समय शब्दावली

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AD(ई.) और BC(ईसा पू.) में अंतर

➣ AD का मतलब ईसा मसीह के जन्म के बाद की तिथियों से है जबकि BC का मतलब ईसा मसीह के जन्म के पहले की तिथियों से है।

AD – Anno Domini (एनो डॉमिनी)
BC – Before Christ (बिफोर क्राइस्ट)

➣ आजकल A.D. की जगह C.E. तथा B.C. के स्थान पर B.C.E. का प्रयोग होता है।

C.E. – Common Era
B.C.E. – Before the Common Era

➣ ऐसा इसलिए क्योंकि विश्व के अधिकांश देशों में अब कॉमन एरा का प्रयोग सामान्य हो गया है।

➣ कभी-कभी अंग्रेजी के B.P. अक्षरों का प्रयोग होता है, जिसका तात्पर्य बिफोर प्रेजेंट अर्थात वर्तमान समय से पहले। विविध तथ्य

समय शब्दावली

1/2 अर्द्धवार्षिक (SemiAnnual)6 महीने (आधा वर्ष) की अवधि।
वार्षिक (Annual)1 वर्ष की अवधि ।
दशक (Decade)10 वर्ष की अवधि ।
क्रिस्टल (Crystal)15 वर्ष की अवधि ।
सिल्वर जुबली 25 वर्ष की अवधि।
रूबी जुबली 40 वर्ष की अवधि ।
पूर्वार्द्ध (First Half)सदी का प्रथम 50 वर्ष (1-50 वर्ष तक)।
उत्तरार्द्ध (Second Half)सदी का द्वितीय 50 वर्ष (51-100 वर्ष तक)।
गोल्डन जुबली (स्वर्ण जयंती)50 वर्ष की अवधि।
डायमंड जुबली(हीरक जयंती )60 वर्ष की अवधि।
नीलम जयंती (Sapphire jubilee) 65 वर्ष की अवधि।
प्लेटिनम जुबली70 वर्ष की अवधि।
पैलेडियम जुबली75 वर्ष की अवधि।
सदी/शताब्दी (Century)100 वर्ष की अवधि।
सहस्राब्दी (Millenium)1000 वर्ष की अवधि।
ग्रेट जुबली (Great Jubilee)2000 वर्ष की अवधि।


जन्मदिन – साधारण मानव जन्म दिन।
जयंती – मृत्युपरांत मनाया जाने वाला महापुरुषों जन्मदिवस जैसे – गाँधी जयंती।
जन्मोत्सव – ईश्वरीय अवतारों के जन्मदिवस जैसे – राम नवमी , जन्म अष्टमी।
पुण्यतिथि – वार्षिक तौर पर मनाया जाने वाला दिवंगत या मृत्यु का दिन।

वर्तमान कैलेण्डर

➣ वर्तमान कैलेण्डर में ग्रेगोरियन कैलेण्डर एक अन्तर्राष्ट्रीय कैलेण्डर है। इसे समूचे विश्व के देशों में मान्यता दी गई है। विश्व के अधिकांश हिस्सों में इसी कैलेण्डर का प्रयोग किया जाता है।

इटली के डॉक्टर अलॉयसियस लिलिस (Aloysius Lilius) द्वारा प्रस्तावित इस कैलेण्डर की घोषणा 24 फरवरी, 1582 को पोप ग्रेगरी-XIII ने की थी। इन्हीं के नाम पर इस कैलेण्डर के नाम के साथ ग्रेगरी शब्द जुड़ा। प्राचीन जूलियन कैलेण्डर की अशुद्धियाँ सुधारने के लिए इसे प्रयोग में लाया गया।

➣ ग्रेगोरियन कैलेण्डर में 365 दिनों का एक वर्ष होता है, किन्तु हर चौथा वर्ष 366 दिन का होता है जिसे अधिवर्ष (लीप का साल) कहते हैं।

➣ ग्रेगोरियन कैलेंडर बनने के 170 साल बाद, 1752 ई. में अंग्रेजों ने भारत में इस कैलेंडर को लागू किया था।

➣ शक संवत की शुरुवात 78 ई. में कुषाण शासक कनिष्क द्वारा तथा विक्रम संवत में 57 ई. पू. उज्जैन शासक राजा विक्रमादित्य ने शकों पर विजय के उपकक्ष में चलाया था।

शक संवत भारत का राष्ट्रीय पंचाग या कैलेंडर है ,जिसे 22 मार्च 1957 को अपनाया गया था। इसका पहला महीना चैत्र (मार्च + अप्रैल ) तथा अंतिम महीना फाल्गुन (फरवरी + मार्च) होता है।

प्रमुख संवत्

कलि संवत (3102 B.C.)महाभारत युद्ध व राजा परीक्षित के जन्म के समय से आरम्भ।
सप्तर्षि संवत् (3076 B.C.)इसे लौकिक संवत् भी कहा जाता है। कलि संवत् के 25 वर्ष बाद कश्मीर में प्रचलिप्त था।
बुद्ध संवत् (544 B.C.)श्रीलंका को गणना अनुसार बुद्ध संवत् 544 B.C. में प्रारम्भ हुआ। महात्मा बुद्ध के निर्वाण की वास्तविक तिथि 486 B.C. थी।
महावीर संवत् (527 B.C.)महावीर स्वामी द्वारा आरम्भ, इस संवत् का प्रयोग जैन सभा से सम्बोधित गणनाओं में हुआ है।
विक्रम संवत् (58 B.C.)राजा विक्रमादित्य द्वारा उज्जैयिनी में शकों पर विजय प्राप्त करने के उपरान्त चलाया गया था।

➣ ईसामसीह का जन्म-ईसामसीह का जन्म प्रथम शताब्दी माना गया जिसमें पहले का काल B.C. और बाद का A.D. कहलाया।

शक संवत् (78 A.D.)कुषाण राजा कनिष्क द्वारा शुरू कया गया जिसे भारत सरकार द्वारा 22 मार्च, 1957 को अधिकारिक कलैण्डर घोषित किया गया। यह भारत का राष्ट्रीय संवत् है।
कल्चुरी/त्रैकूटक संवत् (248 A.D.)आभारी राजा बाद में चेदि के कल्चुरियों द्वारा प्रयुक्त होने पर यह कल्चुरी संवत् कहलाया।
गुप्त संवत् (319 A.D.)गुप्तवंशीय शासक चन्द्रगुप्त प्रथम द्वारा प्रारम्भ।
हर्ष संवत् (606 A.D.)कन्नौज के शासक हर्षवर्धन द्वारा राज्यारोहण के समय प्रारम्भ किया गया।
हिजरी संवत् (622 A.D.)622 ई. से हिजरी संवत् का आरम्भ हुआ। यह तिथि हजरत मुहम्मद साहब का मक्का त्याग कर मदीना जाने की स्मृति में है। मदीना जाने को हिजरत कहा जाता है।
कोल्लम संवत् (825 A.D.)कल्याणी के चालुक्य शासक विक्रमादित्य-4 द्वारा मालाबार केरल क्षेत्र में प्रारम्भ था। इसे चालुक्य विक्रम संवत् कहा जाता है।
इलाही संवत् (1583 A.D.)मुगल सम्राट अकबर द्वारा प्रारम्भ।
राजशक संवत् (1673)मराठा शासक छत्रपति शिवाजी द्वारा राज्यारोहण के उपलक्ष्य में प्रारम्भ।

➣ ईस्वी संवत में 57 जोड़कर प्राप्त किया जा सकता है।

ईस्वी संवत् + 57 = विक्रम संवत्
2021 + 57  = 2078

ईस्वी संवत का शक संवत में परिवर्तन

➣ ईस्वी संवत् में से 78 घटाकर प्राप्त किया जा सकता है।

ईस्वी संवत – 78 = शक संवत
2021 – 78  = 1943

विक्रम संवत् का ईस्वी संवत् में परिवर्तन

➣ विक्रम संवत् में से 57 घटाकर प्राप्त किया जा सकता है।

विक्रम संवत् – 57 = ईस्वी संवत्
1964 – 57  = 2021

शक संवत् का ईस्वी संवत् में परिवर्तन

➣ शक संवत् में 78 जोड़कर प्राप्त किया है।

शक संवत् + 78 = ईस्वी संवत्
2099 + 78  = 2021

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