पंजाब और मैसूर MCQ प्रश्न | UPSC History

भारतीय इतिहास आधुनिक भारत पंजाब और मैसूर MCQ प्रश्न
1.रणजीत सिंह ने सुप्रसिद्ध कोहिनूर हीरा प्राप्त किया था-
(a) शाहशुजा से
(b) जमानशाह से
(c) दोस्त मोहम्मद से
(d) शेरअली से
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(a)
अहमदशाह अब्दाली की 1773 ई. में मृत्यु के बाद अफगान साम्राज्य में आंतरिक कलह छिड़ गई। उसका पौत्र शाहशुजा 1800 ई. में काबुल की गद्दी पर बैठा, लेकिन शाह महमूद और बरकजई सरदारों फतह खां व दोस्त मुहम्मद ने 1809 ई. में उसे पदच्युत कर दिया। सत्ता पुनः प्राप्त करने के उद्देश्य से शाहशुजा ने पंजाब के शक्तिशाली शासक महाराजा रणजीत सिंह से सहायता मांगी और इसी क्रम में उसे कोहिनूर हीरा भेंट किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कोहिनूर हीरा बाद में 1849 ई. में पंजाब के अंग्रेजी राज्य में विलय के बाद महारानी विक्टोरिया को सौंप दिया गया और वर्तमान में यह ब्रिटिश राजमुकुट का हिस्सा है। साथ ही, यह हीरा मूल रूप से गोलकुंडा (आंध्र प्रदेश) की खदानों से प्राप्त हुआ माना जाता है।
2. महाराजा रणजीत सिंह के राज्य की राजधानी थी-
(a) अमृतसर
(b) पटियाला
(c) लाहौर
(d) कपूरथला
U.P.P.C.S. (Pre) 1995 Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2006
उत्तर-(c)
1798 ई. में अफगान शासक जमान शाह ने पंजाब पर चढ़ाई की और लौटते समय उसकी कुछ तोपें चिनाब नदी में जा गिरीं। रणजीत सिंह ने उन तोपों को निकालकर लौटाने की सेवा की, जिसके बदले जमान शाह ने उन्हें लाहौर पर अधिकार करने की छूट दे दी। फलस्वरूप रणजीत सिंह ने 1799 ई. में लाहौर पर कब्जा कर उसे अपनी राजधानी घोषित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लाहौर पर अधिकार के समय रणजीत सिंह की आयु मात्र 19 वर्ष थी, और इस विजय को सिख इतिहास में उनके राजनीतिक उदय का प्रारंभिक बिंदु माना जाता है।
3.सिख राज्य का अंतिम राजा कौन था?
(a) खड़क सिंह
(b) शेर सिंह
(c) नव निहाल सिंह
(d) दलीप सिंह
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2013
उत्तर-(d)
महाराजा दलीप सिंह सिख साम्राज्य के सबसे अंतिम शासक थे, जिन्होंने 1843 से 1849 ई. तक राजगद्दी संभाली। उनके शासनकाल में ही द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध (1848-49) हुआ, जिसके बाद अंग्रेजों ने पंजाब को अपने अधीन कर लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दलीप सिंह उस समय मात्र 5 वर्ष के थे जब वे गद्दी पर बैठे थे, और बाद में उन्हें ब्रिटेन भेज दिया गया जहां उन्होंने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था।
4. रणजीत सिंह के राज्य में सम्मिलित था?
(a) दिल्ली
(b) काबुल
(c) मकराना
(d) श्रीनगर
U.P. P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर-(d)
25 अप्रैल, 1809 को अंग्रेजों के साथ हुई अमृतसर की संधि ने रणजीत सिंह की सतलज पार विस्तार की महत्वाकांक्षा पर रोक लगा दी, परंतु इसके बदले उन्हें पश्चिम की ओर विस्तार करने की पूरी स्वतंत्रता मिल गई। इसी नीति के तहत उन्होंने 1818 ई. में मुल्तान, 1819 ई. में कश्मीर (जिसमें श्रीनगर शामिल था) और 1834 ई. में पेशावर को अपने राज्य में मिला लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अमृतसर की संधि को इतिहासकार आमतौर पर अंग्रेजों की कूटनीतिक सफलता मानते हैं, क्योंकि इससे सतलज नदी अंग्रेजी और सिख क्षेत्रों के बीच एक स्थायी सीमारेखा बन गई।
5.निम्नलिखित में से किसने कहा था, “ईश्वर की इच्छा थी कि मैं सब धर्मों को एक निगाह से देखूं, इसीलिए उसने दूसरी आंख की रोशनी ले ली”?
(a) महाराजा रणजीत सिंह
(b) महाराजा शेरसिंह
(c) महाराजा दलीप सिंह
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(a)
13 नवंबर, 1780 को जन्मे रणजीत सिंह बचपन में चेचक के कारण एक आंख की रोशनी खो चुके थे, फिर भी वे एक सहिष्णु और सक्षम शासक के रूप में प्रसिद्ध हुए। उन्होंने धार्मिक समभाव को दर्शाते हुए यह प्रसिद्ध कथन कहा था कि ईश्वर की इच्छा थी कि वे सभी धर्मों को समान दृष्टि से देखें, इसीलिए उनकी एक आंख की रोशनी चली गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रणजीत सिंह के दरबार में हिंदू, मुस्लिम और सिख तीनों धर्मों के अधिकारी व सेनापति समान रूप से नियुक्त थे, जैसे फकीर अजीजुद्दीन (मुस्लिम) और दीवान दीना नाथ (हिंदू)।
6.रणजीत सिंह किस मिसल से संबंधित थे?
(a) सुकरचकिया
(b) संधावालिया
(c) अहलूवालिया
(d) रामगढ़िया
U.P. P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(a)
रणजीत सिंह सुकरचकिया मिसल से संबंधित थे, जो पंजाब की प्रमुख सिख मिसलों में से एक थी। उनके पिता महासिंह इस मिसल के मुखिया थे, और उनकी मृत्यु के बाद रणजीत सिंह को यह नेतृत्व विरासत में मिला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 18वीं सदी में पंजाब में कुल बारह प्रमुख सिख मिसलें सक्रिय थीं, जिनमें सुकरचकिया के अलावा भंगी, अहलूवालिया, कन्हैया और रामगढ़िया मिसलें प्रमुख थीं, जिन्हें रणजीत सिंह ने अपने शासनकाल में एकीकृत कर एक मजबूत साम्राज्य का रूप दिया।
7.पंजाब के पूर्व महाराजा दलीप सिंह के विषय में निम्नलिखित में से कौन एक कथन सत्य है?
(a) 23 अक्टूबर, 1893 को उनका निधन पेरिस में हुआ।
(b) नासिक में उनकी अन्त्येष्टि हुई।
(c) उन्होंने कभी भी सिख धर्म नहीं छोड़ा था।
(d) वह कभी भी रूस नहीं गए थे।
U.P.P.C.S. (Mains) 2013
उत्तर-(a)
पंजाब के अंतिम महाराजा दलीप सिंह का निधन 22 या 23 अक्टूबर, 1893 को पेरिस (फ्रांस) में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में सिख धर्म छोड़कर ईसाई धर्म ग्रहण कर लिया था और रूस की यात्रा भी की थी, जहां उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध सहायता मांगने का प्रयास किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दलीप सिंह की अन्त्येष्टि इंग्लैंड के एल्वेडन (Elveden) नामक स्थान पर हुई थी, और अपने जीवन के अंतिम वर्षों में उन्होंने पुनः सिख धर्म अपनाने की इच्छा भी व्यक्त की थी।
8.राजा रंजीत सिंह ने किस स्थान पर अदालत-ए-आला की स्थापना की ?
(a) अमृतसर
(b) लाहौर
(c) फिरोजपुर
(d) मुल्तान
U.P.P.C.S. (Pre) 2021
उत्तर-(b)
रणजीत सिंह की न्याय व्यवस्था अनुशासित और कठोर मानी जाती थी। राज्य की सर्वोच्च न्यायिक संस्था अदालत-ए-आला लाहौर में स्थापित की गई थी, और स्वयं रणजीत सिंह इसके प्रधान न्यायाधीश की भूमिका निभाते थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: स्थानीय स्तर पर न्याय व्यवस्था पंचायतों के माध्यम से चलती थी, और रणजीत सिंह के शासनकाल में मृत्युदंड का प्रावधान लगभग न के बराबर था, जो उनकी न्याय-प्रणाली की एक उदार विशेषता मानी जाती है।
9. सिख साम्राज्य का अंतिम शासक था-
(a) दलीप सिंह
(b) नौनिहाल सिंह
(c) रणजीत सिंह
(d) शेर सिंह
U.P.P.C.S. (Mains) 2010
उत्तर-(a)
1849 ई. में द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध की समाप्ति के साथ अंग्रेजों ने पंजाब का अंग्रेजी साम्राज्य में विलय कर लिया, जिसके बाद अंतिम शासक दलीप सिंह को पेंशन देकर इंग्लैंड भेज दिया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पंजाब विलय के समय गवर्नर-जनरल लॉर्ड डलहौजी थे, और इस विलय के साथ ही ब्रिटिश भारत में सिख साम्राज्य का अस्तित्व पूर्णतः समाप्त हो गया।
7.महाराजा रणजीत सिंह के उत्तराधिकारी थे-
(a) हरिसिंह नलवा
(b) खड्ग सिंह
(c) शेरसिंह
(d) नौनिहाल सिंह
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2003
उत्तर-– (b)
1839 ई. में महाराजा रणजीत सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके पुत्र खड्ग सिंह (खड़क सिंह) पंजाब की राजगद्दी पर बैठे, लेकिन उनका शासनकाल अल्पकालिक और अस्थिर रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद पंजाब में उत्तराधिकार को लेकर लंबा सत्ता-संघर्ष चला, जिसमें खड्ग सिंह, नौनिहाल सिंह, शेर सिंह और अंततः दलीप सिंह जैसे कई शासक थोड़े-थोड़े समय के लिए गद्दी पर बैठे, और यही अंतर्कलह आंग्ल-सिख युद्धों तथा पंजाब के अंतिम पतन का एक प्रमुख कारण बना।
11. टीपू सुल्तान ने अपनी राजधानी बनाई-
(a) श्रीरंगपट्टनम में
(b) मैसूर में
(c) बंगलौर में
(d) कोयम्बटूर में
38th B.P.S.C. (Pre) 1992
उत्तर-(a)
टीपू सुल्तान ने कावेरी नदी के तट पर स्थित श्रीरंगपट्टनम को अपनी राजधानी बनाया था। उन्होंने यहां फ्रांसीसी क्रांति से प्रेरित होकर जैकोबिन क्लब की स्थापना की और स्वयं इसके सदस्य भी बने।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: श्रीरंगपट्टनम में ही टीपू सुल्तान ने 1799 ई. में चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध के दौरान अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की थी, और इस युद्ध के बाद ही मैसूर पर वोडेयार वंश को पुनः स्थापित कर अंग्रेजों ने उसे अपने अधीन कर लिया।
12. प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध (1766-69 ई.) में कौन विजयी हुआ?
(a) अंग्रेज
(b) हैदर अली
(c) मराठा
(d) हैदाराबाद का निजाम
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(b)
प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध (1767-69 ई.) अंग्रेजों और हैदर अली के बीच लड़ा गया था। प्रारंभ में निजाम, मराठे और अंग्रेज मिलकर हैदर अली के विरुद्ध एक त्रिगुट संधि में शामिल हुए थे, परंतु हैदर ने कूटनीतिक चतुराई से मराठों को धन तथा निजाम को प्रदेश का प्रलोभन देकर इस गठबंधन को तोड़ दिया। इसके बाद उसने कर्नाटक पर आक्रमण कर 1768 ई. में मंगलौर पर अधिकार किया और मार्च 1769 ई. में उसकी सेनाएं मद्रास तक जा पहुंचीं, जिससे विवश होकर अंग्रेजों ने 4 अप्रैल, 1769 को मद्रास की संधि की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह संधि भारत में किसी भारतीय शासक द्वारा अंग्रेजों को बाध्य करके करवाई गई प्रथम संधि मानी जाती है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के क्षेत्रों को परस्पर लौटाने का प्रावधान रखा था।
13. अंग्रेजों ने श्रीरंगपट्टनम की संधि किसके साथ की थी?
(a) हैदर अली
(b) डूप्ले
(c) टीपू सुल्तान
(d) नन्दराज
42ad B.P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(c)
तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1790-92 ई.) की समाप्ति मार्च 1792 में श्रीरंगपट्टनम की संधि से हुई, जो गवर्नर-जनरल कार्नवालिस और टीपू सुल्तान के बीच संपन्न हुई। इस संधि के अनुसार टीपू को अपने राज्य का लगभग आधा भाग अंग्रेजों व उनके सहयोगियों को सौंपना पड़ा तथा तीन करोड़ रुपये युद्ध हर्जाने के रूप में देने थे, जब तक यह राशि नहीं चुकाई जाती तब तक उसके दो पुत्र बंधक के रूप में अंग्रेजों के पास रहने थे। कार्नवालिस ने इस संधि पर टिप्पणी की थी कि उन्होंने अपने शत्रु को प्रभावी ढंग से पंगु बना दिया है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी संधि के माध्यम से अंग्रेजों ने मालाबार तट तथा बारामहल क्षेत्र पर भी अधिकार प्राप्त कर लिया था, जिससे मैसूर की समुद्री शक्ति भी काफी कमजोर पड़ गई।
14. पंजाब के विलय के पश्चात पंजाब पर शासन करने के लिए निम्नलिखित में से कौन ‘तीन की परिषद’ का सदस्य नहीं था?
(a) एच.एम. इलियट
(b) सर हेनरी लॉरेंस
(c) जॉन लॉरेंस
(d) रॉबर्ट मॉन्टगोमरी
U.P.P.C.S. (Mains) 2013
उत्तर-(a&d)
पंजाब के ब्रिटिश साम्राज्य में विलय के पश्चात लॉर्ड डलहौजी ने 1849 ई. में प्रशासन हेतु तीन सदस्यीय परिषद का गठन किया था, जिसमें सर हेनरी लॉरेंस को अध्यक्ष तथा जॉन लॉरेंस और चार्ल्स ग्रेनविल मानसेल को सदस्य बनाया गया था। एच.एम. इलियट और रॉबर्ट मॉन्टगोमरी इस परिषद के सदस्य नहीं थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह बोर्ड व्यवस्था 1853 ई. में समाप्त कर दी गई और जॉन लॉरेंस को पंजाब का प्रथम मुख्य आयुक्त (चीफ कमिश्नर) नियुक्त किया गया, जिन्होंने आगे चलकर 1864-69 ई. के दौरान भारत के वायसराय के रूप में भी कार्य किया।
15. निम्नलिखित भारतीय शासकों में से कौन था, जिसने विदेशों में आधुनिक पद्धति से दूतावास स्थापित किए थे?
(a) हैदर अली
(b) मीर कासिम
(c) शाह आलम II
(d) टीपू सुल्तान
I.A.S. (Pre) 2001 U.P.P.C.S. (Pre) 2011
उत्तर-(d)
टीपू सुल्तान भारतीय शासकों में अग्रणी था जिसने आधुनिक कूटनीतिक पद्धति अपनाकर विदेशों में दूतावास स्थापित किए, ताकि अंग्रेजों के विरुद्ध सैन्य व राजनीतिक सहायता प्राप्त की जा सके।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: टीपू ने फ्रांस, तुर्की (ऑटोमन साम्राज्य) तथा ईरान के दरबारों में अपने दूत भेजे थे, और 1787 ई. में उसने फ्रांस के राजा लुई सोलहवें के दरबार में एक भव्य प्रतिनिधिमंडल भेजा था जिसका उद्देश्य अंग्रेजों के विरुद्ध सैनिक गठबंधन बनाना था।
16. ब्रिटिश जनरल जिसने हैदर अली को पोर्टो नोवो के युद्ध में हराया –
(a) कैप्टन पौपहेम
(b) सर आयरकूट
(c) सर हेक्टर मुनरो
(d) जनरल गोड्डार्ड
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2003
उत्तर-(b)
1781 ई. में अंग्रेज जनरल सर आयरकूट का सामना हैदर अली से हुआ, जिसमें उसने 1 जुलाई, 1781 को हुए पोर्टो नोवो के युद्ध में हैदर अली को निर्णायक रूप से पराजित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह विजय द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1780-84) के दौरान अंग्रेजों के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य उपलब्धि थी, क्योंकि इससे पहले हैदर अली ने 1780 ई. में पोल्लीलुर के युद्ध में अंग्रेजी सेना को बुरी तरह पराजित किया था।
17. टीपू सुल्तान ने ब्रिटिश सेना को 1780 ई. में हराया था-
(a) हैदराबाद में
(b) पोल्लीलुर में
(d) निजामाबाद में
(c) सेरिंगपट्टनम में
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(b)
हैदर अली और टीपू सुल्तान ने मराठों तथा निजाम के साथ समझौता कर फ्रांसीसी सहायता का आश्वासन प्राप्त किया और जुलाई 1780 ई. में कर्नाटक पर आक्रमण करते हुए अर्काट पर अधिकार कर लिया। इसके बाद टीपू सुल्तान ने सर हेक्टर मुनरो की सेना को पोल्लीलुर नामक स्थान पर बुरी तरह पराजित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पोल्लीलुर का युद्ध द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध की सबसे बड़ी अंग्रेजी पराजयों में गिना जाता है, जिसमें कई अंग्रेज अधिकारियों को बंदी बना लिया गया था, और इस युद्ध की स्मृति में टीपू ने श्रीरंगपट्टनम में एक भित्तिचित्र (mural) भी बनवाया था।
18. निम्नलिखित में से कौन 1755 में डिंडीगुल मैसूर में एक आधुनिक शस्त्रागार की स्थापना की थी?
(a) नंजराज
(b) हैदर अली
(c) देवराज
(d) चिक्का कृष्णराज
U.P.P.C.S. (Pre) 2020
उत्तर-(b)
1742 ई. में वेंकट राय के नेतृत्व में मैसूर की सेना ने डिंडीगुल पर विजय प्राप्त की थी, और 1755 ई. में मैसूर के महाराज ने स्थिति संभालने हेतु हैदर अली को वहां भेजा। हैदर अली ने डिंडीगुल पर अधिकार कर इसे एक सैन्य चौकी तथा आधुनिक शस्त्रागार के रूप में विकसित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: डिंडीगुल में मिले इस सैन्य अनुभव ने ही हैदर अली को आगे चलकर आधुनिक तोपखाने और प्रशिक्षित सेना के महत्व को समझने में मदद की, जिसके आधार पर उसने और उसके पुत्र टीपू सुल्तान ने यूरोपीय शैली की सेना तैयार की थी।
19. निम्न कथनों में से कौन-सा एक सही नहीं है?
(a) अली मर्दान खान ने बंगाल में राजस्व कृषि पद्धति प्रारंभ की
(b) महाराजा रणजीत सिंह ने लाहौर में तोपों के निर्माण के लिए आधुनिक ढलाई खाने स्थापित किए
(c) आमेर में सवाई जयसिंह ने यूक्लिड के ‘रेखागणित के तत्वों’ का संस्कृत में अनुवाद कराया
(d) मैसूर में टीपू सुल्तान ने शृंगेरी मंदिर में देवी शारदा की मूर्ति के निर्माण के लिए धन दिया
I.A.S. (Pre) 2003
उत्तर-(a)
महाराजा रणजीत सिंह ने अपने सैनिक संगठन को मजबूत करने हेतु लाहौर और अमृतसर में तोपों, गोला-बारूद के निर्माण के लिए आधुनिक ढलाई खाने स्थापित किए थे। आमेर के सवाई जयसिंह ने विज्ञान के प्रति अपनी रुचि के कारण यूक्लिड के ‘रेखागणित के तत्वों’ का संस्कृत में अनुवाद कराया तथा जयपुर, दिल्ली, बनारस सहित पांच नगरों में वेधशालाएं बनवाईं। टीपू सुल्तान ने भी धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण अपनाते हुए शृंगेरी मंदिर में देवी शारदा की मूर्ति निर्माण हेतु अनुदान दिया था। परंतु बंगाल में राजस्व कृषि (रेवेन्यू फार्मिंग) पद्धति प्रारंभ करने का श्रेय अली मर्दान खान को नहीं, बल्कि मुर्शिद कुली खान को जाता है, इसलिए विकल्प (a) असत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सवाई जयसिंह की सबसे प्रसिद्ध वेधशाला दिल्ली की जंतर-मंतर है, जिसका निर्माण 1724 ई. में प्रारंभ हुआ था, और यह आज भी खगोलीय गणनाओं हेतु एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल मानी जाती है।
20. निम्नलिखित में से कौन एक सुमेलित है?
(a) प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध – हैदर अली पराजित हुआ था।
(b) द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध – हैदर अली ने अंग्रेजों को पराजित किया।
(c) तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध – टीपू सुल्तान युद्ध जीता और अपना भू-भाग अंग्रेजों को नहीं दिया।
(d) चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध – टीपू पराजित किया गया और युद्ध के मध्य दिवंगत हुआ।
U.P.P.C.S. (Mains) 2014
उत्तर-(d)
चार आंग्ल-मैसूर युद्धों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है: प्रथम युद्ध (1767-69 ई.) में अंग्रेज गवर्नर वेरेल्स्ट था और यह मद्रास की संधि (4 अप्रैल, 1769) से समाप्त हुआ, इसमें हैदर अली पराजित नहीं हुआ था बल्कि अंग्रेजों को संधि के लिए विवश कर दिया। द्वितीय युद्ध (1780-84 ई.) में गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स था और यह मंगलौर की संधि (1784 ई.) से समाप्त हुआ। तृतीय युद्ध (1790-92 ई.) में गवर्नर जनरल लॉर्ड कार्नवालिस था, जिसमें टीपू ने सहायता हेतु तुर्की और फ्रांस में दूत भेजे थे, परंतु अंततः टीपू पराजित हुआ और श्रीरंगपट्टनम की संधि (1792 ई.) के तहत अपना आधा राज्य अंग्रेजों को सौंपना पड़ा। चतुर्थ युद्ध (1799 ई.) में गवर्नर जनरल लॉर्ड वेलेजली था, जिसमें 4 मई, 1799 को अंग्रेजी सेना ने श्रीरंगपट्टनम का दुर्ग जीत लिया और टीपू वीरगति को प्राप्त हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चतुर्थ युद्ध के बाद टीपू के परिवार के सदस्यों को वेल्लौर में नजरबंद कर दिया गया था, जहां 1806 ई. में प्रसिद्ध ‘वेल्लौर विद्रोह’ भी हुआ, जिसे भारत में सैनिकों द्वारा अंग्रेजों के विरुद्ध प्रथम संगठित विद्रोह माना जाता है।
21. टीपू सुल्तान अंग्रेजों के साथ युद्ध में कब मारे गए?
(a) 1857
(b) 1799
(c) 1793
(d) 1769
M.P.P.C.S. (Pre) 2000
उत्तर-(b)
टीपू सुल्तान की मृत्यु चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध (1799 ई.) के दौरान अंग्रेजी सेना के विरुद्ध श्रीरंगपट्टनम के दुर्ग की रक्षा करते हुए लड़ते-लड़ते हुई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस युद्ध में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व जनरल जॉर्ज हैरिस ने किया था, और टीपू की मृत्यु के बाद अंग्रेजों ने मैसूर पर पुनः वोडेयार वंश को बहाल कर दिया, जिससे मैसूर एक अंग्रेजी संरक्षित रियासत (Princely State) बन गया।
22. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- (1) पानीपत के तृतीय युद्ध में अहमदशाह अब्दाली ने इब्राहिम लोदी को पराजित किया। (2) तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध में टीपू सुल्तान की मृत्यु हुई। (3) प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दौला की पराजय के लिए मीर जाफर ने अंग्रेजों से मिलकर षड्यंत्र रचा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) 1, 2 और 3
(b) केवल 3
(c) 2 और 3
(d) कोई भी नहीं
I.A.S. (Pre) 2004
उत्तर-(b)
14 जनवरी, 1761 को हुए पानीपत के तीसरे युद्ध में अहमदशाह अब्दाली ने सदाशिवराव भाऊ के नेतृत्व वाली मराठा सेना को परास्त किया था, न कि इब्राहिम लोदी को, जो उस समय जीवित ही नहीं था (इब्राहिम लोदी की मृत्यु तो 1526 ई. में पानीपत के प्रथम युद्ध में हुई थी)। तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1790-92 ई.) में टीपू सुल्तान केवल पराजित हुआ था, उसकी मृत्यु नहीं हुई थी; उसकी मृत्यु तो 1799 ई. के चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध में हुई थी। प्लासी के युद्ध (1757 ई.) में मीर जाफर ने जगत सेठ, राय दुर्लभ और अमीन चंद्र जैसे अन्य षड्यंत्रकारियों के साथ मिलकर अंग्रेजों से साठगांठ कर सिराजुद्दौला के विरुद्ध विश्वासघात किया, इसलिए केवल तीसरा कथन सत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: प्लासी युद्ध के बाद मीर जाफर को बंगाल का नवाब बनाया गया, परंतु 1760 ई. में अंग्रेजों ने उसे हटाकर मीर कासिम को नवाब नियुक्त कर दिया, जो आगे चलकर बक्सर के युद्ध (1764 ई.) में अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ा।
23. बेगम समरु ने एक अति प्रसिद्ध चर्च का निर्माण करवाया-
(a) माउंट आबू
(b) नैनीताल में
(c) सरधना में
(d) कानपुर में
U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(c)
बेगम समरु (1750-1836 ई.) ने मेरठ के निकट सरधना नामक स्थान पर एक भव्य और अति प्रसिद्ध चर्च का निर्माण करवाया था, जो आज भी उत्तर भारत के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक चर्चों में गिना जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बेगम समरु मूल रूप से एक नर्तकी थीं, जिन्होंने यूरोपीय सैनिक टुकड़ी के कमांडर वाल्टर रेनहार्ट (जिसे ‘समरु’ कहा जाता था) से विवाह किया था, और बाद में उन्होंने मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय की सेवा में भी एक प्रभावशाली सैन्य नेता के रूप में कार्य किया।
24. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही
U.P.P.C.S. (Pre) 2019
उत्तर-चुनिए – सूची-I सूची-II A. इलाहाबाद की संधि 1. 1782 B. मंगलौर की संधि 2. 1784 C. सालबाई की संधि 3. 1769 D. मद्रास की संधि 4. 1765 कूट : A B C D (a) 4 2 3 1 (b) 2 4 3 1 (c) 4 2 1 3 (d) 2 4 1 3
इलाहाबाद की प्रथम संधि मुगल सम्राट शाहआलम द्वितीय और अंग्रेजों के बीच 12 अगस्त, 1765 को हुई थी, जबकि इलाहाबाद की द्वितीय संधि अवध के नवाब शुजाउद्दौला और अंग्रेजों के मध्य 16 अगस्त, 1765 को संपन्न हुई। मंगलौर की संधि द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1780-84 ई.) के पश्चात 1784 ई. में अंग्रेजों और टीपू सुल्तान के बीच हुई थी। सालबाई की संधि प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-82 ई.) के बाद महादजी सिंधिया की मध्यस्थता से अंग्रेजों और मराठों के मध्य 1782 ई. में हुई। मद्रास की संधि प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध (1767-69 ई.) की समाप्ति पर 1769 ई. में हैदर अली और अंग्रेजों के बीच संपन्न हुई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इलाहाबाद की संधि के अंतर्गत ही अंग्रेजों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी (राजस्व वसूली का अधिकार) प्राप्त हुई थी, जिसे भारत में अंग्रेजी सत्ता के आर्थिक आधार की वास्तविक शुरुआत माना जाता है।

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