➣ भारत पर सबसे विख्यात विदेशी आक्रमण सिकंदर का था हालाँकि वह भारत पर शासन नहीं कर सका उसे अपने सैनिको के समक्ष झुकना पड़ा और उसे वापस स्वदेश लौटना पड़ा।
➣ भारत पर आक्रमण करने वाले मुस्लिम शासक एकमात्र ऐसे आक्रमणकारी थे जिन्होंने भारतीय भूमि में एक नया धर्म, मुस्लिम धर्म, की नीवं रखी।
➣ हालाँकि इससे पहले भी कई आक्रमण हुए थे किन्तु उन आक्रमणकारियों में किसी ने बौद्ध धर्म (हिंद-यवन) अपना लिया जबकि कोई शैव धर्म (शक, प्रथियाई, कुषाण, हूण) के उपासक थे।
➣ इस प्रकार भारत पर हुए आक्रमणों को दो भागों में बांटा जा सकता है- ❑ पहला मुस्लिम आक्रमण (क्रमश: अरबी व तुर्की) जिनका उद्देश्य में भारत में मुस्लिम धर्म की स्थापना था, यद्दपि कुछ मुस्लिम आक्रमणकारी धन सम्पदा से आकृष्ट हुए किन्तु इससे भारत में मुस्लिम धर्म को बढ़ावा मिला। ❑ जबकि दुसरे सभी प्राचीन आक्रमण का उद्देश्य साम्राज्य विस्तार एंव धन-संपदा से आकर्षित होना था।
➣ उल्लेखनीय है मंगोल नेता चंगेज खां अपने दुश्मन का पीछा करते हुए भारतीय सीमा पर लगभग 1398 ई. में आया था लेकिन वह सिन्धु नदी से वापस भी लौट गया इस प्रकार भारत उसके आक्रमण से बच गया था इस समय दिल्ली की गद्दी पर इल्तुतमिश बैठा था।
ईरानी या फ़ारसी आक्रमण
ईरानी सम्राट साइरस (हखामनी साम्राज्य)
➣ भारत पर पहला विदेशी आक्रमण करने का प्रयास 550 ई.पू. में ईरानी शासक साइरस द्वारा किया गया हालाँकि यह असफल रहा।
➣ दारा प्रथम/डेरियस/डायरवहु द्वारा भारत पर आक्रमण करने में सबसे पहले सफलता प्राप्त की तथा 516 ईपू में सर्वप्रथम गांधार को जीतकर फारसी साम्राज्य में मिलाया।
➣ इतिहासकार हेरोडोटस ने कहा है कि भारत का पश्चिमोत्तर क्षेत्र दारा प्रथम के साम्राज्य का 20वां प्रान्त था
यूनानी आक्रमण
सिकन्दर (मकदूनिया/मैसीडोनिया राज्य)-326 ई.पू.
➣ हखामनी आक्रमण के बाद पश्चिमोत्तर भारत पर यूरोपीय मैसीडोन शासक सिंकदर का आक्रमण हुआ।
➣ सिकंदर ने 331 ई.पू. प्रसिद्ध अरवेला के युद्ध में ईरानी शासक दारा तृतीय (डेरियस तृतीय) को बुरी तरह परास्त किया जिससे भारत से ईरानी अधिकार समाप्त हो गए।
➣ 326 ई.पू. में बैक्ट्यिा (अफगानिस्तान) को जीतने के बाद काबुल होता हुआ। हिन्दुकुश पर्वत को पार किया। किन्तु व्यास नदी से वापस लौट गया।
➣ सिकंदर की मृत्यु के पश्चात सेनापति सेल्यूकस निकेटर ने आक्रमण किया जिसे समकालीन सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य ने परास्त किया। फलत: सिकंदर द्वारा जीते प्रदेश भारत में वापस मिल गए।
➣ सिकन्दर के आक्रमण के समय मगध पर धानन्द था जबकि सेनापति निकेटर के समय चन्द्रगुप्त मौर्य (322-298 ई.पू.) मगध की गद्दी पर आसीन था।
हिंद-यवन का आक्रमण
डेमेट्रियस प्रथम-190 ई.पू.
➣ 190 ई.पू. में उत्तर-पश्चिमी भारत के विशाल क्षेत्र पर अधिकार कर लिया। जो क्षेत्र सिकंदर के जीते क्षेत्र से भी विशाल था।
शकों का आक्रमण
रुद्रदामन -90 ई.पू.
➣ 90 ई.पू. में भारत तथा अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में, गौतमी पुत्र सतकर्णी (सातवाहन साम्राज्य से ) व अन्य शासकों द्वारा खदेड़े गए।
पार्थियाई या पहलव आक्रमण
माउस-1 सदी ई.पू.
➣ 1 सदी ई.पू. का अन्त उत्तर-पश्चिमी भारत के क्षेत्र पर अधिकार कर लिया। भारत में वास्तविक पहलव साम्राज्य का संस्थापक मिथ्रेंडेट्स-I था।
कुषाण या यूची का आक्रमण
कडफिज़ प्रथम या कुजुल कडफिसेस-15 ई.
➣ 15 ई. उत्तर-अफगानिस्तान पर कब्ज़ा कर हिन्दू कुश पर्वत को पार कर गांधार
➣ कुषाण से ही कनिष्क राजा हुए। जिसने 58 ई.पू. में शक संवत चलाया जो भारत सरकार द्वारा प्रयोग में लाया जाता है।
➣ सर्वाधिक शुद्ध सोने के सिक्के कुषाण शासकों ने ही चलाये थे जबकि सर्वाधिक सोने के सिक्के गुप्तशासकों ने चलाए।
हूणों का आक्रमण
तिगिन एंव खुशनेबाज
➣ स्कंदगुप्त (455-468 ई.) के शासनकाल के अंत समय में हूणों का असफल आक्रमण।
➣ स्कन्दगुप्त के समय में हूण गान्धार से आगे नहीं बढ़ सके। उसके शासन काल में साम्राज्य प्रायः हूणों से अक्षुण्ण रहा।
➣ स्कन्दगुप्त यूरोप व एशिया का पहला शासक था जिसने हूणों को परास्त किया।
तिगिन एंव मिहिरकुल
➣ स्कंदगुप्त की मृत्यु के पश्चात् तोरमाण द्वारा सफल आक्रमण।
➣ 485 ई. तक पूर्वी मालवा और मध्य भारत के बड़े हिस्सों पर कब्जा कर लिया।
➣ तोरमाण के पश्चात उसका पुत्र मिहिरकुल उत्तराधिकारी हुआ। कालांतर में वह मालवा के यशोधर्मन से परास्त हुआ।
अरबी-मुस्लिम आक्रमण
➣ 636-37 ई. में सिंध महासागर से खलीफा उमर के समय असफल आक्रमण।
मुहम्मद बिन कासिम-712 ई.
➣ 712 ई. में मुहम्मद बिन कासिम (712-715 ई.) के नेतृत्व में सफल आक्रमण। किन्तु भारत पर प्रभाव जमाने असफल।
➣ गुर्जर प्रतिहार शासक नागभट्ट एंव बप्पा रावले (गहलौत वंश के संस्थापक) ने अरबियों को गंधार तक खदेड़ दिया।
➣ भारत (सिंध क्षेत्र : आधुनिक पाकिस्तान) में जजिया कर लगाने वाला प्रथम मुस्लिम शासक मुहम्मद बिन कासिम था। 715ई.में उसकी मृत्यु भी हो गयी।
तुर्की-मुस्लिम आक्रमण
सुबुक्तगीन-986 ई
➣ अलप्तगीन का ग़ुलाम व दामाद, ग़ज़नवी वंश (यामिनी वंश) से।
➣ यह 986 ई. में भारत पर आक्रमण करने वाला प्रथम तुर्क शासक था, इस समय गंधार का का शासक हिन्दुशाही राजा जयपाल था, जयपाल पराजित हुआ।
महमूद गजनी-1001 ई.
➣ सुल्तान की उपाधि धारण करने वाला प्रथम तुर्क शासक , सुबुक्तगीन का पुत्र, 1001 ई. में भारत पर पहला आक्रमण।
➣ 1025 ई. में सोमनाथ मंदिर (सौराष्ट्र) को लूटा। इस समय भीम प्रथम वहां का शासक था।
मुहम्मद गौरी-1175 ई.
➣ 1175 ई. में भारत पर प्रथम आक्रमण। फलस्वरूप मुल्तान विजय।
➣ 1178 ई. गुजरात शासक मूलराज द्वितीय या भीम द्वितीय से परास्त। भारत में पहली पराजय।
➣ तराईन का पहला युद्ध (1191ई.) पृथ्वी राज चौहान के पक्ष में रहा जबकि तराईन का द्वितीय युद्ध (1192 ई.) गौरी के पक्ष में रहा। फलस्वरूप अजमेर व दिल्ली पर अधिकार।
➣ भारत में मुस्लिम साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक मुहम्मद गौरी था।
मंगोल आक्रमण
चंगेज़ ख़ाँ – लगभग 1236 ई.
➣ दुश्मन का पीछा करता हुआ सिंधु नदी तक आया परन्तु सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़ा।
➣ इसके समकालीन शासक भारत में इल्तुतमिश (1210-1236 ई.) था।/p>
तैमूर लंग – 1398 ई.
➣ मेसोपोटामिया, फ़ारस और अफ़ग़ानिस्तान को विजित कर भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली तक बढ़ आया।
➣ इसके समय भारत में तुगलक शासक नसीरुद्दीन मुहम्मद/नुसरत शाह (1394-1398 ई.) था।
➣ 15 दिनों तक दिल्ली लूटपाट व कत्लेआम करने के पश्चात् ख्रिज खां को अपने विजित प्रदेश सौंपकर वापस लौट गया।
➣ कुछ समय पश्चात् तुगलक वंश समाप्त और सैय्यद वंश (ख्रिज खां द्वारा ) की नींव पड़ी।
मुग़ल आक्रमण
बाबर-1519
➣ बाबर के नेतृत्व में सर्वप्रथम 1919 में युसूफ जाई जाति के विरुद्ध सफल अभियान।
➣ 1526 ई. में पानीपत के प्रथम युद्ध में दिल्ली सल्तनत के सुल्तान इब्राहीम लोदी की पराजय के साथ ही भारत में मुग़ल वंश की स्थापना।
➣ बहादुर शाह जफ़र या बहादुर शाह द्वितीय के समय 1857 की क्रांति के पश्चात् मुग़ल वंश का सदा के लिए अंत।
➣ ये पहले व अंतिम विदशी आक्रमणकारी थे जिहोने हिंदुस्तान पर 300 वर्षों से भी अधिक राज किया।
ईरान का आक्रमण
नादिरशाह-1739
➣ नादिरशाह फ़ारस का शासक। उपनाम : ईरान का नेपोलियन।
➣ समकालीन शासक मुग़ल बादशाह मुहम्मद शाह या रोशन अख्तर (1719-48 ई.), दोनों के मध्य करनाल का युद्ध (1739ई.) हुआ, मुग़ल बादशाह परास्त हुआ।
➣ लगभग 1/2 महीने तक दिल्ली में लूटपाट व कत्लेआम किया और वापस लौट गया।
➣ यह कोहिनूर हीरे के साथ शाहजहां द्वारा बनवाया तख-ए-ताऊस (मयूर सिंहासन) भी ले गया।
➣ कोहिनूर हीरा बाद में नादिरशाह के उत्तरधिकारियों ने महाराज रणजीत सिंह को भेंट किया।
➣ रणजीत सिंह के उत्तराधिकारियों में दिलीप सिंह ने समझौते के तहत हीरे को महारानी की महारानी को भेंट किया।
अहमद शाह अब्दाली-1748
➣ अब्दाली दुर्रानी साम्राज्य से था। जिसने 7 बार आक्रमण किया।
➣ आक्रमणों में प्रमुख पानीपत का तृतीय युद्ध (1761ई.) (मराठा और अब्दाली के मध्य) हुआ। मराठा परास्त हुए।
➣ गवर्नर नियुक्त कर वापस चला गया।
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