गांधी और उनके प्रारंभिक आंदोलन MCQ प्रश्न | UPSC

भारतीय इतिहास आधुनिक भारत गांधी और उनके प्रारंभिक आंदोलन MCQ प्रश्न
1. गांधीजी की दृष्टि में अहिंसा का अर्थ है-
(a) सत्य की प्राप्ति का रास्ता
(b) राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्ति का रास्ता
(c) ईश्वर-संस्मरण का एकमात्र रास्ता
(d) आत्मविलीनीकरण
U.P.P.C.S (Pre) 1994
उत्तर-(a)
गांधीजी के दर्शन में अहिंसा केवल हिंसा से बचने का नाम नहीं था, बल्कि यह सत्य तक पहुँचने का सर्वोच्च माध्यम थी। उनका मानना था कि बिना अहिंसा के सत्य की सच्ची प्राप्ति असंभव है। अहिंसा उनके जीवन और संघर्ष दोनों की नींव थी। उल्लेखनीय है कि गांधीजी ने अहिंसा की प्रेरणा मुख्यतः जैन धर्म, भगवद्गीता और लियो टॉल्स्टॉय की रचनाओं से ली थी। गांधीजी और टॉल्स्टॉय के बीच पत्र-व्यवहार भी हुआ था और टॉल्स्टॉय ने उनके विचारों की प्रशंसा की थी।
2. गांधीजी के सिद्धांत के अनुसार, निम्न में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है ?
(a) सत्याग्रही का उद्देश्य शत्रु को पराजित करना है।
(b) सत्याग्रही का शस्त्र अहिंसा है।
(c) सत्याग्रही को अपने संकल्प में दृढ़ विश्वास होना चाहिए।
(d) सत्याग्रही को विरोधियों के प्रति द्वेष भाव नहीं रखना चाहिए।
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(a)
गांधीजी के सत्याग्रह दर्शन में सत्याग्रही का उद्देश्य कभी भी शत्रु को पराजित करना नहीं होता। इसके विपरीत, सत्याग्रही प्रेम और कष्ट-सहन के माध्यम से विरोधी का हृदय परिवर्तन करने का प्रयास करता है। ‘सत्याग्रह’ शब्द स्वयं गांधीजी ने गढ़ा था – ‘सत्य’ और ‘आग्रह’ से मिलकर बना यह शब्द पहले दक्षिण अफ्रीका में प्रयुक्त हुआ था, जहाँ उन्होंने 1906 में ट्रांसवाल एशियाटिक अधिनियम के विरुद्ध पहला सत्याग्रह आंदोलन चलाया था।
3. करमचंद गांधी दीवान थे-
(a) पोरबंदर के
(b) राजकोट के
(c) वंकानेर के
(d) उपर्युक्त सभी राज्यों के
U.P.P.C.S. (Pre) 2001
उत्तर-(d)
करमचंद गांधी, जो ‘कबा गांधी’ के नाम से भी जाने जाते थे, पोरबंदर, राजकोट और वंकानेर – तीनों रियासतों के दीवान रहे। वे महात्मा गांधी के पिता थे। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर (गुजरात) में हुआ था। उनकी माता का नाम पुतलीबाई था, जो एक गहरी धार्मिक महिला थीं और उनके वैष्णव संस्कारों का गांधीजी के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।
4. गांधी की सत्याग्रह रणनीति में निम्नलिखित में से किसे सबसे अंतिम स्थान प्राप्त है ?
(a) बहिष्कार
(b) धरना
(c) उपवास
(d) हड़ताल
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
गांधीजी की सत्याग्रह रणनीति में हड़ताल को सबसे अंतिम और अत्यंत संवेदनशील अस्त्र माना जाता था क्योंकि इसका व्यापक सामाजिक प्रभाव पड़ता है। सत्याग्रह के अन्य साधनों में असहयोग, बहिष्कार, धरना और उपवास शामिल थे, जिनका क्रम परिस्थिति के अनुसार तय होता था। उल्लेखनीय है कि गांधीजी का पहला प्रमुख हड़ताल-आधारित आंदोलन 1918 का अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन था, जिसमें उन्होंने पहली बार भारत में भूख हड़ताल का भी सहारा लिया था।
5. गांधी के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा सही है?
(a) बिना मार्क्सवाद के मार्क्सवादी
(b) बिना समाजवाद के समाजवादी
(c) बिना व्यक्तिवाद के व्यक्तिवादी
(d) समाजवादियों में एक व्यक्तिवादी और समाजवादियों में एक मार्क्सवादी
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
गांधीजी के विचार किसी एक वाद में बाँधे नहीं जा सकते। वे व्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वायत्तता को महत्व देते थे (व्यक्तिवाद), साथ ही समाज की सामूहिक भलाई और आर्थिक समानता पर भी जोर देते थे (समाजवाद/मार्क्सवादी झलक)। उन्होंने इसे ‘सर्वोदय’ – अर्थात सबके उदय – का नाम दिया। गांधीजी ने जॉन रस्किन की पुस्तक ‘Unto This Last’ से गहरी प्रेरणा लेते हुए इसका गुजराती अनुवाद ‘सर्वोदय’ शीर्षक से किया था, जो उनके आर्थिक दर्शन की आधारशिला बनी।
6. फीनिक्स फॉर्म कहां है ?
(a) सूरतगढ़
(b) एसेक्स (इंग्लैंड)
(c) डरबन (द. अफ्रीका)
(d) कम्पाला
M.P.P.C.S. (Pre) 1999
उत्तर-(c)
फीनिक्स फार्म की स्थापना महात्मा गांधी ने 1904 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन के निकट की थी। यह एक सामुदायिक आश्रम था जहाँ ‘इंडियन ओपिनियन’ समाचार पत्र का प्रकाशन भी होता था। इससे पहले 1910 में गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका में ही जोहान्सबर्ग के पास ‘टॉल्स्टॉय फार्म’ की स्थापना की थी, जो उनके गुरु गोपाल कृष्ण गोखले की प्रेरणा और हर्मन कालेनबाख के सहयोग से संभव हुई थी।
7. निम्न में से गांधीजी के रामराज्य के युगल सिद्धांत कौन थे?
(a) छुआछूत की समाप्ति तथा नशाबंदी
(b) सत्य तथा अहिंसा
(c) खादी तथा चरखा
(d) सही लक्ष्य तथा सही उपाय
U.P.P.C.S. (Pre) 1993
उत्तर-(b)
गांधीजी की रामराज्य की अवधारणा का आधार सत्य और अहिंसा के दो युगल सिद्धांत थे। गांधीजी के लिए रामराज्य का अर्थ किसी धार्मिक राज्य से नहीं बल्कि एक नैतिक, न्यायपूर्ण और स्वशासित समाज से था। उल्लेखनीय है कि गांधीजी ने अपनी आत्मकथा ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ (My Experiments with Truth) में भी सत्य और अहिंसा को ही जीवन के परम मूल्य बताया है। यह आत्मकथा मूलतः गुजराती में लिखी गई थी।
8. दक्षिण अफ्रीका में रहने की अवधि में महात्मा गांधी ने निम्न में से जिस पत्रिका का प्रकाशन किया, उसका नाम था-
(a) नवजीवन
(b) इंडिया गजट
(c) अफ्रीकनर
(d) इंडियन ओपिनियन
U.P.P.C.S. (Pre) 2002
उत्तर-(d)
दक्षिण अफ्रीका में गांधीजी ने 1903 में ‘इंडियन ओपिनियन’ समाचार पत्र की शुरुआत की, जो गुजराती, हिंदी, तमिल और अंग्रेजी – चार भाषाओं में प्रकाशित होता था। भारत लौटने के बाद गांधीजी ने 1919 में अहमदाबाद से गुजराती में ‘नवजीवन’ और अंग्रेजी में ‘यंग इंडिया’ पत्रिकाओं का प्रकाशन आरंभ किया। बाद में 1933 में उन्होंने ‘हरिजन’ नामक पत्रिका भी निकाली, जो अछूतोद्धार आंदोलन का मुखपत्र बनी।
9. एम.के. गांधी समर्थक थे-
(a) मार्क्सवादी समाजवाद
(b) श्रेणी समाजवाद के
(c) आदर्शवाद के
(d) दार्शनिक अराजकतावाद के
U.P. Lower Sub. (Pre) 2009
उत्तर-(d)
गांधीजी ने स्वयं को ‘दार्शनिक अराजकतावादी’ (Philosophical Anarchist) कहे जाने से कभी इनकार नहीं किया। उनका मानना था कि सर्वोत्तम सरकार वही है जो सबसे कम शासन करे और अंततः राज्य की आवश्यकता ही समाप्त हो जाए। इस विचार में वे मार्क्स से भी मिलते थे। गांधीजी की यह सोच अमेरिकी विचारक हेनरी डेविड थोरो के ‘सिविल डिसओबीडिएंस’ (1849) से भी प्रेरित थी, जिसे उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में पढ़ा था और इससे उनके सत्याग्रह के विचार को और पुष्टि मिली।
10. महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत किस वर्ष में लौटे?
(a) 1915
(b) 1917
(c) 1916
(d) 1918
M.P.P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(a)
महात्मा गांधी जनवरी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। भारत लौटने से पहले उन्होंने लगभग 21 वर्षों तक दक्षिण अफ्रीका में रहकर वहाँ के भारतीय समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष किया था। भारत लौटने पर उनके राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले ने उन्हें सलाह दी थी कि वे एक वर्ष तक पूरे भारत का भ्रमण करें और देश की वास्तविकता को समझें, तब राजनीति में प्रवेश करें।
11. महात्मा गांधी ने अहमदाबाद के निकट साबरमती के किनारे एक आश्रम बनाया था। इसे________कहा जाता था।
(a) स्वाध्याय आश्रम
(b) हरिजन आश्रम
(c) सत्याग्रह आश्रम
(d) स्वराज आश्रम
Chhattishgarh P.C.S. (Pre) 2003
उत्तर-(c)
साबरमती नदी के किनारे स्थित इस आश्रम को ‘सत्याग्रह आश्रम’ कहा जाता था। गांधीजी ने 1915 में अहमदाबाद के कोचरब क्षेत्र में इसकी स्थापना की और 1917 में इसे साबरमती नदी तट पर स्थानांतरित किया। 1930 में दांडी मार्च के बाद गांधीजी ने प्रण लिया था कि जब तक भारत को स्वतंत्रता नहीं मिलती, वे साबरमती आश्रम नहीं लौटेंगे – और वास्तव में वे फिर कभी वहाँ स्थायी रूप से नहीं रहे।
12. गांधीजी के अनुसार, हिंसा का क्रूरतम रूप है-
(a) गरीबी का स्थायित्व
(b) गो-वध
(c) मानव हत्या
(d) महिलाओं और बच्चों का उत्पीड़न
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
उत्तर-(a)
गांधीजी का मानना था कि “गरीबी हिंसा का सबसे क्रूर रूप है” क्योंकि यह मनुष्य की गरिमा और जीवन को धीरे-धीरे नष्ट करती है – यह हिंसा बिना हथियार के होती है। इसीलिए उनके आर्थिक दर्शन में स्वदेशी, ग्रामोद्योग और सर्वोदय को केंद्रीय स्थान प्राप्त था। गांधीजी ने ‘ट्रस्टीशिप सिद्धांत’ के माध्यम से यह प्रस्तावित किया कि धनी वर्ग अपनी संपत्ति को समाज की धरोहर मानकर गरीबों के हित में उपयोग करे।
13. गांधीजी ने ‘सेवाधर्म’ कहां अपनाया था?
(a) मुंबई
(b) शांतिनिकेतन
(c) दक्षिण अफ्रीका
(d) पुणे
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
उत्तर-(c)
दक्षिण अफ्रीका में गांधीजी ने पारसी व्यापारी रुस्तमजी के धर्मार्थ अस्पताल में परिचारक के रूप में सेवाएं देकर ‘सेवाधर्म’ की शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने 1899-1900 के एंग्लो-बोअर युद्ध और 1906 के जुलु विद्रोह के दौरान घायल सैनिकों की सेवा के लिए स्वैच्छिक एंबुलेंस दल का नेतृत्व किया। इस निःस्वार्थ सेवा भावना ने ही आगे चलकर उनके ‘अनासक्त कर्म’ के दर्शन को व्यावहारिक रूप दिया।
14. महात्मा गांधी से संबद्ध निम्नलिखित आश्रमों में कौन सबसे पुराना है ?
(a) साबरमती
(b) फीनिक्स
(c) वर्धा
(d) सदाकत
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2012
उत्तर-(b)
गांधीजी द्वारा स्थापित सबसे पुराना आश्रम 1904 में डरबन (दक्षिण अफ्रीका) के निकट स्थापित फीनिक्स आश्रम है। इसके बाद 1910 में जोहान्सबर्ग के पास ‘टॉल्स्टॉय फार्म’ और 1915 में अहमदाबाद में ‘सत्याग्रह आश्रम’ (साबरमती) की स्थापना हुई। फीनिक्स आश्रम को 27 फरवरी 2000 को पुनः खोला गया। वर्धा स्थित ‘सेवाग्राम आश्रम’ की स्थापना 1936 में हुई थी, जो गांधीजी का अंतिम प्रमुख आश्रम था।
15. गांधीजी दक्षिण अफ्रीका में कितने वर्ष रहे थे?
(a) 20 वर्ष
(b) 21 वर्ष
(c) 16 वर्ष
(d) 15 वर्ष
M.P.P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(b)
गांधीजी 1893 में मात्र 24 वर्ष की आयु में गुजराती व्यापारी दादा अब्दुल्ला का मुकदमा लड़ने के लिए डरबन (दक्षिण अफ्रीका) गए थे और जनवरी 1915 में भारत लौटे – इस प्रकार वे लगभग 21 वर्षों तक वहाँ रहे। दक्षिण अफ्रीका में ही उन्हें पहली बार नस्लीय भेदभाव का अनुभव हुआ, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। दादा अब्दुल्ला का वह मुकदमा नेटाल में एक व्यापारिक विवाद से जुड़ा था।
16. एम. के. गांधी ने निम्नलिखित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशनों में से किस एक में सर्वप्रथम भाग लिया था ?
(a) लखनऊ अधिवेशन, 1916
(b) कलकत्ता अधिवेशन, 1901
(c) अमृतसर अधिवेशन, 1919
(d) नागपुर अधिवेशन, 1920
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(b)
महात्मा गांधी ने 1901 में कलकत्ता में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार भाग लिया था। उस समय अधिवेशन की अध्यक्षता दिनशा वाचा ने की थी। इस अधिवेशन में गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका के भारतीयों की दुर्दशा पर एक प्रस्ताव पारित कराने का प्रयास किया था। उल्लेखनीय है कि 1920 के नागपुर अधिवेशन में गांधीजी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ था, जो कांग्रेस के इतिहास में एक युगांतरकारी निर्णय था।
17. दक्षिण अफ्रीका के किस रेलवे स्टेशन पर गांधी को ट्रेन से फेंका गया था ?
(a) जोहान्सबर्ग
(b) पीटरमारित्सबर्ग
(c) डरबन
(d) प्रिटोरिया
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(b)
1893 में गांधीजी डरबन से प्रिटोरिया जाते समय प्रथम श्रेणी का वैध टिकट होने के बावजूद एक गोरे यात्री की शिकायत पर पीटरमारित्सबर्ग स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिए गए। उस ठंडी रात में स्टेशन पर बिताए उस एकाकी क्षणों में उन्होंने अन्याय के विरुद्ध लड़ने का संकल्प लिया। इतिहासकार इस घटना को गांधीजी के जीवन का ‘turning point’ मानते हैं – इसी से उनके सत्याग्रह आंदोलन की नींव पड़ी। आज भी पीटरमारित्सबर्ग में उस स्थान पर उनकी स्मृति में एक स्मारक बना है।
18. गांधीजी ने परिवार नियोजन हेतु क्या तरीका बताया?
(a) आत्मनियंत्रण
(b) नसबंदी
(c) निरोध
(d) लूप
M.P.P.C.S. (Pre) 1990
उत्तर-(a)
गांधीजी के अनुसार परिवार नियोजन का सर्वोत्तम और नैतिक उपाय ‘आत्मनियंत्रण’ (Self Control) अर्थात ब्रह्मचर्य था। उन्होंने कृत्रिम गर्भनिरोधक साधनों का विरोध किया क्योंकि उनके अनुसार ये शारीरिक संयम की भावना को कमज़ोर करते हैं। गांधीजी ने स्वयं 1906 में 37 वर्ष की आयु में ब्रह्मचर्य का व्रत लिया था और इसे आत्मशुद्धि तथा सत्याग्रह की शक्ति का स्रोत माना था।
19. भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी द्वारा स्थापित साबरमती आश्रम नगर के बाहर स्थित है-
(a) गांधीनगर
(b) अहमदाबाद
(c) राजकोट
(d) वर्धा
U.P. P.C.S. (Mains) 2003
U.P.P.C.S.(Spl) (Mains) 2004
उत्तर-(b)
साबरमती आश्रम अहमदाबाद शहर के बाहर साबरमती नदी के तट पर स्थित है। गांधीजी ने 1915 में पहले अहमदाबाद के कोचरब क्षेत्र में ‘सत्याग्रह आश्रम’ स्थापित किया और 17 जून 1917 को इसे साबरमती नदी तट पर स्थानांतरित कर दिया। यहीं से 12 मार्च 1930 को गांधीजी ने 78 अनुयायियों के साथ ऐतिहासिक दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) प्रारंभ किया था, जो 241 मील की यात्रा थी और 6 अप्रैल 1930 को दांडी में समुद्र तट पर नमक उठाकर संपन्न हुई।
20. निम्नलिखित में से किसने ‘सत्याग्रह’ शब्द को गढ़ा?
(a) हरिलाल गांधी
(b) महात्मा गांधी
(c) रामदास गांधी
(d) मणिलाल गांधी
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(b)
दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के अधिकारों की लड़ाई के दौरान एक प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें गांधीजी के भतीजे मगनलाल गांधी ने ‘सदाग्रह’ शब्द प्रस्तुत किया, जिसका अर्थ था – सत्य और दृढ़ता। बाद में महात्मा गांधी ने इसे परिष्कृत कर ‘सत्याग्रह’ रूप दिया, जिसका अर्थ है – सत्य की शक्ति से किया गया आग्रह। यह शब्द पहली बार 1906 में दक्षिण अफ्रीका में आंदोलन के संदर्भ में प्रयोग में आया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने सत्याग्रह को निष्क्रिय प्रतिरोध से स्पष्ट रूप से अलग माना – उनके अनुसार निष्क्रिय प्रतिरोध एक राजनीतिक हथियार है, जबकि सत्याग्रह एक नैतिक और आत्मिक शक्ति है। गांधीजी ने ‘Indian Opinion’ पत्रिका में ‘सत्याग्रह’ शब्द की व्याख्या विस्तार से की थी।
21. महात्मा गांधी के राजनीतिक जीवन की निम्नलिखित घटनाओं का कालक्रम क्या है?
1. चंपारण 2. अहमदाबाद मिल हड़ताल
3. खेड़ा 4. असहयोग आंदोलन
नीचे दिए हुए कूटों से उत्तर का चयन कीजिए-
(a) 2, 4, 3, 1
(b) 1, 2, 3, 4
(c) 4, 3, 2, 1
(d) 3, 4, 2, 1
I.A.S. (Pre) 1993
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(b)
गांधीजी के राजनीतिक जीवन की इन चारों घटनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार है – चंपारण सत्याग्रह (1917), अहमदाबाद मिल हड़ताल (फरवरी-मार्च 1918), खेड़ा सत्याग्रह (22 मार्च 1918), और असहयोग आंदोलन (1920-1922)। इस प्रकार सही उत्तर विकल्प (b) है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) में गांधीजी ने पहली बार ‘अनशन’ (उपवास) को एक सत्याग्रह के हथियार के रूप में प्रयोग किया था। खेड़ा सत्याग्रह में सरदार वल्लभभाई पटेल ने पहली बार गांधीजी के नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जो आगे चलकर उनकी राजनीतिक यात्रा की नींव बनी।
22. निम्न में से कौन-सा भारत में गांधीजी का प्रथम सत्याग्रह आंदोलन था, जिसमें उन्होंने सविनय अवज्ञा का प्रयोग किया?
(a) चंपारण
(b) खेड़ा
(c) अहमदाबाद
(d) रौलेट सत्याग्रह
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C (Pre) 2020
उत्तर-(a)
चंपारण सत्याग्रह (1917) भारत में गांधीजी का पहला सत्याग्रह था जिसमें उन्होंने सविनय अवज्ञा का व्यावहारिक प्रयोग किया। यह आंदोलन बिहार के चंपारण जिले में प्रचलित ‘तिनकठिया पद्धति’ के विरुद्ध था, जिसके तहत किसानों को अपनी भूमि के 3/20 भाग पर नील की खेती अनिवार्य रूप से करनी पड़ती थी। सरकार ने गांधीजी को जिला छोड़ने का आदेश दिया, जिसे उन्होंने मानने से इनकार कर दिया – यही सविनय अवज्ञा का प्रथम व्यावहारिक उदाहरण बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चंपारण जाँच के दौरान गांधीजी के साथ राजेंद्र प्रसाद, जे.बी. कृपलानी और मजहरुल हक जैसे नेता भी शामिल थे। ब्रिटिश सरकार ने इस आंदोलन के बाद चंपारण एग्रेरियन एक्ट (1918) पारित किया, जिससे तिनकठिया प्रथा का अंत हुआ।
23. महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु कौन थे?
(a) सी.आर. दास
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) तिलक
(d) गोपाल कृष्ण गोखले
U.P.P.C.S. (Pre) 1991
उत्तर-(d)
गोपाल कृष्ण गोखले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदारवादी नेताओं में अग्रणी थे। वे साध्य और साधन दोनों की पवित्रता में विश्वास रखते थे और मानते थे कि देश का उत्थान उग्र राजनीतिक आंदोलनों से नहीं, बल्कि धैर्यपूर्वक संवैधानिक तरीकों से होगा। इन्हीं नैतिक और मानवीय मूल्यों से प्रभावित होकर गांधीजी ने उन्हें अपना राजनीतिक गुरु स्वीकार किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गोखले ने 1905 में ‘सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी’ की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य देशसेवा के लिए समर्पित लोगों को प्रशिक्षित करना था। गांधीजी भी इस संस्था में शामिल होना चाहते थे, परंतु गोखले की 1915 में असामयिक मृत्यु के कारण यह संभव नहीं हो सका।
24. गांधीजी ने राजनीति का जो प्रतिमान प्रस्तुत किया है, निम्न में से कौन-सी विशेषता उसमें नहीं है?
(a) नैतिकता
(b) धर्म
(c) मानवता
(d) सत्ता
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
गांधीजी की राजनीतिक दृष्टि में नैतिकता, धर्म और मानवता केंद्रीय तत्व थे। किंतु उनके आदर्श राजनीतिक मॉडल में राज्यसत्ता (State Power) के लिए कोई स्थान नहीं था। वे ‘रामराज्य’ की अवधारणा के माध्यम से एक राज्यविहीन, विकेंद्रित और स्वशासी ग्रामीण समाज की कल्पना करते थे। उनके अनुसार सर्वोत्तम सरकार वह है जो सबसे कम शासन करे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी का ‘रामराज्य’ किसी धार्मिक राज्य का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह नैतिक शासन और सामाजिक न्याय का प्रतीक था। उन्होंने हिंद स्वराज (1909) में आधुनिक सभ्यता और केंद्रीकृत राज्य की तीखी आलोचना करते हुए ग्राम-केंद्रित स्वशासन को ही वास्तविक स्वराज बताया था।
25. ब्रिटिश निर्मित उत्पादों का गांधी का बहिष्कार प्रभावी हुआ क्योंकि ब्रिटेन भारत को एक बड़ा-
(a) नौपरिवहन केंद्र समझता था।
(b) औद्योगिक केंद्र समझता था।
(c) निर्मित वस्तुओं का बाजार समझता था।
(d) खनिज संसाधनों का स्रोत समझता था।
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(c)
ब्रिटिश औद्योगिक क्रांति के बाद इंग्लैंड में विशाल मात्रा में कपड़ा और अन्य उत्पाद तैयार होने लगे, और भारत उनके लिए सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार था। इसीलिए जब गांधीजी ने विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया, तो इसका ब्रिटिश अर्थव्यवस्था पर सीधा और गहरा प्रभाव पड़ा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 19वीं सदी के मध्य तक भारत ब्रिटेन के कुल कपड़ा निर्यात का लगभग 25% से अधिक हिस्सा खपाता था। गांधीजी ने चरखे (Spinning Wheel) को स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बनाया और इसे आत्मनिर्भरता व आर्थिक स्वतंत्रता का माध्यम घोषित किया – यही कारण है कि चरखा भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक सशक्त प्रतीक बन गया।
26. महात्मा गांधी के अनुसार, राजनीति का तात्पर्य था-
(a) धर्म विहीन राजनीति
(b) जनकल्याण के लिए सक्रियता
(c) सत्यविहीन राजनीति
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(b)
गांधीजी राजनीति को सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा और जनकल्याण का माध्यम मानते थे। उनके अनुसार राजनीति और नैतिकता अविभाज्य हैं – धर्म (नैतिक मूल्य) से विहीन राजनीति एक मृत वस्तु है। सत्ता के विकेंद्रीकरण को उन्होंने जनकल्याण का मूलाधार माना और ग्राम पंचायतों को सक्रिय करने पर बल दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने एक बार कहा था – “राजनीति धर्म के बिना अभिशाप है।” उन्होंने ‘सात सामाजिक पाप’ (Seven Social Sins) की सूची में ‘नीतिविहीन राजनीति’ (Politics without Principles) को सबसे पहले रखा था, जो उनकी राजनीतिक दृष्टि को स्पष्ट करता है।
27. भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान सबसे पहले सत्याग्रह किसने किया था?
(a) सरदार पटेल
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) विनोबा भावे
(d) महात्मा गांधी
Uttarakhand P.C.S (Pre) 2005
उत्तर-(d)
सत्याग्रह का शाब्दिक अर्थ है – ‘सत्य का आग्रह’ अर्थात अहिंसा और सत्य के बल पर अन्याय का प्रतिरोध करना। महात्मा गांधी ने भारत में पहला सत्याग्रह 1917 में बिहार के चंपारण जिले से प्रारंभ किया, जहाँ नील की खेती के लिए किसानों पर अत्याचार हो रहे थे। यह भारत में उनका पहला सफल सत्याग्रह था जिसने उन्हें राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने सत्याग्रह का पहला प्रयोग भारत से पहले दक्षिण अफ्रीका में 1906 में किया था, जब वहाँ भारतीयों के विरुद्ध ‘एशियाटिक रजिस्ट्रेशन एक्ट’ (Black Act) लागू किया गया था। चंपारण के दौरान ब्रिटिश सरकार ने गांधीजी की जाँच समिति में उन्हें सदस्य बनाया, जो उस समय की एक असाधारण घटना थी।
28. निम्नलिखित में से मोहनदास करमचंद गांधी किसके लिए सर्वाधिक जाने जाते हैं?
(a) भारतीय स्वतंत्रता को प्राप्त करने के लिए निष्क्रिय विरोध करने के लिए।
(b) एक इस्लामी राष्ट्र स्थापित करने की इच्छा के लिए।
(c) हिंदुओं द्वारा राजनीतिक कार्यालय करने का विरोध करने के लिए।
(d) ब्रिटिश राज को समाप्त करने की हिंसा को प्रोत्साहित करने के लिए।
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(a)
गांधीजी को विश्वभर में ‘अहिंसक प्रतिरोध’ (Nonviolent Resistance) के प्रणेता के रूप में जाना जाता है। यद्यपि उन्होंने स्वयं सत्याग्रह को निष्क्रिय प्रतिरोध से अलग बताया – उनके अनुसार निष्क्रिय प्रतिरोध एक राजनीतिक उपकरण है जो कमज़ोरों का हथियार हो सकता है, जबकि सत्याग्रह आत्मिक बल पर आधारित नैतिक शक्ति है। फिर भी अंतरराष्ट्रीय जगत में उन्हें शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीकों से स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए जाना जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी के अहिंसक आंदोलन ने विश्वभर के नेताओं को प्रेरित किया – अमेरिका में मार्टिन लूथर किंग जूनियर और दक्षिण अफ्रीका में नेल्सन मंडेला ने गांधीजी की विचारधारा से प्रेरणा लेकर नागरिक अधिकार आंदोलन चलाए। संयुक्त राष्ट्र ने 2 अक्टूबर (गांधीजी का जन्मदिन) को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ घोषित किया है।
29. निम्नलिखित में से किसने कहा था- ‘विदेशी वस्त्रों की बर्बादी ही उनके साथ सर्वोत्तम व्यवहार है।”
(a) रबींद्रनाथ टैगोर
(b) महात्मा गांधी
(c) चितरंजन दास
(d) सुभाष चंद्र बोस
U.P.P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(b)
असहयोग आंदोलन (1920-22) के दौरान गांधीजी ने विदेशी वस्त्रों को राष्ट्रीय दासता का प्रतीक बताते हुए उन्हें जलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा था कि विदेशी वस्त्रों को नष्ट करना ही उनके साथ सबसे उचित व्यवहार है, क्योंकि ये वस्त्र भारतीय उद्योगों को नष्ट करने के उपकरण हैं। इस बहिष्कार को स्वदेशी आंदोलन से जोड़कर देखा गया जो पहले 1905 के बंग-भंग आंदोलन के समय शुरू हुआ था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रबींद्रनाथ टैगोर ने विदेशी वस्त्रों को जलाने का विरोध किया था – उन्होंने इसे ‘क्रोध का उत्सव’ कहकर आलोचना की और गांधीजी से इस विषय पर मतभेद रखा, हालाँकि दोनों के बीच पारस्परिक सम्मान बना रहा। भारत में विदेशी वस्त्र-बहिष्कार आंदोलन के परिणामस्वरूप मैनचेस्टर के कपड़ा उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था।
30. गांधीजी के नाम के पहले ‘महात्मा’ जोड़ा गया-
(a) चंपारण सत्याग्रह के दौरान
(b) रौलेट एक्ट के विरुद्ध सत्याग्रह के दौरान
(c) 1919 ई. में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अमृतसर अधिवेशन में
(d) खिलाफत आंदोलन के आरंभ के समय
U.P. U.D.A./ L.D.A. (Pre) 2002
U.P.P.C.S. (Pre) 2001
उत्तर-(a)
चंपारण सत्याग्रह (1917) की सफलता ने गांधीजी को भारत के एक अग्रणी नेता के रूप में स्थापित किया। इस आंदोलन की सफलता से प्रभावित होकर महाकवि रबींद्रनाथ टैगोर ने सर्वप्रथम मोहनदास करमचंद गांधी को ‘महात्मा’ की उपाधि से संबोधित किया। ‘महात्मा’ का अर्थ है – महान आत्मा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कुछ इतिहासकारों के अनुसार ‘महात्मा’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम नौशेरवानजी द्वारा 1914 में दक्षिण अफ्रीका में गांधीजी के लिए किया गया था। गांधीजी स्वयं इस उपाधि को लेकर विनम्र थे और कहते थे कि वे इस उपाधि के योग्य नहीं हैं।
31. निम्न में से किस आंदोलन से गांधीजी संबंधित नहीं थे?
(a) स्वदेशी आंदोलन
(b) खिलाफत आंदोलन
(c) वैयक्तिक सत्याग्रह आंदोलन
(d) भारत छोड़ो आंदोलन
U.P Lower Sub. (Pre) 1998
उत्तर-(a)
स्वदेशी आंदोलन 1905 में बंगाल-विभाजन के विरोध में प्रारंभ हुआ था। उस समय गांधीजी दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे, अतः वे इस आंदोलन से प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध नहीं थे। इसके विपरीत, खिलाफत आंदोलन, वैयक्तिक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में गांधीजी की केंद्रीय भूमिका रही।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: स्वदेशी आंदोलन का नेतृत्व बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल और अरबिंदो घोष जैसे उग्रवादी नेताओं ने किया था। गांधीजी 1915 में भारत लौटे और उसके बाद ही राष्ट्रीय आंदोलनों में सक्रिय हुए।
32. महात्मा गांधी को सर्वप्रथम ‘राष्ट्रपिता’ किसने कहा था?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) वल्लभभाई पटेल
(c) सी. राजगोपालाचारी
(d) सुभाष चंद्र बोस
I.A.S (Pre) 1993
Uttarakhand U.D.A. / L.D.A. (Mains) 2007
U.P.P.C.S. (Pre) 2008
U.P.P.S.C. (GIC) 2010
उत्तर-(d)
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सर्वप्रथम महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था। यह संबोधन 6 जुलाई 1944 को सिंगापुर रेडियो से दिए गए एक भाषण में किया गया था, जिसमें उन्होंने गांधीजी से आजाद हिंद फौज को आशीर्वाद देने का आग्रह किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यद्यपि गांधीजी और सुभाष चंद्र बोस के बीच स्वतंत्रता संग्राम की रणनीति को लेकर मतभेद थे – बोस सशस्त्र संघर्ष के पक्षधर थे जबकि गांधीजी अहिंसा में विश्वास रखते थे – फिर भी बोस गांधीजी को अपना आदर्श और राष्ट्रपिता मानते थे। भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से गांधीजी को ‘राष्ट्रपिता’ की उपाधि नहीं दी है, परंतु यह संबोधन परंपरागत रूप से स्वीकृत है।
33. गांधीवादी विचारधारा किनसे प्रभावित रही है?
(a) रस्किन से
(b) थोरो से
(c) टॉलस्टॉय से
(d) उपर्युक्त सभी से
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
गांधीजी की विचारधारा पर तीन पाश्चात्य विचारकों का गहरा प्रभाव पड़ा – हेनरी डेविड थोरो से उन्होंने सविनय अवज्ञा और कर-बंदी की प्रेरणा ली; जॉन रस्किन की पुस्तक ‘Unto This Last’ से शारीरिक श्रम की महत्ता और सामूहिक कल्याण का विचार ग्रहण किया; और लियो टॉलस्टॉय के “ईश्वर का राज्य तुम्हारे भीतर है” वाले सिद्धांत से अहिंसक प्रतिरोध की नींव पाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी और टॉलस्टॉय के बीच पत्राचार भी हुआ था – टॉलस्टॉय के नाम पर ही गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका में ‘टॉलस्टॉय फार्म’ (1910) की स्थापना की थी जो उनके सत्याग्रहियों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करता था। थोरो का निबंध ‘Civil Disobedience’ (1849) गांधीजी को अत्यंत प्रिय था।
34. निम्नलिखित में से किसने गांधीजी को सर्वप्रथम ‘महात्मा’ के तौर पर संबोधित किया था?
(a) जवाहरलाल नेहरू ने
(b) मदन मोहन मालवीय ने
(c) रबींद्रनाथ टैगोर ने
(d) सुभाष चंद्र बोस ने
U.P.P.C.S. (Mains) 2010
उत्तर-(c)
चंपारण सत्याग्रह की सफलता के बाद रबींद्रनाथ टैगोर ने सर्वप्रथम मोहनदास करमचंद गांधी को ‘महात्मा’ कहकर संबोधित किया, जिसका अर्थ है महान आत्मा। टैगोर और गांधीजी के बीच गहरा वैचारिक संबंध था, यद्यपि दोनों कभी-कभी एक-दूसरे के विचारों से असहमत भी होते थे – जैसे विदेशी वस्त्र-दहन के प्रश्न पर।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: टैगोर गांधीजी को ‘महात्मा’ कहते थे तो गांधीजी टैगोर को ‘गुरुदेव’ कहकर संबोधित करते थे – यह दोनों महापुरुषों के पारस्परिक आदर का प्रतीक था। टैगोर ने ‘राष्ट्रवाद’ की अंधभक्ति की आलोचना की थी जबकि गांधीजी ने राष्ट्रवाद को जनसेवा का माध्यम माना।
35. निम्न में से महात्मा गांधी का भारत में पहला सत्याग्रह कौन-सा था?
(a) अहमदाबाद
(b) बारदोली
(c) चंपारण
(d) वैयक्तिक
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
64th B.P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर-(c)
1915 में दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद गांधीजी ने भारत की परिस्थितियों को समझने के लिए एक वर्ष देशभ्रमण किया। 1917 में बिहार के चंपारण जिले के किसान राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर वे चंपारण पहुँचे। वहाँ ‘तिनकठिया पद्धति’ के तहत किसानों को अपनी भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करने के लिए बाध्य किया जाता था। इसी अन्याय के विरुद्ध गांधीजी ने भारत में अपना प्रथम सफल सत्याग्रह प्रारंभ किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चंपारण में जाँच के दौरान ब्रिटिश कलेक्टर ने गांधीजी को जिला छोड़ने का आदेश दिया जिसे उन्होंने मानने से इनकार कर दिया – यह भारत में उनकी पहली सविनय अवज्ञा थी। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप ब्रिटिश सरकार ने 1918 में चंपारण एग्रेरियन एक्ट पारित कर तिनकठिया प्रथा को समाप्त किया।
36. निम्नलिखित सत्याग्रहों में से किसका नेतृत्व महात्मा गांधी ने नहीं किया था?
(a) भारत छोड़ो आंदोलन
(b) सविनय अवज्ञा
(c) बारदोली
(d) खेड़ा
U.P.P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(c)
बारदोली सत्याग्रह (1928) गुजरात के सूरत जिले में किसानों के लगान वृद्धि के विरोध में हुआ था। इसका नेतृत्व सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था, न कि गांधीजी ने। इसी सत्याग्रह की सफलता के बाद वहाँ की महिलाओं ने पटेल को ‘सरदार’ की उपाधि दी। खेड़ा (1918), सविनय अवज्ञा (1930) और भारत छोड़ो (1942) – इन तीनों का नेतृत्व गांधीजी ने किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बारदोली सत्याग्रह में लगान 22% बढ़ाया गया था जिसे किसानों ने देने से इनकार कर दिया। ब्रिटिश सरकार को अंततः लगान वृद्धि वापस लेनी पड़ी और एक जाँच समिति बैठानी पड़ी – यह गांधीवादी पद्धति की एक बड़ी जीत थी।
37. महात्मा गांधी ने कहा था कि उनकी कुछ सबसे धारणाएं “अनटू दिस लास्ट” नामक पुस्तक में प्रतिबिंबित होती हैं और इस पुस्तक ने उनके जीवन को बदल डाला। इस पुस्तक का वह संदेश क्या था जिसने महात्मा गांधी को बदल डाला?
(a) सुशिक्षित व्यक्ति का यह नैतिक दायित्व है कि वह शोषित तथा निर्धनों का उत्थान करे
(b) व्यक्ति का कल्याण सब के कल्याण में निहित है।
(c) उच्च जीवन के लिए ब्रह्मचर्य तथा आध्यात्मिक चिंतन अनिवार्य है
(d) इस संदर्भ में सभी उपर्युक्त (a) (b) तथा (c) कथन सही हैं।
I.A.S. (Pre) 2011
उत्तर-(b)
जॉन रस्किन की पुस्तक ‘Unto This Last’ गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका प्रवास के दौरान पढ़ी थी। गांधीजी ने अपनी आत्मकथा ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ में लिखा है कि इस पुस्तक ने उन्हें रातोंरात बदल दिया। इस पुस्तक का केंद्रीय संदेश यही था कि व्यक्ति का सच्चा कल्याण समाज के सर्वजन के कल्याण में ही निहित है – व्यक्तिगत सुख सार्वजनिक भलाई से अलग नहीं हो सकता।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने इस पुस्तक का गुजराती में अनुवाद ‘सर्वोदय’ नाम से किया था – ‘सर्वोदय’ का अर्थ है सबका उदय अर्थात सभी का कल्याण। यही ‘सर्वोदय’ की अवधारणा बाद में विनोबा भावे के भूदान आंदोलन की वैचारिक नींव भी बनी।
38. निम्नलिखित कथनों में से कौन महात्मा गांधी के बारे में सही हैं?
1. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकोट में प्राप्त की थी।
2. कस्तूरबा के साथ उनका विवाह 13 वर्ष की आयु में हुआ था।
3. उन्होंने विधि का अध्ययन द इनर टेम्पुल, लंदन में किया था।
4. वे रस्किन की पुस्तक अनटू दिस लास्ट से सर्वाधिक प्रभावित हुए थे।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
कूट :
(a) 1 तथा 2
(b) 1, 2 तथा 3
(c) 1, 3 तथा 4
(d) 1, 2, 3 तथा 4
U.P. P.S.C. (GIC) 2010
उत्तर-(d)
उपर्युक्त चारों कथन गांधीजी के बारे में सत्य हैं। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ और प्रारंभिक शिक्षा राजकोट में हुई। मात्र 13 वर्ष की आयु में कस्तूरबा से उनका विवाह हुआ। उन्होंने लंदन के ‘द इनर टेम्पुल’ से बैरिस्टरी की शिक्षा प्राप्त की। रस्किन की ‘Unto This Last’ ने उनके जीवन और विचारों को सर्वाधिक प्रभावित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी 1888 में लंदन गए और 1891 में बैरिस्टर बनकर भारत लौटे। लंदन प्रवास के दौरान उन्होंने शाकाहार का पालन किया और ‘London Vegetarian Society’ के सदस्य भी बने। भारत में वकालत में अपेक्षित सफलता न मिलने पर वे 1893 में दक्षिण अफ्रीका चले गए जहाँ उनके जीवन का वास्तविक परिवर्तन हुआ।
39. निम्न कथनों में से गांधी के संदर्भ में कौन सही है?
(a) जातिविहीन अछूतों की दशा में सुधार के लिए कठोर संघर्ष किया।
(b) असहयोग आंदोलन शुरू किया।
(c) सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया।
(d) उपर्युक्त सभी
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
गांधीजी ने अछूतों को ‘हरिजन’ (ईश्वर के जन) नाम दिया और उनकी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने 1920-22 में असहयोग आंदोलन और 1930 में दांडी मार्च से प्रारंभ होकर सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाया। अतः तीनों कथन सत्य हैं और विकल्प (d) सही उत्तर है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1932 में ब्रिटिश सरकार द्वारा दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र (Communal Award) की घोषणा के विरोध में गांधीजी ने आमरण अनशन किया, जिसके फलस्वरूप अंबेडकर के साथ ‘पूना पैक्ट’ हुआ और दलितों को हिंदू निर्वाचन क्षेत्र में ही आरक्षित सीटें मिलीं। गांधीजी ने 1933 में ‘हरिजन’ नामक साप्ताहिक पत्रिका भी प्रारंभ की थी।
40. भारत की स्वाधीनता के समय महात्मा गांधी-
(a) कांग्रेस कार्यकारिणी समिति के सदस्य थे।
(b) कांग्रेस के सदस्य नहीं थे।
(c) कांग्रेस के अध्यक्ष थे।
(d) कांग्रेस के महासचिव थे।
I.A.S. (Pre) 1993
उत्तर-(b)
1947 में भारत की स्वतंत्रता के समय गांधीजी औपचारिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य नहीं थे। उन्होंने 1934 में कांग्रेस की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। इसके बावजूद कांग्रेस के नेतृत्व पर उनका नैतिक और वैचारिक प्रभाव अत्यंत गहरा बना रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद ‘रचनात्मक कार्यक्रम’ (Constructive Programme) पर ध्यान केंद्रित किया जिसमें खादी, ग्रामोद्योग, हरिजन सेवा और बुनियादी शिक्षा शामिल थी। स्वतंत्रता के दिन 15 अगस्त 1947 को गांधीजी दिल्ली में नहीं थे – वे नोआखाली (बंगाल) के सांप्रदायिक दंगों को शांत करने में लगे हुए थे।
41. स्वाधीनता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के करीबी अंग्रेज मित्र थे-
(a) रेवरेंड थॉमस मूर
(b) ए.ओ. ह्यूम
(c) रेवरेंड चार्ली एन्ड्रज
(d) विलियम बावेल
46th B.P.S.C. (Pre) 2004
उत्तर-(c)
चार्ल्स फ्रीर एन्ड्रूज, जिन्हें प्रेमपूर्वक ‘दीनबंधु’ कहा जाता था, दिल्ली के सेंट स्टीफेन्स कॉलेज में प्राध्यापक थे। वे भारतीयों के प्रति अगाध प्रेम रखते थे और दक्षिण अफ्रीका में गांधीजी के फीनिक्स फार्म में उनके साथ रहे। गांधीजी ने उनकी गरीबों के प्रति अटूट निष्ठा देखकर उन्हें ‘दीनबंधु’ की उपाधि दी। वे गांधीजी के साथ गोलमेज सम्मेलन में भी लंदन गए थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एन्ड्रूज 1925 और 1927 में ‘ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस’ के अध्यक्ष भी रहे। रवींद्रनाथ टैगोर और गोपाल कृष्ण गोखले से भी उनके अत्यंत घनिष्ठ संबंध थे – टैगोर उन्हें ‘महात्मा एन्ड्रूज’ कहकर पुकारते थे।
42. नोआखाली काल में महात्मा गांधी के सचिव कौन थे?
(a) निर्मल कुमार बोस
(b) महादेव देसाई
(c) प्यारे लाल
(d) वल्लभभाई पटेल
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(c)
1946-47 में नोआखाली (वर्तमान बांग्लादेश) में भड़के सांप्रदायिक दंगों को शांत करने के लिए जब गांधीजी वहाँ गए, तब प्यारे लाल उनके सचिव के रूप में साथ थे। प्यारे लाल की बहन डॉ. सुशीला नैयर गांधीजी की व्यक्तिगत चिकित्सक थीं। प्यारे लाल ने गांधीजी के दांडी मार्च (1930) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: प्यारे लाल ने गांधीजी की विस्तृत जीवनी लिखी जो कई खंडों में प्रकाशित हुई और गांधी-साहित्य की सबसे प्रामाणिक कृतियों में मानी जाती है। गांधीजी के प्रारंभिक सचिव महादेव देसाई थे जो 1942 में आगाखान पैलेस में नजरबंदी के दौरान गांधीजी की बाहों में ही चल बसे थे।
43. “भारतीय कपड़ा व्यापारी, बैंकर, कांग्रेसी तथा महात्मा गांधी का निकट सहयोगी है,” यह उपयुक्त विवरण है-
(a) जी.डी. बिड़ला का
(b) एम. आर. जयकर का
(c) जमनालाल बजाज का
(d) बी.एस. श्रीनिवास शास्त्री का
I.A.S. (Pre) 1993
उत्तर-(c)
जमनालाल बजाज राजस्थान के एक प्रमुख उद्योगपति थे जो कपड़ा व्यापार और बैंकिंग से जुड़े थे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लंबे समय तक कोषाध्यक्ष रहे और गांधीजी के परम विश्वासपात्र सहयोगी थे। गांधीजी उन्हें अपना पाँचवाँ पुत्र मानते थे। वे 1923 में झंडा सत्याग्रह और 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन में जेल गए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जमनालाल बजाज ने अपनी जागीर (राजा की उपाधि) ब्रिटिश सरकार को लौटा दी थी, जो उस दौर में एक साहसिक और असाधारण कदम था। उनकी स्मृति में ‘जमनालाल बजाज पुरस्कार’ दिया जाता है जो गांधीवादी मूल्यों के अनुसरण के लिए प्रतिष्ठित माना जाता है।
44. गांधी के निम्नलिखित अनुयायियों में से कौन पेशे से एक शिक्षक था?
(a) ए.एन.सिन्हा (वकील)
(b) बृज किशोर प्रसाद (वकील)
(c) जे.बी.कृपलानी (शिक्षक)
(d) राजेंद्र प्रसाद
I.A.S. (Pre) 2008
उत्तर-(c)
जीवतराम भगवानदास कृपलानी (जे.बी. कृपलानी) पेशे से शिक्षक थे और गांधीजी के चंपारण सत्याग्रह (1917) से प्रभावित होकर उनके अनुयायी बन गए। वे बिहार विद्यापीठ में अध्यापन करते थे। अन्य विकल्पों में ए.एन. सिन्हा और बृज किशोर प्रसाद वकील थे, जबकि राजेंद्र प्रसाद ने संक्षिप्त अध्यापन के बाद मुख्यतः वकालत अपनाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जे.बी. कृपलानी 1947 में स्वतंत्रता के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर ‘किसान मजदूर प्रजा पार्टी’ की स्थापना की और समाजवादी राजनीति में सक्रिय रहे।
45. भारतीय इतिहास के संदर्भ में वायकोम सत्याग्रह के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1.यह अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध एक सत्याग्रह था।
2. महात्मा गांधी ने इस सत्याग्रह में भाग लिया था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए। कूट :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 न ही 2
U.P.P.C.S. (Pre) 2021
उत्तर-(c)
वायकोम सत्याग्रह (1924-25) तत्कालीन त्रावणकोर (आधुनिक केरल) में हिंदू समाज की अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध चलाया गया था – अतः पहला कथन सत्य है। गांधीजी ने इस आंदोलन में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया, परंतु उनका अप्रत्यक्ष निर्देशन और समर्थन प्राप्त था। चूँकि दूसरे कथन में ‘प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष’ का भेद नहीं किया गया, इसलिए उसे भी सही माना जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वायकोम सत्याग्रह का नेतृत्व मुख्यतः टी.के. माधवन और के. केलप्पन ने किया था। यह आंदोलन विशेष रूप से वायकोम के शिव मंदिर के निकट की सड़कों पर अछूतों के चलने के अधिकार के लिए लड़ा गया था और इसे ‘भारत का पहला मंदिर प्रवेश सत्याग्रह’ माना जाता है।
46. निम्न उद्योगपतियों में से कौन-से व्यक्ति लंबे समय तक ए.आई. सी.सी. के खजांची रहे तथा सन् 1930 में जेल भी गए?
(a) जी. डी. बिड़ला
(b) जमनालाल बजाज
(c) जे.आर.डी. टाटा
(d) बालचंद हीराचंद
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
उत्तर-(b)
सेठ जमनालाल बजाज गांधीजी के परम विश्वासपात्र सहयोगी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (AICC) के दीर्घकालिक कोषाध्यक्ष थे। उन्होंने 1923 में नागपुर के झंडा सत्याग्रह में और 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान कारावास भोगा। वे गांधीजी के रचनात्मक कार्यक्रमों को आर्थिक सहयोग देते थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जमनालाल बजाज ने वर्धा में गांधीजी के आश्रम ‘सेवाग्राम’ की स्थापना के लिए भूमि प्रदान की थी। जी.डी. बिड़ला भी गांधीजी के निकट थे और उन्होंने गोलमेज सम्मेलन (1931) के दौरान गांधीजी के लंदन प्रवास में आर्थिक सहायता दी थी।
47. निम्नलिखित में से किस सत्याग्रह आंदोलन में गांधीजी ने प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया?
(a) राजकोट सत्याग्रह
(b) खेड़ा सत्याग्रह
(c) वायकोम सत्याग्रह
(d) असहयोग आंदोलन
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(c)
वायकोम सत्याग्रह (1924-25) में गांधीजी ने प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया, यद्यपि उनका अप्रत्यक्ष समर्थन और मार्गदर्शन इस आंदोलन को प्राप्त था। इसके विपरीत खेड़ा सत्याग्रह (1918), राजकोट सत्याग्रह (1939) और असहयोग आंदोलन (1920-22) का नेतृत्व स्वयं गांधीजी ने किया था। राजकोट में गांधीजी के चार दिन के अनशन के बाद वायसराय की मध्यस्थता से समझौता हुआ था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वायकोम सत्याग्रह का सफल समापन 1925 में हुआ जब त्रावणकोर सरकार ने मंदिर के निकट की सड़कें सभी जातियों के लिए खोल दीं। यह दक्षिण भारत में सामाजिक न्याय आंदोलन की एक ऐतिहासिक जीत थी।
48. महात्मा गांधी का छत्तीसगढ़ में प्रथम आगमन कब हुआ था?
(a) 2 अक्टूबर, 1906
(b) 20 दिसंबर, 1920
(c) 1 जुलाई, 1937
(d) 9 सितंबर, 1942
Chhattisgarh P.C.S (Pre) 2005
उत्तर-(b)
महात्मा गांधी का छत्तीसगढ़ में प्रथम आगमन 20 दिसंबर 1920 को रायपुर के निकट धमतारी में हुआ था। यह वह समय था जब असहयोग आंदोलन अपने प्रारंभिक दौर में था और गांधीजी देशभर में जन-जागृति के लिए भ्रमण कर रहे थे। इसके अतिरिक्त वे 24 नवंबर 1933 को भी छत्तीसगढ़ आए थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: छत्तीसगढ़ में गांधीजी के 1920 के दौरे से प्रेरित होकर यहाँ के किसानों ने असहयोग आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। धमतारी के कंडेल नहर सत्याग्रह (1920) को छत्तीसगढ़ का पहला गांधीवादी सत्याग्रह माना जाता है, जिसमें किसानों ने नहर के पानी के लिए अंग्रेज सरकार के विरुद्ध संघर्ष किया।
49. निम्नलिखित में से किस कारागार को गांधीजी ने ‘मंदिर’ का नाम दिया था?
(a) नैनी
(b) यरवदा
(c) सेल्यूलर (पोर्ट ब्लेयर)
(d) आगाखान पैलेस
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
उत्तर-(b)
पुणे (महाराष्ट्र) स्थित यरवदा कारागार में गांधीजी को 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान बंदी बनाकर रखा गया था। वहाँ रहते हुए उन्होंने साबरमती आश्रम के निवासियों को साप्ताहिक पत्र लिखे और आत्मिक चिंतन में लीन रहे। इस आध्यात्मिक अनुभव के कारण उन्होंने यरवदा जेल को ‘मंदिर’ की संज्ञा दी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यरवदा जेल में ही 1932 में गांधीजी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के बीच ऐतिहासिक ‘पूना पैक्ट’ पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसने दलितों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र की जगह सामान्य निर्वाचन में आरक्षित सीटों की व्यवस्था की। गांधीजी को कुल मिलाकर दक्षिण अफ्रीका और भारत में लगभग 6 वर्षों से अधिक समय जेल में बिताना पड़ा।
50. निम्नलिखित में से कौन इस सिद्धांत के प्रबल समर्थक थे कि “जो नैतिक दृष्टिकोण से गलत है, वह राजनीति दृष्टिकोण से कभी सही नहीं हो सकता है”?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) सरदार पटेल
(c) एम.के. गांधी
(d) सी. राजगोपालाचारी
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(c)
गांधीजी की राजनीतिक दृष्टि का मूल आधार नैतिकता था। उनका दृढ़ मत था कि जो कार्य नैतिक दृष्टि से अनुचित है, वह किसी भी राजनीतिक परिस्थिति में उचित नहीं हो सकता। इसीलिए उन्होंने साध्य के साथ-साथ साधन की पवित्रता पर भी समान बल दिया। गांधीजी के विषय में प्रसिद्ध उक्ति है कि वे “राजनीतिज्ञों में संत और संतों में राजनीतिज्ञ” थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने ‘सात सामाजिक पापों’ (Seven Social Sins) की सूची में ‘नीतिविहीन राजनीति’ को सर्वप्रथम स्थान दिया था। उनके अनुसार अन्य छह पाप थे – सिद्धांतविहीन धन, विवेकविहीन आनंद, चरित्रविहीन ज्ञान, मानवता-रहित विज्ञान, कर्तव्यविहीन अधिकार और त्यागविहीन पूजा।
51. गांधीजी ने अपना पहला सत्याग्रह आरंभ किया-
(a) तुर्की पर ब्रिटिश आक्रमण के विरुद्ध
(b) 1935 के भारत सरकार अधिनियम के विरुद्ध
(c) मजदूरों को कम वेतन दिए जाने के विरुद्ध
(d) रौलेट एक्ट के विरुद्ध
Uttarakhand P.C.S (Pre) 2002
U.P Lower Sub. (Pre) 1998
उत्तर-(c)
दिए गए विकल्पों में चंपारण का नाम न होने के कारण, गांधीजी का प्रथम सत्याग्रह यहाँ अहमदाबाद मिल हड़ताल (फरवरी-मार्च 1918) को माना जाएगा। अहमदाबाद की कपड़ा मिलों में मालिकों और मजदूरों के बीच प्लेग-बोनस को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। गांधीजी ने मजदूरों का समर्थन करते हुए तीन दिन का अनशन किया – यह भारत में उनकी पहली भूख हड़ताल थी – जिसके बाद मिल मालिक मध्यस्थता को तैयार हुए और मजदूरों को बोनस मिला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अहमदाबाद मिल हड़ताल में अनसूया साराभाई (उद्योगपति अंबालाल साराभाई की बहन) ने मजदूरों की ओर से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही अनसूया साराभाई बाद में ‘मजूर महाजन संघ’ (Textile Labour Association) की संस्थापक बनीं जो भारत की पहली महिला-नेतृत्व वाली ट्रेड यूनियनों में से एक है।
52. गांधीजी को ‘वन मैन बाऊंडरी फोर्स’ कहकर किसने संबोधित किया?
(a) चर्चिल ने
(b) एटली ने
(c) माउंटबेटन ने
(d) साइमन ने
U.P.P.C.S. (Pre) (Re-Exam) 2015
उत्तर-(c)
1947 में विभाजन के बाद बंगाल और पंजाब में भड़के सांप्रदायिक दंगों को शांत करने में गांधीजी ने अकेले असाधारण भूमिका निभाई। लॉर्ड माउंटबेटन ने इसी कारण उन्हें ‘वन मैन बाउंडरी फोर्स’ की उपाधि दी और कहा कि जो काम 50,000 हथियारबंद सैनिक नहीं कर सकते थे, वह गांधीजी ने कर दिखाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने नोआखाली (1946-47) में पैदल भ्रमण कर सांप्रदायिक सौहार्द स्थापित करने का प्रयास किया। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 1947) पर जब पूरा देश जश्न मना रहा था, गांधीजी कलकत्ता में उपवास और प्रार्थना के साथ दंगापीड़ितों के बीच थे।
53. गांधीजी की मृत्यु पर किसने कहा था “हमारे जीवन से प्रकाश चला गया है?”
(a) लॉर्ड माउंटबेटन
(b) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
(c) डॉ. एस. राधाकृष्णन
(d) जवाहरलाल नेहरू
M.P.P.C.S. (Pre) 1995
उत्तर-(d)
30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने बिड़ला भवन (नई दिल्ली) में प्रार्थना सभा के दौरान गांधीजी की गोली मारकर हत्या कर दी। इस दुखद समाचार पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा – “हमारे जीवन से प्रकाश चला गया है, चारों ओर अंधेरा है… राष्ट्रपिता, जिन्हें हम ‘बापू’ कहते थे, अब हमारे बीच नहीं रहे।”
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी की हत्या के समय उनके मुख से अंतिम शब्द ‘हे राम’ निकले थे। नाथूराम गोडसे और उनके सहयोगी नारायण आप्टे को इस हत्या के लिए 15 नवंबर 1949 को फाँसी दी गई। 2 अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ और 30 जनवरी को ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
54. महात्मा गांधी ने भारत में अपना पहला जनभाषण कहां दिया था?
(a) बंबई में
(b) लखनऊ में
(c) चंपारण में
(d) वाराणसी में
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(d)
महात्मा गांधी ने भारत में अपना पहला सार्वजनिक भाषण फरवरी 1916 में वाराणसी (बनारस) में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में दिया था। इस समारोह में एनी बेसेंट और अन्य प्रमुख नेता भी उपस्थित थे। गांधीजी ने इस भाषण में ब्रिटिश शासन और भारतीय राजाओं की विलासिता की आलोचना की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस भाषण में गांधीजी ने कहा था कि जब तक हम स्वयं स्वच्छता और श्रम का सम्मान नहीं सीखेंगे, तब तक स्वराज का कोई अर्थ नहीं। उन्होंने भाषण हिंदी में दिया जो उस दौर में असामान्य था क्योंकि तत्कालीन कांग्रेसी नेता अधिकतर अंग्रेजी में बोलते थे – यह उनके ‘जन-भाषा’ के प्रति प्रतिबद्धता का प्रारंभिक प्रमाण था।
55. निम्न में से किस आंदोलन में महात्मा गांधी ने पहली बार भूख हड़ताल का प्रयोग हथियार के रूप में किया था?
(a) असहयोग आंदोलन
(b) रौलेट सत्याग्रह
(c) अहमदाबाद की हड़ताल
(d) बारदोली सत्याग्रह
U.P. P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(c)
1918 में अहमदाबाद की कपड़ा मिलों में मालिकों और मजदूरों के बीच प्लेग-बोनस को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। मजदूर 35% वेतन वृद्धि की माँग कर रहे थे। गांधीजी ने मजदूरों के समर्थन में तीन दिन का अनशन किया – यह भारत में उनकी पहली भूख हड़ताल थी। इसके दबाव में मिल मालिक मध्यस्थता को तैयार हुए और अंततः मजदूरों को 35% वृद्धि मिली।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने जीवनभर में कुल 17 बार उपवास का सहारा लिया, जिनमें से कई राजनीतिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए थे। 1932 का पूना पैक्ट वाला उपवास उनका सर्वाधिक चर्चित उपवास रहा जो दलितों के अधिकारों से जुड़ा था।
56. निम्न में से किसने महात्मा गांधी को आदेशित किया था कि वह भारत में प्रथम वर्ष ‘खुले कान पर मुंह बंद कर’ व्यतीत करें?
(a) दादाभाई नौरोजी
(b) बाल गंगाधर तिलक
(c) फिरोज़शाह मेहता
(d) गोपाल कृष्ण गोखले
U.P.P.C.S. (Mains) 2014
उत्तर-(d)
गोपाल कृष्ण गोखले गांधीजी के राजनीतिक गुरु थे। 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने पर गोखले ने गांधीजी को परामर्श दिया कि वे पहले एक वर्ष ‘खुले कान और बंद मुंह’ के साथ भारत का भ्रमण करें – अर्थात देश की वास्तविक दशा को समझें, शीघ्र कोई राय न बनाएँ। गांधीजी ने इस सलाह का पालन किया और 1915-16 में पूरे भारत का दौरा किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने गोखले के इस मार्गदर्शन का उल्लेख अपनी आत्मकथा ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ में किया है। इसी भ्रमण के दौरान गांधीजी को चंपारण के किसान राजकुमार शुक्ल मिले जिन्होंने उन्हें 1917 में चंपारण आने के लिए प्रेरित किया।
57. निम्नलिखित में से कौन कहा करते थे-“गलत साधन हमें कभी भी सही उद्देश्य तक नहीं ले जाते हैं”?
(a) सरदार पटेल
(b) एम.के. गांधी
(c) लाला लाजपत राय
(d) जवाहरलाल नेहरू
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(b)
गांधीजी साधन और साध्य दोनों की पवित्रता में विश्वास रखते थे। उनका प्रसिद्ध कथन था – “गलत साधन हमें कभी भी सही उद्देश्य तक नहीं ले जाते।” उनके अनुसार साधन बीज के समान हैं और साध्य वृक्ष के समान – जैसा बीज बोया जाएगा, वैसा ही फल मिलेगा। इसीलिए उन्होंने हिंसा का सहारा लेकर स्वतंत्रता प्राप्त करने का विरोध किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी का यह दर्शन उन्हें उग्रवादियों से अलग करता था। सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं का मानना था कि यदि उद्देश्य सही हो तो साधन का चुनाव परिस्थिति पर निर्भर करता है – यही वैचारिक मतभेद गांधीजी और बोस के बीच 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष पद विवाद का एक कारण बना।
58. भारतीय राजनीति में प्रवेश के पूर्व एक वर्ष तक देश में पर्यवेक्षक एवं विद्यार्थी के रूप में रहने की सलाह गांधीजी को किसने दी थी?
(a) एनी बेसेंट
(b) बाल गंगाधर तिलक
(c) गोपाल कृष्ण गोखले
(d) रबींद्रनाथ टैगोर
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
उत्तर-(c)
1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद गांधीजी के गुरु गोपाल कृष्ण गोखले ने उन्हें सलाह दी कि वे भारतीय राजनीति में सीधे प्रवेश करने से पहले एक वर्ष तक देश का भ्रमण करें और यहाँ की वास्तविक परिस्थितियों को एक विद्यार्थी की तरह समझें। गांधीजी ने इस सलाह को पूरी तरह माना और इस दौरान वे मौन-पर्यवेक्षक बने रहे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दुर्भाग्यवश, गोखले ने गांधीजी को यह सलाह देने के कुछ ही महीनों बाद फरवरी 1915 में निधन हो गया। गोखले की मृत्यु के बाद गांधीजी ने अपने गुरु के सम्मान में उनकी स्थापित संस्था ‘सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी’ से जुड़ने का प्रयास किया था, परंतु संस्था के अन्य सदस्यों ने इसे स्वीकार नहीं किया।
59. गांधीजी ने बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने का अभियान कहां से आरंभ किया था?
(a) पटना
(b) कलकत्ता
(c) बंबई
(d) गोरखपुर
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
उत्तर-(*)
गांधीजी ने भारत में बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने का अभियान बिहार के चंपारण से शुरू किया था, जो दिए गए किसी भी विकल्प में नहीं है, इसलिए उत्तर (*) है। चंपारण में ‘तिनकठिया पद्धति’ के तहत किसानों को अपनी भूमि के 3/20वें भाग पर नील की खेती अनिवार्य रूप से करनी पड़ती थी और इनकार करने पर अत्याचार किए जाते थे। बिहार के किसान राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर गांधीजी अप्रैल 1917 में चंपारण गए और इस बंधुआ व्यवस्था के विरुद्ध सत्याग्रह छेड़ा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जुलाई 1917 में गठित ‘चंपारण एग्रेरियन कमेटी’ की सिफारिशों पर तिनकठिया प्रथा को समाप्त कर दिया गया। इस आंदोलन में राजेंद्र प्रसाद, मजहरुल हक और जे.बी. कृपलानी जैसे नेताओं ने गांधीजी का साथ दिया – यह भविष्य के राष्ट्रीय नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण नर्सरी साबित हुई।
60. गांधीजी के ट्रस्टीशिप के सिद्धांत के प्रतिपाद्य के संबंध में निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा एक सही है?
(a) दक्षिण अफ्रीका-1903
(b) लंदन-1904
(c) दिल्ली-1905
(d) अहमदाबाद-1906
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(a)
गांधीजी ने 1903 में दक्षिण अफ्रीका के जोहॉन्सबर्ग में अपनी विधि फर्म (Law Firm) स्थापित की और वहाँ 1910 तक कार्य किया। इसी दौरान उन्होंने ट्रस्टीशिप के सिद्धांत को व्यावहारिक रूप से लागू किया। इस सिद्धांत के अनुसार धनवान लोग समाज की संपत्ति के केवल ट्रस्टी (संरक्षक) हैं, स्वामी नहीं – उन्हें इसका उपयोग समाज के कल्याण के लिए करना चाहिए। विकल्पों में दिए गए अन्य शहर और वर्ष उस काल से मेल नहीं खाते जब यह सिद्धांत प्रतिपादित हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी के ट्रस्टीशिप सिद्धांत की तुलना प्रायः कार्ल मार्क्स के समाजवाद से की जाती है, परंतु दोनों में मूल अंतर यह है कि मार्क्स वर्ग-संघर्ष और राज्य के स्वामित्व में विश्वास रखते थे, जबकि गांधीजी स्वैच्छिक त्याग और नैतिक परिवर्तन में। जमनालाल बजाज और घनश्यामदास बिड़ला जैसे उद्योगपतियों ने इस सिद्धांत को आंशिक रूप से अपनाया।
61. निम्नलिखित में से महात्मा गांधी का कौन-सा संघर्ष औद्योगिक श्रमिकों से संबंधित था?
(a) चंपारण सत्याग्रह
(b) अहमदाबाद संघर्ष
(c) खेड़ा संघर्ष
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Pre) 2002
उत्तर-(b)
गांधीजी के प्रमुख सत्याग्रहों में अहमदाबाद संघर्ष (1918) एकमात्र ऐसा आंदोलन था जो औद्योगिक श्रमिकों से सीधे संबंधित था। यहाँ सूती कपड़ा मिलों के मजदूर और मालिक प्लेग-बोनस को लेकर आमने-सामने थे। चंपारण (1917) और खेड़ा (1918) के संघर्ष कृषक वर्ग से संबंधित थे। अहमदाबाद में गांधीजी के तीन दिन के अनशन के बाद ट्रिब्यूनल ने मजदूरों को 35% बोनस दिलाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अहमदाबाद मिल आंदोलन के बाद 1920 में स्थापित ‘मजूर महाजन संघ’ (Textile Labour Association) भारत की सबसे पुरानी और सुव्यवस्थित ट्रेड यूनियनों में से एक बनी। इस संघ की स्थापना में अनसूया साराभाई की केंद्रीय भूमिका रही और यह गांधीवादी श्रम-आंदोलन का प्रतीक संस्था बन गई।
62. 1917-18 में अहमदाबाद में गांधीजी द्वारा चलाए गए सत्याग्रह में किसने हिस्सा लिया था?
(a) कृषक वर्ग
(b) मध्यम वर्ग
(c) जनता
(d) मजदूर
39th B.P.S.C. (Pre) 1994
उत्तर-(d)
1918 में अहमदाबाद की कॉटन टेक्सटाइल मिलों में मालिकों और मजदूरों के बीच प्लेग-बोनस को लेकर तीव्र विवाद छिड़ गया। प्लेग का प्रकोप समाप्त होने के बाद मालिक यह बोनस बंद करना चाहते थे, जबकि मजदूर महँगाई के कारण वेतन में 35% वृद्धि की माँग कर रहे थे। गांधीजी ने उत्पादन लागत और जीवन-निर्वाह खर्च का गहन अध्ययन कर मजदूरों की माँग को उचित पाया और उनके समर्थन में तीन दिन का अनशन किया, जिसके बाद मिल मालिक ट्रिब्यूनल के समक्ष झुके।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह आंदोलन गांधीजी की भारत में पहली भूख हड़ताल के लिए भी इतिहास में दर्ज है। इस संघर्ष में उद्योगपति अंबालाल साराभाई मालिकों के पक्ष में थे, किंतु उनकी बहन अनसूया साराभाई मजदूरों की ओर से लड़ रही थीं – यह पारिवारिक विरोधाभास गांधी-आंदोलन की एक रोचक विशेषता थी।
63. निम्नलिखित में से किसके लिए अहमदाबाद सत्याग्रह आरंभ किया गया था?
(a) किसानों के लिए
(b) सूती मिल कामगारों के लिए
(c) आभूषण कारीगरों के लिए
(d) प्रेस की स्वतंत्रता के लिए
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
उत्तर-(b)
अहमदाबाद सत्याग्रह (1918) सूती कपड़ा मिलों के कामगारों के अधिकारों की रक्षा के लिए आरंभ किया गया था। मिल मालिक प्लेग-बोनस समाप्त करना चाहते थे जबकि मजदूर महँगाई के चलते 35% वेतन वृद्धि की माँग पर अडिग थे। गांधीजी ने मजदूरों के पक्ष में हस्तक्षेप किया, अनशन किया और अंततः ट्रिब्यूनल के माध्यम से मजदूरों को उनकी माँग के अनुरूप बोनस दिलाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अहमदाबाद सत्याग्रह की सफलता ने गांधीजी को औद्योगिक मजदूर वर्ग के बीच भी लोकप्रिय बनाया। इसी शहर में गांधीजी का साबरमती आश्रम (1917 में स्थापित) था जो उनके सत्याग्रह और रचनात्मक कार्यक्रमों का केंद्र बना – 1930 के दांडी मार्च की शुरुआत भी इसी आश्रम से हुई थी।
64. चंपारण में ‘तिनकठिया प्रथा’ का तात्पर्य था-
(a) 3/20 भूभाग पर नील की खेती करना।
(b) 3/19 भूभाग पर नील की खेती करना।
(c) 3/18 भूभाग पर नील की खेती करना।
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Pre) 2013
उत्तर-(a)
तिनकठिया प्रथा चंपारण (बिहार) में यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा लागू की गई एक अनिवार्य कृषि व्यवस्था थी, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें भाग (तीन कट्ठा प्रति बीघा) पर नील की खेती करना अनिवार्य था। किसान इस व्यवस्था से मुक्त होना चाहते थे क्योंकि नील की खेती से भूमि की उर्वरता नष्ट होती थी और उन्हें उचित मूल्य भी नहीं मिलता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 19वीं सदी के उत्तरार्ध में सिंथेटिक नील (Synthetic Indigo) के आविष्कार के बाद यूरोपीय बाजार में प्राकृतिक नील की माँग घटने लगी, किंतु बागान मालिकों ने किसानों पर दबाव बनाए रखा। गांधीजी के सत्याग्रह के परिणामस्वरूप 1917 में गठित ‘चंपारण एग्रेरियन कमेटी’ की सिफारिश पर तिनकठिया प्रथा को विधिवत समाप्त किया गया।
65. निम्नलिखित में से कौन महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह से संबद्ध है?
(a) वल्लभभाई पटेल
(b) मदन मोहन मालवीय
(c) शौकत अली
(d) राजकुमार शुक्ल
U.P.P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(d)
चंपारण के किसान राजकुमार शुक्ल ने 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में गांधीजी से मुलाकात की और उन्हें बिहार के नील किसानों की दयनीय दशा से अवगत कराया। उनके बार-बार के आग्रह पर गांधीजी अप्रैल 1917 में चंपारण पहुँचे और भारत में अपना पहला सत्याग्रह प्रारंभ किया। राजकुमार शुक्ल एक साधारण किसान थे जिन्होंने हिम्मत दिखाकर देश के महानतम नेता तक अपनी बात पहुँचाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: राजकुमार शुक्ल ने गांधीजी को कलकत्ता से चंपारण तक की यात्रा में स्वयं साथ दिया। उनके इस असाधारण साहस और निष्ठा के कारण उन्हें चंपारण आंदोलन का ‘अनसुना नायक’ (Unsung Hero) कहा जाता है। गांधीजी ने अपनी आत्मकथा में राजकुमार शुक्ल का उल्लेख ‘एक अनपढ़ परंतु दृढ़निश्चयी किसान’ के रूप में किया है।
66. गांधीजी का चंपारण सत्याग्रह किससे जुड़ा था?
(a) इजारेदारी
(b) तिनकठिया
(c) जेनमीस
(d) उपर्युक्त में से कोई भी नहीं
39th B.P.S.C. (Pre) 1994
उत्तर-(b)
चंपारण सत्याग्रह (1917) मुख्यतः ‘तिनकठिया प्रथा’ के विरुद्ध था। इस प्रथा के तहत किसानों को अपनी भूमि के 3/20वें भाग पर नील की खेती अनिवार्य रूप से करनी पड़ती थी। इसके साथ ही किसानों पर लगभग 40 प्रकार के अवैध कर (अब्वाब) भी लगाए जाते थे। गांधीजी ने तिनकठिया के विरुद्ध सत्याग्रह करके इसे समाप्त कराया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘इजारेदारी’ एक भिन्न प्रकार की लगान व्यवस्था थी जो मुख्यतः बंगाल और अन्य क्षेत्रों में प्रचलित थी, जबकि ‘जेनमीस’ केरल की एक पारंपरिक भू-स्वामित्व व्यवस्था थी। चंपारण से ‘तिनकठिया’ का नाम इसलिए जुड़ा क्योंकि एक बीघे में बीस कट्ठे होते हैं और तीन कट्ठे पर नील की खेती अनिवार्य थी।
67. गांधीजी का चंपारण आंदोलन था-
(a) हरिजनों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु
(b) सविनय अवज्ञा आंदोलन हेतु
(c) हिंदू समाज की एकता बनाए रखने हेतु
(d) नील कर्मियों की समस्याओं के समाधान हेतु
U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(d)
चंपारण आंदोलन (1917) मूलतः नील की खेती करने वाले किसानों (नील कर्मियों) की समस्याओं के समाधान हेतु चलाया गया था। यूरोपीय बागान मालिक तिनकठिया पद्धति के तहत किसानों से जबरन नील की खेती कराते थे और उन्हें उचित मुआवजा नहीं देते थे। इसके अतिरिक्त अनेक प्रकार के अवैध करों से भी किसान पीड़ित थे। गांधीजी ने इन्हीं समस्याओं के निवारण हेतु सत्याग्रह किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चंपारण आंदोलन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह थी कि गांधीजी ने यहाँ किसानों के लिए केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं किया, बल्कि उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कार्य किया – गाँवों में विद्यालय और चिकित्सालय स्थापित किए जो उनके ‘रचनात्मक कार्यक्रम’ की शुरुआत थी।
68. गांधीजी ने भारत में पहली बार सत्याग्रह आंदोलन बिहार में कहां प्रारंभ किया?
(a) पटना
(b) गया
(c) मधुबनी
(d) चंपारण
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
उत्तर-(d)
गांधीजी ने भारत में अपना पहला सत्याग्रह 1917 में बिहार के चंपारण जिले से प्रारंभ किया। यहाँ के नील किसान यूरोपीय बागान मालिकों के अत्याचारों और तिनकठिया प्रथा से पीड़ित थे। किसान राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर गांधीजी चंपारण पहुँचे और स्थल पर जाकर किसानों की समस्याओं की जाँच की। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें जिला छोड़ने का आदेश दिया जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया – यह भारत में उनकी पहली सविनय अवज्ञा थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चंपारण जिले में दो भाग हैं – पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) और पश्चिमी चंपारण (बेतिया)। गांधीजी का सत्याग्रह मुख्यतः मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) क्षेत्र में केंद्रित था। 2017 में चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी भव्य रूप से मनाई गई।
69. कौन-सी घटना सबसे पहले हुई?
(a) खेड़ा सत्याग्रह
(b) सविनय अवज्ञा आंदोलन
(c) असहयोग आंदोलन
(d) चंपारण सत्याग्रह
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(d)
दिए गए चारों आंदोलनों का कालक्रम इस प्रकार है – चंपारण सत्याग्रह (1917), खेड़ा सत्याग्रह (1918), असहयोग आंदोलन (1920-22) और सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930)। इस प्रकार चंपारण सत्याग्रह सर्वप्रथम हुई घटना है जो भारत में गांधीजी का पहला सत्याग्रह भी था। यह बिहार के नील किसानों की तिनकठिया प्रथा से मुक्ति के लिए लड़ा गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इन चारों आंदोलनों में गांधीजी की रणनीति क्रमशः विकसित होती दिखती है – चंपारण में स्थानीय जाँच और दबाव, खेड़ा में किसान एकता, असहयोग में राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन और सविनय अवज्ञा में सीधे कानून तोड़ने का साहस। यह गांधीजी की रणनीतिक परिपक्वता का क्रमिक विकास है।
70. किसने यूरोपियन नील बागान मालिकों द्वारा किसानों के शोषण की तरफ गांधीजी का ध्यान आकर्षित किया?
(a) बाबा रामचंद्र
(b) राजकुमार शुक्ल
(c) स्वामी सहजानंद सरस्वती
(d) श्री कृष्ण सिन्हा
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
Bihar P.C.S. (Pre.) 2016
उत्तर-(b)
चंपारण के किसान राजकुमार शुक्ल ने 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में गांधीजी से मिलकर यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अत्याचारों की जानकारी दी। राजकुमार शुक्ल ने गांधीजी का पीछा तब तक नहीं छोड़ा जब तक वे चंपारण जाने को तैयार नहीं हो गए। उन्होंने 1917 में गांधीजी को कलकत्ता से चंपारण तक स्वयं साथ जाकर पहुँचाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाबा रामचंद्र उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में किसान आंदोलन (1920-21) के प्रमुख नेता थे – वे चंपारण से संबंधित नहीं थे। स्वामी सहजानंद सरस्वती बिहार में किसान आंदोलन के नेता थे जिन्होंने 1936 में ‘अखिल भारतीय किसान सभा’ की स्थापना की।
71. चंपारण में इंडिगो के किसानों की दशा की ओर गांधीजी का ध्यान किसने आकर्षित किया?
(a) राजेंद्र प्रसाद
(b) अनुग्रह नारायण सिन्हा
(c) आचार्य कृपलानी
(d) राजकुमार शुक्ल
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C (Pre) 2020
उत्तर-(d)
चंपारण के साधारण किसान राजकुमार शुक्ल ने 1916 में लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में गांधीजी से मिलकर नील किसानों की पीड़ा उनके समक्ष रखी। उनके अटूट परिश्रम और लगन के कारण ही गांधीजी अप्रैल 1917 में चंपारण गए। राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा और आचार्य कृपलानी गांधीजी के साथ चंपारण में सहयोगी के रूप में आए, न कि उन्हें बुलाने वाले।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: राजेंद्र प्रसाद ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि गांधीजी के चंपारण प्रवास ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया – वे वकालत छोड़कर स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। बाद में वही राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने।
72. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने महात्मा गांधी को चंपारण आने तथा कृषकों की समस्या की जांच करने के लिए राजी किया।
2. चंपारण जांच में आचार्य जे.बी. कृपलानी महात्मा गांधी के सहयोगियों में से एक थे।
ऊपर दिए गए कथनों में कौन-सा/से सही हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
I.A.S. (Pre) 2010
उत्तर-(b)
पहला कथन असत्य है – गांधीजी को चंपारण आने के लिए राजी करने वाले राजकुमार शुक्ल थे, न कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद। दूसरा कथन सत्य है – आचार्य जे.बी. कृपलानी चंपारण जाँच में गांधीजी के महत्वपूर्ण सहयोगी थे। इनके अतिरिक्त डॉ. राजेंद्र प्रसाद, महादेव देसाई, सी.एफ. एंड्रूज, अनुग्रह नारायण सिन्हा और एच.एस. पोलाक भी गांधीजी के साथ थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जे.बी. कृपलानी पेशे से शिक्षक थे और चंपारण आंदोलन ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में ला दिया। यही कृपलानी 1947 में स्वतंत्रता के समय कांग्रेस के अध्यक्ष थे। चंपारण जाँच में शामिल अधिकांश युवा नेता आगे चलकर स्वतंत्र भारत की सरकार में उच्च पदों पर आसीन हुए।
73. चंपारण संघर्ष में निम्नलिखित में से किन्होंने महात्मा गांधी का साथ दिया था?
(a) वल्लभभाई पटेल और विनोबा भावे
(b) जवाहरलाल नेहरू और राजेंद्र प्रसाद
(c) राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिन्हा
(d) महादेव देसाई और मणिबेन पटेल
U.P. P.C.S. (Pre) 1999
उत्तर-(c)
चंपारण संघर्ष (1917) में गांधीजी के प्रमुख सहयोगियों में डॉ. राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिन्हा थे जो उस समय बिहार के प्रमुख वकील थे। इनके अतिरिक्त जे.बी. कृपलानी, महादेव देसाई, सी.एफ. एंड्रूज और राजकिशोर प्रसाद भी इस आंदोलन में साथ थे। वल्लभभाई पटेल की सक्रिय भूमिका खेड़ा सत्याग्रह (1918) में थी, चंपारण में नहीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अनुग्रह नारायण सिन्हा बाद में बिहार के प्रथम उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री बने। डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने – इस प्रकार चंपारण सत्याग्रह भारत के भावी नेतृत्व की एक ऐतिहासिक पाठशाला बन गया।
74. चंपारण जनपद में ‘तिनकठिया’ प्रथा का तात्पर्य था-
(a) किसानों द्वारा 3/20 भू-भाग पर नील की खेती (Cultivation of Indigo) करना
(b) किसानों द्वारा 3/21 भू-भाग पर नील की खेती करना
(c) किसानों द्वारा 3/19 भू-भाग पर नील की खेती करना
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002
U.P. P.C.S. (Pre) 2003
उत्तर-(a)
तिनकठिया प्रथा के अंतर्गत चंपारण के किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें भाग पर (अर्थात प्रत्येक बीघे में तीन कट्ठे पर) नील की खेती अनिवार्य रूप से करनी पड़ती थी। यह व्यवस्था 19वीं सदी की शुरुआत में यूरोपीय बागान मालिकों ने किसानों से जबरन अनुबंध करवाकर लागू की थी। गांधीजी ने 1917 में इसी प्रथा के विरुद्ध सत्याग्रह किया और इसे समाप्त कराया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘कट्ठा’ माप की एक पारंपरिक इकाई है – एक बीघे में 20 कट्ठे होते हैं, इसीलिए 3 कट्ठे का अनुपात 3/20 बनता है और इसी से ‘तिनकठिया’ नाम पड़ा। यह प्रथा उत्तर बिहार में 18वीं सदी से चली आ रही थी और इसने किसानों को पीढ़ियों तक आर्थिक दासता में जकड़े रखा।
75. गांधीवादी अर्थव्यवस्था के विषय में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही नहीं है?
(a) वे अहिंसा पर आधारित अर्थव्यवस्था पर बल देते थे।
(b) केंद्रीकरण शोषण और असमानता को जन्म देता है, अतएव अहिंसक सामाजिक संरचना केंद्रीकरण विरोधी है।
(c) वे भारत मशीनीकरण के पक्षधर नहीं थे।
(d) वे यू.एस.ए. में मशीनीकरण के पक्षधर नहीं थे।
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
गांधीजी का मत था कि प्रत्येक देश की अर्थव्यवस्था वहाँ की जलवायु, भूमि और जनसंख्या की जरूरतों के अनुसार तय होनी चाहिए। अमेरिका जैसे विरल जनसंख्या वाले देश में मशीनीकरण उचित हो सकता है, इसलिए उन्होंने वहाँ के मशीनीकरण का विरोध नहीं किया। अतः विकल्प (d) असत्य है। विकल्प (a), (b) और (c) गांधीजी के वास्तविक विचारों को सही रूप से प्रस्तुत करते हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी का मशीनीकरण विरोध केवल भारत के संदर्भ में था क्योंकि यहाँ मशीनें बेरोजगारी और केंद्रीकरण को बढ़ावा देती थीं। उन्होंने कहा था – “मेरी मशीन का विरोध श्रम-बचाने वाली मशीनों से है, मैं ऐसी मशीन चाहता हूँ जो मानव-श्रम को बचाए, न कि उसे बेकार कर दे।”
76. एम.के. गांधी के अनुसार, अस्पृश्यों का सामाजिक-आर्थिक सुधार संपन्न किया जा सकता है-
(a) उनके मंदिर प्रवेश द्वारा
(b) उनको सहायता प्रदान करके
(c) उनके सामाजिक आर्थिक विकास हेतु कोष अलग करके
(d) उनके लिए कुटीर उद्योग स्थापित करके
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
गांधीजी मानते थे कि अस्पृश्यों (हरिजनों) का वास्तविक सामाजिक-आर्थिक उत्थान तभी होगा जब वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए उन्होंने कुटीर उद्योगों – जैसे गुड़ बनाना, तेल पेरना, चमड़े का काम, कागज बनाना और घास कूटना – की स्थापना पर बल दिया। उनका विचार था कि स्वदेशी कुटीर उद्योग ग्रामीण गरीबों और शोषितों को आत्मसम्मान और आजीविका दोनों देंगे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी और डॉ. अंबेडकर के बीच अस्पृश्यता के समाधान को लेकर मतभेद था – अंबेडकर संवैधानिक और राजनीतिक अधिकारों (आरक्षण) को प्राथमिकता देते थे, जबकि गांधीजी आर्थिक स्वावलंबन और हिंदू समाज के नैतिक परिवर्तन पर जोर देते थे। यह वैचारिक अंतर 1932 के पूना पैक्ट विवाद में स्पष्ट रूप से उभरा।
77. ‘तीनकठिया’ कानून किस स्थान पर किसकी खेती से संबंधित था?
(a) गोरखपुर-अफीम
(b) बेगूसराय-धान
(c) चंपारण-नील
(d) बर्दबान-धान
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
उत्तर-(c)
तीनकठिया कानून बिहार के चंपारण जिले में नील (Indigo) की खेती से संबंधित था। इस व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील उगाना अनिवार्य था। चंपारण की भूमि नील उत्पादन के लिए उपयुक्त थी और यूरोपीय बागान मालिकों ने इसका भरपूर शोषण किया। गांधीजी ने 1917 में इस व्यवस्था के विरुद्ध सत्याग्रह कर इसे समाप्त कराया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नील को अंग्रेजी में ‘Indigo’ कहते हैं और यह कपड़ों की रंगाई के लिए अत्यंत मूल्यवान था। 19वीं शताब्दी में बंगाल और बिहार में नील के बागानों में हुए शोषण की कहानी दीनबंधु मित्र के प्रसिद्ध नाटक ‘नीलदर्पण’ (1860) में भी चित्रित की गई थी – यह नाटक किसानों पर हुए अत्याचारों का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ है।
78. ‘गांधियन इनोवेशन’ (गांधीजी का नवाचार) का तात्पर्य है-
(a) अधिक उत्पादन से
(b) घरेलू अर्थव्यवस्था में अधिक उत्पादन से
(c) उपभोग के लिए उत्पादन से
(d) कम निवेश से अधिक उत्पादन अधिक लोगों के लिए
U.P. Lower Sub. (Mains) 2015
उत्तर-(d)
‘गांधियन इनोवेशन’ का तात्पर्य है – न्यूनतम संसाधनों और निवेश से अधिकतम उत्पादन करना और उसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना। यह अवधारणा आधुनिक प्रबंधन में ‘Frugal Innovation’ या ‘Jugaad Innovation’ के नाम से भी जानी जाती है। यह शब्दावली सर्वप्रथम प्रोफेसर सी.के. प्रह्लाद और आर.ए. माशेलकर द्वारा प्रयोग की गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधियन इनोवेशन का सर्वोत्तम उदाहरण चरखा (Spinning Wheel) है – न्यूनतम लागत, स्थानीय कच्चे माल और सामान्य कौशल से बड़े पैमाने पर रोजगार और उत्पादन। आज यह अवधारणा विकासशील देशों में ग्रामीण तकनीकी नवाचार (Rural Tech Innovation) के लिए एक प्रेरक मॉडल बन चुकी है।
79. चंपारण आंदोलन मुख्यतः किसके विरोध में था?
(a) भू-राजस्व
(b) नकदी फसल
(c) ब्रिटिश सरकार की कृषि नीति
(d) भू-अनुदान
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020
उत्तर-(b)
चंपारण आंदोलन (1917) मुख्य रूप से नकदी फसल के विरोध स्वरूप प्रारंभ किया गया था। 20वीं शताब्दी के प्रारंभ में अंग्रेजी सरकार ने बिहार के चंपारण में ‘तिनकठिया’ व्यवस्था लागू कर दी थी। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक किसान को अपनी जमीन के 3/20 भाग पर नील की खेती करना अनिवार्य था। इसी व्यवस्था के विरोध स्वरूप महात्मा गांधी द्वारा चंपारण सत्याग्रह प्रारंभ किया गया था, जिसके फलस्वरूप चंपारण कृषि राहत अधिनियम, 1918 बनाकर इस प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
80. चंपारण नील आंदोलन के राष्ट्रीय नेता कौन थे?
(a) महात्मा गांधी
(b) बिरसा मुंडा
(c) बाबा रामचंद्र
(d) राम सिंह
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
उत्तर-(a)
1917 में बिहार के चंपारण जिले में नील की खेती करने वाले किसानों पर यूरोपीय बागान मालिक तिनकठिया प्रथा के तहत अत्याचार कर रहे थे, जिसके विरोध में महात्मा गांधी ने राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान किया। इस आंदोलन में राजेंद्र प्रसाद, बृजकिशोर प्रसाद, महादेव देसाई, नरहरि पारेख और जे.बी. कृपलानी ने गांधीजी का साथ दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चंपारण के स्थानीय किसान राजकुमार शुक्ल ने 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में गांधीजी से मुलाकात कर उन्हें चंपारण आने के लिए मनाया था। इस आंदोलन की सफलता के बाद ब्रिटिश सरकार को चंपारण कृषि अधिनियम, 1918 पास करना पड़ा, जिससे तिनकठिया प्रथा समाप्त हो गई।
81. निम्नलिखित में से किसने नील की खेती के संबंध में चंपारण में महात्मा गांधी को आमंत्रित किया था-
(a) जे.बी. कृपलानी
(b) राजेंद्र प्रसाद
(c) राजकुमार शुक्ल
(d) मोतीलाल नेहरू
U.P.P.C.S (Mains) 2016
उत्तर-(c)
चंपारण के एक साधारण किसान राजकुमार शुक्ल ने 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में गांधीजी से भेंट की और उन्हें चंपारण में किसानों की दुर्दशा से अवगत कराया। उनके अथक प्रयासों के कारण ही गांधीजी 1917 में चंपारण पहुंचे और वहाँ के नील किसानों की स्थिति को प्रत्यक्ष देखा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: राजकुमार शुक्ल स्वयं एक गरीब किसान थे जो पूरी दृढ़ता से गांधीजी के पीछे पड़े रहे। चंपारण पहुँचने पर जिला मजिस्ट्रेट ने गांधीजी को जिला छोड़ने का नोटिस दिया, परंतु गांधीजी ने इसे अस्वीकार कर दिया – यह ब्रिटिश अधिकारी के आदेश के विरुद्ध उनका पहला सविनय अवज्ञा का कार्य था।
82. सत्याग्रह (Satyagraha) आरंभ किया-
(a) चौरी-चौरा में
(b) डांडी
(c) चंपारण में
(d) बारदोली में
I.A.S. (Pre) 2000 U.P.P.C.S. (Pre) 2011
उत्तर-(c)
दक्षिण अफ्रीका से जनवरी 1915 में स्वदेश लौटने के बाद गांधीजी ने भारत में अपना पहला सफल सत्याग्रह 1917 में बिहार के चंपारण में किया। यह आंदोलन वहाँ के किसानों पर नील बागान मालिकों के अत्याचार और जबरन तिनकठिया प्रथा (अपनी जमीन के 3/20वें हिस्से पर नील उगाने की बाध्यता) के विरोध में था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: “सत्याग्रह” शब्द की रचना स्वयं गांधीजी ने की थी – ‘सत्य’ (Truth) और ‘आग्रह’ (Firmness) को मिलाकर। गांधीजी ने इसे दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले 1906 में ट्रांसवाल सरकार के एशियाटिक अध्यादेश के खिलाफ प्रयोग किया था, परंतु भारत में इसका पहला सफल प्रयोग चंपारण में हुआ।
83. चंपारण कृषीय जांच समिति का सदस्य निम्नलिखित में से कौन नहीं था?
(a) एफ.जी. स्लाई
(b) डी. जे. रीड
(c) अनुग्रह नारायण
(d) महात्मा गांधी
R.O./ A.R. O. (Pre.) 2017
उत्तर-(c)
चंपारण कृषीय जांच समिति (1917) के अध्यक्ष एफ.जी. स्लाई (आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल) थे। इसके सदस्यों में डी.जे. रीड, महात्मा गांधी, एल.सी. अदामी, राजा हरिप्रसाद नारायण सिंह और जी. रैनी शामिल थे, जबकि एम.ई.एल. टैन्नर इसके सचिव थे। अनुग्रह नारायण सिन्हा इस समिति के सदस्य नहीं थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ब्रिटिश सरकार ने 1918 में चंपारण कृषि अधिनियम पारित किया, जिससे तिनकठिया प्रथा कानूनी रूप से समाप्त हो गई। यह पहली बार था जब किसी भारतीय राष्ट्रवादी नेता को ब्रिटिश जांच आयोग में सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
84. निम्नलिखित कथनों में से कौन चंपारण सत्याग्रह के संबंध में सही नहीं है ?
(a) यह किसानों से जुड़ा था।
(b) इसे ‘तिनकठिया प्रथा’ के विरुद्ध संचालित किया गया था।
(c) डॉ. राजेंद्र प्रसाद तथा जे.बी. कृपलानी ने इसमें एम.के. गांधी को सहयोग दिया था।
(d) यह प्रथम आंदोलन था जिसे एम.के. गांधी ने संपूर्ण भारत के स्तर पर आरंभ किया था।
U.P.P.C.S. (Mains) 2011
उत्तर-(d)
कथन (d) गलत है क्योंकि चंपारण सत्याग्रह केवल चंपारण क्षेत्र तक ही सीमित था, यह राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन नहीं था। गांधीजी द्वारा संपूर्ण भारत के स्तर पर प्रारंभ किया गया प्रथम आंदोलन 1919 का रौलेट सत्याग्रह था। शेष तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं – यह किसानों से संबंधित था, तिनकठिया प्रथा के विरुद्ध था, और राजेंद्र प्रसाद व कृपलानी ने गांधीजी का साथ दिया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तिनकठिया प्रथा के तहत किसानों को अपनी प्रत्येक 20 कट्ठा भूमि में से 3 कट्ठे पर अनिवार्य रूप से नील उगाना पड़ता था। रौलेट एक्ट (1919) के अंतर्गत सरकार को बिना मुकदमे के किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार था, जिसके विरोध में गांधीजी ने पहला राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह किया।
85. महात्मा गांधी ने सर्वप्रथम किस किसान आंदोलन में भाग लिया ?
(a) खेड़ा
(b) चंपारण
(c) बारदोली
(d) बारोडा
42nd B.P.S.C. (Pre) 1997
उत्तर-(b)
गांधीजी ने भारत में सर्वप्रथम 1917 के चंपारण किसान आंदोलन में भाग लिया। इसके बाद 1918 में उन्होंने गुजरात के खेड़ा जिले में किसानों के लगान माफी आंदोलन का नेतृत्व किया, जहाँ फसल खराब होने के बावजूद अंग्रेज सरकार लगान वसूल रही थी। बारदोली सत्याग्रह (1928) का नेतृत्व सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: खेड़ा आंदोलन में सरदार वल्लभभाई पटेल ने पहली बार गांधीजी के साथ सक्रिय रूप से काम किया था। चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918) – ये तीनों मिलकर गांधी युग के प्रारंभिक आंदोलनों की त्रयी कहलाते हैं।
86. निम्नलिखित स्थानों में से कहां महात्मा गांधी ने भारत में सर्वप्रथम सत्याग्रह प्रारंभ किया ?
(a) अहमदाबाद
(b) बारदोली
(c) चंपारण
(d) खेड़ा
I.A.S. (Pre) 2007
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2011
U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(c)
महात्मा गांधी ने भारत में अपना सर्वप्रथम सत्याग्रह 1917 में बिहार के चंपारण जिले में प्रारंभ किया। यह आंदोलन वहाँ के किसानों पर तिनकठिया प्रथा के तहत हो रहे यूरोपीय बागान मालिकों के शोषण के विरुद्ध था। इस सत्याग्रह में गांधीजी ने अहिंसक प्रतिरोध की शक्ति का पहली बार भारत में सफल प्रदर्शन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रवींद्रनाथ टैगोर ने 1915 में गांधीजी को “महात्मा” की उपाधि दी थी। चंपारण सत्याग्रह की सफलता के बाद ही गांधीजी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के केंद्रीय नेता के रूप में उभरे और कांग्रेस की कार्यशैली में जन-आंदोलन को स्थायी स्थान मिला।
87. बिहार के कौन-से स्थान में गांधीजी ने अपना प्रथम सत्याग्रह किया था?
(a) चंपारण
(b) छपरा
(c) बेतिया
(d) पटना
56th to 59th B.P.S.C. (Pre) 2015
उत्तर-(a)
गांधीजी ने बिहार में अपना प्रथम सत्याग्रह चंपारण जिले में किया था। चंपारण उत्तरी बिहार में नेपाल की सीमा के निकट स्थित है। वहाँ यूरोपीय नील बागान मालिक किसानों को तिनकठिया प्रथा के अंतर्गत नील उगाने के लिए विवश करते थे। जर्मन कृत्रिम रंगों के बाजार में आने से नील की मांग घट गई थी, जिससे बागान मालिकों ने किसानों पर अन्य कर और जुर्माने थोपने शुरू कर दिए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चंपारण वर्तमान में पश्चिमी और पूर्वी चंपारण – दो जिलों में विभाजित है। बेतिया, जो इस प्रश्न में एक विकल्प है, पश्चिमी चंपारण जिले का मुख्यालय है और वह क्षेत्र भी आंदोलन से प्रभावित था – गांधीजी ने अपने चंपारण प्रवास के दौरान बेतिया में भी डेरा डाला था।
88. चंपारण आंदोलन से कौन संबंधित नहीं था?
(a) राजेंद्र प्रसाद
(b) अनुग्रह नारायण सिन्हा
(c) जे.बी. कृपलानी
(d) जयप्रकाश नारायण
42nd B.P.S.C. (Pre) 1997
उत्तर-(d)
चंपारण आंदोलन (1917) में गांधीजी के साथ राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा, जे.बी. कृपलानी, महादेव देसाई और नरहरि पारेख सक्रिय रूप से जुड़े थे। जयप्रकाश नारायण इस आंदोलन से संबंधित नहीं थे – 1917 में वे मात्र 15 वर्ष के थे और तब तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय नहीं हुए थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जयप्रकाश नारायण ने 1920 के दशक में राजनीति में प्रवेश किया और बाद में 1974 के “संपूर्ण क्रांति” आंदोलन के नेता के रूप में प्रसिद्ध हुए। राजेंद्र प्रसाद, जो चंपारण आंदोलन में गांधीजी के प्रमुख सहयोगी थे, बाद में स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति (1950–1962) बने।
89. भारत में नियोजित विकास का विरोध किसने किया?
(a) महात्मा गांधी
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) इंदिरा गांधी
(d) राजीव गांधी
U.P.P.C.S. (Pre) 2019
उत्तर-(a)
महात्मा गांधी ने भारत में बड़े उद्योगों पर आधारित नियोजित विकास का विरोध किया। वे औद्योगीकरण और मशीनीकरण के स्थान पर ग्राम-केंद्रित अर्थव्यवस्था के समर्थक थे। उन्होंने कुटीर और लघु उद्योगों को महत्व दिया तथा “ग्राम स्वराज” की अवधारणा प्रस्तुत की, जिसमें प्रत्येक गाँव अपनी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर हो। वे मशीनों की जगह श्रम-आधारित उत्पादन के पक्षधर थे ताकि अधिकाधिक लोगों को रोजगार मिले।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने चरखे को आत्मनिर्भरता और विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार का प्रतीक बनाया – यह उनकी आर्थिक दर्शन का व्यावहारिक स्वरूप था। जवाहरलाल नेहरू, जो नियोजित विकास और भारी उद्योगों के कट्टर समर्थक थे, ने गांधीजी के इस दृष्टिकोण से असहमति जताई – यह भारत के दो प्रमुख नेताओं के बीच एक मूलभूत वैचारिक मतभेद था।
90. खेड़ा के किसानों के पक्ष में महात्मा गांधी के सत्याग्रह संघटित करने का क्या कारण था?
1. अकाल पड़ने के बावजूद प्रशासन ने भू-राजस्व की उगाही स्थगित नहीं की थी।
2. प्रशासन का यह प्रस्ताव था कि गुजरात में स्थायी बंदोबस्त लागू कर दिया जाए।
उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2.
I.A.S. (Pre) 2011
उत्तर-(a)
1918 में गुजरात के खेड़ा जिले में भीषण अकाल और प्लेग के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई थीं, फिर भी ब्रिटिश प्रशासन ने भू-राजस्व की उगाही में कोई छूट या स्थगन नहीं दिया। इसी अन्यायपूर्ण नीति के विरोध में गांधीजी ने खेड़ा किसान सत्याग्रह का नेतृत्व किया। कथन 2 असत्य है क्योंकि स्थायी बंदोबस्त लागू करने का कोई प्रस्ताव इस आंदोलन का कारण नहीं था – स्थायी बंदोबस्त तो 1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा केवल बंगाल, बिहार और उड़ीसा में लागू किया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: खेड़ा सत्याग्रह (1918) में सरदार वल्लभभाई पटेल ने पहली बार गांधीजी के नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाई और किसानों को संगठित किया – यहीं से पटेल और गांधीजी के बीच घनिष्ठ राजनीतिक संबंध की शुरुआत हुई। अंततः सरकार ने आंशिक रूप से झुकते हुए केवल संपन्न किसानों से ही लगान वसूलने का आदेश दिया और गरीब किसानों को राहत मिली।
91. महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह का किसने विरोध किया था?
(a) रबींद्रनाथ टैगोर
(b) एन.जी. रंगा
(c) राजकुमार शुक्ल
(d) राजेंद्र प्रसाद
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(b)
एन.जी. रंगा (नागी रेड्डी गोगी रंगा) ने महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह का विरोध किया था। वे एक कृषि अर्थशास्त्री और किसान नेता थे, जो गांधीजी के दृष्टिकोण और तरीकों से असहमत थे। इसके विपरीत रवींद्रनाथ टैगोर ने चंपारण सत्याग्रह के दौरान ही गांधीजी को “महात्मा” की उपाधि से सम्मानित किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एन.जी. रंगा बाद में अखिल भारतीय किसान सभा (1936) के संस्थापक सदस्यों में से एक बने और दक्षिण भारत के किसान आंदोलन के प्रमुख नेता के रूप में जाने गए। रवींद्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को “महात्मा” कहा, जबकि गांधीजी ने टैगोर को “गुरुदेव” की उपाधि से संबोधित किया – यह दोनों महापुरुषों के बीच परस्पर सम्मान का प्रतीक था।

📚 Chapters

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Swipe left/right to change content

    Share This Page

    WhatsApp Telegram