)
तीनों गोलमेज सम्मेलनों में से केवल द्वितीय (7 सितंबर – 1 दिसंबर, 1931) में ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाग लिया, और वह भी केवल महात्मा गांधी के रूप में एकमात्र प्रतिनिधि के तौर पर। प्रथम सम्मेलन (12 नवंबर, 1930 – 19 जनवरी, 1931) में कांग्रेस ने बहिष्कार किया क्योंकि उसके नेता जेल में थे। तृतीय सम्मेलन (17 नवंबर – 24 दिसंबर, 1932) में भी कांग्रेस शामिल नहीं हुई क्योंकि तब तक गांधी-इर्विन समझौता टूट चुका था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: प्रथम सम्मेलन में मुस्लिम लीग, हिंदू महासभा, दलित वर्ग, रजवाड़े और व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। तृतीय गोलमेज सम्मेलन की चर्चाओं के आधार पर ही 1935 का भारत सरकार अधिनियम तैयार किया गया था।
12. उस भारतीय का क्या नाम था, जिसने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था?
(a) बी.आर. अम्बेडकर
(b) महात्मा गांधी
(c) मुहम्मद अली जिन्ना
(d) तेज बहादुर सप्रू
U.P. U.D.A./ L.D.A. (Pre) 2006
U.P.P.C.S. (Pre) 2011
उत्तर-(a)
डॉ. भीमराव अंबेडकर एकमात्र ऐसे भारतीय नेता थे जिन्होंने तीनों गोलमेज सम्मेलनों (1930, 1931 और 1932) में भाग लिया। उन्होंने इन सम्मेलनों में दलित वर्ग (Depressed Classes) का प्रतिनिधित्व किया और दलितों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की मांग रखी। द्वितीय सम्मेलन में इस मांग पर गांधीजी से उनका तीव्र मतभेद हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अंबेडकर की इसी मांग के परिणामस्वरूप ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैक्डोनॉल्ड ने अगस्त 1932 में ‘सांप्रदायिक अधिनिर्णय’ (Communal Award) की घोषणा की, जिसके विरोध में गांधीजी ने आमरण अनशन किया और अंततः सितंबर 1932 में ‘पूना पैक्ट’ हुआ।
13. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन किस प्रश्न पर असफल रहा?
(a) सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व
(b) डोमिनियन स्टेटस प्रदान करना
(c) सत्ता हस्तांतरण की तिथि
(d) सविनय अवज्ञा आंदोलन का स्थगन
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(a)
द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (7 सितंबर – 1 दिसंबर, 1931) मुख्यतः सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर असफल हुआ। डॉ. अंबेडकर ने दलितों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की मांग की जिसे गांधीजी ने हिंदू समाज को तोड़ने वाला बताते हुए अस्वीकार किया। मुस्लिम और सिख प्रतिनिधि भी अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे किसी सर्वमान्य निर्णय पर पहुंचना असंभव हो गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी गतिरोध के बाद ब्रिटिश सरकार ने अगस्त 1932 में ‘सांप्रदायिक अधिनिर्णय’ स्वयं जारी किया जिसमें दलितों को पृथक निर्वाचन क्षेत्र दिए गए – इसी का विरोध करते हुए गांधीजी ने यरवदा जेल में आमरण अनशन किया था।
14. महात्मा गांधी, जब द्वितीय गोलमेज सभा में भाग लेने लंदन गए थे, ठहरे थे-
(a) सेंट जेम्स पैलेस में
(b) किंग्सले हॉल में
(c) इंडिया हाउस में
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Mains) 2003
उत्तर-(b)
द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में भाग लेने के लिए गांधीजी ‘एस.एस. राजपूताना’ नामक जलपोत से लंदन पहुंचे और वहाँ ईस्ट एंड के श्रमिक बहुल क्षेत्र में स्थित ‘किंग्सले हॉल’ में ठहरे। उन्होंने जानबूझकर लंदन के किसी शाही होटल या सरकारी आवास की जगह एक साधारण सामुदायिक भवन को चुना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: किंग्सले हॉल की संचालक मुरियल लेस्टर गांधीजी की घनिष्ठ मित्र थीं और वे एक प्रसिद्ध शांतिवादी तथा समाजसेवी थीं। लंदन प्रवास के दौरान गांधीजी ने ईस्ट एंड के मजदूरों, बच्चों और यहाँ तक कि मशहूर हास्य कलाकार चार्ली चैपलिन से भी मुलाकात की थी।
15. निम्नलिखित में से किस गोलमेज सम्मेलन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि ने प्रथम बार भाग लिया था?
(a) प्रथम गोलमेज सम्मेलन
(b) द्वितीय गोलमेज सम्मेलन
(c) तृतीय गोलमेज सम्मेलन
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Mains) 2008
उत्तर-(b)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली और एकमात्र बार द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (7 सितंबर – 1 दिसंबर, 1931) में भाग लिया। यह भागीदारी गांधी-इर्विन समझौते (5 मार्च, 1931) की शर्त के अनुसार हुई। गांधीजी ने कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में लंदन गए और बिना किसी ठोस परिणाम के वापस लौटे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वापसी पर गांधीजी ने कहा था – “मैं खाली हाथ लौटा हूं, किंतु मुझे संतोष है कि जो ध्वज मुझे सौंपा गया, उसके सम्मान से समझौता नहीं किया।” इस सम्मेलन की विफलता के बाद ब्रिटिश सरकार ने जनवरी 1932 में पुनः दमनकारी नीति अपनाई और गांधीजी को गिरफ्तार कर लिया।
16. निम्नलिखित में से कौन-से गोलमेज सम्मेलन में गांधीजी ने शिरकत की ?
(a) केवल प्रथम
(b) केवल द्वितीय
(c) केवल तृतीय
(d) प्रथम व तृतीय दोनों
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
उत्तर-(b)
महात्मा गांधी तीन में से केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में उपस्थित हुए। प्रथम सम्मेलन (1930) के समय वे सविनय अवज्ञा आंदोलन के सिलसिले में कारावास में थे और कांग्रेस ने उसका बहिष्कार किया था। तृतीय सम्मेलन (1932) तक गांधी-इर्विन समझौता भंग हो चुका था और गांधीजी पुनः जेल में बंद थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत गांधीजी ने 12 मार्च, 1930 को ऐतिहासिक दांडी यात्रा से की थी जो 6 अप्रैल, 1930 को नमक कानून तोड़कर समाप्त हुई। यह आंदोलन ही प्रथम गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस की अनुपस्थिति का मूल कारण था।
17. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस के एक प्रतिनिधि के रूप में भाग लेने के लिए महात्मा गांधी बंबई से लंदन जिस पानी के जहाज में गए थे, उसका नाम था-
(a) एस.एस. राजपूताना
(b) एस.एस. वायसराय ऑफ इंडिया
(c) एस.एस. मुल्तान
(d) एस.एस. कांते रोसो
U.P.P.C.S. (Pre) 2000
उत्तर-(a)
गांधीजी द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए ‘एस.एस. राजपूताना’ नामक जलपोत से बंबई से लंदन गए थे। वे लंदन में ‘किंग्सले हॉल’ में ठहरे और सम्मेलन समाप्त होने पर दिसंबर 1931 में बिना किसी ठोस परिणाम के भारत लौट आए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लंदन यात्रा के दौरान गांधीजी ने रास्ते में फ्रांस और इटली भी रुककर वहाँ के नेताओं से मुलाकात की – इटली में उन्होंने तानाशाह मुसोलिनी से भेंट की। वापसी की यात्रा में वे ‘एस.एस. पिलसना’ जलपोत से लौटे थे।
18. महात्मा गांधी दिसंबर, 1931 में खाली हाथ कहां से भारत लौटे थे?
(a) लंदन
(b) मॉस्को
(c) वाशिंगटन
(d) टोक्यो
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
उत्तर-(a)
दिसंबर 1931 में गांधीजी लंदन से खाली हाथ भारत लौटे क्योंकि द्वितीय गोलमेज सम्मेलन सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गया था। कांग्रेस की प्रमुख मांग – पूर्ण स्वराज और भारतीयों के लिए प्रभावी संविधान – पर ब्रिटिश सरकार ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत लौटते ही गांधीजी को 4 जनवरी, 1932 को गिरफ्तार कर लिया गया और पुनः सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हो गया। इसी वर्ष अगस्त 1932 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने ‘सांप्रदायिक अधिनिर्णय’ की घोषणा की जिसके विरोध में गांधीजी ने यरवदा जेल में ऐतिहासिक आमरण अनशन किया।
19. निम्नलिखित में से किसने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था ?
(a) वल्लभभाई पटेल
(b) मदन मोहन मालवीय
(c) बी.आर. अम्बेडकर
(d) उपर्युक्त में से किसी ने नहीं
M.P.P.C.S. (Pre) 2012
उत्तर-(c)
बी.आर. अंबेडकर तीनों गोलमेज सम्मेलनों (1930, 1931, 1932) में उपस्थित रहे और उन्होंने प्रत्येक सम्मेलन में दलित वर्ग के अधिकारों की पुरजोर वकालत की। वल्लभभाई पटेल और मदन मोहन मालवीय तीनों में नहीं थे – मालवीय केवल द्वितीय सम्मेलन में शामिल हुए थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अंबेडकर ने इन सम्मेलनों में दलितों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल, आरक्षण और राजनीतिक सुरक्षा उपायों की मांग उठाई। उनकी इन्हीं मांगों ने भारतीय राजनीति में दलित प्रतिनिधित्व के प्रश्न को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्र में ला दिया।
20.1930-32 की अवधि में भारत और ब्रिटेन के राजनेताओं की लंदन में हुई बैठकों का प्रायः प्रथम, द्वितीय और तृतीय गोलमेज सम्मेलन के रूप में उल्लेख किया जाता है। उनका उसी रूप में उल्लेख गलत होगा, क्योंकि-
(a) इनमें से दो में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाग लिया।
(b) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को छोड़कर जिन भारतीय दलों ने भाग लिया उन्होंने पूरे भारत का नहीं, वर्गीय हितों का प्रतिनिधित्व किया था।
(c) ब्रिटेन की लेबर पार्टी सम्मेलन के बीच में ही हट गई थी और सम्मेलन की कार्यवाही पक्षपातपूर्ण हो गई थी।
(d) ये तीन अलग-अलग सम्मेलन नहीं थे, अपितु यह एक ही सम्मेलन की अवस्था थी, जो तीन सत्रों में संपन्न हुई थी।
I.A.S. (Pre) 1996
उत्तर-(d)
वास्तव में ये तीन पृथक सम्मेलन नहीं थे, बल्कि एक ही सम्मेलन के तीन अलग-अलग सत्र थे जो 1930, 1931 और 1932 में आयोजित हुए। इन सभी का उद्देश्य एक था – साइमन कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर भारत के भावी संविधान पर वार्ता करना। इसीलिए इन्हें तीन स्वतंत्र सम्मेलन कहना तकनीकी रूप से सही नहीं है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इन तीनों सत्रों की समग्र चर्चाओं और सिफारिशों के आधार पर ही 1935 का भारत सरकार अधिनियम (Government of India Act, 1935) बनाया गया, जो भारत के भावी संविधान की नींव बना और जिसके अनेक प्रावधान 1950 के भारतीय संविधान में भी समाहित किए गए।
21. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. प्रथम गोलमेज सम्मेलन में डॉ. अम्बेडकर ने दलित वर्ग के लिए अलग निर्वाचक मंडल की मांग रखी।
2. पूना पैक्ट में स्थानीय निकायों तथा सिविल सेवाओं में दलित वर्गों के प्रतिनिधित्व के लिए विशेष उपबंध रखे गए थे।
3. तृतीय गोलमेज सम्मेलन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाग नहीं लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
I.A.S (Pre) 2005
उत्तर-(d)
तीनों कथन सत्य हैं। कथन 1 – डॉ. अंबेडकर ने प्रथम गोलमेज सम्मेलन (1930) से ही दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग रखी और यह मांग द्वितीय सम्मेलन में भी जारी रही। कथन 2 – सितंबर 1932 के पूना पैक्ट में यह प्रावधान किया गया कि स्थानीय निकायों और सिविल सेवाओं में दलित वर्गों के उचित प्रतिनिधित्व के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और उन पर कोई अनुचित प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। कथन 3 – तृतीय गोलमेज सम्मेलन (17 नवंबर – 24 दिसंबर, 1932) में कांग्रेस ने भाग नहीं लिया क्योंकि गांधी-इर्विन समझौता भंग हो चुका था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पूना पैक्ट पर गांधीजी और डॉ. अंबेडकर के हस्ताक्षर हुए थे; इसके तहत पृथक निर्वाचन मंडल की जगह संयुक्त निर्वाचन मंडल में दलितों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 71 से बढ़ाकर 148 कर दी गई। तृतीय गोलमेज सम्मेलन में केवल 46 प्रतिनिधि उपस्थित थे – यह तीनों सम्मेलनों में सबसे कम भागीदारी थी।
22. निम्न में से कौन-सा गोलमेज सम्मेलन 1932 में हुआ था?
(a) पहला
(b) दूसरा
(c) तीसरा
(d) चौथा
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
56rd to 59th B.P.S.C. (Pre) 2015
उत्तर-(c)
तृतीय गोलमेज सम्मेलन 17 नवंबर, 1932 से 24 दिसंबर, 1932 तक लंदन में आयोजित हुआ। यह तीनों सम्मेलनों में सबसे कम महत्वपूर्ण और सबसे कम प्रतिनिधित्व वाला रहा। इसमें न कांग्रेस शामिल हुई और न ही कोई प्रमुख राष्ट्रवादी नेता। ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने भी इस सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस सम्मेलन में केवल 46 प्रतिनिधि उपस्थित थे जबकि प्रथम सम्मेलन में 89 प्रतिनिधि थे। इस सम्मेलन की चर्चाओं के आधार पर ही 1933 में एक श्वेत पत्र (White Paper) प्रकाशित किया गया जो आगे चलकर 1935 के भारत सरकार अधिनियम का आधार बना।
23. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किस गोलमेज सम्मेलन में भाग नहीं लिया ?
(a) प्रथम
(b) द्वितीय
(c) तृतीय
(d) सभी में भाग लिया
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
63rd B.P.S.C. (Pre) 2017
उत्तर-(e)
सही उत्तर (e) है क्योंकि कांग्रेस ने एक से अधिक गोलमेज सम्मेलनों में भाग नहीं लिया – प्रथम (1930) और तृतीय (1932) दोनों में उसने भाग लेने से इनकार किया। केवल द्वितीय सम्मेलन (1931) में गांधीजी कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित हुए, वह भी गांधी-इर्विन समझौते की शर्त के अंतर्गत। इसीलिए विकल्प (a) या (c) में से कोई एक चुनना अधूरा उत्तर होगा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: प्रथम सम्मेलन के बहिष्कार का कारण था – सविनय अवज्ञा आंदोलन और कांग्रेस नेताओं की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियाँ। तृतीय सम्मेलन के बहिष्कार का कारण था – द्वितीय सम्मेलन की विफलता के बाद ब्रिटिश सरकार का दमनकारी रवैया और जनवरी 1932 में गांधीजी की पुनः गिरफ्तारी।

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