1.1906 में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई थी-
M.P.P.CS. (Pre)1992
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(d)
अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना दिसंबर 1906 में ढाका में अखिल भारतीय मुहम्मडन शैक्षिक सम्मेलन के अवसर पर हुई थी। ढाका के नवाब सलीमुल्लाह खान ने इस अवसर पर मुसलमानों के लिए एक पृथक राजनीतिक संगठन बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इससे पहले अक्टूबर 1906 में आगा खां के नेतृत्व में मुसलमानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में वायसराय लॉर्ड मिंटो से भेंट कर पृथक प्रतिनिधित्व की मांग की थी, जिसे “शिमला डेपुटेशन” कहा जाता है। आगे चलकर 1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधारों में मुसलमानों को पृथक निर्वाचक मंडल की सुविधा दी गई।
2.निम्नलिखित में किसने ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की स्थापना की थी ?
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
U.P.P.C.S. (Pre) 2007
U.P.P.C.S. (Pre) 2007
उत्तर-(d)
जब प्रश्न में मुस्लिम लीग की स्थापना से जुड़ी एक से अधिक हस्तियों के नाम विकल्प में दिए जाते हैं, तो “संस्थापक” के रूप में नवाब सलीमुल्लाह खान को सर्वोच्च वरीयता दी जाती है, क्योंकि दिसंबर 1906 के ढाका सम्मेलन में संगठन बनाने का मूल प्रस्ताव उन्हीं की ओर से रखा गया था। इस अवसर पर 56 सदस्यीय अस्थायी समिति गठित कर मोहसिन-उल-मुल्क व वकार-उल-मुल्क को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लीग का प्रारंभिक उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के प्रति वफादारी बनाए रखना और मुसलमानों के राजनीतिक हितों की रक्षा करना था; वर्ष 1913 के लखनऊ अधिवेशन में संगठन ने पहली बार “स्वशासन” (Self-Government) को अपना लक्ष्य घोषित किया, और उसी वर्ष मोहम्मद अली जिन्ना भी इसके सदस्य बने।
3.मुस्लिम लीग का प्रथम अध्यक्ष कौन था?
U.P. P.C.S (Pre) 1997
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2015
उत्तर-(a)
अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के प्रथम अध्यक्ष आगा खां तृतीय (सुल्तान मोहम्मद शाह) बनाए गए, जिन्हें दिसंबर 1906 के ढाका अधिवेशन में यह दायित्व सौंपा गया। इन्हीं के नेतृत्व में अक्टूबर 1906 में मुसलमानों के शिमला प्रतिनिधिमंडल ने वायसराय लॉर्ड मिंटो से भेंट की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: आगा खां तृतीय इस्माइली शिया मुसलमानों के आध्यात्मिक प्रमुख (इमाम) थे और बाद में वर्ष 1937 में वे राष्ट्र संघ (League of Nations) के अध्यक्ष भी बने। मुस्लिम लीग का स्थायी मुख्यालय कालांतर में लखनऊ में स्थापित किया गया।
4. मुस्लिम लीग के संस्थापक थे-
U.P.P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(c)
मुस्लिम लीग की स्थापना के समय लियाकत अली खान, शौकत अली अथवा एम.ए. जिन्ना की कोई भूमिका नहीं थी; यह संगठन दिसंबर 1906 में ढाका में अस्तित्व में आया और इसके प्रस्तावक नवाब सलीमुल्लाह खान थे। लियाकत अली खान बाद में लीग से जुड़े और आगे चलकर पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री बने, जबकि मोहम्मद अली जिन्ना 1913 में संगठन में शामिल हुए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जिन्ना ने 1916 के लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुए प्रसिद्ध “लखनऊ समझौते” (Lucknow Pact) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसके कारण उन्हें उस समय “हिंदू-मुस्लिम एकता का दूत” भी कहा गया।
5.1907 में मुस्लिम लीग का वार्षिक अधिवेशान कहां हुआ था?
U.P. Lower Sub. (Pre) 2008
उत्तर-(b)
मुस्लिम लीग की स्थापना के एक वर्ष बाद, दिसंबर 1907 में इसका प्रथम वार्षिक अधिवेशन कराची में आयोजित हुआ। इसके अगले वर्ष, 1908 में, लीग का अधिवेशन अमृतसर में हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लीग का औपचारिक संविधान भी इसी कराची अधिवेशन (1907) में स्वीकृत किया गया था, तथा संगठन का स्थायी मुख्यालय बाद में लखनऊ में स्थापित किया गया, जहाँ से आगे चलकर इसकी अधिकांश गतिविधियाँ संचालित हुईं।
6.अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना किस वर्ष में हुई थी ?
M.P.P.C.S. (Pre) 2014
उत्तर-(d)
अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना वर्ष 1906 में हुई, जब दिसंबर माह में ढाका में आयोजित अखिल भारतीय मुहम्मडन शैक्षिक सम्मेलन के अवसर पर इस राजनीतिक संगठन के गठन का निर्णय लिया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी वर्ष अक्टूबर में शिमला में मुसलमानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वायसराय लॉर्ड मिंटो से भेंटकर पृथक निर्वाचन की मांग रखी थी, जो आगे चलकर लीग की स्थापना की पृष्ठभूमि बनी। उल्लेखनीय है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885) के लगभग 21 वर्ष बाद मुस्लिम लीग अस्तित्व में आई थी।
7.1906 में मिंटो से शिमला में मिले मुसलमानों के शिष्टमंडल ने प्रार्थना की-
46th B.P.S.C. (Pre) 2004
उत्तर-(a)
1 अक्टूबर, 1906 को आगा खां के नेतृत्व में मुसलमानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड मिंटो से भेंट कर प्रांतीय, केंद्रीय एवं स्थानीय निकायों में मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग रखी। मिंटो ने इस अवसर पर मुसलमानों को उनके राजनीतिक हितों की रक्षा का आश्वासन दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस प्रतिनिधिमंडल के ज्ञापन को तैयार करने में अलीगढ़ कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डब्ल्यू.ए.जे. आर्चबोल्ड तथा मोहसिन-उल-मुल्क की प्रमुख भूमिका रही थी। यह मांग अंततः 1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधार अधिनियम (इंडियन काउंसिल्स एक्ट) के तहत स्वीकार कर ली गई, जिससे मुसलमानों को पृथक निर्वाचक मंडल मिला।
8. “मुसलमान यदि खुश और संतुष्ट हैं, तो भारत में ब्रिटिश शक्ति का महत्तम बचाव होगा।” यह किसने लिखा?
Bihar P.C.S. (Pre) 2016
उत्तर-(c)
यह कथन डब्ल्यू. डब्ल्यू. हंटर ने अपनी पुस्तक ‘द इंडियन मुसलमान्स’ (The Indian Musalmans) में लिखा था, जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि मुसलमानों को संतुष्ट रखना ही ब्रिटिश सत्ता की सुरक्षा का सर्वोत्तम साधन है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह पुस्तक वर्ष 1871 में प्रकाशित हुई थी और 1857 के विद्रोह के पश्चात मुसलमानों के प्रति ब्रिटिश सरकार के बढ़ते संदेह तथा वहाबी आंदोलन से उपजे तनाव की पृष्ठभूमि में लिखी गई थी। डब्ल्यू. डब्ल्यू. हंटर एक ब्रिटिश सिविल सेवक एवं इतिहासकार थे, जिन्होंने “इंपीरियल गजेटियर ऑफ इंडिया” के संकलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
9. निम्नलिखित वक्तव्यों पर विचार कीजिए-
कथन (a) : लीग ने कांग्रेस के मुस्लिम जनता के साथ मिलकर उद्देश्य पूर्ति में लगाने के अधिकार को मानने से मना कर दिया।
कारण (R) : वैसा अधिकार अकेली मुस्लिम लीग का ही था।
नीचे दिए गए कूट से सही का चयन कीजिए-
कूट :
कथन (a) : लीग ने कांग्रेस के मुस्लिम जनता के साथ मिलकर उद्देश्य पूर्ति में लगाने के अधिकार को मानने से मना कर दिया।
कारण (R) : वैसा अधिकार अकेली मुस्लिम लीग का ही था।
नीचे दिए गए कूट से सही का चयन कीजिए-
कूट :
U.P Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2002
U.P Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2003
U.P Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2003
उत्तर-(c)
मुस्लिम लीग स्वयं को भारतीय मुसलमानों का एकमात्र वैध प्रतिनिधि संगठन मानती थी, इसलिए उसने कांग्रेस को मुस्लिम जनता की ओर से बोलने अथवा उनके साथ मिलकर कार्य करने का अधिकार देने से इनकार कर दिया। इस प्रकार कथन (a) सत्य है, किंतु यह दावा कि वह अधिकार केवल मुस्लिम लीग का था (कारण R), तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं ठहराया जा सकता, अतः कारण (R) गलत है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह कठोर रुख आगे चलकर कुछ हद तक नरम पड़ा और दिसंबर 1916 के लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग के बीच प्रसिद्ध “लखनऊ समझौता” (Lucknow Pact) हुआ, जिसमें दोनों संगठनों ने पृथक निर्वाचक मंडल सहित कई मुद्दों पर संयुक्त सहमति बनाई थी।
10. मुस्लिम लीग ने अपना वार्षिक अधिवेशन नियमित रूप से प्रारंभ किया था-
66th B.P..S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020
उत्तर-(e)
मुस्लिम लीग की स्थापना के बाद इसके वार्षिक अधिवेशन शुरुआती वर्षों में भी होते रहे — 1907 में कराची और 1908 में अमृतसर में — किंतु इसके पश्चात ये अधिवेशन किसी निश्चित अंतराल पर नियमित रूप से नहीं, बल्कि अनियमित रूप से देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित होते रहे। चूंकि कोई भी दिया गया विकल्प (a), (b), (c) अथवा (d) में से कोई भी वर्ष सही प्रारंभ-बिंदु सिद्ध नहीं होता, अतः सही उत्तर (e) है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बिहार लोक सेवा आयोग ने अपनी आधिकारिक उत्तर-कुंजी में विकल्प (d) अर्थात 1925 को सही माना था, जो तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है। उल्लेखनीय है कि लीग को वास्तव में एक सुसंगठित, जनाधार वाली पार्टी का स्वरूप 1937 के लखनऊ अधिवेशन के बाद, मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में मिला।
11. सन् 1908 में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की एक लंदन शाखा की स्थापना हुई-
I.A.S. (Pre) 2001
उत्तर-(b)
वर्ष 1908 में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की लंदन शाखा की स्थापना सैयद अमीर अली के नेतृत्व में हुई थी, जबकि लीग का मुख्य मुख्यालय भारत में लखनऊ में स्थित था और देश के विभिन्न भागों में भी इसकी शाखाएं कार्यरत थीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सैयद अमीर अली एक प्रसिद्ध न्यायविद, इतिहासकार तथा “द स्पिरिट ऑफ इस्लाम” और “ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ द सेरासेन्स” जैसी पुस्तकों के लेखक थे; वे प्रिवी काउंसिल की न्यायिक समिति में नियुक्त होने वाले प्रथम भारतीय सदस्य भी बने। लंदन शाखा ने इंग्लैंड में रहकर ब्रिटिश नीति-निर्माताओं के समक्ष भारतीय मुसलमानों के दृष्टिकोण को रखने का कार्य किया।
12.भारतीय स्वाधीनता संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
I.A.S. (Pre) 2002
उत्तर-(c)
कथन (c) सही नहीं है, क्योंकि वास्तविकता इसके विपरीत थी — अखिल भारतीय मुस्लिम लीग, जिसकी स्थापना 30 दिसंबर 1906 को ढाका में हुई, ने न तो बंगाल विभाजन का विरोध किया और न ही पृथक निर्वाचक मंडल का; बल्कि लीग इन दोनों का समर्थन करती थी। ढाका के नवाब सलीमुल्लाह लॉर्ड कर्जन की प्रेरणा से बंगाल विभाजन-समर्थक आंदोलन के अगुआ नेताओं में से थे, और लीग की स्थापना का एक उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के प्रति मुसलमानों की निष्ठा बढ़ाना तथा उनके राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करना भी था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नवाब सलीमुल्लाह सहित पूर्वी बंगाल के मुस्लिम नेताओं का मानना था कि 1905 में बना नया प्रांत “पूर्वी बंगाल और असम” मुस्लिम-बहुल क्षेत्र होने के कारण उन्हें आर्थिक व राजनीतिक रूप से लाभ पहुंचाएगा; स्वदेशी आंदोलन के व्यापक विरोध के चलते यह विभाजन अंततः वर्ष 1911 में रद्द कर दिया गया।
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