बाबर MCQ प्रश्न | UPSC

1. मध्यकालीन भारत के मुगल शासक वस्तुतः थे-
(a) फारसी (ईरानी)
(b) अफगान
(c) चगताई तुर्क
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2010
उत्तर-(c)
मुगल वंश के संस्थापक बाबर तुर्कों की चगताई शाखा से संबंधित थे। यह शाखा चंगेज खां के द्वितीय पुत्र चगताई के नाम पर प्रसिद्ध हुई, जिसके अधिकार में मध्य एशिया और तुर्किस्तान था। यद्यपि मुगल शब्द ‘मंगोल’ का अपभ्रंश है, परंतु ये वास्तव में तुर्क थे — इनकी मातृभाषा चगताई तुर्की थी और फारसी इनकी दरबारी भाषा थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाबर की माँ कुतलुग निगार खानम चंगेज खां के वंशज युनुस खां की पुत्री थीं, जिसके कारण बाबर को तिमुरी और चंगेजी — दोनों वंशों का गर्व था। बाबर ने अपनी आत्मकथा ‘बाबरनामा’ (तुज़्क-ए-बाबरी) चगताई तुर्की भाषा में लिखी, जो मध्यकालीन विश्व की श्रेष्ठतम आत्मकथाओं में गिनी जाती है।
2. पानीपत की पहली लड़ाई में बाबर ने किसको हराया था?
(a) राणा सांगा
(b) इब्राहिम लोदी
(c) सिकंदर लोदी
(d) शेरशाह सूरी
M.P. P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(b)
21 अप्रैल, 1526 को हुए पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने दिल्ली सल्तनत के अंतिम शासक इब्राहिम लोदी को पराजित किया। इब्राहिम लोदी इस युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुआ, जो दिल्ली के किसी सुल्तान की युद्धभूमि में मृत्यु का पहला उदाहरण था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इब्राहिम लोदी की सेना में एक लाख से अधिक सैनिक और लगभग एक हजार हाथी थे, जबकि बाबर के पास मात्र 12,000 सैनिक थे — फिर भी बाबर की तोपखाना-आधारित रणनीति और तुलुगमा युद्धनीति ने बड़ी सेना को परास्त किया। 27 अप्रैल, 1526 को बाबर ने अपने को ‘बादशाह’ घोषित कर भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
3. किस मुगल शासक ने भारत में ऑटोमन युद्ध पद्धति को अपनाया?
(a) अकबर
(b) शाहजहां
(c) बाबर
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Jharkhand P.S.C. (Mains) 2016
उत्तर-(c)
बाबर ने 1526 ई. में पानीपत के प्रथम युद्ध में ऑटोमन (उस्मानिया) युद्ध पद्धति का प्रयोग किया, जिसे ‘रूमी विधि’ भी कहा जाता है। इसमें तोपों को बैलगाड़ियों पर रखकर उन्हें चमड़े की रस्सियों से आपस में बाँधा गया, ताकि शत्रु सेना सीधे हमला न कर सके। तोपखाने का नेतृत्व उस्ताद अली कुली ने किया और बंदूकचियों की कमान मुस्तफा के हाथ में थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ऑटोमन पद्धति बाबर ने तुर्की के उस्मानी साम्राज्य से सीखी थी, जहाँ इसका पहले प्रयोग हुआ था। बाबर ने इसी पद्धति का उपयोग 1527 ई. के खानवा के युद्ध में भी मेवाड़ के राणा सांगा के विरुद्ध सफलतापूर्वक किया।
4. बाबर को भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित करने वालों में से एक आलम खान-
(a) इब्राहिम लोदी के संबंधी थे तथा वह दिल्ली के राजसिंहासन के दावेदार थे।
(b) इब्राहिम लोदी के संबंधी थे, जिनसे दुर्व्यवहार किया गया था तथा उसे देश से निष्कासित कर दिया गया था।
(c) दिलावर खान, जिसे इब्राहिम लोदी के हाथों क्रूर व्यवहार मिला, के पिता थे।
(d) पंजाब प्रांत के एक उत्तराधिकारी थे, जो अपनी जाति के प्रति इब्राहिम लोदी के व्यवहार से अत्यधिक असंतुष्ट थे।
I.A.S. (Pre) 2003
उत्तर-(a)
आलम खां इब्राहिम लोदी का चाचा था और वह दिल्ली के सिंहासन पर अपना दावा जताता था। इब्राहिम लोदी से असंतुष्ट होकर उसने पंजाब के गवर्नर दौलत खां लोदी के साथ मिलकर बाबर को भारत आक्रमण का निमंत्रण भेजा। दौलत खां ने अपने पुत्र दिलावर खां को बाबर के पास दूत बनाकर भेजा और इब्राहिम को हटाकर आलम खां को सुल्तान बनाने की सहायता माँगी। बाबर को इसी समय मेवाड़ के राणा सांगा का भी निमंत्रण प्राप्त था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: आलम खां को बाद में बाबर ने दिल्ली का सुल्तान नहीं बनाया; बाबर ने स्वयं भारत पर शासन स्थापित किया, जिससे आलम खां की महत्त्वाकांक्षा कभी पूरी नहीं हुई। यह घटना भारतीय इतिहास में ‘विश्वासघाती आमंत्रण’ की एक प्रमुख उदाहरण मानी जाती है।
5. किस वर्ष बाबर ने सुल्तान इब्राहिम लोदी को पानीपत की लड़ाई में पराजित किया?
(a) 1527 ई.
(b) 1526 ई.
(c) 1525 ई.
(d) 1524 ई.
U.P.P.C.S (Pre) 2016
उत्तर-(b)
21 अप्रैल, 1526 ई. को पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने इब्राहिम लोदी को पराजित कर भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना की। इस युद्ध को भारतीय इतिहास का एक निर्णायक मोड़ माना जाता है, क्योंकि इसने 320 वर्षों पुरानी दिल्ली सल्तनत का अंत कर दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पानीपत का मैदान ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहा है — यहाँ तीन निर्णायक युद्ध हुए: 1526 ई. (बाबर बनाम इब्राहिम लोदी), 1556 ई. (अकबर के सेनापति बैरम खां बनाम हेमू), और 1761 ई. (अहमद शाह अब्दाली बनाम मराठा)। इस कारण पानीपत को ‘भारत का युद्धक्षेत्र’ (Battle-ground of India) भी कहा जाता है।
6. पानीपत का प्रथम युद्ध किसके मध्य हुआ था?
(a) बाबर और राणा सांगा
(b) हेमू और मुगल
(c) हुमायूं और शेर खान
(d) बाबर और इब्राहिम लोदी
U.P.P.C.S. (Pre) 1996 | Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2005 | U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(d)
पानीपत का प्रथम युद्ध 21 अप्रैल, 1526 ई. को बाबर और दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी के बीच लड़ा गया। बाबर ने इस युद्ध में तुलुगमा युद्धनीति और तोपखाने का प्रभावी उपयोग किया। इब्राहिम लोदी की संख्याबल में श्रेष्ठ सेना भी बाबर की कुशल रणनीति के सामने टिक न सकी और इब्राहिम युद्धभूमि में मारा गया। बाबर ने 27 अप्रैल, 1526 को स्वयं को ‘बादशाह’ घोषित किया और दिल्ली तथा आगरा पर अधिकार कर लिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस युद्ध की जीत के उपलक्ष्य में बाबर ने काबुल के प्रत्येक निवासी को एक-एक चाँदी का सिक्का (शाहरुखी) भेंट किया था, जिसके कारण उसे ‘कलंदर’ (उदार) की उपाधि दी गई। यह घटना बाबरनामा में विस्तार से वर्णित है।
7. पानीपत के युद्ध में बाबर की जीत का मुख्य कारण क्या था?
(a) उसकी घुड़सवार सेना
(b) उसकी सैन्य कुशलता
(c) तुलुगमा प्रथा
(d) अफगानों की आपसी फूट
39th B.P.S.C. (Pre) 1994
उत्तर-(b)
पानीपत के प्रथम युद्ध (21 अप्रैल, 1526) में बाबर की विजय का मुख्य श्रेय उसकी असाधारण सैन्य कुशलता को जाता है। बाबर की सेना संख्यात्मक रूप से बहुत छोटी थी, किंतु उसने तुलुगमा युद्धनीति (दो पार्श्व टुकड़ियों द्वारा शत्रु को घेरना) और तोपखाने का एक साथ उपयोग कर इब्राहिम लोदी की विशाल सेना को भ्रमित कर दिया। बाबर ने स्वयं लिखा है कि इब्राहिम लोदी एक अनुभवहीन और असावधान सेनापति था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तुलुगमा युद्धनीति मूलतः उज्बेक मूल की थी, जिसे शैबानी खां ने बाबर के विरुद्ध सर-ए-पुल के युद्ध (1501 ई.) में प्रयोग किया था। बाद में बाबर ने इसी पद्धति को अपनाकर उसे और परिष्कृत किया तथा भारत में सफलतापूर्वक लागू किया।
8. बाबर की इब्राहिम लोदी पर विजय का कारण था-
(a) बाबर की वीरता
(b) तोपखाना
(c) इब्राहिम की दुर्बलता
(d) कुशल सेनानायक
U.P. P.C.S. (Pre) 1990
उत्तर-(d)
बाबर की इब्राहिम लोदी पर विजय का मूल कारण बाबर का कुशल सेनानायकत्व था। बाबर ने युद्ध से पूर्व ही अपनी सेना की सुनियोजित व्यूह-रचना की, तोपखाने को रणनीतिक स्थान पर तैनात किया और तुलुगमा पद्धति से दुश्मन के दोनों पार्श्वों पर हमला किया। इब्राहिम लोदी की बड़ी सेना इस बहुआयामी आक्रमण का सामना नहीं कर सकी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाबर ने पानीपत के युद्ध से पहले अपनी सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए ‘जिहाद’ का आह्वान किया और मदिरापान छोड़ने की घोषणा की। उसने मदिरा के सभी पात्र तुड़वाकर उन्हें गरीबों में बँटवा दिया — यह घटना उसकी नेतृत्व क्षमता और सेना के मनोविज्ञान को समझने की अद्भुत मिसाल है।
9. इनमें से किसने बाबर को सर-ए-पुल के युद्ध में पराजित किया था?
(a) अब्दुल्लाह खां उजबेक
(b) शैबानी खां
(c) उबैदुल्लाह खां
(d) जानी बेग
U.P. Lower Sub. (Pre) 2015
उत्तर-(b)
1501 ई. में सर-ए-पुल (मध्य एशिया) के युद्ध में उज्बेक सरदार शैबानी खां ने बाबर को करारी पराजय दी और उसे मध्य एशिया से खदेड़ दिया। शैबानी खां ने इसी युद्ध में तुलुगमा नामक युद्धनीति का प्रयोग किया था, जो बाबर ने बाद में सीखी। इस पराजय के बाद बाबर ने अपना पैतृक राज्य समरकंद और फरगना दोनों खो दिए और उसे काबुल की शरण लेनी पड़ी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: शैबानी खां की 1510 ई. में ईरान के सफावी शासक शाह इस्माइल प्रथम के हाथों मर्व के युद्ध में मृत्यु हो गई। शाह इस्माइल ने शैबानी की खोपड़ी से एक सोने का प्याला बनवाया था — यह घटना उस युग की क्रूर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का प्रतीक है।
10. निम्नलिखित में से किस युद्ध में एक पक्ष द्वारा प्रथम बार तोपों का उपयोग किया गया था?
(a) पानीपत का प्रथम युद्ध
(b) खानवा का युद्ध
(c) प्लासी का युद्ध
(d) पानीपत का तीसरा युद्ध
U.P.P.C.S. (Pre) 1996
उत्तर-(a)
दिए गए विकल्पों में से पानीपत के प्रथम युद्ध (1526 ई.) में बाबर द्वारा भारत में पहली बार तोपों का व्यापक प्रयोग किया गया। बाबर के तोपखाने का नेतृत्व उस्ताद अली कुली ने और बंदूकचियों की कमान मुस्तफा खां ने संभाली। तोपों की गड़गड़ाहट से इब्राहिम लोदी के हाथी भयभीत होकर अपनी ही सेना को रौंदने लगे, जिससे लोदी सेना में भगदड़ मच गई। उल्लेखनीय है कि बाबर ने 1519 ई. में बजौर (वर्तमान पाकिस्तान) के युद्ध में भी तोपों का प्रयोग किया था, जो भारतीय उपमहाद्वीप में तोप का संभवतः प्रथम प्रयोग था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारत में तोप और बारूद की तकनीक को लोकप्रिय बनाने का श्रेय बाबर को दिया जाता है। इससे पहले भारतीय सेनाएँ मुख्यतः हाथियों, घुड़सवारों और पैदल सैनिकों पर निर्भर थीं; बाबर के तोपखाने ने भारतीय युद्ध-पद्धति में क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया।
11. खानवा के युद्ध में कौन पराजित हुआ था?
(a) राणा प्रताप
(b) मानसिंह
(c) हेमू
(d) राणा सांगा
U.P.P.C.S. (Mains) 2004
उत्तर-(d)
खानवा का युद्ध मार्च 1527 ई. में बाबर और मेवाड़ के शासक राणा सांगा (राणा संग्राम सिंह) के बीच हुआ था, जिसमें राणा सांगा पराजित हुए। बाबर ने इस युद्ध में ‘जेहाद’ घोषित किया और तोपखाने की निर्णायक भूमिका रही।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) राणा सांगा ने पहले बाबर को इब्राहिम लोदी के विरुद्ध आमंत्रित किया था, किन्तु पानीपत विजय के बाद बाबर के भारत में रुकने के इरादे स्पष्ट होने पर वे स्वयं उसके विरोधी बन गए। (2) इस युद्ध के बाद राणा सांगा की मृत्यु 1528 ई. में हुई, जिसके बारे में माना जाता है कि उनके अपने ही सरदारों ने उन्हें विष दे दिया था।
12. निम्न में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(a) पानीपत का प्रथम युद्ध 1526
(b) खानवा का युद्ध 1527
(c) घाघरा का युद्ध 1529
(d) चंदेरी का युद्ध 1530
U.P. P.C.S. (Pre) (Re-Exam) 2015
उत्तर-(d)
चंदेरी का युद्ध 1530 ई. में नहीं, बल्कि 1528 ई. में बाबर और मेदिनी राय के बीच हुआ था। मेदिनी राय मालवा के एक शक्तिशाली राजपूत सरदार थे। पानीपत का प्रथम युद्ध (1526), खानवा का युद्ध (1527) और घाघरा का युद्ध (1529) — ये तीनों युग्म सही हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) चंदेरी के युद्ध में बाबर ने किले पर अधिकार करने के लिए ‘सबात’ (covered trench) का प्रयोग किया था, जो उस काल की एक उन्नत घेराबंदी तकनीक थी। (2) बाबर के इन चारों प्रमुख युद्धों ने मिलकर उत्तर भारत में मुगल सत्ता की नींव को पूरी तरह सुदृढ़ कर दिया।
13. मेवाड़ के जिस राजा को 1527 में खानवा के युद्ध में बाबर ने हराया था, वह था-
(a) राणा प्रताप
(b) राणा सांगा
(c) सवाई उदय सिंह
(d) अलाउद्दीन खिल्जी
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(b)
1527 ई. में खानवा के युद्ध में बाबर ने मेवाड़ के शासक राणा सांगा (राणा संग्राम सिंह) को पराजित किया था। राणा सांगा उस समय के सबसे शक्तिशाली राजपूत शासक थे और उनके संघ में अनेक राजपूत सरदार, अफगान नेता तथा हसन खाँ मेवाती भी शामिल थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) राणा सांगा के शरीर पर एक आँख, एक हाथ और एक टाँग गँवाने के बाद भी 100 से अधिक युद्ध के घावों के निशान थे, जो उनकी असाधारण वीरता के प्रमाण थे। (2) बाबर ने खानवा में विजय के बाद ‘गाजी’ (धर्मयोद्धा) की उपाधि धारण की और यह उपाधि उसके सिक्कों पर भी अंकित करवाई गई।
14. राणा सांगा ने निम्नलिखित युद्धों में से किसमें बाबर के विरुद्ध लड़ाई की थी?
(a) पानीपत का युद्ध
(b) खानवा का युद्ध
(c) चंदेरी का युद्ध
(d) घाघरा का युद्ध
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2010
उत्तर-(b)
राणा सांगा ने 1527 ई. में खानवा के युद्ध में बाबर के विरुद्ध लड़ाई की थी। खानवा (वर्तमान राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित) के इस युद्ध में राणा सांगा ने एक विशाल राजपूत-अफगान संयुक्त सेना का नेतृत्व किया, परंतु बाबर की तोपखाने-आधारित रणनीति के सामने वे टिक नहीं सके।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) बाबर ने खानवा युद्ध से पहले अपनी सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए शराब न पीने की कसम खाई और सभी मदिरापात्रों को तुड़वा दिया था — यह उसकी राजनीतिक चतुराई का परिचायक था। (2) इस युद्ध में भाग लेने वाले राजपूत संघ में 120 से अधिक राजपूत सरदार थे, फिर भी बाबर की ‘तुलुगमा’ (flanking) युद्धनीति और तोपों ने निर्णायक भूमिका निभाई।
15. निम्नलिखित पर विचार कीजिए- बाबर के भारत में आने के फलस्वरूप
1. उपमहाद्वीप में बारूद के उपयोग की शुरुआत हुई।
2. इस क्षेत्र की स्थापत्यकला में मेहराब और गुंबद बनने की शुरुआत हुई।
3. इस क्षेत्र में तैमूरी (तिमूरिद) राजवंश स्थापित हुआ।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
I.A.S. (Pre) 2015
उत्तर-(b)
कथन 1 गलत है — भारत में बारूद का प्रयोग बाबर से पहले ही होता था; 13वीं-14वीं शताब्दी में सल्तनत काल में इसका उपयोग किलों की दीवारें गिराने में हो रहा था। कथन 2 भी गलत है — मेहराब और गुंबद की स्थापत्य शैली दिल्ली सल्तनत काल (1206 ई.) से ही भारत में प्रचलित थी। कथन 3 सही है — बाबर पिता की ओर से तैमूर (तिमूर) का वंशज था और माता की ओर से चंगेज खाँ का, इसलिए उसके सत्ता में आने से भारत में तैमूरी राजवंश स्थापित हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) बाबर ने भारत में तोप और बंदूक के संगठित एवं रणनीतिक प्रयोग को नई ऊँचाई दी — उसके तोपची उस्ताद अली और मुस्तफा ने पानीपत में तोपखाने का कुशल संचालन किया। (2) बाबर ने ‘बाबरनामा’ (तुज़ुक-ए-बाबरी) में स्वयं को तैमूरी वंश का गर्वित उत्तराधिकारी बताया है; यह आत्मकथा चगताई तुर्की भाषा में लिखी गई और इसे विश्व साहित्य की प्रथम सच्ची आत्मकथाओं में गिना जाता है।
16. निम्नलिखित युद्धों में से किस एक में बाबर ने ‘जेहाद’ की घोषणा की थी?
(a) पानीपत का युद्ध
(b) खानवा का युद्ध
(c) चंदेरी का युद्ध
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(b)
बाबर ने खानवा के युद्ध (1527 ई.) में ‘जेहाद’ की घोषणा की थी। यह रणनीतिक कदम था — क्योंकि राणा सांगा हिन्दू थे, इसलिए बाबर ने इसे धर्मयुद्ध का स्वरूप देकर अपनी सेना का उत्साह बढ़ाया। इस युद्ध में विजय के बाद उसने ‘गाजी’ की उपाधि धारण की। कुछ इतिहासकार यह भी मानते हैं कि चंदेरी के युद्ध (1528 ई.) में भी बाबर ने जेहाद की घोषणा की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) ‘गाजी’ की उपाधि धारण करना बाबर के लिए महत्त्वपूर्ण था क्योंकि पानीपत से पहले उसकी सेना में यह भ्रम फैल गया था कि हिंदुस्तान की गर्म जलवायु और विशाल सेनाओं का सामना करना संभव नहीं; जेहाद की घोषणा ने इस भ्रम को दूर करने में मदद की। (2) बाबर ने खानवा युद्ध से पहले ‘खुतबा’ पढ़वाया और शराब न पीने की सार्वजनिक कसम खाकर स्वयं अपने शराब के पात्रों को नष्ट करवाया, जिसे बाबरनामा में विस्तार से वर्णित किया गया है।
17. अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद का निर्माण किसने कराया था?
(a) बाबर
(b) हुमायूं
(c) निजामुल मुल्क
(d) मीर बाकी
U.P.P.C.S. (Pre) 1992
उत्तर-(d)
अयोध्या में स्थित बाबरी मस्जिद का निर्माण मुगल सम्राट बाबर के सेनापति मीर बाकी ताशकंदी ने 1528 ई. में करवाया था। यह मस्जिद बाबर के नाम पर ‘बाबरी मस्जिद’ कहलाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मीर बाकी बाबर का एक विश्वसनीय अमीर था जिसे अवध (Awadh) क्षेत्र का गवर्नर नियुक्त किया गया था। 6 दिसंबर 1992 को यह विवादित ढाँचा गिराया गया और सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर 2019 में ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए उस स्थान पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
18. ‘तुजुक-ए-बाबरी’ किस भाषा में लिखा गया था?
(a) फारसी
(b) अरबी
(c) तुर्की
(d) उर्दू
56th to 59th B.P.S.C. (Pre) 2015
उत्तर-(c)
बाबर ने अपनी आत्मकथा ‘तुजुक-ए-बाबरी’ (जिसे ‘बाबरनामा’ भी कहते हैं) चगताई तुर्की भाषा में लिखी। यह ग्रंथ विश्व साहित्य की महानतम आत्मकथाओं में गिना जाता है क्योंकि इसमें बाबर ने न केवल युद्धों का वर्णन किया, बल्कि भारत की प्रकृति, वनस्पति, जलवायु और लोगों का भी सजीव चित्रण किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाबरनामा का फारसी अनुवाद ‘अकबरनामा’ लेखक अबुल फज़ल के काल में जकारिया खान ने किया था। बाद में इसका अंग्रेजी अनुवाद 1826 ई. में लेडी मैरी एलिन बेवरिज ने किया, जो आज भी संदर्भ ग्रंथ के रूप में मान्य है।
19. वह मुगल सम्राट जिसके जीवन से धैर्य व संकल्प से सफलता की शिक्षा मिलती है-
(a) जहीरुद्दीन मोहम्मद बाबर
(b) नसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायूं
(c) जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर
(d) अब्दुल मुजफ्फर मुहीउद्दीन औरंगजेब
R.A.S./R.T.S. (Pre) 1993
उत्तर-(a)
बाबर का जीवन अदम्य साहस और अथक संघर्ष की मिसाल है। मात्र 11 वर्ष की आयु में फरगना की गद्दी संभालने के बाद उसने कई बार समरकंद जीता और हारा, परंतु उसने हार नहीं मानी। अंततः भारत जीतकर उसने 1526 में मुगल साम्राज्य की नींव रखी। उनका प्रसिद्ध कथन था: “संसार उसका है जो परिश्रम करता है।”
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाबर न केवल एक वीर योद्धा था, बल्कि उत्कृष्ट कवि भी था। उसने ‘दीवान-ए-बाबर’ नामक तुर्की काव्य-संग्रह की रचना की। उसे ‘आरामगाह’ (बागवानी) से विशेष प्रेम था और उसने काबुल और आगरा में कई सुंदर बागों का निर्माण करवाया।
20. नीचे दो कथन दिए हैं, जिनमें से एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है-
कथन (A) : बाबर ने ‘बाबरनामा’ तुर्की में लिखा।
कारण (R) : तुर्की मुगल दरबार की राजभाषा थी।
ऊपर के दोनों वक्तव्यों के संदर्भ में बताइए कि निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की सही व्याख्या (R) करता है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की सही व्याख्या (R) नहीं करता है।
(c) (A) सही है, पर (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, पर (R) सही है।
I.A.S. (Pre) 1993
उत्तर-(c)
बाबर ने अपनी आत्मकथा ‘बाबरनामा’ (तुजुक-ए-बाबरी) तुर्की भाषा में लिखी — यह कथन (A) सत्य है। परंतु मुगल दरबार की राजभाषा तुर्की नहीं, बल्कि फारसी थी। अकबर से लेकर अंतिम मुगल बादशाह तक दरबारी कामकाज, फरमान एवं साहित्य सभी फारसी में होते थे। इसलिए कारण (R) गलत है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाबर ने ‘मुबाइयान’ नामक एक नई काव्य-शैली का भी आविष्कार किया जो तुर्की साहित्य में विशेष स्थान रखती है। बाबर की मातृभाषा चगताई तुर्की थी, इसीलिए उसने अपनी भावनाएँ इसी भाषा में सबसे प्रामाणिक रूप से व्यक्त कीं।
21. भारत के मुगल शासक बनने पर जहीरुद्दीन मोहम्मद ने नाम रखा।
(a) बाबर
(b) हुमायूं
(c) जहांगीर
(d) बहादुर शाह
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2003
उत्तर-(a)
जहीरुद्दीन मोहम्मद का उपनाम ‘बाबर’ था जिसका अर्थ फारसी में ‘बाघ’ होता है। उनका जन्म 14 फरवरी 1483 को फरगना (वर्तमान उज्बेकिस्तान) में हुआ था। पानीपत के प्रथम युद्ध (21 अप्रैल 1526) में इब्राहीम लोदी को पराजित कर 27 अप्रैल 1526 को उसने ‘बादशाह’ की घोषणा कर भारत में मुगल साम्राज्य की नींव डाली।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाबर तैमूरलंग (पितृ पक्ष) और चंगेज खान (मातृ पक्ष) दोनों का वंशज था, इसीलिए उसे दो महान विजेताओं की विरासत प्राप्त थी। पानीपत के युद्ध में बाबर ने पहली बार भारत में तोपखाने का व्यापक उपयोग किया, जो उसकी विजय का प्रमुख कारण बना।
22. बाबर ने सर्वप्रथम ‘पादशाह’ की पदवी धारण की थी-
(a) फरगना में
(b) काबुल में
(c) दिल्ली में
(d) समरकंद में
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(b)
बाबर ने 1504 ई. में काबुल पर विजय प्राप्त की और 1506-07 ई. में वहीं अपने पूर्वजों की उपाधि ‘मिर्जा’ छोड़कर नई शाही उपाधि ‘पादशाह’ धारण की। यह कदम उसने अपने अनुयायियों का मनोबल ऊँचा करने और खुद को एक स्वतंत्र संप्रभु के रूप में स्थापित करने के लिए उठाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: काबुल विजय बाबर के जीवन का एक निर्णायक मोड़ था — इससे उसे एक स्थायी राजधानी मिली। काबुल से ही उसने भारत पर पाँच अभियान (1519–1526) किए, जिनमें पाँचवाँ अभियान पानीपत की विजय के साथ समाप्त हुआ और मुगल साम्राज्य की स्थापना हुई।
23. बाबर के साम्राज्य में सम्मिलित थे-
(1) काबुल का क्षेत्र
(2) पंजाब का क्षेत्र
(3) आधुनिक उत्तर प्रदेश का क्षेत्र
(4) आधुनिक राजस्थान का क्षेत्र
नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) 1, 2 और 3
(d) 2, 3 और 4
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2003
उत्तर-(c)
बाबर के साम्राज्य की सीमाएँ काबुल से लेकर बिहार तक फैली थीं, जिसमें पंजाब और आधुनिक उत्तर प्रदेश का क्षेत्र शामिल था। राजस्थान उसके साम्राज्य का हिस्सा नहीं बना क्योंकि वह क्षेत्र राजपूत राजाओं के अधीन था। खानवा के युद्ध (1527) में राणा सांगा को हराने के बाद भी बाबर ने राजस्थान पर प्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित नहीं किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाबर ने कुल चार महत्वपूर्ण युद्ध जीते — पानीपत (1526), खानवा (1527), चंदेरी (1528) और घाघरा (1529)। इन चारों विजयों से उसका साम्राज्य दृढ़ हुआ। बाबर की मृत्यु 26 दिसंबर 1530 को आगरा में हुई और उसे काबुल के ‘बाग-ए-बाबर’ में दफनाया गया।
24. बाबर ने अपने ‘बाबरनामा’ में किस हिंदू राज्य का उल्लेख किया है?
(a) उड़ीसा
(b) गुजरात
(c) मेवाड़
(d) कश्मीर
U.P. P.C.S. (Pre) 1995
उत्तर-(c)
बाबर ने अपनी आत्मकथा बाबरनामा में दो प्रमुख हिंदू राज्यों — विजयनगर और मेवाड़ — का उल्लेख किया है। मेवाड़ के शक्तिशाली शासक राणा सांगा के बारे में बाबर लिखता है कि राणा ने काबुल में ही उसके प्रति निष्ठा व्यक्त की थी और दिल्ली पर हमले में सहयोग का वादा किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: राणा सांगा (राणा संग्राम सिंह) उस समय का सबसे शक्तिशाली हिंदू शासक था जिसके पास 100 से अधिक राजपूत सरदारों की सेना थी। परंतु खानवा के युद्ध (17 मार्च 1527) में बाबर ने ‘जिहाद’ का नारा देकर और ‘गाजी’ की उपाधि धारण कर राणा सांगा को निर्णायक रूप से पराजित किया।

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