जहाँगीर | One-Liner Practice

❑ जहाँगीर का वास्तविक नाम सलीम था।

❑ जहाँगीर की माँ का नाम मरियम उज्जमानी था।

❑ अकबर सलीम को शेखो बाबा नाम से पुकारता था।

❑ जहाँगीर के गुरु अब्दुर्रहीम खानखाना थे।

❑ जहाँगीर का विवाह राजा भगवान दास की पुत्री मानबाई तथा मोटा राजा उदय सिंह की पुत्री जगत गोसाई से हुआ था।

❑ मानबाई को सलीम ने शाह बेगम की उपाधि दी थी।

❑ किन्तु बाद में उसने सलीम की आदतों से दुखी होकर आत्महत्या कर ली थी।

❑ जहाँगीर 21 अक्टूबर, 1605 ई. को गद्दी पर बैठा।

❑ जहाँगीर का राज्याभिषेक नूरुद्दीन मुहम्मद जहाँगीर बादशाह गाजी के नाम से आगरा में हुआ।

❑ जहाँगीर ने न्याय की जंजीर आगरा किले के शाहबुर्ज एवं यमुना तट पर लगवाई थी। न्याय की जंजीर में 60 घंटियाँ थीं।

❑ लोक कल्याण के उद्देश्य से सम्बन्धित 12 आदेशों की घोषणा जहाँगीर ने की।

❑ जहाँगीर का प्रथम आदेश तमगा नामक कर वसूली पर प्रतिबन्ध था।

❑ जहाँगीर का पाँचवाँ आदेश शराब एवं अन्य मादक पदार्थों की बिक्री एवं निर्माण पर प्रतिबन्ध था।

❑ सप्ताह में गुरुवार एवं रविवार के दिन पशु हत्या पर प्रतिबन्ध था।

❑ जमानबेग को महावत खाँ की उपाधि दी गई।

❑ जहाँगीर का सबसे बड़ा पुत्र खुसरो था।

❑ खुसरो ने 1606 ई. में जहाँगीर के विरुद्ध विद्रोह कर दिया।

❑ खुसरो की हत्या शाहजहाँ ने करवाई।

❑ सम्राट जहाँगीर एवं राणा अमर सिंह के बीच 1615 ई. में संधि हुई।

❑ जहाँगीर के समय अहमदनगर का वजीर मलिक अम्बर था।

❑ गुरिल्ला युद्ध पद्धति की शुरुआत मलिक अम्बर ने की।

❑ मलिक अम्बर ने जंजीरा द्वीप पर नौसेना गठित की थी।

❑ 1616 ई. में शहजादा खुर्रम को दक्षिण अभियान के लिये भेजा गया।

❑ शहजादा खुर्रम को शाह सुल्तान की उपाधि दी गई थी।

❑ जहाँगीर ने खुर्रम की दक्षिण विजय से खुश होकर उसे शाहजहाँ की उपाधि दी।

❑ शाहजहाँ ने दक्षिण का सूबेदार अब्दुर्रहीम खानखाना को बनाया।

❑ नूरजहाँ ईरानी मिर्जा ग्यासबेग की पुत्री थी।

❑ नूरजहाँ का वास्तविक नाम मेहरुनिसा था।

❑ मेहरुनिसा अली कुली खाँ (शेर अफगान) की विधवा थी।

❑ जहाँगीर ने मेहरुनिसा को सर्वप्रथम नौरोज त्योहार के अवसर पर देखा था।

❑ जहाँगीर की शादी मेहरुनिसा से 1611 ई. में हुई।

❑ जहाँगीर ने शादी के बाद मेहरुनिसा को नूरमहल एवं नूरजहाँ की उपाधि प्रदान की।

❑ नूरजहाँ को बादशाह बेगम 1613 ई. में बनाया गया।

❑ जहाँगीर ने नूरजहाँ के पिता ग्यासबेग को एतमादुद्दौला की उपाधि प्रदान की।

❑ नूरजहाँ की माँ का नाम अस्मत बेगम था।

❑ सर्वप्रथम इत्र बनाने की कला अस्मत बेगम ने विकसित की।

❑ जहाँगीर एवं नूरजहाँ को महावत खाँ ने बन्दी बनाया था।

❑ जहाँगीर के दरबार में विलियम हॉकिन्स, विलियम फिन्च, सर टॉमस रो एवं एडवर्ड टैरी यूरोपीय यात्री आये थे।

❑ जहाँगीर के पाँच पुत्र थे।

❑ लाडली बेगम नूरजहाँ की पुत्री थी।

❑ लाडली बेगम की शादी शहरयार के साथ हुई।

❑ मुगल चित्रकला अपने चरमोत्कर्ष पर जहाँगीर के काल में पहुँची।

❑ जहाँगीर के दरबार में प्रमुख चित्रकार मंसूर, विशनदास, मनोहर, अकारिजा एवं अबुल हसन थे।

❑ कश्मीर का शालीमार बाग जहाँगीर ने लगवाया।

❑ ‘इकबालनामा-ए-जहाँगीरी’ मुतामिद खाँ ने लिखा।

❑ जहाँगीर एवं एतमादुद्दौला का मकबरा नूरजहाँ ने बनवाया।

❑ जहाँगीर की मृत्यु नवम्बर, 1627 ई. में भीमवार नामक स्थान पर हुई।

❑ जहाँगीर को रावी नदी के किनारे शाहदरा में दफनाया गया।

❑ शाहजहाँ नूरजहाँ को दो लाख रुपये वार्षिक पेंशन देता था।

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