1.भारत संघ (Indian Association) के संस्थापक कौन थे?
45th B.P.S.C. (Pre) 2001
उत्तर-(d)
इंडियन एसोसिएशन (भारत संघ) की स्थापना 26 जुलाई, 1876 को कलकत्ता में सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने आनंद मोहन बोस के सहयोग से की थी। उस समय की राजनीतिक संस्थाओं में यह सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती थी और कांग्रेस की स्थापना से पहले इसे अखिल भारतीय स्तर की संस्था जैसा सम्मान प्राप्त था। इसने सिविल सेवा परीक्षा की आयु-सीमा घटाने तथा इल्बर्ट बिल विवाद जैसे मुद्दों पर आंदोलन चलाया। इस संस्था में जमींदारों की बजाय मध्यम वर्ग को प्रमुखता दी गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दिसंबर 1883 में इंडियन एसोसिएशन ने कलकत्ता में ‘इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया, जिसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अग्रदूत माना जाता है। साथ ही, इस संस्था ने 1878 के इंडियन सिविल सर्विस एक्ट के तहत परीक्षा की आयु-सीमा 21 से घटाकर 19 वर्ष किए जाने के विरुद्ध देशव्यापी आंदोलन चलाया था।
2. सुरेंद्रनाथ बनर्जी को किस वर्ष भारतीय सिविल सर्विसेज से हटाया गया ?
Bihar P.C.S. (Pre.) 2016
उत्तर-(a)
सुरेंद्रनाथ बनर्जी भारत के उन प्रारंभिक व्यक्तियों में थे जिन्होंने भारतीय सिविल सेवा (ICS) की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उनकी पहली नियुक्ति सिलहट (वर्तमान बांग्लादेश) में सहायक मजिस्ट्रेट के पद पर हुई, परंतु एक मामूली प्रशासनिक त्रुटि का आधार बनाकर उन्हें वर्ष 1874 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस घटना से क्षुब्ध होकर सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने राजनीति की ओर रुख किया और 1876 में इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की। आगे चलकर वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दो बार (1895 कलकत्ता तथा 1902 अहमदाबाद अधिवेशन) अध्यक्ष भी बने।
3.भारत में जिस राजनीतिक संगठन की स्थापना 1838 में हुई उसका नाम था-
I.A.S. (Pre) 1993
Uttarakhand P.C.S (Pre) 2010
Uttarakhand P.C.S (Pre) 2010
उत्तर-(d)
1838 ई. में कलकत्ता में जमींदारी एसोसिएशन (लैंड होल्डर्स सोसाइटी) की स्थापना हुई, जिसे भारत की पहली संगठित राजनीतिक संस्था माना जाता है। इसने संवैधानिक तरीकों से अपनी शिकायतें ब्रिटिश सरकार के समक्ष रखने की शुरुआत की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस संस्था के संस्थापकों में द्वारकानाथ टैगोर प्रमुख थे। 1851 ई. में लंदन की ‘ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी’ (स्थापना 1839, विलियम एडम द्वारा) के साथ मिलकर इसे ‘ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन’ के नाम से पुनर्गठित किया गया, जो लंबे समय तक कार्यरत रही।
4. राष्ट्रीय कांग्रेस से पूर्व सबसे प्रमुख संस्था थी –
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
उत्तर-(d)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व कलकत्ता की इंडियन एसोसिएशन सबसे प्रभावशाली राजनीतिक संस्था थी। इसकी गतिविधियों तथा व्यापक जनसंपर्क के कारण इसे अखिल भारतीय स्तर की संस्था जैसी प्रतिष्ठा प्राप्त थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दिसंबर 1883 में इस संस्था ने कलकत्ता में ‘इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस’ बुलाई, जिसमें देशभर से प्रतिनिधि शामिल हुए – इसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (स्थापना 1885) की पूर्व पीठिका माना जाता है।
5.निम्नलिखित में से किस एक ने सन 1875 में हाउस ऑफ कॉमन्स में एक याचिका प्रस्तुत करते हुए ब्रिटिश संसद में भारत
के प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व की मांग की ?
I.A.S. (Pre) 2002
उत्तर-(d)
महादेव गोविंद रानाडे तथा गणेश वासुदेव जोशी ने 1870 ई. में पूना सार्वजनिक सभा की स्थापना की थी। रानाडे के कुशल नेतृत्व में इस सभा ने 1875 ई. में ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में याचिका प्रस्तुत कर भारतीयों को सीधा प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पूना सार्वजनिक सभा अपनी ‘क्वार्टरली जर्नल’ के माध्यम से जनमत तैयार करती थी और 1876-77 के दक्कन अकाल के दौरान राहत-कार्यों में भी सक्रिय रही।
6. निम्नलिखित में से कौन ‘इंडियन एसोसिएशन’ का संस्थापक था?
U.P. P.C.S. (Mains) 2008
उत्तर-(d)
इंडियन एसोसिएशन (भारत संघ) के संस्थापक सुरेंद्रनाथ बनर्जी थे, जिन्होंने 26 जुलाई, 1876 को आनंद मोहन बोस के सहयोग से कलकत्ता में इसकी नींव रखी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: स्वयं सुरेंद्रनाथ बनर्जी को उनकी प्रभावशाली वाक्पटुता के कारण ‘भारत का डेमोस्थनीज’ (Indian Demosthenes) कहा जाता था। उन्होंने 1882 में कलकत्ता में रिपन कॉलेज (वर्तमान सुरेंद्रनाथ कॉलेज) की भी स्थापना की।
7. बंबई प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना किसने की?
63rd B.P.S.C. (Pre) 2017
उत्तर-(e)
1885 ई. में बंबई प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना फिरोजशाह मेहता, के.टी. तैलंग और बदरुद्दीन तैयबजी ने मिलकर की थी। चूँकि इसकी स्थापना तीन व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से की थी, इसलिए कोई एक विकल्प सही नहीं है – सही उत्तर (e) है। इस संस्था का प्रमुख उद्देश्य बंबई प्रेसीडेंसी के लोगों में राजनीतिक चेतना का प्रसार करना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: फिरोजशाह मेहता को “बंबई का शेर” (Lion of Bombay) कहा जाता था और वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक नेताओं में से एक थे। बदरुद्दीन तैयबजी 1887 में मद्रास अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के तीसरे अध्यक्ष बने – वे कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे।
8. निम्नलिखित में से कौन, कांग्रेस के पूर्व चरण में स्थापित राजनैतिक संस्थाओं में से एक नहीं थी?
U.P.P.C.S. (Mains) 2017
उत्तर-(b)
विकल्प (b) में उल्लिखित “दि इंडियन एसोसिएशन” (The Indian Association) – जो 1870 में लंदन में मैरी कारपेंटर और केशवचंद्र सेन के प्रयासों से स्थापित हुई थी – मूलतः स्त्री शिक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करती थी, न कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए। अक्टूबर 1870 में इसका नाम ‘The Indian Association’ रखा गया और 1871 में पुनः इसे ‘National Indian Association’ कर दिया गया। अतः यह कांग्रेस-पूर्व राजनैतिक संस्थाओं में नहीं गिनी जाती।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लैंड होल्डर्स सोसाइटी (1838, कलकत्ता) को भारत की पहली राजनैतिक संस्था माना जाता है, जिसकी स्थापना द्वारकानाथ टैगोर तथा अन्य जमींदारों ने की थी। ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन की स्थापना 1851 में राधाकान्त देव और देवेंद्रनाथ टैगोर जैसे नेताओं ने की थी, जो उस समय की प्रमुख राजनैतिक संस्था थी।
9. राजनैतिक सुधारों को लेकर विरोध करने वाले पहले भारतीय कौन थे ?
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
उत्तर-(c)
राजनैतिक सुधारों की माँग करने वाले प्रथम भारतीय के रूप में राजा राममोहन राय को स्वीकार किया जाता है। उन्होंने मानवाधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेस की स्वतंत्रता पर महत्वपूर्ण लेखन किया। उन्होंने 1823 में गवर्नर-जनरल को एक याचिका भेजकर प्रेस की स्वतंत्रता की माँग की थी। विपिन चंद्र पाल के अनुसार भारत में राजनीतिक स्वतंत्रता का संदेश सर्वप्रथम राजा राममोहन राय ने दिया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: राजा राममोहन राय ने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की थी, जो भारत में धार्मिक और सामाजिक सुधार आंदोलन की आधारशिला बनी। उन्हें “आधुनिक भारत का पिता” कहा जाता है। 1831 में वे मुगल सम्राट के दूत के रूप में इंग्लैंड गए और 1833 में ब्रिस्टल में उनका निधन हो गया।
10. निम्नलिखित को उनके संगठन के आधार पर क्रमवार सजाइए-
1. बॉम्बे एसोसिएशन 2. मद्रास महाजन सभा
3. इंडियन एसोसिएशन 4. इंडियन लीग
कूट :
1. बॉम्बे एसोसिएशन 2. मद्रास महाजन सभा
3. इंडियन एसोसिएशन 4. इंडियन लीग
कूट :
Jharkhand P.C.S (Pre) 2003
उत्तर-(d)
इन संगठनों की स्थापना का कालक्रम इस प्रकार है – बॉम्बे एसोसिएशन: अगस्त 1852 (दादाभाई नौरोजी द्वारा स्थापित); इंडियन लीग: सितंबर 1875 (शिशिर कुमार घोष द्वारा स्थापित, कलकत्ता); इंडियन एसोसिएशन: जुलाई 1876 (सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा, कलकत्ता); मद्रास महाजन सभा: मई 1884 (एस. रामास्वामी मुदलियार, बी. राघवाचारी, जी. सुब्रमण्यम एवं पी. आनंद चारलू द्वारा स्थापित)। अतः सही कालक्रम 1, 4, 3, 2 है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इंडियन लीग के संस्थापक शिशिर कुमार घोष प्रसिद्ध बंगाली पत्रकार थे जिन्होंने ‘अमृत बाजार पत्रिका’ का संपादन किया। मद्रास महाजन सभा 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की संस्थापक संस्थाओं में से एक थी – इसके सदस्य ए.ओ. ह्यूम से सीधे जुड़े थे।
11. निम्नलिखित भारतीय नेताओं में से कौन एक, ब्रिटिश द्वारा इंडियन सिविल सर्विस से बर्खास्त किया गया था?
I.A.S. (Pre) 1999
उत्तर-(b)
सुरेंद्रनाथ बनर्जी 1869 में ICS परीक्षा उत्तीर्ण करके भारतीय सिविल सेवा में शामिल हुए थे, परंतु 1874 में उन्हें एक मामूली प्रशासनिक त्रुटि का बहाना बनाकर अंग्रेजों ने सेवा से बर्खास्त कर दिया। इस अन्यायपूर्ण बर्खास्तगी ने उनमें राष्ट्रवादी भावना को और प्रबल किया। इसके बाद उन्होंने 1876 में आनंद मोहन बोस के साथ मिलकर इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की और सक्रिय राजनीति में आ गए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सत्येंद्रनाथ टैगोर (रवींद्रनाथ टैगोर के बड़े भाई) ICS परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पहले भारतीय थे (1863), लेकिन वे सेवा से बर्खास्त नहीं किए गए थे। सुरेंद्रनाथ बनर्जी को “राष्ट्रगुरु” और “भारत का बिस्मार्क” भी कहा जाता था।
12. निम्न युग्मों में से कौन सुमेलित नहीं है? अपना उत्तर दिए गए कूट से पाइए-
कूट :
U.P. Lower Sub. (Spl) (Pre) 2008
उत्तर-(d)
इन संस्थाओं का सही स्थान और संस्थापक इस प्रकार है – ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी (1839): लंदन, विलियम एडम द्वारा; ईस्ट इंडिया एसोसिएशन (1866): लंदन, दादाभाई नौरोजी द्वारा (न कि कलकत्ता – यह असुमेलित है); नेशनल इंडियन एसोसिएशन (1870-71): लंदन, मैरी कारपेंटर और मैनिंग द्वारा; इंडियन एसोसिएशन (1876): कलकत्ता, सुरेंद्रनाथ बनर्जी एवं आनंद मोहन बोस द्वारा (न कि बंबई – यह भी असुमेलित है)। अतः युग्म (2) और (4) दोनों असुमेलित हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दादाभाई नौरोजी ने 1866 में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना लंदन में इसलिए की थी ताकि ब्रिटिश संसद और जनमत को भारतीय समस्याओं से अवगत कराया जा सके। दादाभाई नौरोजी “ग्रांड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया” के नाम से भी जाने जाते थे और 1892 में ब्रिटिश संसद के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय बने।
13. सुरेंद्रनाथ बनर्जी द्वारा स्थापित उस संगठन का नाम बतलाइए जिसका 1886 में इंडियन नेशनल कांग्रेस में विलय हो गया-
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(d)
सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने 26 जुलाई 1876 को आनंद मोहन बोस के साथ मिलकर कलकत्ता में इंडियन एसोसिएशन (भारत संघ) की स्थापना की। दिसंबर 1883 में इसी एसोसिएशन की पहल पर इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। 1885 में ए.ओ. ह्यूम के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई। 1886 के बाद इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस का स्वतंत्र आयोजन बंद हो गया और वह कांग्रेस के साथ मिल गई। यद्यपि तकनीकी रूप से इंडियन एसोसिएशन का कांग्रेस में औपचारिक विलय नहीं हुआ, किंतु इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस 1886 के बाद निष्क्रिय हो गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन दिसंबर 1885 में बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में हुआ था, जिसमें 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था और डब्ल्यू.सी. बनर्जी इसके प्रथम अध्यक्ष बने। प्रारंभ में कांग्रेस का अधिवेशन पुणे में होना था, परंतु वहाँ प्लेग फैलने के कारण इसे बंबई में स्थानांतरित किया गया।
14. निम्नलिखित में से कौन 1885 में स्थापित बंबई प्रेसीडेंसी एसोसिएशन के संस्थापकों में से एक था?
U.P.P.C.S (Mains) 2016
उत्तर-(a)
1885 ई. में बंबई प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना फिरोजशाह मेहता, बदरुद्दीन तैयबजी और के.टी. तैलंग के संयुक्त प्रयासों से हुई थी। इस संस्था का मुख्य लक्ष्य बंबई प्रेसीडेंसी के नागरिकों में राजनीतिक जागरूकता फैलाना और ब्रिटिश नीतियों की आलोचना करना था। विकल्प (b) पी. आनंद चारलू मद्रास महाजन सभा से जुड़े थे, न कि बंबई प्रेसीडेंसी एसोसिएशन से।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: फिरोजशाह मेहता ने 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापन में भी सक्रिय भूमिका निभाई और 1890 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की। के.टी. तैलंग संस्कृत के प्रकांड विद्वान और प्रसिद्ध विधिवेत्ता थे जिन्होंने बंबई उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।
15. मद्रास महाजन सभा की स्थापना की गई, वर्ष-
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
उत्तर-(*)
मद्रास महाजन सभा की स्थापना मई 1884 में हुई थी, जबकि इस प्रश्न के चारों विकल्पों में 1884 का उल्लेख नहीं है। इसीलिए इस प्रश्न का उत्तर (*) यानी “कोई विकल्प सही नहीं” माना गया है। इसकी स्थापना एस. रामास्वामी मुदलियार, बी. राघवाचारी, जी. सुब्रमण्यम और पी. आनंद चारलू ने की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मद्रास महाजन सभा ने 1884-85 में भारत में प्रतिनिधिक संस्थाओं की स्थापना हेतु जोरदार प्रचार किया। इस सभा के सदस्य ए.ओ. ह्यूम के संपर्क में आए और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में इस सभा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पी. आनंद चारलू आगे चलकर 1891 में कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन के अध्यक्ष भी बने।
16. ‘ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन’ के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2020
उत्तर-(c)
ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन की स्थापना अक्टूबर 1851 ई. में कलकत्ता में की गई थी। इसके प्रमुख संस्थापक सदस्यों में राधाकांत देव, देवेंद्रनाथ टैगोर, हरिश्चंद्र मुखर्जी एवं राजेंद्रलाल मित्र शामिल थे। राधाकांत देव इस संस्था के प्रथम अध्यक्ष बने।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:यह संस्था लैंड होल्डर्स सोसाइटी (1838) और बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी (1843) के विलय से अस्तित्व में आई थी। इस संस्था ने ब्रिटिश संसद के समक्ष भारतीयों की शिकायतें रखने और सुधारों की माँग करने का कार्य किया।
17. कलकत्ता में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना 1784 में किसने की?
U.P.P.C.S. (Mains) 2017
उत्तर-(b)
एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना 15 जनवरी 1784 ई. को कलकत्ता में सर विलियम जोंस ने की थी। इस संस्था का उद्देश्य प्राच्य (Oriental) भाषाओं, इतिहास, साहित्य और कलाओं का अध्ययन एवं शोध करना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:विलियम जोंस एक प्रसिद्ध भाषाविद् थे, जिन्होंने संस्कृत और यूरोपीय भाषाओं की समानता की खोज कर ‘तुलनात्मक भाषाविज्ञान’ की नींव रखी। वॉरेन हेस्टिंग्स उस समय बंगाल के गवर्नर-जनरल थे और उन्होंने इस सोसाइटी की स्थापना को प्रोत्साहन दिया था।
18. निम्नलिखित में से कौन सैयद अहमद खान के साथ, ‘यूनाइटेड इंडियन पैट्रियाटिक एसोसिएशन’ का संस्थापक था?
U.P.R.O./ A.R.O. (Mains) 2016
उत्तर-(c)
यूनाइटेड इंडियन पैट्रियाटिक एसोसिएशन की स्थापना 1888 ई. में सर सैयद अहमद खान और बनारस के राजा शिवप्रसाद सिंह ने मिलकर की थी। यह संस्था मुख्यतः भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विरोध में तथा ब्रिटिश शासन के प्रति वफादारी प्रदर्शित करने के उद्देश्य से स्थापित की गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:सर सैयद अहमद खान ने 1875 में अलीगढ़ में मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना की थी, जो बाद में 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना। उनका मानना था कि भारतीय मुसलमानों की उन्नति पश्चिमी शिक्षा और ब्रिटिश सहयोग से ही संभव है।
16. नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (a) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है-
अभिकथन (a) : भारतीय प्रश्नों पर विवेचना के लिए दादाभाई नौरोजी ने 1866 में लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन का गठन किया।
कारण (R) : वह ब्रिटिश जनमानस को प्रभावित करना चाहते थे।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-
अभिकथन (a) : भारतीय प्रश्नों पर विवेचना के लिए दादाभाई नौरोजी ने 1866 में लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन का गठन किया।
कारण (R) : वह ब्रिटिश जनमानस को प्रभावित करना चाहते थे।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-
U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2021
उत्तर-(c)
दादाभाई नौरोजी ने 1866 ई. में लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना की। इस संस्था का प्रमुख उद्देश्य भारतीय विषयों को ब्रिटिश जनता और संसद के समक्ष रखना था ताकि ब्रिटिश जनमत भारत के पक्ष में हो सके। अतः अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:दादाभाई नौरोजी को ‘ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया’ की उपाधि दी गई थी। वे ब्रिटिश संसद में चुने जाने वाले पहले भारतीय थे – 1892 में वे फिन्सबरी सेंट्रल से लिबरल पार्टी के सांसद बने। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘Poverty and Un-British Rule in India’ में ‘धन के निष्कासन’ (Drain of Wealth) के सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
20. ‘एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’ का संस्थापक कौन था?
U.P.P.C.S. (Pre) 2021
उत्तर-(b)
एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के संस्थापक सर विलियम जोंस थे, जिन्होंने 1784 ई. में कलकत्ता में इस सोसाइटी की स्थापना की। यह संस्था भारतीय इतिहास, संस्कृति, पुरातत्व और भाषाओं के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए समर्पित थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल ने ‘Asiatic Researches’ नामक पत्रिका का प्रकाशन किया जो भारतीय इतिहास एवं संस्कृति पर शोध का महत्त्वपूर्ण माध्यम बनी। 1814 में इसी सोसाइटी के तत्वावधान में कलकत्ता में भारतीय संग्रहालय (Indian Museum) की स्थापना की गई, जो एशिया का सबसे पुराना संग्रहालय है।
21. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए-
सूची – I सूची – II
A. इंडिया लीग 1. शिशिर कुमार घोष
B. इंडियन एसोसिएशन 2. आनंद मोहन बोस
C. भारतीय राष्ट्रीय उदार संघ 3. सैयद अहमद खान
D. यूनाइटेड इंडिया 4. सुरेंद्रनाथ बनर्जी
पैट्रियाटिक एसोसिएशन
कूट :
A B C D
सूची – I सूची – II
A. इंडिया लीग 1. शिशिर कुमार घोष
B. इंडियन एसोसिएशन 2. आनंद मोहन बोस
C. भारतीय राष्ट्रीय उदार संघ 3. सैयद अहमद खान
D. यूनाइटेड इंडिया 4. सुरेंद्रनाथ बनर्जी
पैट्रियाटिक एसोसिएशन
कूट :
A B C D
U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2008
उत्तर-(d)
इंडिया लीग की स्थापना 1875 ई. में बंगाल में शिशिर कुमार घोष ने की थी। इंडियन एसोसिएशन की स्थापना 26 जुलाई 1876 को आनंद मोहन बोस और सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने की – इसने इंडिया लीग का स्थान लिया। भारतीय राष्ट्रीय उदार संघ (Indian National Liberal Federation) की स्थापना सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने की, जबकि यूनाइटेड इंडिया पैट्रियाटिक एसोसिएशन सैयद अहमद खान द्वारा स्थापित की गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:इंडियन एसोसिएशन ने सर्वसाधारण जनता को राजनीतिक आंदोलन से जोड़ने के उद्देश्य से मात्र पाँच रुपये वार्षिक सदस्यता शुल्क रखा, जबकि ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन का शुल्क 50 रुपये था। इंडियन एसोसिएशन को बाद में 1886 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विलय कर दिया गया।
22. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही का चयन कीजिए-
सूची-II (संस्थापक) सूची-I (संगठन)
A. लैंड होल्डर्स सोसाइटी 1. एस.एन. बनर्जी
B. ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी 2. आनंद मोहन बोस
C. इंडियन सोसाइटी 3. विलियम एडम्स
D. इंडियन एसोसिएशन 4. द्वारकानाथ टैगोर
कूट :
A B C D
सूची-II (संस्थापक) सूची-I (संगठन)
A. लैंड होल्डर्स सोसाइटी 1. एस.एन. बनर्जी
B. ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी 2. आनंद मोहन बोस
C. इंडियन सोसाइटी 3. विलियम एडम्स
D. इंडियन एसोसिएशन 4. द्वारकानाथ टैगोर
कूट :
A B C D
U.P.P.C.S. (Mains) 2014
उत्तर-(a)
उपर्युक्त संगठनों और उनके संस्थापकों का सही सुमेलन इस प्रकार है – लैंड होल्डर्स सोसाइटी के संस्थापक द्वारकानाथ टैगोर थे, ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी की स्थापना विलियम एडम्स ने की, इंडियन सोसाइटी के संस्थापक आनंद मोहन बोस थे, और इंडियन एसोसिएशन की स्थापना एस.एन. बनर्जी ने की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:द्वारकानाथ टैगोर प्रसिद्ध कवि रवींद्रनाथ टैगोर के दादा थे। वे एक प्रमुख व्यवसायी और समाज सुधारक थे जिन्होंने राजा राममोहन राय के साथ मिलकर अनेक सामाजिक सुधार कार्यों में भाग लिया। लैंड होल्डर्स सोसाइटी मुख्यतः जमींदारों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई थी।
23. निम्नलिखित युग्मों में से कौन सही सुमेलित नहीं है?
U.P. P.C.S. (Pre) 2015
उत्तर-(*)
इस प्रश्न में दो विकल्प सुमेलित नहीं हैं। रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन की वास्तविक स्थापना 1823 ई. में हुई थी, न कि 1813 में। इसी प्रकार लैंड होल्डर्स सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना 1838 ई. में हुई थी, न कि 1844 में। अतः विकल्प (c) और (d) दोनों असुमेलित हैं, इसलिए इस प्रश्न का उत्तर (*) अर्थात कोई सुनिश्चित एकल उत्तर नहीं है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बॉम्बे की स्थापना 1804 ई. में सर जेम्स मैकिंटोश ने की थी। यह पश्चिम भारत में प्राच्य अध्ययन को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्था थी। रॉयल एशियाटिक सोसाइटी लंदन में आज भी कार्यरत है और एशियाई अध्ययन को प्रोत्साहित करती है।
24. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए
सूची-I सूची-II A. इंडियन एसोसिएशन 1. आनंद चालू
B. पूना सार्वजनिक सभा 2. सुरेंद्रनाथ बनर्जी
C. बंबई प्रेसीडेंसी 3. महादेव गोविंद रानाडे
D. मद्रास महाजन सभा 4. फिरोजशाह मेहता
कूट :
A B C D
सूची-I सूची-II A. इंडियन एसोसिएशन 1. आनंद चालू
B. पूना सार्वजनिक सभा 2. सुरेंद्रनाथ बनर्जी
C. बंबई प्रेसीडेंसी 3. महादेव गोविंद रानाडे
D. मद्रास महाजन सभा 4. फिरोजशाह मेहता
कूट :
A B C D
U.P.R.O./A.R.O. (Re-Exam) (Pre) 2016
उत्तर-(a)
सही सुमेलन इस प्रकार है – इंडियन एसोसिएशन की स्थापना सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने की, पूना सार्वजनिक सभा के संस्थापक महादेव गोविंद रानाडे थे, बंबई प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना फिरोजशाह मेहता ने की, और मद्रास महाजन सभा के संस्थापक आनंद चालू थे। अतः सही उत्तर (a) है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:महादेव गोविंद रानाडे एक प्रख्यात न्यायविद्, समाज सुधारक और अर्थशास्त्री थे जिन्हें ‘महाराष्ट्र का सुकरात’ भी कहा जाता है। उन्होंने 1887 में राष्ट्रीय सामाजिक सम्मेलन की भी स्थापना की। फिरोजशाह मेहता को ‘बॉम्बे का शेर’ कहा जाता था और वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख उदारवादी नेताओं में से एक थे।
25. निम्नलिखित संस्थाओं पर विचार कीजिए –
1. बंगभाषा प्रकाशिका सभा 2. लैंड होल्डर्स सोसाइटी
3. बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी 4. इंडियन लीग
इन संस्थाओं की स्थापना वर्ष के सही कालानुक्रम को निम्नलिखित कूट से चुनिए –
1. बंगभाषा प्रकाशिका सभा 2. लैंड होल्डर्स सोसाइटी
3. बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी 4. इंडियन लीग
इन संस्थाओं की स्थापना वर्ष के सही कालानुक्रम को निम्नलिखित कूट से चुनिए –
U.P.R.O/A.R.O. (Pre) 2016
उत्तर-(a)
इन चारों संस्थाओं का स्थापना वर्ष क्रमशः इस प्रकार है – बंगभाषा प्रकाशिका सभा (1836), लैंड होल्डर्स सोसाइटी (1838), बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी (1843), और इंडियन लीग (1875)। अतः सही कालानुक्रम 1, 2, 3, 4 है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:बंगभाषा प्रकाशिका सभा भारत के प्रथम राजनीतिक संगठनों में से एक मानी जाती है। बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी की स्थापना 1843 में जॉर्ज थॉमसन ने की थी जिसका उद्देश्य भारत में ब्रिटिश शासन की नीतियों की जाँच करना और प्रेस व सार्वजनिक मंचों के माध्यम से भारतीयों की समस्याओं को उजागर करना था।
26. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
सूची-I सूची-II
A. ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन 1. गोपाल कृष्ण गोखले
B. बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन 2. के. टी. तैलंग
C. सेंट्रल मोहम्मडन नेशनल एसोसिएशन 3. राधाकांत देव
D. सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी 4. सैयद अमीर अली
कूट : A B C D
सूची-I सूची-II
A. ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन 1. गोपाल कृष्ण गोखले
B. बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन 2. के. टी. तैलंग
C. सेंट्रल मोहम्मडन नेशनल एसोसिएशन 3. राधाकांत देव
D. सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी 4. सैयद अमीर अली
कूट : A B C D
U.P. P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(b)
सही सुमेलन इस प्रकार है – ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत देव थे, बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन के संस्थापकों में के. टी. तैलंग प्रमुख थे, सेंट्रल मोहम्मडन नेशनल एसोसिएशन की स्थापना सैयद अमीर अली ने की, और सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 में की थी। सही उत्तर (b) है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:गोपाल कृष्ण गोखले महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु थे। गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद गोखले की सलाह पर ही एक वर्ष तक भारत भ्रमण किया था। सैयद अमीर अली न केवल एक प्रमुख राजनेता थे बल्कि उन्होंने ‘The Spirit of Islam’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक भी लिखी जो इस्लामी इतिहास की महत्त्वपूर्ण कृति मानी जाती है।
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