1. सर स्टैफोर्ड क्रिप्स की योजना में यह परिकल्पना थी कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद –
I.A.S. (Pre) 2016
उत्तर-(d)
क्रिप्स मिशन मार्च 1942 में भारत आया था। इसकी मुख्य परिकल्पना यह थी कि द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद भारत को डोमिनियन स्टेटस (अधिराज्य का दर्जा) प्रदान किया जाएगा, न कि पूर्ण स्वतंत्रता। यह दर्जा कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसा होता, जिसमें ब्रिटिश राष्ट्रमंडल के अंतर्गत स्वायत्तता मिलती। महात्मा गांधी ने इस प्रस्ताव को “टूटते बैंक के नाम उत्तर-तिथीय चेक” कहकर इसकी आलोचना की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: क्रिप्स मिशन की विफलता के पीछे एक बड़ा कारण यह था कि कांग्रेस तत्काल स्वतंत्रता और रक्षा मामलों पर नियंत्रण चाहती थी, जबकि ब्रिटिश सरकार रक्षा विभाग का नियंत्रण छोड़ने को तैयार नहीं थी। मुस्लिम लीग ने भी इस प्रस्ताव को अस्वीकार किया क्योंकि इसमें पाकिस्तान की स्पष्ट मांग को मान्यता नहीं दी गई थी।
2. महात्मा गांधी द्वारा व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन के लिए प्रथम सत्याग्रही कौन चुना गया?
U.P.P.C.S. (Pre) 1995
U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2002
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2002
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(d)
अगस्त 1940 के ‘अगस्त प्रस्ताव’ को कांग्रेस द्वारा अस्वीकार करने के बाद गांधीजी के नेतृत्व में व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत 17 अक्टूबर, 1940 को हुई। यह आंदोलन ब्रिटिश सरकार की भारत नीति के विरुद्ध नैतिक विरोध की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति था। गांधीजी ने विनोबा भावे को प्रथम सत्याग्रही और पं. जवाहरलाल नेहरू को द्वितीय सत्याग्रही चुना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विनोबा भावे को गांधीजी ने “आध्यात्मिक उत्तराधिकारी” माना था। विनोबा भावे ने स्वतंत्रता के बाद 1951 में ‘भूदान आंदोलन’ प्रारंभ किया, जिसमें उन्होंने जमींदारों से भूमि दान में लेकर भूमिहीन किसानों को बांटने का कार्य किया। इस आंदोलन के तहत लगभग 40 लाख एकड़ भूमि दान में प्राप्त हुई।
3. निम्नलिखित में से कौन, क्रिप्स मिशन के साथ कांग्रेस के आधिकारिक वार्ताकार थे?
I.A.S. (Pre) 2010
उत्तर-(c)
क्रिप्स मिशन (मार्च-अप्रैल 1942) के साथ कांग्रेस की ओर से आधिकारिक वार्ता पंडित जवाहरलाल नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद ने की थी। उस समय मौलाना आजाद कांग्रेस के अध्यक्ष थे। गांधीजी स्वयं वार्ता में शामिल नहीं हुए थे, परंतु उन्होंने पर्दे के पीछे से मार्गदर्शन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मौलाना अबुल कलाम आजाद 1940 से 1946 तक – कुल 6 वर्षों तक – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे, जो किसी भी व्यक्ति द्वारा सबसे लंबा कार्यकाल था। वे स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री भी बने और उनके जन्मदिन 11 नवंबर को ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
4. ‘सर्वोदय’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया था?
46th B.P.S.C. (Pre) 2004
उत्तर-(a)
‘सर्वोदय’ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग महात्मा गांधी ने किया था। यह शब्द जॉन रस्किन की पुस्तक ‘Unto This Last’ के गुजराती अनुवाद के शीर्षक के रूप में गांधीजी ने 1908 में प्रयुक्त किया था, जिसका अर्थ है “सबका उदय” या “सबकी भलाई”। बाद में विनोबा भावे ने गांधीजी के इन्हीं आदर्शों के प्रचार हेतु ‘सर्वोदय समाज’ की स्थापना की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने रस्किन की पुस्तक ‘Unto This Last’ को 1904 में दक्षिण अफ्रीका की यात्रा के दौरान ट्रेन में पढ़ा था और इससे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इसका गुजराती में ‘सर्वोदय’ शीर्षक से अनुवाद किया। सर्वोदय के तीन मूल सिद्धांत थे – व्यक्ति की भलाई सबकी भलाई में है, सभी के श्रम का समान मूल्य है, और साधारण जीवन ही श्रेष्ठ जीवन है।
5. भारत में क्रिप्स मिशन किस वर्ष आया?
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(b)
क्रिप्स मिशन मार्च 1942 में भारत आया। द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की बढ़ती शक्ति और रंगून पर उसके अधिकार के बाद अमेरिका, चीन व ऑस्ट्रेलिया के दबाव में ब्रिटेन ने ब्रिटिश कैबिनेट मंत्री सर स्टैफोर्ड क्रिप्स को भारत भेजा। क्रिप्स लगभग तीन सप्ताह (मार्च-अप्रैल 1942) तक भारत में रहे और कांग्रेस, मुस्लिम लीग सहित अन्य नेताओं से वार्ता की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: क्रिप्स मिशन की विफलता के तत्काल बाद ही अगस्त 1942 में कांग्रेस ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ प्रारंभ किया। क्रिप्स मिशन की असफलता को ‘भारत छोड़ो’ जैसे उग्र आंदोलन का एक महत्वपूर्ण कारण माना जाता है। सर स्टैफोर्ड क्रिप्स ब्रिटिश संसद में लेबर पार्टी के सदस्य थे, परंतु उस समय वे चर्चिल की राष्ट्रीय सरकार में मंत्री थे।
6. वैयक्तिक सत्याग्रह (Individual Civil Disobedience) किसने आरंभ किया?
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(a)
व्यक्तिगत सत्याग्रह की शुरुआत 17 अक्टूबर 1940 को विनोबा भावे ने पवनार (महाराष्ट्र) से की थी। उन्होंने युद्ध-विरोधी भाषण देकर स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी। यह सत्याग्रह सामूहिक आंदोलन न होकर व्यक्तिगत स्तर पर किया गया था, इसीलिए इसे ‘व्यक्तिगत सत्याग्रह’ कहते हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस आंदोलन में कुल लगभग 25,000 सत्याग्रहियों ने भाग लिया और गिरफ्तारी दी। विनोबा भावे का जन्म 11 सितंबर 1895 को महाराष्ट्र के कोलाबा जिले में हुआ था। उन्हें 1983 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया – वे यह सम्मान पाने वाले पहले व्यक्ति थे।
7. ब्रितानिया सरकार के प्रस्तावों की प्रारूप घोषणा जो सर स्टैफोर्ड क्रिप्स लाए थे, में सम्मिलित थे-
1. कि भारत को एक डोमिनियन स्थिति दी जानी चाहिए।
2.कि सब प्रांतों और राज्यों को मिलाकर एक भारतीय संघ होना चाहिए।कूट :
3.कि कोई भी प्रांत या भारतीय राज्य भारतीय संघ के बाहर रहने का निर्णय ले सकता है।
4.कि भारत का संविधान भारत की जनता द्वारा निर्मित किया जाए।
नीचे दी गई कूट स्कीम में से सही उत्तर का चयन कीजिए-
कूट :
1. कि भारत को एक डोमिनियन स्थिति दी जानी चाहिए।
2.कि सब प्रांतों और राज्यों को मिलाकर एक भारतीय संघ होना चाहिए।कूट :
3.कि कोई भी प्रांत या भारतीय राज्य भारतीय संघ के बाहर रहने का निर्णय ले सकता है।
4.कि भारत का संविधान भारत की जनता द्वारा निर्मित किया जाए।
नीचे दी गई कूट स्कीम में से सही उत्तर का चयन कीजिए-
कूट :
U.P. Lower Sub. (Pre) 1998
उत्तर-(a)
क्रिप्स प्रस्ताव में निम्न प्रमुख बिंदु शामिल थे: (1) युद्धोपरांत भारत को डोमिनियन का दर्जा दिया जाएगा, (2) भारतीय संविधान निर्माण के लिए एक निर्वाचित संविधान सभा बनाई जाएगी, (3) कोई भी प्रांत नए संविधान को अस्वीकार कर अपना अलग संविधान बना सकता है, और (4) युद्धकाल में वायसराय की कार्यकारी परिषद में भारतीयों को शामिल किया जाएगा, किंतु रक्षा विभाग ब्रिटिश नियंत्रण में रहेगा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: प्रांतों को संघ से बाहर रहने का विकल्प देने का प्रावधान मूलतः मुस्लिम लीग की अलगाववादी मांगों को ध्यान में रखकर रखा गया था। इसी कारण कांग्रेस ने इसे भारत-विभाजन का बीज मानकर तीव्र आपत्ति जताई। कांग्रेस ने इस प्रस्ताव को “भविष्य में पाकिस्तान को वैधता देने का प्रयास” बताया था।
8. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- क्रिप्स प्रस्तावों में प्रावधान सम्मिलित हैं-
1. भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के लिए।
2. संविधान निर्मात्री निकाय की रचना के लिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के लिए।
2. संविधान निर्मात्री निकाय की रचना के लिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
I.A.S. (Pre) 2009
उत्तर-(b)
क्रिप्स प्रस्तावों में भारत की पूर्ण स्वतंत्रता का कोई प्रावधान नहीं था, बल्कि केवल डोमिनियन स्टेटस देने की बात थी। हालांकि संविधान निर्मात्री निकाय (Constituent Assembly) की स्थापना का स्पष्ट प्रावधान अवश्य था, जो भविष्य में स्वतंत्रता या राष्ट्रमंडल से अलग होने का प्रस्ताव कर सकती थी। इसलिए केवल कथन 2 सही है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: क्रिप्स प्रस्ताव में संविधान सभा की संरचना में ब्रिटिश भारतीय प्रांतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ-साथ देशी रियासतों के मनोनीत प्रतिनिधि भी शामिल होने थे। यह पहला ब्रिटिश प्रस्ताव था जिसमें भारतीयों द्वारा अपना संविधान स्वयं बनाने की बात स्वीकार की गई – इसे भारतीय संविधान सभा की अवधारणा की औपचारिक स्वीकृति माना जाता है।
9. ‘व्यक्तिगत सत्याग्रह’ में विनोबा भावे को प्रथम सत्याग्रही चुना गया था। दूसरा कौन था?
I.A.S. (Pre) 2009
उत्तर-(b)
व्यक्तिगत सत्याग्रह में विनोबा भावे के बाद पं. जवाहरलाल नेहरू दूसरे सत्याग्रही थे। नेहरू ने नवंबर 1940 में इलाहाबाद के पास भाषण देकर गिरफ्तारी दी और उन्हें चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। बाद में इस सत्याग्रह में देशभर से हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस आंदोलन की एक विशेषता यह थी कि सत्याग्रही केवल युद्ध-विरोधी भाषण देकर गिरफ्तारी देते थे, कोई हिंसा या तोड़-फोड़ नहीं की जाती थी। यह आंदोलन दिसंबर 1941 में जापान के पर्ल हार्बर पर हमले के बाद धीरे-धीरे समाप्त हो गया, क्योंकि राजनीतिक परिस्थितियां बदल गई थीं।
10. व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन की/के प्रधान सत्याग्रही कौन थीं/ थे?
65th B.P.S.C. (Pre) 2019
उत्तर-(c)
व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन के प्रधान (प्रथम) सत्याग्रही विनोबा भावे थे। गांधीजी ने उन्हें इस पद के लिए इसलिए चुना क्योंकि वे गांधीजी के परमप्रिय शिष्य और आश्रम के अनुशासित सदस्य थे, जिनका जीवन उनके उपदेशों का जीवंत उदाहरण था। यह आंदोलन अगस्त प्रस्ताव की अस्वीकृति के बाद नैतिक प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में चलाया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विनोबा भावे का पूरा नाम विनायक नरहरि भावे था। वे एक कुशल विद्वान थे जिन्होंने गीता पर ‘गीता प्रवचन’ नामक प्रसिद्ध ग्रंथ लिखा। वे सात भाषाओं के जानकार थे और महाराष्ट्र के वर्धा स्थित गांधीजी के सेवाग्राम आश्रम में रहते थे।
11. निम्नलिखित में से किसने गांधीजी के आंदोलनों को ‘राजनैतिक फिरौती’ कहा?
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(c)
लॉर्ड लिनलिथगो ने गांधीजी के आंदोलनों को ‘राजनैतिक फिरौती’ की संज्ञा दी। लिनलिथगो भारत के वायसराय एवं गवर्नर जनरल के पद पर 1936 से 1943 तक रहे – यह किसी भी वायसराय का भारत में सबसे लंबा कार्यकाल था। भारत छोड़ो आंदोलन (1942) इन्हीं के कार्यकाल में चलाया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लिनलिथगो ने ही सितंबर 1939 में बिना किसी भारतीय नेता से परामर्श किए भारत को द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल घोषित कर दिया था, जिसके विरोध में कांग्रेस के सभी प्रांतीय मंत्रिमंडलों ने त्यागपत्र दे दिया था। इसी घटना ने आगे चलकर व्यक्तिगत सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार की।
12. निम्नलिखित में से कौन-सा क्रिप्स मिशन के संबंध में सही नहीं है?
U.P. P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(c)
क्रिप्स मिशन के प्रस्तावों में कार्यकारी परिषद में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच ‘समान प्रतिनिधित्व’ का कोई प्रावधान नहीं था। शेष तीनों – डोमिनियन दर्जा, संविधान निर्मात्री परिषद और किसी सूबे का संघ से बाहर रहने का विकल्प – वास्तव में क्रिप्स प्रस्ताव का हिस्सा थे। अतः विकल्प (c) असत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: क्रिप्स प्रस्ताव में कार्यकारी परिषद के पुनर्गठन का प्रस्ताव था, परंतु रक्षा विभाग पर नियंत्रण ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ के पास ही रहना था। कांग्रेस ने ‘रक्षा मंत्रालय का भारतीयकरण’ न होने के कारण इसे अस्वीकार किया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने भी निजी तौर पर इस प्रावधान को दोष-पूर्ण माना था।
13. 6.किसकी दृष्टि में ‘‘क्रिप्स प्रस्ताव एक टूटते हुए बैंक के नाम एक उत्तर-दिनांकित चेक” (Post-dated cheque upon a crashing bank) था?
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
उत्तर-(a)
महात्मा गांधी ने क्रिप्स प्रस्ताव को “टूटते हुए बैंक के नाम उत्तर-तिथीय चेक” की संज्ञा दी। इस उपमा से उनका आशय था कि युद्धकाल में जब ब्रिटिश साम्राज्य स्वयं संकट में था, तब युद्ध के बाद डोमिनियन स्टेटस देने का वादा करना – जैसे डूबते बैंक पर भविष्य का चेक काटना – पूरी तरह अर्थहीन है। क्रिप्स मिशन भारत में मार्च-अप्रैल 1942 में तीन सप्ताह तक रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सर स्टैफोर्ड क्रिप्स को भारत भेजने का निर्णय मुख्यतः अमेरिकी दबाव में हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट नहीं चाहते थे कि भारतीय नेता जापान के साथ कोई समझौता करें। क्रिप्स की विफलता पर चर्चिल ने कहा था – “मुझे राहत है कि यह प्रस्ताव विफल हो गया।” यह वक्तव्य चर्चिल की भारत-विरोधी मनोवृत्ति को स्पष्ट करता है।
14. 1942 के क्रिप्स मिशन का एक महत्वपूर्ण पहलू था-
I.A.S. (Pre) 2003
उत्तर-(b)
क्रिप्स मिशन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह था कि द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के तुरंत बाद भारत संघ की स्थापना करके उसे डोमिनियन का दर्जा दिया जाएगा। विकल्प (a) गलत है क्योंकि प्रांतों को संघ से बाहर रहने का अधिकार था। विकल्प (c) गलत है क्योंकि पूर्ण स्वतंत्रता नहीं, केवल डोमिनियन स्टेटस का वादा था। विकल्प (d) गलत है क्योंकि प्रांतों को अलग संविधान बनाने का अधिकार था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: क्रिप्स मिशन की विफलता ऐतिहासिक दृष्टि से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद ही गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया और अगस्त 1942 में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का आह्वान किया। इस आंदोलन को अंग्रेजों ने ‘अगस्त क्रांति’ कहा और इसे कुचलने के लिए भारी दमन-चक्र चलाया, जिसमें 60,000 से अधिक लोग गिरफ्तार हुए।
15. निम्नलिखित प्रधानमंत्रियों में से किसने भारत में क्रिप्स मिशन भेजा?
I.A.S. (Pre) 2009
उत्तर-(d)
क्रिप्स मिशन ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल की सरकार द्वारा मार्च 1942 में भारत भेजा गया था। सर स्टैफोर्ड क्रिप्स उस समय चर्चिल की राष्ट्रीय सरकार में लॉर्ड प्रिवी सील और संसदीय कार्य मंत्री थे। चर्चिल स्वयं भारत को स्वतंत्रता देने के कट्टर विरोधी थे, इसलिए उन्होंने इस मिशन के प्रस्तावों को जानबूझकर सीमित रखा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विंस्टन चर्चिल ने एक बार कहा था – “मैं ब्रिटिश साम्राज्य को समेटने के लिए राजा का प्रथम मंत्री नहीं बना हूं।” यह वक्तव्य उनकी साम्राज्यवादी सोच को स्पष्ट करता है। चर्चिल के बाद जब 1945 में क्लीमेंट एटली की लेबर सरकार सत्ता में आई, तब वास्तव में भारत को स्वतंत्रता देने की प्रक्रिया तेज हुई और 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ।
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