औरंगजेब | One-Liner Practice

औरंगजेब का जन्म 3 नवम्बर, 1618 ई. को दाहोद (गुजरात) में हुआ था।

❑ औरंगजेब का पूरा नाम अबुल मुजफ्फर मुहीउद्दीन मुहम्मद औरंगजेब आलमगीर था।

❑ औरंगजेब शाहजहाँ का तीसरा पुत्र था।

❑ औरंगजेब मुमताज महल का पुत्र था।

धरमत का युद्ध (1658 ई.) औरंगजेब एवं जसवंत सिंह के बीच हुआ।

सामूगढ़ का युद्ध (1658 ई.) औरंगजेब एवं दारा शिकोह के बीच हुआ, जिसमें दारा शिकोह पराजित हुआ।

❑ औरंगजेब ने अपने पिता शाहजहाँ को आगरा के किले में कैद कर दिया था।

❑ औरंगजेब ने अपने भाई दारा शिकोह को इस्लाम धर्म त्यागने के आरोप में मृत्युदण्ड दिया।

❑ औरंगजेब ने अपने भाई मुराद बख्श की भी हत्या करवा दी थी।

❑ औरंगजेब सर्वप्रथम जुलाई, 1658 ई. को गद्दी पर बैठा।

❑ औरंगजेब का दूसरा राज्याभिषेक जून, 1659 ई. में हुआ।

❑ औरंगजेब ने ‘आलमगीर’ की उपाधि धारण की थी।

❑ औरंगजेब को मुगल वंश का अन्तिम प्रभावशाली शासक माना जाता है।

❑ औरंगजेब ने प्रथम युद्ध उरछा के जुझार सिंह के विरुद्ध लड़ा था।

❑ औरंगजेब ने अपने शासनकाल में संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया था, यद्यपि वह स्वयं वीणा बजाने में निपुण था।

❑ औरंगजेब सादा जीवन व्यतीत करता था तथा टोपियाँ सीलकर एवं कुरान की प्रतिलिपियाँ बनाकर अपना खर्च चलाता था।

छत्रपति शिवाजी की हत्या की योजना औरंगजेब के सेनापति शाइस्ता खाँ ने बनाई थी, परन्तु शिवाजी ने पूना में उस पर आक्रमण कर उसकी अंगुलियाँ काट दीं।

❑ शिवाजी को आगरा दरबार में औरंगजेब ने 1666 ई. में अपमानित किया था, जिसके बाद उन्हें नजरबन्द कर दिया गया।

पुरन्दर की संधि 1665 ई. में शिवाजी एवं जयसिंह के बीच हुई।

❑ शिवाजी को कैद कर जयपुर भवन में रखा गया था।

❑ यहीं से शिवाजी गुप्त रूप से फरार हो गए।

❑ शिवाजी का राज्याभिषेक 1674 ई. में रायगढ़ में हुआ तथा उन्होंने ‘छत्रपति’ की उपाधि धारण की।

❑ औरंगजेब ने असम जीतने का कार्य मीर जुमला को सौंपा।

❑ औरंगजेब के विरुद्ध मथुरा का जाट विद्रोह जाट नेता गोकुल के नेतृत्व में 1669 ई. में हुआ।

सिकन्दरा स्थित अकबर के मकबरे को राजाराम ने लूटा।

भरतपुर राजवंश की नींव चूड़ामल ने डाली।

बनारस के विश्वनाथ मन्दिर और मथुरा के केशवराय मन्दिर को औरंगजेब ने 1669 ई. में तुड़वाया।

❑ औरंगजेब ने 1668 ई. में हिन्दू त्योहारों और उत्सवों के आयोजन पर रोक लगा दी।

गुरु तेगबहादुर की हत्या औरंगजेब ने करवाई।

❑ औरंगजेब के विरुद्ध पंजाब में सिक्खों का विद्रोह गुरु गोविन्द सिंह के नेतृत्व में हुआ।

❑ औरंगजेब को ‘जिन्दापीर’ कहा जाता है।

❑ औरंगजेब के समय हिन्दू मनसबदारों की संख्या लगभग 33 प्रतिशत थी।

❑ औरंगजेब ने अपने शासन का आधार कुरान को बनाया।

मदन्ना और अकन्ना, गोलकुण्डा के शासक अबुल हसन के मंत्री थे।

❑ औरंगजेब ने जज़िया कर 1679 ई. में लगाया।

जज़िया कर को 1679 ई. में औरंगजेब ने पुनः लागू किया। इसका निर्धारण तीन श्रेणियों में किया गया था।

जयसिंह ने राजपूतों पर से जज़िया कर हटाने के बदले औरंगजेब को अदलपुर एवं बेदनौर दो क्षेत्र दिए।

❑ औरंगजेब ने मारवाड़ के उत्तराधिकार के प्रश्न पर राजपूतों (विशेषकर मारवाड़ एवं मेवाड़) से लम्बा संघर्ष किया, जिसे ‘राठौर विद्रोह’ कहा जाता है।

❑ औरंगजेब ने सिक्कों पर कलमा खुदवाना, नौरोज का त्योहार मनाना, भांग की खेती, नाच-गाना, झरोखा दर्शन एवं तुलादान पर प्रतिबंध लगा दिया।

❑ औरंगजेब ने शरियत के विरुद्ध लिये जाने वाले लगभग 80 करों को समाप्त कर दिया।

❑ औरंगजेब का मुख्य लक्ष्य दारुल हर्ब को दारुल इस्लाम में परिवर्तित करना था।

❑ औरंगजेब के काल में दक्खिन (दक्षिण भारत) में मराठों के विरुद्ध सर्वाधिक समय व्यतीत हुआ, जिसे ‘दक्खिन का अल्सर’ कहा गया।

❑ औरंगजेब ने संभाजी (शिवाजी के पुत्र) को 1689 ई. में पकड़कर मृत्युदण्ड दिया।

❑ औरंगजेब ने बीजापुर को 1686 ई. तथा गोलकुण्डा को 1687 ई. में मुगल साम्राज्य में मिला लिया।

❑ औरंगजेब का शासनकाल मुगल साम्राज्य का भौगोलिक दृष्टि से सर्वाधिक विस्तृत काल था।

❑ औरंगजेब की पुत्री जेबुन्निसा एक विदुषी एवं कवयित्री थी।

❑ औरंगजेब की मृत्यु अहमदनगर में मार्च, 1707 ई. में हुई।

❑ औरंगजेब को दौलताबाद स्थित फकीर बुरहानुद्दीन की कब्र के अहाते में दफनाया गया।

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