स्वराज पार्टी (1923) एवं पूर्ण स्वराज | QA Practice

भारतीय इतिहास आधुनिक भारत स्वराज पार्टी (1923) एवं पूर्ण स्वराज
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स्वराज पार्टी (1923)

➣ स्वराज पार्टी का गठन किस आंदोलन की असफलता के बाद हुआ था?
उत्तर : असहयोग आंदोलन के

➣ स्वराज पार्टी की स्थापना की सटीक तारीख क्या थी?
उत्तर : 1 जनवरी, 1923

➣ स्वराज पार्टी का प्रारंभिक/मूल नाम क्या था?
उत्तर : कांग्रेस खिलाफत स्वराज पार्टी

➣ भारत में स्वराज पार्टी की स्थापना का मुख्य मकसद क्या था?
उत्तर : विधान परिषदों में प्रवेश कर उन्हें ठप करना और 1919 के भारत शासन अधिनियम को निष्प्रभावी बनाना। इसका गठन गाँधीजी द्वारा असहयोग आंदोलन वापस लिए जाने के बाद हुआ

➣ स्वराज पार्टी बनाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष पद से किसने त्यागपत्र दिया था?
उत्तर : सी.आर. दास (गया अधिवेशन, 1922 ई.)

➣ स्वराज पार्टी बनाने के लिए कांग्रेस के महामंत्री पद से किसने त्यागपत्र दिया था?
उत्तर : मोतीलाल नेहरू ने

➣ गया अधिवेशन (1922) में परिषद-प्रवेश प्रस्ताव के पक्ष व विपक्ष में कितने मत पड़े थे?
उत्तर : पक्ष में 890 और विपक्ष में 1740 मत, जिससे प्रस्ताव पारित नहीं हो सका

➣ विधान परिषदों में प्रवेश के समर्थक कांग्रेसी नेताओं को क्या कहा गया?
उत्तर : परिवर्तनवादी (जैसे चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरू)

➣ विधान परिषदों के बहिष्कार पर अड़े रहने वाले कट्टर गाँधीवादियों को क्या कहा गया?
उत्तर : अपरिवर्तनवादी

➣ अपरिवर्तनवादी गुट का नेतृत्व किसने किया था?
उत्तर : सी. राजगोपालाचारी ने

➣ अपरिवर्तनवादी गुट में सी. राजगोपालाचारी के अलावा और कौन-कौन शामिल थे?
उत्तर : राजेंद्र प्रसाद, डॉ. अंसारी और सरदार वल्लभभाई पटेल

➣ असहयोग आंदोलन की नाकामी के बाद किसके नेतृत्व में कांग्रेसियों ने स्वराज दल नामक नई पार्टी बनाई थी?
उत्तर : चितरंजन दास

➣ 16 दिसंबर, 1922 को इंडिपेंडेंट पार्टी बनाने का फैसला किन नेताओं ने लिया था?
उत्तर : मदनमोहन मालवीय, मोतीलाल नेहरू

➣ 1923 में स्वराज पार्टी की स्थापना किन लोगों ने की थी?
उत्तर : सी. आर. दास और मोतीलाल नेहरू

➣ स्वराज पार्टी कब बनी थी?
उत्तर : 1923 ई. में

➣ स्वराज पार्टी के प्रथम अध्यक्ष और महामंत्री कौन बने थे?
उत्तर : चितरंजन दास अध्यक्ष तथा मोतीलाल नेहरू महामंत्री बने

➣ स्वराजवादियों का पहला सम्मेलन कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर : मार्च, 1923 में इलाहाबाद में, पंडित मोतीलाल नेहरू के निवास स्थान पर

➣ स्वराज सिर्फ चुनिंदा वर्गों के लिए नहीं बल्कि आम जनता के लिए होना चाहिए — यह प्रसिद्ध सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया था?
उत्तर : सी. आर. दास ने

➣ देशबंधु के नाम से कौन मशहूर थे?
उत्तर : चितरंजन दास

➣ सुभाष चंद्र बोस के राजनीतिक गुरु कौन थे?
उत्तर : सी. आर. दास

➣ 1922-23 में कांग्रेस के स्वराज ग्रुप में कौन-कौन शामिल थे?
उत्तर : सी. आर. दास, मोतीलाल नेहरू, हकीम अजमल खान

➣ गया अधिवेशन में परिषद-प्रवेश प्रस्ताव का विरोध किसने किया था?
उत्तर : सी. राजगोपालाचारी ने

➣ स्वतंत्रता से पहले केंद्रीय विधानसभा में स्वराज दल का समर्थन किसने किया था?
उत्तर : एम. ए. जिन्ना

➣ बिहार में स्वराज दल की स्थापना किसने की थी?
उत्तर : श्री कृष्ण सिंह ने

➣ 1923 के विधान परिषद चुनावों में स्वराज पार्टी को कहाँ बहुमत मिला था?
उत्तर : मध्य प्रांत (सेंट्रल प्रोविंसेस)

➣ सेंट्रल लेजिसलेटिव असेंबली के पहले भारतीय अध्यक्ष (स्पीकर) कौन थे?
उत्तर : विट्ठलभाई पटेल (1925 ई.)

➣ स्वराज पार्टी ने स्थानीय निकाय (नगरपालिका) चुनावों में भाग लेकर कहाँ सफलता पाई थी?
उत्तर : सी. आर. दास कलकत्ता के मेयर चुने गए

➣ द्वैध शासन (डायआर्की) संबंधी सुधारों की जाँच हेतु कौन-सी समिति बनाई गई थी?
उत्तर : मुडिमैन समिति

➣ ली कमीशन ने क्या सिफारिश की थी?
उत्तर : उच्च प्रशासनिक पदों पर भारतीयों की भर्ती बढ़ाने की सिफारिश की, जिसमें अपेक्षाकृत उच्च वर्ग-वर्ण के लोगों को प्राथमिकता दी गई

➣ स्वराज पार्टी के पतन का एक बड़ा कारण क्या रहा?
उत्तर : 1925 में सी. आर. दास का निधन, जिसके बाद पार्टी नेतृत्वविहीन हो गई

➣ स्वराज पार्टी के पतन का दूसरा प्रमुख कारण क्या था?
उत्तर : मुख्यधारा कांग्रेस ने स्वराज पार्टी को खुला समर्थन नहीं दिया

➣ स्वराज पार्टी ने कांग्रेस से अपना संबंध कैसे रखा था?
उत्तर : स्वराज पार्टी ने कभी कांग्रेस को नहीं छोड़ा, यह कांग्रेस के भीतर ही एक समूह के रूप में कार्य करती रही

➣ सी.आर. दास के निधन के बाद स्वराज पार्टी कई गुटों में बँट गई थी; इनमें से प्रतिक्रियावादी गुट किसके लिए काम करने लगा था?
उत्तर : ब्रिटिश सरकार के साथ सहयोग करके हिंदू हितों की रक्षा हेतु

लाहौर अधिवेशन (1929) एवं पूर्ण स्वराज

➣ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान किसने यह सुझाव दिया कि स्वराज्य को हर तरह के विदेशी नियंत्रण से पूरी तरह मुक्त स्वतंत्रता के रूप में परिभाषित किया जाए?
उत्तर : मौलाना हसरत मोहानी (वर्ष 1921)

➣ 1921 के अहमदाबाद अधिवेशन में संपूर्ण स्वराज को कांग्रेस का लक्ष्य बनाने का प्रस्ताव किसने रखा था?
उत्तर : हसरत मोहानी

➣ 31 अक्टूबर, 1929 की चर्चित इर्विन घोषणा में क्या प्रावधान था?
उत्तर : भारत को अधिराज्य (Dominion) का दर्जा देने का

➣ लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव किसने पेश किया था?
उत्तर : जे. एल. नेहरू ने

➣ जिस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पास हुआ था, उसकी अध्यक्षता किसने की थी?
उत्तर : जवाहरलाल नेहरू

➣ 1929 के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज को कांग्रेस का लक्ष्य किसने घोषित किया था?
उत्तर : जवाहरलाल नेहरू

➣ कांग्रेस ने पहली बार भारत की पूर्ण स्वतंत्रता का प्रस्ताव कब पारित किया था?
उत्तर : 1929 ई. में

➣ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन किस वर्ष हुआ था?
उत्तर : सन् 1929 में

➣ पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित होते समय कांग्रेस अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर : जवाहरलाल नेहरू

➣ किस अधिवेशन में संपूर्ण स्वाधीनता की शपथ ली गई थी?
उत्तर : लाहौर अधिवेशन, 1929 ई. में

➣ कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता को अपना लक्ष्य किस वर्ष घोषित किया था?
उत्तर : वर्ष 1929 में

➣ किस अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अध्यक्षता की थी?
उत्तर : लाहौर अधिवेशन, 1929 ई.

➣ स्वतंत्रता का नवीन तिरंगा पहली बार कब फहराया गया था?
उत्तर : 31 दिसंबर, 1929 ई. को

➣ 31 दिसंबर, 1929 की मध्यरात्रि में भारतीय राष्ट्रध्वज किसने फहराया था?
उत्तर : जवाहरलाल नेहरू ने

➣ लाहौर अधिवेशन (1929) के अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर : जवाहरलाल नेहरू

➣ कांग्रेस कोई मजदूर संगठन नहीं बल्कि हर तरह के लोगों का व्यापक समूह है — यह किस राष्ट्रीय नेता ने 1929 में कहा था?
उत्तर : जवाहरलाल नेहरू ने

➣ कांग्रेस ने किस दिन को पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में घोषित किया था?
उत्तर : 26 जनवरी, 1930 ई. को

➣ पूर्ण स्वराज के उपलक्ष्य में भारत में पहला स्वतंत्रता दिवस कब मनाया गया था?
उत्तर : 26 जनवरी, 1930 ई. को

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