1. निम्नलिखित घटनाओं और ई. को सुमेलित कीजिए-
A. नादिरशाह द्वारा दिल्ली में कत्लेआम 1. 1556
B. बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच पानीपत की पहली लड़ाई 2. 1526
C. हेमू और अकबर के बीच पानीपत का दूसरी लड़ाई 3. 1761
D. अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच पानीपत की तीसरी लड़ाई 4. 1739
A B C D
A. नादिरशाह द्वारा दिल्ली में कत्लेआम 1. 1556
B. बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच पानीपत की पहली लड़ाई 2. 1526
C. हेमू और अकबर के बीच पानीपत का दूसरी लड़ाई 3. 1761
D. अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच पानीपत की तीसरी लड़ाई 4. 1739
A B C D
M.P. P.C.S. (Pre) 1994
उत्तर-(c)
पानीपत के तीनों ऐतिहासिक युद्धों और नादिर शाह के आक्रमण का सही सुमेलन इस प्रकार है — नादिर शाह ने 1739 ई. में करनाल के युद्ध में मुगल सेना को परास्त करके दिल्ली में भीषण नरसंहार किया; पानीपत का प्रथम युद्ध 21 अप्रैल, 1526 को बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच हुआ; पानीपत का द्वितीय युद्ध 5 नवंबर, 1556 को हेमू और अकबर की सेनाओं के बीच हुआ; तथा पानीपत का तृतीय युद्ध 14 जनवरी, 1761 को अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नादिर शाह अपने साथ मयूर सिंहासन (तख्त-ए-ताऊस) और कोहिनूर हीरा भी ईरान ले गया था। पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठा पेशवा विश्वासराव और सेनापति सदाशिवराव भाऊ वीरगति को प्राप्त हुए।
2. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है?
I.A.S. (Pre) 1999
उत्तर-(b)
सर थॉमस रो इंग्लैंड के राजा जेम्स प्रथम का राजदूत था जो 1615 से 1619 ई. के बीच जहांगीर के दरबार में रहा, न कि अकबर के। अतः ‘अकबर – सर थॉमस रो’ युग्म गलत सुमेलित है। शेष सभी युग्म सही हैं — विलियम हॉकिंस 1608–11 में जहांगीर के दरबार में, टेवर्नियर शाहजहां के काल में, और मनूची औरंगजेब के काल में भारत आए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सर थॉमस रो को जहांगीर के दरबार में व्यापारिक रियायतें दिलाने में सफलता नहीं मिली, किंतु उसकी डायरी ‘Embassy of Sir Thomas Roe’ मुगलकालीन इतिहास का एक महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है। विलियम हॉकिंस को जहांगीर ने ‘इंग्लिश खान’ की उपाधि दी थी।
3. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
1. अहमद शाह अब्दाली ने पानीपत का तृतीय युद्ध लड़ा।
2. बाबर ने दिल्ली सल्तनत की स्थापना की।
3. शाहजहां ने उत्तराधिकार का युद्ध लड़ा।
4. जहांगीर सौंदर्य तथा प्रकृति का प्रेमी था।
1. अहमद शाह अब्दाली ने पानीपत का तृतीय युद्ध लड़ा।
2. बाबर ने दिल्ली सल्तनत की स्थापना की।
3. शाहजहां ने उत्तराधिकार का युद्ध लड़ा।
4. जहांगीर सौंदर्य तथा प्रकृति का प्रेमी था।
U.P.P.S.C. (GIC) 2010
उत्तर-(c)
कथन 1 सत्य है — 1761 में पानीपत का तृतीय युद्ध अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच लड़ा गया। कथन 2 असत्य है क्योंकि दिल्ली सल्तनत की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने की थी; बाबर ने मुगल साम्राज्य की नींव रखी। कथन 3 भी असत्य है क्योंकि उत्तराधिकार का युद्ध शाहजहां के पुत्रों — दारा शिकोह, शाह शुजा और औरंगजेब — के बीच लड़ा गया था। कथन 4 सत्य है — जहांगीर प्रकृति और चित्रकला का गहरा प्रेमी था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जहांगीर ने अपनी आत्मकथा ‘तुजुक-ए-जहांगीरी’ में पशु-पक्षियों और प्राकृतिक दृश्यों का अत्यंत सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक वर्णन किया है। उत्तराधिकार के युद्ध में निर्णायक सामुगढ़ का युद्ध (1658 ई.) औरंगजेब और दारा शिकोह के बीच हुआ था।
4. हेमचंद्र विक्रमादित्य भारतीय इतिहास में किस नाम से जाने जाते हैं?
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013
उत्तर-(d)
हेमू (हेमराज) मध्यकालीन भारत के उन विरले व्यक्तित्वों में से था जो साधारण व्यापारी से उठकर दिल्ली के सिंहासन तक पहुंचे। वह सूर वंश के अंतिम शासक आदिलशाह का वजीर और सेनापति था। दिल्ली पर अधिकार करने के बाद उसने ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि ग्रहण की। किंतु पानीपत के द्वितीय युद्ध (5 नवंबर, 1556) में वह अकबर की सेना से पराजित हुआ और बैरम खां ने उसका वध कर दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हेमू ने अकबर से पहले 22 युद्ध लड़े और सभी में विजय प्राप्त की थी। पानीपत के युद्ध में वह आंख में तीर लगने से मूर्छित हो गया था, जिसके बाद उसकी सेना में भगदड़ मच गई।
5. निम्नलिखित विदेशी यात्रियों में से किसने भारत के हीरों और हीरे की खदानों की विस्तृत रूप से चर्चा की?
I.A.S. (Pre) 2018
उत्तर-(b)
फ्रांसीसी जौहरी एवं यात्री ज्यां-बैप्टिस्ट टेवर्नियर (1605–1689 ई.) ने शाहजहां के शासनकाल में भारत की यात्रा की। व्यवसाय से रत्न-व्यापारी होने के कारण उसने भारत की हीरे की खदानों, रत्नों और मोतियों के व्यापार का अत्यंत विश्वसनीय और विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। कोहिनूर हीरे के बारे में प्रारंभिक विस्तृत जानकारी का स्रोत भी टेवर्नियर के यात्रा-वृत्तांत ही हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: टेवर्नियर ने अपनी पुस्तक ‘Travels in India’ में गोलकुंडा और पन्ना की हीरे की खदानों का विशेष उल्लेख किया है। उसने ‘द ग्रेट मुगल डायमंड’ नामक हीरे का भी वर्णन किया है जो संभवतः कोहिनूर से भिन्न एक और विशाल हीरा था।
6. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए :
सूची-I सूची-II
A. हॉकिन्स 1. 1615-1619
B. टामस रो 2. 1608-1611
C. मनुची 3. 1585-1586
D. राल्फ फिंच 4. 1653-1708
सूची-I सूची-II
A. हॉकिन्स 1. 1615-1619
B. टामस रो 2. 1608-1611
C. मनुची 3. 1585-1586
D. राल्फ फिंच 4. 1653-1708
U.P.R.O/A.R.O. (Pre) 2016
उत्तर-(b)
इन विदेशी यात्रियों के भारत-प्रवास का सही कालक्रम इस प्रकार है — हॉकिंस 1608–1611 में जहांगीर के दरबार में आया; सर थॉमस रो 1615–1619 के बीच जहांगीर के दरबार में रहा; इतालवी यात्री मनूची 1653–1708 तक भारत में रहा; और राल्फ फिंच अकबर के काल में 1585–1586 में भारत आया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इतालवी यात्री निकोलो मनूची ने अपनी पुस्तक ‘Storia do Mogor’ में मुगल दरबार, औरंगजेब की धार्मिक नीतियों और दक्कन अभियानों का आंखों देखा विवरण दिया है। राल्फ फिंच पहला अंग्रेज यात्री था जिसने भारत के आंतरिक भागों की यात्रा की।
7. निम्नलिखित चार बाहरी आक्रमणों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें एवं नीचे दिए हुए कूट से सही उत्तर ढूंढ़ें-
1. अहमद शाह अब्दाली 2. चंगेज खान
3. नादिर शाह 4. तैमूर
1. अहमद शाह अब्दाली 2. चंगेज खान
3. नादिर शाह 4. तैमूर
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2002
उत्तर-(c)
भारत पर हुए इन चार विदेशी आक्रमणों का सही कालानुक्रम है — चंगेज खान (1221 ई., इल्तुतमिश के काल में), तैमूर (1398 ई., नासिरुद्दीन महमूद के काल में), नादिर शाह (1739 ई., मुहम्मद शाह के काल में) और अहमद शाह अब्दाली (1748–1769 ई. के बीच)।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: चंगेज खान ने सिंधु नदी तक पहुंचकर वापस लौटने का निर्णय लिया और भारत के आंतरिक भाग में प्रवेश नहीं किया। तैमूर के आक्रमण के बाद दिल्ली इतनी तबाह हुई कि वहां अगले कई महीनों तक कोई शासन स्थापित नहीं हो सका।
8. यह कथन किसका है कि “अकबर के शासन में इलाहाबाद में चालीस स्तंभयुक्त मंजिल के निर्माण में पांच हजार से बीस हजार लोगों ने चालीस साल तक काम किया था?
64th B.P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर-(c)
अंग्रेज यात्री विलियम फिंच ने इलाहाबाद के किले में स्थित ‘पैलेस ऑफ फोर्टी पिलर्स’ (चालीस स्तंभों वाला महल) के निर्माण का उल्लेख करते हुए लिखा कि इसमें 5,000 से 20,000 श्रमिकों ने 40 वर्षों तक काम किया। यह महल अकबर के निर्देश पर बनवाया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: विलियम फिंच 1608–1611 ई. के बीच व्यापारी के रूप में भारत आया था और उसने मुगलकालीन उत्तर भारत के नगरों, व्यापार तथा स्थापत्य का जीवंत वर्णन किया है। इलाहाबाद का किला अकबर द्वारा 1583 ई. में गंगा-यमुना संगम के निकट बनवाया गया था, जो मुगल सैन्य स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।
9. ‘भारतीय गौरव (यश) का अंतिम सूर्य’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ?
U.P.P.C.S (Pre) 2016
उत्तर-(b)
इतिहासकार बी.एन. लुनिया ने अपनी पुस्तक ‘पूर्व मध्यकालीन भारत : राजनैतिक एवं सांस्कृतिक इतिहास’ में चौहान वंश के शासक पृथ्वीराज चौहान (तृतीय) को ‘भारतीय यश का अंतिम सूर्य’ (The Last Sun of Indian Glory) कहा है। 1192 ई. में तराइन के द्वितीय युद्ध में मुहम्मद गोरी से पराजय के बाद उनकी मृत्यु हुई, जो भारत में मुस्लिम सत्ता की स्थापना का प्रारंभिक बिंदु माना जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पृथ्वीराज चौहान को ‘राय पिथौरा’ भी कहा जाता था। उनके दरबारी कवि चंदबरदाई ने प्रसिद्ध काव्य ‘पृथ्वीराज रासो’ की रचना की, जो हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण वीर-काव्य है।
10. निम्नलिखित मुस्लिम शासकों का सही कालानुक्रम नीचे दिए गए कूट से चुनिए-
1. अहमद शाह अब्दाली 2. मुहम्मद शाह
3. जहांगीर 4. बहादुर शाह-II
1. अहमद शाह अब्दाली 2. मुहम्मद शाह
3. जहांगीर 4. बहादुर शाह-II
U.P. P.C.S. (Pre) 2001
U.P. P.C.S. (Pre) 2003
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002
U.P. P.C.S. (Pre) 2003
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002
उत्तर-(c)
इन शासकों का सही कालानुक्रम है — जहांगीर (1605–1627 ई.), मुहम्मद शाह (1719–1748 ई.), अहमद शाह अब्दाली (1748–1773 ई., पानीपत के तृतीय युद्ध में 1761 में मुख्य भूमिका), और बहादुर शाह द्वितीय ‘जफर’ (1837–1857 ई.)।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मुहम्मद शाह को ‘रंगीला’ उपनाम से जाना जाता था क्योंकि वे विलासप्रिय और संगीत-प्रेमी थे; उनके ही शासनकाल में नादिर शाह ने दिल्ली को लूटा। बहादुर शाह जफर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक बने और उन्हें अंग्रेजों ने रंगून (म्यांमार) निर्वासित कर दिया, जहां 1862 में उनकी मृत्यु हुई।
11. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
U.P.P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(d)
बल्ख का युद्ध (1646–47 ई.) शाहजहां के शासनकाल में हुआ था, न कि जहांगीर के। शेष तीनों युग्म पूर्णतः सुमेलित हैं — खानवा का युद्ध (1527) बाबर ने राणा सांगा के विरुद्ध, चौसा का युद्ध (1539) में हुमायूं शेरशाह से पराजित हुआ, और हल्दी घाटी (1576) में अकबर की सेना ने महाराणा प्रताप से युद्ध किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बल्ख अभियान मुगल इतिहास का एक महंगा और असफल सैन्य अभियान माना जाता है, जिसमें शाहजहां के पुत्र मुराद बख्श ने नेतृत्व किया था। जहांगीर के काल की सबसे उल्लेखनीय सैन्य घटना उसके पुत्र खुसरो का विद्रोह (1606 ई.) था।
12. अता अली खां किसका नाम था?
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2014
उत्तर-(e)
अता अली खां तानसेन का नाम था, जो मूलतः रामतनु पांडेय के नाम से जाने जाते थे। अकबर के दरबार में आने से पूर्व उन्होंने इस्लाम ग्रहण किया और उनका नाम मियां अता अली खां पड़ा। वे अकबर के नवरत्नों में से एक थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तानसेन ग्वालियर के राजा रामचंद्र के दरबारी गायक स्वामी हरिदास के शिष्य थे। उन्हें ‘दीपक राग’ और ‘मियां की मल्हार’ जैसे रागों के प्रवर्तक के रूप में जाना जाता है। उनकी मृत्यु 1589 ई. में हुई और उनकी समाधि ग्वालियर में स्थित है।
13. मुगलकाल के निम्नलिखित युद्धों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए-
1. घाघरा का युद्ध 2. खानवा का युद्ध
3. चौसा का युद्ध 4. सामूगढ़ का युद्ध
उत्तर निम्न कूटों में से चुनिए-
1. घाघरा का युद्ध 2. खानवा का युद्ध
3. चौसा का युद्ध 4. सामूगढ़ का युद्ध
उत्तर निम्न कूटों में से चुनिए-
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2008
उत्तर-(a)
इन मुगलकालीन युद्धों का सही कालानुक्रम है — खानवा का युद्ध (1527 ई.) बाबर और राणा सांगा के बीच; घाघरा का युद्ध (1529 ई.) बाबर और महमूद लोदी के बीच, जो बाबर का अंतिम युद्ध था; चौसा का युद्ध (1539 ई.) हुमायूं और शेरशाह के बीच; तथा सामूगढ़ का युद्ध (1658 ई.) औरंगजेब-मुराद की संयुक्त सेना और दारा शिकोह के बीच।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: घाघरा के युद्ध में बाबर ने पहली बार नदी पर तैरते जहाजों से तोपखाने का प्रयोग किया था। सामूगढ़ के युद्ध में औरंगजेब की विजय ने मुगल उत्तराधिकार संघर्ष का निर्णय कर दिया और दारा शिकोह का पतन अपरिहार्य हो गया।
14. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-
(a) पानीपत का तृतीय युद्ध 1. 1192
(b) तराइन का दूसरा युद्ध 2. 1707
(c) अकबर की मृत्यु 3. 1761
(d) औरंगजेब की मृत्यु 4. 1605
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
A B C D
(a) पानीपत का तृतीय युद्ध 1. 1192
(b) तराइन का दूसरा युद्ध 2. 1707
(c) अकबर की मृत्यु 3. 1761
(d) औरंगजेब की मृत्यु 4. 1605
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
A B C D
U.P.P.C.S. (Mains) 2005
उत्तर-(c)
इन ऐतिहासिक घटनाओं और तिथियों का सही सुमेलन है — पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 ई. में अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच हुआ; तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई. में मुहम्मद गोरी और पृथ्वीराज चौहान के बीच हुआ; अकबर की मृत्यु 1605 ई. में हुई; और औरंगजेब की मृत्यु 1707 ई. में हुई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अकबर की मृत्यु आगरा के पास फतेहपुर सीकरी में पेचिश (dysentery) से हुई थी। औरंगजेब की मृत्यु दक्कन अभियान के दौरान अहमदनगर में हुई; उन्होंने अपनी वसीयत में साफ लिखा था कि उनका अंतिम संस्कार बिना किसी शाही ताम-झाम के किया जाए।
15. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
सूची-I सूची-II
A. हल्दी घाटी का युद्ध 1. बाबर
B. बिलग्राम का युद्ध 2. अकबर
C. खुसरो का विद्रोह 3. हुमायूं
D. खानवा का युद्ध 4. जहांगीर
सूची-I सूची-II
A. हल्दी घाटी का युद्ध 1. बाबर
B. बिलग्राम का युद्ध 2. अकबर
C. खुसरो का विद्रोह 3. हुमायूं
D. खानवा का युद्ध 4. जहांगीर
U.P. P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(a)
इन घटनाओं और मुगल शासकों का सही सुमेलन है — हल्दी घाटी का युद्ध (1576 ई.) अकबर के सेनापति मानसिंह और महाराणा प्रताप के बीच हुआ; बिलग्राम (कन्नौज) का युद्ध (1540 ई.) में हुमायूं शेरशाह से पराजित हुआ; खुसरो का विद्रोह (1606 ई.) जहांगीर के विरुद्ध हुआ; और खानवा का युद्ध (1527 ई.) बाबर ने राणा सांगा के विरुद्ध लड़ा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हल्दी घाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के विश्वस्त अश्व ‘चेतक’ की वीरगाथा आज भी प्रसिद्ध है। जहांगीर ने विद्रोही पुत्र खुसरो को बंदी बनाकर अंधा करवा दिया था और उसकी सहायता करने वाले सिख गुरु अर्जुन देव को मृत्युदंड दिया था।
16. निम्नलिखित में से कौन-सी जोड़ी (मुगल एवं मराठा कालीन युद्ध तथा वर्ष) सुमेलित हैं?
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2016
उत्तर-(c)
हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ई. में अकबर के सेनापति मानसिंह और महाराणा प्रताप के बीच राजस्थान की हल्दीघाटी दर्रे में लड़ा गया, यही एकमात्र सही सुमेलित जोड़ी है। चौसा का युद्ध 1539 में हुआ (1538 नहीं); कन्नौज का युद्ध 1540 में (1539 नहीं); खजवा का युद्ध जनवरी 1659 में (1657 नहीं); और खेड़ा का युद्ध 1707 में (1699 नहीं) हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना में अफगान सरदार हकीम खां सूर ने भी उनका साथ दिया था। यह युद्ध निर्णायक नहीं रहा — महाराणा प्रताप ने अरावली की पहाड़ियों में रहकर अकबर की सत्ता को चुनौती देना जारी रखा।
17. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-
सूची-I सूची-II
(a) 1556 1. हल्दी घाटी का युद्ध
(b) 1600 2. नादिर शाह का दिल्ली पर कब्जा
(c) 1680 3. शिवाजी का देहांत
(d) 1739 4. ईस्ट इंडिया कंपनी को अधिकार-पत्र प्रदान किया जाना
5. अकबर का राज्यारोहण
सूची-I सूची-II
(a) 1556 1. हल्दी घाटी का युद्ध
(b) 1600 2. नादिर शाह का दिल्ली पर कब्जा
(c) 1680 3. शिवाजी का देहांत
(d) 1739 4. ईस्ट इंडिया कंपनी को अधिकार-पत्र प्रदान किया जाना
5. अकबर का राज्यारोहण
I.A.S. (Pre) 1998
उत्तर-(b)
इन तिथियों और घटनाओं का सही सुमेलन है — 1556 ई. में अकबर का राज्यारोहण हुआ (पानीपत के द्वितीय युद्ध के बाद); 1600 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी को इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा अधिकार-पत्र (Royal Charter) प्राप्त हुआ; 1680 ई. में शिवाजी का देहांत रायगढ़ किले में हुआ; तथा 1739 ई. में नादिर शाह ने दिल्ली पर अधिकार किया और भीषण लूटपाट की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ईस्ट इंडिया कंपनी को 1600 ई. में 15 वर्षों के लिए पूर्व के साथ व्यापार का एकाधिकार दिया गया था। नादिर शाह के आक्रमण में मयूर सिंहासन और कोहिनूर सहित अनुमानतः 70 करोड़ रुपये की संपदा ईरान ले जाई गई थी।
18. निम्नांकित युद्धों का सही कालानुक्रम दिए गए कूट से चुनिए-
A. पानीपत का तृतीय युद्ध 1. 1601 ई.
B. हल्दी घाटी का युद्ध 2. 1761 ई.
C. तराइन का द्वितीय युद्ध 3. 1576 ई.
D. असीरगढ़ का युद्ध 4. 1192 ई.
A. पानीपत का तृतीय युद्ध 1. 1601 ई.
B. हल्दी घाटी का युद्ध 2. 1761 ई.
C. तराइन का द्वितीय युद्ध 3. 1576 ई.
D. असीरगढ़ का युद्ध 4. 1192 ई.
U.P.P.C.S. (Pre) 1998
उत्तर-(c)
इन युद्धों की सही तिथियां हैं — पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 ई. में मराठों और अहमद शाह अब्दाली के बीच हुआ; हल्दी घाटी का युद्ध 1576 ई. में अकबर की सेना और महाराणा प्रताप के बीच हुआ; तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई. में मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को पराजित कर लड़ा; और असीरगढ़ का युद्ध 1601 ई. में अकबर ने खानदेश के शासक मीरन बहादुर को पराजित कर किला जीता।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: असीरगढ़ का युद्ध अकबर का अंतिम सैन्य अभियान था। इस किले के बारे में प्रचलित था — “असीरगढ़ को जीतने वाला हिंदुस्तान का बादशाह होगा।” तराइन के प्रथम युद्ध (1191 ई.) में पृथ्वीराज ने गोरी को पराजित किया था, किंतु दूसरे युद्ध में वे पराजित और बंदी बनाए गए।
19. निम्नलिखित युद्धों पर विचार कीजिए तथा उन्हें उनके कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए-
I. कन्नौज का युद्ध II. चंदेरी का युद्ध
III. तालीकोटा का युद्ध IV. चौसा का युद्ध
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए।
I. कन्नौज का युद्ध II. चंदेरी का युद्ध
III. तालीकोटा का युद्ध IV. चौसा का युद्ध
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए।
U.P.R.O./ A.R.O. (Re. Exam) (Pre) 2016
उत्तर-(b)
इन युद्धों का सही कालानुक्रम है — चंदेरी का युद्ध 1528 ई. में बाबर और मेदिनी राय के बीच; चौसा का युद्ध 1539 ई. में शेरशाह और हुमायूं के बीच; कन्नौज का युद्ध 1540 ई. में पुनः शेरशाह और हुमायूं के बीच; और तालीकोटा का युद्ध 1565 ई. में विजयनगर साम्राज्य और दक्कन सल्तनतों के बीच।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: तालीकोटा के युद्ध (1565 ई.) में विजयनगर के राजा रामराय की पराजय और मृत्यु के बाद विजयनगर साम्राज्य का पतन शुरू हो गया। चंदेरी का युद्ध बाबर ने राजपूत प्रतिरोध को कुचलने के उद्देश्य से लड़ा और उसमें ‘जिहाद’ का नारा दिया था।
20. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-
सूची-I सूची-II
(a) इक्ता (Iqta) 1. मराठे
(b) जागीर (Jagir) 2. दिल्ली के सुल्तान
(c) अमरम (Amaram) 3. मुगल
(d) मोकासा (Mokasa) 4. विजयनगर
सूची-I सूची-II
(a) इक्ता (Iqta) 1. मराठे
(b) जागीर (Jagir) 2. दिल्ली के सुल्तान
(c) अमरम (Amaram) 3. मुगल
(d) मोकासा (Mokasa) 4. विजयनगर
I.A.S. (Pre) 2000
उत्तर-(b)
इन भू-राजस्व व्यवस्थाओं का सही सुमेलन है — इक्ता प्रथा दिल्ली सल्तनत में इल्तुतमिश के काल (1211 ई.) से प्रचलित हुई, जिसमें अधिकारियों को वेतन के बदले भू-राजस्व क्षेत्र दिए जाते थे; जागीरदारी प्रथा मुगल काल में प्रचलित थी; अमरम विजयनगर साम्राज्य में नायकों को दी जाने वाली भूमि थी; और मोकासा मराठा शासन में सरदारों को घुड़सवार सेना रखने के बदले दी जाने वाली राजस्व-व्यवस्था थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इक्ता प्रथा मूलतः अरब और फारस में प्रचलित थी। मुगल जागीरदारी प्रथा में जागीरदार को भूमि का स्वामित्व नहीं, केवल राजस्व संग्रह का अधिकार मिलता था और उसे स्थानांतरित किया जा सकता था।
21. निम्न इमारतों तथा शासकों को सुमेलित कीजिए-
A. कुतुबमीनार 1. मुहम्मद आदिल शाह
B. गोल गुंबद 2. इल्तुतमिश
C. बुलंद दरवाजा 3. औरंगजेब
D. मोती मस्जिद 4. अकबर
A. कुतुबमीनार 1. मुहम्मद आदिल शाह
B. गोल गुंबद 2. इल्तुतमिश
C. बुलंद दरवाजा 3. औरंगजेब
D. मोती मस्जिद 4. अकबर
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2013
उत्तर-(d)
सही सुमेलन इस प्रकार है — कुतुबमीनार का निर्माण दिल्ली सल्तनत के शासक इल्तुतमिश ने पूर्ण कराया था (नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने डाली थी)। गोल गुंबद बीजापुर में स्थित है, जिसे बीजापुर सल्तनत के शासक मुहम्मद आदिल शाह ने अपने मकबरे के रूप में बनवाया था। बुलंद दरवाजा का निर्माण अकबर ने 1602 ई. में गुजरात विजय की स्मृति में फतेहपुर सीकरी में कराया था। मोती मस्जिद का निर्माण औरंगजेब ने दिल्ली के लाल किले में 1662 ई. में कराया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गोल गुंबद विश्व के सबसे बड़े गुंबदों में से एक है और इसके भीतर एक ‘फुसफुसाहट दीर्घा’ (Whispering Gallery) है, जहाँ एक कोने में की गई आवाज़ दूसरे कोने में स्पष्ट सुनाई देती है। कुतुबमीनार 72.5 मीटर ऊँची है और इसके निर्माण में लाल तथा बफ बलुआ पत्थर का उपयोग किया गया था।
22. मुगल काल में निम्नलिखित बंदरगाहों में से किसको ‘बाबुल मक्का’ (मक्का द्वार) कहा जाता था?
I.A.S. (Pre) 2001
उत्तर-(d)
मुगल काल में सूरत (गुजरात) सबसे प्रमुख बंदरगाह था। हज यात्री यहीं से जहाज़ पकड़कर मक्का-मदीना की यात्रा पर जाते थे, इसीलिए इसे ‘बाबुल मक्का’ अर्थात् ‘मक्का का द्वार’ कहा जाता था। मुगल बादशाह इस बंदरगाह को विशेष महत्व देते थे क्योंकि यह उनकी धार्मिक पहचान से जुड़ा था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सूरत बंदरगाह पर 1608 ई. में अंग्रेज़ों का पहला व्यापारिक जहाज़ हेक्टर आया था, और 1612 ई. में कैप्टन थॉमस बेस्ट ने पुर्तगालियों को सूरत की लड़ाई में हराकर अंग्रेज़ों के लिए व्यापारिक अनुमति प्राप्त की थी। औरंगज़ेब के शासनकाल में शिवाजी ने 1664 और 1670 ई. में दो बार सूरत को लूटा था।
23. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-
सूची-I सूची-II
A. बाबर 1. जामा मस्जिद (संभल)
B. हुमायूं 2. दीनपनाह
C. अकबर 3. जहांगीरी महल
D. जहांगीर 4. एत्माद-उद-दौला का मकबरा
सूची-I सूची-II
A. बाबर 1. जामा मस्जिद (संभल)
B. हुमायूं 2. दीनपनाह
C. अकबर 3. जहांगीरी महल
D. जहांगीर 4. एत्माद-उद-दौला का मकबरा
U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl) (Pre) 2010
उत्तर-(a)
बाबर ने 1526 ई. में संभल (उत्तर प्रदेश) में जामा मस्जिद का निर्माण कराया, जो भारत में मुगलों द्वारा बनवाई गई आरंभिक मस्जिदों में से एक मानी जाती है। हुमायूं ने दिल्ली में दीनपनाह नामक नगर बसाया जिसे बाद में शेरशाह सूरी ने नष्ट कर दिया। अकबर ने आगरा के किले में जहांगीरी महल का निर्माण कराया जो हिंदू-मुस्लिम स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। जहांगीर के शासनकाल में उसकी पत्नी नूरजहाँ ने आगरा में अपने पिता एत्माद-उद-दौला (घियास बेग) का मकबरा बनवाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एत्माद-उद-दौला का मकबरा भारत का पहला ऐसा मुगलकालीन स्मारक है जिसमें पूर्णतः सफेद संगमरमर का उपयोग हुआ और पित्रा ड्यूरा (पत्थर जड़ाई) की तकनीक अपनाई गई — यही तकनीक बाद में ताजमहल में भी प्रयुक्त हुई।
24. मुगलों ने नवरोज का त्योहार लिया-
U.P.P.C.S. (Pre) 2001
उत्तर-(a)
नवरोज मूलतः ईरानी (फ़ारसी) परंपरा का त्योहार है जो फ़ारसी नव वर्ष के आगमन पर मनाया जाता था। मुगलों ने इसे ईरानी-फ़ारसी संस्कृति से ग्रहण किया। यह उत्सव उन्नीस दिनों तक चलता था और दरबार में विशेष उल्लास के साथ मनाया जाता था। अबुल फज़ल के अनुसार अकबर इस त्योहार को बहुत उत्साह से मनाता था। अब्दुल कादिर बदायूंनी ने इसे ‘नवरोज-ए-जलाली’ कहा है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: नवरोज का शाब्दिक अर्थ है ‘नया दिन’। अकबर के दरबार में नवरोज के अवसर पर झरोखा दर्शन और विशेष दरबार आयोजित होता था, जिसमें प्रजा सम्राट के दर्शन कर सकती थी। औरंगज़ेब ने अपने शासनकाल में इस त्योहार पर प्रतिबंध लगा दिया था क्योंकि उसने इसे गैर-इस्लामी माना।
25. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें एवं सही उत्तर नीचे दिए गए कूट की सहायता से ढूंढें-
1. अहिल्याबाई 2. दुर्गावती
3. पद्मिनी 4. ताराबाई
1. अहिल्याबाई 2. दुर्गावती
3. पद्मिनी 4. ताराबाई
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2001
U.P. Lower Sub. (Pre) 2002
U.P. Lower Sub. (Pre) 2002
उत्तर-(b)
कालानुक्रम इस प्रकार है — रानी पद्मिनी (13वीं-14वीं सदी): चित्तौड़ के राजा रावल रतन सिंह की पत्नी, जिन्होंने अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण (1303 ई.) के समय जौहर किया। रानी दुर्गावती (16वीं सदी): गोंडवाना की शासिका, जिन्होंने मुगल सेनापति आसफ खाँ से लड़ते हुए 1564 ई. में वीरगति पाई। ताराबाई (17वीं-18वीं सदी): मराठा छत्रपति राजाराम की पत्नी, जिन्होंने 1700 ई. में राजाराम की मृत्यु के बाद मुगलों के विरुद्ध मराठा संघर्ष का नेतृत्व किया। अहिल्याबाई होल्कर (18वीं सदी): मल्हारराव होल्कर की पुत्रवधू, जिन्होंने 1767-1795 ई. तक मालवा पर कुशलता से शासन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: रानी दुर्गावती ने अपने राज्य की रक्षा के लिए स्वयं रणक्षेत्र में उतरकर हाथी पर सवार होकर युद्ध लड़ा था। अहिल्याबाई होल्कर ने काशी, द्वारका, सोमनाथ सहित देशभर के अनेक मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया।
26. मुगलकाल में जिस मदरसे ने ‘मुस्लिम न्याय-शास्त्र’ की पढ़ाई में विशिष्टता हासिल की, वह स्थित था-
U.P.P.C.S (Pre) 2016
उत्तर-(a)
लखनऊ का फिरंगीमहल मदरसा इस्लामी न्यायशास्त्र (फ़िक़्ह) की शिक्षा के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध था। यहाँ मुल्ला निज़ामुद्दीन सहालवी द्वारा निर्मित ‘दर्स-ए-निज़ामी’ पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता था, जो बाद में पूरे उपमहाद्वीप के मदरसों के लिए आदर्श पाठ्यक्रम बन गया। दिल्ली के शाह वलीउल्लाह के मदरसे में हदीस और तफसीर की शिक्षा पर बल दिया जाता था। धर्मशास्त्र के विद्वान को ‘आलिम’ तथा साहित्य के विद्वान को ‘काबिल’ कहा जाता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: फिरंगीमहल का नाम एक फ्रांसीसी व्यापारी के नाम पर पड़ा था जिसकी संपत्ति औरंगज़ेब ने जब्त कर मुल्ला कुतुबुद्दीन को दे दी थी। दर्स-ए-निज़ामी पाठ्यक्रम आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश के मदरसों में प्रचलित है।
27. निम्नलिखित में से कौन एक सही सुमेलित है?
U.P.P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(d)
शेख सलीम चिश्ती का मकबरा फतेहपुर सीकरी में स्थित है, खुल्दाबाद में नहीं। औरंगज़ेब का मकबरा खुल्दाबाद (औरंगाबाद, महाराष्ट्र) में है, फतेहपुर सीकरी में नहीं। एतमादुद्दौला का मकबरा आगरा में स्थित है — यह युग्म सही है, किन्तु विकल्प (c) में यह पहले से ही सुमेलित था इसलिए भ्रम हो सकता है। अब्दुर्रहीम खानेखाना का मकबरा दिल्ली के निज़ामुद्दीन क्षेत्र में स्थित है, जो सही सुमेलन है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अब्दुर्रहीम खानेखाना अकबर के नवरत्नों में से एक थे और हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि थे जिनके दोहे आज भी लोकप्रिय हैं। औरंगज़ेब ने अपनी मृत्यु से पूर्व वसीयत की थी कि उनका मकबरा अत्यंत सादा बनाया जाए, इसीलिए खुल्दाबाद में उनकी कब्र खुले आसमान के नीचे है।
28. भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. फतेहपुर सीकरी स्थित बुलंद दरवाजा तथा खानकाह के निर्माण में सफेद संगमरमर का प्रयोग हुआ था।
2. लखनऊ स्थित बड़ा इमामबाड़ा और रूमी दरवाजा के निर्माण में लाल-बलुआ पत्थर और संगमरमर का प्रयोग हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. फतेहपुर सीकरी स्थित बुलंद दरवाजा तथा खानकाह के निर्माण में सफेद संगमरमर का प्रयोग हुआ था।
2. लखनऊ स्थित बड़ा इमामबाड़ा और रूमी दरवाजा के निर्माण में लाल-बलुआ पत्थर और संगमरमर का प्रयोग हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
I.A.S. (Pre) 2018
उत्तर-(d)
कथन 1 गलत है: फतेहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा मुख्यतः लाल बलुआ पत्थर से बना है जिसे सफेद संगमरमर की जड़ाई से सजाया गया है। खानकाह में सफेद संगमरमर का प्रयोग नहीं हुआ है — सफेद संगमरमर केवल शेख सलीम चिश्ती के मकबरे में प्रयुक्त हुआ है। कथन 2 भी गलत है: लखनऊ का बड़ा इमामबाड़ा और रूमी दरवाजा अवध के नवाब आसफउद्दौला ने 1784 ई. में बनवाया था। इनके निर्माण में पत्थर या संगमरमर नहीं, बल्कि ईंट और चूने का प्रयोग किया गया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बड़ा इमामबाड़ा का निर्माण अकाल राहत परियोजना के अंतर्गत किया गया था ताकि अकालग्रस्त जनता को रोज़गार मिल सके। इसके अंदर ‘भूल-भुलैया’ नामक भूलभरी गैलरी है जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण है।
29. निम्नलिखित में से कौन-सी जोड़ी (मुगलकालीन इमारत एवं स्थान) सुमेलित नहीं है?
Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर-(c)
जहांगीरी महल वास्तव में आगरा के किले में स्थित है, बुरहानपुर में नहीं। अकबर ने इसे अपने परिवार की महिलाओं और अपने पुत्र सलीम (जहाँगीर) के निवास हेतु बनवाया था। इसकी स्थापत्य शैली हिंदू परंपराओं से अत्यधिक प्रभावित है। शेष सभी युग्म — शेरशाह का मकबरा (सासाराम), हुमायूँ का मकबरा (दिल्ली), बुलंद दरवाजा (फतेहपुर सीकरी) और बीबी का मकबरा (औरंगाबाद) — सही सुमेलित हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बीबी का मकबरा औरंगज़ेब के पुत्र आज़म शाह ने अपनी माँ दिलरास बानो बेगम की स्मृति में बनवाया था। इसे ‘दक्कन का ताजमहल’ कहा जाता है क्योंकि यह ताजमहल की आकृति से प्रेरित है, लेकिन निर्माण सामग्री और परिष्करण में यह ताजमहल से कमतर है।
30. निम्नलिखित स्मारकों को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए हुए कूटों में से सही उत्तर चुनिए-
I. राबिया दौरानी का मकबरा, औरंगाबाद
II. शेरशाह सूरी का मकबरा, सासाराम
III. हुमायूं का मकबरा, दिल्ली
IV. अटाला मस्जिद, जौनपुर
I. राबिया दौरानी का मकबरा, औरंगाबाद
II. शेरशाह सूरी का मकबरा, सासाराम
III. हुमायूं का मकबरा, दिल्ली
IV. अटाला मस्जिद, जौनपुर
U.P.P.C.S. (Pre) 2019
उत्तर-(b)
सही कालानुक्रम इस प्रकार है — अटाला मस्जिद, जौनपुर (लगभग 1408 ई.): जौनपुर सल्तनत के शासक इब्राहिम शाह शर्की द्वारा निर्मित। शेरशाह सूरी का मकबरा, सासाराम (1540-45 ई.): शेरशाह ने स्वयं अपना मकबरा बनवाना प्रारंभ किया था। हुमायूँ का मकबरा, दिल्ली (1565-72 ई.): अकबर की सौतेली माँ हाजी बेगम (हमीदा बानो बेगम) की देखरेख में पूर्ण हुआ। राबिया दौरानी का मकबरा, औरंगाबाद (1651-61 ई.): औरंगज़ेब ने अपनी पत्नी दिलरास बानो बेगम (राबिया दौरानी) की स्मृति में बनवाया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हुमायूँ का मकबरा भारत का पहला उद्यान-मकबरा (garden tomb) है जिसे 1993 में UNESCO ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। इसे मुगल मकबरा स्थापत्य कला का प्रारंभिक नमूना माना जाता है जिसने आगे चलकर ताजमहल की प्रेरणा दी।
31. भारतीय इतिहास के मध्यकाल में बंजारे सामान्यतः कौन थे?
I.A.S. (Pre) 2016
उत्तर-(d)
बंजारे मध्यकालीन भारत के घुमंतू व्यापारी वर्ग थे जो बैलों पर माल लादकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाते थे। ‘बंजारा’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के ‘वाणिज्य’ से हुई है जिसका अर्थ व्यापार होता है। बंजारों के कारवाँ को ‘तांडा’ कहा जाता था और उनके नेता को ‘नायक’ या ‘नाइक’। मुगल काल में बंजारे सेना के लिए अनाज और रसद की आपूर्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे — औरंगजेब की सेनाओं को भी बंजारों ने रसद पहुँचाई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बंजारा समुदाय मुख्यतः लंबाडी या लम्बाणी नाम से भी जाना जाता है और ये राजस्थान, महाराष्ट्र व आंध्रप्रदेश में बहुलता से पाए जाते हैं। शेरशाह सूरी के काल में बंजारों का व्यापारिक नेटवर्क इतना सुदृढ़ था कि वे ग्रैंड ट्रंक रोड के निर्माण के बाद भी सुदूर क्षेत्रों में माल पहुँचाने का एकमात्र साधन बने रहे।
32. निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
U.P.P.C.S. (Pre) 2019
उत्तर-(d)
‘दाम’ तांबे का सिक्का था जिसे शेरशाह सूरी ने प्रचलित किया। मुगल काल में 1 रुपया = 40 दाम का अनुपात निर्धारित था। ‘देसाई’ या ‘देशमुख’ मराठा प्रशासन में जनपद स्तर के राजस्व अधिकारी होते थे। ‘दीवान’ मुगल प्रांतीय प्रशासन में राजस्व विभाग का सर्वोच्च अधिकारी था। ‘जरीब’ भूमि मापने की एक जंजीरनुमा इकाई थी — यह कोई कर नहीं थी, अतः विकल्प (d) असुमेलित है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जरीब की मानक लंबाई अकबर के शासनकाल में टोडरमल द्वारा निर्धारित की गई थी और यह बाँस की जगह लोहे की जंजीर से बनाई जाती थी ताकि माप में परिशुद्धता रहे। मुगल काल में भूमि को पैमाइश के आधार पर ‘पोलज’, ‘परौती’, ‘चाचर’ और ‘बंजर’ — इन चार श्रेणियों में विभाजित किया जाता था।
33. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिए-
सूची-I (स्मारक) सूची-II (निर्माता)
A. अलाई दरवाजा, दिल्ली 1. अलाउद्दीन खिलजी
B. बुलंद दरवाजा, फतेहपुर सीकरी 2. अकबर
C. मोती मस्जिद, आगरा 3. शाहजहां
D. मोती मस्जिद, दिल्ली 4. औरंगजेब
सूची-I (स्मारक) सूची-II (निर्माता)
A. अलाई दरवाजा, दिल्ली 1. अलाउद्दीन खिलजी
B. बुलंद दरवाजा, फतेहपुर सीकरी 2. अकबर
C. मोती मस्जिद, आगरा 3. शाहजहां
D. मोती मस्जिद, दिल्ली 4. औरंगजेब
U.P. P.C.S. (Pre) 2010
उत्तर-(a)
अलाई दरवाजा का निर्माण 1311 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने कुतुब मीनार परिसर में करवाया — यह भारत में इस्लामी स्थापत्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। बुलंद दरवाजा अकबर ने 1602 ई. में गुजरात विजय की स्मृति में बनवाया और यह विश्व के सबसे ऊँचे प्रवेश द्वारों में से एक है (ऊँचाई लगभग 54 मीटर)। मोती मस्जिद (आगरा) शाहजहाँ ने आगरा किले के भीतर बनवाई जो शुद्ध श्वेत संगमरमर से निर्मित है। मोती मस्जिद (दिल्ली) औरंगजेब ने लाल किले के भीतर बनवाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बुलंद दरवाजे पर फारसी में एक शिलालेख अंकित है जो ईसा मसीह के एक कथन पर आधारित है — यह अकबर की धार्मिक उदारता का प्रतीक माना जाता है। अलाई दरवाजा की विशेषता यह है कि इसमें पहली बार भारतीय उपमहाद्वीप में वास्तविक इस्लामी शैली के ‘घोड़े की नाल’ आकार की मेहराब का प्रयोग किया गया।
34. मुगलकाल में ‘मौल्लिम’ था-
U.P.P.C.S. (Mains) 2014
उत्तर-(*)
‘मौल्लिम’ मुगलकालीन भारतीय व्यापारिक जहाजों पर नियुक्त एक कुशल नाविक (Navigator) होता था। वह एक गोलाकार खगोलीय यंत्र की सहायता से सूर्य और तारों की स्थिति देखकर समुद्र में जहाज की सटीक दिशा व स्थान निर्धारित करता था। दिए गए विकल्पों में से कोई भी विकल्प पूरी तरह सटीक नहीं है क्योंकि मौल्लिम न तो कर था, न प्रशासनिक इकाई, न शासक और न ही स्वयं जहाज — इसीलिए उत्तर (*) दिया गया है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मुगलकाल में समुद्री व्यापार के लिए ‘दस्तक’ नामक परमिट प्रणाली प्रचलित थी, जिसे बाद में यूरोपीय कंपनियों ने भी अपनाया। मुगल शासकों, विशेषतः औरंगजेब के काल में, भारतीय बंदरगाहों से अरब, फारस और पूर्वी अफ्रीका तक व्यापक समुद्री व्यापार होता था जिसमें सूरत बंदरगाह सबसे प्रमुख केंद्र था।
35. निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए और इन्हें कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए-
I. कन्नौज का युद्ध II. चौसा का युद्ध
III. तालीकोटा का युद्ध IV. खानवा का युद्ध
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए।
I. कन्नौज का युद्ध II. चौसा का युद्ध
III. तालीकोटा का युद्ध IV. खानवा का युद्ध
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए।
U.P.R.O. / A.R.O. (Mains) 2016
उत्तर-(a)
इन चारों युद्धों का सही कालक्रम इस प्रकार है — खानवा का युद्ध (1527 ई.) में बाबर ने राणा सांगा को पराजित किया; चौसा का युद्ध (1539 ई.) में शेरशाह सूरी ने हुमायूँ को हराया; कन्नौज का युद्ध (1540 ई.) में शेरशाह ने पुनः हुमायूँ को परास्त कर भारत से बाहर खदेड़ दिया; तालीकोटा का युद्ध (1565 ई.) में दक्कन की चार सल्तनतों की संयुक्त सेना ने विजयनगर साम्राज्य को निर्णायक रूप से पराजित किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: खानवा के युद्ध में बाबर ने ‘जिहाद’ का नारा देते हुए अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाया था और इस विजय के बाद उसने ‘गाजी’ की उपाधि धारण की। तालीकोटा युद्ध (जिसे ‘राक्षसतंगडी का युद्ध’ भी कहते हैं) के बाद विजयनगर की राजधानी हम्पी को इतनी बुरी तरह नष्ट किया गया कि वह फिर कभी पुनर्जीवित नहीं हो सकी।
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