1.निम्नलिखित में से किसे पेरिस की रॉयल एशियाटिक सोसायटी की सदस्यता प्रदान की गई थी?
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(b)
कवि और नाटककार माइकल मधुसूदन दत्त को पेरिस की रॉयल एशियाटिक सोसायटी की सदस्यता दी गई थी। यह संस्था मूलतः 1822 ई. में फ्रांस में स्थापित हुई थी और 1829 ई. में शाही फरमान से इसे औपचारिक मान्यता मिली।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: माइकल मधुसूदन दत्त बांग्ला साहित्य में अमित्राक्षर छंद के जनक माने जाते हैं और उनकी प्रसिद्ध रचना ‘मेघनादवध काव्य’ है। दूसरा तथ्य यह है कि वे मूलतः हिंदू परिवार में जन्मे थे परंतु बाद में ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था।
2. कथन (a) : बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना वॉरेन हेस्टिंग्स के काल में हुई थी और उसने सर विलियम जोंस के पक्ष में उक्त विद्वत संस्था की अध्यक्षता का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था।
कारण (R) : वॉरेन हेस्टिंग्स स्वयं एक उद्भट विद्वान तथा प्राच्य विद्या का प्रखर समर्थक था जो संस्कृत, फारसी व अरबी के अध्ययन को प्रोत्साहित करता था।
नीचे दिए कूटों में से सही चुनिए –
कूट :
कारण (R) : वॉरेन हेस्टिंग्स स्वयं एक उद्भट विद्वान तथा प्राच्य विद्या का प्रखर समर्थक था जो संस्कृत, फारसी व अरबी के अध्ययन को प्रोत्साहित करता था।
नीचे दिए कूटों में से सही चुनिए –
कूट :
U.P.P.C.S. (Pre) 2019
उत्तर-(a)
वॉरेन हेस्टिंग्स (कार्यकाल 1774-85 ई.) बंगाल का गवर्नर जनरल होने के साथ-साथ स्वयं एक गहन विद्वान और प्राच्य विद्याका प्रबल समर्थक था। उसी के प्रोत्साहन और सहयोग से 1784 ई. में सर विलियम जोंस ने बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी की नींव रखी, परंतु हेस्टिंग्स ने स्वयं इसकी अध्यक्षता स्वीकार न कर जोंस के पक्ष में यह पद छोड़ दिया। चूंकि कारण (R) में वर्णित उसकी विद्वता और प्राच्य भाषाओं के प्रति झुकाव ही कथन में वर्णित दोनों घटनाओं (सोसाइटी की स्थापना तथा अध्यक्षता का त्याग) का आधार है, इसलिए (R), (A) की सही व्याख्या मानी जाती है -सही उत्तर (a) है, न कि आयोग द्वारा दिया गया (b)।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हेस्टिंग्स ने ही चार्ल्स विल्किंस द्वारा अनूदित ‘भगवद्गीता’ के अंग्रेजी संस्करण की भूमिका लिखी थी। दूसरा तथ्य यह है कि 1787 ई. में हेस्टिंग्स पर भ्रष्टाचार के आरोप में महाभियोग चलाया गया था, जिसमें वे 1795 ई. में दोषमुक्त हुए।
3.स्वतंत्रता-पूर्व अवधि में ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में आधुनिक शिक्षा के प्रसार का मुख्य उद्देश्य था-
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(a)
अंग्रेजी शिक्षा का प्रसार करवाने के पीछे ब्रिटिश सरकार की मूल मंशा प्रशासनिक खर्च घटाना था — कम वेतन पर अधीनस्थ पदों के लिए शिक्षित भारतीय क्लर्क और कर्मचारी तैयार करना, ताकि कंपनी के दफ्तरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जरूरतें पूरी हो सकें।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी सोच का व्यावहारिक रूप 1835 ई. का मैकाले का ‘शिक्षा संबंधी निर्णयपत्र’ (Macaulay’s Minute) था, जिसमें अंग्रेजी माध्यम से पाश्चात्य शिक्षा को बढ़ावा देने और ‘रंग व रक्त से भारतीय किंतु रुचि, विचार व बुद्धि से अंग्रेज’ वर्ग तैयार करने की बात कही गई थी। दूसरा तथ्य यह है कि इसी नीति का संस्थागत स्वरूप 1854 के ‘वुड्स डिस्पैच’ (Wood’s Despatch) में मिलता है, जिसे भारत में आधुनिक शिक्षा प्रणाली का ‘मैग्नाकार्टा’ कहा जाता है।
4. भारत में अंग्रेजों ने प्रथम मदरसा कहां स्थापित किया था?
U.P.P.C.S. (Pre) 2006
उत्तर-(d)
सितंबर 1780 में कलकत्ता के कुछ प्रतिष्ठित मुसलमानों के अनुरोध पर वॉरेन हेस्टिंग्स ने अप्रैल 1781 में कलकत्ता मदरसा (मदरसा आलिया) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य मुस्लिम विधि (कानून) के अध्ययन हेतु प्रशिक्षित विद्वान तैयार करना था, ताकि प्रशासन व न्यायिक व्यवस्था में सहायता मिल सके। मौलवी मुईज़उद्दीन की देखरेख में लगभग नब्बे छात्रों के साथ इसकी शुरुआत हुई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी कलकत्ता मदरसे को आज ‘अलीया विश्वविद्यालय’ (Aliah University) के नाम से जाना जाता है, जिसे 2007 ई. में पश्चिम बंगाल सरकार ने विश्वविद्यालय का दर्जा दिया। दूसरा तथ्य यह है कि हेस्टिंग्स के इसी कार्यकाल में 1784 ई. में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना भी हुई, जिससे प्राच्य विद्या के अध्ययन को और बल मिला।
5.निम्नलिखित अंग्रेजों में से कौन था, जिसने सर्वप्रथम ‘भगवद्गीता’ का अंग्रेजी में अनुवाद किया था?
I.A.S. (Pre) 2001
उत्तर-(b)
चार्ल्स विल्किंस ने 1785 ई. में ‘भगवद्गीता’ का प्रथम अंग्रेजी अनुवाद प्रकाशित किया; इस संस्करण की भूमिका स्वयं गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स ने लिखी थी, जो प्राच्य विद्या के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाती है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चार्ल्स विल्किंस को आधुनिक भारत में संस्कृत-विद्या (Sanskrit Studies) का पितामह कहा जाता है और उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए पहला बांग्ला-अंग्रेजी टाइपफेस/मुद्रण ढांचा भी विकसित किया था। दूसरा तथ्य यह है कि वे 1781 ई. में वॉरेन हेस्टिंग्स के साथ काशी (बनारस) गए थे, जहां उन्होंने संस्कृत का अध्ययन प्रारंभ किया।
6.वाराणसी में प्रथम संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना किसने की थी?
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(a)
बनारस में ईस्ट इंडिया कंपनी के रेजिडेंट जोनाथन डंकन के प्रयासों से 1791 ई. में पहला संस्कृत महाविद्यालय स्थापित हुआ, जिसका उद्देश्य हिंदू विधि (कानून) व दर्शनशास्त्र का अध्ययन-संरक्षण करना तथा भारतीय जनता के प्रति ब्रिटिश शासन की सद्भावना प्रदर्शित करना था। तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कार्नवालिस ने इस योजना को स्वीकृति दी थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यही संस्था कालांतर में 1958 ई. में विश्वविद्यालय का दर्जा पाकर 1974 ई. में ‘संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय’ के नाम से जानी जाने लगी। दूसरा तथ्य यह है कि जोनाथन डंकन को बाद में उनकी इस उपलब्धि से प्रभावित होकर 1795 ई. में बंबई का गवर्नर नियुक्त किया गया, जिस पद पर वे 1811 ई. में अपनी मृत्यु तक रहे।
7.निम्नलिखित में से किसने कालिदास की प्रसिद्ध रचना ‘शकुंतला’ का पहली बार अंग्रेजी में अनुवाद किया था?
U.P.U.D.A./L.D.A. (Mains) 2010
उत्तर-(d)
कलकत्ता उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश रहे सर विलियम जोंस ने 1789 ई. में कालिदास रचित ‘अभिज्ञानशाकुंतलम्’ का अंग्रेजी अनुवाद किया, जिसके पांच संस्करण प्रकाशित हुए। जोंस की ही प्रेरणा से 1784 ई. में एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना हुई थी और वे स्वयं इसके प्रथम अध्यक्ष बने; संस्था ने ‘एशियाटिक रिसर्चेज’ नामक पत्रिका के जरिए भारत के प्राचीन इतिहास को विश्व के सामने लाने का कार्य किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विलियम जोंस को संस्कृत, ग्रीक और लैटिन भाषाओं की समानता पहचानने का श्रेय दिया जाता है, जिसने आगे चलकर तुलनात्मक भाषाविज्ञान (Comparative Philology) और इंडो-यूरोपीय भाषा-परिवार की अवधारणा को जन्म दिया। दूसरा तथ्य यह है कि जोंस के ‘शकुंतला’ अनुवाद से प्रभावित होकर ही जर्मन कवि गेटे ने इस कृति की भूरि-भूरि प्रशंसा की थी।
8.’एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’ के संस्थापक थे-
R.A.S./ R.T.S. (Pre) 1999
U.P.P.C.S. (Mains) 2006
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2003
U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
U.P.P.C.S. (Mains) 2006
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2003
U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर-(a)
1784 ई. में वॉरेन हेस्टिंग्स के सहयोगी सर विलियम जोंस ने एशिया के सामाजिक-प्राकृतिक इतिहास, पुरातत्व, कला, विज्ञान और साहित्य के व्यवस्थित अध्ययन हेतु कलकत्ता में ‘एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’ की स्थापना की और स्वयं इसके पहले अध्यक्ष बने।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस संस्था का प्रकाशन-मुखपत्र ‘एशियाटिक रिसर्चेज’ था, जिसके माध्यम से प्राचीन भारतीय इतिहास, साहित्य व विज्ञान संबंधी अनेक महत्वपूर्ण शोध प्रकाशित हुए। दूसरा तथ्य यह है कि वर्तमान में यह संस्था ‘एशियाटिक सोसाइटी, कोलकाता’ के नाम से सक्रिय है और भारत की सबसे पुरानी शोध संस्थाओं में गिनी जाती है।
9. नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन की स्थापना कब हुई?
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
उत्तर-(d)
राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन की शुरुआत 1905 ई. में ‘रंगपुर नेशनल स्कूल’ की स्थापना से हुई थी। 16 नवंबर, 1905 को कलकत्ता में हुए एक सम्मेलन में स्वदेशी आधार पर साहित्यिक, वैज्ञानिक व तकनीकी शिक्षा देने के उद्देश्य से ‘राष्ट्रीय शिक्षा परिषद’ के गठन का निर्णय लिया गया, और अंततः 15 अगस्त, 1906 को इसकी औपचारिक स्थापना हुई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन बंग-भंग (बंगाल विभाजन, 1905) के विरुद्ध चले स्वदेशी आंदोलन की ही उपज था, जिसका उद्देश्य सरकारी नियंत्रण वाली शिक्षा व्यवस्था के समानांतर भारतीयों द्वारा संचालित शिक्षा प्रणाली खड़ी करना था। दूसरा तथ्य यह है कि इसी राष्ट्रीय शिक्षा परिषद की पहल से आगे चलकर 1906 ई. में ‘बंगाल नेशनल कॉलेज’ की स्थापना हुई, जिसके पहले प्राचार्य अरविंद घोष (श्री अरविंद) बने थे।
10. हंटर कमीशन की रिपोर्ट में विकास पर विशेष जोर दिया गया
U.P.P.C.S. (Pre) 2004
U.P. Lower Sub. (Pre) 2004
उत्तर-(c)
वुड डिस्पैच (1854) के बाद शिक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति का जायजा लेने हेतु लॉर्ड रिपन ने 3 फरवरी, 1882 को सर विलियम विल्सन हंटर की अध्यक्षता में ‘भारतीय शिक्षा आयोग’ का गठन किया, जिसे ‘हंटर आयोग’ भी कहा जाता है। इस बीस सदस्यीय आयोग (जिसमें सात भारतीय सदस्य भी शामिल थे) ने अपनी रिपोर्ट में प्राथमिक शिक्षा के विस्तार, स्थानीय भाषा को शिक्षा माध्यम बनाने तथा इसे स्थानीय निकायों के अधीन करने पर विशेष बल दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: आयोग ने यह भी सिफारिश की थी कि प्राथमिक शिक्षा का स्तर व्यावहारिक हो और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किया जाए, साथ ही सरकारी विद्यालयों में धार्मिक शिक्षा वर्जित रहे जबकि निजी संस्थान चाहें तो अपना धार्मिक पाठ्यक्रम रख सकते थे। दूसरा तथ्य यह है कि हंटर आयोग का गठन 1857 के विद्रोह के पश्चात कंपनी से क्राउन शासन में सत्ता हस्तांतरण के लगभग 25 वर्ष बाद हुआ था, जब शिक्षा प्रणाली की समग्र समीक्षा आवश्यक समझी गई।
11. चार्ल्स वुड का आदेश-पत्र निम्नलिखित में से किससे संबंधित था?
M.P.P.C.S. (Pre) 2015
उत्तर-(a)
बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष चार्ल्स वुड ने 19 जुलाई, 1854 को भारतीय शिक्षा संबंधी एक व्यापक योजना जारी की, जिसे ‘वुड का आदेश-पत्र’ (Wood’s Despatch) कहा जाता है। सौ अनुच्छेदों वाले इस दस्तावेज में शिक्षा के उद्देश्य, माध्यम व आवश्यक सुधारों पर विस्तार से विचार किया गया था और इसे ‘भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा’ की संज्ञा दी जाती है। इसमें लंदन विश्वविद्यालय के मॉडल पर कलकत्ता, बंबई व मद्रास में विश्वविद्यालय स्थापित करने तथा उच्च शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी रखने, साथ ही देशी भाषाओं को भी प्रोत्साहन देने का प्रावधान था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह आदेश-पत्र भारत में पहली बार आधुनिक ढंग के विश्वविद्यालयों (कलकत्ता, बंबई, मद्रास — तीनों की स्थापना 1857 ई. में हुई) की नींव बना। दूसरा तथ्य यह है कि चार्ल्स वुड बाद में भारत राज्य सचिव (Secretary of State for India) भी बने और उनके नाम पर ही भारत में आधुनिक शिक्षा नीति की यह आधारशिला जानी जाती है।
12. शिक्षा में सुधार हेतु ब्रिटिश सरकार ने सैडलर विश्वविद्यालय आयोग कब नियुक्त किया ?
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
उत्तर-(b)
वर्ष 1917 में ब्रिटिश सरकार ने कलकत्ता विश्वविद्यालय की स्थिति व संभावनाओं का अध्ययन करने हेतु एक आयोग गठित किया, जिसकी अध्यक्षता लीड्स विश्वविद्यालय के तत्कालीन उपकुलपति डॉ. एम.ई. सैडलर को सौंपी गई। आयोग का मानना था कि विश्वविद्यालयी शिक्षा में सुधार के लिए माध्यमिक शिक्षा का सुधार पहली शर्त है, और उसने 1904 के विश्वविद्यालय अधिनियम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसके कारण कॉलेज व विश्वविद्यालय शिक्षा में समुचित तालमेल नहीं बन पा रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सैडलर आयोग ने ही पहली बार स्कूली शिक्षा को 12वीं कक्षा तक बढ़ाने और उसके बाद तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (इंटरमीडिएट कॉलेजों के माध्यम से) की संरचना का सुझाव दिया था, जो आगे चलकर 10+2+3 प्रणाली की आधारशिला बनी। दूसरा तथ्य यह है कि इस आयोग की सिफारिशों पर ही ढाका विश्वविद्यालय (1921) जैसी नई आवासीय व शिक्षणात्मक (Teaching-cum-Residential) विश्वविद्यालय प्रणाली की शुरुआत हुई।
13. सैडलर आयोग संबंधित था-
UP Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2010
उत्तर-(c)
सैडलर आयोग का सीधा संबंध शिक्षा से था। 1917 ई. में सरकार ने कलकत्ता विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा हेतु डॉ. एम.ई. सैडलर (उपकुलपति, लीड्स विश्वविद्यालय) की अध्यक्षता में यह आयोग गठित किया था। आयोग ने माध्यमिक शिक्षा में सुधार को विश्वविद्यालयी शिक्षा सुधार की पूर्व-शर्त माना और 1904 के विश्वविद्यालय अधिनियम की इस आधार पर आलोचना की कि उससे कॉलेज और विश्वविद्यालय शिक्षा का उचित समन्वय स्थापित नहीं हो सका।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सैडलर आयोग की रिपोर्ट 1919 ई. में प्रकाशित हुई थी और इसमें महिला शिक्षा, धार्मिक व नैतिक शिक्षा तथा शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों के सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया था। दूसरा तथ्य यह है कि इस आयोग के एक प्रमुख भारतीय सदस्य आशुतोष मुखर्जी थे, जो उस समय कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति भी रह चुके थे।
14. वुड डिस्पैच के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं ?
1.सहायता अनुदान व्यवस्था (ग्रांट्स-इन-एड) शुरू की गई।
2.विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की गई।
3. शिक्षा के सभी स्तरों पर शिक्षण माध्यम के रूप में अंग्रेजी की सिफारिश की गई।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही
1.सहायता अनुदान व्यवस्था (ग्रांट्स-इन-एड) शुरू की गई।
2.विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की गई।
3. शिक्षा के सभी स्तरों पर शिक्षण माध्यम के रूप में अंग्रेजी की सिफारिश की गई।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही
I.A.S. (Pre) 2018
उत्तर-चुनिए-
1854 ई. में बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष चार्ल्स वुड द्वारा जारी ‘वुड डिस्पैच’ में भारतीय शिक्षा की एक व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसे ‘भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा’ कहा जाता है। इसमें लंदन विश्वविद्यालय की तर्ज पर कलकत्ता, बंबई व मद्रास में विश्वविद्यालय स्थापित करने तथा निजी प्रयासों को प्रोत्साहित करने हेतु अनुदान-सहायता (Grant-in-Aid) पद्धति आरंभ करने की सिफारिश की गई थी। साथ ही उच्च शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी रखने पर जोर दिया गया, परंतु प्राथमिक व निचले स्तरों पर देशी भाषाओं के विकास को भी महत्व दिया गया — इसलिए शिक्षा के ‘सभी स्तरों’ पर अंग्रेजी माध्यम की सिफारिश का कथन गलत है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी डिस्पैच की सिफारिश पर लोक शिक्षा विभाग (Department of Public Instruction) प्रत्येक प्रांत में स्थापित किए गए, जिनके प्रमुख को ‘डायरेक्टर ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन’ कहा गया। दूसरा तथ्य यह है कि वुड डिस्पैच में सरकारी शिक्षण संस्थाओं में पूर्णतः धर्मनिरपेक्ष (Secular) शिक्षा देने पर बल दिया गया था, ताकि धार्मिक तटस्थता बनी रहे।
15.प्रथम भारतीय शिक्षा आयोग की नियुक्ति किसने और किस वर्ष की ?
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2021
उत्तर-(a)
3 फरवरी, 1882 को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड रिपन ने वायसराय की कार्यकारिणी परिषद के सदस्य सर विलियम विल्सन हंटर की अध्यक्षता में भारत के प्रथम शिक्षा आयोग (हंटर आयोग) का गठन किया। बीस सदस्यों वाले इस आयोग में सात भारतीय सदस्य भी शामिल थे, जिनमें सैयद महमूद और आनंद मोहन बोस जैसे नाम उल्लेखनीय हैं। आयोग का मुख्य उद्देश्य 1854 के वुड डिस्पैच के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विशेषकर प्राथमिक शिक्षा के विकास हेतु ठोस सुझाव देना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सर विलियम हंटर मूलतः भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी थे और उन्हें ‘इंपीरियल गजेटियर ऑफ इंडिया’ के संकलन कार्य के लिए भी जाना जाता है। दूसरा तथ्य यह है कि आयोग ने भारत भर में सात माह तक दौरा कर लगभग 770 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें प्राथमिक शिक्षा को स्थानीय निकायों के अधीन करने की सिफारिश प्रमुख थी।
16. ब्रिटिश सरकार के किस अधिनियम ने सबसे पहली बार भारत में शिक्षा के लिए एक लाख रुपये दिए थे?
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(b)
1813 के चार्टर अधिनियम के अंतर्गत ईस्ट इंडिया कंपनी ने पहली बार भारतीय शिक्षा के प्रति औपचारिक उत्तरदायित्व स्वीकार किया। इस अधिनियम की धारा 43 के तहत ‘साहित्य के पुनरुद्धार व उन्नयन तथा भारत के विद्वान निवासियों को प्रोत्साहन देने एवं विज्ञान के ज्ञान के प्रसार’ हेतु प्रतिवर्ष कम-से-कम एक लाख रुपये व्यय करने का प्रावधान किया गया, जो भारत में राजकीय स्तर पर शिक्षा के प्रति प्रथम वित्तीय प्रतिबद्धता थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह राशि वास्तविक रूप से वर्षों तक खर्च नहीं हो पाई क्योंकि प्राच्यवादियों (Orientalists) और पाश्चात्यवादियों (Anglicists) में शिक्षा के माध्यम को लेकर गहरा मतभेद बना रहा, और अंततः 1823 ई. में ‘जनरल कमेटी ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन’ के गठन के बाद ही इस कोष का क्रियान्वयन प्रारंभ हुआ। दूसरा तथ्य यह है कि इसी 1813 के अधिनियम ने ईसाई मिशनरियों को भारत में धार्मिक व शैक्षणिक गतिविधियां चलाने की अनुमति भी दी, जिसे ‘पायस क्लॉज’ (Pious Clause) कहा जाता है।
17. भारत में प्रथम तीन विश्वविद्यालय (कलकत्ता, मद्रास, बंबई) की स्थापना किस वर्ष में हुई?
R.A.S./ R.T.S. (Pre) 2010
उत्तर-(a)
1854 के चार्ल्स वुड डिस्पैच, जिसे भारतीय शिक्षा का ‘मैग्नाकार्टा’ भी कहा जाता है, की संस्तुतियों के आधार पर लंदन विश्वविद्यालय के मॉडल पर ब्रिटिश भारत में कलकत्ता, मद्रास तथा बंबई — इन तीनों विश्वविद्यालयों की स्थापना वर्ष 1857 में की गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह वही वर्ष था जब भारत में 1857 का महान विद्रोह भी हुआ था, और वुड डिस्पैच में ही पहली बार शिक्षा विभाग के गठन तथा महिला शिक्षा को बढ़ावा देने जैसी सिफारिशें भी की गई थीं।
18. लॉर्ड मैकाले संबंधित हैं-
U.P.P.C.S. (Pre) 2007
उत्तर-(c)
लॉर्ड विलियम बेंटिक ने भारतीय शिक्षा में भाषा संबंधी विवाद को सुलझाने हेतु अपनी कौंसिल के विधि सदस्य लॉर्ड मैकाले को लोक शिक्षा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था, और मैकाले ने भारत में उच्च शिक्षा के माध्यम के रूप में अंग्रेजी भाषा का पुरजोर समर्थन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मैकाले को भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) के प्रारूपण का श्रेय भी दिया जाता है, जिसका कार्य उन्होंने भारतीय विधि आयोग के अध्यक्ष के रूप में किया था।
19. भारत में औपनिवेशिक शासन के दौरान शैक्षणिक संस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए-
(संस्थान) (संस्थापक)
1. बनारस का संस्कृत कॉलेज – विलियम जोंस
2. कलकत्ता मदरसा – वॉरेन हेस्टिंग्स
3. फोर्ट विलियम कॉलेज – ऑर्थर वेलेजली
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
(संस्थान) (संस्थापक)
1. बनारस का संस्कृत कॉलेज – विलियम जोंस
2. कलकत्ता मदरसा – वॉरेन हेस्टिंग्स
3. फोर्ट विलियम कॉलेज – ऑर्थर वेलेजली
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
I.A.S. (Pre) 2018
उत्तर-(b)
दिए गए युग्मों में से केवल युग्म 2 सही सुमेलित है, क्योंकि कलकत्ता मदरसे की स्थापना वॉरेन हेस्टिंग्स ने 1780 में की थी। बनारस संस्कृत कॉलेज की स्थापना वास्तव में जोनाथन डंकन ने 1791 में की थी, न कि विलियम जोंस ने, और फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना लॉर्ड रिचर्ड कोले वेलेजली ने 1800 में की थी, न कि आर्थर वेलेजली ने (हालांकि दोनों भाई थे)।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विलियम जोंस वास्तव में 1784 में स्थापित ‘एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’ से जुड़े थे, जिसने भारतीय प्राच्य अध्ययन को बढ़ावा दिया।
20. 1902 ई. में लॉर्ड कर्जन ने दो भारतीय सदस्यों को सम्मिलित करते हुए एक विश्वविद्यालय आयोग गठित किया। वे कौन थे?
66th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020
उत्तर-(d)
वायसराय लॉर्ड कर्जन ने शिक्षा सुधारों की दिशा में 1902 में सर टॉमस रैले की अध्यक्षता में एक विश्वविद्यालय आयोग गठित किया था, जिसमें सैयद हुसैन बिलग्रामी तथा न्यायमूर्ति गुरुदास बनर्जी को भारतीय सदस्यों के रूप में शामिल किया गया था। इस आयोग की सिफारिशों के फलस्वरूप ‘भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904’ पारित हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी अधिनियम के माध्यम से विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा किया गया, जिसकी भारतीय राष्ट्रवादियों ने व्यापक आलोचना की थी।
21. किसके सतत प्रयत्नों से बंबई में प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना हुई?
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2006
U.P.P.S.C. (GIC) 2010
U.P. P.C.S. (Mains) 2002
U.P.P.S.C. (GIC) 2010
U.P. P.C.S. (Mains) 2002
उत्तर-(b)
महाराष्ट्र के समाज सुधारक धोंडो केशव कर्वे (डी.के. कर्वे) के निरंतर प्रयासों से वर्ष 1916 में बंबई में भारत के प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। उन्होंने विधवाओं के पुनर्वास हेतु ‘विधवा विवाह प्रतिबंध निवारक मंडली’ की भी स्थापना की थी और स्वयं एक विधवा से विवाह किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कर्वे को उनके सामाजिक योगदान के लिए वर्ष 1958 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया, और उन्होंने 1896 में पूना में विधवा गृह की भी स्थापना की थी।
22. निम्नलिखित में से किससे/किनसे भारत में अंग्रेजी शिक्षा की नींव पड़ी?
1.1813 का चार्टर एक्ट
2.जनरल कमेटी ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन, 1823
3.प्राच्यविद् एवं आंग्लविद् विवाद
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही चुनिए-
2.जनरल कमेटी ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन, 1823
3.प्राच्यविद् एवं आंग्लविद् विवाद
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही चुनिए-
I.A.S. (Pre) 2018
उत्तर--()
ईस्ट इंडिया कंपनी ने धीरे-धीरे पारंपरिक प्राच्य शिक्षा प्रणाली को हतोत्साहित कर पश्चिमी शिक्षा एवं अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा दिया। 1813 के चार्टर एक्ट में शिक्षा हेतु प्रतिवर्ष एक लाख रुपये व्यय करने का प्रावधान किया गया, इसके बाद 1823 में जनरल कमेटी ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन का गठन हुआ, जिसमें 10 यूरोपीय सदस्य शामिल थे। अंततः 7 मार्च 1835 को लॉर्ड बेंटिक के काल में मैकाले के प्रस्ताव को स्वीकृति देकर अंग्रेजी को उच्च शिक्षा का माध्यम बना दिया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: आंग्ल शिक्षा के समर्थकों के नेतृत्वकर्ता मुनरो तथा एल्फिंस्टन थे, जबकि एच.टी. प्रिंसेप प्राच्य शिक्षा के पक्षधरों का नेतृत्व कर रहे थे।
23.भारत के औपनिवेशिक काम में अधोमुखी निस्यंदन सिद्धांत क क्षेत्र से संबंधित था?
R.A. S./R.T.S. (Pre) 2013
उत्तर-(b)
औपनिवेशिक काल में ‘अधोमुखी निस्यंदन सिद्धांत’ (Downward Filtration Theory) शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित था, जिसके अंतर्गत समाज के संपन्न तथा उच्च वर्ग को शिक्षित किया जाना था, ताकि उससे छनकर शिक्षा का प्रभाव आम जनता तक स्वतः पहुंच जाए। मैकाले का तर्क था कि सीमित साधनों के कारण समस्त जनसंख्या को एक साथ शिक्षित कर पाना संभव नहीं था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह सिद्धांत आगे चलकर 1854 के वुड डिस्पैच में भी संशोधित रूप में आगे बढ़ाया गया, जिसमें जन-शिक्षा (mass education) पर भी कुछ बल दिया जाने लगा था।
24.किसके शासनकाल में भारत में अंग्रेजी शिक्षा आरंभ की गई?
U.P.P.C.S. (Mains) 2011
उत्तर-(a)
गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम केवेंडिश बेंटिक (1828-35) के कार्यकाल में 7 मार्च 1835 को मैकाले के प्रस्ताव को स्वीकृति देकर भारत में अंग्रेजी को उच्च शिक्षा के माध्यम के रूप में अपनाया गया। इस निर्णय में आंग्ल शिक्षा समर्थकों मुनरो और एल्फिंस्टन की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जबकि एच.टी. प्रिंसेप प्राच्य शिक्षा के पक्ष में थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लॉर्ड बेंटिक के ही शासनकाल में 1829 में सती प्रथा को विधिवत प्रतिबंधित किया गया था, जो उनके सुधारवादी कार्यकाल की एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
25. भारत की शैक्षणिक नीति में ‘फिल्टरेशन थ्योरी’ के प्रतिपादक थे-
U.P. Lower Sub. (Pre) 2013
उत्तर-(b)
भारतीय शिक्षा नीति में ‘फिल्टरेशन थ्योरी’ अथवा अधोमुखी निस्यंदन सिद्धांत के प्रतिपादक लॉर्ड मैकाले थे, जिनका मानना था कि सीमित संसाधनों के चलते समाज के उच्च वर्ग को शिक्षित कर ही उसका लाभ आम जनता तक पहुंचाया जा सकता है। यह सिद्धांत 1835 के उनके स्मरण पत्र की मूल भावना से जुड़ा हुआ है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी सिद्धांत के विरोध में आगे चलकर 1882 के हंटर आयोग ने प्राथमिक तथा जन-शिक्षा के विस्तार पर अधिक जोर दिया।
26. डेविड हेयर और एलेक्जेंडर डफ के साथ मिलकर निम्नलिखित में से किसने कलकत्ता में हिंदू कॉलेज की स्थापना की?
I.A.S. (Pre) 2009
उत्तर-(d)
आधुनिक शिक्षा के अग्रणी प्रवर्तक राजा राममोहन राय ने स्कॉटिश घड़ीसाज़ व समाजसेवी डेविड हेयर तथा मिशनरी एलेक्जेंडर डफ के सहयोग से 20 जनवरी, 1817 को कलकत्ता में हिंदू कॉलेज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारतीय (विशेषकर हिंदू) युवाओं को अंग्रेजी भाषा व पाश्चात्य विज्ञान की शिक्षा देना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1855 ई. में इसी हिंदू कॉलेज का नाम बदलकर ‘प्रेसीडेंसी कॉलेज’ रखा गया, जो 2010 ई. में ‘प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय’ के रूप में उन्नत हुआ; इसके प्रसिद्ध पूर्व छात्रों में रवींद्रनाथ टैगोर व सुभाषचंद्र बोस जैसे नाम शामिल हैं। दूसरा तथ्य यह है कि 1826 ई. में मात्र 17 वर्ष की आयु में हेनरी लुई विवियन डेरोजियो को इसी हिंदू कॉलेज में अंग्रेजी साहित्य व इतिहास का अध्यापक नियुक्त किया गया था, जिन्होंने आगे चलकर ‘यंग बंगाल आंदोलन’ की नींव रखी।
27.डेक्कन एजुकेशनल सोसाइटी की स्थापना से कौन संबंधित था?
U.P.P.C.S. (Pre) 2013
U.P. U.D.A./ L.D.A. (Spl.) (Pre) 2010
U.P. U.D.A./ L.D.A. (Spl.) (Pre) 2010
उत्तर-(c)
विष्णुशास्त्री चिपलूणकर, बाल गंगाधर तिलक व गोपाल गणेश आगरकर ने 1880 ई. में पुणे में ‘न्यू इंग्लिश स्कूल’ की स्थापना की थी, और इसी पहल को संस्थागत रूप देते हुए 24 अक्तूबर, 1884 ई. को (विजयादशमी के दिन) ‘डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी’ औपचारिक रूप से गठित की गई, जिसके संस्थापकों में एम.बी. नामजोशी व जस्टिस महादेव गोविंद रानाडे भी शामिल थे। अतः बी.जी. तिलक इस सोसाइटी की स्थापना से प्रत्यक्षतः संबंधित थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी सोसाइटी ने 1885 ई. में बंबई प्रेसीडेंसी के तत्कालीन गवर्नर सर जेम्स फर्ग्युसन के नाम पर ‘फर्ग्युसन कॉलेज’ की स्थापना की, जिसके प्रथम प्राचार्य संस्कृत विद्वान वामन शिवराम आप्टे थे। दूसरा तथ्य यह है कि कोल्हापुर के महाराजा छत्रपति शाहू 1885 से 1922 ई. (अपनी मृत्यु) तक इस सोसाइटी के अध्यक्ष रहे थे।
28. मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज, अलीगढ़ की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष हुई?
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2016
उत्तर-(c)
सर सैयद अहमद खान ने मुस्लिम समुदाय में पाश्चात्य व वैज्ञानिक शिक्षा के प्रसार हेतु 24 मई, 1875 ई. को अलीगढ़ में ‘मदरसतुल उलूम’ के रूप में एक विद्यालय की शुरुआत की, जिसे 1877 ई. में ‘मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल (एम.ए.ओ.) कॉलेज’ में परिवर्तित कर दिया गया। यह कॉलेज शुरू में कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध था, बाद में 1885 ई. में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध हुआ और अंततः 1920 ई. के एक अधिनियम द्वारा ‘अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय’ का दर्जा प्राप्त हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सर सैयद इंग्लैंड यात्रा के दौरान ऑक्सफोर्ड व कैंब्रिज विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली से प्रभावित हुए थे और उन्हीं की तर्ज पर इस कॉलेज को ढालना चाहते थे; इस संपूर्ण शैक्षिक प्रयास को ‘अलीगढ़ आंदोलन’ (Aligarh Movement) के नाम से जाना जाता है। दूसरा तथ्य यह है कि सर सैयद ने इस कॉलेज के लिए हिंदू व मुस्लिम दोनों समुदायों से आर्थिक सहयोग मांगा था और स्पष्ट किया था कि यह संस्था केवल मुसलमानों तक सीमित नहीं, बल्कि सभी धर्मों के विद्यार्थियों के लिए खुली रहेगी।
29.निम्नलिखित कॉलेजों में सर्वप्रथम किसकी स्थापना हुई थी?
U.P.P.C.S. (Pre) 2012
उत्तर-(a)
दिए गए चारों कॉलेजों में सबसे पहले 1817 ई. में कलकत्ता के हिंदू कॉलेज की स्थापना हुई, जिसकी नींव राजा राममोहन राय ने डेविड हेयर व एलेक्जेंडर डफ के सहयोग से रखी थी। इसकी तुलना में दिल्ली कॉलेज की स्थापना 1824 ई. में, मेयो कॉलेज की अजमेर में 1875 ई. में, तथा मुस्लिम ऐंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज की अलीगढ़ में भी 1875 ई. में हुई — इस प्रकार कालक्रम की दृष्टि से हिंदू कॉलेज सबसे प्राचीन संस्था सिद्ध होता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मेयो कॉलेज की स्थापना मुख्यतः भारतीय राजघरानों व सामंतों के पुत्रों को अंग्रेजी ढंग की शिक्षा देने हेतु तत्कालीन वायसराय लॉर्ड मेयो की पहल पर की गई थी, इसीलिए इसे प्रायः ‘राजकुमारों का इटन’ (Eton of the East) भी कहा जाता है। दूसरा तथ्य यह है कि दिल्ली कॉलेज वस्तुतः पूर्ववर्ती ‘मदरसा ग़ज़ीउद्दीन खान’ के स्थान पर स्थापित किया गया था और यह उर्दू माध्यम से आधुनिक व प्राच्य विषयों की शिक्षा देने वाली अग्रणी संस्थाओं में गिना जाता है।
30.भारत में आधुनिक शिक्षा प्रणाली की नींव किससे पड़ी?
I.A.S. (Pre) 1993
उत्तर-(b)
1835 में थॉमस बबिंगटन मैकाले द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रसिद्ध स्मरण पत्र (मिनट) ने भारत में आधुनिक अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली की नींव रखी। मैकाले ने भारतीय ज्ञान-परंपरा को हेय दृष्टि से देखते हुए यूरोपीय साहित्य को कहीं अधिक श्रेष्ठ बताया था। तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक ने 7 मार्च 1835 को इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मैकाले की इसी शिक्षा नीति को ‘अधोमुखी निस्यंदन सिद्धांत’ (Downward Filtration Theory) के नाम से भी जाना जाता है, जिसके अनुसार उच्च वर्ग में दी गई शिक्षा छन-छनकर निचले वर्गों तक पहुंचनी थी।
31. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का शिलान्यास निम्न में से किसने किया था?
U.P.P.C.S. (Mains) 2003
उत्तर-(c)
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की नींव 4 फरवरी 1916 को बसंत पंचमी के अवसर पर तत्कालीन वायसराय लॉर्ड हार्डिंग द्वारा रखी गई थी। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का संपूर्ण श्रेय मदन मोहन मालवीय जी के अथक प्रयासों को जाता है, जिन्होंने इसके लिए देशभर से धन एकत्रित किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बी.एच.यू. एशिया का सबसे बड़ा आवासीय विश्वविद्यालय माना जाता है, और एनी बेसेंट ने भी इसकी स्थापना में मालवीय जी का सहयोग किया था, जिनकी स्वयं की सेंट्रल हिंदू कॉलेज, बनारस इसमें विलय कर दी गई थी।
32. वेलेजली ने कलकत्ता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना किसलिए की थी ?
I.A.S. (Pre) 2020
उत्तर-(d)
तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड वेलेजली ने 10 जुलाई 1800 को कलकत्ता में फोर्ट विलियम कॉलेज की नींव रखी थी। इस संस्थान को खोलने के पीछे मुख्य मकसद यह था कि कंपनी की सेवा में नियुक्त नए ब्रिटिश अधिकारियों को भारतीय प्रशासन चलाने योग्य बनाने के लिए फारसी और हिंदुस्तानी जैसी स्थानीय भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा सके।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस कॉलेज में विलियम कैरी जैसे विद्वानों ने भाषा शिक्षण में योगदान दिया, और लंदन स्थित कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ने इस योजना को महंगा मानते हुए 1802 में इसे बंद करने का आदेश दे दिया था, हालांकि यह कुछ सीमित रूप में बाद तक चलता रहा।
33. निम्नलिखित में से किसे सर्वप्रथम केंद्रीय विश्वविद्यालय घोषित किया गया ?
U.P. P.C.S. (Mains) 2011
उत्तर-(c)
दिए गए विकल्पों में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा सबसे पहले प्रदान किया गया था, जिसकी स्थापना 1916 में मदन मोहन मालवीय जी के प्रयासों से हुई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना मूल रूप से सर सैयद अहमद खान द्वारा 1875 में स्थापित मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज से हुई थी, और इसे भी 1920 में केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ था।
34. फोर्ट विलियम कॉलेज कलकत्ता के संदर्भ में, कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. इसकी स्थापना 10 जून, 1800 को कलकत्ता के फोर्ट विलियम कॉम्पलेक्स में हुई थी।
2.इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश अधिकारियों को भारतीय भाषाओं की शिक्षा देना था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही का चयन कीजिए-
कूट :
1. इसकी स्थापना 10 जून, 1800 को कलकत्ता के फोर्ट विलियम कॉम्पलेक्स में हुई थी।
2.इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश अधिकारियों को भारतीय भाषाओं की शिक्षा देना था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही का चयन कीजिए-
कूट :
U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2021
उत्तर-()
फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना वास्तव में 10 जुलाई 1800 को हुई थी, न कि 10 जून को, अतः कथन 1 असत्य है। इसकी स्थापना का उद्देश्य ब्रिटिश सिविल सेवकों को भारतीय भाषाओं तथा प्रशासनिक प्रशिक्षण देना था, अतः कथन 2 सत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस कॉलेज के प्रथम प्राचार्य जॉन गिलक्राइस्ट थे, और यहीं पर हिंदी, उर्दू तथा बांग्ला गद्य साहित्य के विकास को भी प्रोत्साहन मिला, जिससे आधुनिक भारतीय भाषाओं के गद्य रूप को नई दिशा मिली।
35. निम्नलिखित में से किसने भारतीय विश्वविद्यालयों में धार्मिक शिक्षा के लिए प्रबल रूप से वकालत की थी?
U.P.P.C.S. (Mains) 2005
उत्तर-(d)
मदन मोहन मालवीय ने भारतीय विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा को शामिल करने की प्रबल वकालत की थी, क्योंकि वे मानते थे कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय परंपरा और संस्कृति का ज्ञान भी आवश्यक है। मूल रूप से अध्यापक और बाद में अधिवक्ता रहे मालवीय जी हिंदू महासभा के संस्थापकों में से भी एक थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मालवीय जी कांग्रेस के अध्यक्ष भी चार बार रहे और उन्हें 2014 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
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