❑ अकबर का जन्म 15 अक्टूबर, 1542 ई. में अमरकोट के राणा वीरसाल के महल में हुआ था।
❑ अकबर को पहली बार नौ वर्ष की अवस्था में गजनी की सूबेदारी मिली।
❑ अकबर का संरक्षक मुनीम खाँ था (गजनी में)।
❑ हुमायूँ ने अकबर को 1555 ई. में सरहिन्द जीतने के बाद युवराज घोषित किया।
❑ युवराज अकबर का संरक्षक तुर्क सेनापति बैरम खाँ को नियुक्त किया गया।
❑ अकबर का राज्याभिषेक 14 फरवरी, 1556 ई. को कालानौर में हुआ।
❑ इस समय उसकी आयु 13 वर्ष थी।
❑ अकबर निरक्षर था।
❑ अकबर बादशाह गाजी की उपाधि के साथ राजसिंहासन पर बैठा।
❑ अकबर ने सम्राट बनने पर बैरम खाँ को वकील नियुक्त कर खान-ए-खाना की उपाधि दी।
❑ बैरम खाँ 1556 से 1560 ई. तक अकबर का संरक्षक रहा।
❑ हेमू सूर शासक आदिलशाह का प्रधानमंत्री था।
❑ हेमू को 24 युद्धों में से 22 युद्ध जीतने का श्रेय प्राप्त है।
❑ आदिलशाह ने हेमू को विक्रमादित्य की उपाधि प्रदान की।
❑ हेमू ने दिल्ली में तरदी बेग को परास्त कर शाही छत्र धारण किया तथा अपने नाम के सिक्के चलवाए।
❑ पानीपत की द्वितीय लड़ाई 5 नवम्बर, 1556 ई. को हेमू और बैरम खाँ के बीच हुई।
❑ अकबर ने अपनी गुजरात विजय की स्मृति में फतेहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा बनवाया।
❑ गुजरात विजय को मिया ने विश्व के इतिहास का सबसे द्रुतगामी (तेज) आक्रमण कहा है।
❑ हल्दीघाटी का युद्ध जून, 1576 ई. में अकबर एवं महाराणा प्रताप के बीच हुआ था।
❑ अकबर ने काबुल की सूबेदारी बख्तुनिसा बेगम को सौंपी।
❑ अकबर ने कश्मीर विजय के लिए भगवानदास एवं कासिम खाँ को भेजा था।
❑ अकबर ने खानदेश को 1591 ई. में जीता, जिसे दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार माना जाता था।
❑ अकबर ने सम्राट की उपाधि दक्षिण विजय के बाद ग्रहण की।
❑ अकबर की मृत्यु अतिसार रोग के कारण 21 अक्टूबर, 1605 ई. को हुई थी।
❑ अकबर को सिकन्दरा के मकबरे में दफनाया गया।
❑ अकबर ने 1575 ई. में इबादतखाना की स्थापना फतेहपुर सीकरी में कराई।
❑ इबादतखाना का उद्देश्य प्रत्येक रविवार को धार्मिक विषयों पर खुला वाद-विवाद कराना था।
❑ अकबर ने महजरनामा नामक दस्तावेज 1579 ई. में जारी किया।
❑ इसका प्रारूप शेख मुबारक ने तैयार किया था। शेख मुबारक, अबुल फज़ल और फ़ैज़ी के पिता थे।
❑ महजरनामा जारी होने के बाद अकबर ने सुल्तान-ए-आदिल की उपाधि ग्रहण की।
❑ अकबर ने सभी धर्मों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए तौहीद-ए-इलाही (दीन-ए-इलाही) नामक एक नए धर्म का प्रवर्तन किया।
❑ अकबर ने दीन-ए-इलाही (तौहीद-ए-इलाही) की घोषणा 1582 ई. में की।
❑ दीन-ए-इलाही का पुरोहित अबुल फज़ल था।
❑ हिन्दू राजाओं में बीरबल ने दीन-ए-इलाही को स्वीकार किया।
❑ अकबर ने आगरा एवं लाहौर में ईसाइयों को गिरजाघर बनवाने की अनुमति प्रदान की।
❑ अकबर ने हरिविजय सूरी को जगतगुरु की उपाधि दी।
❑ अकबर पर सर्वाधिक प्रभाव हिन्दू धर्म का पड़ा।
❑ अकबर ने इलाही संवत 1583 ई. में जारी किया।
❑ अकबर ने बीरबल को कविराज एवं राजा की उपाधि प्रदान की थी।
❑ बीरबल की मृत्यु युसुफजाइयों के विद्रोह को दबाते समय हुई।
❑ ‘अकबरनामा’ एवं ‘आइन-ए-अकबरी’ की रचना अबुल फज़ल ने की थी।
❑ अकबर की सेवा में आने से पहले टोडरमल शेरशाह के दरबार में था।
❑ अकबर के भूमि सम्बन्धी सुधारों का श्रेय टोडरमल को है।
❑ अकबर ने भगवानदास (आमेर के राजा भारमल के पुत्र) को अमीर-उल-उमरा की उपाधि दी थी।
❑ तानसेन का जन्म ग्वालियर में हुआ था।
❑ तानसेन का मूल नाम रामतनु पाण्डेय था।
❑ ध्रुपद गायन शैली का विकास तानसेन के समय में हुआ।
❑ अकबर ने तानसेन को कण्ठाभरण वाणीविलास की उपाधि दी थी।
❑ तानसेन की प्रमुख कृतियाँ ‘मियाँ की मल्हार’, ‘मियाँ की टोड़ी’, ‘मियाँ सारंग’ और ‘दरबारी कान्हड़ा’ थीं।
❑ बैरम खाँ के पुत्र अब्दुर्रहीम खानखाना विद्वान तथा कवि थे।
❑ जहाँगीर सबसे अधिक अब्दुर्रहीम खानखाना से प्रभावित था।
❑ हकीम हुकाम अकबर के रसोईघर का प्रधान था।
❑ अकबर का दरबारी राजकवि फ़ैज़ी था।
❑ अकबर ने अपनी राजधानी आगरा से फतेहपुर सीकरी 1571 ई. में स्थानान्तरित की।
❑ महाराणा प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।
❑ मुगल चित्रशाला की प्रथम कृति ‘दास्तान-ए-अमीर-हम्जा’ थी, जिसमें 1200 चित्र हैं।
❑ दसवंत द्वारा बनाए गए चित्र हम्जानामा, खानदान-ए-तैमूरिया एवं तूतीनामा में मिलते हैं।
❑ अकबर के समय का सर्वोत्कृष्ट चित्रकार बसावन को माना जाता है।
❑ भित्ति चित्रकारी का प्रारम्भ अकबर के समय हुआ।
❑ अकबर ने जैनाचार्य हरिविजय सूरी को गुजरात से आमंत्रित किया तथा उन्हें जगतगुरु की उपाधि प्रदान की।
❑ तुलसीदास, मुगल सम्राट अकबर एवं महाराणा प्रताप के समकालीन थे।
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