महाजनपदों का उदय | One-Liner Practice

भारतीय इतिहास प्राचीन भारत महाजनपदों का उदय

❑ बुद्ध के जन्म के पूर्व लगभग छठी शताब्दी ई. पू. में भारतवर्ष 16 महाजनपदों में बंटा हुआ था।

❑ इन महाजनपदों का उल्लेख बौद्ध ग्रंथ अंगुत्तर निकाय तथा जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में मिलता है।

❑ कम्बोज राज्य श्रेष्ठ घोड़ों के लिये प्रसिद्ध था।

❑ चम्पा का प्राचीन नाम मालिनी था।

❑ वज्जि संघ आठ कुलों का एक संघ था।

❑ पांचाल को वैदिक सभ्यता का सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि कहा गया है।

❑ रामायण से पता चलता है कि तक्षशिला की स्थापना भरत के पुत्र तक्ष ने की थी।

❑ गौतम बुद्ध के समय अवन्ति का राजा प्रद्योत था।

❑ गौतम बुद्ध के समय कोशल का राजा प्रसेनजित था।

❑ मगध का राज्य बिम्बिसार गौतम बुद्ध का मित्र तथा संरक्षक था।

❑ बुद्धकालीन सर्वाधिक बड़ा एवं शक्तिशाली गणतन्त्र वैशाली का लिच्छवी (गणतंत्र) था।

❑ बुद्धकालीन चार शक्तिशाली राजतन्त्र कोशल, मगध, वत्स एवं अवन्ति थे।

❑ गांधार एवं कम्बोज के क्षत्रियों को वार्ताशास्त्रेप- जीविनः कहा गया है।

❑ उत्तरापथ मार्ग-उत्तर-पश्चिम से (पुष्कलावती तक्षशिला) से पाटलिपुत्र और ताम्रलिप्ति तक जाता है। कालांतर में यही ग्रांड ट्रक रोड कहलाया।

❑ दूसरा प्रसिद्ध व्यापारिक मार्ग पश्चिम में पाटल से पूर्व में कौशाम्बी तक जाता था, तदुपरान्त उत्तरापथ मार्ग से सम्बद्ध हो जाता था।

📚 Chapters

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Swipe left/right to change content

    Share This Page

    WhatsApp Telegram