भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1885) MCQ प्रश्न | UPSC History

भारतीय इतिहास आधुनिक भारत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1885) MCQ प्रश्न
1.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अध्यक्ष कौन थे ?
(a) ए.ओ. ह्यूम
(b) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
(c) दादाभाई नौरोजी
(d) इनमें से कोई नहीं
M.P.P.C.S (Pre) 1994
उत्तर-(b)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी (डब्ल्यू.सी. बनर्जी) चुने गए थे, जो कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक प्रतिष्ठित बैरिस्टर थे। उन्होंने 28 दिसंबर 1885 को बंबई में हुए कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: व्योमेश चंद्र बनर्जी इंग्लैंड से बैरिस्टर बनने वाले शुरुआती भारतीयों में से थे और बाद में उन्होंने 1892 में कांग्रेस के इलाहाबाद अधिवेशन की भी अध्यक्षता की, जिससे वे दो बार कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाले प्रारंभिक नेताओं में शामिल हुए।
एक रोचक तथ्य यह है कि वे बाद में अपने व्यवसाय के कारण इंग्लैंड में बस गए थे, फिर भी भारतीय राजनीति में उनकी रुचि बनी रही।
2.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई?
(a) वर्ष 1885 में
(b) वर्ष 1886 में
(c) वर्ष 1887 में
(d) वर्ष 1888 में
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
43rd B.P.S.C. (Pre) 1999
U.P.P.C.S. (Mains) 2010
Jharkhand P.C.S (Pre) 2003
उत्तर-(a)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी और इसका प्रथम अधिवेशन 28 दिसंबर 1885 को बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत विद्यालय में संपन्न हुआ, जिसमें देश के विभिन्न भागों से कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मूल रूप से यह अधिवेशन पुणे में आयोजित होना तय था, परंतु वहाँ हैजा (कॉलरा) महामारी फैल जाने के कारण स्थान बदलकर बंबई किया गया। साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के गठन से पहले सुरेंद्रनाथ बनर्जी द्वारा स्थापित ‘इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस’ और आनंद मोहन बोस की भूमिका को भी कांग्रेस की वैचारिक पृष्ठभूमि तैयार करने में महत्वपूर्ण माना जाता है।
3.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की थी-
(a) ए.ओ. ह्यूम ने
(b) महात्मा गांधी ने
(c) सच्चिदानंद सिन्हा ने
(d) इनमें से कोई नहीं
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
उत्तर-(a)
भारतीय सिविल सेवा से सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (ए.ओ. ह्यूम) ने 1884 में ‘भारतीय राष्ट्रीय संघ’ की स्थापना की थी, जिसे आगे चलकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रूप में पुनर्गठित किया गया। दिसंबर 1885 के प्रथम अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी के सुझाव पर ही इस संगठन का नाम बदलकर ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ रखा गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ह्यूम शिमला में बस गए थे और उन्हें कांग्रेस का ‘जनक’ माना जाता है, परंतु इतिहासकार इस बात पर भी प्रकाश डालते हैं कि कांग्रेस की स्थापना तत्कालीन वायसराय लॉर्ड डफरिन के अनुमोदन से हुई थी, ताकि बढ़ते राष्ट्रवादी असंतोष को एक सुरक्षित मंच के माध्यम से व्यक्त किया जा सके (यह सिद्धांत ‘सेफ्टी वाल्व थ्योरी’ के रूप में जाना जाता है)।
4.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कहां हुआ था ?
(a) कलकत्ता
(b) लाहौर
(c) मुंबई
(d) पुणे
42nd B.P.S.C. (Pre) 1997
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2007
I.A.S. (Pre) 2008
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(c)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन मुंबई (बंबई) के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत विद्यालय में 28 दिसंबर 1885 को आयोजित हुआ था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह सम्मेलन मूलतः पुणे में प्रस्तावित था, किंतु हैजा फैलने के कारण इसे बंबई स्थानांतरित करना पड़ा। आगे चलकर कांग्रेस का अधिवेशन प्रतिवर्ष भारत के अलग-अलग शहरों में आयोजित होता रहा, जैसे 1886 का दूसरा अधिवेशन कलकत्ता में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में हुआ था।
5.1885 में इंडियन नेशनल कांग्रेस का अध्यक्ष था-
(a) जॉर्ज यूले
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) डब्ल्यू. सी. बनर्जी
(d) डब्ल्यू. वेडरबर्न
U.P. P.C.S. (Mains) 2004
उत्तर-(c)
वर्ष 1885 में संपन्न इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता डब्ल्यू. सी. बनर्जी यानी व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी। वे पेशे से एक सफल बैरिस्टर थे और कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकालत करते थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में दिए गए अन्य नाम भी कांग्रेस के शुरुआती दौर से जुड़े हैं – जॉर्ज यूले कांग्रेस के पहले अंग्रेज अध्यक्ष (1888, इलाहाबाद अधिवेशन) बने थे, जबकि सर विलियम वेडरबर्न कांग्रेस के एक अन्य प्रभावशाली ब्रिटिश समर्थक थे जिन्होंने 1889 और 1910 में अध्यक्षता की।
6. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया?
(a) 52
(b) 62
(c) 72
(d) 82
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
उत्तर-(c)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (दिसंबर 1885, बंबई) में देश के विभिन्न प्रांतों से कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, जिसमें अधिकांश शिक्षित मध्यम वर्ग से जुड़े वकील, पत्रकार और समाज सुधारक शामिल थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस पहले अधिवेशन में महिला प्रतिनिधियों की संख्या शून्य थी; कांग्रेस में महिलाओं की औपचारिक भागीदारी कुछ वर्षों बाद शुरू हुई, और कादंबिनी गांगुली जैसी महिलाओं ने 1890 के कलकत्ता अधिवेशन में हिस्सा लिया था, जो भारतीय राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक बना।
7. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक थे एक-
(a) असैनिक सेवक
(b) विज्ञानी
(c) सामाजिक कार्यकर्ता
(d) मिलिट्री कमांडर
43rd B.P.S.C. (Pre) 1999
उत्तर-(a)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक ए.ओ. ह्यूम मूलतः एक असैनिक सेवक (सिविल सर्वेंट) थे, जो भारतीय सिविल सेवा (ICS) में कार्य करते हुए सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने शिक्षित भारतीयों को संगठित करने हेतु राजनीतिक मंच तैयार करने का प्रयास किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ह्यूम ने अपने प्रशासनिक करियर में इटावा (उत्तर प्रदेश) के जिलाधिकारी के रूप में भी सेवा दी थी, और वे प्रकृति-विज्ञान में भी गहरी रुचि रखते थे – उन्हें भारतीय पक्षीविज्ञान (ऑर्निथोलॉजी) के क्षेत्र में किए गए योगदान के लिए भी जाना जाता है, इसीलिए उन्हें ‘भारतीय पक्षीविज्ञान का जनक’ भी कहा जाता है।
8.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक कौन थे?
(a) विलियम एडम
(b) ए.ओ. ह्यूम
(c) रासबिहारी बोस
(d) मोतीलाल नेहरू
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
65th B.P.S.C. (Pre) 2019
उत्तर-(b)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना का श्रेय ए.ओ. ह्यूम को दिया जाता है, जिन्होंने 1884 में भारतीय राष्ट्रीय संघ का गठन किया, जो बाद में कांग्रेस के रूप में सामने आया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में शामिल अन्य व्यक्तित्व भी भिन्न-भिन्न आंदोलनों से जुड़े हैं – रासबिहारी बोस का संबंध क्रांतिकारी आंदोलन तथा बाद में आजाद हिंद फौज के प्रारंभिक स्वरूप से था, जबकि मोतीलाल नेहरू कांग्रेस के एक प्रमुख नेता और स्वराज पार्टी के सह-संस्थापक थे, परंतु इनमें से कोई भी कांग्रेस का संस्थापक नहीं था।
9.इनमें से किसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम वार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता की थी ?
(a) ए.ओ. ह्यूम
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) एस.एन. बनर्जी
(d) डब्ल्यू. सी. बनर्जी
U.P. Lower Sub. (Pre) 2015
उत्तर-(d)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम वार्षिक अधिवेशन (दिसंबर 1885, बंबई) की अध्यक्षता डब्ल्यू. सी. बनर्जी ने की थी, जबकि ए.ओ. ह्यूम ने इस अधिवेशन में महासचिव की भूमिका निभाई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एस.एन. बनर्जी यानी सुरेंद्रनाथ बनर्जी, जो कांग्रेस के एक अन्य प्रभावशाली नेता थे, ने 1895 (पूना) और 1902 (अहमदाबाद) अधिवेशनों की अध्यक्षता की थी; उन्हें अपने ICS परीक्षा से अनुचित बर्खास्तगी के विरुद्ध लंबा संघर्ष करने के कारण भी याद किया जाता है।
10. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अध्यक्ष थे-
(a) दादाभाई नौरोजी
(b) सुरेंद्रनाथ बनर्जी
(c) व्योमेश चंद्र बनर्जी
(d) ए.ओ. ह्यूम
U.P. P.C.S. (Pre) 2015
उत्तर-(c)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी थे, जिन्होंने दिसंबर 1885 के बंबई अधिवेशन में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दादाभाई नौरोजी, जो कांग्रेस के संस्थापकों में से एक प्रमुख चेहरा थे, ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) के सदस्य बनने वाले पहले भारतीय थे (1892) और उन्हें ‘भारत का वृद्ध पुरुष’ (Grand Old Man of India) कहा जाता है; उन्होंने 1886, 1893 और 1906 में कांग्रेस अध्यक्ष पद की तीन बार अध्यक्षता की थी।
11.निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अध्यक्ष था?
(a) ए.ओ. ह्यूम
(b) एस.एन. बनर्जी
(c) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
(d) दादाभाई नौरोजी
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2014
उत्तर-(c)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में डब्ल्यू.सी. बनर्जी को अध्यक्ष चुना गया था, और यह अधिवेशन 28 दिसंबर 1885 को बंबई में आयोजित हुआ था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: डब्ल्यू.सी. बनर्जी का पूरा नाम व्योमेश चंद्र बनर्जी था और वे बंगाल के एक सम्पन्न परिवार से थे; इंग्लैंड से बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे भारत लौटे और कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकालत करने लगे, जहाँ से उन्हें कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में शामिल होने का अवसर मिला।
12. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दूसरे अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की?
(a) गणेश आगरकर
(b) सुरेंद्रनाथ बनर्जी
(c) दादाभाई नौरोजी
(d) फिरोजशाह मेहता
45th B.P.S.C. (Pre) 2001
उत्तर-(c)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन वर्ष 1886 में कलकत्ता में आयोजित हुआ था, जिसकी अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी ने की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दादाभाई नौरोजी पारसी समुदाय से थे और उन्होंने अपनी पुस्तक ‘Poverty and Un-British Rule in India’ में ब्रिटिश शासन द्वारा भारत की संपत्ति के विदेश-निष्कासन को उजागर करने वाला प्रसिद्ध ‘धन-अपवहन सिद्धांत’ (Drain of Wealth Theory) प्रस्तुत किया था, जो भारतीय राष्ट्रवाद की आर्थिक आलोचना का आधार बना।
13. निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना अधिवेशन में उपस्थित नहीं था?
(a) दादाभाई नौरोजी
(b) जी. सुब्रमण्यम अय्यर
(c) जस्टिस रानाडे
(d) सुरेंद्रनाथ बनर्जी
U.P.P.C.S (Pre) 1997
उत्तर-(d)
सुरेंद्रनाथ बनर्जी 1885 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना अधिवेशन में उपस्थित नहीं थे, क्योंकि वे उस समय इंडियन एसोसिएशन से जुड़े अखिल भारतीय राष्ट्रीय सम्मेलन (इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस) के दिसंबर 1885 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इंडियन एसोसिएशन की स्थापना 1876 में सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस ने की थी; आगे चलकर 1886 में यह संगठन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विलीन हो गया, और स्वयं सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने बाद में दो बार (1895 पूना तथा 1902 अहमदाबाद) कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
14.किसने कांग्रेस को सूक्ष्मदर्शीय अल्पसंख्यक जनता का प्रतिनिधि बताते हुए उसका मज़ाक उड़ाया था ?
(a) लॉर्ड रिपन ने
(b) लॉर्ड डफरिन ने
(c) लॉर्ड कर्जन ने
(d) लॉर्ड वेलेजली ने
U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(b)
लॉर्ड डफरिन ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ‘सूक्ष्मदर्शीय अल्पसंख्यक’ (Microscopic Minority) कहकर उसका उपहास उड़ाया था, यह कहते हुए कि यह संगठन केवल शिक्षित मध्यम वर्ग के एक छोटे से तबके का प्रतिनिधित्व करता है, न कि संपूर्ण भारतीय जनता का।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विडंबना यह है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के समय लॉर्ड डफरिन स्वयं भारत के वायसराय थे (1884-1888), और कुछ इतिहासकार मानते हैं कि कांग्रेस के निर्माण में ह्यूम को डफरिन का अनौपचारिक समर्थन भी प्राप्त था, जिसे ‘सेफ्टी वाल्व थ्योरी’ के रूप में जाना जाता है।
15. लॉर्ड डफरिन के वायसराय काल की एक महत्वपूर्ण घटना थी-
(a) रामकृष्ण मिशन की स्थापना
(b) ढाका में मुस्लिम लीग की स्थापना
(c) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना
(d) प्रथम जनगणना की शुरुआत
M.P. P.C.S. (Pre) 2017
उत्तर-(c)
लॉर्ड डफरिन के वायसराय काल (1884-1888) की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885) थी, जो आगे चलकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का सबसे प्रमुख राजनीतिक संगठन बनी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लॉर्ड डफरिन के कार्यकाल में ही तृतीय आंग्ल-बर्मी युद्ध (1885) के परिणामस्वरूप ऊपरी बर्मा को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया गया था, जिससे संपूर्ण बर्मा अंग्रेजी नियंत्रण में आ गया।
16. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के समय भारत का वायसराय कौन था ?
(a) लॉर्ड रिपन
(b) लॉर्ड लिटन
(c) लॉर्ड कैनिंग
(d) लॉर्ड डफरिन
U.P.P.C.S (Mains) 2011
U.P. P.C.S. (Mains) 2006
U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(d)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885) के समय भारत का वायसराय लॉर्ड डफरिन था, जिसका कार्यकाल 1884 से 1888 तक रहा। उसने कांग्रेस का मज़ाक उड़ाते हुए इसे ‘सूक्ष्मदर्शीय अल्पसंख्यकों की संस्था’ कहा था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लॉर्ड डफरिन से पहले लॉर्ड रिपन (1880-1884) वायसराय थे, जिन्हें उनके उदार सुधारों, विशेषकर 1882 के स्थानीय स्वशासन अधिनियम और इल्बर्ट बिल विवाद के कारण भारतीयों में अपेक्षाकृत लोकप्रिय वायसराय माना जाता है।
17. निम्न गवर्नर जनरलों में से किसने कांग्रेस को ‘अत्यधिक अल्पसंख्यक’ लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाली कहकर उपहास किया था?
(a) लॉर्ड डफरिन
(b) लॉर्ड कर्जन
(c) लॉर्ड मिंटो
(d) लॉर्ड लेंसडाऊन
U.P.P.C.S. (Pre) 2018
उत्तर-(a)
लॉर्ड डफरिन ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ‘अत्यधिक अल्पसंख्यक’ (Microscopic Minority) लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन कहकर उपहास किया था, क्योंकि उनके अनुसार यह संगठन केवल अंग्रेजी शिक्षित शहरी वर्ग तक सीमित था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसके विपरीत लॉर्ड कर्जन (1899-1905), जो सूची में दिए गए एक अन्य गवर्नर जनरल थे, अपने बंगाल विभाजन (1905) के निर्णय के लिए कुख्यात रहे, जिसने स्वदेशी आंदोलन को जन्म दिया और राष्ट्रवादी भावना को और तीव्र किया।
18. 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के समय गवर्नर जनरल कौन था?
(a) लॉर्ड लिनलिथगो
(b) लॉर्ड वेलेजली
(c) लॉर्ड डफरिन
(d) लॉर्ड सैलिसबरी
U.P. P.C.S. (Mains) 2017 –
उत्तर-(c)
1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के समय भारत के गवर्नर जनरल एवं वायसराय लॉर्ड डफरिन थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में शामिल लॉर्ड सैलिसबरी वायसराय नहीं थे, बल्कि वे उस समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और भारत सचिव (Secretary of State for India) के रूप में कार्यरत थे; जबकि लॉर्ड लिनलिथगो बहुत बाद में, 1936 से 1943 तक वायसराय रहे थे, जिनके कार्यकाल में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (1942) जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं।
19. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 1885 में महासचिव कौन था?
(a) ए.ओ ह्यूम
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) डब्ल्यू.सी बनर्जी
(d) फिरोजशाह मेहता
U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl) (Pre). 2010
उत्तर-(a)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1885 में महासचिव की जिम्मेदारी ए.ओ. ह्यूम ने स्वयं संभाली थी, जबकि अध्यक्ष पद पर डब्ल्यू.सी. बनर्जी थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: फिरोजशाह मेहता, जो सूची में एक अन्य विकल्प के रूप में दिए गए हैं, बंबई के एक प्रमुख कांग्रेसी नेता और ‘बंबई के शेर’ के नाम से प्रसिद्ध थे; उन्होंने 1890 में कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की थी और बंबई नगर निगम के सुधार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
20. 1885 ई. में डब्ल्यू.सी. बनर्जी द्वारा इंगित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के निम्न उद्देश्यों में से कौन-सा नहीं था?
(a) देश के हितों की रक्षा करने वाले भारतीयों के बीच संपर्क और मित्रता बढ़ाना
(b) देशवासियों के बीच जाति, संप्रदाय तथा प्रांतीय पक्षपातों की भावना को दूर करके उनमें राष्ट्रीय एकता की भावना को विकसित करना
(c) शिक्षित वर्ग की पूर्ण सम्मति से महत्वपूर्ण और आवश्यक सामाजिक विषयों पर विचार प्रकट करना
(d) यह निर्धारित करना कि आगामी वर्षों में भारतीय लोकहित के लिए किस दिशा में और किस आधार पर कार्य करें
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020
उत्तर-(c)
1885 में डब्ल्यू.सी. बनर्जी द्वारा कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में बताए गए उद्देश्यों में देशभर के राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के बीच मित्रता बढ़ाना, क्षेत्रीय व सांप्रदायिक भेदभाव मिटाकर राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना, तथा भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करना शामिल था; परंतु शिक्षित वर्ग की सहमति से सामाजिक विषयों पर विचार व्यक्त करना इसका उद्देश्य नहीं था, क्योंकि आरंभिक कांग्रेस अधिवेशनों में सामाजिक सुधार के मुद्दों को जानबूझकर मंच से दूर रखा गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह नीति इसलिए अपनाई गई थी कि कांग्रेस के मंच पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के साथ-साथ रूढ़िवादी व सुधारवादी विचारधारा के नेताओं को एक साथ लाया जा सके, ताकि सामाजिक मुद्दों पर मतभेद राजनीतिक एकता को बाधित न करें; सामाजिक सुधार हेतु अलग से ‘भारतीय राष्ट्रीय सामाजिक सम्मेलन’ (Indian National Social Conference) जैसा संगठन बनाया गया था।
21. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम निर्वाचित यूरोपीय अध्यक्ष था-
(a) ए.ओ. ह्यूम
(b) जॉर्ज यूले
(c) अल्फ्रेड वेब
(d) एनी बेसेंट
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2013
उत्तर-(b)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम निर्वाचित यूरोपीय अध्यक्ष जॉर्ज यूले था, जिसने 1888 में इलाहाबाद में आयोजित कांग्रेस के चौथे अधिवेशन की अध्यक्षता की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में दिए गए अल्फ्रेड वेब भी एक यूरोपीय (आयरिश) कांग्रेस अध्यक्ष थे, जिन्होंने 1894 में मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की थी, जबकि एनी बेसेंट 1917 में कांग्रेस की प्रथम महिला (ब्रिटिश मूल की) अध्यक्ष बनीं और थियोसॉफिकल सोसाइटी तथा होम रूल आंदोलन से भी गहराई से जुड़ी थीं।
22. कांग्रेस के लिए समर्थन प्राप्त करने के लिए 1889 ई. में एक समिति स्थापित की गई। निम्न में से उस समिति का सभापति था-
(a) सर डब्ल्यू. वेडरबर्न
(b) वि. डिग्बी
(c) दादाभाई नौरोजी
(d) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
R.A.S./R.T.S. (Pre) 1996
उत्तर-(b)
कांग्रेस के लिए ब्रिटेन में समर्थन जुटाने हेतु जुलाई 1889 में लंदन में विलियम डिग्बी की अध्यक्षता में ‘ब्रिटिश कमेटी ऑफ इंडिया’ नामक समिति की स्थापना की गई थी, जो इंडियन नेशनल कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण इकाई के रूप में कार्य करती थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस समिति ने भारतीय मुद्दों को ब्रिटिश जनमानस तक पहुँचाने के लिए ‘इंडिया’ नामक साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन शुरू किया था; इसके अलावा सर विलियम वेडरबर्न, जो सूची में एक अन्य विकल्प हैं, इस ब्रिटिश कमेटी के एक प्रमुख सदस्य रहे और उन्होंने स्वयं कांग्रेस की अध्यक्षता भी दो बार (1889 तथा 1910) की थी।
23. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वितीय सम्मेलन में कितने मुस्लिम प्रतिनिधियों ने भाग लिया था?
(a) 2
(b) 33
(c) 30
(d) 41
(e) उपयुक्त में से कोई नहीं/एक से अधिक
66th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020
उत्तर-(b)
27-30 दिसंबर 1886 को दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कलकत्ता में आयोजित कांग्रेस के द्वितीय अधिवेशन में कुल 436 पंजीकृत प्रतिनिधियों में से 33 मुस्लिम प्रतिनिधि शामिल थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मुस्लिम भागीदारी आगामी वर्षों में निरंतर बढ़ती गई – तीसरे अधिवेशन (1887, मद्रास) में यह संख्या 81 तथा चौथे अधिवेशन (1888, इलाहाबाद) में 221 तक पहुँच गई थी, जो दर्शाता है कि कांग्रेस की प्रारंभिक वर्षों में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी क्रमशः बढ़ती गई, इससे पहले प्रथम अधिवेशन (1885) में केवल 2 मुस्लिम प्रतिनिधि ही उपस्थित थे।
24. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष सरोजिनी नायडू थीं।
2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष बदरुद्दीन तैयबजी थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
I.A.S. (Pre) 2015
उत्तर-(b)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष वास्तव में एनी बेसेंट थीं, जो 1917 में इस पद पर पहुँचीं, इसलिए कथन 1 असत्य है – सरोजिनी नायडू तो 1925 के कानपुर अधिवेशन में कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष बनी थीं। दूसरी ओर, बदरुद्दीन तैयबजी 1887 के मद्रास अधिवेशन में कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष बने थे, इसलिए कथन 2 सत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सरोजिनी नायडू को ‘भारत कोकिला’ (Nightingale of India) के नाम से जाना जाता है और वे स्वतंत्र भारत में किसी राज्य की पहली महिला राज्यपाल (उत्तर प्रदेश, 1947) भी बनी थीं।
25.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सर्वप्रथम मुस्लिम अध्यक्ष थे-
(a) अबुल कलाम आजाद
(b) रफी अहमद किदवई
(c) एम.ए. अंसारी
(d) बदरुद्दीन तैयबजी
U.P.P.C.S (Pre) 1995
U.P.P.C.S (Pre) 2005
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(d)
बदरुद्दीन तैयबजी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सर्वप्रथम मुस्लिम अध्यक्ष बने, जिन्हें 27-30 दिसंबर 1887 को मद्रास में आयोजित कांग्रेस के तीसरे अधिवेशन के अध्यक्ष पद हेतु चुना गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बदरुद्दीन तैयबजी बंबई उच्च न्यायालय के प्रथम भारतीय मुस्लिम न्यायाधीश भी बने थे; सूची में दिए गए मौलाना अबुल कलाम आजाद कांग्रेस के सबसे युवा अध्यक्ष (1923, मात्र 35 वर्ष की आयु में) के रूप में जाने जाते हैं और स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री भी रहे।
26.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला मुस्लिम अध्यक्ष कौन था?
(a) अबुल कलाम आजाद
(b) शौकत अली
(c) मोहम्मद अली जिन्ना
(d) बदरुद्दीन तैयबजी
U.P.Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2004
U.P.P.C.S. (Mains) 2003
उत्तर-(d)
कांग्रेस का पहला मुस्लिम अध्यक्ष बदरुद्दीन तैयबजी था, जिन्होंने 1887 के मद्रास अधिवेशन में यह पद संभाला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में दिए गए मोहम्मद अली जिन्ना भी प्रारंभ में कांग्रेस से जुड़े थे और उन्हें हिंदू-मुस्लिम एकता के समर्थक के रूप में ‘गोखले का शिष्य’ कहा जाता था, परंतु बाद में वे मुस्लिम लीग के नेतृत्व में चले गए और पाकिस्तान निर्माण के प्रमुख प्रवर्तक बने; शौकत अली खिलाफत आंदोलन से जुड़े एक प्रमुख नेता थे, जो मोहम्मद अली के भाई थे।
27. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वितीय मुस्लिम अध्यक्ष कौन थे?
(a) अबुल कलाम आजाद
(b) जाकिर हुसैन
(c) रहीमतुल्ला मोहम्मद सयानी
(d) बदरुद्दीन तैयबजी
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020
उत्तर-(c)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वितीय मुस्लिम अध्यक्ष रहीमतुल्ला मोहम्मद सयानी थे, जिन्होंने 28 से 31 दिसंबर 1896 तक कलकत्ता में आयोजित कांग्रेस के 12वें अधिवेशन की अध्यक्षता की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रहीमतुल्ला सयानी बंबई के एक प्रतिष्ठित वकील और समाज सुधारक थे, जिन्होंने महिला शिक्षा तथा सामाजिक सुधार के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई; उल्लेखनीय है कि डॉ. जाकिर हुसैन, जो सूची में एक अन्य विकल्प हैं, स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति (1967-1969) बने थे, परंतु वे कांग्रेस अध्यक्ष नहीं रहे थे।
28. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष कौन थीं?
(a) कस्तूरबा गांधी
(b) श्रीमती एनी बेसेंट
(c) सरोजिनी नायडू
(d) भक्ति लक्ष्मी देसाई
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
65th B.P.S.C. (Pre) 2019
उत्तर-(b)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष श्रीमती एनी बेसेंट थीं, जिन्होंने वर्ष 1917 के कलकत्ता अधिवेशन में यह पद संभाला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एनी बेसेंट मूलतः आयरिश-ब्रिटिश मूल की थीं और 1907 से 1933 तक थियोसॉफिकल सोसाइटी की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहीं; उन्होंने 1916 में होम रूल लीग की स्थापना की थी, जो भारत में स्वशासन की मांग को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण आंदोलन था।
29. निम्न में कौन भारतीय कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं?
(a) सुचेता कृपलानी
(b) अरुणा आसफ अली
(c) एनी बेसेंट
(d) विजयलक्ष्मी पंडित
M.P. P.C.S (Pre) 1995 R.A.S./R.T.S. (Pre) 2012
उत्तर-(c)
सूची में दी गई महिलाओं में से एनी बेसेंट ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष रही थीं (1917, कलकत्ता अधिवेशन)।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सुचेता कृपलानी स्वतंत्र भारत में किसी राज्य (उत्तर प्रदेश) की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनी थीं, जबकि अरुणा आसफ अली 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बंबई में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रसिद्ध हुईं; विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष (1953) बनी थीं, परंतु इन तीनों में से कोई भी कांग्रेस अध्यक्ष नहीं रही।
30. निम्न में से किस अधिवेशन के लिए कांग्रेस ने पहली बार एक महिला को अध्यक्ष चुना?
(a) कलकत्ता अधिवेशन, 1917
(b) गया अधिवेशन, 1922
(c) इलाहाबाद अधिवेशन, 1921
(d) लखनऊ अधिवेशन, 1916
U.P.P.C.S. (Pre) (Re-Exam) 2015
उत्तर-(a)
कांग्रेस ने पहली बार किसी महिला को अध्यक्ष पद के लिए 1917 के कलकत्ता अधिवेशन में चुना, जहाँ एनी बेसेंट को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी वर्ष यानी 1917 में मांटेग्यू घोषणा (Montagu Declaration) भी जारी हुई थी, जिसमें ब्रिटिश सरकार ने पहली बार भारत में ‘उत्तरदायी शासन’ की दिशा में क्रमिक प्रगति की बात स्वीकार की थी, जो आगे चलकर 1919 के मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों का आधार बना।
31. अखिल भारतीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष थीं?
(a) नलिनी सेन गुप्ता
(b) सरोजिनी नायडू
(c) एनी बेसेंट
(d) कादंबिनी बोस
U.P.P.S.C. (GIC) 2010
R.A.S./R.T.S. (Pre) 2012
U.P. P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(c)
अखिल भारतीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष एनी बेसेंट थीं, जिन्हें 1917 के कलकत्ता अधिवेशन में यह सम्मान मिला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में दी गई कादंबिनी बोस (कादंबिनी गांगुली) भारत की प्रथम महिला चिकित्सकों में से एक थीं, जिन्होंने 1890 के कांग्रेस अधिवेशन में महिला प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था, हालांकि वे अध्यक्ष नहीं बनी थीं।
32. निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष थीं?
(a) श्रीमती सरोजिनी नायडू
(b) श्रीमती एनी बेसेंट
(c) श्रीमती एन. सेनगुप्ता
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.R.O./ A.R.O. (Mains) 2014
उत्तर-(b)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष श्रीमती एनी बेसेंट थीं (1917, कलकत्ता अधिवेशन)।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एनी बेसेंट ने भारत आने से पहले इंग्लैंड में फैबियन सोसाइटी तथा श्रमिक आंदोलनों से जुड़कर सामाजिक सुधार का कार्य किया था; भारत आने के बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना में भी मदनमोहन मालवीय के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
33. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष थीं-
(a) श्रीमती सरोजिनी नायडू
(b) सुचेता कृपलानी
(c) राजकुमारी अमृत कौर
(d) एनी बेसेंट
(e) इनमें से कोई नहीं
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2015
उत्तर-(d)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष एनी बेसेंट थीं (1917)।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में दी गई राजकुमारी अमृत कौर स्वतंत्र भारत की प्रथम स्वास्थ्य मंत्री बनी थीं और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि सुचेता कृपलानी ने 1940 के दशक में महिला कांग्रेस की स्थापना में योगदान दिया था।
34. कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष कौन थीं?
(a) विजयलक्ष्मी पंडित
(b) पंडित रमाबाई
(c) सरोजिनी नायडू
(d) राजकुमारी अमृत कौर
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2002
उत्तर-(c)
सरोजिनी नायडू (1879-1949), जो एक प्रसिद्ध कवयित्री और राष्ट्रवादी नेत्री थीं, वर्ष 1925 में कानपुर में आयोजित कांग्रेस के 40वें वार्षिक अधिवेशन में कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष बनीं। वे महात्मा गांधी की विश्वासपात्र सहयोगी मानी जाती थीं और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के कारण उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सरोजिनी नायडू को ‘भारत कोकिला’ की उपाधि दी गई थी और 1947 से 1949 तक वे स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला राज्यपाल भी रहीं, जिससे वे इस पद पर पहुँचने वाली देश की पहली महिला बनीं।
35.इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष कौन थीं?
(a) श्रीमती एनी बेसेंट
(b) सुचेता कृपलानी
(c) सरोजिनी नायडू
(d) इंदिरा गांधी
56th to 59th B.P.S.C. (Pre) 2015
उत्तर-(c)
इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष सरोजिनी नायडू थीं, जिन्हें 1925 के कानपुर अधिवेशन में यह जिम्मेदारी मिली थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में दी गई इंदिरा गांधी ने भी आगे चलकर 1959 में कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था और बाद में स्वतंत्र भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री (1966) बनीं, परंतु वे प्रथम भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष नहीं थीं, क्योंकि सरोजिनी नायडू उनसे काफी पहले यह पद संभाल चुकी थीं।
36. निम्नलिखित में से कौन एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से कभी संबद्ध नहीं रहे?
(a) फिरोजशाह मेहता
(b) हकीम अजमल खान
(c) खान अब्दुल गफ्फार खान
(d) सर सैयद अहमद
Uttarakhand U.D.A./ L.D.A. (Pre) 2003
उत्तर-(d)
सर सैयद अहमद कभी भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबद्ध नहीं रहे; वे ब्रिटिश सरकार के प्रति निष्ठावान बने रहे और कांग्रेस के विरुद्ध मुस्लिम समुदाय को संगठित करने का प्रयास करते रहे। उन्होंने 1875 में अलीगढ़ में मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल स्कूल की स्थापना की थी, जहाँ आधुनिक पाश्चात्य शिक्षा के साथ-साथ इस्लामी शिक्षा भी दी जाती थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यही स्कूल आगे चलकर 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के रूप में विकसित हुआ; इसके विपरीत सूची में दिए गए खान अब्दुल गफ्फार खान, जिन्हें ‘सीमांत गांधी’ (Frontier Gandhi) कहा जाता है, कांग्रेस के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े रहे और अहिंसा के सिद्धांत के प्रबल समर्थक थे।
37. निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष कभी नहीं चुना जा सका?
(a) लाला लाजपत राय
(b) एनी बेसेंट
(c) मोतीलाल नेहरू
(d) बाल गंगाधर तिलक
U.P.P.C.S. (Mains) 2006
U.P. P.C.S. (Spl) (Mains) 2008
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(d)
बाल गंगाधर तिलक कभी भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष नहीं बने, हालांकि वे कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली और उग्र राष्ट्रवादी नेताओं में गिने जाते थे। महाराष्ट्र के चितपावन ब्राह्मण परिवार से आने वाले तिलक ने ‘केसरी’ और ‘मराठा’ समाचार पत्रों का संपादन किया तथा ‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूँगा’ का प्रसिद्ध नारा दिया। इसके विपरीत, लाला लाजपत राय (‘शेरे पंजाब’) 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन में अध्यक्ष बने थे, मोतीलाल नेहरू ने 1919 और 1928 में तथा एनी बेसेंट ने 1917 में अध्यक्ष पद संभाला था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तिलक ने सार्वजनिक गणेशोत्सव और शिवाजी उत्सव जैसे त्योहारों को राष्ट्रवाद फैलाने के माध्यम के रूप में प्रयोग किया था, जिसके लिए उन्हें ‘लोकमान्य’ की उपाधि दी गई थी।
38.निम्नलिखित में से किसने कभी भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किसी भी अधिवेशन की अध्यक्षता नहीं की?
(a) लाला लाजपत राय
(b) बाल गंगाधर तिलक
(c) गोपाल कृष्ण गोखले
(d) सुभाष चंद्र बोस
U.P.P.C.S. (Pre) 2021
उत्तर-(b)
बाल गंगाधर तिलक ने कभी भी कांग्रेस के किसी अधिवेशन की अध्यक्षता नहीं की, जबकि गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 के बनारस अधिवेशन की और सुभाष चंद्र बोस ने 1938 (हरिपुरा) तथा 1939 (त्रिपुरी) में अध्यक्ष पद संभाला था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गोपाल कृष्ण गोखले को तिलक का राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना जाता था, क्योंकि गोखले उदारवादी (मॉडरेट) विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते थे जबकि तिलक उग्रवादी (एक्सट्रीमिस्ट) धारा के नेता थे; गोखले ने 1905 में ‘भारत सेवक समाज’ (Servants of India Society) की स्थापना भी की थी, जिसका उद्देश्य समाज सेवा को बढ़ावा देना था।
39.लाल, बाल और पाल त्रिगुट का कौन व्यक्ति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष हुआ?
(a) लाला लाजपत राय
(b) बाल गंगाधर तिलक
(c) बिपिनचंद्र पाल
(d) उनमें से कोई नहीं
U.P.P.C.S (Pre) 1997
उत्तर-(a)
‘लाल-बाल-पाल’ त्रिगुट में से केवल लाला लाजपत राय ही कांग्रेस अध्यक्ष बने थे, जिन्होंने 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन की अध्यक्षता की थी; बाल गंगाधर तिलक और बिपिनचंद्र पाल कभी अध्यक्ष नहीं बने, यद्यपि दोनों उग्र राष्ट्रवादी आंदोलन के प्रमुख स्तंभ थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह त्रिगुट स्वदेशी आंदोलन (1905-1908) के दौरान सबसे अधिक सक्रिय रहा था, जो बंगाल विभाजन के विरोध में चलाया गया था; बिपिनचंद्र पाल को क्रांतिकारी राष्ट्रवादी विचारधारा का अग्रदूत माना जाता है, जिन्होंने पूर्ण स्वराज की मांग सबसे पहले उठाने वालों में गिने जाते हैं।
40.निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कलकत्ता में हुआ था।
2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में हुआ था।
3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग, दोनों ने लखनऊ में 1916 में अधिवेशन किया तथा लखनऊ समझौता संपन्न किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) 1 और 2
(b) केवल 2
(c) 2 और 3
(d) केवल 3
I.A.S. (Pre) 2004
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2011

उत्तर-(c)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कलकत्ता में नहीं बल्कि बंबई में हुआ था, जिसमें कुल 72 प्रतिनिधि शामिल हुए (यह मूलतः पुणे में प्रस्तावित था, परंतु हैजा फैलने के कारण बंबई स्थानांतरित किया गया), इसलिए कथन 1 असत्य है। दूसरा अधिवेशन 1886 में कलकत्ता में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में हुआ, अतः कथन 2 सत्य है। वर्ष 1916 में कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग दोनों ने लखनऊ में अपने-अपने अधिवेशन आयोजित किए तथा दोनों के बीच ‘लखनऊ समझौता’ (लखनऊ पैक्ट) संपन्न हुआ, जिसमें पिछले नौ वर्षों से कांग्रेस से निष्कासित उग्रपंथियों को पुनः शामिल किया गया, इसलिए कथन 3 भी सत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कांग्रेस के इस लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजूमदार ने की थी, और इसी समझौते से बाल गंगाधर तिलक तथा एनी बेसेंट जैसे उग्रवादी नेता मुख्यधारा की कांग्रेस राजनीति में पुनः सक्रिय हुए।
41. किसने कहा था “कांग्रेस आंदोलन न तो लोगों द्वारा प्रेरित था,न ही यह उनके द्वारा सोचा या योजनाबद्ध किया गया था”?
(a) लॉर्ड डफरिन
(b) सर सैयद अहमद
(c) लॉर्ड कर्जन
(d) लाला लाजपत राय
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
उत्तर-(d)
लाला लाजपत राय ने अपने एक लेख में यह विचार व्यक्त किया था कि कांग्रेस आंदोलन सामान्य जनता द्वारा प्रेरित या योजनाबद्ध नहीं था, बल्कि यह शिक्षित वर्ग की पहल से उभरा था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लाला लाजपत राय ने ‘अनहैपी इंडिया’ (Unhappy India) नामक प्रसिद्ध पुस्तक भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश शासन की आलोचना की; वे आर्य समाज से भी गहराई से जुड़े थे और साइमन कमीशन के विरोध में 1928 में लाहौर में हुए लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मृत्यु हो गई थी।
42.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 27वां अधिवेशन किस स्थान पर हुआ?
(a) भागलपुर
(b) पटना
(c) रांची
(d) बांकीपुर
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
उत्तर-(d)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 27वां अधिवेशन दिसंबर 1912 में बांकीपुर (बिहार) में संपन्न हुआ था, जिसकी अध्यक्षता आर.एन. मुधोलकर ने की। इसी अधिवेशन में ए.ओ. ह्यूम को ‘कांग्रेस का पिता’ (Father of the Congress) कहकर सम्मानित किया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बांकीपुर अधिवेशन के मात्र दो वर्ष पूर्व ही, 1911 में दिल्ली दरबार के दौरान बंगाल विभाजन को रद्द करने तथा राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की गई थी, जिससे बिहार को 1912 में बंगाल से अलग कर एक नया प्रांत बनाया गया – यही कारण था कि कांग्रेस ने इस नए प्रांत की राजधानी बांकीपुर (पटना) में अपना अधिवेशन आयोजित किया।
43. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. सरोजिनी नायडू कांग्रेस की अध्यक्ष होने वाली प्रथम महिला थी।
2. सी. आर. दास ने जब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्य किया,वे जेल में थे।
3. एलन आक्टेवियन ह्यूम (Alan Octavian Hume) प्रथम ब्रिटिश नागरिक थे, जो कांग्रेस अध्यक्ष बने।
4. अल्फ्रेड वेब (Alfred Webb) 1894 में कांग्रेस के अध्यक्ष थे।
इनमें से कौन-कौन से कथन सही हैं?
(a) 1 और 3
(b) 2 और 4
(c) 2, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
I.A.S. (Pre) 2000
उत्तर-(b)
कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष सरोजिनी नायडू नहीं बल्कि एनी बेसेंट थीं (1917, कलकत्ता), इसलिए कथन 1 असत्य है। सी.आर. दास को 1921 के अहमदाबाद अधिवेशन के लिए अध्यक्ष नामित किया गया था, परंतु वे उस समय जेल में थे, अतः उनकी अनुपस्थिति में हकीम अजमल खान ने अध्यक्षता की – इस प्रकार दास ने जेल से ही अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाई, इसलिए कथन 2 सत्य है। ए.ओ. ह्यूम कांग्रेस के संस्थापक तथा महासचिव रहे, परंतु वे कभी अध्यक्ष नहीं बने, इसलिए कथन 3 असत्य है। अल्फ्रेड वेब ने 1894 के मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की थी, इसलिए कथन 4 सत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सी.आर. दास (चित्तरंजन दास) को ‘देशबंधु’ की उपाधि दी गई थी और उन्होंने मोतीलाल नेहरू के साथ मिलकर 1922 में स्वराज पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
44.निम्नलिखित में से किसने कहा था ‘स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है’?
(a) एम.के. गांधी
(b) जी.के. गोखले
(c) बी. जी. तिलक
(d) दादाभाई नौरोजी
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(c)
“स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है” का प्रसिद्ध नारा बाल गंगाधर तिलक ने दिया था, जो भारतीय राष्ट्रवाद के सबसे प्रभावशाली उग्रवादी नेताओं में से एक माने जाते हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में दिए गए गोपाल कृष्ण गोखले तिलक के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी थे और उदारवादी (मॉडरेट) धारा के प्रमुख नेता माने जाते थे; महात्मा गांधी ने स्वयं गोखले को अपना राजनीतिक गुरु कहा था, जबकि तिलक की कार्यशैली से वे आंशिक रूप से असहमत भी रहे।
45.”स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, मैं इसे पाकर रहूंगा।” किसने कहा ?
(a) एम.के. गांधी
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) बाल गंगाधर तिलक
(d) भगत सिंह
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
उत्तर-(c)
यह ऐतिहासिक कथन बाल गंगाधर तिलक का था, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीय जनमानस में राष्ट्रीय चेतना जगाने का कार्य किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तिलक को उनके अनुयायियों द्वारा ‘लोकमान्य’ की उपाधि दी गई थी, जिसका अर्थ है ‘जनता द्वारा स्वीकृत नेता’; उन्होंने गणेशोत्सव और शिवाजी जयंती जैसे सार्वजनिक उत्सवों का आयोजन करवाकर जनसाधारण को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया था।
46. निम्नलिखित में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में बाल गंगाधर तिलक ने अभिव्यक्त किया था, “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, मैं उसे लेकर रहूंगा”?
(a) बनारस अधिवेशन, 1905
(b) कलकत्ता अधिवेशन, 1906
(c) सूरत अधिवेशन, 1907
(d) लखनऊ अधिवेशन, 1916
U.P.P.C.S. (Spl) (Mains) 2004
उत्तर-(d)
बाल गंगाधर तिलक ने यह प्रसिद्ध कथन 1916 के लखनऊ अधिवेशन में व्यक्त किया था, जो उग्रवादी नेताओं की कांग्रेस में पुनर्वापसी का अधिवेशन था। तिलक तथा एनी बेसेंट के संयुक्त प्रयासों से इसी अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच ऐतिहासिक ‘लखनऊ समझौता’ (कांग्रेस-लीग पैक्ट) भी संपन्न हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजूमदार ने की थी, और इसी समझौते के तहत मुस्लिम लीग ने हिंदू-मुस्लिम एकता तथा संयुक्त राष्ट्रीय आंदोलन के विचार का समर्थन किया था, जो बाद के वर्षों में टूटता गया।
47.”स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर ही रहूंगा।” किसने कहा था ?
(a) बिपिनचंद्र पाल
(b) अरविंद घोष
(c) बाल गंगाधर तिलक
(d) सुभाष चंद्र बोस
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
65th B.P.S.C. (Pre) 2019
उत्तर-(c)
यह कथन बाल गंगाधर तिलक का है, जिन्होंने 1916 के लखनऊ अधिवेशन के दौरान यह विचार व्यक्त किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में दिए गए अरविंद घोष (श्री अरबिंदो) प्रारंभ में क्रांतिकारी राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े थे, परंतु बाद में उन्होंने राजनीति त्यागकर पुदुचेरी में आध्यात्मिक जीवन अपनाया तथा अरबिंदो आश्रम की स्थापना की; बिपिनचंद्र पाल उग्र राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रमुख प्रवक्ता थे, परंतु उन्होंने यह विशेष कथन नहीं कहा था।
48.”स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूंगा” यह वक्तव्य किससे संबंधित है?
(a) लाला लाजपत राय
(b) महात्मा गांधी
(c) बाल गंगाधर तिलक
(d) सुभाष चंद्र बोस
42nd B.P.S.C. (Pre) 1997
46th B.P.S.C. (Pre) 2003
U.P.P.C.S. (Pre) 2005
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(c)
यह प्रसिद्ध वक्तव्य बाल गंगाधर तिलक से संबंधित है, जिन्होंने इसे लखनऊ अधिवेशन (1916) के दौरान कहा था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तिलक को 1897 में राजद्रोह के आरोप में 18 महीने की सजा हुई थी और 1908 में पुनः छह वर्ष के लिए मांडले (बर्मा) की जेल भेजा गया था; जेल में रहते हुए ही उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘गीता रहस्य’ की रचना की थी, जो भगवद्गीता पर उनकी दार्शनिक टिप्पणी है।
49. किसने कहा था, “कांग्रेस पतन के लिए लड़खड़ा रही है, मेरी सबसे बड़ी अभिलाषा, जब तक मैं भारत में हूं, कांग्रेस की शांतिपूर्ण समाप्ति में सहयोग करना है?
(a) जॉर्ज हैमिल्टन
(b) लॉर्ड कर्जन
(c) लॉर्ड डफरिन
(d) लॉर्ड मिंटो
U.P.P.C.S (Pre) 2002
U.P.P.C.S. (Mains) 2002
उत्तर-(b)
यह कथन लॉर्ड कर्जन का था, जो वर्ष 1900 में दिए गए अपने एक बयान में कांग्रेस के पतन की भविष्यवाणी करते हुए उसे समाप्त करने की इच्छा व्यक्त कर रहे थे। 1903 में उन्होंने मद्रास के गवर्नर को लिखे पत्र में भी कांग्रेस को निष्प्रभावी बनाने की अपनी नीति का उल्लेख किया था, और 1904 में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल से मिलने से भी इनकार कर दिया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लॉर्ड कर्जन का सबसे विवादास्पद निर्णय 1905 का बंगाल विभाजन था, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक सुविधा बताया गया था, परंतु वास्तव में इसका लक्ष्य हिंदू-मुस्लिम एकता को कमजोर करना तथा बढ़ते बंगाली राष्ट्रवाद को विभाजित करना था, जिसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ।
50.1922 में गया के इंडियन नेशनल कांग्रेस के अधिवेशन के अध्यक्ष कौन थे ?
(a) चितरंजन दास
(b) एस.एन. बनर्जी
(c) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
(d) हकीम अजमल खान
56th to 59th B.P.S.C. (Pre) 2015
उत्तर-(a)
1922 के गया अधिवेशन में जेल से रिहा होने के बाद चितरंजन दास (देशबंधु) को कांग्रेस का निर्वाचित अध्यक्ष घोषित किया गया था। असहयोग आंदोलन की समाप्ति के बाद उन्होंने विधान परिषदों में प्रवेश कर भीतर से असहयोग की नीति अपनाने का प्रस्ताव रखा, परंतु सी. राजगोपालाचारी, वल्लभभाई पटेल तथा राजेंद्र प्रसाद जैसे नेताओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद यह प्रस्ताव खारिज होने पर दास ने त्यागपत्र दे दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: त्यागपत्र देने के बाद चितरंजन दास ने मोतीलाल नेहरू के साथ मिलकर 1923 में स्वराज पार्टी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य परिषदों के भीतर रहकर सरकार के कामकाज में बाधा डालना था।
51. अध्यक्षीय संबोधन के समय, जिस कांग्रेस अध्यक्ष ने हिंदी भाषा के लिए रोमन लिपि लागू करने की वकालत की, वे थे-
(a) महात्मा गांधी
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) अबुल कलाम आजाद
(d) सुभाष चंद्र बोस
I.A.S. (Pre) 2000
उत्तर-(d)
सुभाष चंद्र बोस ने अपने अध्यक्षीय भाषण के दौरान हिंदी भाषा के लिए रोमन लिपि अपनाने की वकालत की थी, जब उन्होंने 1938 में हरिपुरा अधिवेशन की अध्यक्षता की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सुभाष चंद्र बोस ने इसके अगले वर्ष 1939 में त्रिपुरी अधिवेशन में भी पुनः अध्यक्ष पद हेतु निर्वाचन जीता, परंतु महात्मा गांधी के समर्थित उम्मीदवार पट्टाभि सीतारामैया को हराने के बाद हुए वैचारिक मतभेदों के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा; बाद में उन्होंने ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ नामक नया दल गठित किया।
52.अमृतसर के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन, 1919 के प्रस्ताव अनुसार महात्मा गांधी द्वारा कांग्रेस का नया संविधान लिखने हेतु निम्नलिखित में से किन्हें उनके सहयोग हेतु चुना गया?
1. बी.जी. तिलक 2. एन. सी. केलकर
3. सी. आर. दास 4. आई. बी. सेन
नीचे दिए हुए कूट से सही
U.P.P.C.S. (Mains) 2014
उत्तर-का चयन कीजिए- कूट :
1919 के अमृतसर अधिवेशन के प्रस्तावानुसार महात्मा गांधी मूल रूप से बी.जी. तिलक तथा सी.आर. दास का सहयोग चाहते थे, परंतु अत्यधिक व्यस्तता के कारण ये दोनों वरिष्ठ नेता उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके बाद उनके स्थान पर उनके कनिष्ठ सहयोगियों एन.सी. केलकर तथा आई.बी. सेन को गांधीजी के सहयोग हेतु चुना गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह अधिवेशन जलियाँवाला बाग हत्याकांड (अप्रैल 1919) के कुछ महीनों बाद ही आयोजित हुआ था, जिसकी अध्यक्षता पंडित मोतीलाल नेहरू ने की थी, और इस अधिवेशन में हंटर कमीशन की रिपोर्ट तथा जनरल डायर की भूमिका की कड़ी निंदा करने वाला प्रस्ताव भी पारित किया गया था।
53. कांग्रेस के एक अधिवेशन में एक गवर्नर जनरल ने भाग लिया था। उक्त गवर्नर जनरल तथा अधिवेशन स्थल निम्न में से कौन-सा था?
(a) लॉर्ड इर्विन – कराची – 1931
(b) लॉर्ड विलिंगटन – बंबई – 1915
(c) लॉर्ड डफरिन – बंबई – 1885
(d) लॉर्ड हार्डिंग – लखनऊ – 1916
U.P. Lower Sub. (Spl) (Pre) 2008
उत्तर-(b)
लॉर्ड विलिंगटन ने वर्ष 1915 में बंबई में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में भाग लिया था, जब वे बंबई के गवर्नर के रूप में कार्यरत थे – उस समय वे गवर्नर जनरल नहीं थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लॉर्ड विलिंगटन भारत के गवर्नर जनरल एवं वायसराय के पद पर वर्ष 1931 से 1936 तक रहे, और उनके कार्यकाल में ही 1935 का भारत शासन अधिनियम (Government of India Act) पारित हुआ था, जिसने प्रांतीय स्वायत्तता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
54. निम्नलिखित में से किस अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार भारतीय रियासतों के प्रति अपनी नीति घोषित की थी?
(a) नागपुर अधिवेशन में
(b) गया अधिवेशन में
(c) कलकत्ता अधिवेशन में
(d) लखनऊ अधिवेशन में
U.P.P.C.S. (Pre) 2015
उत्तर-(a)
वर्ष 1920 के नागपुर अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार भारतीय रियासतों के संबंध में अपनी नीति की घोषणा की, जिसमें रियासतों के शासकों से प्रजा को पूर्ण उत्तरदायी शासन प्रदान करने की मांग की गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यही नागपुर अधिवेशन कांग्रेस के संगठनात्मक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था, क्योंकि इसी अधिवेशन में महात्मा गांधी द्वारा प्रस्तावित असहयोग आंदोलन को औपचारिक रूप से अपनाया गया था, तथा कांग्रेस की सदस्यता शुल्क घटाकर मात्र चार आना कर दी गई, जिससे संगठन का जनाधार व्यापक हुआ।
55. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के निम्नलिखित अधिवेशनों में से किसकी अध्यक्षता सी. विजय राघव चेरियार ने की थी ?
(a) लखनऊ अधिवेशन (1916)
(b) नागपुर अधिवेशन (1920)
(c) गया अधिवेशन (1922)
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S (Mains) 2016
उत्तर-(b)
सी. विजय राघव चेरियार ने 1920 के नागपुर अधिवेशन की अध्यक्षता की थी, जबकि लखनऊ अधिवेशन (1916) की अध्यक्षता अंबिका चरण मजूमदार ने तथा गया अधिवेशन (1922) की अध्यक्षता चितरंजन दास ने की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नागपुर अधिवेशन में सदस्यता शुल्क चार आना निर्धारित किए जाने के साथ-साथ कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया गया, जिसमें भाषायी आधार पर प्रांतीय कांग्रेस समितियों (Provincial Congress Committees) का पुनर्गठन किया गया, जो आगे चलकर स्वतंत्र भारत में भाषायी राज्यों के गठन की मांग का एक प्रारंभिक आधार बना।
56. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सत्य है/हैं?
(a) कांग्रेस के नागपुर सत्र (1920) के पश्चात प्रांतीय कांग्रेस समितियों का गठन भाषायी आधार पर किया गया था।
(b) वर्ष 1948 में कांग्रेस ने भाषायी आधार पर प्रांतों के गठन की मांग को अस्वीकार कर दिया। निम्नलिखित कूट में से सही
निम्नलिखित कूट में से सही उत्तर चुनिए –
(a) केवल (a)
(b) केवल (b)
(c) न तो (a) न ही (b)
(d) (a) और (b) दोनों
R.A.S./ R.T.S. (Pre) 2018
उत्तर-(d)
1920 के नागपुर सत्र में कांग्रेस ने भाषायी आधार पर प्रांतीय कांग्रेस समितियों के पुनर्गठन को स्वीकृति दी थी, परंतु स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद वर्ष 1948 में जब भाषायी आधार पर प्रांतों के पुनर्गठन की मांग उठी, तो कांग्रेस ने इस मांग को अस्वीकार कर दिया था, क्योंकि नवगठित राष्ट्र की एकता को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस संदर्भ में वर्ष 1948 में ही ‘धर आयोग’ (Dhar Commission) गठित किया गया था, जिसने भाषायी आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के विरुद्ध सिफारिश दी थी; बाद में 1953 में फजल अली आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम पारित हुआ, जिसके तहत अंततः भाषायी आधार पर राज्यों का गठन किया गया।
57. निम्नलिखित में से किसने अखिल भारतीय हरिजन सेवक संघ की 1932 में स्थापना की?
(a) बी.जी. गोखले
(b) एम. के. गांधी
(c) बी.आर. अम्बेडकर
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P. P.C.S. (Mains) 2017
उत्तर-(b)
अखिल भारतीय हरिजन सेवक संघ की स्थापना 1932 में महात्मा गांधी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य अस्पृश्यता उन्मूलन तथा दलित समुदाय के उत्थान हेतु कार्य करना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस संगठन की स्थापना उस समय हुई जब गांधीजी ‘पूना पैक्ट’ (1932) पर बी.आर. अम्बेडकर के साथ हस्ताक्षर करने के बाद यरवदा जेल में आमरण अनशन पर थे; इस पैक्ट के तहत दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग को त्यागकर संयुक्त निर्वाचन क्षेत्र में आरक्षित सीटों की व्यवस्था पर सहमति बनी थी।
58. नीचे उन व्यक्तियों की सूची दी गई है, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष हुए। तिथ्यानुसार उन्हें क्रमबद्ध कीजिए।
1. महात्मा गांधी
2. जवाहरलाल नेहरू
3. वल्लभभाई पटेल
4. श्रीमती सरोजिनी नायडू
नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर अपना दीजिए-
कूट :
(a) 1, 2, 3 तथा 4
(b) 1, 3, 4 तथा 2
(c) 1, 4, 2 तथा 3
(d) 4, 3, 1 तथा 2
U.P. P.C.S. (Mains) 2002
U.P. P.C.S. (Mains) 2004
उत्तर-(c)
प्रश्नगत कांग्रेस अध्यक्षों के अध्यक्षता-वर्ष इस प्रकार हैं – महात्मा गांधी ने केवल एक बार 1924 के बेलगांव अधिवेशन की अध्यक्षता की; सरोजिनी नायडू 1925 में कानपुर में हुए 40वें वार्षिक अधिवेशन में कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष बनीं; जवाहरलाल नेहरू ने 1929 में लाहौर, अप्रैल 1936 में लखनऊ तथा दिसंबर 1936 में फैजपुर अधिवेशन की अध्यक्षता की; जबकि वल्लभभाई पटेल ने 1931 के कराची अधिवेशन की अध्यक्षता की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कराची अधिवेशन (1931) विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी में ‘मौलिक अधिकारों एवं राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम’ संबंधी प्रस्ताव पारित हुआ था, जिसे स्वतंत्र भारत के संविधान में मौलिक अधिकारों की नींव का प्रारंभिक स्वरूप माना जाता है; यह अधिवेशन भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की फांसी (23 मार्च 1931) के कुछ ही दिनों बाद आयोजित हुआ था।
59. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1924 के अधिवेशन में महात्मा गांधी द्वारा मात्र एक बार अध्यक्षता की गई। यह अधिवेशन कहां हुआ था?
(a) गया
(b) अमृतसर
(c) बेलगांव
(d) कानपुर
R.A.S./R.T.S. (Pre) 2010
U.P.P.C.S. (Pre) 2011
उत्तर-(c)
महात्मा गांधी ने अपने जीवन में मात्र एक बार 1924 के बेलगांव अधिवेशन की अध्यक्षता की थी, जो कर्नाटक में आयोजित हुआ था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस अधिवेशन के समय गांधीजी हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक तनाव को कम करने तथा खादी व चरखे को बढ़ावा देने के अपने रचनात्मक कार्यक्रम (Constructive Programme) पर विशेष बल दे रहे थे, जो असहयोग आंदोलन की समाप्ति (1922) के बाद की उनकी रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा था।
60. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का एक मात्र अधिवेशन जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी :
(a) इलाहाबाद अधिवेशन – 1921
(b) गया अधिवेशन – 1922
(c) बेलगांव अधिवेशन – 1924
(d) कराची अधिवेशन – 1930
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2013
उत्तर-(c)
महात्मा गांधी द्वारा अध्यक्षता किया गया एकमात्र कांग्रेस अधिवेशन बेलगांव अधिवेशन (1924) था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने इस दौरान कांग्रेस के भीतर बढ़ते मतभेदों, विशेषकर परिषद-प्रवेश की नीति को लेकर स्वराज पार्टी (चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरू के नेतृत्व में) तथा परिवर्तन-विरोधी गुट के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया था; ध्यान देने योग्य है कि कराची अधिवेशन (1930 में नहीं, बल्कि 1931 में) वल्लभभाई पटेल की अध्यक्षता में हुआ था, गांधीजी की नहीं।
61.महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन की अध्यक्षता की?
(a) 1922
(b) 1924
(c) 1928
(d) 1930
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
63rd B.P.S.C. (Pre) 2017
उत्तर-(b)
महात्मा गांधी ने वर्ष 1924 में बेलगांव अधिवेशन की अध्यक्षता की थी, जो उनके जीवन का एकमात्र कांग्रेस अध्यक्ष पद था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी कांग्रेस अध्यक्ष पद की औपचारिक जिम्मेदारी से दूर रहना पसंद करते थे और अधिकांशतः वे संगठन के बाहर से ही, जनांदोलनों के माध्यम से कांग्रेस की दिशा निर्धारित करते थे; इसके बावजूद उनका प्रभाव कांग्रेस की नीतियों पर वर्षों तक निर्णायक बना रहा, विशेषकर असहयोग आंदोलन (1920-22), नमक सत्याग्रह (1930) तथा भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान।
62. किसने कहा था, “कांग्रेस पतन के लिए लड़खड़ा रही है, मेरी सबसे बड़ी अभिलाषा, जब तक मैं भारत में हूं, कांग्रेस की शांतिपूर्ण समाप्ति में सहयोग करना है?
(a) जॉर्ज हैमिल्टन
(b) लॉर्ड कर्जन
(c) लॉर्ड डफरिन
(d) लॉर्ड मिंटो
U.P.P.C.S (Pre) 2002 U.P.P.C.S. (Mains) 2002
उत्तर-(b)
यह कथन लॉर्ड कर्जन का था, जिन्होंने वर्ष 1900 के अपने एक बयान में कांग्रेस के निकट भविष्य में समाप्त हो जाने की आशा व्यक्त की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कर्जन का यह दृष्टिकोण इस तथ्य से भी जुड़ा था कि उन्होंने 1899 से 1905 तक वायसराय रहते हुए कई प्रशासनिक सुधार किए, जैसे पुरातत्व विभाग का पुनर्गठन तथा भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम (1904), परंतु उनकी कठोर औपनिवेशिक नीतियों, विशेषकर बंगाल विभाजन के कारण उन्हें भारतीय राष्ट्रवादियों के बीच सबसे अधिक अप्रिय वायसरायों में गिना जाता है।
63. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अंतिम अधिवेशन जिसमें बाल गंगाधर तिलक ने भाग लिया, था-
(a) कलकत्ता अधिवेशन, 1906
(b) सूरत अधिवेशन, 1907
(c) कलकत्ता अधिवेशन, 1917
(d) अमृतसर अधिवेशन, 1919
U.P.P.C.S. (Pre) 2014
उत्तर-(d)
बाल गंगाधर तिलक ने अपने जीवन में अंतिम बार 1919 के अमृतसर अधिवेशन में भाग लिया था, जहाँ उन्होंने मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों के तहत होने वाले विधायी चुनावों के बहिष्कार की महात्मा गांधी की नीति का विरोध करते हुए ‘उत्तरदायी सहयोग’ (Responsive Co-operation) की रणनीति अपनाने की सलाह दी थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस अधिवेशन के लगभग एक वर्ष बाद, 1 अगस्त 1920 को तिलक का निधन हो गया; उनकी मृत्यु के तुरंत बाद ही कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन की शुरुआत की, जो स्वतंत्रता संग्राम का एक नया अध्याय साबित हुआ।
64. ‘जन-गण-मन’ पहली बार किस अवसर पर गाया गया था?
(a) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन – 1896
(b) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन – 1905
(c) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन – 1911
(d) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन – 1919
U.P.P.S.C. (GIC) 2010
उत्तर-(c)
रबींद्रनाथ टैगोर द्वारा मूलतः बांग्ला भाषा में रचित एवं संगीतबद्ध ‘जन-गण-मन’ सर्वप्रथम दिसंबर 1911 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस गीत के हिंदी संस्करण को भारत की संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया; रबींद्रनाथ टैगोर साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार (1913) पाने वाले प्रथम एशियाई व्यक्ति थे, जो उन्हें उनकी रचना ‘गीतांजलि’ के लिए प्रदान किया गया था।
65. भारत के विभाजन के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष कौन था ?
(a) जे.बी. कृपलानी
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) मौलाना अबुल कलाम आजाद
(d) सी. राजगोपालाचारी
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर-(a)
भारत के विभाजन (अगस्त 1947) के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष जे.बी. कृपलानी थे, जिन्हें नवंबर 1946 में मेरठ अधिवेशन में इस पद पर निर्वाचित किया गया था और वे स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भी अध्यक्ष बने रहे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: आचार्य कृपलानी ने 1951 में कांग्रेस से इस्तीफा देकर ‘किसान मजदूर प्रजा पार्टी’ का गठन किया था, और बाद में वे स्वतंत्र राजनीतिक करियर में नेहरू सरकार के एक प्रमुख आलोचक के रूप में जाने गए।
66. जब भारत स्वतंत्र हुआ उस समय कांग्रेस के अध्यक्ष कौन थे?
(a) महात्मा गांधी
(b) जवाहरलाल नेहरू
(d) सरदार पटेल
(c) जे.बी. कृपलानी
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(c)
भारत की स्वतंत्रता (15 अगस्त 1947) के समय कांग्रेस अध्यक्ष जे.बी. कृपलानी थे, जिन्हें कांग्रेस के 54वें अधिवेशन (नवंबर 1946, मेरठ) में इस पद हेतु चुना गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसके अगले अधिवेशन यानी 55वें अधिवेशन (दिसंबर 1948, जयपुर) की अध्यक्षता डॉ. पट्टाभि सीतारामैया ने की थी, जिन्होंने 1939 में सुभाष चंद्र बोस के विरुद्ध त्रिपुरी अधिवेशन में चुनाव लड़ा था और महात्मा गांधी के समर्थन से जीते भी थे, परंतु बोस के इस्तीफे के कारण वह विवाद और भी प्रसिद्ध हो गया।
67. निम्नलिखित में से कौन लगातार छः वर्ष तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष था?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) अबुल कलाम आजाद
(c) जी.के. गोखले
(d) दादाभाई नौरोजी
U.P.P.C.S (Mains) 2016
उत्तर-(b)
मौलाना अबुल कलाम आजाद वर्ष 1940 से 1946 तक लगातार छह वर्षों तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे, जो स्वतंत्रता-पूर्व काल का सबसे लंबा कार्यकाल था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: स्वतंत्रता के बाद सबसे लंबे कार्यकाल वाली अध्यक्षों में इंदिरा गांधी (1978-84), राजीव गांधी (1985-91) तथा सोनिया गांधी (1998-2017 तथा 2019 से) शामिल हैं, जिनमें सोनिया गांधी का कार्यकाल कांग्रेस के संपूर्ण इतिहास में सबसे लंबा रहा है।
68. इनमें से कौन सबसे कम आयु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष बनने वाला व्यक्ति था?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) अबुल कलाम आजाद
(c) अबुल कलाम आजाद
(d) भूपेंद्र नाथ बोस
M.P. P.C.S. (Pre) 2017
उत्तर-(b)
मौलाना अबुल कलाम आजाद (1888-1958) सबसे कम आयु में कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाले व्यक्ति थे, जिन्हें 1923 में दिल्ली के विशेष अधिवेशन में मात्र 35 वर्ष की आयु में यह पद मिला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: स्वतंत्र भारत में आजाद देश के प्रथम शिक्षा मंत्री बने और उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) जैसी प्रमुख शिक्षण संस्थाओं की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई; उनके सम्मान में उनका जन्मदिन (11 नवंबर) भारत में ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
69. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही का चयन कीजिए-
सूची-I (कांग्रेस अध्यक्ष) सूची-II (अधिवेशन स्थान)
A. डॉ. एम. ए. अंसारी 1. हरिपुरा
B. पुरुषोत्तम दास टंडन 2. कानपुर
C. सरोजिनी नायडू ;3. मद्रास
D. सुभाष चंद्र बोस 4. नासिक
कूट :
A B C D
(a) 1 2 4 3
(b) 2 3 1 4
(c) 3 4 2 1
(d) 4 1 3 2
U.P.P.C.S. (Pre) 2012
उत्तर-(c)
सही सुमेलन इस प्रकार है: सुभाष चंद्र बोस ने हरिपुरा अधिवेशन (1938), पुरुषोत्तम दास टंडन ने नासिक अधिवेशन (1950), डॉ. एम.ए. अंसारी ने मद्रास अधिवेशन (1927) तथा सरोजिनी नायडू ने कानपुर अधिवेशन (1925) की अध्यक्षता की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: डॉ. एम.ए. अंसारी एक प्रतिष्ठित चिकित्सक थे, जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बाल्कन क्षेत्र में चिकित्सा मिशन का नेतृत्व किया था; पुरुषोत्तम दास टंडन हिंदी भाषा के प्रबल समर्थक थे और उन्हें ‘राजर्षि’ की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
70. वर्ष 1938 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन की अध्यक्षता की थी-
(a) अबुल कलाम आजाद
(b) जे.बी. कृपलानी
(c) राजेंद्र प्रसाद
(d) सुभाष चंद्र बोस
U.P.P.C.S. (Spl) (Mains) 2008
उत्तर-(d)
19-21 फरवरी 1938 को गुजरात के हरिपुरा में आयोजित कांग्रेस के 51वें अधिवेशन की अध्यक्षता सुभाष चंद्र बोस ने की थी, और इसी अधिवेशन में राष्ट्रीय नियोजन समिति का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू बनाए गए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: राजेंद्र प्रसाद को 1934 में तथा अबुल कलाम आजाद को 1940-46 के बीच अध्यक्ष चुना गया था, जबकि जे.बी. कृपलानी 1946 के मेरठ अधिवेशन में अध्यक्ष निर्वाचित हुए; राष्ट्रीय नियोजन समिति का गठन भारत में स्वतंत्रता-पूर्व आर्थिक योजना-निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक प्रयास माना जाता है।
71. वर्ष 1938 के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष किसे चुना गया था?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) सुभाष चंद्र बोस
(c) आनंद मोहन बोस
(d) वल्लभभाई पटेल
M.P.P.C.S. (Pre) 2014
उत्तर-(b)
वर्ष 1938 के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष सुभाष चंद्र बोस को चुना गया था, जिन्होंने हरिपुरा अधिवेशन की अध्यक्षता की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूची में दिए गए आनंद मोहन बोस, जो सुभाष चंद्र बोस से भिन्न व्यक्ति थे, ने इससे काफी पहले 1898 में मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की थी और इंडियन एसोसिएशन के सह-संस्थापक भी थे; जवाहरलाल नेहरू 1938 में नहीं बल्कि 1929, 1936 (दो बार) में अध्यक्ष रहे थे।
72. निम्नलिखित में से किस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू ने समाजवाद को भारत की समस्याओं को हल करने की कुंजी बताया ?
(a) लाहौर
(b) लखनऊ
(c) इलाहाबाद
(d) रामगढ़
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(b)
वर्ष 1936 के लखनऊ अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू ने समाजवाद को भारत की समस्याओं को हल करने की कुंजी बताते हुए कहा था कि गरीबी, बेकारी और गुलामी से मुक्ति का एकमात्र रास्ता समाजवाद है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नेहरू ने इस विचारधारा से 1927 में ब्रुसेल्स (बेल्जियम) में आयोजित विश्व उपनिवेशवाद-विरोधी सम्मेलन में भाग लेने के दौरान भी प्रेरणा प्राप्त की थी, जहाँ उनकी सोवियत रूस के समाजवादी मॉडल में गहरी रुचि बढ़ी; यही वैचारिक आधार आगे चलकर स्वतंत्र भारत की पंचवर्षीय योजनाओं तथा मिश्रित अर्थव्यवस्था के मॉडल में प्रतिबिंबित हुआ।
73. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही चुनिए-
सूची-I (अध्यक्ष) सूची-II (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सभाओं के स्थान )
(a) अबुल कलाम आजाद 1. अमृतसर, 1919
(b) सरोजिनी नायडू 2. बंबई, 1934
(c) मोतीलाल नेहरू 3. कानपुर, 1925
(d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद 4. रामगढ़, 1940
कूट :
A B C D
(a) 1 3 2 4
(b) 2 4 3 1
(c) 3 2 4 1
(d) 4 3 1 2
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2014
उत्तर-(d)
सही सुमेलन है: मोतीलाल नेहरू ने अमृतसर अधिवेशन (1919), सरोजिनी नायडू ने कानपुर अधिवेशन (1925), डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बंबई अधिवेशन (1934) तथा अबुल कलाम आजाद ने रामगढ़ अधिवेशन (1940) की अध्यक्षता की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रामगढ़ अधिवेशन (1940, बिहार) के समय द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था, और इसी पृष्ठभूमि में आगे चलकर गांधीजी ने व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया था; डॉ. राजेंद्र प्रसाद आगे चलकर स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति (1950-1962) बने।
74.उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन के संदर्भ में, सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए-
सूची-I (स्थान) सूची-II (वर्ष).
A. मेरठ 1. 1916.
B. कानपुर 2. 1905.
C. लखनऊ 3. 1946.
D. बनारस 4. 1925.
कूट:.
(a) 1 4 3 2
(b) 3 1 2 4
(c) 3 4 1 2
(d) 2 3 4 1
U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2021
उत्तर-(c)
सही सुमेलन है: मेरठ अधिवेशन वर्ष 1946 में, कानपुर अधिवेशन वर्ष 1925 में, लखनऊ अधिवेशन वर्ष 1916 में तथा बनारस अधिवेशन वर्ष 1905 में आयोजित हुआ था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1905 का बनारस अधिवेशन गोपाल कृष्ण गोखले की अध्यक्षता में हुआ था और यह उस वर्ष के बंगाल विभाजन के निर्णय के तुरंत बाद आयोजित हुआ था, जिसमें कांग्रेस ने इस विभाजन की कड़ी निंदा की; मेरठ अधिवेशन (1946) स्वतंत्रता-पूर्व कांग्रेस का अंतिम महत्वपूर्ण अधिवेशन था, जिसकी अध्यक्षता जे.बी. कृपलानी ने की थी।

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