सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन MCQ प्रश्न | UPSC History

भारतीय इतिहास आधुनिक भारत सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन MCQ प्रश्न
1. निम्न महापुरुषों में से कौन भारतीय जागृति का जनक कहलाता है ?
(a) विवेकानंद
(b) राजा राममोहन राय
(c) रबींद्रनाथ टैगोर
(d) दयानंद सरस्वती
U.P.P.C.S. (Pre) 1994
उत्तर-(b)
राजा राममोहन राय को भारतीय जागृति का जनक कहा जाता है क्योंकि उन्होंने सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आंदोलन चलाया और 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना कर धार्मिक-सामाजिक सुधार की नींव रखी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने 1817 में डेविड हेयर के सहयोग से हिंदू कॉलेज, कलकत्ता की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया, और उन्हीं के प्रयासों से 1829 में लॉर्ड विलियम बैंटिक ने सती प्रथा को कानूनन प्रतिबंधित किया।
2. भारत में पुनर्जागरण आंदोलन का अग्रणी दूत था-
(a) देवेंद्रनाथ टैगौर
(b) केशवचंद्र सेन
(c) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(d) राममोहन राय
U.P. Lower Sub. (Pre) 2009
उत्तर-(d)
राजा राममोहन राय को भारत में पुनर्जागरण आंदोलन का अग्रणी दूत माना जाता है, क्योंकि उन्होंने तर्कवाद और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर हिंदू धर्म व समाज में सुधार का बीड़ा सबसे पहले उठाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वे संस्कृत, फारसी, अरबी व अंग्रेजी सहित कई भाषाओं के ज्ञाता थे और उन्होंने उपनिषदों का बंगाली व अंग्रेजी में अनुवाद प्रकाशित किया; 1823 में उन्होंने प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थन में गवर्नर जनरल को ज्ञापन भी भेजा था।
3. निम्न वक्तव्यों पर विचार कीजिए- कथन (a) : 19वीं सदी के सामाजिक-धार्मिक आंदोलनों के कारण भारत का आधुनिकीकरण हुआ। कारण (R) : सामाजिक-धार्मिक आंदोलनों के मूल में बुद्धिवाद, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा अन्य ऐसे विचार थे, जो आधुनिकता के आधार माने जाते हैं।निम्न कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- कूट :
(a) (R) सही है, किंतु (a) गलत है।
(b) (a) व (R) दोनों सही हैं और (a) की सही व्याख्या (R) है।
(c) (a) सही है, किंतु (R) गलत है।
(d) (a) व (R) दोनों सही हैं, किंतु
(a) की सही व्याख्या (R)नहीं करता।
R.A.S. / R.T.S. (Pre) 2016
उत्तर-(b)
उन्नीसवीं सदी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने भारत में आधुनिकता की नींव रखी, क्योंकि इनका आधार बुद्धिवाद, वैज्ञानिक चिंतन और मानवतावाद जैसे सिद्धांत थे, अतः कथन (a) सही है और कारण (R) उसकी सटीक व्याख्या करता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ब्रह्म समाज, आर्य समाज और प्रार्थना समाज जैसे संगठनों ने शिक्षा, स्त्री-सुधार व जातिप्रथा विरोध को इस आधुनिकीकरण प्रक्रिया का केंद्र बिंदु बनाया; स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में आर्य समाज की स्थापना कर “वेदों की ओर लौटो” का नारा दिया।
4. भारत का प्रथम आधुनिक पुरुष किसे माना जाता है ?
(a) नाना साहब
(b) ए.ओ. ह्यूम
(c) राजा राममोहन राय
(d) स्वामी विवेकानंद
R.A.S. / R.T.S. (Pre) 2012
उत्तर-(c)
राजा राममोहन राय को भारत का प्रथम आधुनिक पुरुष कहा जाता है क्योंकि उन्होंने पश्चिमी तर्कवादी शिक्षा और भारतीय परंपरा के समन्वय से समाज सुधार की एक नई आधुनिक दिशा दी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने 1814 में कलकत्ता में आत्मीय सभा की स्थापना की, जो आगे चलकर 1828 में ब्रह्म समाज के रूप में विकसित हुई; उन्हें मुगल बादशाह अकबर द्वितीय ने “राजा” की उपाधि प्रदान की थी।
5. किसको भारतीय पुनर्जागरण का पिता कहा जाता है ?
(a) राजा राममोहन राय
(b) दयानंद सरस्वती
(c) स्वामी विवेकानंद
(d) रामकृष्ण परमहंस
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2007
उत्तर-(a)
राजा राममोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का पिता माना जाता है क्योंकि उन्होंने धार्मिक कट्टरता, मूर्तिपूजा तथा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध तर्कसंगत आंदोलन चलाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने 1821 में बंगाली समाचार पत्र “संवाद कौमुदी” तथा फारसी भाषा में “मिरात-उल-अखबार” पत्र का प्रकाशन प्रारंभ किया, जिससे प्रेस के माध्यम से जनजागरण को गति मिली।
6.उन्नीसवीं शताब्दी के धर्म एवं समाज सुधार आंदोलनों ने जनसंख्या के किस वर्ग को मुख्यतः आकर्षित किया?
(i) बुद्धिजीवी (ii) नगरीय उच्च जातियां
(iii) निर्धन सर्वसाधारण वर्ग (iv) उदार राजवाड़े
अपने उत्तर का चयन निम्नांकित कूटों से करें-
(a) केवल (i)
(b) (i) एवं (ii)
(c) (i), (ii) एवं (iii)
(d) (i), (ii) एवं (iv)
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
उत्तर-(d)
उन्नीसवीं सदी के धार्मिक व सामाजिक सुधार आंदोलनों ने मुख्यतः बुद्धिजीवी वर्ग, नगरीय उच्च जातियों तथा उदार विचारधारा वाले देशी राजवाड़ों को प्रभावित किया, जबकि ग्रामीण निर्धन सर्वसाधारण वर्ग इनसे प्रायः अछूता ही रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ये आंदोलन मुख्यतः बंगाल, महाराष्ट्र व मद्रास जैसे प्रेसीडेंसी नगरों में अंग्रेजी शिक्षित मध्यम वर्ग के बीच केंद्रित रहे; स्वामी विवेकानंद ने 1897 में सेवा व मानवतावाद के प्रसार हेतु रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी।
7.भारतीय राष्ट्रवाद का पैगंबर किसे माना जाता है?.
(a) एम.के. गांधी
(b) राममोहन राय
(c) रबींद्रनाथ टैगोर
(d) दयानंद सरस्वती
U.P.P.C.S. (Mains) 2005
उत्तर-(b)
राजा राममोहन राय को भारतीय राष्ट्रवाद का पैगंबर कहा जाता है क्योंकि उन्होंने भारत में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने में अग्रणी भूमिका निभाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1830 में वे इंग्लैंड की यात्रा पर गए, जहाँ 1833 में ब्रिस्टल शहर में उनका निधन हुआ; उन्हें अंतरराष्ट्रीय मामलों में भी गहरी रुचि थी और उन्होंने फ्रांसीसी क्रांति के उदारवादी आदर्शों का समर्थन किया था।
8.निम्न में से किस वर्ग को सर्वप्रथम पश्चिमी सभ्यता ने प्रभावित किया ?
(a) कुलीन जमींदार
(b) नवीन धनवान व्यापारी
(c) शिक्षित हिंदू मध्यम वर्ग
(d) शिक्षित मुसलमान
R.A.S. / R.T.S. (Pre) 1996
उत्तर-(c)
पश्चिमी शिक्षा और सभ्यता से सर्वप्रथम शिक्षित हिंदू मध्यम वर्ग प्रभावित हुआ, जिसने तर्कवाद व वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर हिंदू धर्म व समाज में भीतर से सुधार की पहल की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1835 में लॉर्ड मैकाले के शिक्षा मिनट के बाद अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्रणाली लागू हुई, जिसने इस पश्चिमी शिक्षित मध्यम वर्ग के उदय को और गति दी; ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने इसी वर्ग से जुड़कर विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, 1856 पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
9.भारतीय पुनर्जागरण आंदोलन के पिता कौन थे?
(a) बाल गंगाधर तिलक
(b) दयानंद सरस्वती
(c) श्रद्धानंद
(d) राजा राममोहन राय
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
उत्तर-(d)
राजा राममोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण आंदोलन का पिता माना जाता है, क्योंकि उन्होंने पश्चिमी तर्कवाद और भारतीय वेदांत दर्शन का समन्वय कर सामाजिक-धार्मिक सुधार की ठोस नींव रखी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने वेदांत कॉलेज की स्थापना की और उपनिषदों के बंगाली अनुवाद प्रकाशित किए; उनके ही सतत प्रयासों से 1829 का सती निवारण अधिनियम पारित हो सका।
10. भारतीय राष्ट्रवाद का जनक किसे माना जाता है ?
(a) गोपाल कृष्ण गोखले
(b) बाल गंगाधर तिलक
(c) सुरेंद्रनाथ बनर्जी
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
भारतीय राष्ट्रवाद के जनक को लेकर इतिहासकारों में मतभेद है, अतः किसी एक व्यक्ति विशेष को निश्चित रूप से इसका जनक नहीं माना जा सकता।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गोपाल कृष्ण गोखले, बाल गंगाधर तिलक व सुरेंद्रनाथ बनर्जी सभी ने राष्ट्रीय आंदोलन के प्रारंभिक चरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया; 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ए.ओ. ह्यूम की पहल पर हुई थी, जिसे संगठित राष्ट्रीय राजनीति की औपचारिक शुरुआत माना जाता है।
11. ब्रह्म समाज के संस्थापक थे-
(a) सी.आर. दास
(b) महात्मा गांधी
(c) राजा राममोहन राय
(d) स्वामी दयानंद सरस्वती
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2002
M.P.P.C.S. (Pre) 2006
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(c)
ब्रह्म समाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने 1828 ई. में की थी, जिसका उद्देश्य एकेश्वरवाद का प्रचार तथा मूर्तिपूजा व कर्मकांडों का विरोध था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाद में महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1843 ई. में इस आंदोलन को संगठित रूप दिया और केशवचंद्र सेन को इसका आचार्य नियुक्त किया, जिनकी वाकपटुता से यह आंदोलन बंगाल के बाहर उत्तर प्रदेश व मद्रास तक फैल गया।
12. निम्नलिखित में कौन आत्मीय सभा के संस्थापक थे?
(a) राजा राममोहन राय
(b) स्वामी दयानंद सरस्वती
(c) स्वामी विवेकानंद
(d) अरबिंद घोष
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(a)
आत्मीय सभा की स्थापना राजा राममोहन राय ने 1815 ई. में कलकत्ता में की थी, जिसका उद्देश्य एकेश्वरवाद तथा तर्कसंगत धार्मिक विचारों का प्रचार करना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह सभा औपचारिक संस्था न होकर विचार-विमर्श के लिए एक साप्ताहिक गोष्ठी जैसी थी, जिसमें वेद-उपनिषदों के पाठ व चर्चा होती थी; आगे चलकर यही मंच 1828 में ब्रह्म सभा (ब्रह्म समाज) के रूप में संस्थागत हुआ।
13. राजा राममोहन राय की समाधि है-
(a) कोलकाता में
(b) पटना में
(c) ब्रिस्टल, इंग्लैंड में
(d) कनाडा में
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(c)
राजा राममोहन राय की समाधि इंग्लैंड के ब्रिस्टल शहर में स्थित है, जहाँ 27 सितंबर, 1833 को उनका निधन हुआ था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वे मुगल बादशाह अकबर द्वितीय के दूत के रूप में 1830 में इंग्लैंड गए थे ताकि सम्राट विलियम चतुर्थ के दरबार में बादशाह की पेंशन बढ़ाने पर बातचीत कर सकें; ब्रिस्टल स्थित उनकी समाधि आज भी भारत-ब्रिटेन ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक मानी जाती है।
14. ब्रह्म समाज की स्थापना हुई थी, वर्ष-
(a) 1827
(b) 1829
(c) 1831
(d) 1843
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-
राजा राममोहन राय ने 20 अगस्त, 1828 को ब्रह्म सभा नामक एक नए समाज की स्थापना की, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज के नाम से प्रसिद्ध हुआ; इसने मूर्तिपूजा का विरोध कर एक निराकार ब्रह्म की उपासना का उपदेश दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस समाज के सिद्धांतों का आधार मानव विवेक, वेद तथा उपनिषद थे, और इसमें रंग, वर्ण या मत-भेद से ऊपर उठकर मानवता की सेवा पर बल दिया जाता था; 1830 में इसके लिए एक स्थायी भवन भी न्यास मंडल को सौंपा गया, जहाँ मूर्तिपूजा व बलि देने की अनुमति नहीं थी।
15. राममोहन राय को राजा उपाधि किसने दी थी?
(a) लॉर्ड विलियम बेंटिक ने
(b) अकबर II ने
(c) ब्रह्म समाज के अनुयायियों ने
(d) सती प्रथा का विरोध करने वाले बुद्धिजीवियों ने
U.P.P.C.S. (Pre) 2012
उत्तर-(b)
मुगल बादशाह अकबर द्वितीय ने 1830 ई. में राजा राममोहन राय को “राजा” की उपाधि देकर अपने दूत के रूप में इंग्लैंड के सम्राट विलियम चतुर्थ के दरबार में भेजा था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: राममोहन राय को बादशाह की पेंशन बढ़ाने के लिए ब्रिटिश दरबार में पैरवी करनी थी; इंग्लैंड प्रवास के दौरान ही 27 सितंबर, 1833 को ब्रिस्टल में उनका निधन हो गया, जहाँ उनकी समाधि आज भी स्थित है।
16. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित प्रथम संस्था थी-
(a) ब्रह्म समाज
(b) आत्मीय सभा
(c) ब्रह्म सभा
(d) तत्वबोधिनी सभा
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(b)
1815 ई. में राजा राममोहन राय ने अपने युवा समर्थकों के सहयोग से आत्मीय सभा की स्थापना की, जो हिंदू धर्म के एकेश्वरवादी स्वरूप के प्रचार हेतु उनकी प्रथम संस्था थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसी विचार-मंच के परिपक्व होने पर 1828 में ब्रह्म सभा (आगे ब्रह्म समाज) की स्थापना हुई; तत्वबोधिनी सभा बाद में देवेंद्रनाथ टैगोर द्वारा 1839 में स्थापित की गई थी, जिसे बाद में ब्रह्म समाज में मिला दिया गया।
17. राजा राममोहन राय द्वारा ब्रह्म समाज की स्थापना की गई-
(a) 1816 ई. में
(b) 1820 ई. में
(c) 1828 ई. में
(d) 1830 ई. में
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
उत्तर-(c)
राजा राममोहन राय ने 1828 ई. में ब्रह्म सभा (बाद में ब्रह्म समाज) की स्थापना कर एकेश्वरवाद व मूर्तिपूजा-विरोधी विचारों का प्रसार किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1830 में उन्होंने प्रन्यासकरण पत्र लिखा, जिसमें समाज का उद्देश्य शाश्वत व अपरिवर्तनीय ईश्वर की उपासना बताया गया; उनके निधन के बाद महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1843 में इस आंदोलन का नेतृत्व संभालकर इसे संगठित रूप दिया।
18. राममोहन राय को राजा की उपाधि से किसने विभूषित किया?
(a) औरंगजेब
(b) रॉबर्ट क्लाइव
(c) महात्मा गांधी
(d) मुगल सम्राट अकबर द्वितीय
M.P.P.C.S. (Pre.) 2017
उत्तर-(d)
मुगल सम्राट अकबर द्वितीय ने राजा राममोहन राय को “राजा” की उपाधि प्रदान कर उन्हें 1830 में अपने प्रतिनिधि के रूप में ब्रिटिश दरबार भेजा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह मुगल साम्राज्य की घटती शक्ति के दौर में राममोहन राय की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को दर्शाता है; इसी यात्रा के दौरान वे फ्रांस भी गए और वहाँ के उदारवादी विचारकों से भी संपर्क में आए।
19. ब्रह्म समाज की स्थापना की-
(a) दयानंद सरस्वती
(b) स्वामी विवेकानंद
(c) केशवचंद्र सेन
(d) राममोहन राय
M.P.P.C.S. (Pre) 1992
उत्तर-(d)
हिंदू धर्म का पहला संगठित सुधार आंदोलन ब्रह्म समाज था, जिसकी स्थापना राजा राममोहन राय ने मूलतः ब्रह्म सभा के रूप में 1828 ई. में की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनके निधन के बाद देवेंद्रनाथ टैगोर 1843 में इस आंदोलन से जुड़े और उन्होंने अनुयायियों को मूर्तिपूजा, तीर्थयात्रा व कर्मकांडों से दूर रहने का उपदेश दिया; उन्होंने ही केशवचंद्र सेन को ब्रह्म समाज का आचार्य नियुक्त किया, जिनकी उदार वाणी से यह आंदोलन बंगाल के बाहर भी लोकप्रिय हुआ।
20. किस वर्ष स्वामी विवेकानंद ने विश्व धर्म संसद में भाग लिया?
(a) 1893
(b) 1895
(c) 1897
(d) 1899
U.P. R.C.S. (Spl.) (Pre) 2008
उत्तर-(a)
स्वामी विवेकानंद ने 1893 ई. में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में भाग लेकर भारतीय संस्कृति व वेदांत दर्शन का परिचय पश्चिमी जगत से कराया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनका प्रसिद्ध संबोधन “अमेरिका के भाइयों और बहनों” शब्दों से आरंभ हुआ, जिसने श्रोताओं में गहरा प्रभाव छोड़ा; इसी यात्रा के बाद उन्होंने अमेरिका व इंग्लैंड में वेदांत सोसाइटी की स्थापना की नींव रखी।
21. ब्रह्म समाज का सिद्धांत आधारित है-
(a) नास्तिकता पर
(b) अद्वैतवाद पर
(c) एकदेववाद पर
(d) बहुदेववाद पर
U.P.P.C.S. (Pre) 1999U.P.P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(c)
1828 ई. में स्थापित ब्रह्म समाज एकेश्वरवाद (एकदेववाद) पर आधारित था, जिसने मूर्तिपूजा व अवतारवाद का खंडन कर सार्वभौम ईश्वर की उपासना पर बल दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह सिद्धांत मुख्यतः उपनिषदों की वेदांतिक परंपरा और इस्लाम के एकेश्वरवादी विचार दोनों से प्रभावित था, क्योंकि राममोहन राय ने फारसी व अरबी साहित्य का भी गहन अध्ययन किया था।
22. निम्नलिखित पर विचार कीजिए-
1.कलकत्ता यूनिटेरियन कमेटी 2.टेबरनेकल ऑफ न्यू डिस्पेंसेशन
3.इंडियन रिफॉर्म एसोसिएशन
केशवचंद्र सेन का संबंध उपर्युक्त में से किसकी/किनकी स्थापना से है?
(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
I.A.S. (Pre) 2016
उत्तर-(b)
केशवचंद्र सेन ने 1868 ई. में टेबरनेकल ऑफ न्यू डिस्पेंसेशन तथा 1870 ई. में इंडियन रिफॉर्म एसोसिएशन की स्थापना की, जबकि कलकत्ता यूनिटेरियन कमेटी 1823 में राजा राममोहन राय, द्वारकानाथ टैगोर व विलियम एडम द्वारा गठित की गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: केशवचंद्र सेन 1857 ई. में ब्रह्म समाज से जुड़े थे और इंडियन रिफॉर्म एसोसिएशन के माध्यम से उन्होंने “सुलभ समाचार” नामक पत्र भी प्रकाशित किया, जो सभी जाति-धर्म के लोगों के लिए खुला था।
23. वर्ष 1893 में शिकागो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय धर्मों की संसद से किसका नाम जुड़ा है ?
(a) स्वामी दयानंद सरस्वती
(b) रामकृष्ण परमहंस
(c) स्वामी विवेकानंद
(d) राममोहन राय
M.P.P.C.S. (Pre) 1993
U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर-(c)
1893 ई. में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद से स्वामी विवेकानंद का नाम जुड़ा है, जिन्होंने वहाँ भारतीय अध्यात्म व सहिष्णुता के संदेश को विश्व के सामने रखा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने इसी यात्रा में रामकृष्ण मिशन के प्रचार-प्रसार हेतु धन एकत्र किया, और 1897 ई. में भारत लौटकर बेलूर मठ के निकट रामकृष्ण मिशन की औपचारिक स्थापना की।
24. भारतीय ब्रह्म समाज के संस्थापक थे-
(a) देवेंद्रनाथ टैगोर
(b) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(c) केशवचंद्र सेन
(d) राजा राममोहन राय
U.P. P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008
U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl.) (Pre) 2010
U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl.) (Mains) 2010
उत्तर-(c)
1866 ई. में केशवचंद्र सेन ने भारतीय ब्रह्म समाज की स्थापना की, जब देवेंद्रनाथ टैगोर से मतभेद के कारण वे मूल ब्रह्म समाज से अलग हो गए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: देवेंद्रनाथ टैगोर के नेतृत्व वाली मूल शाखा ने स्वयं को “आदि ब्रह्म समाज” नाम दिया; बाद में केशवचंद्र सेन के भारतीय ब्रह्म समाज में भी 1878 में मतभेद उभरे, जिससे “साधारण ब्रह्म समाज” का गठन हुआ।
25. आदि ब्रह्म समाज की स्थापना किसने की?
(a) देवेंद्रनाथ टैगोर
(b) केशवचंद्र सेन
(c) राजा राममोहन राय
(d) रबींद्रनाथ टैगोर
M.P.P.C.S. (Pre) 2020
उत्तर-(a)
जब 1865 ई. में देवेंद्रनाथ टैगोर ने केशवचंद्र सेन से आचार्य पद वापस ले लिया, तब केशवचंद्र सेन अलग हो गए और देवेंद्रनाथ टैगोर के नेतृत्व वाली मूल शाखा “आदि ब्रह्म समाज” कहलाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1839 ई. में तत्वबोधिनी सभा की स्थापना पहले ही कर ली थी, जिसके माध्यम से उन्होंने वेदांत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया था।
26. उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में नव हिंदूवाद (Neo-Hinduism) के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि थे-
(a) रामकृष्ण परमहंस
(b) स्वामी विवेकानंद
(c) बंकिमचंद्र चटर्जी
(d) राजा राममोहन राय
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(b)
स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं को सरल भाषा में जनसाधारण तक पहुँचाकर नव हिंदूवाद के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि के रूप में ख्याति पाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनका मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था और उन्होंने “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” जैसे प्रेरक विचारों से युवाओं को आत्मबल का संदेश दिया; 1897 में उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर सेवा व अध्यात्म को जोड़ा।
27. निम्नलिखित में कौन आत्मीय सभा के संस्थापक थे?
(a) राजा राममोहन राय
(b) स्वामी दयानंद सरस्वती
(c) स्वामी विवेकानंद
(d) अरबिंद घोष
विविध
उत्तर-(a)
1815 ई. में राजा राममोहन राय ने आत्मीय सभा की स्थापना कर एकेश्वरवाद व तर्कसंगत धार्मिक विचारों का प्रसार आरंभ किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह सभा वस्तुतः विचार-विमर्श का एक अनौपचारिक मंच थी, जो आगे चलकर 1828 में ब्रह्म सभा के रूप में संस्थागत रूप में परिणत हुई; इसमें वेद-उपनिषदों के पाठ व शास्त्रार्थ की परंपरा थी।
28. निम्न में से किसे राममोहन राय के धार्मिक/सामाजिक विचारों के विरोध में प्रारंभ किया गया?
(a) दिग्दर्शन
(b) समाचार चन्द्रिका
(c) संवाद् कौमुदी
(d) बंगाल गजट
U.P.P.C.S. (Mains) 2017
उत्तर-(b)
भवानीचरण बंधोपाध्याय ने 1822 ई. में राममोहन राय के सुधारवादी विचारों के विरोध में “समाचार चन्द्रिका” पत्रिका का प्रकाशन आरंभ किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसके विपरीत राममोहन राय ने स्वयं 1821 में “संवाद कौमुदी” नामक बंगाली पत्र निकाला था, जिसके माध्यम से वे सती प्रथा-विरोध व सामाजिक सुधार का प्रचार करते थे; रूढ़िवादी वर्ग ने इन सुधारों के विरोध में “धर्म सभा” नामक संगठन भी बाद में 1830 में बनाया।
29. इनमें से किसने 1893 में शिकागो में आयोजित धर्म संसद में भाग लिया ?
(a) दयानंद सरस्वती
(b) स्वामी विवेकानंद
(c) महात्मा गांधी
(d) राजा राममोहन राय
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C (Pre) 2020
उत्तर-(b)
स्वामी विवेकानंद ने 1893 ई. में शिकागो के विश्व धर्म संसद में भाग लेकर हिंदू धर्म व वेदांत की सार्वभौमिकता का संदेश विश्व मंच पर प्रस्तुत किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस सम्मेलन में उन्होंने धार्मिक कट्टरता व असहिष्णुता की आलोचना करते हुए सभी धर्मों की समान सत्यता पर बल दिया, जिससे वे रातोंरात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो गए।
30.राजा राममोहन राय ने निम्न में किसका विरोध नहीं किया था?
(a) बाल विवाह
(b) सती प्रथा
(c) पाश्चात्य शिक्षा
(d) मूर्ति पूजा
U.P.P.C.S. (Pre) 1992
उत्तर-(c)
राजा राममोहन राय ने पाश्चात्य शिक्षा का विरोध नहीं किया, बल्कि वे इसके प्रबल पक्षधर थे और मानते थे कि उदार अंग्रेजी शिक्षा ही भारतीयों को अज्ञान से मुक्त कर प्रशासन में भागीदार बना सकती है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1823 में उन्होंने गवर्नर जनरल को पत्र लिखकर संस्कृत शिक्षा के स्थान पर आधुनिक विज्ञान व अंग्रेजी शिक्षा को प्रोत्साहन देने की मांग की थी; यह पत्र भारतीय शिक्षा नीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।
31. ब्रह्म समाज के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. इसने मूर्ति पूजा का विरोध किया।
2.धार्मिक ग्रंथों की व्याख्या के लिए इसने पुरोहित वर्ग को अस्वीकारा।
3. इसने इस सिद्धांत का प्रचार किया कि वेद त्रुटिहीन हैं।
निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिए-
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
I.A.S. (Pre) 2012
उत्तर-(b)
ब्रह्म समाज ने मूर्तिपूजा व पुरोहितवाद का विरोध किया, किंतु वेदों को त्रुटिहीन मानने का सिद्धांत उसका नहीं बल्कि स्वामी दयानंद सरस्वती के आर्य समाज का था, अतः कथन 1 व 2 सही हैं जबकि कथन 3 गलत है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दयानंद सरस्वती ने 1875 में आर्य समाज की स्थापना कर “वेदों की ओर लौटो” का सिद्धांत प्रतिपादित किया, जबकि ब्रह्म समाज मानव विवेक व तर्क को धार्मिक निर्णयों का प्रमुख आधार मानता था।
32. स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलनमें अपना भाषण कब दिया था?
(a) 1863
(b) 1892
(c) 1881
(d) 1894
M.P.P.C.S. (Pre) 2013
उत्तर-
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस प्रश्न को त्रुटिपूर्ण मानते हुए सभी अभ्यर्थियों को बोनस अंक दिया था, क्योंकि सही उत्तर 1893 ई. दिए गए विकल्पों में उपलब्ध नहीं था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर, 1893 को शिकागो के विश्व धर्म संसद में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया था, जिसने भारत की आध्यात्मिक परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाई।
33. शारदामणि कौन थीं?
(a) राजा राममोहन राय की पत्नी
(b) रामकृष्ण परमहंस की पत्नी
(c) विवेकानंद की मां
(d) केशवचंद्र सेन की पुत्री
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
उत्तर-(b)
शारदामणि मुखोपाध्याय, जिन्हें शारदा देवी के नाम से जाना जाता है, रामकृष्ण परमहंस की पत्नी थीं और उनका विवाह 1859 ई. में मात्र 5 वर्ष की आयु में हुआ था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: शारदा देवी को रामकृष्ण मिशन में “पवित्र माता” (होली मदर) के रूप में सम्मान दिया जाता है, और विवाह के बावजूद रामकृष्ण परमहंस ने उनके साथ आध्यात्मिक साधना पर आधारित संबंध रखा, न कि सामान्य दांपत्य जीवन।
34. रामकृष्ण मिशन की स्थापना किसने की थी?
(a) रामकृष्ण परमहंस
(b) एम.एन. दासगुप्ता
(c) स्वामी विवेकानंद
(d) स्वामी रंगनाथनंद
M.P.P.C.S. (Pre) 1996
U.P.P.C.S. (Mains) 2004
उत्तर-(c)
स्वामी विवेकानंद ने 1897 ई. में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की, जिसका मुख्यालय कलकत्ता के निकट बेलूर में स्थापित किया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस मिशन को 1909 में सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत कराया गया; मिशन का मूल आदर्श वाक्य “आत्मनो मोक्षार्थं जगद्धिताय च” था, अर्थात् स्वयं की मुक्ति तथा संसार के कल्याण हेतु कार्य करना।
35. व्यावहारिक वेदांत के प्रतिपादक कौन हैं?
(a) दयानंद
(b) राजा राममोहन राय
(c) गांधी
(d) विवेकानंद
Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2019
उत्तर-(d)
स्वामी विवेकानंद व्यावहारिक वेदांत के प्रतिपादक थे, जिनका मत था कि वेदांत को जीवन के हर क्षेत्र में लागू किया जाना चाहिए, केवल दार्शनिक चिंतन तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने इस विषय पर अपना पहला भाषण 10 नवंबर, 1896 को लंदन में दिया था; उनका प्रसिद्ध कथन था कि सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा है, जिसे “शिव ज्ञान से जीव सेवा” के रूप में जाना जाता है।
36. स्वामी विवेकानंद द्वारा रामकृष्ण मिशन की स्थापना की गई-
(a) 1886 में
(b) 1892 में
(c) 1898 में
(d) 1897 में
R.A.S./R.T.S. (Pre) (Re-Exam) 2013
उत्तर-(d)
स्वामी विवेकानंद ने 1897 ई. में रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर सेवा, शिक्षा व अध्यात्म को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मिशन के अंतर्गत आगे चलकर देशभर में अस्पताल, विद्यालय व राहत कार्य केंद्र स्थापित किए गए; रामकृष्ण मिशन आज भी शिक्षा व मानव सेवा के क्षेत्र में सक्रिय एक प्रमुख संस्था है।
37.रामकृष्ण मिशन किनके द्वारा प्रारंभ किया गया?
(a) रामकृष्ण परमहंस
(b) दयानंद सरस्वती
(c) स्वामी विवेकानंद
(d) राजा राममोहन राय
M.P.P.C.S. (Pre) 1999
उत्तर-(c)
रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानंद द्वारा की गई, जो अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं से प्रेरित थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विवेकानंद ने गुरु के निधन (1886) के पश्चात् उनके अनुयायियों को संगठित कर बेलूर मठ की स्थापना की; उन्होंने भारत में भ्रमण कर गरीबी व सामाजिक असमानता को निकट से देखा, जिसने उन्हें सेवा-आधारित मिशन बनाने हेतु प्रेरित किया।
38. इनमें से किस प्रख्यात समाज सुधारक ने ज्ञानयोग, कर्मयोग तथा राजयोग नामक पुस्तकें लिखीं?
(a) स्वामी विवेकानंद
(b) रानाडे
(c) राजा राममोहन राय
(d) रामकृष्ण परमहंस
U.P. Lower Sub. (Pre) 2015
उत्तर-(a)
स्वामी विवेकानंद ने ज्ञानयोग, कर्मयोग व राजयोग जैसी पुस्तकों की रचना कर वेदांत दर्शन को सुव्यवस्थित व सरल रूप में प्रस्तुत किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके भाषण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई; इन पुस्तकों के माध्यम से उन्होंने योग के विभिन्न मार्गों को पश्चिमी जगत में भी लोकप्रिय बनाया।
39. रामकृष्ण मिशन की स्थापना 1897 ई. में किसने की थी?
(a) विवेकानंद
(b) रामकृष्ण परमहंस
(c) गोपाल कृष्ण गोखले
(d) श्यामजीकृष्ण वर्मा
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(a)
स्वामी विवेकानंद ने 1897 ई. में रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर धार्मिक सेवा के साथ सामाजिक कल्याण के कार्यों को भी संस्थागत रूप दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मिशन की स्थापना से पूर्व विवेकानंद ने कई वर्षों तक परिव्राजक (घुमक्कड़ संन्यासी) के रूप में संपूर्ण भारत का भ्रमण किया था, जिससे उन्हें देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति की गहरी समझ प्राप्त हुई।
40. स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की, वर्ष-
(a) 1861 में
(b) 1891 में
(c) 1893 में
(d) 1897 में
41st B.P.S.C. (Pre) 1996
उत्तर-(d)
स्वामी विवेकानंद द्वारा 1897 ई. में स्थापित रामकृष्ण मिशन का उद्देश्य आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ मानव सेवा को धर्म का व्यावहारिक रूप देना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस, जिनका मूल नाम गदाधर चट्टोपाध्याय था, दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पुजारी थे और उन्हीं की शिक्षाओं ने विवेकानंद के जीवन-दर्शन को गहराई से प्रभावित किया।
41. सत्यार्थ प्रकाश पवित्र पुस्तक है-
(a) आर्य समाज की
(b) ब्रह्म समाज की
(c) थियोसोफिकल सोसाइटी की
(d) प्रार्थना समाज की
(Pre) 2007
उत्तर-(a)
सत्यार्थ प्रकाश आर्य समाज की पवित्र पुस्तक मानी जाती है, जिसमें स्वामी दयानंद सरस्वती के धार्मिक व सामाजिक विचारों का विस्तृत वर्णन है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस ग्रंथ में उन्होंने मूर्तिपूजा, बाल विवाह, जाति-आधारित भेदभाव तथा अंधविश्वासों की कड़ी आलोचना की; यह पुस्तक हिंदी भाषा में लिखी गई थी ताकि आम जनमानस तक इसका संदेश सरलता से पहुँच सके।
42. वेदों के पुनरुत्थान का श्रेय किसे है?
(a) रामकृष्ण परमहंस
(b) रामानुज
(c) स्वामी दयानंद सरस्वती
(d) स्वामी विवेकानंद
U.P.P.C.S. (Pre) 1995
उत्तर-(c)
स्वामी दयानंद सरस्वती को वेदों के पुनरुत्थान का श्रेय दिया जाता है, क्योंकि उन्होंने “वेदों की ओर लौटो” का नारा देते हुए शुद्ध वैदिक परंपरा को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने 1867 ई. में झूठे धर्मों व पाखंड के खंडन हेतु “पाखंड खंडिनी पताका” फहराई; अपने सुधारवादी प्रयासों के कारण उन्हें भारत का मार्टिन लूथर भी कहा जाता है।
43. आर्य समाज की स्थापना किसने की?
(a) रानाडे
(b) दयानंद
(c) दयानंद सरस्वती
(d) स्वामी विवेकानंद
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020
उत्तर-(c)
स्वामी दयानंद सरस्वती ने अप्रैल 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना कर वैदिक धर्म के शुद्ध स्वरूप की पुनर्स्थापना का लक्ष्य रखा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनका मूल नाम मूलशंकर था, और 1877 ई. में आर्य समाज का मुख्यालय लाहौर स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद इस आंदोलन का प्रसार उत्तर भारत में तेजी से हुआ।
44.ईश्वर के बारे में सोचने के लिए मेरे पास वक्त नहीं है, क्योंकि अभी इस धरती पर ही बहुत काम किया जाना है, उपर्युक्त कथन किसका है?
(a) स्वामी विवेकानंद
(b) स्वामी दयानंद सरस्वती
(c) स्वामी रामकृष्ण परमहंस
(d) स्वामी ईश्वरचंद्र विद्यासागर
U.P.R.O./ A.R.O. (Re-Exam) (Pre) 2016
उत्तर-(d)
ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने ईश्वर के अस्तित्व संबंधी प्रश्न पर यह उत्तर दिया था कि उनके पास ईश्वर के बारे में सोचने का समय नहीं, क्योंकि धरती पर अभी बहुत कार्य शेष है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विद्यासागर व्यावहारिक मानवतावाद व शिक्षा-सुधार को प्राथमिकता देते थे, और उन्होंने 1856 के विधवा पुनर्विवाह अधिनियम को पारित कराने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
45. सत्यार्थ प्रकाश के लेखक हैं-
(a) स्वामी विवेकानंद
(b) स्वामी निश्चलानंद
(c) स्वामी चिन्मयानंद
(d) स्वामी हरिदास
(e) इनमें से कोई नहीं
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2016
उत्तर-
सत्यार्थ प्रकाश के वास्तविक लेखक स्वामी दयानंद सरस्वती थे, जो दिए गए विकल्पों में शामिल नहीं होने के कारण यहाँ “इनमें से कोई नहीं” सही उत्तर बनता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस ग्रंथ में दयानंद ने वैदिक धर्म की व्याख्या के साथ-साथ अन्य समकालीन मतों जैसे इस्लाम व ईसाई धर्म की भी समीक्षा प्रस्तुत की थी, जो उस समय काफी विवादास्पद रही।
46. निम्न में से कौन भारत का मार्टिन लूथर कहलाता है?
(a) स्वामी दयानंद सरस्वती
(b) राजा राममोहन राय
(c) स्वामी विवेकानंद
(d) स्वामी श्रद्धानंद
U.P.P.C.S. (Mains) 2005
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(a)
स्वामी दयानंद सरस्वती को उनके निर्भीक धार्मिक सुधार आंदोलन के कारण भारत का मार्टिन लूथर कहा जाता है, जैसे यूरोप में मार्टिन लूथर ने चर्च की कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दयानंद सरस्वती ने 1860 में मथुरा में स्वामी विरजानंद से वेदों की शिक्षा प्राप्त की थी, जिसने उनके संपूर्ण सुधारवादी दृष्टिकोण को आकार दिया।
47. ब्रिटिश साम्राज्य पूरी तरह से सड़ चुका है, हर तरह से भ्रष्ट, अत्याचारी व हीन है। यह कथन किनके द्वारा किया गया था?
(a) सिस्टर निवेदिता
(b) सावित्रीबाई फुले
(c) एनी बेसेंट
(d) बाल गंगाधर तिलक
M.P.P.C.S. (Pre) 2018
उत्तर-(a)
यह तीखी टिप्पणी स्वामी विवेकानंद की शिष्या सिस्टर निवेदिता ने ब्रिटिश शासन की आलोचना करते हुए की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सिस्टर निवेदिता का मूल नाम मार्गरेट एलिजाबेथ नोबल था, वे मूलतः आयरलैंड की निवासी थीं और भारत आकर उन्होंने महिला शिक्षा तथा राष्ट्रवादी विचारों के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
48. दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित है-
(a) ब्रह्म समाज
(b) आर्य समाज
(c) प्रार्थना समाज
(d) बहुजन समाज
43rd B.P.S.C. (Pre) 1999
उत्तर-(b)
स्वामी दयानंद सरस्वती ने अप्रैल 1875 ई. में बंबई में आर्य समाज की स्थापना कर प्राचीन वैदिक धर्म को शुद्ध रूप में पुनः स्थापित करने का प्रयास किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह आंदोलन पाश्चात्य प्रभाव की प्रतिक्रियास्वरूप उभरा और 1877 में मुख्यालय लाहौर स्थानांतरित होने के बाद इसका प्रचार-प्रसार उत्तर भारत में तीव्र गति से हुआ।
49. पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश के लेखक कौन थे ?
(a) स्वामी श्रद्धानंद
(b) महर्षि डी.के. कर्वे
(c) स्वामी दयानंद सरस्वती
(d) पं. श्रीराम शर्मा, आचार्य
M.P.P.C.S. (Pre) 2019
उत्तर-(a)
सत्यार्थ प्रकाश ग्रंथ की रचना स्वामी दयानंद सरस्वती ने की थी, जिसमें उनके धार्मिक-सामाजिक सुधार संबंधी विचार संकलित हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनकी अन्य प्रमुख रचनाओं में पाखंड खंडन, ऋग्वेद भाष्य तथा वेदभाष्य भूमिका शामिल हैं, जो वैदिक अध्ययन की दिशा में उनके गहन योगदान को दर्शाती हैं।
50. वेदों की ओर चलो किसने कहा था?
(a) राजा राममोहन राय
(b) दयानंद सरस्वती
(c) विवेकानंद
(d) रामकृष्ण परमहंस
M.P. P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(b)
स्वामी दयानंद सरस्वती ने “वेदों की ओर लौटो” का प्रसिद्ध नारा दिया, क्योंकि वे वेदों को समस्त ज्ञान का मूल स्रोत तथा शाश्वत सत्य मानते थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने उत्तर वैदिक काल से चली आ रही सभी परंपराओं व मतों को पाखंड करार दिया और वैदिक युग की शुद्ध जीवनशैली को आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया।
51. सत्यार्थ प्रकाश की रचना की गई थी-
(a) राजा राममोहन राय द्वारा
(b) महात्मा गांधी द्वारा
(c) स्वामी विवेकानंद द्वारा
(d) स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म 1824 ई. में गुजरात की मोरवी रियासत में हुआ था और उन्होंने ही सत्यार्थ प्रकाश की रचना की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना से पूर्व उन्होंने 1867 ई. में पाखंड खंडिनी पताका फहराकर धार्मिक कुरीतियों के विरुद्ध अभियान आरंभ कर दिया था।
52. आर्य समाज की स्थापना का वर्ष है-
(a) 1865
(b) 1870
(c) 1875
(d) 1880
U.P. Lower Sub. (Pre) 2009
उत्तर-(a)
आर्य समाज की स्थापना 1875 ई. में स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा बंबई में की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य वैदिक धर्म का शुद्ध रूप में पुनरुद्धार करना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस संगठन ने शिक्षा के प्रचार हेतु देशभर में दयानंद एंग्लो-वैदिक (डी.ए.वी.) विद्यालयों व महाविद्यालयों की स्थापना की, जो आज भी शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
53. सत्यार्थ प्रकाश किसके द्वारा लिखा गया है?
(a) राजा राममोहन राय
(b) बाल गंगाधर तिलक
(c) स्वामी विवेकानंद
(d) दयानंद सरस्वती
U.P.P.C.S. (Mains) 2017
उत्तर-(d)
सत्यार्थ प्रकाश की रचना स्वामी दयानंद सरस्वती ने की, जिन्होंने इस ग्रंथ के माध्यम से वैदिक धर्म की श्रेष्ठता तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन का संदेश दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस पुस्तक का प्रभाव इतना व्यापक था कि इसने आर्य समाज के अनुयायियों के लिए एक मार्गदर्शक ग्रंथ की भूमिका निभाई और आगे चलकर स्वतंत्रता आंदोलन के कई नेताओं को भी प्रेरित किया।
54. महाराष्ट्र में प्रार्थना समाज का मुख्य संचालक कौन था?
(a) आर.जी. भंडारकर
(b) एम.जी. रानाडे
(c) पंडित रमाबाई
(d) गोपाल गणेश आगरकर
U.P. Lower Sub. (Pre) 2004
उत्तर-(b)
महादेव गोविंद रानाडे 1869 ई. में प्रार्थना समाज से जुड़े और आगे चलकर इसके मुख्य संचालक बने, जिन्होंने संस्था को महाराष्ट्र में सुदृढ़ आधार दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रानाडे ने विधवा पुनर्विवाह संघ तथा दक्कन एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई; उन्हें आधुनिक भारत में आर्थिक राष्ट्रवाद के अग्रदूतों में गिना जाता है।
55. निम्नलिखित संगठनों में से किसने शुद्धि आंदोलन का समर्थन किया ?
(a) आर्य समाज
(b) ब्रह्म समाज
(c) देव समाज
(d) प्रार्थना समाज
U.P.P.C.S (Pre) 2010
उत्तर-(c)
1875 ई. में स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आर्य समाज ने धर्म-परिवर्तित हिंदुओं की पुनः हिंदू धर्म में वापसी हेतु शुद्धि आंदोलन को समर्थन दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह आंदोलन विशेष रूप से पंजाब क्षेत्र में सक्रिय रहा, जहाँ आर्य समाज की जड़ें गहरी थीं; बाद में स्वामी श्रद्धानंद ने भी इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
56.निम्नलिखित में से किसने महाराष्ट्र में प्रार्थना समाज की स्थापना की थी ?
(a) आत्माराम पांडुरंग ने
(b) ज्योतिबा फुले ने
(c) एम.जी. चंद्राकर ने
(d) एम.जी. रानाडे ने
U.P.U.D.A./L.D.A. (Mains) 2010
उत्तर-(a)
1867 ई. में बंबई में आत्माराम पांडुरंग ने केशवचंद्र सेन की प्रेरणा से प्रार्थना समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य जातिप्रथा-विरोध व स्त्री शिक्षा का प्रसार था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस संस्था ने विधवा-विवाह तथा स्त्री-पुरुष विवाह की न्यूनतम आयु बढ़ाने जैसे सुधारों पर बल दिया; 1869 में महादेव गोविंद रानाडे इससे जुड़कर इसके प्रमुख स्तंभ बने।
57. प्रार्थना समाज संस्था के संस्थापक कौन थे?
(a) दयानंद सरस्वती
(b) राजा राममोहन राय
(c) स्वामी सहजानंद
(d) महादेव गोविंद रानाडे
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2004
उत्तर-
प्रार्थना समाज के वास्तविक संस्थापक आत्माराम पांडुरंग थे, जो दिए गए विकल्पों में सम्मिलित नहीं हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह संस्था ब्रह्म समाज के विचारों से प्रभावित थी, किंतु महाराष्ट्र की सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप इसने स्थानीय स्तर पर सुधार कार्यक्रम चलाए, जैसे अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहन देना।
58. निम्न में से किस व्यक्ति ने सर्वप्रथम स्वराज्य शब्द का प्रयोग किया और हिंदी को राष्ट्रभाषा माना?
(a) राजा राममोहन राय
(b) स्वामी दयानंद
(c) स्वामी विवेकानंद
(d) बाल गंगाधर तिलक
R.A.S./ R.T.S. (Pre) 1999
उत्तर-(b)
स्वामी दयानंद सरस्वती ने सर्वप्रथम “स्वराज्य” शब्द का प्रयोग किया तथा हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में मान्यता दी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनका मानना था कि बुरे से बुरा देशी शासन भी अच्छे से अच्छे विदेशी शासन से बेहतर है; इस विचार ने आगे चलकर भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन को वैचारिक आधार प्रदान किया।
59. प्रार्थना समाज के संस्थापक कौन थे ?
(a) आत्माराम पांडुरंग
(b) तिलक
(c) एनी बेसेंट
(d) रासबिहारी घोष
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
उत्तर-(a)
आत्माराम पांडुरंग ने 1867 ई. में बंबई में प्रार्थना समाज की स्थापना की, जो एकेश्वरवाद व सामाजिक सुधार पर आधारित संगठन था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह संस्था ब्रह्म समाज के सिद्धांतों से प्रेरित तो थी, परंतु इसने कर्मकांड-विरोध से अधिक व्यावहारिक सामाजिक सुधारों जैसे जाति-निषेध व स्त्री-शिक्षा पर बल दिया।
60. निम्न में से किसने कहा था, अच्छा शासन स्वशासन का स्थानापन्न नहीं है?
(a) लोकमान्य तिलक
(b) स्वामी विवेकानंद
(c) स्वामी दयानंद
(d) रबींद्रनाथ टैगोर
Uttranchal P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(c)
स्वामी दयानंद सरस्वती विदेशी शासन को अभिशाप मानते हुए कहते थे कि अच्छा शासन भी स्वशासन का स्थान नहीं ले सकता।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनके आर्थिक विचारों में स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग पर विशेष बल दिया गया था; यह विचारधारा आगे चलकर स्वदेशी आंदोलन व राष्ट्रीय आंदोलन के आर्थिक पक्ष को प्रभावित करने वाली सिद्ध हुई।
61. नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को कथन (a) तथा दूसरे को कारण (R) के रूप में दिया गया है।
कथन (a) : आर्य समाज आंदोलन ने हिंदुओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता प्रदान किया।
कारण (R) : आर्य समाज आंदोलन ने श्वेत जाति की श्रेष्ठता में विश्वास की जड़ों को कमजोर किया।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-
कूट :
(a) (a) और (R) दोनों सही हैं और (R),(a) की सही व्याख्या करता है।
(b) (a) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (a) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) (a) सही है, परंतु (R) गलत है।
(d) (a) गलत है, परंतु (R) सही है।
U.P. B.E.O. (Pre) 2019
उत्तर-(b)
आर्य समाज ने हिंदुओं में आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता जगाई, जो सत्य है, और इसने श्वेत जातीय श्रेष्ठता के सिद्धांत को भी नकारा, परंतु यह दूसरा कथन पहले की पूर्ण व्याख्या नहीं करता, अतः विकल्प (b) सही है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: आर्य समाज ने हिंदू श्रेष्ठता के सिद्धांत को स्वीकार करते हुए भारतीयों में गौरवबोध जगाने का प्रयास किया, जो राष्ट्रीय आंदोलन के प्रारंभिक चरण के लिए एक वैचारिक आधार बना।
62. निम्नलिखित को कालानुक्रम में रखिए-
1. तुलसीदास 2. राजा राममोहन राय
3. स्वामी विवेकानंद 4. दयानंद सरस्वती
(a) 1, 2, 3, 4
(b) 1, 2, 4, 3
(c) 2, 1, 3, 4
(d) 2, 3, 4, 1
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(b)
कालानुक्रम में तुलसीदास (16वीं शताब्दी), राजा राममोहन राय (1772-1833), दयानंद सरस्वती (1824-1883) तथा स्वामी विवेकानंद (1863-1902) का क्रम सही बैठता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तुलसीदास का रामचरितमानस भक्ति काल की महत्वपूर्ण रचना मानी जाती है, जबकि शेष तीनों व्यक्तित्व आधुनिक भारत के धार्मिक-सामाजिक सुधार आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे, जिनके विचारों ने राष्ट्रीय चेतना के विकास में योगदान दिया।
63. गुलामगीरी का लेखक कौन था?
(a) बी.आर. अम्बेडकर
(b) ज्योतिबा फुले
(c) महात्मा गांधी
(d) पेरियार
U.P.P.C.S. (Pre) 2000
उत्तर-(b)
ज्योतिबा फुले ने अपनी पुस्तक “गुलामगीरी” के माध्यम से पाखंडी ब्राह्मणवादी व्यवस्था तथा जाति-आधारित शोषण की कड़ी आलोचना की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनका जन्म 1827 ई. में एक माली परिवार में हुआ था, और उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए भारत के पहले विद्यालयों में से एक की स्थापना की थी।
64. देव समाज का संस्थापक निम्न में से कौन था?
(a) वल्लभभाई पटेल
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) शिवनारायण अग्निहोत्री
(d) रामकृष्ण परमहंस
U.P.P.C.S. (Pre) 2002
U.P. Lower Sub. (Pre) 2002
U.P. Lower Sub. (Pre) 2003
उत्तर-(c)
शिवनारायण अग्निहोत्री, जो पूर्व में ब्रह्म समाज के अनुयायी थे, ने 1887 ई. में लाहौर में देव समाज की स्थापना की, जिसके सिद्धांत “देवशास्त्र” नामक ग्रंथ में संकलित हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस समाज में प्रभु-सत्ता, आत्मा की अमरता तथा गुरु के महत्व पर बल दिया गया था; 1913 के बाद अग्निहोत्री द्वारा अपने पुत्र देवानंद को उत्तराधिकारी घोषित करने के बाद यह आंदोलन धीरे-धीरे लोकप्रियता खो बैठा।
65. सत्यशोधक आंदोलन चलाया था-
(a) छत्रपति शाहूजी महराज ने
(b) बी.आर. अम्बेडकर ने
(c) ज्योतिबाराव फुले ने
(d) टी.एन. नायर ने
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(c)
ज्योतिबाराव फुले ने सत्यशोधक आंदोलन चलाकर निम्न जातियों को ब्राह्मणवादी वर्चस्व व अवसरवादी धार्मिक व्यवस्था से मुक्ति दिलाने का प्रयास किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनके निधन के पश्चात छत्रपति शाहूजी महाराज ने कोल्हापुर रियासत में सत्यशोधक आंदोलन को आगे बढ़ाया और आरक्षण जैसी नीतियों को लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।
66. किसने 1873 ई. में सत्यशोधक समाज की स्थापना की?
(a) गोपाल कृष्ण गोखले
(b) ज्योतिबा फुले
(c) शिवनाथ शास्त्री
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
40th B.P.S.C. (Pre) 1995
U.P.P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(b)
1873 ई. में ज्योतिबा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य निम्न जातियों को ब्राह्मणवादी शोषण से बचाना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: फुले को महाराष्ट्र में गैर-ब्राह्मण आंदोलन का प्रवर्तक माना जाता है; उनके सामाजिक योगदान के सम्मान में 1888 ई. में उन्हें “महात्मा” की उपाधि से विभूषित किया गया था।
67. महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा किस संगठन की स्थापना की गई थी?
(a) गोपाल मंडली
(b) श्री नारायण सभा
(c) सत्यशोधक समाज
(d) महाजन सभा
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2007
उत्तर-(c)
महात्मा ज्योतिबा फुले ने 1873 ई. में सत्यशोधक समाज की स्थापना कर सामाजिक समानता व जाति-निषेध का संदेश फैलाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: श्री नारायण सभा वस्तुतः केरल में श्री नारायण गुरु द्वारा स्थापित संगठन था, जो जातिगत भेदभाव के विरुद्ध एक अलग किंतु समांतर आंदोलन था, जिससे यह प्रश्न में भ्रमित करने वाला विकल्प बनता है।
68. सत्यशोधक समाज की स्थापना किसने की?
(a) बी.आर. अम्बेडकर
(b) केशवचंद्र सेन
(c) पंडिता रमाबाई
(d) ज्योतिबा फुले
Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर-(d)
सत्यशोधक समाज के संस्थापक ज्योतिबा फुले थे, जिन्होंने ब्राह्मणवादी वर्चस्व के विरुद्ध निम्न जातियों में जागरूकता फैलाने का कार्य किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पंडिता रमाबाई, जो इस प्रश्न में एक भ्रामक विकल्प हैं, स्वयं एक प्रमुख समाज सुधारक थीं जिन्होंने महिला शिक्षा व विधवा कल्याण हेतु 1889 में शारदा सदन की स्थापना की थी।
69. सत्यशोधक समाज की स्थापना किसने की थी ?
(a) बी.आर. अम्बेडकर
(b) संतराम
(c) ज्योतिबा फुले
(d) भास्कर राव जाधव
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2012
उत्तर-(c)
1873 ई. में ज्योतिबा फुले द्वारा स्थापित सत्यशोधक समाज ने निम्न जातियों के उत्थान तथा सामाजिक समानता की स्थापना हेतु कार्य किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: भास्कर राव जाधव, जो इस प्रश्न में एक विकल्प के रूप में दिए गए हैं, कोल्हापुर रियासत में सत्यशोधक आंदोलन के महत्वपूर्ण सहयोगी रहे और छत्रपति शाहूजी महाराज के साथ मिलकर सामाजिक सुधारों में सक्रिय भूमिका निभाई।
70. महाराष्ट्र के किस सुधारक को लोकहितवादी कहा जाता था?
(a) एम.जी. रानाडे
(b) गोपाल कृष्ण गोखले
(c) पंडिता रमाबाई
(d) गोपाल हरि देशमुख
M.P.P.C.S. (Pre) 1995
उत्तर-(d)
गोपाल हरि देशमुख (1823-92) को महाराष्ट्र में लोकहितवादी के नाम से जाना जाता था, जिन्होंने बौद्धिक चिंतन व स्त्री शिक्षा के प्रसार पर विशेष बल दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वे पेशे से न्यायाधीश थे और 1880 में गवर्नर जनरल की काउंसिल के सदस्य भी बने; राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के समर्थन में उन्होंने 1876 के दिल्ली दरबार में हाथ से बुनी खादी पहनकर उपस्थित होकर स्वदेशी भावना का प्रदर्शन किया।
71. राधास्वामी सत्संग के संस्थापक कौन थे?
(a) हरिदास स्वामी
(b) शिवदयाल साहब
(c) शिवनारायण अग्निहोत्री
(d) स्वामी श्रद्धानंद
U.P.P.C.S. (Pre) 2002
उत्तर-(b)
1861 ई. में आगरा के तुलसीराम, जो शिवदयाल साहब के नाम से प्रसिद्ध थे, ने राधास्वामी सत्संग आंदोलन की स्थापना की, जो एक परमेश्वर व गुरु-महत्ता में विश्वास रखता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह पंथ मंदिरों व तीर्थस्थलों को महत्व नहीं देता था, बल्कि सादगीपूर्ण सामाजिक जीवन तथा सेवा-प्रार्थना की भावना पर बल देता था; आज भी यह आंदोलन आगरा व पंजाब क्षेत्र में सक्रिय है।
72. सत्यशोधक समाज ने संगठित किया-
(a) बिहार में आदिवासियों के उन्नयन का एक आंदोलन
(b) गुजरात में मंदिर प्रवेश का एक आंदोलन
(c) महाराष्ट्र एक जाति-विरोधी आंदोलन
(d) पंजाब में एक किसान आंदोलन
I.A.S. (Pre) 2016
उत्तर-(c)
1873 ई. में ज्योतिबा फुले द्वारा पुणे में स्थापित सत्यशोधक समाज ने महाराष्ट्र में उच्च जातियों के विरुद्ध एक विशिष्ट जाति-विरोधी आंदोलन संगठित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह आंदोलन पूर्व के अन्य सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों से भिन्न था, क्योंकि इसका केंद्रबिंदु धार्मिक सुधार नहीं बल्कि सीधे जातिगत असमानता के विरुद्ध निम्न वर्गों का संगठित विद्रोह था।
73. दि एज ऑफ कांसेंट एक्ट किस वर्ष पारित हुआ?
(a) 1856
(b) 1891
(c) 1881
(d) 1905
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013
उत्तर-(b)
एज ऑफ कांसेंट एक्ट 1891 ई. में पारित हुआ, जिसने विवाह हेतु सम्मति की न्यूनतम आयु निर्धारित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर अंकुश लगाने का प्रयास किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह अधिनियम पारसी समाज सुधारक बहरामजी एम. मालाबारी के निरंतर प्रयासों का परिणाम था, जिन्होंने बाल विवाह-विरोधी अभियान चलाया था; इस कानून का रूढ़िवादी वर्ग द्वारा तीव्र विरोध भी किया गया था।
74. वह बंगाली नेता कौन था, जिसने सामाजिक-धार्मिक सुधारों का विरोध किया और रूढ़िवादिता का समर्थन किया?
(a) राधाकांत देव
(b) नेमिसाधन बोस
(c) हेमचंद्र विश्वास
(d) हेमचंद्र डे
U.P. Lower Sub. (Pre) 2008
उत्तर-(a)
राजा राधाकांत देव ने 1830 ई. में धर्म सभा की स्थापना कर सामाजिक-धार्मिक सुधारों का विरोध किया और पारंपरिक रूढ़िवादी मूल्यों का समर्थन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: धर्म सभा की स्थापना विशेष रूप से राजा राममोहन राय के सती-प्रथा विरोधी अभियान की प्रतिक्रिया में हुई थी, जो उस समय के रूढ़िवादी और सुधारवादी वर्गों के बीच वैचारिक टकराव को दर्शाती है।
75. महाराष्ट्र में विधवा पुनर्विवाह हेतु अभियान का नेतृत्व किया-
(a) विष्णु परशुराम पंडित ने
(b) बी.एम. मालाबारी ने
(c) गोपाल हरि देशमुख ने
(d) दादाभाई नौरोजी ने
U.P. Lower Sub. (Pre) 2013
उत्तर-(a)
विष्णु परशुराम पंडित (विष्णु शास्त्री) ने महाराष्ट्र में विधवा पुनर्विवाह आंदोलन का नेतृत्व किया और 1850 ई. में विडो रिमैरिज एसोसिएशन की स्थापना की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसके विपरीत बी.एम. मालाबारी मुख्यतः बाल-विवाह प्रथा के विरुद्ध अपने अभियान के लिए जाने जाते हैं, जिनके प्रयासों से 1891 का एज ऑफ कांसेंट एक्ट पारित हुआ।
76. सत्यशोधक समाज की स्थापना किसने की थी ?(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
(a) दयानंद सरस्वती
(b) ज्योतिबा फुले
(c) गांधीजी
(d) डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर
65th B.P.S.C. (Pre) 2019
उत्तर-(b)
ज्योतिबा फुले ने 1873 ई. में सत्यशोधक समाज की स्थापना कर सामाजिक समानता व निम्न जातियों के कल्याण हेतु आंदोलन चलाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने अपनी पुस्तक “सार्वजनिक सत्यधर्म” में समाज के सभी वर्गों के लिए एक समान व तर्कसंगत नैतिक संहिता प्रस्तुत करने का प्रयास किया, जो जातिगत भेदभाव से मुक्त थी।
77. पिछड़े वर्गों का उत्थान किसका मुख्य कार्यक्रम था?
(a) प्रार्थना समाज
(b) सत्यशोधक समाज
(c) आर्य समाज
(d) रामकृष्ण मिशन
I.A.S. (Pre) 1993
उत्तर-(b)
1873 ई. में ज्योतिबा फुले द्वारा स्थापित सत्यशोधक समाज का मुख्य कार्यक्रम पिछड़े व दलित वर्गों का सामाजिक उत्थान था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अपनी ब्राह्मण-विरोधी विचारधारा के संगठित प्रसार हेतु उन्होंने “सार्वजनिक सत्यधर्म” तथा “गुलामगीरी” जैसे आलोचनात्मक ग्रंथों की रचना की, जो दलित चेतना के विकास में मील का पत्थर साबित हुए।
78. 19वीं सदी के महानतम पारसी समाज सुधारक थे-
(a) सर जमशेदजी
(b) सर रुस्तम बहरामजी
(c) नवलजी टाटा
(d) बहरामजी एम. मालाबारी
R.A.S./R.T.S. (Pre) 2010
उत्तर-(d)
1853 ई. में बड़ौदा के पारसी परिवार में जन्मे बहरामजी एम. मालाबारी उन्नीसवीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण पारसी समाज सुधारक माने जाते हैं, जिन्होंने बाल विवाह के विरुद्ध व विधवा विवाह के समर्थन में सशक्त अभियान चलाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनके निरंतर प्रयासों से ही 1891 ई. का एज ऑफ कांसेंट एक्ट पारित हो सका, जो बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था।
79.लोकहितवादी उपनाम से किसे जाना जाता था?
(a) गोपाल हरि देशमुख को
(b) महादेव गोविंद रानाडे को
(c) ज्योतिबा फुले को
(d) बाल गंगाधर तिलक को
U.P.P.C.S. (Pre) (Re-Exam) 2015
उत्तर-(a)
गोपाल हरि देशमुख को उनके सामाजिक व बौद्धिक योगदान के कारण लोकहितवादी के उपनाम से जाना जाता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने अपने लेखों में पश्चिमी शिक्षा व आत्मनिर्भरता को समाज-सुधार का प्रमुख आधार बताया, और स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक होने के कारण उन्हें महाराष्ट्र के प्रगतिशील विचारकों में अग्रणी माना जाता है।
80.उसका प्रधान संबल था सामाजिक और
(a) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(b) बहरामजी मेरवानजी मालाबारी
(c) महादेव गोविंद रानाडे
(d) बी.आर. अम्बेडकर
I.A.S. (Pre) 1996
उत्तर-(c)
1887 ई. में महादेव गोविंद रानाडे व रघुनाथ राव द्वारा स्थापित भारतीय राष्ट्रीय सामाजिक सम्मेलन का उद्देश्य बहुविवाह, बाल विवाह व कुलीनवाद जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस सम्मेलन के अधिवेशन कई वर्षों तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशनों के साथ-साथ आयोजित होते थे, जिससे सामाजिक सुधार व राजनीतिक आंदोलन के बीच एक करीबी वैचारिक संबंध स्पष्ट होता है।
81. हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ था?
(a) 1856
(b) 1858
(c) 1859
(d) 1862
M.P.P.C.S. (Pre) 2019
उत्तर-(a)
हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856 ई. में पारित हुआ, जिसने विधवाओं के पुनर्विवाह को कानूनी मान्यता प्रदान की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस अधिनियम को पारित कराने में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की भूमिका निर्णायक रही, जिन्होंने 1855 ई. में ब्रिटिश सरकार से इस संबंध में कानून बनाने का अनुरोध किया था; इसी दिशा में आगे 1899 में डी.के. कर्वे ने पूना में विधवा आश्रम की स्थापना भी की।
82. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है ?(संस्था) (प्रवर्तक)
(a) सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी – जी. के. गोखले
(b) सोशल सर्विस लीग – एन.एम. जोशी
(c) सेवा समिति – एच.एन. कुंजरू
(d) सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन – श्रीराम बाजपेयी
R.A.S. / R.T.S. (Pre) 2018
उत्तर-(d)
सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन की स्थापना 1887 में रानाडे के नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत हुई थी, न कि श्रीराम बाजपेयी द्वारा, अतः यह युग्म असुमेलित है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना 1905 में गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, जबकि इससे पहले 1878 में वीरेशलिंगम ने राजमुंद्री सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन की स्थापना कर विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया था।
83.हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, 1856 में निम्नलिखित कानून पारित हुआ-
(i) धार्मिक असुविधा कानून (ii)सती निषेध रेगुलेशन
(iii)हिंदू विधवा पुनर्विवाह कानून (iv)राज्य हड़पने का सिद्धांत
अपने उत्तर का चयन निम्नांकित कूटों से करें-
(a) केवल (i)
(b) (i) और (iii)
(c) (iii) और (iv)
(d) (i), (ii) और (iv)
U.P.P.C.S. (Pre) 2001
उत्तर-
1856 ई. में केवल हिंदू विधवा पुनर्विवाह कानून पारित हुआ था, जबकि धार्मिक असुविधा कानून जैसा कोई कानून भारत में लागू ही नहीं हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सती निषेध रेगुलेशन इससे पहले 1829 में लॉर्ड विलियम बेंटिक के कार्यकाल में बना था, जबकि लॉर्ड डलहौजी का राज्य हड़पने का सिद्धांत 1848 ई. में प्रस्तुत किया गया था, अतः ये दोनों 1856 से भिन्न वर्षों की घटनाएँ हैं।
84. विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 1871 ई. में राजमुंद्री सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन स्थापित किया गया था-
(a) वीरेशलिंगम द्वारा
(b) के. रामकृष्ण पिल्लई द्वारा
(c) के.टी. तेलंग द्वारा
(d) गोपालाचारियार द्वारा
R.A.S. / R.T.S. (Pre) 2021
उत्तर-(a)
वीरेशलिंगम पंतुलु ने 1878 ई. में राजमुंद्री सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन की स्थापना कर विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने का कार्य किया, हालाँकि आयोग द्वारा वर्ष को त्रुटिपूर्ण ढंग से 1871 दर्शाया गया है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वीरेशलिंगम आंध्र क्षेत्र के प्रमुख समाज सुधारक थे और उन्होंने तेलुगु भाषा में भी कई सुधारवादी लेखन कार्य किए, जिससे दक्षिण भारत में सामाजिक जागृति को बल मिला।
85. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
(1) आर्य समाज की स्थापना 1835 में हुई थी।
(2) लाला लाजपत राय ने आर्य समाज के उस आग्रह का विरोध किया था, जो उसके अपने समाज सुधार कार्यक्रमों के समर्थन में वेदों को आप्त प्रमाण मानने को लेकर था।
(3) केशवचंद्र सेन के नेतृत्व में ब्रह्म समाज ने नारी शिक्षा के लिए आंदोलन चलाया था।
(4) विनोबा भावे ने शरणार्थियों में काम करने के लिए सर्वोदय समाज की स्थापना की थी।
इन कथनों में कौन-कौन से कथन सही हैं?
(a) (1) और (2)
(b) (2) और (3)
(c) (2) और (4)
(d) (3) और (4)
I.A.S. (Pre) 2001
उत्तर-(d)
आर्य समाज की स्थापना 1835 में नहीं बल्कि 1875 में हुई थी, जिससे कथन (1) गलत है, जबकि केशवचंद्र सेन के नेतृत्व में ब्रह्म समाज द्वारा नारी शिक्षा हेतु आंदोलन चलाना तथा विनोबा भावे द्वारा शरणार्थियों के कल्याण हेतु सर्वोदय समाज की स्थापना, दोनों तथ्यात्मक रूप से सही हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विनोबा भावे गांधीवादी सिद्धांतों के प्रबल अनुयायी थे, और उन्होंने आगे चलकर भूदान आंदोलन के माध्यम से भूमिहीन किसानों को भूमि दिलाने का अभियान भी चलाया।
86. भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के समय राष्ट्रीय सामाजिक सम्मेलन (नेशनल सोशल कॉन्फ्रेंस) का गठन किया गया था। इसके गठन के लिए उत्तरदायी कारण था-
(a) बंगाल क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक सुधार ग्रुप/संगठन किसी एक मंच पर एकत्रित होकर व्यापक हित में मांग पत्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करना चाहते थे।
(b) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपने कार्यक्रम में सामाजिक सुधारों को नहीं रखना चाहती थी। इसीलिए प्रस्तुत उद्देश्य के लिए उसने अलग से संगठन बनाने का सुझाव दिया।
(c) बहरामजी मालाबारी और एम.जी.रानाडे ने यह निश्चय किया कि देश के समस्त सामाजिक सुधार ग्रुपों को एक संगठन के अंतर्गत लाया जाए।
(d) उपर्युक्त संदर्भ में विकल्प (a), (b) और (c) में दिए गए वक्तव्य में कोई भी सही नहीं है।
I.A.S. (Pre) 2012
उत्तर-(b)
राष्ट्रीय सामाजिक सम्मेलन का गठन इसलिए हुआ क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपने राजनीतिक मंच पर सामाजिक सुधार के मुद्दों को शामिल नहीं करना चाहती थी, अतः इसके लिए एक पृथक संगठन बनाने का सुझाव दिया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह विभाजन दर्शाता है कि प्रारंभिक राष्ट्रीय आंदोलन में राजनीतिक व सामाजिक सुधार के मुद्दों को जानबूझकर अलग रखा गया था, ताकि कांग्रेस के मंच पर व्यापक राजनीतिक एकता बनी रह सके।
87. नेटिव मैरिज एक्ट किस वर्ष पारित किया गया था?
(a) 1870
(b) 1872
(c) 1874
(d) 1876
U.P.P.C.S. (Pre) 2019
उत्तर-(b)
नेटिव मैरिज एक्ट 1872 ई. में पारित हुआ, जिसमें लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु 14 वर्ष तथा लड़कों की 18 वर्ष निर्धारित की गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस अधिनियम को ब्रह्म विवाह अधिनियम भी कहा जाता है, क्योंकि केशवचंद्र सेन ने इसे पारित कराने में प्रमुख भूमिका निभाई थी; यह कानून विशेष रूप से ब्रह्म समाज के अनुयायियों के अंतरजातीय विवाहों को वैधता देने हेतु बनाया गया था।
88. निम्नलिखित में से किसने 1872 में नेटिव मैरिज एक्ट को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी?
(a) देवेंद्रनाथ टैगोर
(b) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(c) केशवचंद्र सेन
(d) श्यामचंद्र दास
U.P.P.C.S. (Mains) 2011
उत्तर-(c)
केशवचंद्र सेन ने 1872 ई. के नेटिव मैरिज एक्ट को पारित कराने में अग्रणी भूमिका निभाई, जिसने विवाह हेतु न्यूनतम आयु सीमा तय की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह एक्ट हिंदू व मुस्लिम जैसे मान्यता प्राप्त धर्मों पर लागू नहीं होता था, अतः इसका व्यापक सामाजिक प्रभाव सीमित रहा; इसके बावजूद यह भारत में विवाह-सुधार कानूनों की दिशा में एक प्रारंभिक कदम था।
89.बाल विवाह प्रथा को नियंत्रित करने हेतु 1872 के सिविल मैरिज एक्ट ने लड़कियों के विवाह की न्यूनतम उम्र निर्धारित किया-
(a) 14 वर्ष
(b) 18 वर्ष
(c) 16 वर्ष
(d) इनमें से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Pre) 2000
उत्तर-(a)
1872 ई. के सिविल (नेटिव) मैरिज एक्ट के अंतर्गत लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु 14 वर्ष तथा लड़कों की 18 वर्ष तय की गई, साथ ही बहुपत्नी प्रथा को भी समाप्त किया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाद में पारसी सुधारक बी.एम. मालाबारी के प्रयासों से 1891 ई. में सम्मति आयु अधिनियम पारित हुआ, जिसका बाल गंगाधर तिलक ने विरोध किया था, क्योंकि वे इसे सामाजिक मामलों में सरकारी हस्तक्षेप मानते थे।
90. 1843 के एक्ट V ने किस बात को गैर-कानूनी बना दिया?
(a) बाल विवाह
(b) शिशु हत्या
(c) सती
(d) गुलामी
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(d)
लॉर्ड एलनबरो के कार्यकाल में 1843 के एक्ट V द्वारा भारत में गुलामी (दासता) को पूर्णतः गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इससे पहले 1833 के चार्टर एक्ट में भी दासता को शीघ्र समाप्त करने संबंधी एक धारा जोड़ी गई थी; 1843 के इस अधिनियम के तहत दास मालिकों को कोई मुआवजा दिए बिना ही सभी दासों को मुक्त कर दिया गया।
91. इनमें से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) सन 1829 में विलियम बेंटिक ने सती प्रथा को कानून द्वारा अपराध घोषित कर दिया।
(b) सन 1856 में सरकार ने कानून बनाया जिसके अनुसार, हिंदू विधवाएं पुनर्विवाह कर सकती थीं।
(c) सन 1875 में स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना की गई।
(d) राजा राममोहन राय सती प्रथा के समर्थक थे।
M.P.P.C.S. (Pre) 1994
उत्तर-(d)
राजा राममोहन राय सती प्रथा के समर्थक नहीं बल्कि प्रबल विरोधी थे, अतः यह कथन असत्य है, जबकि शेष तीनों कथन तथ्यात्मक रूप से सही हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उनके सतत प्रयासों के कारण ही 1829 के 17वें विनियम के अंतर्गत सती प्रथा को अपराध घोषित किया गया, और इसके बाद ऐसे मामलों में न्यायालयों को सदोष मानव हत्या का मुकदमा चलाने का निर्देश दिया गया।
92. इनमें से कौन सेक्रेटरी के रूप में हिंदू फीमेल स्कूल से संबद्ध थे। थीं, जो बाद में बेथ्यून फीमेल स्कूल के नाम से जाना जाने लगा?
(a) एनी बेसेंट
(b) देवेंद्रनाथ टैगोर
(c) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(d) सरोजिनी नायडू
I.A.S. (Pre) 2021
उत्तर-(c)
ईश्वरचंद्र विद्यासागर हिंदू फीमेल स्कूल, जो बाद में बेथ्यून फीमेल स्कूल के नाम से प्रसिद्ध हुआ, के प्रथम सचिव थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विद्यासागर स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने बंगाल में कई बालिका विद्यालयों की स्थापना में भी सक्रिय भूमिका निभाई, जो उस दौर में एक क्रांतिकारी कदम माना जाता था।
93. निम्नलिखित में से किसने प्रमुख रूप से विधवा पुनर्विवाह के लिए संघर्ष किया और उसे कानूनी रूप से वैध बनाने में सफलता प्राप्त की?
(a) एनी बेसेंट
(b) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(c) एम.जी. रानाडे
(d) राजा राममोहन राय
U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(b)
ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह हेतु अथक संघर्ष किया और यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि वेदों में भी विधवा-विवाह को मान्यता प्राप्त है, जिसके परिणामस्वरूप 26 जुलाई, 1856 को हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वे संस्कृत कॉलेज, कलकत्ता के आचार्य भी रहे और उन्हें उनकी करुणा व सामाजिक सेवा के लिए “दयासागर” के नाम से भी जाना जाता है।
94. पश्चिमी भारत के डी.के. कर्वे का नाम निम्नलिखित में से किस संदर्भ में आता है ?
(a) सती प्रथा
(b) बाल (शिशु) हत्या
(c) स्त्री शिक्षा
(d) विधवा पुनर्विवाह
U.P.P.C.S (Pre) 2016
उत्तर-(c)
धोंदो केशव कर्वे स्त्री शिक्षा व विधवा पुनर्विवाह के क्षेत्र में सक्रिय समाज सुधारक थे, जिन्होंने विधवाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु विधवा आश्रम की स्थापना की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: उन्होंने 1916 ई. में बंबई में भारत के प्रथम महिला विश्वविद्यालय (एस.एन.डी.टी. महिला विश्वविद्यालय) की स्थापना की, जो आज भी महिला शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्था है।
95. निम्न में से कौन सुमेल नहीं है?
(a) थियोसोफिकल सोसाइटी – एनी बेसेंट
(b) रामकृष्ण मिशन – रामकृष्ण परमहंस
(c) ब्रह्म समाज – राजा राममोहन राय
(d) आर्य समाज – दयानंद सरस्वती
U.P.P.C.S. (Pre) 1990
उत्तर-(b)
रामकृष्ण मिशन की स्थापना रामकृष्ण परमहंस ने नहीं बल्कि उनके शिष्य स्वामी विवेकानंद ने 1897 ई. में की थी, अतः यह युग्म गलत है, जबकि शेष तीनों युग्म सही सुमेलित हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रामकृष्ण परमहंस स्वयं दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पुजारी थे और उन्होंने कोई औपचारिक संगठन नहीं बनाया, बल्कि उनकी शिक्षाओं को संस्थागत रूप उनके निधन (1886) के पश्चात् विवेकानंद ने दिया।
96.शारदा अधिनियम के अंतर्गत लड़कियों एवं लड़कों के विवाह की न्यूनतम आयु क्रमशः कितनी निर्धारित की गई थी?
(a) 12 एवं 16
(b) 14 एवं 18
(c) 15 एवं 21
(d) 16 एवं 22
U.P.P.C.S. (Pre) 2012
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2013
उत्तर-(b)
1929 ई. में डॉ. हरविलास शारदा के प्रयासों से बने शारदा अधिनियम में लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु 14 वर्ष तथा लड़कों की 18 वर्ष तय की गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हरविलास शारदा अजमेर के एक न्यायाधीश थे, और यह कानून बाल विवाह के विरुद्ध भारत में पारित होने वाले सबसे प्रभावी शुरुआती अधिनियमों में से एक माना जाता है, जिसका असर देशभर में समान रूप से लागू हुआ।
97. सूची-I को सूची-II से सुमेल कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए-
सूची-(I) सूची-(II)
1. प्रार्थना समाज अ. राजा राममोहन राय
2. ब्रह्म समाज ब. विवेकानंद
3. आर्य समाज स. दयानंद सरस्वती
4. रामकृष्ण मिशन द. रानाडे
इ. रामकृष्ण परमहंस
कूट :
A B C D
(a) अ ब स द
(b) ब इ अ स
(c) द अ स इ
(d) द अ स ब
U.P. P.C.S. (Pre) 1994
उत्तर-(d)
सही सुमेल है: प्रार्थना समाज-रानाडे, ब्रह्म समाज-राजा राममोहन राय, आर्य समाज-दयानंद सरस्वती तथा रामकृष्ण मिशन-विवेकानंद, अतः विकल्प (d) सही उत्तर है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रामकृष्ण परमहंस, जो सूची में एक भ्रामक विकल्प के रूप में दिए गए हैं, स्वयं किसी संगठन के औपचारिक संस्थापक नहीं थे, बल्कि वे विवेकानंद के आध्यात्मिक गुरु थे जिनकी शिक्षाओं पर रामकृष्ण मिशन आधारित है।
98. भारत में थियोसोफिकल सोसाइटी की सफलता मुख्यतः थी-
(a) एनी बेसेंट के कारण
(b) कर्नल एच.एस. अल्काट के कारण
(c) सर विलियम क्रुक के कारण
(d) एम.एम. मालवीय के कारण
U.P.U.D.A./L.D.A. (Mains) 2010
उत्तर-(a)
भारत में थियोसोफिकल सोसाइटी की सफलता मुख्यतः एनी बेसेंट के कारण रही, जिन्होंने 1893 ई. में भारत आकर हिंदू धर्म के आध्यात्मिक पक्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एनी बेसेंट ने आगे चलकर 1916 में होमरूल आंदोलन की भी शुरुआत की और 1917 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनीं, जो उनकी व्यापक राष्ट्रवादी भूमिका को दर्शाता है।
99. निम्नलिखित विवरण पर विचार कीजिए-1853 में जन्में ये पश्चिमी भारत के पारसी थे। ये इंडियनस्पेक्टेटर तथा वायस ऑफ इंडिया के संपादक थे। ये एक समाजसुधारक थे और सम्मति आयु अधिनियम, 1891 के पक्ष मेंप्रमुख संघर्षकर्ता थे।उपर्युक्त पैराग्राफ किसके विषय में है?
(a) दादाभाई नौरोजी
(c) बी.पी. वाडिया
(b) बी.एम. मालाबारी
(d) नौरोजी फरदौन जी
U.P.R.O/A.R.O. (Pre) 2016
उत्तर-(b)
यह विवरण बहरामजी मालाबारी से संबंधित है, जिन्होंने इंडियन स्पेक्टेटर व वायस ऑफ इंडिया का संपादन किया तथा सम्मति आयु अधिनियम, 1891 के लिए संघर्ष किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस अधिनियम द्वारा लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु 12 वर्ष निर्धारित की गई थी, जिसका बाल गंगाधर तिलक ने यह कहते हुए विरोध किया कि यह सामाजिक रीति-रिवाजों में अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप है।
100. निम्नलिखित युग्मों में से कौन सुमेलित नहीं है ?
(a) राजा राममोहन राय – ब्रह्म समाज
(b) स्वामी दयानंद सरस्वती – आर्य समाज
(c) स्वामी विवेकानंद – रामकृष्ण मिशन
(d) महादेव गोविंद रानाडे – थियोसोफिकल सोसाइटी
U.P.P.C.S. (Mains) 2011
उत्तर-(d)
महादेव गोविंद रानाडे थियोसोफिकल सोसाइटी से नहीं बल्कि प्रार्थना समाज से संबद्ध थे, इसलिए यह युग्म असुमेलित है, जबकि शेष तीनों युग्म सही सुमेलित हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: थियोसोफिकल सोसाइटी की मूल स्थापना 1875 में मैडम ब्लावेट्स्की व कर्नल अल्कॉट द्वारा न्यूयॉर्क में हुई थी, तथा भारत में इसका मुख्यालय बाद में 1882 में मद्रास के निकट अड्यार में स्थापित किया गया।
101.शारदा एक्ट संबंधित था-
(a) बाल विवाह प्रतिबंध से
(b) अंतर्जातीय विवाह प्रतिबंध से
(c) विधवा विवाह प्रतिबंध से
(d) जनजातीय विवाह प्रतिबंध से
Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2002
उत्तर-(a)
शारदा एक्ट का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाना था, जिसमें विवाह की न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित की गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह अधिनियम 1929 में पारित हुआ और इसे लागू करने का श्रेय डॉ. हरविलास शारदा को जाता है; बाद में स्वतंत्र भारत में इस विषय पर और सख्त कानून बनाए गए, जो वर्तमान बाल विवाह निषेध अधिनियम की नींव माने जाते हैं।
102. थियोसोफिकल सोसाइटी की स्थापना किसने की?
(a) मैडम एच.पी. ब्लावेट्स्की
(b) राजा राममोहन राय
(c) महात्मा गांधी
(d) स्वामी विवेकानंद
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
उत्तर-(a)
थियोसोफिकल सोसाइटी की स्थापना मैडम एच.पी. ब्लावेट्स्की, कर्नल अल्कॉट व विलियम क्वॉन जज ने मिलकर 1875 ई. में न्यूयॉर्क में की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1882 में इसका मुख्यालय मद्रास के निकट अड्यार स्थानांतरित किया गया, जो बाद में इसका अंतरराष्ट्रीय केंद्र बना; इस संस्था का उद्देश्य प्राचीन हिंदू धर्म व आध्यात्मिकता के प्रति लोगों में गर्व व आत्मविश्वास जगाना था।
103. सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी का संस्थापक कौन था?
(a) एम. जी. रानाडे
(b) अनंत पटवर्धन
(c) जी.के. गोखले
(d) बी.जी. तिलक
U.P.P.C.S (Mains) 2016
उत्तर-(c)
गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 ई. में पूना में सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत सेवा हेतु प्रचारक तैयार करना था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गोखले महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु माने जाते हैं, और उन्होंने 1905 में बनारस में आयोजित कांग्रेस के इक्कीसवें अधिवेशन की अध्यक्षता भी की थी।
104. सूची-I को सूची-II से सुमेल कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गएकूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए-
सूची-I सूची-II
A. ब्रह्म समाज 1. बंबई
B. मानव धर्म सभा 2. सूरत
C. आर्य समाज 3. कलकत्ता
D. नदवा-उल-उल्मा 4. लखनऊ
कूट :
A B C D
(a) 4 1 3 2
(b) 2 4 3 1
(c) 3 1 4 2
(d) 3 2 1 4
U.P.P.C.S. (Mains) 2003
उत्तर-(d)
सही सुमेल है: ब्रह्म समाज-कलकत्ता, मानव धर्म सभा-सूरत, आर्य समाज-बंबई तथा नदवा-उल-उल्मा-लखनऊ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नदवा-उल-उल्मा की स्थापना 1894 ई. में मुस्लिम धार्मिक शिक्षा में सुधार हेतु की गई थी, जो देवबंद व अलीगढ़ आंदोलनों के मध्य एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का प्रयास था।
105. निम्नलिखित में से कौन एक सुमेलित नहीं है ?
(a) प्रार्थना समाज – डॉ. आत्माराम पांडुरंग
(b) आत्मीय सभा – देवेंद्रनाथ टैगोर
(c) भारतीय ब्रह्म समाज – केशवचंद्र सेन
(d) राधास्वामी सत्संग-तुलसीराम
U.P.P.C.S. (Mains) 2014
उत्तर-(b)
आत्मीय सभा की स्थापना देवेंद्रनाथ टैगोर ने नहीं बल्कि राजा राममोहन राय ने 1815 ई. में की थी, अतः यह युग्म असुमेलित है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1866 ई. में ब्रह्म समाज के विभाजन के फलस्वरूप देवेंद्रनाथ टैगोर के नेतृत्व में आदि ब्रह्म समाज तथा केशवचंद्र सेन के नेतृत्व में भारतीय ब्रह्म समाज अस्तित्व में आए।
106. सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना की थी-
(a) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(b) गोपाल कृष्ण गोखले ने
(c) दादाभाई नौरोजी ने
(d) लाला लाजपत राय ने
U.P. Lower Sub. (Pre) 2015
उत्तर-(b)
गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 ई. में सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना कर संवैधानिक साधनों से भारतीय जनता के हितों की सेवा का लक्ष्य रखा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस संस्था ने वी. श्रीनिवास शास्त्री, जी.के. देवधर व हृदयनाथ कुंजरू जैसे प्रमुख समाजसेवियों को तैयार किया, जिन्होंने आगे चलकर राष्ट्रीय आंदोलन में भी योगदान दिया।
107. एम.सी. सीतलवाड़, बी.एन. राव तथा अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर प्रख्यात सदस्य थे-
(a) स्वराज पार्टी के
(b) ऑल इंडियन नेशनल लिबरल फेडरेशन के
(c) मद्रास लेबर यूनियन के
(d) सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के
I.A.S. (Pre) 1997
उत्तर-(d)
एम.सी. सीतलवाड़, बी.एन. राव तथा अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर गोखले द्वारा स्थापित सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के प्रख्यात सदस्य थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इनमें से कई सदस्यों ने आगे चलकर भारतीय संविधान निर्माण की प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो इस संस्था के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है।
108. निम्नलिखित में से किस समाज सुधारक ने 1826 के जूरी अधिनियम का घोर विरोध किया ?
(a) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(b) राजा राममोहन राय
(c) महादेव गोविंद रानाडे
(d) राजनारायण बसु
U.P.P.C.S. (Pre.) 2017
उत्तर-(b)
राजा राममोहन राय ने 1826 के जूरी अधिनियम का प्रबल विरोध किया, क्योंकि इसमें धार्मिक आधार पर न्यायिक भेदभाव किया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस अधिनियम के अंतर्गत ईसाई न्यायाधीश हिंदू-मुस्लिम मामलों की सुनवाई कर सकते थे, परंतु हिंदू या मुस्लिम न्यायाधीश किसी ईसाई की सुनवाई नहीं कर सकते थे, जो राममोहन राय के समानता के सिद्धांत के विपरीत था।
109. गोपाल कृष्ण गोखले ने किस वर्ष में भारत सेवक मंडल (सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी) की स्थापना की?
(a) 1902
(b) 1903
(c) 1904
(d) 1905
U.P.P.C.S. (Pre.) 2017
उत्तर-(d)
गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 ई. में भारत सेवक मंडल की स्थापना पूना में की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह संस्था संवैधानिक तरीकों से राष्ट्र-सेवा को समर्पित थी और इसने आगे चलकर उदारवादी राजनीति की एक मजबूत परंपरा स्थापित की, जिसका प्रभाव स्वतंत्रता आंदोलन के प्रारंभिक चरण में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
110. भारत सेवक समाज की स्थापना किसने की थी ?(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
(a) लाला लाजपत राय
(b) बिपिनचंद्र पाल
(c) गोपाल कृष्ण गोखले
(d) भगत सिंह
65th B.P.S.C. (Pre) 2019
उत्तर-(c)
गोपाल कृष्ण गोखले ने भारत सेवक समाज (सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी) की स्थापना 1905 ई. में की थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गोखले का राजनीतिक दृष्टिकोण उदारवादी था, और उन्होंने संवैधानिक साधनों के माध्यम से क्रमिक सुधार की वकालत की, जो उग्र राष्ट्रवादी धारा से भिन्न मार्ग था।
111. पूना सार्वजनिक सभा की स्थापना की थी-
(a) 1858 ई. में महादेव गोविंद रानाडे ने
(b) 1870 ई. में महादेव गोविंद रानाडे ने
(c) 1870 ई. में पंडिता रमाबाई रानाडे ने
(d) 1870 ई. में सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने (e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020
उत्तर-(b)
महादेव गोविंद रानाडे ने अप्रैल 1870 ई. में पूना सार्वजनिक सभा की स्थापना कर सरकार व जनता के बीच मध्यस्थता का कार्य आरंभ किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस संस्था से बाल गंगाधर तिलक, गोपाल हरि देशमुख जैसे प्रमुख व्यक्तित्व भी जुड़े थे, जो आगे चलकर महाराष्ट्र की राजनीतिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले थे।
112. सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना किसने की थी ?
(a) मदन मोहन मालवीय
(b) सरोजिनी नायडू
(c) जस्टिस रानाडे
(d) गोपाल कृष्ण गोखले
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010
U.P.P.C.S. (Pre) 1990
U.P.P.C.S. (Pre) 1993
उत्तर-(d)
गोपाल कृष्ण गोखले सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के संस्थापक थे, जिन्होंने 1905 में इस संगठन के माध्यम से देश-सेवा हेतु प्रशिक्षित कार्यकर्ता तैयार करने का कार्य किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जस्टिस रानाडे, जो इस प्रश्न में एक विकल्प के रूप में दिए गए हैं, वस्तुतः गोखले के राजनीतिक गुरु थे और उन्हीं से प्रेरणा लेकर गोखले ने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया था।
113. सुमेलित कीजिए-
A. प्रार्थना समाज 1. स्वामी विवेकानंद
B. रामकृष्ण मिशन 2. महादेव गोविंद रानाडे
C. सत्यशोधक समाज 3. सर सैयद अहमद खां
D. मोहम्मडन-एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज, अलीगढ़ 4. ज्योतिबा फुले
कूट :
A B C D
(a) 1 4 3 2
(b) 4 3 2 1
(c) 2 1 4 3
(d) 4 2 3 1
M.P. P.C.S. (Pre) 1994
उत्तर-(c)
सही सुमेल है: प्रार्थना समाज-रानाडे, रामकृष्ण मिशन-विवेकानंद, सत्यशोधक समाज-ज्योतिबा फुले तथा मोहम्मडन-एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज-सर सैयद अहमद खां।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सर सैयद अहमद खां ने 1875 ई. में अलीगढ़ में इस कॉलेज की स्थापना कर मुस्लिम समुदाय में आधुनिक पाश्चात्य शिक्षा के प्रसार की नींव रखी, जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुआ।
114. निम्नलिखित में से कौन एक सही सुमेलित है?
(a) भारतीय ब्रह्म समाज – राजा राममोहन राय
(b) तत्वबोधिनी सभा – केशवचंद्र सेन
(c) सत्यशोधक समाज – देवेंद्रनाथ टैगोर
(d) दि सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी – गोपाल कृष्ण गोखले
U.P.P.C.S. (Spl) (Mains) 2004
उत्तर-(d)
सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी का सही सुमेल गोपाल कृष्ण गोखले से है, जिन्होंने इसकी स्थापना 1905 ई. में की थी, जबकि शेष तीनों विकल्प गलत सुमेलित हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तत्वबोधिनी सभा वास्तव में देवेंद्रनाथ टैगोर द्वारा 1839 में स्थापित की गई थी, और भारतीय ब्रह्म समाज का संबंध केशवचंद्र सेन से है, न कि राजा राममोहन राय से।
115. निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है ?संगठन व्यक्ति
(a) यंग बंगाल आंदोलन – हेनरी विवियन डेरोजियो
(b) बहिष्कृत हितकारिणी – ज्योतिबा फुले
(c) थियोसोफिकल सोसाइटी – कर्नल अल्काट
(d) यूनाइटेड इंडियन पेट्रियोटिक एसोसिएशन- सैयद अहमद खान
U.P.R.O./ A.R.O. (Re-Exam ) (Pre) 2016
उत्तर-(b)
बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना ज्योतिबा फुले ने नहीं बल्कि डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने की थी, अतः यह युग्म असुमेलित है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हेनरी विवियन डेरोजियो ने कलकत्ता में यंग बंगाल आंदोलन के माध्यम से तर्कवाद व स्वतंत्र चिंतन को बढ़ावा दिया, जिसके अनुयायी “डेरोजियन्स” कहलाए।
116. सूची-I का सूची-II से सुमेल कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए-
सूची-I सूची-II
A. राजा राममोहन राय 1. यह कहा कि ब्रह्मवाद को विश्व धर्म बनाना चाहिए
B. केशवचंद्र सेन 2. हिंदू धर्म की पहचान वेदों में संस्थापित धर्म से की
C. दयानंद सरस्वती 3. इस पर जोर दिया कि ईश्वर तक पहुंचने के कई मार्ग हो सकते हैं
D. रामकृष्ण परमहंस 4. यह कहा कि हिंदू धर्म का शुद्धतम रूप उपनिषदों में निहित है
कूट :
A B C D
(a) 1 4 2 3
(b) 1 4 3 2
(c) 4 1 3 2
(d) 4 1 2 3
U.P. Lower Sub. (Pre) 1998
उत्तर-(d)
राजा राममोहन राय ने हिंदू धर्म के शुद्धतम रूप को उपनिषदों में खोजा, केशवचंद्र सेन ने ब्रह्मवाद को विश्व धर्म बनाने की बात कही, दयानंद सरस्वती ने हिंदू धर्म की पहचान वेदों से जोड़ी तथा रामकृष्ण परमहंस ने ईश्वर तक पहुँचने के अनेक मार्गों पर बल दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रामकृष्ण परमहंस का यह दृष्टिकोण उनके अपने बहु-धार्मिक अनुभवों पर आधारित था, जिसमें उन्होंने इस्लाम व ईसाई धर्म की साधना पद्धतियों का भी अभ्यास किया था।
117. बहुजन समाज का संस्थापक कौन था?
(a) श्री नारायन गुरु
(b) मुकुंदराव पाटिल
(c) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
(d) बी.आर. शिंदे
U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2010
उत्तर-(b)
ज्योतिबा फुले के विचारों से प्रेरित होकर मुकुंदराव पाटिल व शंकरराव जाधव ने 1910 के बाद बहुजन समाज की स्थापना की, जो ब्राह्मण-विरोधी व कांग्रेस-विरोधी विचारधारा पर आधारित था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: कोल्हापुर के शाहू महाराज द्वारा संरक्षण दिए जाने के बाद यह आंदोलन कुछ हद तक ब्रिटिश सरकार के प्रति समर्थनकारी रुख अपनाने लगा, जिससे इसकी दिशा में परिवर्तन आया।
118. किसने कहा कि यदि भगवान अस्पृश्यता को सहन करते हैं, तो मैं उन्हें कभी भगवान नहीं मानूंगा?
(a) बी.आर. अम्बेडकर
(b) बाल गंगाधर तिलक
(c) लाला लाजपत राय
(d) महात्मा गांधी
U.P. P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर-(b)
बाल गंगाधर तिलक ने छुआछूत उन्मूलन सम्मेलन में यह घोषणा की कि यदि भगवान भी छुआछूत को सहन करें, तो वे उन्हें भगवान नहीं मानेंगे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तिलक को “लोकमान्य” तथा “भारत का बेताज बादशाह” जैसे उपाधियों से सम्मानित किया गया था, और वे “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” के प्रसिद्ध नारे के लिए भी जाने जाते हैं।
119. किसके द्वारा मंदिरों में प्रवेश के अधिकार की मांग की प्रस्तुति के कारण 1899 ई. में तिरुनेलवेली में भयंकर दंगे हुए थे?
(a) ओकालिंग
(b) नाडार
(c) महार
(d) पाली
40th B.P.S.C. (Pre) 1995
उत्तर-(b)
नाडार समुदाय द्वारा मंदिर प्रवेश के अधिकार की मांग किए जाने के कारण 1899 ई. में तिरुनेलवेली में गंभीर दंगे भड़क उठे थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नाडार समुदाय मुख्यतः तमिलनाडु क्षेत्र में केंद्रित था, और यह घटना दक्षिण भारत में जातिगत भेदभाव के विरुद्ध हो रहे प्रारंभिक संगठित प्रतिरोधों में से एक मानी जाती है।
120. निम्नलिखित में से कौन-सा सुमेलित नहीं है ?
(a) ए. पांडुरंग – प्रार्थना समाज
(b) दयानंद – आर्य समाज
(c) राजा राममोहन राय – आदि ब्रह्म समाज
(d) विवेकानंद – रामकृष्ण मिशन
U.P.P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(c)
राजा राममोहन राय ने मूल ब्रह्म समाज की स्थापना की थी, जबकि “आदि ब्रह्म समाज” नाम बाद में 1866 में विभाजन के पश्चात देवेंद्रनाथ टैगोर के नेतृत्व वाली शाखा को दिया गया, अतः यह युग्म तकनीकी रूप से असुमेलित है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इस विभाजन के समय केशवचंद्र सेन ने अपनी अलग शाखा को “भारतीय ब्रह्म समाज” अथवा “नव विधान ब्रह्म समाज” के नाम से संगठित किया था।
121. नव-बौद्धवाद के प्रतिपादक कौन हैं?
(a) राधाकृष्णनन्
(b) टैगोर
(c) अम्बेडकर
(d) विवेकानंद
Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2019
उत्तर-(c)
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर द्वारा प्रारंभ दलित बौद्ध आंदोलन को नव-बौद्धवाद के नाम से जाना जाता है, जिसमें बौद्ध धर्म की पुनर्व्याख्या कर “नवायान” नामक नए संप्रदाय की स्थापना की गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अम्बेडकर ने 14 अक्टूबर, 1956 को नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण किया, जो भारत के इतिहास में सामूहिक धर्म-परिवर्तन की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जाती है।
122. देवबंद आंदोलन, यू.पी. (संयुक्त प्रांत) में किस वर्ष में आरंभ हुआ था?
(a) 1900 ई.
(b) 1888 ई.
(c) 1885 ई.
(d) 1866 ई.
U.P.P.C.S (Pre) 2016
उत्तर-(d)
देवबंद आंदोलन की शुरुआत 1866 ई. में इमाम मुहम्मद कासिम नानोतवी द्वारा दार-उल-उलूम की स्थापना के साथ हुई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसके सह-संस्थापकों में रशीद अहमद गंगोही व सैयद अहमद आबिद शामिल थे; यह संस्थान आगे चलकर इस्लामी शिक्षा के क्षेत्र में दक्षिण एशिया के सबसे प्रभावशाली केंद्रों में से एक बन गया।
123. दार-उल-उलूम की स्थापना की थी-
(a) मौलाना शिब्ली नुमानी ने
(b) मौलाना हुसैन अहमद ने
(c) मौल्वी अब्दुल्लाह चक्रल्वी
(d) मौलाना अहमद रिज़ा खान ने
U.P.P.C.S. (Mains) 2014
उत्तर-(a)
1898 ई. में लखनऊ में मौलाना शिब्ली नुमानी के परामर्श पर नदवातुल उलमा ने दार-उल-उलूम की स्थापना की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नदवातुल उलमा का गठन इससे पहले 1893 में कानपुर में हुआ था, जिसका उद्देश्य पारंपरिक इस्लामी शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों का समन्वय स्थापित करना था, जो देवबंद व अलीगढ़ आंदोलनों के मध्य एक संतुलित मार्ग था।
124. ब्रह्म समाज, रामकृष्ण मिशन और आर्य समाज में क्या समानता थी?
(a) तीनों ही राजनैतिक उद्देश्यों के लिए नहीं बने, लेकिन तीनों ने ही देशभक्ति की भावना के विकास में सहायता दी।
(b) तीनों ही संगठनों का प्रादुर्भाव बंगाल में हुआ।
(c) तीनों ही संगठनों के संस्थापकों की शिक्षा इंग्लैंड में हुई।
(d) तीनों ही संगठनों के संस्थापकों ने राजनीति में सक्रिय भाग लिया।
R.A.S. / R.T.S. (Pre) 2008
उत्तर-(a)
ब्रह्म समाज, रामकृष्ण मिशन तथा आर्य समाज तीनों गैर-राजनीतिक उद्देश्यों के साथ स्थापित हुए, फिर भी इन्होंने भारतीयों में देशभक्ति की भावना को अप्रत्यक्ष रूप से प्रबल किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इनमें से केवल आर्य समाज की स्थापना बंबई में हुई थी, जबकि ब्रह्म समाज व रामकृष्ण मिशन दोनों की जड़ें बंगाल में थीं, जिससे इन तीनों में उत्पत्ति-स्थल की समानता नहीं थी।
125. निम्नलिखित समाज सुधारकों में से कौन संस्कृत भाषा में प्रवीणता के लिए जाना जाता है?
(a) दयानंद सरस्वती
(b) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(c) राजा राममोहन राय
(d) उपर्युक्त सभी
U.P.P.C.S. (Mains) 2013
उत्तर-(d)
दयानंद सरस्वती, ईश्वरचंद्र विद्यासागर तथा राजा राममोहन राय तीनों ही संस्कृत भाषा में प्रवीण थे और उन्होंने इसी ज्ञान के आधार पर हिंदू धर्म में व्याप्त कुरीतियों का खंडन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विद्यासागर को उनकी असाधारण संस्कृत विद्वता के कारण कलकत्ता के संस्कृत कॉलेज में “विद्यासागर” (विद्या के सागर) की उपाधि प्रदान की गई थी, जो आगे चलकर उनके नाम का ही हिस्सा बन गई।
126. हाली पद्धति संबंधित थी-
(a) बंधुआ मजदूर से
(b) किसानों के शोषण से
(c) छुआछूत से
(d) अशिक्षा से
U.P.P.C.S. (Pre) 2015
उत्तर-(a)
हाली पद्धति बंधुआ मजदूरी की एक प्रथा थी, जिसके अंतर्गत बारदोली क्षेत्र में कालिपराज जनजाति के लोग उच्च जातियों के यहाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी मजदूर के रूप में कार्य करने को विवश थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1920 के दशक में गांधीजी के नेतृत्व में गुजरात में सामाजिक सुधार आंदोलनों ने ऐसी बंधुआ मजदूरी प्रथाओं के विरुद्ध जनजागरण फैलाने का कार्य किया।
127. भारत में नारी आंदोलन इनकी प्रेरणा से प्रारंभ हुआ-
(a) पद्माबाई रानाडे
(b) एनी बेसेंट
(c) सरोजिनी नायडू
(d) ज्योतिबा फुले
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
उत्तर-(d)
दिए गए विकल्पों में भारत में नारी आंदोलन ज्योतिबा फुले की प्रेरणा से प्रारंभ माना गया, क्योंकि उन्होंने 1848 ई. में लड़कियों के लिए भारत का पहला विद्यालय खोला।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: वास्तविक अर्थों में आधुनिक भारत में महिला आंदोलन की प्रेरणास्रोत रमाबाई रानाडे रहीं, जिन्होंने महादेव गोविंद रानाडे की पत्नी के रूप में “सेवा सदन” नामक संगठन की स्थापना की थी।
128. निम्नलिखित नेताओं में किसने क्रांतिकारी संगठन, अभिनव भारत समाज की स्थापना की?
(a) भगत सिंह
(b) विनायक दामोदर सावरकर
(c) बारींद्र कुमार घोष
(d) पुलिन बिहारी
U.P.P.C.S. (Pre) 2018
उत्तर-(b)
विनायक दामोदर सावरकर ने 1904 ई. में नासिक में “मित्र मेला” संगठन का नाम बदलकर उसे अभिनव भारत समाज नामक क्रांतिकारी संगठन के रूप में पुनर्गठित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सावरकर की पुस्तक “1857 का स्वातंत्र्य समर” ने 1857 के विद्रोह को “भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम” के रूप में प्रस्तुत कर क्रांतिकारी आंदोलन को वैचारिक आधार प्रदान किया।
129. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए-
आंदोलन / संगठन नायक (लीडर)
1. अखिल भारतीय अस्पृश्यता विरोधी लीग – महात्मा गांधी
2. अखिल भारतीय किसान सभा – स्वामी सहजानंद सरस्वती
3. आत्मसम्मान आंदोलन – ई.वी. रामास्वामी नायकर
उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
I.A.S. (Pre) 2019
उत्तर-(d)
1932 में महात्मा गांधी की अखिल भारतीय अस्पृश्यता विरोधी लीग (बाद में हरिजन सेवक संघ), 1936 में स्वामी सहजानंद सरस्वती की अखिल भारतीय किसान सभा, तथा पेरियार के नाम से प्रसिद्ध ई.वी. रामास्वामी नायकर का आत्मसम्मान आंदोलन, तीनों युग्म सही सुमेलित हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: किसान सभा के महासचिव एन.जी. रंगा थे, जबकि पेरियार का आत्मसम्मान आंदोलन तमिलनाडु में निम्न जातियों को समान सामाजिक अधिकार दिलाने के लिए बीसवीं सदी के तीसरे-चौथे दशक में सक्रिय रहा।
130. 1924 का बंगाल का तारकेश्वर आंदोलन निम्न में से किसके विरुद्ध था ?
(a) मंदिरों में भ्रष्टाचार
(b) हिंसा
(c) राजनैतिक नेताओं की गिरफ्तारी
(d) सांप्रदायिकता
U.P.P.C.S. (Pre) (Re-Exam) 2015
उत्तर-(a)
1924 ई. में बंगाल के तारकेश्वर शिव मंदिर के भ्रष्ट महंत के विरुद्ध तारकेश्वर आंदोलन चलाया गया, जिसमें महंत पर अवैध संबंध व मंदिर धन के दुरुपयोग के आरोप थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह आंदोलन असहयोग आंदोलन के दौर में हुआ था और इसे मंदिर-सुधार आंदोलनों की शृंखला में एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है, जिसने धार्मिक संस्थानों में जवाबदेही की मांग को बल दिया।
131. इनमें से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) डॉ. एनी बेसेंट थियोसोफिस्ट थीं।
(b) थियोसोफिकल सोसाइटी का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय मद्रास में है।
(c) स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की।
(d) महात्मा गांधी का जन्म गांधीनगर में हुआ था।
M.P.P.C.S. (Pre) 1995
उत्तर-(d)
महात्मा गांधी का जन्म गांधीनगर में नहीं बल्कि 2 अक्टूबर, 1869 को पोरबंदर (गुजरात) में हुआ था, अतः यह कथन असत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीनगर शहर की स्थापना तो 1960 के दशक में गुजरात की राजधानी के रूप में हुई थी, जिसका नाम महात्मा गांधी के सम्मान में रखा गया, न कि उनका जन्मस्थान होने के कारण।
132. प्रार्थना समाज, यंग इंडिया, लोकहितवादी, सत्यशोधक समाज, रहनुमाई मजदेवसन सभा के लिए निम्न विकल्पों में से सही संयोजन पहचानिए-
(a) गोपाल हरि देशमुख, आत्माराम पांडुरंग, मोहनदास करमचंद गांधी, ज्योतिबा फुले, नौरोजी फुरदोनजी
(b) आत्माराम पांडुरंग, मोहनदास करमचंद गांधी, गोपाल हरि देशमुख, ज्योतिबा फुले, नौरोजी फुरदोनजी
(c) आत्माराम पांडुरंग, ज्योतिबा फुले, मोहनदास करमचंद गांधी, गोपाल हरि देशमुख, नौरोजी फुरदोनजी
(d) नौरोजी फुरदोनजी, आत्माराम पांडुरंग, मोहनदास करमचंद गांधी, गोपाल हरि देशमुख, ज्योतिबा फुले
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
64th B.P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर-(b)
प्रार्थना समाज-आत्माराम पांडुरंग, यंग इंडिया (पत्र)-महात्मा गांधी, लोकहितवादी-गोपाल हरि देशमुख, सत्यशोधक समाज-ज्योतिबा फुले तथा रहनुमाई मजदेवसन सभा-नौरोजी फुरदोनजी, यही सही संयोजन है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नौरोजी फुरदोनजी ने 1851 ई. में अन्य पारसी सहयोगियों के साथ मिलकर रहनुमाई मजदेवसन सभा की स्थापना की थी, जो पारसी समुदाय में सामाजिक-धार्मिक सुधार की दिशा में एक अग्रणी संगठन था।
133. निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए-
1. ब्रह्म समाज एकेश्वरवाद का समर्थन करता था।
2. आर्य समाज ने शिक्षा के विकास में योगदान दिया।
3. रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानंद ने की।
उत्तर निम्न कूटों के आधार पर दीजिए-
(a) 1, 2 एवं 3 सही हैं।
(b) 1 एवं 2 सही हैं।
(c) 1 एवं 3 सही हैं।
(d) 2 एवं 3 सही हैं।
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2008
उत्तर-(a)
ब्रह्म समाज एकेश्वरवाद का समर्थक था, आर्य समाज ने शिक्षा-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया, तथा रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानंद ने 1897 ई. में की, अतः तीनों कथन सही हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: आर्य समाज द्वारा स्थापित दयानंद एंग्लो-वैदिक (डी.ए.वी.) शिक्षा संस्थान आज भी भारत में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख नेटवर्क के रूप में सक्रिय हैं, जो इस आंदोलन के शैक्षिक योगदान का जीवंत प्रमाण है।

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