यूरोपीय कंपनियों का आगमन MCQ प्रश्न | UPSC History

भारतीय इतिहास आधुनिक भारत यूरोपीय कंपनियों का आगमन MCQ प्रश्न
1. भारत में पुर्तगाली शक्ति का वास्तविक संस्थापक कौन था?
(a) वास्कोडिगामा
(b) अल्बुकर्क
(c) बार्थोलोम्यू डायज
(d) जॉर्ज ऑक्सडन
U.P. Lower Sub. (Pre) 2003
उत्तर-(b)
अल्फोंसो द अल्बुकर्क (शासनकाल 1509-1515 ई.) को भारत में पुर्तगाली औपनिवेशिक सत्ता का वास्तविक जनक माना जाता है, क्योंकि उसी ने पुर्तगालियों को महज व्यापारिक चौकियों से आगे बढ़ाकर एक क्षेत्रीय सत्ता के रूप में स्थापित किया। फरवरी 1510 में उसने बीजापुर के आदिलशाह से गोवा छीन लिया, जिससे अरब सागर में पुर्तगाली नौसैनिक वर्चस्व सुदृढ़ हुआ। स्थायी बस्तियों के निर्माण हेतु उसने पुर्तगाली सैनिकों को स्थानीय महिलाओं से विवाह की नीति अपनाने को प्रोत्साहित किया, जिसे इतिहासकार “मिश्रित विवाह नीति” कहते हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अल्बुकर्क ने 1511 ई. में मलक्का (मलेशिया) पर भी अधिकार कर लिया था, जिससे पूर्वी एशिया के मसाला व्यापार पर पुर्तगाली पकड़ मजबूत हुई। साथ ही, उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (फारस की खाड़ी) पर भी नियंत्रण स्थापित किया, जिससे भारत-फारस व्यापार मार्ग पुर्तगाली निगरानी में आ गया।
2. पुर्तगालियों ने भारत में निम्नलिखित में से किस स्थान पर प्रथम दुर्ग का निर्माण किया था?
(a) अञ्जीदीव में
(b) कन्नानोर में
(c) कोचीन में
(d) गोवा में
U.P.P.C.S. (Mains) 2010
उत्तर-(c)
भारतीय भूमि पर बना पहला यूरोपीय किला कोचीन (वर्तमान केरल) में सन् 1503 ई. में निर्मित हुआ था। इस दुर्ग का निर्माण अल्फोंसो द अल्बुकर्क के निर्देशन में करवाया गया, हालांकि उस समय तक वह पुर्तगाली गवर्नर नियुक्त नहीं हुआ था। कोचीन के स्थानीय राजा ने पुर्तगालियों को कालीकट के जमोरिन के विरुद्ध संतुलन शक्ति के रूप में देखते हुए सहयोग दिया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस किले का नाम “फोर्ट मैनुअल” (Fort Manuel) रखा गया था, जो उस समय के पुर्तगाली सम्राट मैनुअल प्रथम के सम्मान में था। आगे चलकर 1530 ई. में गोवा को पुर्तगाली भारत की राजधानी घोषित कर दिया गया, जो 1961 तक पुर्तगाली अधिकार में रहा।
3. वास्कोडिगामा, कालीकट पर किस वर्ष में आया?
(a) 1350 AD
(b) 1498 AD
(c) 1530 AD
(d) 1612 AD
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2004
उत्तर-(b)
पुर्तगाली नाविक वास्कोडिगामा 20 मई, 1498 को भारत के पश्चिमी तट पर स्थित कालीकट बंदरगाह पहुंचा था, जिससे यूरोप से भारत तक का सीधा समुद्री मार्ग खुल गया। वह केप ऑफ गुड होप होते हुए हिंद महासागर पार करने वाला पहला यूरोपीय यात्री बना। कालीकट के तत्कालीन हिंदू शासक (जिसे “जमोरिन” की उपाधि से जाना जाता था) ने उसका स्वागत किया, यद्यपि व्यापारिक शर्तों को लेकर बाद में मतभेद उभरे। इसी यात्रा के परिणामस्वरूप पुर्तगाल को भारत के साथ सीधा मसाला व्यापार करने का मार्ग मिला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वास्कोडिगामा ने अपनी इस यात्रा में अरब नाविक इब्न माजिद की सहायता ली थी, जिसने उसे अफ्रीकी तट से भारत तक का मार्ग दिखाया। वास्कोडिगामा बाद में 1524 ई. में पुर्तगाली भारत का वायसराय बनकर तीसरी बार भारत आया, परंतु उसी वर्ष कोचीन में उसकी मृत्यु हो गई।
4. निम्न में से कौन ‘नीला जल योजना’ (ब्लू वाटर नीति) से संबंधित है?
(a) द अल्मीडा
(b) अल्बुकर्क
(c) डुप्ले
(d) रॉबर्ट क्लाइव
Uttarakhand P.C.S. (Pre.) 2016
उत्तर-(a)
फ्रांसिस्को द अल्मीडा, जो 1505 ई. में भारत में पहला पुर्तगाली वायसराय बनकर आया, उसने हिंद महासागर में पुर्तगाली प्रभुत्व स्थापित करने के लिए “नीला जल नीति” (Blue Water Policy) का प्रतिपादन किया। इस नीति के अनुसार पुर्तगाली शक्ति का आधार स्थलीय क्षेत्र विस्तार के बजाय समुद्र पर नियंत्रण को बनाया गया, ताकि व्यापारिक मार्गों और बंदरगाहों पर एकाधिकार स्थापित किया जा सके। अल्मीडा का मानना था कि स्थलीय उलझनों से बचकर केवल समुद्री शक्ति के बल पर ही पुर्तगाली व्यापारिक हितों की रक्षा संभव है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अल्मीडा ने 1509 ई. में दीव के निकट हुए नौसैनिक युद्ध में मिस्र के मामलुक सुल्तान और गुजरात के सुल्तान की संयुक्त सेना को पराजित किया, जिसे “दीव की लड़ाई” कहा जाता है — यह विजय हिंद महासागर में पुर्तगाली नौसैनिक श्रेष्ठता की आधारशिला बनी।
5.मध्यकाल में सर्वप्रथम भारत से व्यापार संबंध स्थापित करने वाले थे-
(a) डच
(b) अंग्रेज
(c) फ्रांसीसी
(d) पुर्तगाली
U.P.P.C.S. (Pre) 1990 U.P. P.C.S. (Pre) 1993
U.P.P.C.S. (Pre) 2000
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
U.P.P.C.S. (Spl) (Mains) 2004
उत्तर-(d)
यूरोपीय शक्तियों में पुर्तगाली सबसे पहले भारत पहुंचे और उन्होंने ही मध्यकालीन भारत से सबसे पहले व्यापारिक संबंध स्थापित किए। 1498 ई. में वास्कोडिगामा के कालीकट पहुंचने के बाद पुर्तगालियों ने भारत के पश्चिमी तट पर गोवा, दमन, दीव, कालीकट और हुगली जैसे स्थानों पर अपनी व्यापारिक कोठियां (फैक्ट्रियां) स्थापित कीं। उनके बाद क्रमशः डच (1602), अंग्रेज (1600 में कंपनी गठन, 1608 में सूरत आगमन) और फ्रांसीसी (1664) भारत में व्यापार हेतु आए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पुर्तगालियों का भारत में व्यापारिक प्रभुत्व लगभग एक शताब्दी तक निर्बाध रहा, परंतु 17वीं सदी में डचों और अंग्रेजों के आगमन के बाद उनकी शक्ति क्षीण होने लगी। गोवा, दमन व दीव पर पुर्तगाली अधिकार भारत की स्वतंत्रता के बाद भी बना रहा और 1961 ई. में ऑपरेशन विजय के माध्यम से भारतीय सेना ने इन्हें मुक्त कराया।
6. वास्कोडिगामा भारत कब आया था?
(a) 1496
(b) 1497
(c) 1498
(d) 1600
45th B.P.S.C. (Pre) 2001
उत्तर-(c)
वास्कोडिगामा सन् 1498 ई. में भारत के कालीकट बंदरगाह पर पहुंचा था। उसने पुर्तगाल के लिस्बन बंदरगाह से जुलाई 1497 ई. में अपनी यात्रा आरंभ की थी और लगभग 10 महीने की समुद्री यात्रा के बाद मई 1498 में भारतीय तट पर उतरा। यह यात्रा यूरोप और एशिया के बीच पहला प्रत्यक्ष समुद्री व्यापार मार्ग सिद्ध हुई, जिसने आगे चलकर यूरोपीय औपनिवेशिक विस्तार की नींव रखी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वास्कोडिगामा के इस अभियान को पुर्तगाली राजा मैनुअल प्रथम का संरक्षण प्राप्त था, और इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यूरोप में अरब व इतालवी व्यापारियों के एकाधिकार को तोड़कर सीधे एशियाई मसाला व्यापार तक पहुंच बनाना था। गामा अपनी पहली यात्रा से लगभग 60 जीवित नाविकों (मूल 170 में से) के साथ ही पुर्तगाल वापस लौट सका था।
7.पुर्तगाली उपनिवेश का प्रथम वायसराय भारत में कौन हुआ?
(a) डियाज
(b) वास्कोडिगामा
(c) अल्मीडा
(d) अल्बुकर्क
U.P. P.C.S. (Pre) 1992 M.P. P.C.S. (Pre) 1995
उत्तर-(c)
फ्रांसिस्को द अल्मीडा भारत में नियुक्त होने वाला पहला पुर्तगाली वायसराय (Viceroy) था, जो 1505 ई. में इस पद पर नियुक्त हुआ। उसका मुख्य उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप में पुर्तगाली व्यापारिक हितों की सुरक्षा हेतु समुद्री मार्गों पर नियंत्रण स्थापित करना था, जिसके लिए उसने “ब्लू वाटर पॉलिसी” अपनाई। उसकी वायसराय के रूप में नियुक्ति से पुर्तगाली शासन व्यवस्था अधिक संगठित रूप में स्थापित हुई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अल्मीडा से पूर्व, बार्थोलोम्यू डायज (Bartholomew Diaz) ने 1488 ई. में अफ्रीका के दक्षिणी छोर “केप ऑफ गुड होप” की खोज की थी, जिसने आगे चलकर वास्कोडिगामा के भारत-मार्ग की खोज को संभव बनाया। अल्मीडा के पुत्र लॉरेंसो द अल्मीडा की 1508 ई. में चौल के युद्ध में मृत्यु हो गई थी, जिसके प्रतिशोध में अल्मीडा ने 1509 की दीव की लड़ाई लड़ी थी।
8. निम्नलिखित में से किसने वास्कोडिगामा का कालीकट में स्वागत किया था?
(a) गेस्पर कोरिया
(b) अल्बुकर्क
(c) जमोरिन
(d) डॉन अलमेदा
U.P. Lower Sub. (Pre) 2013
उत्तर-(c)
1498 ई. में जब वास्कोडिगामा कालीकट पहुंचा, तब वहां के शासक ने उसका स्वागत किया। कालीकट के शासकों को पारंपरिक रूप से “जमोरिन” (Zamorin) की उपाधि से संबोधित किया जाता था, जो मलयालम शब्द “सामूतिरी” का यूरोपीयकृत रूप है। प्रारंभ में जमोरिन ने पुर्तगालियों के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित करने में रुचि दिखाई, परंतु बाद में स्थानीय अरब व्यापारियों के दबाव और व्यापारिक शर्तों को लेकर मतभेद उत्पन्न हुए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कालीकट उस समय हिंद महासागर के मसाला व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था, जहां पहले से ही अरब और चीनी व्यापारियों का दबदबा था। जमोरिन और पुर्तगालियों के बीच संबंध आगे चलकर शत्रुतापूर्ण हो गए, जिसके परिणामस्वरूप पुर्तगालियों ने कालीकट के बजाय कोचीन और गोवा को अपनी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया।
9.सूची-I को सूची-II से सुमेल कीजिए –
सूची-I(समुद्री यात्री) सूची-II(देश)
(a) वास्कोडिगामा 1. स्पेन
(b) क्रिस्टोफर कोलम्बस 2. पुर्तगाल
(c) कैप्टन कुक 3. हॉलैंड
(d) तस्मान 4. ग्रेट ब्रिटेन
कूट :
A B C D
(a) 3 2 1 4
(b) 2 1 4 3
(c) 1 4 3 2
(d) 4 3 2 1
I.A.S. (Pre) 2000
उत्तर-(b)
यह प्रश्न विभिन्न यूरोपीय खोजी यात्रियों और उनके द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए देशों के सही मिलान पर आधारित है। पुर्तगाली नाविक वास्कोडिगामा ने भारत के समुद्री मार्ग की खोज की थी, जबकि स्पेन के संरक्षण में यात्रा करने वाले इतालवी नाविक क्रिस्टोफर कोलंबस ने अमेरिका महाद्वीप की खोज की (हालांकि वह जीवनभर यही मानता रहा कि उसने भारत का पश्चिमी मार्ग खोज लिया है)। ब्रिटेन के कैप्टन जेम्स कुक ने ऑस्ट्रेलिया की खोज की और हॉलैंड (नीदरलैंड) के एबेल तस्मान ने वान डीमेंस लैंड (वर्तमान तस्मानिया द्वीप) तथा न्यूजीलैंड की खोज की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कोलंबस की पहली यात्रा 1492 ई. में हुई थी, जो वास्कोडिगामा की भारत यात्रा से छह वर्ष पूर्व की घटना है, इसीलिए कोलंबस को “अमेरिका की खोज” का श्रेय मिलता है, भले ही वह वहां पहले से बसे मूल निवासियों को “इंडियंस” समझता रहा। तस्मान का नाम ही तस्मानिया द्वीप के नामकरण का आधार बना, जिसे पहले उसने अपने डच गवर्नर के सम्मान में “वान डीमेंस लैंड” नाम दिया था।
10.भारत में यूरोपीय शक्तियों के प्रवेश के संदर्भ में निम्न में से कौन- सा कथन सही नहीं है?
(a) पुर्तगालियों ने 1499 में गोवा पर कब्जा किया था।
(b) अंग्रेजों ने अपना पहला कारखाना दक्षिण भारत में मछलीपट्टनम् में लगाया।
(c) पूर्वी भारत में अंग्रेजी कंपनी ने 1633 में उड़ीसा में पहला कारखाना लगाया।
(d) डूप्ले के नेतृत्व में फ्रांसीसियों ने 1746 में मद्रास पर कब्जा किया था।
I.A.S. (Pre) 2003
उत्तर-(a)
कथन (a) असत्य है क्योंकि पुर्तगालियों ने गोवा पर 1499 में नहीं बल्कि फरवरी 1510 ई. में अल्फोंसो द अल्बुकर्क के नेतृत्व में बीजापुर के आदिलशाह से विजय प्राप्त की थी। शेष तीनों कथन ऐतिहासिक रूप से सही हैं — अंग्रेजों ने अपनी पहली फैक्ट्री दक्षिण भारत के मछलीपट्टनम् में स्थापित की थी, पूर्वी भारत में उड़ीसा के हरिहरपुर में 1633 ई. में अंग्रेजी कोठी स्थापित हुई थी, तथा फ्रांसीसी सेनापति डुप्ले ने कर्नाटक युद्धों के दौरान 1746 ई. में अंग्रेजों से मद्रास (वर्तमान चेन्नई) छीन लिया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: डुप्ले द्वारा मद्रास पर अधिकार ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकार युद्ध (1740-48) के एशियाई विस्तार का हिस्सा था, जिसमें यूरोप में फ्रांस-इंग्लैंड शत्रुता का असर भारत में प्रथम कर्नाटक युद्ध के रूप में देखने को मिला। बाद में 1748 ई. में एक्स-ला-शापेल की संधि के तहत मद्रास पुनः अंग्रेजों को वापस मिल गया था।
11. बंगाल की निम्नलिखित फैक्ट्रियों में से एक जो पुर्तगालियों द्वारा स्थापित की गई, वह थी-
(a) बांदेल
(b) चिनसुरा
(c) हुगली
(d) श्रीरामपुर
U.P.P.C.S. (Pre) 2004
उत्तर-(c)
गवर्नर नीनो डी कुन्हा (1529-38 ई.) के कार्यकाल में पुर्तगालियों ने मद्रास के पास सेनथोमी तथा बंगाल में हुगली में अपनी बस्तियां बसाकर पूर्वी तट पर अपना व्यापार फैलाया। 1534 ई. में बंगाल के सुल्तान गियासुद्दीन महमूदशाह से अनुमति लेकर पुर्तगालियों ने सतगांव और चटगांव में भी फैक्ट्रियां खोलीं, जिसमें चटगांव को वे “महान बंदरगाह” कहा करते थे। समय के साथ सतगांव का महत्व घटा और हुगली प्रमुख केंद्र बनकर उभरा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चिनसुरा में बाद में डचों ने गुस्तावुस दुर्ग बनवाया था, जबकि श्रीरामपुर डेनिश व्यापारियों का प्रमुख अड्डा था। एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि 1632 ई. में मुगल बादशाह शाहजहां ने हुगली में पुर्तगालियों की दादागिरी और अवैध गतिविधियों से नाराज होकर इस बस्ती पर आक्रमण कर उसे नष्ट करवा दिया था।
12. हुगली को बंगाल की खाड़ी में समुद्री लूटपाट के लिए किसने अड्डा बनाया था?
(a) पुर्तगालियों ने
(b) फ्रांसवासियों ने
(c) डेनमार्कवासियों ने
(d) अंग्रेजों ने
I.A.S. (Pre) 1995
उत्तर-(a)
पुर्तगाली व्यापारियों और नाविकों ने हुगली को बंगाल की खाड़ी में समुद्री लूटपाट तथा दास-व्यापार जैसी अवैध गतिविधियों का केंद्र बना लिया था, जिससे स्थानीय शासकों और व्यापारियों को भारी क्षति होती थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इन्हीं उत्पातों से क्षुब्ध होकर मुगल बादशाह शाहजहां ने 1632 ई. में कासिम खां के नेतृत्व में सेना भेजकर हुगली की पुर्तगाली बस्ती को तहस-नहस करवा दिया था। यह भी उल्लेखनीय है कि इन समुद्री लुटेरों में पुर्तगालियों के साथ-साथ कुछ स्थानीय अराकानी (मघ) समुद्री डाकू भी सम्मिलित रहते थे, जो मिलकर बंगाल के तटीय क्षेत्रों में आतंक फैलाते थे।
13. बंगाल की खाड़ी में समुद्री डकैती हेतु हुगली का उपयोग कौन करता था?
(a) डच
(b) फ्रांसीसी
(c) पुर्तगाली
(d) अंग्रेज
(e)उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
65th B.P.S.C. (Pre) 2019
उत्तर-(c)
पुर्तगालियों ने हुगली को बंगाल की खाड़ी में होने वाली समुद्री डकैती और लूटपाट का अड्डा बना रखा था, जिससे क्षेत्र में व्यापार और सुरक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इन्हीं गतिविधियों के चलते 1632 ई. में मुगल शासक शाहजहां ने हुगली पर सैन्य कार्रवाई कर पुर्तगाली बस्ती को नष्ट करवा दिया था। साथ ही यह भी ध्यान देने योग्य है कि पुर्तगालियों का यह आचरण उनके द्वारा हिंद महासागर में अपनाई गई “कार्टाज प्रणाली” (पास प्रणाली) से भी जुड़ा था, जिसके तहत वे अन्य व्यापारिक जहाजों से जबरन कर वसूलते थे।
14. किन यूरोपियों ने भारत में प्रथमतः सामुद्रिक व्यापारिक केंद्र स्थापित किए?
(a) अंग्रेज
(b) फ्रांसीसी
(c) पुर्तगाली
(d) डच
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2004
उत्तर-(c)
भारत में सबसे पहले सामुद्रिक व्यापारिक केंद्र स्थापित करने वाली यूरोपीय शक्ति पुर्तगाल थी। भारत के पहले पुर्तगाली वायसराय फ्रांसिस्को द अल्मीडा ने 1509 ई. में दीव पर कब्जा करके हिंद महासागर में पुर्तगाली प्रभुत्व की नींव रखी, जिसके बाद पुर्तगालियों ने यहां के व्यापार पर लगभग एकाधिकार स्थापित कर अन्य जहाजों से जबरन शुल्क वसूलना शुरू कर दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इससे पहले 1498 ई. में वास्कोडिगामा केप ऑफ गुड होप होते हुए समुद्री मार्ग से कालीकट (कोझिकोड) पहुंचा था, जिसने भारत-यूरोप के बीच प्रत्यक्ष समुद्री व्यापार मार्ग खोला। दूसरा महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अफोंसो डी अल्बुकर्क को पुर्तगाली शक्ति के वास्तविक संस्थापक के रूप में जाना जाता है, जिसने 1510 ई. में गोवा पर अधिकार कर उसे पुर्तगाली शासन की राजधानी बनाया।
15. निम्न में किस स्थान पर भारत में प्रथम नगर निगम स्थापित किया गया था?
(a) कलकत्ता
(b) मद्रास
(c) बॉम्बे
(d) दिल्ली
U.P.P.C.S. (Pre) 2021
उत्तर-(b)
आधुनिक भारत का सबसे पहला नगर निगम 1688 ई. में मद्रास (वर्तमान चेन्नई) में स्थापित किया गया था, जो उस समय की एक महत्वपूर्ण अंग्रेजी प्रेसीडेंसी नगरी थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मद्रास की स्थापना अंग्रेजों द्वारा 1639 ई. में फ्रांसिस डे और एंड्रयू कोगन ने स्थानीय विजयनगर शासकों से भूमि प्राप्त कर की थी, जहां बाद में फोर्ट सेंट जॉर्ज का निर्माण हुआ। दूसरा तथ्य यह है कि मद्रास प्रेसीडेंसी भारत की तीन प्रमुख प्रेसीडेंसियों (बंगाल, बॉम्बे और मद्रास) में सबसे पुरानी प्रशासनिक इकाइयों में गिनी जाती है।
16. निम्नलिखित में से कौन कलकत्ता का संस्थापक था?
(a) चार्ल्स आयर
(b) जॉब चारनॉक
(c) गैरोल्ड अंगियार
(d) विलियम नौरिस
U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर-(b)
कासिम बाजार फैक्ट्री के अध्यक्ष जॉब चारनॉक ने अंग्रेजी व्यापार केंद्र के लिए हुगली की बजाय सुतानूती (वर्तमान कलकत्ता का क्षेत्र) को चुना था, जिस कारण पारंपरिक रूप से उसे कलकत्ता का संस्थापक माना जाता रहा है। हालांकि मई 2003 में कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने इस मान्यता को खारिज करते हुए कहा कि कलकत्ता (कालिकाता) नामक बस्ती जॉब चारनॉक के आगमन से पहले से ही अस्तित्व में थी, इसलिए 24 अगस्त 1690 को कलकत्ता का “स्थापना दिवस” नहीं माना जा सकता।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जॉब चारनॉक ने सुतानूती के साथ-साथ कालिकाता और गोविंदपुर नामक दो अन्य गांवों को भी मिलाकर अंग्रेजी बस्ती की नींव रखी थी, और इन्हीं तीन गांवों से आगे चलकर आधुनिक कलकत्ता शहर का विकास हुआ।
17. कलकत्ता किसने बसाया?
(a) जॉन सरमैन
(b) वास्कोडिगामा
(c) वॉरेन
(d) जॉब चारनॉक
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(d)
पारंपरिक रूप से जॉब चारनॉक को ही कलकत्ता बसाने वाला माना जाता है, क्योंकि उसी ने अंग्रेजी व्यापारिक हितों के लिए सुतानूती के स्थान को चुनकर यहां बस्ती कायम की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी जॉब चारनॉक के पौत्र-दामाद चार्ल्स आयर के समय 1698 ई. में अंग्रेजों ने मुगल अधिकारियों से सुतानूती, कालिकाता और गोविंदपुर गांवों की जमींदारी अधिकार प्राप्त किए, जिससे कलकत्ता एक स्थायी अंग्रेजी बस्ती के रूप में मजबूत हुआ। दूसरा तथ्य यह है कि 1727 ई. में कलकत्ता में मेयर की अदालत (Mayor’s Court) की स्थापना हुई, जो उस क्षेत्र में ब्रिटिश न्यायिक व्यवस्था की शुरुआत मानी जाती है।
18. भारत के साथ व्यापार के लिए सर्वप्रथम संयुक्त पूंजी कंपनी किन लोगों ने आरंभ की?
(a) पुर्तगाली
(b) डच
(c) फ्रेंच
(d) डेनिस
I.A.S. (Pre) 1994
उत्तर-(b)
भारत के साथ व्यापार हेतु पहली संयुक्त पूंजी (Joint Stock) कंपनी वास्तव में 1599 ई. में लंदन में स्थापित अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी थी, जिसे “द गवर्नर एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ लंदन ट्रेडिंग इन टू द ईस्ट इंडीज” कहा जाता था। इसके कुछ समय बाद 1602 ई. में डच संसद (स्टेट्स जनरल) के प्रस्ताव से डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) का गठन हुआ। चूंकि दिए गए विकल्पों में ब्रिटेन/अंग्रेज शामिल नहीं है, इसलिए डच सही उत्तर माना जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा 31 दिसंबर 1600 ई. को शाही चार्टर (Royal Charter) प्रदान किया गया था, जिसने उसे पूर्वी व्यापार में 15 वर्षों का एकाधिकार दिया। दूसरा तथ्य यह है कि डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) को इतिहास की पहली बहुराष्ट्रीय कंपनी और शेयर जारी करने वाली पहली कंपनी माना जाता है।
19. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?
(a) आधुनिक कोच्चि भारत की स्वतंत्रता तक डच उपनिवेश था।
(b) डचों ने पुर्तगालियों को पराजित किया और आधुनिक कोच्चि में उन्होंने फोर्ट विलियम्स का निर्माण किया।
(c) आधुनिक कोच्चि पहले डच उपनिवेश था, जिस पर बाद में पुर्तगालियों का अधिकार हो गया।
(d) आधुनिक कोच्चि कभी भी ब्रिटिश उपनिवेश का भाग नहीं था।
I.A.S. (Pre) 2005
उत्तर-(b)
डच सेना ने 1663 ई. में पुर्तगालियों को पराजित कर कोच्चि पर अधिकार किया और वहां फोर्ट विलियम का निर्माण करवाया, जिसके बाद कोच्चि डच व्यापारिक नियंत्रण के अधीन आ गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इससे पहले 1503 ई. में पुर्तगालियों ने स्थानीय शासक की सहायता से कोच्चि में भारत का पहला यूरोपीय किला (फोर्ट इमैनुएल) बनवाया था। दूसरा महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि 1795 ई. में अंग्रेजों ने डचों से कोच्चि छीन लिया और 1814 ई. की एंग्लो-डच संधि के तहत यह स्थायी रूप से ब्रिटिश नियंत्रण में चला गया, जिससे विकल्प (d) की बात गलत सिद्ध होती है।
20. पांडिचेरी (वर्तमान पुड्डुचेरी) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- 1. पांडिचेरी पर कब्जा करने वाली पहली यूरोपीय शक्ति पुर्तगाली थे। 2. पांडिचेरी पर कब्जा करने वाली दूसरी यूरोपीय शक्ति फ्रांसीसी थे। 3. अंग्रेजों ने कभी पांडिचेरी पर कब्जा नहीं किया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
U.P. P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(a)
पांडिचेरी में सबसे पहले पुर्तगालियों ने अपनी बस्ती बसाई थी, इसके बाद डेनिश और डच व्यापारियों ने भी यहां अपनी कोठियां स्थापित कीं, और अंततः 1673 ई. में फ्रांसीसियों ने यहां अपना उपनिवेश कायम किया। चूंकि फ्रांसीसी दूसरी नहीं बल्कि बाद की यूरोपीय शक्ति थे और अंग्रेजों ने भी 1793 ई. में पांडिचेरी पर अधिकार करके इसे 1814 ई. की पेरिस संधि के तहत वापस फ्रांस को सौंपा था, इसलिए केवल पहला कथन सही है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1664 ई. में फ्रांसीसी मंत्री कोलबर्ट के प्रयासों से हुई थी, और पांडिचेरी आगे चलकर फ्रांसीसी भारत की राजधानी तथा सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक व प्रशासनिक केंद्र बना। दूसरा तथ्य यह है कि भारत की स्वतंत्रता के बाद भी पांडिचेरी फ्रांसीसी अधिकार में रहा और 1954 ई. में वास्तविक रूप से तथा 1962 ई. में कानूनी रूप से भारत में इसका विलय हुआ।
21. भारत में 1613 ई. में अंग्रेजों ने अपनी पहली फैक्ट्री कहां स्थापित की थी ?
(a) गोवा
(b) बंगाल में हुगली
(c) आरकोट
(d) सूरत
39th B.P.S.C. (Pre) 1994
उत्तर-(d)
कैप्टन विलियम हॉकिंस 1608 ई. में सूरत के रास्ते मुगल दरबार पहुंचा था, परंतु वह वहां फैक्ट्री स्थापना की अनुमति प्राप्त नहीं कर सका। बाद में 1611 ई. में कैप्टन मिडल्टन ने स्वाल्ली पहुंचकर मुगल गवर्नर से व्यापार की अनुमति प्राप्त की। इसके पश्चात कैप्टन थॉमस बेस्ट ने सूरत बंदरगाह पर पुर्तगालियों के एकाधिकार को तोड़ा, जिसके फलस्वरूप अंग्रेजों ने 1613 ई. में सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री स्थापित की। यहीं से व्यापार का विस्तार अहमदाबाद, बुरहानपुर, अजमेर और आगरा तक हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) सूरत उस समय मुगल साम्राज्य का प्रमुख बंदरगाह और हज यात्रा का मुख्य प्रस्थान बिंदु था, इसलिए इसका व्यापारिक महत्व अत्यधिक था। (2) सम्राट जहांगीर ने 1618 ई. में सर थॉमस रो के प्रयासों से अंग्रेजों को संपूर्ण मुगल साम्राज्य में व्यापार करने का शाही फरमान प्रदान किया था।
22. निम्नलिखित ब्रिटिश कंपनियों में से किसे भारत में व्यापार करने का पहला अधिकार-पत्र प्राप्त हुआ था?
(a) लीवेंट कंपनी
(b) ईस्ट इंडिया कंपनी
(c) दी इंग्लिंश कंपनी ट्रेडिंग टू ईस्ट इंडीज
(d) ओस्टेंड कंपनी
U.P.P.S.C. (R.I.) 2014
उत्तर-(a)
भारत के साथ स्थल मार्ग से व्यापार करने का सबसे पहला अधिकार-पत्र लीवेंट कंपनी को 1593 ई. में प्राप्त हुआ था। इसके बाद 31 दिसंबर, 1600 को महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने समुद्री मार्ग से ईस्ट इंडीज के साथ व्यापार के लिए ‘दी गवर्नर एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ लंदन ट्रेडिंग इन टू दी ईस्ट इंडीज’ को अधिकार-पत्र दिया। आगे चलकर 1702 ई. में पुरानी कंपनी, नई कंपनी और महारानी ऐनी के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ, जिसके परिणामस्वरूप 1709 ई. में दोनों कंपनियां मिलकर ‘यूनाइटेड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ इंग्लैंड ट्रेडिंग टू दी ईस्ट इंडीज’ बनीं, जो आगे चलकर ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से प्रसिद्ध हुई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) लीवेंट कंपनी मुख्यतः तुर्क साम्राज्य (ओटोमन साम्राज्य) के साथ व्यापार के लिए 1581 ई. में गठित हुई थी और उसी के माध्यम से भूमध्य सागर होते हुए स्थल मार्ग से भारत तक पहुंच बनाई गई। (2) ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना के समय इसके 125 शेयरधारक और लगभग 72,000 पाउंड की पूंजी थी।
23. किंस मुगल सम्राट के काल में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में सर्वप्रथम कारखाना स्थापित किया?
(a) अकबर
(b) जहांगीर
(c) शाहजहां
(d) औरंगजेब
I.A.S. (Pre) 2008 I.A.S. (Pre) 2009
उत्तर-(b)
सम्राट जहांगीर के शासनकाल में ही इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना सबसे पहला कारखाना 1611 ई. में मसूलीपट्टनम (मछलीपट्टनम) में स्थापित किया था, हालांकि यह अस्थायी प्रकृति का था। इसके दो वर्ष बाद, 1613 ई. में सूरत में स्थापित कारखाना अंग्रेजों का पहला स्थायी कारखाना बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) मसूलीपट्टनम (वर्तमान मछलीपट्टनम, आंध्र प्रदेश) उस समय गोलकुंडा के कुतुबशाही सुल्तानों के अधीन था, मुगल साम्राज्य के नहीं। (2) जहांगीर के दरबार में सर थॉमस रो 1615 से 1619 ई. तक इंग्लैंड के राजदूत के रूप में रहा, जिसने अंग्रेजी व्यापार को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।
24. लंदन में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के गठन के समय भारत का निम्नलिखित में से कौन बादशाह था?
(a) अकबर
(b) जहांगीर
(c) शाहजहां
(d) औरंगजेब
U.P.P.C.S. (Pre) 2012 U. P. Lower Sub. (Pre) 2004
उत्तर-(a)
सितंबर 1599 में लंदन के कुछ व्यापारियों ने लॉर्ड मेयर की अध्यक्षता में एक सभा बुलाई, जिसमें पूर्वी द्वीपसमूह के साथ व्यापार की योजना बनाई गई। इसी क्रम में इन व्यापारियों ने ‘गवर्नर एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ लंदन ट्रेडिंग इन टू द ईस्ट इंडीज’ नामक कंपनी का गठन किया। उस समय भारत में मुगल बादशाह अकबर (शासनकाल 1556-1605 ई.) का शासन था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) कंपनी को औपचारिक राजकीय अधिकार-पत्र (Royal Charter) 31 दिसंबर 1600 को महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा प्रदान किया गया था। (2) अकबर के शासनकाल में ही पुर्तगाली पहले से भारत में अपना व्यापारिक प्रभुत्व स्थापित कर चुके थे, जिन्हें बाद में अंग्रेजों और डचों ने चुनौती दी।
25. सत्रहवीं शताब्दी के पहले चतुर्थांश में, निम्नलिखित में से कहां इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी का कारखना/के कारखाने स्थित था / थे? 1. भरूच 2, चिकाकोल 3. त्रिचिनोपोली नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही
I.A.S. (Pre) 2021
उत्तर-चुनिए-
सत्रहवीं शताब्दी के पहले चतुर्थांश तक, अर्थात 1625 ई. के आसपास, इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी सूरत, भरूच, बुरहानपुर, अहमदाबाद और आगरा में अपने कारखाने स्थापित कर चुकी थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) भरूच (Broach) पश्चिमी भारत का प्राचीन बंदरगाह नगर है, जो नर्मदा नदी के मुहाने पर स्थित होने के कारण व्यापारिक दृष्टि से प्राचीनकाल से ही महत्वपूर्ण रहा है। (2) सूरत स्थित कारखाना अंग्रेजों के पश्चिमी भारत के समस्त व्यापारिक नेटवर्क का मुख्यालय (President और Council का केंद्र) था, जब तक 1687 ई. में यह दर्जा बंबई को नहीं मिल गया।
26. ईस्ट इंडिया कंपनी की प्रथम फैक्ट्री स्थापित की गई थी?
(a) पुणे में
(b) गोवा में
(c) पांडिचेरी में
(d) सूरत में
U.P.P.C.S. (Pre) 1990 U.P.P.S.C. (GIC) 2010
उत्तर-(d)
ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री सूरत में 1613 ई. में मुगल सम्राट जहांगीर की अनुमति से स्थापित की थी। इससे पहले गोवा और पांडिचेरी क्रमशः पुर्तगालियों तथा फ्रांसीसियों के व्यापारिक केंद्र थे, न कि अंग्रेजों के।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) गोवा पर पुर्तगालियों ने 1510 ई. में अल्फांसो डी अल्बुकर्क के नेतृत्व में अधिकार किया था, जो भारत में किसी यूरोपीय शक्ति का सबसे पुराना स्थायी उपनिवेश था। (2) पांडिचेरी फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रमुख केंद्र 1674 ई. में फ्रांसुआ मार्टिन द्वारा स्थापित किया गया था।
27. निम्नलिखित में किस अंग्रेज अधिकारी ने पुर्तगालियों को स्वाल्ली (Sowlley) के स्थान पर हराया था?
(a) विलियम हॉकिंस
(b) थॉमस बेस्ट
(c) थॉमस रो
(d) जोशिया चाइल्ड
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
उत्तर-(b)
कैप्टन थॉमस बेस्ट ने 1612 ई. में स्वाल्ली (सूरत के निकट स्थित बंदरगाह) के समुद्री युद्ध में पुर्तगालियों को पराजित किया था। इस विजय ने सूरत क्षेत्र में पुर्तगाली नौसैनिक एकाधिकार को तोड़ा और अंग्रेजों के लिए सूरत में स्थायी व्यापारिक उपस्थिति का मार्ग प्रशस्त किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) यह युद्ध रेड ड्रैगन (Red Dragon) नामक अंग्रेजी जहाज के नेतृत्व में लड़ा गया था, जिसकी संख्यात्मक रूप से कम सैन्य शक्ति के बावजूद विजय हुई। (2) इसी विजय के प्रभाव से मुगल गवर्नर ने अंग्रेजों को सूरत में व्यापार की अनुमति देना उचित समझा, जो अंततः 1613 ई. की स्थायी फैक्ट्री स्थापना में परिणत हुआ।
28. निम्नलिखित यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों में से किसने सूरत में सर्वप्रथम अपना कारखाना स्थापित किया?
(a) डचों ने
(b) अंग्रेजों ने
(c) फ्रांसीसियों ने
(d) पुर्तगालियों ने
U.P.P.C.S. (Mains) 2011
उत्तर-(b)
सूरत में सबसे पहले अंग्रेजों ने अपनी फैक्ट्री स्थापित की थी, जिसकी अनुमति जहांगीर ने 1613 ई. में दी थी। इसके बाद डचों ने 1616 ई. में और फ्रांसीसियों ने 1668 ई. में सूरत में अपने-अपने कारखाने खोले। हालांकि अंग्रेजों का सबसे पहला कारखाना समग्र रूप से 1611 ई. में मसूलीपट्टनम में स्थापित हुआ था, जो अस्थायी था; उनका पहला स्थायी कारखाना सूरत में ही बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) की स्थापना 1602 ई. में हुई थी और यह अपने समय की विश्व की सबसे बड़ी और पहली बहुराष्ट्रीय संयुक्त-स्टॉक कंपनी मानी जाती है। (2) फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1664 ई. में फ्रांसीसी मंत्री ज्यां बैप्टिस्ट कोलबर्ट के प्रयासों से हुई थी।
29. वर्ष 1613 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को कहां एक कारखाना (व्यापार स्थल) स्थापित करने की अनुमति मिली?
(a) बंगलौर
(b) मद्रास
(c) मसूलीपट्टनम
(d) सूरत
I.A.S. (Pre) 2006
उत्तर-(d)
1613 ई. में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी को मुगल बादशाह जहांगीर से सूरत में स्थायी कारखाना स्थापित करने की अनुमति प्राप्त हुई थी। यह कंपनी की भारत में पहली स्थायी व्यापारिक चौकी थी, जिससे आगे चलकर पश्चिमी भारत में कंपनी के व्यापार का विस्तार हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) मद्रास (वर्तमान चेन्नई) में अंग्रेजों ने 1639 ई. में फोर्ट सेंट जॉर्ज की स्थापना की, जो सूरत के बहुत बाद की घटना है। (2) कोलकाता (तत्कालीन सूतानाती-कोलकाता-गोविंदपुर क्षेत्र) में जॉब चार्नाक द्वारा कंपनी की व्यापारिक चौकी की स्थापना 1690 ई. में हुई थी, जो सूरत से लगभग 77 वर्ष बाद हुआ घटनाक्रम है।
30. भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी की सफलता का राज था-
(a) भारत में राष्ट्रीय भावना की कमी।
(b) कंपनी की सेना को पश्चिमी प्रशिक्षण मिला था तथा उनके पास आधुनिक हथियार थे।
(c) भारतीय सैनिकों में राष्ट्रीय भावना का अभाव था जिसके फलस्वरूप कोई जो उन्हें अच्छा वेतन दे, अपनी सेवा में लगा सकता था।
(d) उपर्युक्त तीनों
U.P.P.C.S. (Pre) 1994
उत्तर-(d)
भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी की सफलता के पीछे उपर्युक्त तीनों कारण संयुक्त रूप से उत्तरदायी थे — भारतीय समाज में आधुनिक अर्थों में राष्ट्रीय एकता का अभाव, कंपनी की सेनाओं का यूरोपीय शैली में आधुनिक प्रशिक्षण व बेहतर हथियार, तथा भारतीय सैनिकों की भाड़े की सेवा में सम्मिलित होने की प्रवृत्ति। उल्लेखनीय है कि 1599 ई. में लंदन के मर्चेंट एडवेंचर्स समूह ने ही अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी अथवा ‘दि गवर्नर एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ लंदन ट्रेडिंग इन टू द ईस्ट इंडीज’ की नींव रखी थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) कंपनी की सैन्य सफलता में देसी रियासतों के आपसी संघर्ष और गठबंधन-राजनीति (जैसे प्लासी व बक्सर में) की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। (2) 1857 के विद्रोह के पश्चात भारत सरकार अधिनियम 1858 के तहत कंपनी का शासन समाप्त कर भारत को सीधे ब्रिटिश ताज के अधीन कर दिया गया।
31. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंबई किससे लिया था?
(a) डचों से
(b) फ्रांसीसियों से
(c) डेनिसों से
(d) पुर्तगालियों से
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(d)
बंबई मूलतः पुर्तगालियों के अधिकार में था। 1661 ई. में इंग्लैंड के सम्राट चार्ल्स द्वितीय का विवाह पुर्तगाल की राजकुमारी कैथरीन ऑफ ब्रगांजा से हुआ, जिसके दहेज के रूप में बंबई द्वीप समूह चार्ल्स द्वितीय को सौंपा गया। बाद में चार्ल्स द्वितीय ने इसे मात्र 10 पौंड वार्षिक किराये पर 1668 ई. में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को हस्तांतरित कर दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) कंपनी ने बंबई को 1687 ई. में पश्चिमी भारत की प्रेसीडेंसी का दर्जा देकर सूरत के स्थान पर अपना मुख्यालय बना दिया, क्योंकि यह एक प्राकृतिक सुरक्षित बंदरगाह था। (2) गेराल्ड आंगियर को बंबई के वास्तविक संस्थापक के रूप में जाना जाता है, जिसने 1669-77 ई. के मध्य गवर्नर रहते हुए इसके विकास की मजबूत नींव रखी।
32. ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रारंभिक दौर में वेस्टर्न प्रेसीडेंसी कहां थी?
(a) सूरत
(b) सतारा
(c) बॉम्बे
(d) पणजी
M.P.P.C.S. (Pre) 2018
उत्तर-(a)
ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने आरंभिक दौर में सूरत को ही पश्चिमी भारत की प्रेसीडेंसी (मुख्यालय) बनाया था, क्योंकि 1613 ई. से यहीं कंपनी की पहली स्थायी फैक्ट्री कार्यरत थी। बाद में 1687 ई. में यह दर्जा सूरत से हटाकर बंबई को दे दिया गया, जो एक अधिक सुरक्षित प्राकृतिक बंदरगाह था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) कंपनी की तीन प्रमुख प्रेसीडेंसियां अंततः बंगाल (कलकत्ता), मद्रास और बंबई के रूप में स्थापित हुईं, जो आगे चलकर ब्रिटिश भारत के प्रशासनिक ढांचे का आधार बनीं। (2) सूरत का व्यापारिक महत्व 17वीं शताब्दी के अंत तक घटने लगा था, जिसका एक कारण मराठा आक्रमण (शिवाजी द्वारा 1664 व 1670 ई. में सूरत की लूट) भी था।
33. ईस्ट इंडिया कंपनी के किस अंग्रेज गवर्नर को औरंगजेब द्वारा भारत से निष्कासित किया गया?
(a) आंगियर
(b) सर जॉन चाइल्ड
(c) सर जॉन गेयर
(d) सर निकोलस वेट
M.P.P.C.S. (Pre) 2008
उत्तर-(b)
बंबई के अंग्रेज गवर्नर जॉन चाइल्ड ने 1688 ई. में बंबई सहित पश्चिमी समुद्र तट के मुगल बंदरगाहों की घेराबंदी की तथा मक्का जाने वाले हज यात्रियों के जहाजों को बंदी बनाने का प्रयत्न किया। इस दुस्साहस से क्रुद्ध होकर औरंगजेब ने उसे भारत से निष्कासित करने का आदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप जॉन चाइल्ड को मुगल सत्ता के समक्ष झुककर क्षमा-याचना करनी पड़ी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) यह घटनाक्रम ‘चाइल्ड्स वॉर’ (1686-90 ई.) के नाम से जाना जाता है, जो अंग्रेजों और मुगल साम्राज्य के बीच पहला सशस्त्र संघर्ष था। (2) इस युद्ध में पराजय के पश्चात अंग्रेजों को एहसास हुआ कि निकट भविष्य में मुगल सत्ता को सैन्य रूप से चुनौती देना असंभव है, अतः उन्होंने व्यापार पर ही ध्यान केंद्रित करने की नीति अपनाई।
34. निम्नलिखित में से किस वर्ष प्रयागराज (उ.प्र.) के किले पर अंग्रेजों का अधिकार स्थापित हुआ?
(a) 1790 ई.
(b) 1792 ई.
(c) 1796 ई.
(d) 1797 ई.
U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2021
उत्तर-(d)
अवध के नवाब सादत अली खां द्वितीय ने 1797 ई. में प्रयागराज (इलाहाबाद) के किले को अंग्रेजों के सुपुर्द कर दिया था। यह घटना अवध पर ब्रिटिश नियंत्रण के क्रमिक विस्तार की एक महत्वपूर्ण कड़ी थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) इलाहाबाद का किला मूलतः मुगल सम्राट अकबर द्वारा 1583 ई. में गंगा-यमुना संगम के निकट निर्मित करवाया गया था। (2) सादत अली खां द्वितीय ने 1801 ई. में सहायक संधि के तहत अवध का लगभग आधा भू-भाग (रुहेलखंड व निचला दोआब सहित) अंग्रेजों को सौंप दिया था, जिससे अवध की स्वायत्तता और सीमित हो गई।
35. निम्नलिखित में से प्रथम कर्नाटक युद्ध का कौन-सा तात्कालिक कारण था ?
(a) अंग्रेज और फ्रांसीसियों के बीच प्रतिद्वंद्विता
(b) ऑस्ट्रिया की राजगद्दी की जंग
(c) कर्नाटक की राजगद्दी का मसला
(d) अंग्रेजों द्वारा फ्रांसीसी जहाजों का अधिग्रहण
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
उत्तर-(d)
प्रथम कर्नाटक युद्ध (1746-48 ई.) वस्तुतः यूरोप में 1740 ई. में आरंभ हुए ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकार युद्ध का भारतीय विस्तार था। गृह सरकारों के आदेशों की प्रतीक्षा किए बिना ही अंग्रेज और फ्रांसीसी दलों के बीच 1746 ई. में संघर्ष छिड़ गया। कैप्टन बर्नेट के नेतृत्व में अंग्रेजी सेना द्वारा कुछ फ्रांसीसी जहाजों पर अधिकार कर लेना इस युद्ध का प्रत्यक्ष तात्कालिक कारण बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) इस युद्ध में फ्रांसीसी गवर्नर जनरल डूप्ले ने मॉरीशस से नौसैनिक सहायता मंगवाकर 1746 ई. में मद्रास पर अधिकार कर लिया था। (2) युद्ध की समाप्ति 1748 ई. की एक्स-ला-शापेल की संधि से हुई, जिसके तहत मद्रास पुनः अंग्रेजों को लौटा दिया गया, बदले में फ्रांसीसियों को उत्तरी अमेरिका में लुइसबर्ग प्राप्त हुआ।
36. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी संस्थापित हुई थी-
(a) लुई चौदहवें के शासनकाल में
(b) लुई तेरहवें के शासनकाल में
(c) लुई पंद्रहवें के शासनकाल में
(d) लुई सोलहवें के शासनकाल में
U.P.P.C.S. (Mains) 2014 U.P. Lower Sub. (Pre) 2013
उत्तर-(a)
फ्रांस के शासक लुई चौदहवें के शासनकाल में उनके वित्त मंत्री ज्यां-बैप्टिस्ट कॉल्बर्ट की पहल पर 1664 ई. में फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी (कंपनी देस इंदेस ओरियंटलेस) की स्थापना हुई। यह कंपनी डच और अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनियों से लगभग साठ वर्ष बाद बनी थी और इसका अधिकांश व्यय राजकोष से वहन किया जाता था, जिससे यह निजी व्यापारिक उद्यम के बजाय राज्य-नियंत्रित संस्था अधिक थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लुई चौदहवें को “सूर्य राजा” (Sun King) कहा जाता था और उसका शासनकाल यूरोप में सबसे लंबे राजतंत्रीय शासनकालों में गिना जाता है। दूसरा महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि फ्रांसीसी कंपनी का भारत में स्थायी आधार 1668 ई. में सूरत में कारखाना स्थापित होने के बाद ही बन सका।
37. निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है?
(a) कर्नाटक का प्रथम युद्ध- 1746-48
(b) कर्नाटक का द्वितीय युद्ध- 1750-52
(c) कर्नाटक का तृतीय युद्ध- 1758-63
(d) पानीपत का तृतीय युद्ध- 1761
U.P.G.I.C. 2017
उत्तर-(b)
तीनों कर्नाटक युद्धों के सही समयकाल इस प्रकार हैं — प्रथम कर्नाटक युद्ध 1746-48, द्वितीय कर्नाटक युद्ध 1749-54 तथा तृतीय कर्नाटक युद्ध 1758-63 ई. में लड़ा गया, जबकि विकल्प (b) में दिया गया वर्ष गलत है। पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 ई. में अहमदशाह अब्दाली और मराठों के बीच लड़ा गया था, जिसका कर्नाटक युद्धों से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। ध्यान देने योग्य
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत में अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के मध्य लड़े गए ये संघर्ष यूरोप में चल रहे ऑस्ट्रियाई उत्तराधिकार युद्ध तथा सप्तवर्षीय युद्ध की प्रतिच्छाया थे। दूसरा तथ्य यह है कि तृतीय कर्नाटक युद्ध का अंत 1763 ई. की पेरिस संधि से हुआ, जिसके बाद फ्रांसीसी भारत में केवल व्यापारिक केंद्रों तक सीमित रह गए और राजनीतिक शक्ति के रूप में समाप्त हो गए।
38. डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने किस वर्ष अपनी फैक्टरी पटना में स्थापित की ?
(a) 1601
(b) 1632
(c) 1774
(d) 1651
(e)उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
65th B.P.S.C. (Pre) 2019
उत्तर-(b)
डच लोग बंगाल के समृद्ध व्यापार से आकर्षित होकर 1615 और 1629 ई. में प्रवेश के प्रयास कर चुके थे, परंतु इनमें सफलता नहीं मिली। वर्ष 1632 ई. में डच ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रवेश पहली बार पटना में हुआ, हालांकि इस तिथि से जुड़े स्रोत पूर्णतः प्रामाणिक नहीं माने जाते। इतिहासकार ओम प्रकाश के अनुसार पटना में वास्तविक फैक्ट्री 1638 ई. में स्थापित हुई, जो आर्थिक कठिनाइयों के चलते उसी वर्ष बंद भी हो गई। आज पटना में जिस स्थान पर यह फैक्ट्री थी, वहां पटना कॉलेज स्थित है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कि डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) की स्थापना 1602 ई. में हुई थी और यह विश्व की पहली बहुराष्ट्रीय संयुक्त-पूंजी कंपनियों में गिनी जाती है। दूसरा तथ्य यह है कि बंगाल में डचों का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र चिनसुरा था, जहां से वे रेशम और शोरे का व्यापार करते थे।
39. कर्नाटक युद्ध किन-किन के मध्य लड़ा गया?
(a) अंग्रेज व फ्रांसीसी
(b) अंग्रेज व डच
(c) अंग्रेज व मराठे
(d) हैदर अली व मराठे
U.P.P.C.S. (Pre) 1995
उत्तर-(a)
कर्नाटक युद्ध दक्षिण भारत में आधिपत्य स्थापित करने के लिए अंग्रेज और फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनियों के बीच लड़े गए तीन युद्धों की श्रृंखला थी, जो 1746 से 1763 ई. के मध्य हुई। इन युद्धों में दोनों यूरोपीय शक्तियों ने स्थानीय भारतीय शासकों के आंतरिक विवादों का लाभ उठाते हुए अपने-अपने समर्थित दावेदारों को सत्ता दिलाने का प्रयास किया, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से क्षेत्रीय राजनीति में हस्तक्षेप बढ़ा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इन युद्धों की शुरुआत मुख्यतः यूरोप में चल रहे ऑस्ट्रियाई उत्तराधिकार युद्ध के विस्तार के रूप में हुई थी, क्योंकि उस समय इंग्लैंड और फ्रांस आपस में युद्धरत थे। दूसरा तथ्य यह है कि तृतीय कर्नाटक युद्ध में अंग्रेजों की निर्णायक विजय ने भारत में फ्रांसीसी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को सदा के लिए समाप्त कर दिया और अंग्रेजों के वर्चस्व का मार्ग प्रशस्त किया।
40. निम्नलिखित में से किसे भारत में फ्रांसीसी कंपनी का संस्थापक माना जाता है ?
(a) रिशलू
(b) मजारे
(c) कॉल्बर्ट
(d) फ्रैंको मार्टिन
U.P. P.C.S. (Mains) 2003
उत्तर-(c)
फ्रांस के वित्त मंत्री ज्यां-बैप्टिस्ट कॉल्बर्ट की प्रेरणा और प्रयासों से 1664 ई. में फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई, इसलिए उन्हें भारत में फ्रांसीसी व्यापारिक उपस्थिति का संस्थापक माना जाता है। कॉल्बर्ट ने फ्रांस की आर्थिक नीति में व्यापारवाद (मर्केंटिलिज्म) को बढ़ावा दिया और इसी सोच के तहत पूर्वी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने हेतु यह कंपनी गठित की गई। अतिरिक्त तथ्य के रूप में, फ्रांसिस कैरो के नेतृत्व में 1667 ई. में भेजे गए अभियान दल ने 1668 ई. में सूरत में फ्रांसीसियों का पहला व्यापारिक कारखाना स्थापित किया। दूसरा महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भारत में फ्रांसीसी शक्ति का वास्तविक विस्तार बाद में जोसेफ फ्रांस्वा डूप्ले के नेतृत्व में हुआ, जिसने पांडिचेरी को फ्रांसीसी सत्ता का केंद्र बनाया।
41. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट के उपयोग से सही
U.P.P.C.S (Pre) 2016
उत्तर-चुनिए। सूची-II सूची-I A. प्रथम कर्नाटक युद्ध 1. पेरिस की संधि से अंत B. तृतीय कर्नाटक युद्ध 2. ब्रिटिश की हार C. द्वितीय कर्नाटक युद्ध 3. अनिर्णायक युद्ध D. प्रथम मैसूर युद्ध4. एक्स ला चैपल की संधि से अंत कूट : ABCD (a) 1 3 4 2 (b) 2 4 1 3 (c) 4 1 3 2 (d) 3 1 4 2
तीनों कर्नाटक युद्धों और प्रथम मैसूर युद्ध के परिणामों का सही मिलान इस प्रकार बनता है — प्रथम कर्नाटक युद्ध का समापन 1748 ई. की एक्स ला शापेल संधि से हुआ, तृतीय कर्नाटक युद्ध 1763 ई. की पेरिस संधि से समाप्त हुआ, द्वितीय कर्नाटक युद्ध बिना किसी निर्णायक परिणाम के समाप्त हुआ, जबकि प्रथम मैसूर युद्ध (1767-69) में अंग्रेजों को हैदर अली के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा और मद्रास की संधि करनी पड़ी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एक्स ला शापेल संधि वास्तव में यूरोप में चल रहे ऑस्ट्रियाई उत्तराधिकार युद्ध को समाप्त करने के लिए हुई थी, जिसके प्रावधान भारत में भी लागू हुए और इसके तहत मद्रास पुनः अंग्रेजों को लौटाया गया। दूसरा तथ्य यह है कि प्रथम मैसूर युद्ध में हैदर अली की सैन्य रणनीति और तीव्र घुड़सवार सेना ने अंग्रेजों को चेन्नई के निकट तक पीछे धकेल दिया था, जिससे अंग्रेजों को संधि के लिए विवश होना पड़ा।
42. बंगाल में निम्न में से कौन-सा कारखाना डचों ने स्थापित किया था?
(a) बंदेल
(b) चिनसुरा
(c) हुगली
(d) श्रीरामपुर
U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2010
उत्तर-(b&c)
बंगाल में डचों की पहली कंपनी 1627 ई. में पीपली में स्थापित हुई थी, जिसके कुछ समय बाद वे पीपली से बालासोर स्थानांतरित हो गए। इसके पश्चात डचों ने 1635 ई. से 1656 ई. के बीच हुगली में अपनी फैक्ट्री संचालित की, और 1653 ई. में हुगली के निकट चिनसुरा गांव में स्थापित फैक्ट्री बाद में उनके व्यापार का प्रमुख केंद्र बन गई। अतः दिए गए विकल्पों में हुगली व चिनसुरा दोनों ही डचों से संबंधित स्थान हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 17वीं शताब्दी के अंत तक डच कंपनियां कासिम बाजार, पटना, ढाका, मालदा, बालासोर तथा फतवा जैसे अनेक स्थानों पर भी स्थापित हो चुकी थीं। दूसरा उल्लेखनीय तथ्य यह है कि बंदेल और श्रीरामपुर क्रमशः पुर्तगालियों और डेन (डेनिश) लोगों से संबंधित बस्तियां थीं, न कि डचों से।
43. भारत में फ्रांसीसियों ने अपना सबसे पहला कारखाना निम्न स्थानों में से कहां लगाया?
(a) सूरत
(b) पुलिकट
(c) कोचीन
(d) कासिम बाजार
I.A.S. (Pre) 2003
उत्तर-(a)
फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1664 ई. में कॉल्बर्ट की पहल पर हुई थी, जिसे ‘कंपनी देस इंदेस ओरियंटलेस’ के नाम से जाना जाता था और जिसका संचालन फ्रांसीसी राजकोष की सहायता से होता था। फ्रांसिस कैरो के नेतृत्व में 1667 ई. में रवाना हुए एक अभियान दल ने 1668 ई. में सूरत में फ्रांसीसियों का पहला व्यापारिक कारखाना स्थापित किया, जो भारत में फ्रांसीसी व्यापारिक उपस्थिति की शुरुआत थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसके कुछ ही वर्षों बाद, 1669 ई. में फ्रांसीसियों ने मसूलीपट्टनम में भी अपना कारखाना स्थापित किया। दूसरा महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि फ्रांसीसियों की वास्तविक राजनीतिक और सामरिक राजधानी बाद में पांडिचेरी बनी, जिसे 1674 ई. में फ्रांसीसी अधिकारी फ्रैंको मार्टिन ने स्थापित किया था।
44. फ्रांसीसी दक्कन में शक्ति आंदोलन स्थापित करने में असफल रहे क्योंकि-
(a) डूप्ले सक्षम सेनापति नहीं था।
(b) अंग्रेजों की फौज शक्तिशाली थी।
(c) भारतीय लोग फ्रांसीसियों को पसंद नहीं करते थे।
(d) पांडिचेरी सामरिक केंद्र था।
U.P.P.C.S. (Pre) 1998
उत्तर-(b)
फ्रांसीसियों की दक्कन में पराजय का सबसे बड़ा कारण उनकी तुलनात्मक रूप से कमजोर नौसैनिक शक्ति थी, जबकि अंग्रेजों के पास एक सुगठित और शक्तिशाली नौसेना उपलब्ध थी। दार्शनिक वॉल्टेयर के अनुसार, ऑस्ट्रियाई उत्तराधिकार युद्ध के समय तक फ्रांस की समुद्री शक्ति इतनी क्षीण हो चुकी थी कि सप्तवर्षीय युद्ध के दौरान उनके पास भारतीय जलक्षेत्र में एक भी युद्धपोत शेष नहीं था, जिसके कारण उन्हें समुद्री मार्ग से सैन्य सहायता व रसद मिलना लगभग असंभव हो गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अंग्रेजों की नौसैनिक श्रेष्ठता का एक प्रमुख कारण ब्रिटेन की औद्योगिक व नौवहन प्रौद्योगिकी में बढ़त थी। दूसरा तथ्य यह है कि फ्रांसीसी सरकार ने अपने उपनिवेशों के बजाय यूरोपीय युद्धों को प्राथमिकता दी, जिससे भारत में सैन्य संसाधनों की निरंतर कमी बनी रही और डूप्ले जैसे योग्य प्रशासक के प्रयास भी असफल हो गए।
45. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रथम यूरोपियन व्यक्ति था, जिसने भू-क्षेत्र अर्जित करने के उद्देश्य से भारतीय राजाओं के झगड़ों में भाग लेने की नीति आरंभ की?
(a) क्लाइव
(b) डूप्ले
(c) अल्बुकर्क
(d) वॉरेन हेस्टिंग्स
I.A.S. (Pre) 1996
उत्तर-(b)
फ्रांसीसी गवर्नर जोसेफ फ्रांस्वा डूप्ले ने सबसे पहले वह राजनीतिक रणनीति अपनाई जो बाद में भारत में यूरोपीय औपनिवेशिक विस्तार का आधार बनी। उसने भारतीय रजवाड़ों के आंतरिक उत्तराधिकार विवादों का लाभ उठाकर अपनी पसंद के दावेदारों का समर्थन करना शुरू किया, बदले में उनसे भू-क्षेत्र और प्रभाव प्राप्त करने का प्रयास किया, तथा यूरोपीय सैनिकों को भारतीय राजदरबारों में भारतीय कोष के व्यय पर तैनात करवाया। इतिहासकार जी.बी. मालेसन ने लिखा कि डूप्ले की योजनाओं का प्रभाव उसके प्रस्थान के बाद भी बना रहा और उसके प्रतिद्वंद्वियों ने उसकी रणनीतियों से भारी लाभ उठाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: डूप्ले ने ही 1746 ई. में मद्रास पर अधिकार कर प्रथम कर्नाटक युद्ध में फ्रांसीसियों को प्रारंभिक सफलता दिलाई थी। दूसरा तथ्य यह है कि डूप्ले की इसी नीति से प्रेरित होकर बाद में रॉबर्ट क्लाइव ने अंग्रेजों के लिए भारतीय राजनीति में हस्तक्षेप कर बंगाल में सत्ता स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
46. किसने ईस्ट इंडिया कंपनी के बारे में यह टिप्पणी की कि “कंपनी एक असंगति है, परंतु यह उस व्यवस्था का भाग है जहां सब कुछ ही असंगत है।”?
(a) वॉरेन हेस्टिंग्स
(b) टी.बी. मैकाले
(c) लॉर्ड क्लाइव
(d) हेनरी डुंडास
U.P.P.C.S. (Pre) 2017
उत्तर-(b)
यह कथन टी.बी. मैकाले का है। मैकाले 1834-38 ई. के बीच भारत की सुप्रीम काउंसिल में लॉ मेंबर तथा लॉ कमीशन के अध्यक्ष रहे। उन्होंने व्यापारिक उद्देश्य से स्थापित कंपनी द्वारा एक विशाल साम्राज्य के संचालन को विरोधाभासी पाया, इसी संदर्भ में यह टिप्पणी की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मैकाले का प्रसिद्ध “मिनट ऑन एजुकेशन” 1835 ई. में आया, जिसमें अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाने की वकालत की गई। उन्होंने ही भारतीय दंड संहिता (IPC) का प्रारूप तैयार किया, जो उनकी मृत्यु के बाद 1860 ई. में लागू हुई।
47. उस क्षेत्र की पहचान करें जहां से यूरोपवासियों को सर्वोत्तम शोरा और अफीम प्राप्त होता था-
(a) बिहार
(b) गुजरात
(c) बंगाल
(d) मद्रास
40th B.P.S.C. (Pre) 1995
उत्तर-(a)
बिहार क्षेत्र, विशेषकर पटना के आसपास का इलाका, सर्वोत्तम गुणवत्ता के शोरे (साल्टपीटर) और अफीम के लिए प्रसिद्ध था, जिसकी यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों में भारी मांग थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: शोरा बारूद बनाने का प्रमुख कच्चा माल था, इसलिए यूरोपीय युद्धों के दौर में इसकी यूरोप में भारी मांग रहती थी और पटना इसका प्रमुख निर्यात केंद्र बना। डचों ने भी पटना में अपनी फैक्ट्री इसी व्यापार के लिए स्थापित की थी।
48. निम्नलिखित में से किन स्थानों पर डचों ने अपने व्यापारिक अड्डे स्थापित किए?
(a) नागपट्टनम, चिनसुरा, मछलीपट्टनम
(b) सूरत, भरूच, आगरा
(c) कोचीन, अहमदाबाद, पटना
(d) उपुर्यक्त सभी
U.P.P.C.S. (Pre.) 2017
उत्तर-(d)
डच व्यापारियों ने भारत में व्यापक नेटवर्क बनाया था और नागपट्टनम, चिनसुरा, मछलीपट्टनम, सूरत, भरूच, आगरा, कोचीन, अहमदाबाद तथा पटना सहित कई स्थानों पर अपनी फैक्ट्रियां स्थापित कीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) की स्थापना 1602 ई. में हुई थी और शुरुआत में उनका मुख्यालय पुलिकट में था, बाद में इसे नागपट्टनम स्थानांतरित किया गया। डचों की रुचि मुख्यतः मसाला व्यापार में अधिक थी, जिस कारण उन्होंने भारत की तुलना में इंडोनेशिया पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
49. निम्न यूरोपीय शक्तियों ने भारतीय व्यापार में समय-समय पर प्रवेश किया-
1. अंग्रेज 2. डच
3. फ्रांसीसी 4. पुर्तगाली
निम्न कूट से उनके प्रवेश का सही तिथिक्रम निर्धारित कीजिए-
कूट :
(a) 1, 2, 3, 4
(b) 4, 2, 1, 3
(c) 3, 4, 2, 1
(d) 2, 3, 4, 1
U.P.P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(b)
भारत में यूरोपीय व्यापारिक शक्तियों के आगमन का सही क्रम पुर्तगीज, डच, अंग्रेज, फिर फ्रांसीसी रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा 1498 ई. में कालीकट के तट पर पहुंचा था, जिसने भारत के साथ यूरोप के समुद्री व्यापार मार्ग की शुरुआत की। अंग्रेजों को 1600 ई. में महारानी एलिजाबेथ प्रथम से व्यापार का चार्टर मिला था, जबकि वास्तविक व्यापारिक उपस्थिति सूरत में 1608 ई. में स्थापित हुई।
50. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के अंत से में दिए कूट से सही चुनिए –
सूची-I सूची-II
A. पांडिचेरी 1. डच
B. गोवा 2. फ्रेंच
C. ट्रानबार 3. पुर्तगीज
D. सद्रास 4. डेनिस (डेन)
कूट :
A B C D
(a) 2 3 4 1
(b) 1 2 3 4
(c) 3 4 1 2
(d) 4 1 2 3
U.P.R.O/A.R.O. (Pre) 2016
उत्तर--(a)
पांडिचेरी पर फ्रांसीसियों, गोवा पर पुर्तगालियों, ट्रानबार (त्रांकेबार) पर डेनिस तथा सद्रास पर डचों का अधिकार था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: डेनिस ने त्रांकेबार (वर्तमान तमिलनाडु) में 1620 ई. में अपनी बस्ती स्थापित की थी, जो भारत में डेनिश व्यापार का प्रमुख केंद्र बना। गोवा पर पुर्तगालियों ने 1510 ई. में अल्फांसो डी अल्बुकर्क के नेतृत्व में अधिकार किया था, जो भारत में पुर्तगाली शक्ति का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र रहा।
51. “एक्स-ला-शापेल – 1748” की संधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?.
1. प्रथम कर्नाटक युद्ध की समाप्ति।.
2. अंग्रेजों को मद्रास पुनः प्राप्त हुआ।
नीचे दिए गए कूट से सही चुनिए ।
कूट :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 न ही 2
U.P. P.C.S. (Pre) 2020
उत्तर--(c)
यूरोप में ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकार के युद्ध की समाप्ति एक्स-ला-शापेल की संधि (1748 ई.) से हुई। चूंकि भारत में प्रथम कर्नाटक युद्ध इसी यूरोपीय संघर्ष की शाखा थी, यूरोप में युद्ध समाप्त होते ही भारत में भी युद्धविराम हो गया और मद्रास अंग्रेजों को वापस मिल गया। अतः दोनों कथन सही हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: प्रथम कर्नाटक युद्ध (1746-1748 ई.) में फ्रांसीसी गवर्नर डूप्ले ने मद्रास पर अधिकार कर लिया था, परंतु संधि के तहत इसे अंग्रेजों को लौटाना पड़ा। बदले में फ्रांस को उत्तरी अमेरिका में स्थित लुइसबर्ग का किला वापस मिला।
52. अंग्रेजी शासनकाल में भारत का कौन-सा क्षेत्र अफीम उत्पादन हेतु प्रसिद्ध था?
(a) बिहार
(b) दक्षिणी भारत
(c) गुजरात
(d) असम
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
उत्तर-(c)
अंग्रेजी शासनकाल के दौरान बिहार क्षेत्र अफीम उत्पादन के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध था और यहां से बड़ी मात्रा में अफीम का उत्पादन कर इसे चीन को निर्यात किया जाता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अफीम के व्यापार ने ही 19वीं सदी में चीन के साथ अफीम युद्ध (1839-42 ई.) को जन्म दिया, जिसके बाद चीन को हांगकांग अंग्रेजों को सौंपना पड़ा। पटना स्थित अफीम गोदाम (ओपियम गोडाउन) इस व्यापार का प्रमुख केंद्र था।
53. निम्नलिखित यूरोपियों में से कौन-सा एक, स्वतंत्रता- पूर्व भारत में व्यापारी के रूप में सबसे अंत में आए?
(a) डच
(b) इंग्लिश
(c) फ्रांसीसी
(d) पुर्तगाली
I.A.S. (Pre) 2007
उत्तर-(a)
सोलहवीं-सत्रहवीं शताब्दी में अनेक यूरोपीय व्यापारिक राष्ट्र क्रमिक रूप से भारत आए। सबसे पहले 1498 ई. में पुर्तगाली, फिर 1605 ई. में डच, 1608 ई. में अंग्रेज तथा सबसे अंत में 1664 ई. में फ्रांसीसी भारत पहुंचे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1664 ई. में फ्रांसीसी मंत्री कोलबर्ट की पहल पर हुई थी। फ्रांस्वा मार्टिन ने 1673 ई. में पांडिचेरी में फ्रांसीसी बस्ती की स्थापना की, जो आगे चलकर भारत में फ्रांसीसी शक्ति का प्रमुख केंद्र बना।
54. “भारत में अंग्रेजों की सफलता तथा फ्रांसीसियों की असफलता के कारण” के संदर्भ में निम्न कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. अंग्रेजों को बंगाल विजय से अपार धन एवं जनशक्ति का मिलना।
2. अंग्रेजों की बेहतर नौसैनिक ताकत।
नीचे दिए गए कूट में से सही का चयन कीजिए।
कूट :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) दोनों 1 तथा 2
(d) न तो 1 और न ही 2
U.P.R.O./ A.R.O. (Re-Exam) (Pre) 2016
उत्तर--(c)
अंग्रेजों की सफलता और फ्रांसीसियों की असफलता के पीछे कई कारण थे। बंगाल पर नियंत्रण से अंग्रेजों को अपार धन व जनशक्ति प्राप्त हुई, साथ ही उनकी नौसेना भी फ्रांसीसियों से कहीं अधिक सशक्त थी, जिससे वे समुद्री मार्गों पर अपना दबदबा बनाए रख सके। अतः दोनों कथन सही हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: फ्रांसीसी कंपनी एक सरकारी (राजकीय) उपक्रम थी जो फ्रांसीसी राजकोष पर निर्भर रहती थी, जबकि अंग्रेजी कंपनी एक स्वतंत्र व्यापारिक निगम थी जिसे लंदन के व्यापारियों का सशक्त वित्तीय समर्थन प्राप्त था। प्लासी युद्ध (1757 ई.) में रॉबर्ट क्लाइव की विजय ने बंगाल पर अंग्रेजी नियंत्रण की नींव रखी।
55. निम्नलिखित पर विचार कीजिए-
1. मृदा के स्वरूप तथा उपज के गुणों के आधार पर भूमि का मूल्यांकन राजस्व
2. युद्ध में चलती-फिरती तोपों का उपयोग
3. तंबाकू और लाल मिर्च की खेती
उपर्युक्त में से कौन-सा/से अंग्रेजों की भारत को देन थी/थीं?
(a) केवल 1
(b) 1 और 2
(c) 2 और 3
(d) कोई भी नहीं
I.A.S (Pre) 2012
उत्तर-(d)
इनमें से कोई भी अंग्रेजों की देन नहीं थी। भूमि-मूल्यांकन की प्रणाली अंग्रेजों से पहले ही शेरशाह सूरी और अकबर द्वारा विकसित की जा चुकी थी, तंबाकू व लाल मिर्च की खेती पुर्तगालियों द्वारा भारत लाई गई थी, और चलती-फिरती तोपों का उपयोग मुगल काल में पहले से प्रचलित था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अकबर के शासनकाल में राजा टोडरमल द्वारा भूमि राजस्व की प्रसिद्ध “दहसाला प्रणाली” लागू की गई थी, जो मृदा की उर्वरता और औसत उपज पर आधारित थी। पुर्तगाली नई फसलें जैसे तंबाकू, मिर्च, आलू और अनानास “कोलंबियाई आदान-प्रदान” (Columbian Exchange) के माध्यम से अमेरिका से भारत लाए थे।

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