ब्रिटिश भारत में प्रेस का विकास MCQ प्रश्न | UPSC History

भारतीय इतिहास आधुनिक भारत ब्रिटिश भारत में प्रेस का विकास MCQ प्रश्न
1. फारसी साप्ताहिक ‘मिरातुल अखबार’ को प्रकाशित करते थे-
(a) लाला लाजपत राय
(b) राजा राममोहन राय
(c) सर सैयद अहमद खां
(d) मौलाना शिबली नोमानी
U.P.P.C.S. (pre) 2000
उत्तर-(b)
राजा राममोहन राय ने दिसंबर 1821 में बांग्ला साप्ताहिक ‘संवाद कौमुदी’ का प्रकाशन शुरू किया। इसके ठीक एक वर्ष बाद उन्होंने फारसी भाषा में ‘मिरातुल अखबार’ (अर्थ: समाचारों का दर्पण) नामक साप्ताहिक पत्र निकाला। जब 1823 में गवर्नर जनरल जॉन एडम ने प्रेस पर प्रतिबंधकारी अध्यादेश लागू किया, तो राममोहन राय ने इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की — यह भारत में प्रेस स्वतंत्रता के लिए पहला कानूनी संघर्ष माना जाता है। हालाँकि याचिका अस्वीकार होने पर उन्हें ‘मिरातुल अखबार’ बंद करना पड़ा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: राजा राममोहन राय ने अंग्रेजी में ‘ब्राह्मनिकल मैगजीन’ (1821) भी निकाली थी, जिसमें वे ईसाई मिशनरियों के तर्कों का खंडन करते थे। वे यह भी मानते थे कि प्रेस लोकतंत्र की आधारशिला है और समाज सुधार का सबसे शक्तिशाली माध्यम है।
2. 1878 का ‘वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट’ किसने रद्द कर दिया था?
(a) लॉर्ड रिपन
(b) लॉर्ड लिटन
(c) लॉर्ड कर्जन
(d) लॉर्ड मिंटो
39th b.p.s.c. (pre) 1994
I.A.S. (pre) 2005
उत्तर-(a)
वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट 1878 में लॉर्ड लिटन (1876–1880) के शासनकाल में पारित हुआ था। इस कानून को ‘मुँह बंद करने वाला कानून’ या ‘Gagging Act’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसके तहत भारतीय भाषाओं के समाचार-पत्रों पर अंग्रेजी अखबारों की तुलना में बहुत कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। लॉर्ड रिपन ने 1882 में इस दमनकारी कानून को समाप्त कर दिया और भारतीय भाषाओं के अखबारों को अंग्रेजी पत्रों के समान अधिकार दिए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट का सबसे कड़ा विरोध ‘अमृत बाजार पत्रिका’ ने किया था, जो उस समय बांग्ला भाषा में छपती थी — इस कानून से बचने के लिए उसने रातोंरात अपनी भाषा बदलकर अंग्रेजी अपना ली। लॉर्ड रिपन को उनकी उदार नीतियों के कारण भारतीयों का सबसे लोकप्रिय वायसराय माना जाता है।
3. भारत में प्रिंटिंग प्रेस किसने और कब शुरू की?
(a) पुर्तगालियों ने वर्ष 1550 में।
(b) स्पेनवासियों ने वर्ष 1680 में।
(c) फ्रांसीसियों ने वर्ष 1745 में।
(d) इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने वर्ष 1674 में।
Jharkhand P.C.S. (pre) 2021
उत्तर-(a)
पुर्तगाली मिशनरियों ने एशिया में सर्वप्रथम 1550 ई. में गोवा में प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना की। यह प्रेस मुख्य रूप से ईसाई धर्म-प्रचार की पुस्तकें और धार्मिक साहित्य छापने के लिए उपयोग में लाई जाती थी। भारत में प्रिंटिंग प्रेस के आगमन ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और राजनीतिक विचारों के प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गोवा में स्थापित इस प्रेस ने 1556 में पहली मुद्रित पुस्तक ‘Doutrina Cristã’ (ईसाई शिक्षा) प्रकाशित की। भारत में पहली बार देवनागरी लिपि में मुद्रण 18वीं शताब्दी में हुआ, जब ब्रिटिश विद्वानों ने संस्कृत ग्रंथों के प्रकाशन में रुचि ली।
4. पत्रकार के कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जेल जाने वाला प्रथम भारतीय कौन था?
(a) बाल गंगाधर तिलक
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) मोतीलाल घोष
(d) सुरेंद्रनाथ बनर्जी
U.P.P.C.S. (pre) 1997
उत्तर-(a)
17 जुलाई 1882 को बाल गंगाधर तिलक और गोपाल गणेश आगरकर को ‘केसरी’ एवं ‘मराठा’ पत्रों में लेखन के कारण मुंबई के डोंगरी जेल में 4 महीने की सजा हुई। यही कारण है कि तिलक को तारीख के आधार पर पत्रकारिता के कर्तव्य निभाने पर जेल जाने वाला पहला भारतीय माना जाता है। यद्यपि सुरेंद्रनाथ बनर्जी को भी 2 अप्रैल 1883 को ‘द बंगाली’ में लिखे संपादकीय के कारण कारावास हुआ था, किंतु वह घटना बाद की है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तिलक ने ‘केसरी’ (मराठी) और ‘मराठा’ (अंग्रेजी) — दोनों पत्र 1881 में शुरू किए थे। ‘केसरी’ का शाब्दिक अर्थ ‘शेर’ है, जो उनकी निर्भीक पत्रकारिता का प्रतीक बना। इन्हीं पत्रों के माध्यम से उन्होंने ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ की भावना को जन-जन तक पहुँचाया।
5. निम्नलिखित में से किसने वर्नाकुलर प्रेस एक्ट का प्रवर्तन किया?
(a) लॉर्ड लिटन
(b) लॉर्ड रिपन
(c) लॉर्ड कर्जन
(d) लॉर्ड हेस्टिंग्ज
U.P.P.C.S. (mains) 2007
उत्तर-(a)
वर्नाकुलर प्रेस एक्ट 1878 को लागू करने वाले गवर्नर जनरल लॉर्ड लिटन थे। इस कानून के अंतर्गत मजिस्ट्रेट को यह अधिकार था कि वह किसी भी भारतीय भाषा के अखबार से राजद्रोहात्मक सामग्री न छापने का बंधपत्र ले सके, और उल्लंघन पर प्रेस जब्त कर सके। इस कानून को मुख्य रूप से 1857 के विद्रोह की स्मृतियों और बढ़ते राष्ट्रवादी आंदोलन को दबाने के उद्देश्य से बनाया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लॉर्ड लिटन ने इसी दौर में 1876–78 के महाभयंकर अकाल के समय भी दमनकारी नीतियाँ अपनाईं, जिससे लाखों भारतीयों की मृत्यु हुई — इस पर भारतीय प्रेस की तीखी आलोचना ने भी इस एक्ट को लाने की पृष्ठभूमि तैयार की थी। लिटन ने 1877 में दिल्ली दरबार भी आयोजित किया था जिसमें विक्टोरिया को ‘भारत की महारानी’ घोषित किया गया।
6. भारत का पहला समाचार पत्र था –
(a) बंगाल गजट
(b) हिंदुस्तान टाइम्स
(c) पायनियर
(d) संवाद कौमुदी
U.P.P.C.S. (spl) (mains) 2004
उत्तर-(a)
भारत का पहला समाचार-पत्र ‘बंगाल गजट’ था, जिसे जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने 1780 ई. में कलकत्ता से प्रकाशित करना शुरू किया। इससे पहले विलियम बोल्ट्स ने अखबार निकालने का प्रयास किया था, लेकिन ईस्ट इंडिया कंपनी ने उन्हें देश से निर्वासित कर दिया। हिक्की के पत्र ने कंपनी के अधिकारियों की तीखी आलोचना की, जिसके कारण उनकी प्रेस जब्त कर ली गई और ‘बंगाल गजट’ बंद हो गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘बंगाल गजट’ को ‘हिक्की गजट’ भी कहा जाता था और यह प्रत्येक शनिवार को प्रकाशित होता था। यह अखबार व्यंग्यात्मक शैली में लिखा जाता था और गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स की पत्नी तक की आलोचना करने से नहीं चूकता था — यही कारण इसके अंत का बना।
7. किस गवर्नर जनरल के समय भारतीय भाषा प्रेस अधिनियम समाप्त किया गया?
(a) लॉर्ड रिपन
(b) लॉर्ड लिटन
(c) लॉर्ड कर्जन
(d) लॉर्ड डफरिन
U.P.P.C.S. (mains) 2009
उत्तर-(a)
लॉर्ड रिपन (1880–1884) ने 1882 में भारतीय भाषा प्रेस अधिनियम (वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट, 1878) को रद्द किया। रिपन की नीतियाँ पूर्ववर्ती वायसराय लॉर्ड लिटन की तुलना में बहुत उदार थीं। उन्होंने इलबर्ट बिल (1883) भी प्रस्तावित किया, जिसके तहत भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीय नागरिकों पर मुकदमा चलाने का अधिकार देने की कोशिश की गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लॉर्ड रिपन ने 1882 में हंटर आयोग का गठन कर भारत में प्राथमिक शिक्षा की नींव रखी। उनके कार्यकाल में 1882 का स्थानीय स्वशासन अधिनियम भी पारित हुआ, जिसे भारत में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की दिशा में पहला कदम माना जाता है।
8. निम्न में से किसने सर्वप्रथम प्रेस सेंसरशिप लागू की थी?
(a) वेलेजली
(b) हेस्टिंग्स
(c) जान एडम्स
(d) डलहौजी
U.P.P.C.S. (pre) 2001
उत्तर-(a)
लॉर्ड वेलेजली ने 1799 में भारत में सर्वप्रथम समाचार-पत्रों पर युद्धकालीन सेंसर लागू किया। उसके ‘प्रेस विनियमन अधिनियम’ के तहत हर अखबार को अपना नाम, संपादक, मुद्रक और स्वामी प्रकाशित करना अनिवार्य था, और प्रकाशन से पहले सामग्री सरकारी सचिव को दिखानी पड़ती थी। वेलेजली का यह कदम मुख्यतः नेपोलियन के साथ चल रहे युद्ध के संदर्भ में भारत में फ्रांसीसी प्रभाव रोकने की चिंता से प्रेरित था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वेलेजली ने 1800 में कलकत्ता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की, जो ब्रिटिश सिविल सेवकों को भारतीय भाषाएँ और संस्कृति सिखाने के लिए बनाया गया था। उनकी ‘सहायक संधि’ नीति (Subsidiary Alliance) ने ब्रिटिश साम्राज्य का भारत में व्यापक विस्तार किया।
9. भारत में प्रकाशित पहला समाचार-पत्र निम्नलिखित में से कौन-सा था?
(a) द बंगाल गजट
(b) द कलकत्ता गजट
(c) मद्रास कोरियर
(d) बॉम्बे हेराल्ड
U.P. U.D.A./L.D.A. (spl) (mains) 2010
उत्तर-(a)
भारत में प्रकाशित पहला समाचार-पत्र ‘द बंगाल गजट’ था, जिसे 1780 में जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने प्रकाशित किया। यह द्विभाषी (अंग्रेजी) साप्ताहिक अखबार था जो कलकत्ता से निकलता था। इसके बाद ‘कलकत्ता गजट’ (1784), ‘मद्रास कोरियर’ (1788) और ‘बॉम्बे हेराल्ड’ (1789) का प्रकाशन शुरू हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारतीय भाषाओं में पहला समाचार-पत्र 1816 में ‘दिग्दर्शन’ था, जो बांग्ला और अंग्रेजी दोनों में जे. सी. मार्शमैन ने निकाला। वहीं हिंदी का पहला समाचार-पत्र ‘उदंत मार्तंड’ 1826 में कलकत्ता से जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित हुआ।
10. अमेरिका में ‘फ्री हिंदुस्तान’ अखबार किसने शुरू किया था?
(a) रामनाथ पुरी
(b) जी. डी. कुमार
(c) लाला हरदयाल
(d) तारकनाथ दास
39th b.p.s.c. (pre) 1994
उत्तर-(d)
वैंकूवर (कनाडा) से ‘फ्री हिंदुस्तान’ अखबार तारकनाथ दास ने शुरू किया था। तारकनाथ दास एक क्रांतिकारी विचारक थे जो अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीयों में राष्ट्रवादी भावना जागृत करने के लिए इस पत्र का उपयोग करते थे। यह पत्र भारत की ब्रिटिश शासन से मुक्ति की मांग करता था और प्रवासी भारतीयों का एक प्रमुख प्रकाशन बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तारकनाथ दास बाद में गदर आंदोलन से भी जुड़े। इसी दौरान लाला हरदयाल ने 1913 में सैन फ्रांसिस्को से ‘गदर’ नामक पत्र निकाला, जो पंजाबी, उर्दू और हिंदी में एक साथ प्रकाशित होता था और ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति का आह्वान करता था।
11. महात्मा गांधी द्वारा दक्षिण अफ्रीका में प्रकाशित समाचार-पत्र का नाम क्या था?
(a) दि इंडियन ओपीनियन
(b) नेशनल हेराल्ड
(c) लीडर
(d) द पायनियर
Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर-(a)
महात्मा गांधी ने 1903 में दक्षिण अफ्रीका के नटाल प्रांत से ‘इंडियन ओपीनियन’ पत्रिका प्रारंभ की। यह पत्रिका गुजराती, हिंदी, तमिल और अंग्रेजी — चार भाषाओं में एक साथ प्रकाशित होती थी। इसका उद्देश्य दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीयों के नागरिक अधिकारों की आवाज उठाना था। इस पत्रिका के प्रथम संपादक मनसुखलाल नज़र थे, जो नटाल भारतीय कांग्रेस के सचिव भी थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने इस पत्रिका को टॉलस्टॉय फार्म और फीनिक्स सेटलमेंट से भी जोड़ा, जहाँ सत्याग्रह आंदोलन की नींव पड़ी। भारत लौटने के बाद उन्होंने 1919 में ‘यंग इंडिया’ (अंग्रेजी) और ‘नवजीवन’ (गुजराती) पत्रिकाएं शुरू कीं, जो उनके विचारों का मुख्य माध्यम बनीं।
12. गदर पार्टी का पत्र ‘गदर’ था-
(a) एक मासिक-पत्र
(b) एक पाक्षिक-पत्र
(c) एक साप्ताहिक-पत्र
(d) एक दैनिक-पत्र
U.P.P.C.S. (Mains) 2013
उत्तर-(c)
गदर पार्टी का मुखपत्र ‘गदर’ एक साप्ताहिक पत्र था, जिसका पहला अंक 1 नवंबर 1913 को सैन फ्रांसिस्को से प्रकाशित हुआ। इसकी स्थापना लाला हरदयाल, सोहन सिंह भाकना और करतार सिंह सराभा ने अमेरिका और कनाडा में बसे प्रवासी भारतीयों को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संगठित करने के लिए की थी। इस पार्टी का पूरा नाम ‘हिंदुस्तान एसोसिएशन ऑफ द पैसिफिक कोस्ट’ था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘गदर’ शब्द का अर्थ है ‘विद्रोह’ — यह 1857 की क्रांति की प्रेरणा से चुना गया था। करतार सिंह सराभा महज 19 वर्ष की आयु में 1915 में लाहौर षड्यंत्र केस में फाँसी पर चढ़े और भगत सिंह के प्रेरणास्रोत बने।
13. निम्नलिखित में से किसने सोम प्रकाश नामक समाचार-पत्र शुरू किया ?
(a) दयानंद सरस्वती
(b) ईश्वर चंद्र विद्यासागर
(c) राजा राममोहन राय
(d) सुरेंद्र नाथ बनर्जी
I.A.S. (Pre) 2007
उत्तर-(b)
बांग्ला साप्ताहिक ‘सोम प्रकाश’ का प्रकाशन 1858 में ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने प्रारंभ किया था। यह पत्र विशेष रूप से नील आंदोलन (Indigo Revolt, 1859-60) के किसानों के पक्ष में खड़ा हुआ और उनकी दुर्दशा को जनता के सामने रखा। इसने महिला शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह जैसे समाज सुधार के मुद्दों को भी उठाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने 1856 में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित कराने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। वे बांग्ला गद्य के जनक माने जाते हैं और उन्होंने ‘वर्णपरिचय’ जैसी पाठ्यपुस्तकें लिखकर बांग्ला शिक्षा में क्रांति लाई।
14. ‘अमृत बाजार पत्रिका’ की स्थापना किसने की?
(a) गिरीशचंद्र घोष
(b) हरिश्चंद्र मुखर्जी
(c) एस.एन. बनर्जी
(d) शिशिर कुमार घोष
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
उत्तर-(d)
‘अमृत बाजार पत्रिका’ की स्थापना 1868 में शिशिर कुमार घोष ने कलकत्ता में की थी। प्रारंभ में यह बांग्ला भाषा में निकलती थी। जब 1878 में लॉर्ड लिटन का वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट लागू हुआ, तो इस पत्र ने कानून की पकड़ से बचने के लिए रातोंरात अपनी भाषा बदलकर अंग्रेजी अपना ली — यह भारतीय प्रेस इतिहास की एक प्रसिद्ध घटना है। गिरीशचंद्र घोष ने 1862 में ‘बंगाली’ अखबार निकाला था और ‘हिंदू पैट्रियाट’ की भी स्थापना उन्होंने की थी, जिसके बाद में हरिश्चंद्र मुखर्जी संपादक बने।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘हिंदू पैट्रियाट’ वह पत्र था जिसने सबसे पहले नील किसानों की दुर्दशा को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया। ‘अमृत बाजार पत्रिका’ ने बाद में 1905 के बंगभंग विरोधी आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
15. क्रांतिकारी गतिविधियों के साथ कौन-सी पत्रिका जुड़ी हुई नहीं थी?
(a) संध्या
(b) युगांतर
(c) गदर
(d) यंग इंडिया
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
60-62th B.P.C.S. (Pre) 2016
उत्तर-(d)
‘यंग इंडिया’ महात्मा गांधी की पत्रिका थी और यह अहिंसक आंदोलन की समर्थक थी, न कि क्रांतिकारी हिंसा की। इसके विपरीत ‘संध्या’ (बंगाल), ‘युगांतर’ (बंगाल) और ‘गदर’ (अमेरिका) तीनों पत्र सशस्त्र क्रांति की वकालत करते थे। ‘युगांतर’ बिपिन चंद्र पाल के विचारों से प्रभावित था, जबकि ‘संध्या’ ब्रह्मबांधव उपाध्याय द्वारा निकाली जाती थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीजी ने ‘यंग इंडिया’ के अलावा ‘हरिजन’ (1933) भी निकाला, जो दलित अधिकारों की आवाज बना। ‘युगांतर’ ने अरविंद घोष और बारीन घोष के क्रांतिकारी विचारों को फैलाने में अहम भूमिका निभाई — इसी पृष्ठभूमि में अलीपुर बम षड्यंत्र केस (1908) उभरा।
16. 1880 के दशक में ‘इंडियन मिरर’ अखबार का प्रकाशन कहां से होता था?
(a) बंबई
(b) कलकत्ता
(c) मद्रास
(d) पांडिचेरी
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(b)
‘इंडियन मिरर’ की स्थापना 1861 में देवेंद्रनाथ टैगोर और मनमोहन घोष ने कलकत्ता से की थी। यह अंग्रेजी भाषा का दैनिक अखबार था। केशवचंद्र सेन और नरेंद्रनाथ सेन इसके संपादकीय विभाग में प्रमुख भूमिका निभाते थे। यह अखबार ब्रह्म समाज के विचारों और सामाजिक सुधारों का प्रमुख मंच बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: देवेंद्रनाथ टैगोर, रवींद्रनाथ टैगोर के पिता थे और ब्रह्म समाज के महर्षि कहलाते थे। ‘इंडियन मिरर’ भारत का पहला दैनिक अंग्रेजी अखबार था जिसे किसी भारतीय ने प्रारंभ किया — यह तथ्य इसे भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में विशेष स्थान दिलाता है।
17. निम्न अखबारों में से कौन-सा मुख्यतया उदारवादियों की नीतियों का प्रचारक था?
(a) न्यू इंडिया
(b) लीडर
(c) यंग इंडिया
(d) फ्री प्रेस जनरल
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
उत्तर-(b)
‘लीडर’ अखबार इलाहाबाद से प्रकाशित होता था और उदारवादी नेताओं की नीतियों का प्रमुख प्रचारक था। उदारवादी नेता जैसे गोपाल कृष्ण गोखले और मदन मोहन मालवीय संवैधानिक तरीकों से सुधार की मांग करते थे। ‘न्यू इंडिया’ एनी बेसेंट द्वारा प्रकाशित था जो होम रूल आंदोलन की पक्षधर थी, और ‘फ्री प्रेस जनरल’ एक समाचार एजेंसी थी, न कि राजनीतिक पत्र।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मदन मोहन मालवीय ने ‘अभ्युदय’ (हिंदी) और ‘हिंदुस्तान’ (अंग्रेजी) पत्र भी निकाले। उदारवादी काल (1885–1905) में कांग्रेस का मुख्य तरीका ‘याचना, प्रार्थना और विरोध’ (Pray, Petition, Protest) था, जिसे चरमपंथियों ने ‘भिखारी नीति’ कहकर आलोचना की।
18. गदर पत्र का प्रथम अंक निम्नलिखित में से किस भाषा में प्रकाशित हुआ ?
(a) उर्दू
(b) हिंदी
(c) अंग्रेजी
(d) मराठी
U.P. P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(a)
1 नवंबर 1913 को ‘गदर’ पत्र का पहला अंक उर्दू भाषा में सैन फ्रांसिस्को से प्रकाशित हुआ। उर्दू इसलिए चुनी गई क्योंकि प्रवासी भारतीयों — विशेषकर पंजाबी सिखों और मुसलमानों — में यह भाषा व्यापक रूप से समझी जाती थी। 9 दिसंबर 1913 से यह गुरुमुखी लिपि में भी छपने लगा, और बाद में मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती तथा पख्तूनी में भी इसके अंक प्रकाशित हुए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘गदर’ पत्र के प्रकाशन स्थल सैन फ्रांसिस्को को ‘युगांतर आश्रम’ कहा जाता था। अंग्रेज सरकार ने इस पत्र को भारत में प्रतिबंधित कर दिया था, फिर भी इसकी प्रतियाँ गुप्त रूप से भारत पहुँचती थीं और सैनिकों व किसानों में वितरित की जाती थीं।
19. लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की सेवा के उद्देश्य से कौन-सा समाचार-पत्र प्रारंभ किया था?
(a) गदर
(b) केसरी
(c) फ्री हिंदुस्तान
(d) स्वदेश मित्र
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010
M.P.P.C.S. (Pre) 2008
U.P. P.C.S. (Pre) 1990
उत्तर-(b)
बाल गंगाधर तिलक ने 1881 में बंबई से दो महत्वपूर्ण समाचार-पत्र प्रारंभ किए — मराठी भाषा में ‘केसरी’ और अंग्रेजी में ‘मराठा’। ‘केसरी’ (अर्थ: शेर) अपनी निर्भीक और ओजस्वी भाषा के लिए प्रसिद्ध था। इन्हीं पत्रों के माध्यम से तिलक ने ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’ जैसे विचारों को आम जनता तक पहुँचाया। ‘स्वदेश मित्र’ तमिलनाडु से प्रकाशित होने वाला पत्र था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तिलक ने ‘केसरी’ में गणपति उत्सव (1893) और शिवाजी महोत्सव (1895) को सार्वजनिक आंदोलन के रूप में प्रचारित किया, जिससे ये उत्सव राष्ट्रवाद के प्रतीक बन गए। 1897 में ‘केसरी’ में प्रकाशित लेखों के कारण तिलक को राजद्रोह के आरोप में 18 महीने की कैद हुई।
20. निम्नलिखित में से किन समाचार-पत्रों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के काल में क्रांतिकारी आतंकवाद की वकालत की थी?
1. संध्या
2. युगांतर
3. काल
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही चुनिए- कूट :
(a) 1,2
(b) 1,3
(c) 2,3
(d) 1, 2, 3
U.P. Lower Sub. (Pre) 2008
उत्तर-(d)
‘संध्या’, ‘युगांतर’ और ‘काल’ — तीनों ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सशस्त्र क्रांति और हिंसक गतिविधियों का समर्थन किया। ‘संध्या’ बांग्ला पत्र था जिसे ब्रह्मबांधव उपाध्याय ने निकाला। ‘युगांतर’ भी बांग्ला का क्रांतिकारी पत्र था जिसे बारीन घोष और भूपेंद्रनाथ दत्त ने प्रारंभ किया। ‘काल’ मराठी भाषा में प्रकाशित होता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘युगांतर’ ने ‘बम बनाने की विधि’ तक प्रकाशित की थी, जिससे ब्रिटिश सरकार ने इसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की। ‘संध्या’ और ‘युगांतर’ पर मुकदमे चले और इनके संपादकों को कारावास की सजा मिली, फिर भी इन पत्रों ने क्रांतिकारी युवाओं की एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया।
21. ‘इंडियन ओपीनियन’ पत्रिका के प्रथम संपादक थे-
(a) एम.के. गांधी
(b) अलबर्ट वेस्ट
(c) महादेव देसाई
(d) मनसुखलाल नज़र
U.P.P.C.S. (Pre) 2014
उत्तर-(d)
‘इंडियन ओपीनियन’ पत्रिका 1903 में दक्षिण अफ्रीका से महात्मा गांधी की पहल पर प्रारंभ हुई, किंतु इसके प्रथम संपादक मनसुखलाल नज़र थे, जो नटाल भारतीय कांग्रेस के सचिव थे। यह पत्रिका गुजराती, हिंदी, तमिल और अंग्रेजी चार भाषाओं में प्रकाशित होती थी। गांधीजी ने इसे दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के अधिकारों की लड़ाई का प्रमुख माध्यम बनाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाद में इस पत्रिका का संचालन फीनिक्स सेटलमेंट (नटाल) से होने लगा, जो गांधीजी का पहला सामुदायिक आश्रम था। ‘इंडियन ओपीनियन’ में गांधीजी ने ‘सत्याग्रह’ की अवधारणा को पहली बार विस्तार से प्रस्तुत किया और पाठकों से रचनात्मक प्रतिरोध अपनाने की अपील की।
22. क्रांतिकारी काल की निम्नलिखित लोकप्रिय पत्रिकाओं में से कौन अनेक कारणों से कांग्रेस की आलोचना करती थी?
(a) बंगवासी
(b) काल
(c) केसरी
(d) उपर्युक्त सभी
U.P.P.C.S. (Mains) 2011
उत्तर-(d)
‘बंगवासी’, ‘काल’ और ‘केसरी’ — तीनों पत्रिकाएं क्रांतिकारी राष्ट्रवाद की समर्थक और कांग्रेस की उदारवादी व याचना-केंद्रित नीतियों की मुखर आलोचक थीं। ये पत्र मानते थे कि विनम्र प्रार्थनाओं से अंग्रेज भारत नहीं छोड़ेंगे और जनजागरण तथा सक्रिय संघर्ष ही एकमात्र मार्ग है। ‘बंगवासी’ बंगाल से, ‘काल’ महाराष्ट्र से और ‘केसरी’ भी महाराष्ट्र से निकलता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘बंगवासी’ ने 1891 के ‘एज ऑफ कंसेंट बिल’ का कड़ा विरोध किया था, जिसमें विवाह की न्यूनतम आयु 10 से 12 वर्ष करने का प्रस्ताव था — इसे पश्चिमी हस्तक्षेप बताया गया। ‘केसरी’ की आलोचनात्मक भूमिका के कारण तिलक को 1897 और 1908 में दो बार राजद्रोह के मुकदमों का सामना करना पड़ा।
23. नील आंदोलन का जमकर समर्थन करने वाले ‘हिंदू पैट्रियाट’ के संपादक थे-
(a) हेम चंद्राकर
(b) हरिश्चंद्र मुखर्जी
(c) दीनबंधु मित्र
(d) दिगंबर विश्वास
U.P.P.C.S. (Pre) 1998 U.P.P.S.C. (GIC) 2010
उत्तर-(b)
1859-60 का नील विद्रोह बंगाल के किसानों द्वारा यूरोपीय नील बागान मालिकों के शोषण के विरुद्ध किया गया संघर्ष था। ‘हिंदू पैट्रियाट’ के संपादक हरिश्चंद्र मुखर्जी (1855–61) ने इस आंदोलन को अपनी कलम से व्यापक समर्थन दिया और बागान मालिकों के अत्याचारों को निडरता से उजागर किया। इससे पहले गिरीशचंद्र घोष (1853–55) इसके संपादक थे और बाद में क्रिस्टोदास पाल (1861 से) संपादक बने, जो ब्रिटिश उदारवाद के समर्थक थे और जमींदार वर्ग के हितों की बात करने लगे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नील विद्रोह पर दीनबंधु मित्र ने 1860 में ‘नील दर्पण’ नाटक लिखा, जिसमें किसानों की दुर्दशा का मार्मिक चित्रण था। अंग्रेज सरकार ने इस नाटक के अनुवादक रेवरेंड जेम्स लॉन्ग पर मुकदमा चलाया और उन्हें कारावास की सजा दी।
24. हिंदी का पहला समाचार-पत्र ‘उदत्त मार्तंड’ (30 मई, 1826) प्रकाशित हुआ था
(a) कोलकाता से
(b) पटना से
(c) इलाहाबाद से
(d) लखनऊ से
U.P.P.C.S (Mains) 2016
उत्तर-(a)
हिंदी का पहला समाचार-पत्र ‘उदंत मार्तंड’ (अर्थ: उगता हुआ सूरज) 30 मई 1826 को कलकत्ता से साप्ताहिक रूप में प्रकाशित हुआ। इसके प्रकाशक और संपादक जुगल किशोर शुक्ल थे, जो कानपुर के रहने वाले थे। यह पत्र मुख्यतः उत्तर भारत के हिंदी भाषी पाठकों के लिए था और इसमें सामाजिक तथा राजनीतिक विषयों पर लेख प्रकाशित होते थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘उदंत मार्तंड’ केवल डेढ़ वर्ष ही चल सका क्योंकि ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसे डाक सुविधा देने से मना कर दिया, जिससे वितरण असंभव हो गया और दिसंबर 1827 में यह बंद हो गया। इसके बंद होने पर शुक्ल जी ने लिखा — “आज दिवस लौं उग चुक्यौ मार्तंड उदंत, अस्ताचल को जात है दिनकर दिन अब अंत।”
25. ‘स्वदेशवाहिनी’ के संपादक थे-
(a) सी.वी. रामन पिल्लै
(b) सी.एन. मुदालियार
(c) के. रामकृष्ण पिल्लै
(d) सी.आर. रेड्डी
U.P.P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(c)
‘स्वदेशाभिमानी’ (जिसे ‘स्वदेशवाहिनी’ भी कहा जाता है) के संपादक के. रामकृष्ण पिल्लै थे, जिनका जन्म 1878 में तत्कालीन त्रावणकोर रियासत के नेयात्तिंकरा में हुआ था। यह मलयालम भाषा का पत्र था जो त्रावणकोर के दीवान और राजदरबार की नीतियों की कड़ी आलोचना करता था। रामकृष्ण पिल्लै की निर्भीक पत्रकारिता के कारण उन्हें 1910 में त्रावणकोर से निर्वासित कर दिया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: के. रामकृष्ण पिल्लै को केरल की पत्रकारिता का अग्रदूत और सामाजिक न्याय का योद्धा माना जाता है। उन्होंने त्रावणकोर में जाति-भेद और सामंती शोषण के विरुद्ध भी लिखा। निर्वासन के बाद उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और 1916 में मात्र 38 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
26. निम्नलिखित में से किस भाषा में ‘दि इंडियन ओपीनियन’ पत्र नहीं छापा जाता था?
(a) अंग्रेजी
(b) गुजराती
(c) तमिल
(d) उर्दू
U.P.P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(d)
महात्मा गांधी द्वारा 1903 में दक्षिण अफ्रीका से प्रारंभ ‘इंडियन ओपीनियन’ पत्रिका चार भाषाओं — अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी और तमिल — में प्रकाशित होती थी। उर्दू इसकी भाषाओं में कभी शामिल नहीं थी। यह चुनाव इसलिए किया गया क्योंकि दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीय मुख्यतः गुजराती व्यापारी और तमिल मजदूर थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘इंडियन ओपीनियन’ को गांधीजी ने फीनिक्स सेटलमेंट से चलाया, जो उनका पहला सामुदायिक प्रयोग था। इस पत्रिका में गांधीजी ने जॉन रस्किन की पुस्तक ‘Unto This Last’ का गुजराती अनुवाद ‘सर्वोदय’ शीर्षक से प्रकाशित किया, जिसने उनके आर्थिक दर्शन को गहराई से प्रभावित किया।
27. भारतीयों द्वारा अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित प्रथम समाचार-पत्र था-
(a) हिंदू पैट्रियाट
(b) दि हिंदू
(c) यंग इंडिया
(d) नेटिव ओपीनियन
U.P.P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(a)
दिए गए विकल्पों में ‘हिंदू पैट्रियाट’ भारतीयों द्वारा अंग्रेजी में प्रकाशित पहला प्रमुख समाचार-पत्र था, जिसकी शुरुआत 1853 में हुई। इसके प्रथम संपादक गिरीशचंद्र घोष (1853–55) थे, फिर हरिश्चंद्र मुखर्जी (1855–61) और उसके बाद क्रिस्टोदास पाल संपादक बने। द्वारकानाथ टैगोर और मदन मोहन घोष जैसे प्रमुख नेताओं ने इसे सहयोग दिया। उल्लेखनीय है कि किसी भारतीय द्वारा अंग्रेजी में प्रकाशित सबसे पहला पत्र गंगाधर भट्टाचार्य का ‘बंगाल गजट’ था, किंतु वह दिए गए विकल्पों में नहीं है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘हिंदू पैट्रियाट’ में सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने 1874–75 में लंदन से और 1878 में दिल्ली से संवाददाता के रूप में लिखा। बाद में ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन ने इसे खरीद लिया और यह जमींदार वर्ग का पक्षधर हो गया, जिससे इसकी राष्ट्रवादी भूमिका समाप्त हो गई।
28. एक साप्ताहिक के रूप में यंग इंडिया का शुभारंभ किया था-
(a) होमरूल पार्टी ने
(b) उग्रवादी पार्टी ने
(c) गदर पार्टी ने
(d) स्वराज पार्टी ने
U.P. Lower Sub. (Pre) 2003
उत्तर-(a)
‘यंग इंडिया’ का प्रकाशन 7 मई 1919 को बंबई से द्विसाप्ताहिक रूप में प्रारंभ हुआ। इसके शुरुआती संपादक जमनादास द्वारकादास और शंकरलाल बैंकर थे, जो एनी बेसेंट की होमरूल लीग से जुड़े थे। 8 अक्टूबर 1919 से महात्मा गांधी इसके संपादक बने और पत्र का प्रकाशन अहमदाबाद से साप्ताहिक रूप में होने लगा। गांधीजी ने इस पत्र को असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘यंग इंडिया’ में लिखे एक लेख के कारण 1922 में गांधीजी पर राजद्रोह का मुकदमा चला और उन्हें 6 वर्ष की सजा सुनाई गई — यह ‘महान मुकदमा’ (Great Trial) के नाम से इतिहास में प्रसिद्ध है। 1931 में ‘यंग इंडिया’ बंद हो गया और उसकी जगह ‘हरिजन’ ने ली।
29. अंग्रेजी साप्ताहिक ‘वंदे मातरम्’ के साथ निम्नांकित में से किसने अपने को संबद्ध किया ?
(a) अरबिंद घोष
(b) एम.जी.रानाडे
(c) सुभाष चंद्र बोस
(d) लोकमान्य तिलक
U.P.P.C.S. (Pre) 1996
उत्तर-(a)
अंग्रेजी साप्ताहिक ‘वंदे मातरम्’ के संपादक अरबिंद घोष थे। यह पत्र 1906 में कलकत्ता से प्रारंभ हुआ और बंग-भंग विरोधी आंदोलन तथा स्वदेशी आंदोलन का प्रमुख मुखपत्र बना। अरबिंद घोष ने इसमें पूर्ण स्वराज और सशस्त्र प्रतिरोध के विचारों को बड़े साहस के साथ प्रस्तुत किया, जो उस समय के अधिकांश राष्ट्रवादी पत्रों से कहीं अधिक उग्र था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘वंदे मातरम्’ पत्र पर राजद्रोह का मुकदमा चला और अरबिंद घोष को 1908 में अलीपुर बम षड्यंत्र केस में गिरफ्तार किया गया। एक वर्ष की जेल के बाद उन्होंने राजनीति छोड़ दी और पांडिचेरी जाकर आध्यात्मिक साधना में लीन हो गए, जहाँ उन्होंने ‘अरविंद आश्रम’ की स्थापना की।
30. निम्नलिखित में से किस अखबार का प्रकाशन पटना से होता था ?
(a) इंडियन नेशन
(b) पंजाब केसरी
(c) प्रभाकर
(d) डॉन
45th B.P.S.C. (Pre) 2001
उत्तर-(a)
‘दि इंडियन नेशन’ की स्थापना 1931 में दरभंगा के महाराज कामेश्वर सिंह ने की थी और यह पटना से प्रकाशित होता था। यह अंग्रेजी भाषा का अखबार था जो बिहार के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाता था। ‘पंजाब केसरी’ जालंधर से, ‘प्रभाकर’ बंबई से और ‘डॉन’ पाकिस्तान (कराची/ढाका) से प्रकाशित होता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1912 में बंगाल से बिहार को अलग प्रांत का दर्जा मिलने के बाद पटना एक महत्वपूर्ण प्रेस केंद्र बनकर उभरा। महात्मा गांधी के 1917 के चंपारण सत्याग्रह ने बिहार की पत्रकारिता को नई ऊर्जा दी और कई स्थानीय हिंदी पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन इसी दौर में शुरू हुआ।
31. वर्ष 1920 में लाहौर से लाजपत राय द्वारा उर्दू का कौन-सा समाचार-पत्र प्रारंभ किया गया था?
(a) वंदे मातरम्
(b) पीपुल
(c) ट्रिब्यून
(d) वीर अर्जुन
U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2008
उत्तर-(a)
लाला लाजपत राय ने लाहौर से उर्दू दैनिक ‘वंदे मातरम्’ तथा अंग्रेजी साप्ताहिक ‘दि पीपुल’ — दो पत्र एक साथ निकाले। इससे पहले वह अमेरिका प्रवास के दौरान ‘यंग इंडिया’ नामक पत्र का प्रकाशन कर चुके थे। लाजपत राय ने अपने पत्रों के माध्यम से असहयोग आंदोलन और पंजाब की राजनीतिक चेतना को धार दी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लाला लाजपत राय को ‘पंजाब केसरी’ और ‘शेर-ए-पंजाब’ कहा जाता था। 1928 में साइमन कमीशन के विरोध में लाहौर में प्रदर्शन के दौरान ब्रिटिश पुलिस की लाठियों से घायल होकर उनका निधन हुआ — इसी का बदला लेने के लिए भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने सांडर्स की हत्या की।
32. ‘हरिजन’ के प्रारंभकर्ता थे-
(a) तिलक
(b) गोखले
(c) गांधीजी
(d) नौरोजी
Uttarakhand U.D.A. / L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(c)
महात्मा गांधी ने दलित अधिकारों और अस्पृश्यता उन्मूलन के प्रचार के लिए तीन साप्ताहिक पत्र एक साथ प्रारंभ किए — ‘हरिजन’ (अंग्रेजी), ‘हरिजन बंधु’ (गुजराती) और ‘हरिजन सेवक’ (हिंदी)। इनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को उनकी भाषा में दलित उत्थान के संदेश तक पहुँचाना था। ‘हरिजन’ का पहला अंक 11 फरवरी 1933 को पुणे से प्रकाशित हुआ, उस समय गांधीजी यरवदा जेल में थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘हरिजन’ शब्द गांधीजी ने ही प्रचलित किया, जिसका अर्थ है ‘ईश्वर के लोग’। हालाँकि डॉ. अम्बेडकर ने इस शब्द का विरोध किया और कहा कि यह दलितों की वास्तविक समस्याओं को धार्मिक आवरण में छुपाता है। ‘हरिजन’ पत्रिका 1948 में गांधीजी की हत्या के बाद बंद हो गई।
33. अंग्रेजी पत्र ‘इंडिपेंडेंट’ जुड़ा था-
(a) महात्मा गांधी से
(b) सी.आर. दास से
(c) जवाहरलाल नेहरू से
(d) मोतीलाल नेहरू से
U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(d)
मोतीलाल नेहरू ने भारत के लिए स्वशासन की मांग को आवाज देने के उद्देश्य से अंग्रेजी पत्र ‘इंडिपेंडेंट’ प्रारंभ किया। यह इलाहाबाद से प्रकाशित होता था। मोतीलाल नेहरू उस समय के सबसे प्रमुख वकीलों में से एक थे और बाद में उन्होंने 1928 में ‘नेहरू रिपोर्ट’ तैयार की, जो भारत के लिए प्रस्तावित संविधान का पहला प्रारूप था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मोतीलाल नेहरू ने 1923 में सी.आर. दास के साथ मिलकर ‘स्वराज पार्टी’ की स्थापना की और विधानपरिषदों में प्रवेश करके अंदर से ब्रिटिश नीतियों को बाधित करने की रणनीति अपनाई। ‘इंडिपेंडेंट’ पत्र उनकी इन्हीं राजनीतिक गतिविधियों का वैचारिक मंच बना।
34. ‘बहिष्कृत भारत’ पत्रिका से संबंधित थे-
(a) आत्माराम पाडुरंग
(b) ज्योतिबा फुले
(c) बाल गंगाधर तिलक
(d) बी.आर. अम्बेडकर
U.P. P.C.S. (Pre) 1991
उत्तर-(d)
3 अप्रैल 1927 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने बंबई से मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ का प्रकाशन प्रारंभ किया। इससे पहले 20 जुलाई 1924 को उन्होंने ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ की स्थापना की थी जिसका लक्ष्य अस्पृश्यों की नैतिक और भौतिक उन्नति करना था। ‘बहिष्कृत भारत’ इसी सभा का मुखपत्र बना और दलित समाज की समस्याओं को सरकार के सामने रखने का माध्यम बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अम्बेडकर ने ‘बहिष्कृत भारत’ के अलावा ‘मूकनायक’ (1920, मराठी पाक्षिक) और ‘जनता’ (1930) भी निकाले। ‘मूकनायक’ उनका पहला पत्र था जिसमें उन्होंने लिखा — “जो समाज मूक है, उसका नायक कौन?” — यह दलित पत्रकारिता का ऐतिहासिक आरंभ था।
35. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही चुनिए-
सूची-I (समाचार-पत्र ) सूची-II (संस्थापक)
A. दैनिक आज 1. जॉर्ज एलेन
B. द लीडर 2. जवाहरलाल नेहरू
C. द नेशनल हेराल्ड 3. मदन मोहन मालवीय
D. द पायनियर 4. शिवप्रसाद गुप्त
कूट :
A B C D
(a) 4 3 2 1
(b) 4 1 3 2
(c) 2 3 4 1
(d) 1 4 2 3
U.P.P.C.S. (Mains) 2010
उत्तर-(a)
इस प्रश्न में दिए गए समाचार-पत्रों और उनके संस्थापकों का सही सुमेलन इस प्रकार है — ‘दैनिक आज’ की स्थापना शिवप्रसाद गुप्त ने 1920 में वाराणसी से की और यह हिंदी का एक प्रमुख राष्ट्रवादी दैनिक बना। ‘द लीडर’ की स्थापना मदन मोहन मालवीय ने इलाहाबाद से की, जो उदारवादी कांग्रेसी विचारों का प्रचारक था। ‘द नेशनल हेराल्ड’ जवाहरलाल नेहरू ने 1938 में लखनऊ से प्रारंभ किया। ‘द पायनियर’ की स्थापना जॉर्ज एलेन ने 1865 में इलाहाबाद से की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘द पायनियर’ में रुडयार्ड किपलिंग ने 1887–89 के बीच पत्रकार के रूप में काम किया और यहीं से उनकी साहित्यिक रचनाओं का आरंभ हुआ। ‘नेशनल हेराल्ड’ के विरुद्ध 2012 में कांग्रेस नेताओं पर आर्थिक अनियमितता का मुकदमा चला, जो हाल के वर्षों में एक बड़ा राजनीतिक विवाद बना।
36. कानपुर से प्रकाशित किस समाचार-पत्र के माध्यम से विजय सिंह पथिक ने बिजौलिया आंदोलन को समूचे भारत में चर्चा का विषय बना दिया ?
(a) केसरी
(b) प्रताप
(c) मराठा
(d) मंजूषा
R.A.S. / R.T.S. (Pre) 1996
उत्तर-(b)
राजस्थान का पहला किसान आंदोलन मेवाड़ की बिजौलिया जागीर में हुआ, जहाँ किसानों पर अनेक प्रकार की अवैध लगानें थीं। 1913 में साधु सीताराम दास और 1915 से विजय सिंह पथिक ने इसका नेतृत्व किया। पथिक ने कानपुर से प्रकाशित गणेश शंकर विद्यार्थी के अखबार ‘प्रताप’ के माध्यम से इस किसान आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कराया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गणेश शंकर विद्यार्थी ‘प्रताप’ के संस्थापक-संपादक थे और भगत सिंह उनके घनिष्ठ थे। 1931 के कानपुर सांप्रदायिक दंगों में हिंदू-मुस्लिम एकता बनाए रखने की कोशिश में विद्यार्थी की हत्या हो गई — उन्हें ‘शहीद पत्रकार’ के रूप में याद किया जाता है। बिजौलिया आंदोलन 1941 तक चला और अंततः जागीरदारों को किसानों की अधिकांश मांगें मानने पर विवश होना पड़ा।
37. निम्नलिखित में से कौन-सा एक जर्नल अबुल कलाम आजाद द्वारा प्रकाशित है?
(a) अल-हिलाल
(b) कॉमरेड
(c) दि इंडियन सोसियोलाजिस्ट
(d) जमींदार
I.A.S. (Pre) 2008 Uttarakhand U.D.A. / L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(a)
अबुल कलाम आजाद ने 1912 में उर्दू साप्ताहिक ‘अल-हिलाल’ (अर्थ: अर्धचंद्र) का प्रकाशन कलकत्ता से प्रारंभ किया। यह पत्र ब्रिटिश शासन की कड़ी आलोचना करता था और खिलाफत आंदोलन तथा हिंदू-मुस्लिम एकता का पक्षधर था। 1914 में प्रेस एक्ट के तहत इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जिसके बाद आजाद ने ‘अल-बलाग’ नाम से नया पत्र निकाला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘कॉमरेड’ मोहम्मद अली जौहर ने 1911 में दिल्ली से और ‘जमींदार’ जफर अली खान ने लाहौर से निकाला। ‘इंडियन सोशियोलॉजिस्ट’ श्यामजी कृष्ण वर्मा ने लंदन से 1905 में प्रकाशित किया — यह क्रांतिकारी विचारों का पत्र था जिसे भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया था।
38. मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ किसने आरंभ किया था?
(a) बाल गंगाधर तिलक ने
(b) बी.आर. अम्बेडकर ने
(c) वी.डी. सावरकर ने
(d) गोपाल कृष्ण गोखले ने
U.P.P.C.S. (Pre) 2004
उत्तर-(b)
डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को बंबई से मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ का प्रकाशन आरंभ किया। इससे पहले 1924 में उन्होंने ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ की स्थापना की थी — इस संस्था का ध्येय था: शिक्षित करना, उत्तेजित करना और संगठित करना। ‘बहिष्कृत भारत’ इन्हीं उद्देश्यों को व्यापक जनता तक पहुँचाने का माध्यम बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अम्बेडकर ने 1930 में ‘जनता’ और 1956 में ‘प्रबुद्ध भारत’ नामक पत्र भी निकाले। उनका पहला पत्र ‘मूकनायक’ (1920) था, जिसे लिखने के लिए शाहू महाराज (कोल्हापुर) ने आर्थिक सहायता दी थी — यह दलित पत्रकारिता का ऐतिहासिक प्रस्थान-बिंदु माना जाता है।
39. गांधीजी द्वारा शुरू किया गया एक साप्ताहिक-पत्र ‘हरिजन’ का प्रथम अंक 11 फरवरी, 1933 को निम्न शहरों में से कहां से प्रकाशित किया गया?
(a) बंबई (आज मुंबई) से
(b) अहमदाबाद से
(c) पूना (आज पुणे) से
(d) नासिक से
U.P. Lower Sub. (Mains) 2013
उत्तर-(c)
‘हरिजन’ साप्ताहिक का पहला अंक 11 फरवरी 1933 को पुणे (तत्कालीन पूना) से प्रकाशित हुआ। उस समय गांधीजी पुणे के यरवदा जेल में बंद थे और इसके संपादक आर.वी. शास्त्री थे। यह पत्र दलित उत्थान, अस्पृश्यता निवारण और सामाजिक समानता के विचारों का प्रमुख मंच बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘हरिजन’ पत्र का प्रकाशन उसी वर्ष हुआ जब गांधी-अम्बेडकर के बीच पुणे समझौता (सितंबर 1932) हुआ था, जिसमें दलितों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र की जगह आरक्षित सीटें स्वीकार की गईं। ‘हरिजन’ पत्रिका 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भी निलंबित हुई और अंततः 1948 में गांधीजी की हत्या के बाद स्थायी रूप से बंद हो गई।
40. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही का चयन कीजिए-
सूची-I (भाषा) सूची-II ( समाचार-पत्र)
A. भारत मित्र 1. बंगाली
B. राष्ट्रमत 2. गुजराती
C. प्रजामित्र 3. हिंदी
D. नायक 4. मराठी
कूट :
A B C D
(a) 1 2 4 3
(b) 2 3 1 4
(c) 3 4 2 1
(d) 4 1 3 2
U.P.P.C.S. (Pre) 2012
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2013
उत्तर-(c)
इस सुमेलन प्रश्न में — ‘भारत मित्र’ हिंदी भाषा का पत्र था जो 1878 में कलकत्ता से प्रारंभ हुआ और राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार करता था। ‘राष्ट्रमत’ मराठी भाषा में प्रकाशित होता था। ‘प्रजामित्र’ गुजराती भाषा का पत्र था। ‘नायक’ बांग्ला भाषा में प्रकाशित होता था। इस प्रकार सही सुमेलन A-3, B-4, C-2, D-1 है, जो विकल्प (c) से मेल खाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘भारत मित्र’ राष्ट्रीय आंदोलन के दौर में हिंदी पत्रकारिता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ था। इसी काल में बालकृष्ण भट्ट का ‘हिंदी प्रदीप’ (1877) और बाबू हरिश्चंद्र का ‘हरिश्चंद्र मैगजीन’ (1873) हिंदी पत्रकारिता को सामाजिक और साहित्यिक ऊँचाई दे रहे थे।
41. निम्नलिखित में से किसने ‘कौमी आवाज’ पत्र का आरंभ किया था?
(a) मौलाना अबुल कलाम आजाद
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) शौकत अली
(d) खलिक्कुज्जमान
U.P.P.C.S. (Mains) 2013
उत्तर-(b)
‘कौमी आवाज’ उर्दू भाषा का एक प्रमुख समाचार-पत्र था, जिसे जवाहरलाल नेहरू ने रफी अहमद किदवई के सहयोग से सन् 1945 में लखनऊ से प्रकाशित करना शुरू किया। इस पत्र के पहले संपादक हयातुल्लाह अंसारी थे, जिन्होंने इसे राष्ट्रीय आंदोलन और साम्प्रदायिक सद्भाव के प्रचार का माध्यम बनाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:नेहरू परिवार से जुड़े इस अखबार समूह को ‘नेशनल हेराल्ड’ (अंग्रेजी), ‘कौमी आवाज’ (उर्दू) और ‘नवजीवन’ (हिंदी) के रूप में तीन भाषाओं में प्रकाशित किया जाता था। नेशनल हेराल्ड की स्थापना भी जवाहरलाल नेहरू ने ही 1938 ई. में इलाहाबाद से की थी।
42. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही चुनिए-
सूची-I (समाचार-पत्र) सूची-II (संपादक)
A. हिंदू 1. दादाभाई नौरोजी
B. सुधारक 2. जी. के. गोखले
C. वायस ऑफ इंडिया 3. जी. सुब्रह्मण्यम अय्यर
D. बंगाली 4. एस. एन. बनर्जी
कूट :
A B C D
(a) 1 2 3 4
(b) 1 3 2 4
(c) 2 3 1 4
(d) 3 2 1 4
U.P. Lower Sub. (Pre) 2002
U.P. Lower Sub. (Pre) 2003
उत्तर-(d)
‘द हिंदू’ की स्थापना 1878 ई. में मद्रास में हुई थी और इसके संपादक जी. सुब्रह्मण्यम अय्यर थे, जो एक उदारवादी नेता भी थे। नरमपंथी कांग्रेस नेता गोपाल कृष्ण गोखले ‘सुधारक’ (मराठी) के संपादन से जुड़े थे, जिसकी स्थापना मूलतः गोपाल गणेश आगरकर ने की थी। ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ का संपादन दादाभाई नौरोजी ने किया, जबकि ‘बंगाली’ पत्र का संपादन सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:जी. सुब्रह्मण्यम अय्यर ने ‘द हिंदू’ के साथ-साथ तमिल भाषा में ‘स्वदेशमित्रन’ नामक पत्र भी प्रारंभ किया था, जो दक्षिण भारत का पहला दैनिक तमिल समाचार-पत्र माना जाता है।
43. निम्नलिखित में से किस समाचार-पत्र/पत्रिका से महात्मा गांधी संबंधित नहीं थे?
(a) इंडियन ओपीनियन
(b) यंग इंडिया
(c) नवजीवन
(d) युगांतर
U.P.P.C.S. (Mains) 2017
उत्तर-(d)
‘युगांतर’ एक बांग्ला क्रांतिकारी समाचार-पत्र था, जिसका प्रकाशन भूपेन्द्रनाथ दत्त और बारीन्द्र कुमार घोष ने सन् 1906 में कलकत्ता से शुरू किया था। यह पत्र महात्मा गांधी से संबंधित नहीं था, बल्कि क्रांतिकारी विचारधारा के प्रसार का माध्यम था। महात्मा गांधी ने ‘इंडियन ओपीनियन’ (दक्षिण अफ्रीका में), ‘यंग इंडिया’, ‘नवजीवन’ और ‘हरिजन’ जैसे पत्रों का संपादन किया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:भूपेन्द्रनाथ दत्त स्वामी विवेकानंद के छोटे भाई थे, और ‘युगांतर’ पत्र पर राजद्रोह के आरोप में अंग्रेज सरकार ने कई बार मुकदमे चलाए तथा प्रतिबंध भी लगाया।
44. नीचे स्वाधीनता संग्रामियों तथा उनके द्वारा प्रारंभ समाचार पत्रो के नाम दिए जा रहे हैं। इनमें से कौन-सा जोड़ा गलत है?
(a) मौलाना आजाद – अल-हिलाल
(b) लोकमान्य तिलक – केसरी
(c) जवाहरलाल नेहरू – नेशनल हेराल्ड
(d) महात्मा गांधी – द पायनियर
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(d)
‘द पायनियर’ की स्थापना 1865 ई. में इलाहाबाद में जॉर्ज एलेन ने की थी, और यह महात्मा गांधी से संबद्ध नहीं था। महात्मा गांधी द्वारा प्रारंभ किए गए पत्रों में इंडियन ओपीनियन, हरिजन, यंग इंडिया तथा नवजीवन शामिल हैं। बाकी तीनों जोड़े सही सुमेलित हैं – मौलाना आजाद का अल-हिलाल, तिलक का केसरी, तथा नेहरू का नेशनल हेराल्ड।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:‘द पायनियर’ अपने समय में अंग्रेज सरकार के पक्ष का समर्थक माना जाता था, जबकि रुडयार्ड किपलिंग जैसे प्रसिद्ध लेखक भी कुछ समय तक इस पत्र से जुड़े रहे थे।
45.सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही चुनिए-
सूची – I (समाचार-पत्र ) सूची-II (संपादक)
A. काल 1. सुरेंद्रनाथ बनर्जी
B. बंगाली 2. गोपाल कृष्ण गोखले
C. सुधारक 3. द्वारकानाथ विद्याभूषण
D. सोमप्रकाश 4. शिवराम महादेव परांजपे
कूट :
A B C D
(a) 4 1 2 3
(b) 4 1 3 2
(c) 3 1 4 2
(d) 3 1 2 4
U.P.P.C.S. (Mains) 2017
उत्तर-(a)
‘काल’ मराठी पत्र का संपादन शिवराम महादेव परांजपे करते थे, जो अपने उग्र राष्ट्रवादी विचारों के लिए जाने जाते थे। ‘बंगाली’ पत्र सुरेंद्रनाथ बनर्जी द्वारा संपादित था, जिसका दृष्टिकोण उदारवादी राजनीति के प्रचार से जुड़ा था। ‘सुधारक’ का संपादन गोपाल कृष्ण गोखले करते थे, और ‘सोमप्रकाश’ द्वारकानाथ विद्याभूषण द्वारा संपादित था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:शिवराम महादेव परांजपे को उनके उग्र लेखों के कारण ब्रिटिश सरकार द्वारा राजद्रोह के मामले में जेल भी भेजा गया था, और वे लोकमान्य तिलक के निकट सहयोगी माने जाते थे।
46. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही का चयन कीजिए-
सूची-I (समाचार-पत्र) सूची-II (प्रारंभ करने वाला व्यक्ति)
A. बॉम्बे क्रॉनिकल 1. एनी बेसेंट
B. कॉमनवील 2. मदन मोहन मालवीय
C. लीडर 3. फिरोजशाह मेहता
D. सर्चलाइट 4. सच्चिदानंद सिन्हा
कूट :
A B C D
(a) 1 4 3 2
(b) 2 3 4 1
(c) 3 1 2 4
(d) 4 2 1 3
U.P.P.C.S. (Pre) 2002 U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर- (c)
‘बॉम्बे क्रॉनिकल’ की शुरुआत फिरोजशाह मेहता ने की थी, जो एक प्रमुख उदारवादी नेता थे। एनी बेसेंट ने ‘न्यू इंडिया’ के साथ-साथ ‘कॉमनवील’ नामक पत्र भी प्रकाशित किया। ‘लीडर’ की स्थापना मदन मोहन मालवीय ने इलाहाबाद से की, जबकि ‘सर्चलाइट’ पत्र सच्चिदानंद सिन्हा द्वारा पटना से प्रकाशित किया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:सच्चिदानंद सिन्हा को बिहार और उड़ीसा की पहली विधान परिषद का अध्यक्ष होने का गौरव प्राप्त है, और उन्हें स्वतंत्र भारत की संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष भी बनाया गया था।
47. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही का चयन कीजिए- सूची-I ( समाचार-पत्र) सूची-II (आरंभ करने वाला/प्रकाशक)
A. लीडर 1. मदन मोहन मालवीय
B. बॉम्बे क्रॉनिकल 2. फिरोजशाह मेहता
C. इंडिपेंडेंट 3. टी.एम. नायर
D. जस्टिस 4. मोतीलाल नेहरू
कूट :
A B C D
(a) 1 2 4 3
(c) 4 3 2 1
(b) 3 2 1 4
(d) 4 1 2 3
U.P.P.C.S. (Mains) 2014
उत्तर-(a)
‘लीडर’ पत्र की स्थापना मदन मोहन मालवीय ने इलाहाबाद से की थी, जो उदारवादी राजनीति का प्रमुख मुखपत्र बना। ‘बॉम्बे क्रॉनिकल’ फिरोजशाह मेहता द्वारा प्रारंभ किया गया, जबकि ‘इंडिपेंडेंट’ पत्र मोतीलाल नेहरू ने इलाहाबाद से शुरू किया था। ‘जस्टिस’ पत्र टी.एम. नायर द्वारा प्रकाशित होता था, जो जस्टिस पार्टी (दक्षिण भारत) के विचारों का प्रचार करता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:मोतीलाल नेहरू ने ‘इंडिपेंडेंट’ पत्र की स्थापना 1919 ई. में की थी, जिसका उद्देश्य कांग्रेस के विचारों का प्रचार करना था, और बाद में यह पत्र आर्थिक कठिनाइयों के कारण बंद हो गया।
48. निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है? (समाचार-पत्र ) (संस्थापक)
(a) अल-हिलाल – मौलाना अबुल कलाम आजाद
(b) न्यू इंडिया – एनी बेसेंट
(c) तहजीब-उल-आख्लाक – मोहम्मद अली जिन्ना
(d) संवाद कौमुदी – राजा राममोहन राय
U.P. B.E.O. (Pre) 2019
उत्तर-(c)
‘तहजीब-उल-आख्लाक’ पत्र की स्थापना मोहम्मद अली जिन्ना ने नहीं, बल्कि सर सैय्यद अहमद खान ने उर्दू भाषा में सन् 1871 ई. में की थी, जो लगभग 1897 ई. तक प्रकाशित होता रहा। बाकी तीनों जोड़े सही हैं – ‘अल-हिलाल’ मौलाना अबुल कलाम आजाद द्वारा, ‘न्यू इंडिया’ एनी बेसेंट द्वारा, तथा ‘संवाद कौमुदी’ राजा राममोहन राय द्वारा प्रकाशित किया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:सर सैय्यद अहमद खान ने अलीगढ़ आंदोलन के तहत मुस्लिम समाज में आधुनिक शिक्षा के प्रसार हेतु 1875 ई. में मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना भी की थी, जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना।
49. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
(a) नवजीवन-एम.के. गांधी
(b) स्वराज्य-टी. प्रकाशम
(c) प्रभात-एन.सी. केलकर
(d) कौमी आवाज अबुल कलाम आज़ाद
U.P.R.O./ A.R.O. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
‘कौमी आवाज’ पत्र की स्थापना मौलाना अबुल कलाम आजाद ने नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू और रफी अहमद किदवई ने 1945 ई. में लखनऊ से की थी। बाकी तीनों जोड़े सही हैं – ‘नवजीवन’ महात्मा गांधी से, ‘स्वराज्य’ टी. प्रकाशम से, तथा ‘प्रभात’ एन.सी. केलकर से संबद्ध था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:टी. प्रकाशम को आगे चलकर “आंध्र केसरी” की उपाधि दी गई और वे स्वतंत्र भारत में आंध्र राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने, जबकि एन.सी. केलकर बाल गंगाधर तिलक के निकट सहयोगी और ‘केसरी’ पत्र से भी जुड़े रहे।
50. ‘दशरोजा’ पत्रिका राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान किसने प्रारंभ की थी?
(a) मुहम्मद अली जिन्ना
(b) अब्दुल गफ्फार खां
(c) लाला लाजपत राय
(d) बाल गंगाधर तिलक
Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर-(b)
‘दशरोजा’ नामक पत्रिका की शुरुआत खान अब्दुल गफ्फार खां ने की थी, जो उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (वर्तमान पाकिस्तान का खैबर-पख्तूनख्वा क्षेत्र) के एक प्रमुख राष्ट्रवादी नेता थे और ‘सीमांत गांधी’ के नाम से प्रसिद्ध हुए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:अब्दुल गफ्फार खां ने पश्तून समाज में सुधार और राष्ट्रवादी चेतना फैलाने के लिए ‘खुदाई खिदमतगार’ संगठन की स्थापना की थी, जो अहिंसा के सिद्धांत पर आधारित था। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (1987) से भी सम्मानित किया गया था।
51. निम्नलिखित में से कौन एक सही सुमेलित है?
(a) महात्मा गांधी – मूक नायक
(b) बाल गंगाधर तिलक – यंग इंडिया
(c) एनी बेसेंट – कॉमनवील
(d) बी.आर. अम्बेडकर – केसरी
U.P.P.C.S. (Pre) 2001 U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर-(c)
एनी बेसेंट और ‘कॉमनवील’ पत्र का सुमेलन सही है, क्योंकि उन्होंने इस अंग्रेजी पत्र का प्रकाशन मद्रास से किया था। बाकी जोड़े सही नहीं हैं – ‘यंग इंडिया’ महात्मा गांधी से संबद्ध था, ‘केसरी’ बाल गंगाधर तिलक से, तथा ‘मूक नायक’ भीमराव अम्बेडकर से जुड़ा हुआ था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:भीमराव अम्बेडकर ने ‘मूक नायक’ के अतिरिक्त ‘बहिष्कृत भारत’, ‘समता’ और ‘जनता’ नामक पत्र भी प्रकाशित किए थे, जो दलित वर्ग की आवाज़ को सामने लाने के उद्देश्य से शुरू किए गए थे।
52. सही जोड़े बनाइए तथा नीचे दिए गए कूट से सही चुनिए- (a) बिपिन चंद्र पाल (1) न्यू इंडिया
(b) अरविंद घोष (2) कॉमरेड
(c) ब्रह्मबांधव उपाध्याय (3) वंदे मातरम्
(d) मुहम्मद अली (4) संध्या
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(a) (1) (3) (4) (2)
(b) (2) (1) (4) (2)
(c) (2) (1) (4) (3)
(d) (1) (3) (2) (4)
M.P.P.C.S. (Pre) 2008
उत्तर-(a)
बिपिन चंद्र पाल का संबंध ‘न्यू इंडिया’ पत्र से था, जिसे उन्होंने स्वयं प्रारंभ किया था। अरविंद घोष क्रांतिकारी पत्र ‘वंदे मातरम्’ के संपादक रहे, जबकि ब्रह्मबांधव उपाध्याय ने ‘संध्या’ नामक बांग्ला पत्र निकाला। मुहम्मद अली ने ‘कॉमरेड’ नामक अंग्रेजी पत्र की शुरुआत की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:ब्रह्मबांधव उपाध्याय मूलतः एक हिंदू ब्राह्मण थे जो बाद में ईसाई धर्म अपनाकर भी हिंदू संस्कृति और राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक बने रहे, और उन्होंने ‘संध्या’ के माध्यम से उग्र राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार किया।
53. नीचे दिए गए विकल्पों में से राष्ट्रवादी समाचार-पत्रों द हिंदू, केसरी, बंगाली, हिंदुस्तानी, सुधारक के संपादकों के नामों का सही संयोजन ज्ञात कीजिए
(a) सुरेंद्रनाथ बनर्जी, जी. सुब्रमण्यम अय्यर, बाल गंगाधर तिलक, गंगा प्रसाद वर्मा, गोपाल कृष्ण गोखले
(b) बाल गंगाधर तिलक, जी. सुब्रमण्यम अय्यर, सुरेंद्रनाथ बनर्जी, गंगा प्रसाद वर्मा, गोपाल कृष्ण गोखले
(c) जी. सुब्रमण्यम अय्यर, बाल गंगाधर तिलक, गंगा प्रसाद वर्मा, गोपाल कृष्ण गोखले, सुरेंद्रनाथ बनर्जी
(d) जी. सुब्रमण्यम अय्यर, बाल गंगाधर तिलक, सुरेंद्रनाथ बनर्जी, गंगा प्रसाद वर्मा, गोपाल कृष्ण गोखले
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
64th B.P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर-(d)
‘द हिंदू’ का संपादन जी. सुब्रमण्यम अय्यर करते थे, ‘केसरी’ बाल गंगाधर तिलक द्वारा संपादित था, तथा ‘बंगाली’ सुरेंद्रनाथ बनर्जी से संबद्ध था। ‘हिंदुस्तानी’ पत्र का संपादन गंगा प्रसाद वर्मा करते थे, जबकि ‘सुधारक’ गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा संपादित किया जाता था। इस क्रम के अनुसार विकल्प (d) सही उत्तर है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:गंगा प्रसाद वर्मा उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख समाज सुधारक और कांग्रेस नेता थे, जिन्होंने लखनऊ से ‘हिंदुस्तानी’ नामक पत्र के माध्यम से शिक्षा और सामाजिक सुधार के विचारों का प्रसार किया।
54. निम्न में से कौन सुमेलित क्रम में है?
(a) एनी बेसेंट – यंग इंडिया
(b) महात्मा गांधी – न्यू इंडिया
(c) बी.जी. तिलक – केसरी
(d) सुरेंद्रनाथ बनर्जी – मराठा
U.P.P.C.S. (Pre) 1992
उत्तर-(c)
बाल गंगाधर तिलक और ‘केसरी’ का सुमेलन सही है, क्योंकि तिलक ने यह मराठी पत्र पुणे से प्रारंभ किया था। बाकी विकल्प सही नहीं हैं – एनी बेसेंट ‘न्यू इंडिया’ से जुड़ी थीं, महात्मा गांधी ‘यंग इंडिया’ से, तथा तिलक का ‘मराठा’ (अंग्रेजी पत्र) से भी संबंध था, न कि सुरेंद्रनाथ बनर्जी का।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:तिलक ने ‘केसरी’ और ‘मराठा’ दोनों पत्रों की शुरुआत 1881 ई. में पुणे से एक साथ की थी – ‘केसरी’ मराठी भाषा में तथा ‘मराठा’ अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित होता था।
55. निम्नलिखित में से कौन एक सही सुमेलित नहीं है ?
(a) बी.आर. अम्बेडकर – इंडिपेंडेंट
(b) बाल गंगाधर तिलक – केसरी
(c) एनी बेसेंट – न्यू इंडिया
(d) दादाभाई नौरोजी – रास्त गोफ्तार
U.P.P.C.S. (Mains) 2008
उत्तर-(a)
‘इंडिपेंडेंट’ पत्र बी.आर. अम्बेडकर से संबद्ध नहीं था, बल्कि इसकी स्थापना मोतीलाल नेहरू ने भारत के लिए स्वशासन की मांग को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की थी। बाकी तीनों जोड़े सही हैं – ‘केसरी’ तिलक से, ‘न्यू इंडिया’ एनी बेसेंट से, तथा ‘रास्त गोफ्तार’ दादाभाई नौरोजी से संबद्ध था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:‘रास्त गोफ्तार’ गुजराती भाषा का एक प्रमुख पत्र था जिसकी स्थापना दादाभाई नौरोजी ने 1851 ई. में की थी, और यह पारसी समुदाय में सामाजिक सुधारों के प्रचार का महत्वपूर्ण माध्यम बना।
56. सूची – I को सूची – II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही चुनिए
सूची – I सूची -II
A. समाचार दर्पण 1. राजा राममोहन राय
B. मिरात-उल अखबार 2. बी.जी. तिलक
C. केसरी 3. महात्मा गांधी
D. यंग इंडिया 4. जे.सी. मार्शमैन
कूट :
A B C D
(a) 2 1 4 3
(b) 4 3 2 1
(c) 2 3 4 1
(d) 4 1 2 3
R.O./A.R. O. (Pre) 2017
उत्तर-(d)
‘समाचार दर्पण’ बांग्ला भाषा का पहला समाचार-पत्र था, जिसका प्रकाशन जे.सी. मार्शमैन के संपादन में सेरामपुर मिशन से हुआ। ‘मिरात-उल-अखबार’ राजा राममोहन राय द्वारा फारसी भाषा में प्रकाशित किया गया था। ‘केसरी’ का संपादन बी.जी. तिलक करते थे, जबकि ‘यंग इंडिया’ महात्मा गांधी द्वारा संपादित पत्र था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:‘समाचार दर्पण’ का प्रकाशन 1818 ई. में प्रारंभ हुआ था, और यह भारत में प्रकाशित होने वाला पहला बांग्ला भाषा का समाचार-पत्र माना जाता है, जिसे सेरामपुर के बैप्टिस्ट मिशनरियों ने प्रारंभ किया था।
57. निम्नलिखित में से एनी बेसेंट द्वारा निकाले जाने वाले दो अखबारकौन से थे?
1. कॉमनवील 2, न्यू इंडिया
3. न्यू हिंदू 4. दी आर्यन्स
नीचे दिए गए कूट से सही नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
(a) 1 एवं 2
(b) 1 एवं 3
(c) 2 एवं 4
(d) 3 एवं 4
U.P.P.C.S. (Pre) 2004 U.P.P.C.S. (Mains) 2002
उत्तर-(a)
‘कॉमनवील’ और ‘न्यू इंडिया’ दोनों ही एनी बेसेंट द्वारा प्रकाशित अंग्रेजी पत्र थे, जिनके माध्यम से उन्होंने होम रूल आंदोलन और स्वशासन की मांग का प्रचार किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:एनी बेसेंट मूलतः आयरिश थीं और थियोसोफिकल सोसाइटी की प्रमुख सदस्य रहीं, बाद में उन्होंने 1916 ई. में होम रूल लीग की स्थापना भी की, जिसके माध्यम से भारतीय स्वशासन की मांग को व्यापक जनसमर्थन मिला।
58.’कॉमनवील’ पत्र किससे जुड़ा है?
(a) बी.जी. तिलक से
(b) एनी बेसेंट से
(c) जी. के. गोखले से
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2013
उत्तर-(b)
‘कॉमनवील’ एक अंग्रेजी भाषा का साप्ताहिक पत्र था जिसका प्रकाशन मद्रास से हुआ, और इसकी संपादिका एनी बेसेंट थीं, जिन्होंने इस पत्र के माध्यम से राजनीतिक सुधारों और होम रूल आंदोलन का प्रचार किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:एनी बेसेंट को 1917 ई. में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता करने का अवसर मिला, और वे कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनीं।
59.निम्नलिखित में से कौन क्रांतिकारी पत्र ‘वंदे मातरम्’ का संपादक था?
(a) श्यामजी कृष्ण वर्मा
(b) भीकाजी कामा
(c) वी. डी. सावरकर
(d) जी. डी. सावरकर
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर-(*)
‘वंदे मातरम्’ पत्र का प्रथम प्रकाशन 6 अगस्त, 1906 को कलकत्ता से हुआ था। प्रारंभ में 6 अगस्त से 15 अक्टूबर 1906 तक बिपिन चंद्र पाल इसके संपादक रहे, इसके बाद 24 अक्टूबर 1906 से 27 मई 1907 तक अरविंद घोष ने संपादन कार्य संभाला, जब यह पत्र दैनिक रूप में प्रकाशित होता था। बाद में 2 जून 1907 से इसका साप्ताहिक संस्करण भी शुरू हुआ, और 28 मई से 22 दिसंबर 1907 तक अरविंद घोष के संपादन में ही दैनिक तथा साप्ताहिक दोनों संस्करण साथ-साथ चलते रहे। कुछ समय बाद यह पत्र बंद हो गया, परंतु 10 सितंबर 1909 को पेरिस से ‘वंदे मातरम्’ नाम से एक नया पत्र प्रकाशित हुआ, जिसके संपादक लाला हरदयाल थे तथा इसके प्रकाशन व वितरण का दायित्व मैडम भीकाजी कामा ने संभाला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:अरविंद घोष बाद में आध्यात्मिक जीवन की ओर मुड़ गए और पांडिचेरी में ‘श्री अरविंद आश्रम’ की स्थापना की, जो आज भी एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है। लाला हरदयाल ने ही 1913 ई. में अमेरिका में ‘गदर पार्टी’ की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
60. सुमेलित करो सूची-‘A’ से सूची ‘B’ को-
सूची-‘A’ (एडिटर्स) सूची-‘B'(समाचार-पत्र/पत्रिकाएं)
(a) एस.ए. डान्गे (i) नवयुग
(b) मुजफ्फ़र अहमद (ii) इन्कलाब
(c) गुलाम हुसैन (iii) लेबर-किसान गजट
(d) एम. सिन्गरवेलू (iv) द सोशलिस्ट
कूट :
(a) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
(b) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
(c) (a)-(ii), (b)-(iii),(c)-(i), (d)-(iv)
(d) (a)-(iii),(b)-(iv),(c)-(ii), (d)-(i)
R.A.S./R.T.S. (Pre) 2013
उत्तर-(b)
एस.ए. डांगे ‘द सोशलिस्ट’ पत्र से जुड़े थे, जिन्हें भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन का संस्थापक सदस्य माना जाता है। मुजफ्फर अहमद का संबंध ‘नवयुग’ से, गुलाम हुसैन का ‘इन्कलाब’ से, तथा एम. सिंगरवेलू का संबंध ‘लेबर-किसान गज़ट’ पत्र से था, जो श्रमिक और किसान आंदोलन के विचारों का प्रचार करता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:एम. सिंगरवेलू को दक्षिण भारत में मजदूर आंदोलन का जनक माना जाता है, और उन्होंने 1923 ई. में मद्रास में भारत की पहली मई दिवस (मजदूर दिवस) रैली का आयोजन भी किया था।

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