बंगाल के नवाब एवं ईस्ट इंडिया कंपनी MCQ प्रश्न | UPSC History

भारतीय इतिहास आधुनिक भारत बंगाल के नवाब एवं ईस्ट इंडिया कंपनी MCQ प्रश्न
1. प्लासी का युद्ध मैदान कहां स्थित है ?
(a) बिहार
(b) आंध्र प्रदेश
(c) उड़ीसा
(d) पश्चिम बंगाल
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(d)
प्लासी का युद्ध मैदान पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में भागीरथी नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। इस स्थान को वर्तमान में ‘पलाशी’ के नाम से जाना जाता है। यह नाम यहाँ बहुतायत में पाए जाने वाले पलाश (ढाक) के वृक्षों के कारण पड़ा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:युद्ध के समय यह स्थान मुर्शिदाबाद से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण में था, जो उस समय बंगाल की राजधानी थी। आज भी पलाशी में 1757 के इस ऐतिहासिक युद्ध की स्मृति में एक स्मारक स्तम्भ स्थापित है।
2. निम्नलिखित में से कौन एक मुगल सम्राट द्वारा नियुक्त बंगाल का अंतिम गवर्नर था?
(a) सरफराज खान
(b) मुर्शीद कुली खान
(c) अलीवर्दी खान
(d) शुजाउद्दीन मुहम्मद खान
U.P.P.C.S. (Mains) 2013
उत्तर-(b)
मुगल सम्राट फर्रुखसियर ने 1717 ई. में मुर्शीद कुली खान को बंगाल का सूबेदार (गवर्नर) नियुक्त किया था। मुर्शीद कुली खान की मृत्यु के बाद उसके दामाद शुजाउद्दीन मुहम्मद खान को बंगाल की गद्दी मिली, किन्तु वह मुगल सम्राट द्वारा नियुक्त नहीं था — उसे केवल तत्कालीन मुगल बादशाह मुहम्मदशाह ‘रंगीला’ से मान्यता प्राप्त हुई थी। अतः मुगल सम्राट द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नियुक्त बंगाल का अंतिम गवर्नर मुर्शीद कुली खान ही था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:मुर्शीद कुली खान का वास्तविक नाम ‘मुहम्मद हादी’ था और वह मूलतः एक ब्राह्मण परिवार से था जो बाद में इस्लाम में दीक्षित हुआ। उसने ही ढाका से राजधानी स्थानांतरित कर ‘मुर्शिदाबाद’ शहर को बंगाल की राजधानी बनाया, जो उसी के नाम पर रखा गया।
3. भारतवर्ष में ब्रिटिश साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
(a) वॉरेन हेस्टिंग्स
(b) लॉर्ड एमहर्स्ट
(c) लॉर्ड रॉबर्ट क्लाइव
(d) लॉर्ड विलियम बेंटिक
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(c)
लॉर्ड रॉबर्ट क्लाइव को भारत में ब्रिटिश साम्राज्य का संस्थापक माना जाता है। उसने 23 जून, 1757 को प्लासी के युद्ध में बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को पराजित कर भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व की नींव रखी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:क्लाइव मूलतः ईस्ट इंडिया कंपनी का एक लिपिक (क्लर्क) था, जो बाद में सैन्य प्रतिभा के बल पर महान सेनापति बना। उसने दो बार बंगाल के गवर्नर का पद संभाला — पहली बार 1757-60 में और दूसरी बार 1765-67 में। 1765 में उसने ही ‘द्वैध शासन’ (Dual Government) की व्यवस्था लागू की, जिसके अंतर्गत राजस्व संग्रह का अधिकार कंपनी के और प्रशासनिक जिम्मेदारी नवाब के पास रही।
4. निम्न में से किसने अपनी राजधानी मुर्शिदाबाद से मुंगेर स्थानांतरित की?
(a) अलीवर्दी खां
(b) सिराजुद्दौला
(c) मीर जाफर
(d) मीर कासिम
U.P. Lower Sub. (Pre) 2003 I.A.S. (Pre) 2005
उत्तर-(d)
मीर कासिम ने अपनी राजधानी मुर्शिदाबाद से मुंगेर (बिहार) स्थानांतरित की। वह मुर्शिदाबाद के षड्यंत्रपूर्ण वातावरण और कलकत्ता स्थित अंग्रेज़ों के बढ़ते हस्तक्षेप से दूरी बनाना चाहता था। मुंगेर में उसने एक सुदृढ़ सेना का गठन किया और यूरोपीय पद्धति पर अपने सैनिकों को प्रशिक्षित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:मीर कासिम ने ‘दस्तक’ (duty-free pass) के दुरुपयोग के विरोध में 1763 में बक्सर का युद्ध लड़ा। उसने शुजाउद्दौला (अवध के नवाब) और मुगल सम्राट शाह आलम II के साथ मिलकर अंग्रेज़ों के विरुद्ध एक संयुक्त मोर्चा बनाया, किन्तु 1764 के बक्सर के युद्ध में पराजित हुआ।
5. मुगल बादशाह द्वारा नियुक्त बंगाल का अंतिम सूबेदार था-
(a) मुर्शिद कुली खां
(b) सरफराज खां
(c) शुजाउद्दीन मुहम्मद खां
(d) अलीवर्दी खां
U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2021
उत्तर-(a)
मुगल बादशाह फर्रुखसियर द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नियुक्त बंगाल का अंतिम सूबेदार मुर्शिद कुली खां था। उसके पश्चात जो भी सूबेदार बने, उन्हें मुगल सम्राट द्वारा नियुक्त नहीं किया गया — वे या तो उत्तराधिकार में आए अथवा सत्ता हथियाकर बने और केवल औपचारिक मान्यता प्राप्त की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:मुर्शिद कुली खां वास्तव में एक कुशल प्रशासक और राजस्व सुधारक था। उसने बंगाल में ‘इजारादारी प्रथा’ (राजस्व ठेकेदारी) को व्यापक रूप से लागू किया और मुगल दरबार को नियमित रूप से राजस्व भेजकर बंगाल की समृद्धि सुनिश्चित की।
6. इंग्लैंड की ईस्ट इंडिया कंपनी की भारत में प्रथम निर्णायक सैन्य सफलता मानी जाती है-
(a) बक्सर का युद्ध
(b) प्लासी का युद्ध
(c) पानीपत का युद्ध
(d) हल्दीघाटी का युद्ध
M.P.P.C.S. (Pre) 2008
उत्तर-(b)
ईस्ट इंडिया कंपनी की भारत में प्रथम निर्णायक सैन्य सफलता 1757 में प्लासी के युद्ध को माना जाता है, जिसमें रॉबर्ट क्लाइव ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को हराया। इस युद्ध ने कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में राजनीतिक और आर्थिक प्रभुत्व दिलाया। बक्सर का युद्ध (1764) इससे भी अधिक निर्णायक था, जिसने वास्तविक ब्रिटिश प्रभुसत्ता स्थापित की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:प्लासी के युद्ध की सफलता के पीछे मुख्यतः कूटनीति और विश्वासघात था — वास्तविक सैन्य संघर्ष न्यूनतम था। युद्ध के बाद मीर जाफर को नवाब बनाया गया और उसने कंपनी को 24 परगना की जमींदारी, मुआवजे के रूप में करोड़ों रुपये और अनेक व्यापारिक विशेषाधिकार दिए।
7. सिराजुद्दौला लॉर्ड क्लाइव द्वारा परास्त हुआ था… के युद्ध में ।
(a) प्लासी
(b) बक्सर
(c) मुंगेर
(d) वांडीवाश
U.P. P.C.S. (Mains) 2005
उत्तर-(a)
बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को लॉर्ड क्लाइव ने 23 जून, 1757 को प्लासी के युद्ध में पराजित किया था। नवाब के तीन प्रमुख सेनापतियों — मीर जाफर, यार लतीफ और राय दुर्लभ — ने विश्वासघात कर युद्ध में भाग नहीं लिया। केवल मीर मदन और मोहनलाल के नेतृत्व में नवाब की कुछ टुकड़ियाँ संघर्ष करती रहीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:सिराजुद्दौला युद्ध के बाद भागकर पटना की ओर गया, जहाँ मीर जाफर के पुत्र मीरन ने उसकी हत्या करवा दी। सिराजुद्दौला मात्र 23 वर्ष की आयु में नवाब बना था और प्लासी के युद्ध के समय उसकी आयु लगभग 24-25 वर्ष ही थी।
8. निम्नलिखित में से कौन-सा युद्ध था, जिसने भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व को प्रारंभ किया ?
(a) बक्सर की लड़ाई
(b) प्लासी का युद्ध
(c) मैसूर की तीसरी लड़ाई
(d) 1857 का स्वतंत्रता संग्राम
M.P. P.C.S. (Pre) 1994
उत्तर-(b)
भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व का सूत्रपात 23 जून, 1757 को प्लासी के युद्ध से हुआ, जिसमें रॉबर्ट क्लाइव ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को पराजित किया। इस विजय ने कंपनी को भारत के सबसे समृद्ध प्रांत बंगाल पर नियंत्रण का अवसर दिया। यद्यपि इससे भी अधिक निर्णायक युद्ध 1764 में बक्सर था, जिसने ब्रिटिश प्रभुसत्ता को ठोस वैधानिक आधार दिया — 1765 की इलाहाबाद संधि के माध्यम से कंपनी को बंगाल की दीवानी (राजस्व अधिकार) प्राप्त हुई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:प्लासी के युद्ध के पश्चात अंग्रेज़ों ने बंगाल से इतना धन इंग्लैंड भेजा कि इतिहासकार इसे ‘धन की निकासी’ (Drain of Wealth) का प्रारम्भ मानते हैं। दादाभाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक ‘Poverty and Un-British Rule in India’ में इस धन-निष्कासन का विस्तार से विश्लेषण किया है।
9. निम्नलिखित में से किसे ‘स्वर्ग से उत्पन्न सेनानायक’ कहा गया?
(a) अल्बुकर्क
(b) रॉबर्ट क्लाइव
(c) फ्रांसिस डूप्ले
(d) लॉर्ड कार्नवालिस
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(b)
रॉबर्ट क्लाइव को ब्रिटिश प्रधानमंत्री विलियम पिट (द एल्डर) ने “स्वर्ग से उत्पन्न सेनानायक” (A Heaven Born General) कहकर संसद में सम्मानित किया था। यह उद्गार क्लाइव की असाधारण सैन्य प्रतिभा और भारत में उसकी उपलब्धियों को देखकर निकला था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:क्लाइव का जीवन विवादास्पद भी रहा — उस पर ईस्ट इंडिया कंपनी की संपदा के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप लगे और ब्रिटिश संसद में उसकी जाँच हुई। अंततः 1774 में लंदन में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मृत्यु हुई, जिसे आत्महत्या माना जाता है। वह मात्र 49 वर्ष का था।
10. प्लासी का युद्ध लड़ा गया था, वर्ष-
(a) 1761 में
(b) 1757 में
(c) 1760 में
(d) 1767 में
Uttarakhand U.D.A./ L.D.A. (Pre) 2007 M.P.P.C.S. (Pre) 2006
उत्तर-(b)
प्लासी का युद्ध 23 जून, 1757 को लड़ा गया था। यह तारीख भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जाती है क्योंकि इसी दिन से भारत में ब्रिटिश साम्राज्यवाद की वास्तविक नींव पड़ी। युद्ध स्थल पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में भागीरथी नदी के किनारे था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:यह वही वर्ष था जब यूरोप में सप्तवर्षीय युद्ध (Seven Years’ War, 1756-1763) चल रहा था। भारत में इसी युद्ध की एक शाखा के रूप में अंग्रेज़ और फ्रांसीसी भी संघर्षरत थे। 1760 में वांडीवाश के युद्ध में अंग्रेज़ों ने फ्रांसीसियों को पराजित कर दक्षिण भारत में भी अपनी सर्वोच्चता स्थापित कर ली।
11. बक्सर की लड़ाई के समय बंगाल का नवाब कौन था?
(a) सिराजुद्दौला
(b) मीर जाफर
(c) मीर कासिम
(d) नजमुद्दौला
U.P.P.C.S (Mains) 2016
उत्तर-(b)
बक्सर के युद्ध (22 अक्टूबर, 1764) के समय बंगाल का नवाब मीर जाफर था। मीर कासिम को अंग्रेज़ों ने 1760 में मीर जाफर की जगह नवाब बनाया था, किन्तु 1763 में दस्तक विवाद के कारण मीर कासिम और अंग्रेज़ों के बीच सम्बन्ध बिगड़ गए। मीर कासिम के भागने के बाद अंग्रेज़ों ने पुनः मीर जाफर को नवाब की गद्दी पर बैठाया। इसीलिए बक्सर के युद्ध के समय मीर जाफर ही बंगाल का नवाब था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:मीर जाफर को इतिहास में ‘विश्वासघात का प्रतीक’ माना जाता है क्योंकि उसने प्लासी के युद्ध में अपने ही नवाब सिराजुद्दौला के साथ धोखा किया था। बाद में ‘मीर जाफर’ शब्द उर्दू-हिन्दी में ‘गद्दार’ का पर्याय बन गया।
12. इलाहाबाद की संधि के बाद रॉबर्ट क्लाइव ने मुर्शिदाबाद उप-दीवान किसे बनाया था?
(a) मुहम्मद रजा खान
(b) शिताब राय
(c) राय दुर्लभ
(d) सैयद गुलाम हुसैन
45th B.P.S.C. (Pre) 2001
उत्तर-(a)
इलाहाबाद की द्वितीय संधि (16 अगस्त, 1765) के बाद क्लाइव ने दीवानी कार्य के संचालन हेतु दो भारतीय उप-दीवान नियुक्त किए — बंगाल के लिए मुहम्मद रजा खान और बिहार के लिए राजा शिताब राय। मुहम्मद रजा खान उप-नाजिम के रूप में भी कार्य करते थे। इस व्यवस्था में दीवानी व निजामत का समस्त व्यावहारिक कार्य भारतीयों द्वारा होता था, जबकि वास्तविक अधिकार कंपनी के हाथ में था — इसी को ‘द्वैध शासन’ (Dual Government) कहते हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:इस संधि के अंतर्गत नज्मुद्दौला को बंगाल का नवाब स्वीकार किया गया और उसके बदले नवाब को मुगल सम्राट को 26 लाख रुपये वार्षिक देना था। द्वैध शासन की इस त्रुटिपूर्ण व्यवस्था को 1772 में वॉरेन हेस्टिंग्स ने समाप्त किया।
13. सबसे अधिक निर्णायक युद्ध, जिसने अंग्रेजों के भारत में प्रभुत्व को संस्थापित किया, था-
(a) बक्सर का युद्ध
(b) प्लासी का युद्ध
(c) वांडीवाश का युद्ध
(d) पानीपत का तीसरा युद्ध
U.P.P.C.S. (Pre) 1990, 2003 U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002
उत्तर-(a)
22 अक्टूबर, 1764 को बक्सर के युद्ध में अंग्रेज़ों ने मीर कासिम, अवध के नवाब शुजाउद्दौला और मुगल सम्राट शाहआलम द्वितीय की संयुक्त सेना को परास्त किया। इस युद्ध में अंग्रेज़ी सेना का नेतृत्व मेजर हेक्टर मुनरो ने किया था। प्लासी की विजय मुख्यतः कूटनीति और षड्यंत्र का परिणाम थी, जबकि बक्सर की विजय को इतिहासकारों ने पूर्णतः सैनिक पराक्रम की उपज माना है। इतिहासकार पी.ई. रॉबर्ट्स के अनुसार, “प्लासी की अपेक्षा बक्सर को भारत में अंग्रेज़ी प्रभुता की जन्मभूमि मानना कहीं अधिक उचित है।”
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:बक्सर के युद्ध के बाद 1765 में हुई इलाहाबाद की संधि के फलस्वरूप कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्राप्त हुई, जो कंपनी की शक्ति का वास्तविक स्रोत बनी। इस युद्ध ने अवध को भी कंपनी का एक बफर राज्य बना दिया।
14. सम्राट शाहआलम द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार तथा उड़ीसा की दीवानी प्रदान की-
(a) 12 अगस्त, 1765
(b) 18 अगस्त, 1765
(c) 29 अगस्त, 1765
(d) 21 अगस्त, 1765
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
उत्तर-(a)
मुगल सम्राट शाहआलम द्वितीय ने 12 अगस्त, 1765 को अपने फरमान द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी स्थायी रूप से प्रदान की। यह इलाहाबाद की द्वितीय संधि (16 अगस्त, 1765) के पूर्व का फरमान था। इस समय कंपनी का बंगाल गवर्नर रॉबर्ट क्लाइव था। दीवानी का अर्थ था — राजस्व संग्रह का अधिकार, जो कंपनी की शक्ति का मुख्य आधार बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:शाहआलम द्वितीय का जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण रहा — 1788 में रोहिल्ला सरदार गुलाम कादिर ने उन्हें बंदी बनाकर उनकी आँखें फोड़ दीं। 1803 में दिल्ली पर अंग्रेज़ों का अधिकार हो गया और शाहआलम के उत्तराधिकारी केवल कंपनी के पेंशनभोगी बनकर रह गए।
15. निम्नलिखित में से जिस एक शासक ने ईस्ट इंडिया कंपनी को दीवानी प्रदान की थी, वह था-
(a) फर्रुखसियर
(b) शाहआलम प्रथम
(c) शाहआलम द्वितीय
(d) शुजाउद्दौला
U.P. Lower Sub. (Pre) 2003 U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2006
उत्तर-(c)
मुगल सम्राट शाहआलम द्वितीय ने 12 अगस्त, 1765 के अपने फरमान द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्रदान की। इलाहाबाद की द्वितीय संधि (16 अगस्त, 1765) के अंतर्गत शाहआलम को अंग्रेज़ी संरक्षण में इलाहाबाद में रखा गया और उसे इलाहाबाद तथा कड़ा के क्षेत्र वापस दिए गए। शाहआलम द्वितीय के बाद उसके उत्तराधिकारी — अकबर द्वितीय (1806-37) और बहादुरशाह द्वितीय (1837-57) — कंपनी के पेंशनभोगी मात्र रह गए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:दीवानी प्राप्त करने के बाद कंपनी ने ‘राजस्व वसूली’ और ‘प्रशासन’ को अलग-अलग रखा — इसे ही ‘द्वैध शासन’ कहा गया। इस व्यवस्था ने बंगाल में भारी कुप्रशासन और 1770 के भीषण अकाल (जिसमें बंगाल की लगभग एक-तिहाई जनसंख्या काल-कवलित हो गई) का मार्ग प्रशस्त किया।
16. निम्नलिखित में से कौन-सा युद्ध भारत में अंग्रेजों के आधिपत्य की स्थापना की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण समझा जाता है ?
(a) बक्सर
(b) प्लासी
(c) श्रीरंगपट्टम
(d) वांडीवाश
U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(a)
भारत में अंग्रेज़ी आधिपत्य की स्थापना की दृष्टि से बक्सर का युद्ध (1764) सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। प्लासी (1757) ने ब्रिटिश प्रभुत्व की शुरुआत की, किन्तु बक्सर ने उसे अखिल भारतीय स्वरूप दिया। बक्सर के बाद अंग्रेज़ों को कोई भी भारतीय शक्ति — चाहे मुगल सम्राट हो, अवध का नवाब हो या बंगाल का नवाब — एक साथ मिलकर भी चुनौती नहीं दे सकी। इस युद्ध के बाद इलाहाबाद तक का क्षेत्र कंपनी के प्रभाव में आ गया और दिल्ली विजय का मार्ग प्रशस्त हो गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:बक्सर का युद्ध वर्तमान बिहार राज्य के बक्सर जिले में गंगा नदी के किनारे लड़ा गया था। इस युद्ध में तीन बड़ी शक्तियों का एक साथ पराजित होना इसे भारतीय इतिहास का एक विशिष्ट और निर्णायक संघर्ष बनाता है।
17. किस गवर्नर के कार्यकाल में ईस्ट इंडिया कंपनी को शहंशाह शाहआलम द्वारा बंगाल, बिहार तथा उड़ीसा में दीवानी अधिकार दिए गए?
(a) लॉर्ड क्लाइव
(b) लॉर्ड कार्नवालिस
(c) लॉर्ड वेलेजली
(d) लॉर्ड विलियम बैंटिक
U.P. P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर-(a)
मुगल सम्राट शाहआलम द्वितीय ने 12 अगस्त, 1765 को लॉर्ड क्लाइव के बंगाल गवर्नर के कार्यकाल में कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्रदान की। क्लाइव उस समय कंपनी के बंगाल गवर्नर के पद पर अपने दूसरे कार्यकाल (1765-67) में थे। इसी दीवानी अधिकार के आधार पर क्लाइव ने ‘द्वैध शासन’ (Dual Government) की व्यवस्था लागू की, जिसमें राजस्व का अधिकार कंपनी के पास और प्रशासनिक उत्तरदायित्व नवाब के पास रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:दीवानी प्राप्ति के प्रथम वर्ष 1765-66 में कंपनी ने बंगाल से लगभग 1.5 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया। इस धन-संग्रह की प्रक्रिया इतनी निर्मम थी कि 1770 में बंगाल में भयंकर अकाल पड़ा जिसे ‘छियत्तर का मन्वंतर’ कहा जाता है।
18. बक्सर के युद्ध समय दिल्ली का शासक कौन था?
(a) औरंगजेब
(b) शाहआलम प्रथम
(c) बहादुरशाह जफर
(d) शाहआलम द्वितीय
M.P.P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(d)
बक्सर के युद्ध (1764) के समय दिल्ली का मुगल शासक शाहआलम द्वितीय था। वह स्वयं भी इस युद्ध में मीर कासिम और शुजाउद्दौला के साथ अंग्रेज़ों के विरुद्ध लड़ा था और पराजित हुआ। पराजय के बाद उसने इलाहाबाद में अंग्रेज़ी संरक्षण स्वीकार किया और 12 अगस्त, 1765 को फरमान जारी कर कंपनी को दीवानी प्रदान की। शाहआलम द्वितीय 1759 से 1806 तक मुगल सम्राट रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:शाहआलम द्वितीय का वास्तविक नाम ‘अली गौहर’ था। 1771 में मराठों की सहायता से वह दिल्ली लौटा, किन्तु 1788 में रोहिल्ला सरदार गुलाम कादिर ने उसे बंदी बनाकर अंधा कर दिया। 1803 में दिल्ली पर अंग्रेज़ों का अधिकार होने के बाद वह नाममात्र का सम्राट रह गया।
19. 1765 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल की दीवानी किसने प्रदान की ?
(a) बंगाल के नवाब ने
(b) मुगल सम्राट ने
(c) इंग्लैंड के शासक ने
(d) अफगान के राजा ने
U.P. P.S.C. (GIC) 2010
उत्तर-(b)
1765 में ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मुगल सम्राट शाहआलम द्वितीय ने प्रदान की। यह अधिकार 12 अगस्त, 1765 को जारी शाही फरमान के माध्यम से दिया गया, जो बक्सर की पराजय के बाद इलाहाबाद में अंग्रेज़ी छत्रछाया में रहते हुए शाहआलम की विवशता का परिणाम था। दीवानी प्राप्ति से कंपनी को राजस्व वसूलने का कानूनी अधिकार मिल गया, जिससे वह एक व्यापारिक कंपनी से राजनीतिक शक्ति में बदल गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:दीवानी प्राप्ति के बदले कंपनी ने मुगल सम्राट को 26 लाख रुपये वार्षिक देना स्वीकार किया, परन्तु यह भुगतान 1771 के बाद बंद कर दिया गया जब मराठों ने शाहआलम को अपने संरक्षण में ले लिया।
20. अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा लड़े गए निम्नलिखित युद्धों में से कौन-सा सर्वाधिक निर्णायक था?
(a) बक्सर की लड़ाई
(b) प्लासी की लड़ाई
(c) प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध
(d) प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध
U.P.P.C.S (Mains) 2016
उत्तर-(a)
ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा लड़े गए युद्धों में बक्सर की लड़ाई (1764) सर्वाधिक निर्णायक थी। इस युद्ध में कंपनी ने एक साथ तीन शक्तियों — मीर कासिम, अवध के नवाब शुजाउद्दौला और मुगल सम्राट शाहआलम द्वितीय — को परास्त किया। प्लासी की विजय षड्यंत्र पर टिकी थी, जबकि बक्सर में कंपनी ने अपनी सैन्य श्रेष्ठता को वास्तविक युद्धभूमि में सिद्ध किया। इसके बाद भारत में कोई भी संगठित शक्ति कंपनी को चुनौती देने में सक्षम नहीं रही।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:बक्सर युद्ध में अंग्रेज़ी सेना की संख्या लगभग 7,000 थी जबकि संयुक्त भारतीय सेना 40,000 से अधिक थी — फिर भी कंपनी की व्यावसायिक सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन के कारण भारतीय पक्ष को करारी हार का सामना करना पड़ा।
21.वांडीवाश के युद्ध (1760) में-
(a) फ्रेंच ने ब्रिटिश को हराया।
(b) ब्रिटिश ने डच को हराया।
(c) ब्रिटिश ने फ्रेंच को हराया।
(d) डच ने ब्रिटिश को हराया।
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(c)
22 जनवरी 1760 को वांडीवाश में अंग्रेजों और फ्रांसीसियों की सेनाओं के बीच निर्णायक संघर्ष हुआ, जिसमें फ्रांसीसी सेना पूरी तरह पराजित हो गई। अंग्रेजी सेना की कमान सर आयरकूट के हाथों में थी, जबकि फ्रांसीसी पक्ष का नेतृत्व काउंट डी लाली कर रहा था। इस हार के बाद फ्रांसीसी अपने प्रमुख ठिकाने पांडिचेरी की रक्षा भी नहीं कर सके और कुछ ही समय बाद वह भी अंग्रेजों के हाथ में चला गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:इस युद्ध के बाद ही भारत में फ्रांसीसी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का अंत मान लिया जाता है, और 1763 की पेरिस संधि से सात वर्षीय युद्ध औपचारिक रूप से समाप्त हुआ। साथ ही, फ्रांसीसी सेनापति बुस्सी, जो हैदराबाद में तैनात था, उसे भी वापस बुलाकर वांडीवाश की सहायता हेतु भेजा गया था, परंतु यह प्रयास असफल रहा।
22. 1765 ई. में दीवानी प्रदान किए जाने के बाद ब्रिटिश सबसे पहले निम्नलिखित में से किस पर्वतीय जनजाति के संपर्क में आए?
(a) गारो
(b) खासी
(c) कूकी
(d) टिप्पराह
I.A.S. (Pre) 2002
उत्तर-(b)
बंगाल की दीवानी प्राप्त होने के बाद अंग्रेज 1765 ई. में सिलहट क्षेत्र में पहुंचे, जहां उनका सामना खासी जनजाति से हुआ। खासी लोग पारंपरिक रूप से सिलहट सीमा के पंडुआ बाजार में चावल, नमक और सूखी मछली के बदले रेशम, सूती कपड़ा, लोहा, मोम, शहद तथा सींग का व्यापार करते थे। खासी पहाड़ियों में प्रचुर मात्रा में मिलने वाले चूना पत्थर की मांग बंगाल में बढ़ने पर ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी इसके व्यापार में शामिल हो गए, जिससे खासी जनजाति से उनका सीधा संपर्क स्थापित हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:खासी जनजाति मेघालय क्षेत्र की एक मातृवंशीय (मातृसत्तात्मक) समाज-व्यवस्था वाली जनजाति है, जहां संपत्ति और वंश परंपरा माता के माध्यम से चलती है, जो भारत की अन्य अधिकांश जनजातियों से इसे अलग बनाती है।
23.निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है ?
(a) बक्सर का युद्ध – मीर जाफर विरुद्ध क्लाइव
(b) वांडीवाश का युद्ध – फ्रांसीसी विरुद्ध ईस्ट इंडिया कंपनी
(c) चिलियांवाला का युद्ध – डलहौजी के विरुद्ध मराठे
(d) खुर्दा का युद्ध – निजाम विरुद्ध ईस्ट इंडिया कंपनी
I.A.S. (Pre) 1995
उत्तर-(b)
बक्सर का युद्ध 22 अक्टूबर 1764 को अंग्रेजों तथा अवध के नवाब शुजाउद्दौला, मुगल बादशाह शाहआलम द्वितीय और मीर कासिम की संयुक्त सेना के बीच लड़ा गया था, न कि मीर जाफर और क्लाइव के बीच। वांडीवाश का युद्ध (1760) वास्तव में फ्रांसीसियों और ईस्ट इंडिया कंपनी के मध्य हुआ था, जिसमें फ्रांसीसियों की हार हुई। चिलियांवाला का युद्ध (1849) लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में अंग्रेजों और सिखों के बीच हुआ था, मराठों से इसका कोई संबंध नहीं है। वहीं खुर्दा का युद्ध (1795) निजाम के विरुद्ध मराठों ने लड़ा था, इसमें ईस्ट इंडिया कंपनी शामिल नहीं थी। इस प्रकार केवल विकल्प (b) ही सही सुमेलित है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:चिलियांवाला के युद्ध में भारी क्षति के कारण लॉर्ड गफ की सैन्य रणनीति की ब्रिटेन में कड़ी आलोचना हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप बाद में चार्ल्स नेपियर को भारत भेजा गया।
24. अवध सल्तनत के हिंदू नायब वजीर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1.राजा टिकैत राय, नवाब आसफुद्दौला के ‘अर्थ मंत्री थे।
2.अवध के नवाबों के राज्य में सामान्यतया कतिपय हिंदू जातियों के लोगों को उच्च स्थान प्राप्त था।
नीचे दिए गए कूट से सही चुनिए।
कूट :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 न ही 2
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2016
उत्तर-(c)
अवध के नवाब आसफुद्दौला के शासनकाल में राजा टिकैत राय दीवान (अर्थ मंत्री) के पद पर कार्यरत थे, इसलिए कथन 1 सही है। अवध की नवाबी व्यवस्था में हिंदू अधिकारियों को भी प्रशासन के उच्च पदों पर नियुक्त किया जाता था—जैसे आसफुद्दौला के दीवान राजा टिकैत राय और राजा झाउलाल, तथा नवाब सफदरजंग के प्रधानमंत्री व सेनानायक राजा नवलराय इसके प्रमाण हैं। अतः कथन 2 भी सही है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:अवध की स्थापना सआदत खां बुरहानुलमुल्क ने की थी और यह मुगल साम्राज्य के पतन के बाद उभरे प्रमुख स्वायत्त राज्यों (हैदराबाद, बंगाल के साथ) में से एक था, जो गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में स्थित था।
25. निम्न में से किसने भारत में अंग्रेजों का सर्वाधिक विरोध किया ?
(a) मराठा
(b) मुगल
(c) राजपूत
(d) सिख
U.P.P.C.S. (Pre)1993
उत्तर-(a)
भारत में अंग्रेजी सत्ता का सबसे लंबा और सशक्त प्रतिरोध मराठा शक्ति की ओर से हुआ, जिसे अंग्रेज तीन आंग्ल-मराठा युद्धों के बाद ही पूरी तरह दबा सके। मुगल साम्राज्य की कमजोरी के बीच मराठों ने अपना प्रभाव क्षेत्र बढ़ाया, परंतु प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध में अंग्रेजों को असफलता मिली और संघर्ष सालबाई की संधि से समाप्त हुआ। बाद में लॉर्ड वेलेजली ने 1802 में सहायक संधि के माध्यम से पेशवा को बांध लिया, और अंततः 1818 में लॉर्ड हेस्टिंग्स ने मराठा शक्ति को पूर्णतः समाप्त कर ब्रिटिश सर्वोच्चता स्थापित की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1817-18) के बाद अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर बिठूर भेज दिया गया था, और उसी की दत्तक संतान नाना साहब ने आगे चलकर 1857 के विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
26. उस फ्रांसीसी सेनापति का नाम बताइए, जो 1760 के वांडीवाश युद्ध में पराजित हुआ-
(a) काउंट लाली
(b) फ्रांसिस मार्टिन
(c) डूप्ले
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Uttarakhand P.C.S. (Pre.) 2016
उत्तर-(a)
1760 के वांडीवाश युद्ध में फ्रांसीसी सेना का नेतृत्व काउंट डी लाली ने किया था, जिसे अंग्रेजी सेनापति सर आयरकूट के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। यह पराजय भारत में फ्रांसीसी औपनिवेशिक महत्वाकांक्षाओं के लिए निर्णायक झटका साबित हुई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:युद्ध में हार के बाद काउंट डी लाली को फ्रांस वापस बुलाया गया, जहां असफलता और कथित विश्वासघात के आरोप में उस पर मुकदमा चलाया गया और अंततः 1766 में उसे मृत्युदंड दे दिया गया।
27. 1760 का प्रसिद्ध वांडीवाश का युद्ध अंग्रेजों द्वारा किसके खिलाफ लड़ा गया ?
(a) फ्रांसीसी
(b) स्पेन
(c) मैसूर
(d) कर्नाटक
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C (Pre) 2020
उत्तर-(a)
वांडीवाश का युद्ध जनवरी 1760 में अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच मद्रास के निकट वांडीवाश नामक स्थान पर लड़ा गया था। इस युद्ध में अंग्रेजी सेना की कमान सर आयरकूट के हाथों में थी, जिसने फ्रांसीसी सेनापति काउंट डी लाली को पराजित कर दिया। यह युद्ध तीसरे कर्नाटक युद्ध का एक प्रमुख और निर्णायक चरण था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:इस युद्ध में फ्रांसीसी सेना की ओर से लड़ रहे चंद साहब के सहयोगी हैदर अली ने भी भाग लिया था, जो आगे चलकर मैसूर के शासक बने और बाद में अंग्रेजों के विरुद्ध आंग्ल-मैसूर युद्धों के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी सिद्ध हुए।
28. 18वें शतक में भारत में लड़े गए युद्धों का निम्नलिखित में से सही कालानुक्रम कौन-सा है?
(a) वांडीवाश युद्ध-बक्सर युद्ध-अम्बर युद्ध-प्लासी युद्ध
(b) अम्बर युद्ध-प्लासी युद्ध-वांडीवाश युद्ध-बक्सर युद्ध
(c) वांडीवाश युद्ध-प्लासी युद्ध-अम्बर युद्ध-बक्सर युद्ध
(d) अम्बर युद्ध-बक्सर युद्ध-वांडीवाश युद्ध-प्लासी युद्ध
I.A.S. (Pre) 2005
उत्तर-(b)
18वीं शताब्दी के इन चार युद्धों का सही कालक्रम है- अम्बर का युद्ध (अगस्त 1749), जिसमें मुजफ्फरजंग, चंदा साहब और फ्रांसीसियों की संयुक्त सेना ने कर्नाटक के नवाब अनवरुद्दीन को पराजित कर मार डाला; इसके बाद प्लासी का युद्ध (जून 1757), जिसमें अंग्रेजों ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को हराकर मीर जाफर को नवाब बनाया; फिर वांडीवाश का युद्ध (जनवरी 1760), जिसमें अंग्रेजों ने फ्रांसीसियों को निर्णायक रूप से पराजित किया; और अंत में बक्सर का युद्ध (अक्टूबर 1764), जिसमें अंग्रेजों ने मीर कासिम, शुजाउद्दौला और शाहआलम द्वितीय की संयुक्त सेना को हराया। अतः सही क्रम विकल्प (b) है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:बक्सर युद्ध के बाद 1765 की इलाहाबाद संधि के माध्यम से ही अंग्रेजों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्राप्त हुई, जिसने भारत में कंपनी शासन की वास्तविक आर्थिक नींव रखी।

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