औरंगजेब MCQ प्रश्न | UPSC

भारतीय इतिहास मध्यकालीन भारत औरंगजेब MCQ प्रश्न
1. धरमत का युद्ध निम्न में से किनके बीच लड़ा गया?
(a) मुहम्मद गोरी तथा जयचंद
(b) बाबर तथा अफगान
(c) औरंगजेब तथा दारा शिकोह
(d) अहमद शाह दुर्रानी तथा मराठा
I.A.S. (Pre) 2003
उत्तर-(c)
धरमत का युद्ध 15 अप्रैल, 1658 को उज्जैन (मध्य प्रदेश) के निकट लड़ा गया। इसमें औरंगजेब और उसके सहयोगी भाई मुराद की संयुक्त सेना ने शाही सेना को, जो दारा शिकोह की ओर से लड़ रही थी, पराजित किया। जोधपुर के राजा जसवंत सिंह दारा की तरफ से इस युद्ध में उतरे थे, किंतु पराजित होकर मैदान छोड़ना पड़ा। इस विजय ने औरंगजेब को मुगल सिंहासन की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ा दिया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: धरमत युद्ध के मात्र कुछ सप्ताह बाद 29 मई, 1658 को सामूगढ़ का निर्णायक युद्ध हुआ, जिसमें औरंगजेब ने दारा शिकोह को पुनः करारी शिकस्त दी और दिल्ली पर कब्जा कर लिया। दारा शिकोह को बाद में 1659 में पकड़कर काफिर और धर्मद्रोही घोषित करते हुए मृत्युदंड दिया गया।
2. औरंगजेब के किस पुत्र ने विद्रोह करके राजपूतों के विरुद्ध अपने पिता की स्थिति दुर्बल कर दी थी?
(a) आजम
(b) अकबर
(c) मुअज्जम
(d) कामबक्श
U.P.P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(b)
औरंगजेब के पुत्र शहजादे मुहम्मद अकबर ने 1681 ई. में अपने पिता के विरुद्ध विद्रोह का झंडा उठाया। वह राजपूतों के विरुद्ध लंबे चले युद्ध और औरंगजेब की कठोर धार्मिक नीतियों से असंतुष्ट था। मेवाड़ के महाराणा और मारवाड़ के दुर्गादास राठौर ने उसे अपना समर्थन देकर बादशाह घोषित करने का प्रस्ताव रखा। परंतु औरंगजेब ने चालाकी से राजपूत सेना को अकबर के विरुद्ध भड़काकर विद्रोह असफल कर दिया। इसके बाद अकबर मराठा शासक शम्भाजी की शरण में चला गया, और अंततः ईरान (फारस) भाग गया, जहाँ उसने अपने जीवन के अंतिम वर्ष बिताए।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दुर्गादास राठौर मारवाड़ के सबसे प्रसिद्ध वीरों में गिने जाते हैं। उन्होंने न केवल विद्रोह में अकबर का साथ दिया बल्कि औरंगजेब के विरुद्ध मारवाड़ की स्वतंत्रता के लिए लगभग 30 वर्षों तक संघर्ष किया। राजपूतों से औरंगजेब का यह टकराव मुगल साम्राज्य के पतन की एक महत्वपूर्ण कड़ी बना।
3. कथन (A) : मुगल गद्दी पर औरंगजेब शाहजहां का उत्तराधिकारी हुआ।
कारण (R): ज्येष्ठ पुत्र के उत्तराधिकार के नियम का पालन किया गया।
निम्न में से सही उत्तर का चयन कीजिए-
(a) दोनों (A) और (R) सत्य हैं, तथा (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) दोनों (A) और (R) सत्य हैं, परंतु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सत्य है, और (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है।
U.P.P.C.S. (Pre) 1994
उत्तर-(c)
शाहजहां के चार पुत्रों में ज्येष्ठ दारा शिकोह था, उसके बाद क्रमशः शुजा, औरंगजेब और मुराद थे। अतः औरंगजेब ज्येष्ठ पुत्र नहीं था। मुगलों में उत्तराधिकार का कोई निश्चित नियम नहीं था – जो राजकुमार तलवार के बल पर विजय प्राप्त करता था, वही सिंहासन का अधिकारी बनता था। औरंगजेब ने उत्तराधिकार के युद्ध में अपने तीनों भाइयों को पराजित या समाप्त करके 1658 ई. में मुगल गद्दी प्राप्त की और बंदी पिता शाहजहां को आगरे के किले में अपने अंतिम दिनों तक कैद रखा। इसलिए कथन (A) सत्य है, किंतु कारण (R) असत्य है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: शाहजहां स्वयं भी अपने पिता जहाँगीर के जीवनकाल में विद्रोह कर चुके थे। इस प्रकार उत्तराधिकार हेतु पिता से विद्रोह और भ्रातृयुद्ध मुगल इतिहास की एक बारंबार दोहराई जाने वाली कड़वी परम्परा थी, जिसे इतिहासकारों ने ‘तख्त या ताबूत’ (throne or coffin) की नीति कहा है।
4. किस मुगल बादशाह को ‘जिंदा पीर’ कहा जाता था?
(a) अकबर
(b) औरंगजेब
(c) शाहजहां
(d) जहांगीर
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2003
उत्तर-(b)
औरंगजेब अपने व्यक्तिगत जीवन में अत्यंत धर्मनिष्ठ और संयमी था। वह नमाज पढ़ता था, रोजा रखता था, स्वयं टोपियाँ सीकर और कुरान की प्रतियाँ लिखकर अपना जीवनयापन करता था – राजकोष से अपने व्यक्तिगत खर्च के लिए एक पैसा भी नहीं लेता था। इसी कारण उसके समकालीन उसे ‘शाही दरवेश’ और मुसलमान उसे ‘जिंदा पीर’ (जीवित संत) कहते थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: औरंगजेब ने अपने शासनकाल में दरबार में संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया और दरबारी गायकों को विदा कर दिया, हालाँकि कुछ इतिहासकार मानते हैं कि उसे स्वयं संगीत की अच्छी समझ थी। उसने ‘रुक्कात-ए-आलमगीरी’ नाम से पत्र-संग्रह छोड़ा, जो उस युग के प्रशासन और उसके व्यक्तित्व को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत है।
5. औरंगजेब ने जोधपुर के शासक जसवंत सिंह को 1658 ई. के धरमत के युद्ध में पराजित किया था, धरमत किस राज्य में स्थित है?
(a) राजस्थान
(b) मध्य प्रदेश
(c) गुजरात
(d) उत्तर प्रदेश
R.A.S./R.T.S. (Pre) 2007
उत्तर-(b)
धरमत नामक स्थान मध्य प्रदेश में उज्जैन जिले के निकट स्थित है। 15 अप्रैल, 1658 को यहाँ औरंगजेब की सेना और दारा शिकोह की शाही सेना के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें जोधपुर के महाराजा जसवंत सिंह ने शाही सेना का नेतृत्व किया। वे पराजित होकर जोधपुर लौट गए। इस हार से दारा की सामरिक स्थिति अत्यंत कमज़ोर हो गई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जसवंत सिंह की धरमत में हार के बाद मुगल-राजपूत संबंधों में तनाव आ गया। इसके बावजूद, औरंगजेब ने जसवंत सिंह को बाद में काबुल का सूबेदार बनाया। जसवंत सिंह की 1678 ई. में काबुल में मृत्यु के बाद औरंगजेब ने उनके नाबालिग पुत्र अजीत सिंह को मान्यता देने से इनकार किया, जिससे दुर्गादास राठौर के नेतृत्व में मारवाड़ में दीर्घकालीन विद्रोह भड़क उठा।
6. निम्नलिखित में से किस मुगल बादशाह का दो बार राज्याभिषेक हुआ था?
(a) अकबर
(b) जहांगीर
(c) शाहजहां
(d) औरंगजेब
U.P.P.C.S. (Mains) 2006
U.P.P.C.S. (Pre) 2009
उत्तर-(d)
मुगल बादशाहों में औरंगजेब ही एकमात्र ऐसा शासक था जिसका राज्याभिषेक दो बार हुआ। पहला राज्याभिषेक 31 जुलाई, 1658 को दिल्ली में हुआ, जब उसने अपने पिता शाहजहां को बंदी बनाकर सत्ता हथियाई थी। दूसरा औपचारिक राज्याभिषेक 15 जून, 1659 को हुआ – जब दारा शिकोह पर विजय के बाद उसकी स्थिति पूर्णतः सुदृढ़ हो गई। इस अवसर पर उसने ‘अब्दुल मुजफ्फर मुहीउद्दीन मुहम्मद औरंगजेब बहादुर आलमगीर पादशाह गाजी’ की भव्य उपाधि धारण की। ‘आलमगीर’ का अर्थ होता है – ‘विश्व को जीतने वाला’।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: औरंगजेब ने लगभग 49 वर्षों (1658-1707) तक शासन किया, जो किसी भी मुगल सम्राट का सबसे लंबा शासनकाल है। उसने अपना अधिकांश समय दक्षिण भारत के अभियानों में बिताया और 90 वर्ष की आयु में 1707 में अहमदनगर में उसकी मृत्यु हुई।
7. किस मुगल सेनापति के साथ शिवाजी ने 1665 ई. में पुरंदर की संधि पर हस्ताक्षर किए थे?
(a) दिलेर खां
(b) जयसिंह
(c) जसवंत सिंह
(d) शाइस्ता खां
U.P.P.C.S. (Mains) 2008
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
U.P.U.D.A./L.D.A (Spl.) (Pre) 2010
U.P.U.D.A./L.D.A (Spl.) (Mains) 2010
U.P.P.C.S. (Pre) 2011
उत्तर-(b)
1665 ई. में औरंगजेब ने मिर्ज़ा राजा जयसिंह (आमेर/जयपुर के कछवाहा राजपूत शासक) को एक विशाल मुगल सेना देकर शिवाजी के विरुद्ध भेजा। जयसिंह ने बीजापुर सल्तनत से भी समझौता किया और पुरंदर के किले को घेर लिया। शिवाजी ने परिस्थितियों की गंभीरता भांपकर जून 1665 में पुरंदर की संधि पर हस्ताक्षर किए। इस संधि के तहत शिवाजी ने अपने 35 में से 23 किले मुगलों को सौंपे और 4000 सैनिकों सहित मुगल सेवा स्वीकार की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पुरंदर संधि के अगले ही वर्ष 1666 में जयसिंह की प्रेरणा पर शिवाजी आगरा में औरंगजेब के दरबार में गए, जहाँ उन्हें नजरबंद कर लिया गया। लेकिन शिवाजी फलों की टोकरी में छिपकर वहाँ से भागने में सफल रहे – यह प्रसंग भारतीय इतिहास के सबसे रोमांचक पलायनों में से एक माना जाता है।
8. निम्नलिखित युद्धों को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर चुनिए-
I. सर्नाल का युद्ध II. बिलग्राम का युद्ध
III. धरमत का युद्ध IV. जजाऊ का युद्ध

कूट :
(a) II, I, III, IV
(b) II, III, IV, I
(c) III, II, I, IV
(d) III, I, II, IV
U.P.P.C.S. (Pre) 2019
उत्तर-(a)
इन चार युद्धों का सही कालक्रम इस प्रकार है – बिलग्राम का युद्ध (1540 ई.): शेरशाह सूरी ने हुमायूं को पराजित कर मुगलों को भारत से खदेड़ा। सर्नाल का युद्ध (1572 ई.): अकबर के गुजरात अभियान के दौरान इब्राहिम मिर्ज़ा को परास्त किया गया। धरमत का युद्ध (1658 ई.): औरंगजेब ने दारा शिकोह की सेना को उज्जैन के निकट हराया। जजाऊ का युद्ध (1707 ई.): औरंगजेब की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार के लिए बहादुरशाह प्रथम और मुहम्मद आजम शाह के बीच हुआ, जिसमें आजम शाह मारा गया। अतः सही क्रम II, I, III, IV है – विकल्प (a)।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जजाऊ का युद्ध मुगल साम्राज्य के विघटन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद मुगल उत्तराधिकार के युद्धों का जो सिलसिला चला, उसने 18वीं शताब्दी में केंद्रीय मुगल सत्ता को पूरी तरह खोखला कर दिया और मराठों, सिखों तथा अंततः अंग्रेजों के उदय का मार्ग प्रशस्त किया।
9. निम्न में से कौन जिंदापीर के नाम से जाना जाता था?
(a) बहादुरशाह प्रथम
(b) शाहआलम II
(c) औरंगजेब
(d) आदिल शाह
U.P.R.O/A.R.O. (Mains) 2017
उत्तर-(c)
मुगल सम्राट औरंगजेब को उसके समकालीन मुसलमान ‘जिंदा पीर’ (जीवित संत) कहते थे। यह उपाधि उसे उसके सादे, संयमी और कट्टर इस्लामी जीवनशैली के कारण मिली थी। वह कुरान की हाथ से लिखी प्रतियाँ बेचकर और टोपियाँ सिलकर अपना व्यक्तिगत खर्च उठाता था। उसे ‘शाही दरवेश’ भी कहा गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इसके विपरीत, अकबर को उसकी उदार धार्मिक नीतियों के लिए जाना जाता है – उसने ‘दीन-ए-इलाही’ नामक एकेश्वरवादी पंथ चलाया, जो हिन्दू, इस्लाम, ईसाई और पारसी धर्म के तत्वों का समन्वय था। औरंगजेब ने अकबर की इस उदार विरासत को पूरी तरह नकार दिया और इस्लामी कानून (शरीयत) के आधार पर शासन चलाने का प्रयास किया।
10. मुगल शहज़ादा जिसने श्रीनगर गढ़वाल में आश्रय लिया था-
(a) मुराद
(b) औरंगजेब
(c) दारा शिकोह
(d) सुलेमान शिकोह
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2004
उत्तर-(d)
उत्तराधिकार युद्ध में औरंगजेब से पराजित होने के बाद दारा शिकोह के पुत्र शहजादे सुलेमान शिकोह ने श्रीनगर गढ़वाल के शासक राजा पृथ्वी सिंह के यहाँ शरण ली। पृथ्वी सिंह ने उसे संरक्षण दिया, परंतु उनके उत्तराधिकारी मेदिनीसिंह ने औरंगजेब के दबाव में आकर उसे मुगल सेना को सौंप दिया। सुलेमान शिकोह को ग्वालियर के किले में बंदी बनाया गया, जहाँ उसे जबरन अफीम खिलाई गई और वह कुछ समय बाद काल के गाल में समा गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दारा शिकोह स्वयं भी 1659 में पकड़ा गया। उसे दिल्ली की गलियों में हाथी पर बैठाकर अपमानित करते हुए घुमाया गया और फिर धर्मद्रोही घोषित करके उसकी हत्या कर दी गई। दारा शिकोह एक विद्वान राजकुमार था जिसने उपनिषदों का फारसी में ‘सिर्र-ए-अकबर’ नाम से अनुवाद किया था।
11. किस बादशाह के अंतर्गत मुगल सेना में सर्वाधिक हिंदू सेनापति थे?
(a) हुमायूं
(b) अकबर
(c) जहांगीर
(d) औरंगजेब
U.P.P.C.S. (Pre) 2000
उत्तर-(d)
यह एक आश्चर्यजनक ऐतिहासिक तथ्य है कि प्रायः कट्टर समझे जाने वाले औरंगजेब के शासनकाल में मुगल सेना में हिंदू सेनापतियों की संख्या सबसे अधिक थी। उसके शासन के उत्तरार्ध में कुल मनसबदारों में लगभग 31.6 प्रतिशत हिंदू थे, जिनमें मराठा सरदारों की संख्या आधी से भी अधिक थी। तुलनात्मक रूप से अकबर के काल में यह अनुपात 22.5 प्रतिशत और शाहजहाँ के काल में लगभग 22.4 प्रतिशत था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: औरंगजेब के दरबार में हिंदू मनसबदारों में जसवंत सिंह, जयसिंह और दुर्गादास राठौड़ जैसे प्रमुख सरदार थे। दुर्गादास राठौड़ ने ही औरंगजेब के विरुद्ध मारवाड़ के स्वतंत्रता संघर्ष का नेतृत्व किया था, जो मुगल-राजपूत संबंधों की जटिलता को दर्शाता है।
12. 1687 में जब औरंगजेब ने गोलकुंडा किले पर अधिकार किया, उस समय गोलकुंडा का शासक कौन था?
(a) अबुल हसन कुतुब शाह
(b) सिकंदर आदिल शाह
(c) अली आदिल शाह II
(d) शाइस्ता खान
U.P.P.C.S. (Pre) 2020
उत्तर-(a)
1687 ई. में जब औरंगजेब ने गोलकुंडा का किला जीता, तब वहाँ का शासक अबुल हसन कुतुब शाह था, जो कुतुबशाही वंश का अंतिम सुल्तान था। इस विजय के बारे में यह कहावत प्रसिद्ध है कि औरंगजेब ने गोलकुंडा के किले को ‘सोने की चाबियों से खोला’, अर्थात् किले के एक विश्वासघाती अधिकारी को रिश्वत देकर उसे भीतर से खुलवाया था। इसी तरह अकबर ने भी असीरगढ़ का किला सोने की चाबियों से खोला था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गोलकुंडा अपने हीरों की खानों के लिए विश्वप्रसिद्ध था। विश्व के सबसे प्रसिद्ध हीरों में से एक कोहिनूर हीरा भी गोलकुंडा की खानों से ही निकला था। अबुल हसन कुतुब शाह को पराजय के बाद दौलताबाद के किले में कैद कर दिया गया, जहाँ 1699 ई. में उसकी मृत्यु हुई।
13. औरंगजेब के काल में कौन यूरोपीय यात्री भारत आया?
(a) विलियम हॉकिंस
(b) टॉमस रो
(c) एंटोनियो मोंसेराट
(d) पीटर मुंडी
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2011
उत्तर-(*)
दिए गए चारों विकल्पों में से कोई भी यात्री औरंगजेब के शासनकाल (1658–1707 ई.) में भारत नहीं आया था। विलियम हॉकिंस (1608–11 ई.) और टॉमस रो (1615–19 ई.) जहाँगीर के समय आए, एंटोनियो मोंसेराट अकबर के समय (1580 ई.) आए, और पीटर मुंडी शाहजहाँ के शासनकाल (1630–34 ई.) में भारत में था। इसलिए इस प्रश्न का कोई सही उत्तर नहीं है और इसे (*) चिह्नित किया गया है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: औरंगजेब के काल में फ्रांसीसी चिकित्सक फ्रांस्वा बर्नियर और इतालवी यात्री निकोलाओ मनुची भारत में उपस्थित थे। बर्नियर ने अपनी पुस्तक ‘Travels in the Mughal Empire’ में मुगल साम्राज्य का विस्तृत विवरण दिया है, जो इस काल के इतिहास का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
14. औरंगजेब ने बीजापुर की विजय कब की थी?
(a) 1685
(b) 1686
(c) 1687
(d) 1684
U.P. P.C.S. (Pre) 1992
उत्तर-(b)
औरंगजेब ने 1686 ई. में बीजापुर की आदिलशाही सल्तनत को समाप्त कर उसे मुगल साम्राज्य में मिला लिया। बीजापुर का अंतिम शासक सिकंदर आदिल शाह था, जिसे पराजित कर औरंगजेब ने कैद कर लिया। इसके एक वर्ष बाद 1687 ई. में गोलकुंडा को भी मुगल साम्राज्य में मिलाया गया। इस प्रकार दक्षिण भारत की दोनों प्रमुख सल्तनतें समाप्त हो गईं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बीजापुर की आदिलशाही सल्तनत की स्थापना 1490 ई. में युसुफ आदिल शाह ने की थी। बीजापुर में स्थित गोल गुम्बज, जो मोहम्मद आदिल शाह का मकबरा है, विश्व के सबसे बड़े गुम्बदों में से एक है और इसकी ‘फुसफुसाहट की दीर्घा’ अपनी अद्भुत ध्वनि-विज्ञान के लिए प्रसिद्ध है।
15. औरंगजेब ने दक्षिण में, जिन दो राज्यों को विजय किया था, वह थे-
(a) अहमदनगर एवं बीजापुर
(b) बीदर एवं बीजापुर
(c) बीजापुर एवं गोलकुंडा
(d) गोलकुंडा एवं अहमदनगर
U.P.P.C.S. (Pre) 2004
U.P. Lower Sub. (Pre) 2004
उत्तर-(c)
औरंगजेब ने दक्षिण भारत में बीजापुर (1686 ई.) और गोलकुंडा (1687 ई.) – इन दो सल्तनतों को जीतकर मुगल साम्राज्य में मिलाया। 1652 ई. में जब वह दूसरी बार दक्कन का सूबेदार था, तभी से उसने इन दोनों राज्यों के विरुद्ध आक्रामक नीति अपनाई थी, परंतु शाहजहाँ के आदेश से उसे रुकना पड़ा था। बादशाह बनने के बाद उसने यह अधूरा काम पूरा किया। अहमदनगर को उससे पहले शाहजहाँ के शासनकाल में ही मुगल साम्राज्य में मिलाया जा चुका था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इन दोनों विजयों के बावजूद औरंगजेब दक्षिण में मराठों को कभी पूरी तरह नहीं दबा सका। 1680 से 1707 ई. तक उसने अपने जीवन के अंतिम 27 वर्ष दक्कन में ही बिताए और 1707 ई. में अहमदनगर में उसकी मृत्यु हो गई। मराठों के विरुद्ध इस लंबे और असफल अभियान को मुगल साम्राज्य के पतन का एक प्रमुख कारण माना जाता है।
16. दिया गया मानचित्र निर्दिष्ट करता है-
औरंगजेब का साम्राज्य
(a) 1601 में खानदेश विजय के समय अकबर का राज्य
(b) 1605 में अकबर की मृत्यु के समय उसका राज्य
(c) हैदराबाद विजय के समय औरंगजेब का राज्य
(d) 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के समय उसका राज्य
I.A.S. (Pre) 2000
उत्तर-(d)
यह मानचित्र 1707 ई. में औरंगजेब की मृत्यु के समय मुगल साम्राज्य की अधिकतम भौगोलिक सीमा को दर्शाता है। इसमें बीजापुर, गोलकुंडा और दक्षिण के विस्तृत क्षेत्र शामिल हैं। यह मुगल साम्राज्य का सबसे बड़ा विस्तार था, जिसमें उत्तर में काबुल से लेकर दक्षिण में तंजावुर तक का क्षेत्र आता था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: औरंगजेब की मृत्यु के समय मुगल साम्राज्य का क्षेत्रफल लगभग 32 लाख वर्ग किलोमीटर था, जो तत्कालीन भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा साम्राज्य था। विडंबना यह है कि इतने विशाल साम्राज्य के बावजूद औरंगजेब के जाते ही मुगल सत्ता तेज़ी से बिखरने लगी और अगले 50 वर्षों में यह साम्राज्य व्यावहारिक रूप से समाप्त हो गया।
17. “बीबी का मकबरा” का निर्माता था-
(a) हुमायूं
(b) शाहजहां
(c) अकबर द्वितीय
(d) औरंगजेब
R.A.S./R.T.S. (Pre) 1999
उत्तर-(d)
औरंगजेब ने अपनी बेगम राबिया-उद्-दौरानी की याद में औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में इस भव्य मकबरे का निर्माण कराया, जिसे ‘बीबी का मकबरा’ के नाम से जाना जाता है। इसका निर्माण कार्य 1651 से 1661 ई. के बीच संपन्न हुआ और इसे औरंगजेब के पुत्र आजम शाह की देखरेख में बनाया गया। ताजमहल की स्थापत्य शैली से प्रेरित होने के कारण इसे ‘दक्खन का ताज’ या ‘द्वितीय ताजमहल’ भी कहा जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बीबी का मकबरा को वास्तुकार अतउल्ला और हंसपत राय ने डिज़ाइन किया था। ताजमहल के विपरीत, इस मकबरे में संगमरमर का उपयोग केवल निचले हिस्से और गुंबद तक सीमित है, जबकि शेष भाग चूने के प्लास्टर से बना है – यही कारण है कि यह ताजमहल जितना भव्य नहीं दिखता।
18. औरंगज़ेब ने किसको ‘साहिबात-उज़-ज़मानी’ की उपाधि प्रदान की?
(a) शादूस्ता खान
(b) अमीन खान
(c) जहां आरा
(d) रोशन आरा
U.P.P.S.C. (Pre) 2014
उत्तर-(c)
जहां आरा बेगम मुगल सम्राट शाहजहां और मुमताज महल की ज्येष्ठ पुत्री थीं। औरंगजेब ने उन्हें ‘साहिबात-उज़-ज़मानी’ (अर्थात् – युग की स्वामिनी) की उपाधि प्रदान की। अपने पिता शाहजहां की कैद के दौरान जहां आरा ने उनकी सेवा की और उनके साथ आगरा किले में रहीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जहां आरा एक विदुषी महिला थीं जिन्होंने सूफी संत मुल्ला शाह बदख्शी से शिक्षा ग्रहण की थी और वे कादिरी सूफी सिलसिले से जुड़ी थीं। उन्होंने दिल्ली में चांदनी चौक बाज़ार के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
19. मुगल सम्राट जिसने सर्वाधिक संख्या में हिंदू अधिकारियों की नियुक्ति की थी, का नाम है-
(a) अकबर
(b) औरंगजेब
(c) हुमायूं
(d) शाहजहां
U.P.P.C.S. (Pre) 1998
U.P. Lower Sub. (Pre) 2004
उत्तर-(b)
यह तथ्य सामान्य धारणा के विपरीत है, किंतु ऐतिहासिक दृष्टि से सत्य है। औरंगजेब के शासनकाल में मुगल साम्राज्य का विस्तार अपने चरम पर था, जिससे प्रशासनिक आवश्यकताएं भी सर्वाधिक थीं। इसी कारण उनके समय में हिंदू मनसबदारों की कुल संख्या (लगभग 33%) अकबर के काल से भी अधिक हो गई थी – यद्यपि अनुपात में अकबर का काल अधिक समावेशी था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: औरंगजेब के दरबार में जयसिंह, जसवंत सिंह और मुरारी सिंह जैसे प्रमुख हिंदू सेनापति और अधिकारी थे। इतिहासकार सतीश चंद्र के अनुसार औरंगजेब के काल में कुल मनसबदारों में हिंदुओं की संख्या अकबर के 22.5% की तुलना में बढ़कर लगभग 31.6% तक पहुंच गई थी।
20. संत रामदास को किसके शासनकाल से संबंधित किया जाता है?
(a) अकबर
(b) जहांगीर
(c) शाहजहां
(d) औरंगजेब
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(d)
समर्थ गुरु रामदास महाराष्ट्र के महान संत-कवि थे जिनका जन्म 1608 ई. में जांब (औरंगाबाद) में हुआ था। हालांकि वे जहांगीर और शाहजहां के समय भी जीवित थे, किंतु उनकी ख्याति और प्रभाव मुख्यतः औरंगजेब के काल में चरम पर था, इसलिए उन्हें इसी काल से जोड़ा जाता है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज के आध्यात्मिक गुरु भी माने जाते हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: संत रामदास ने प्रसिद्ध ग्रंथ ‘दासबोध’ की रचना की, जो मराठी भाषा में आध्यात्म और नेतृत्व का अद्भुत संगम है। उन्होंने ‘मारुति’ (हनुमान) के 11 मंदिरों की स्थापना की और मठों के माध्यम से महाराष्ट्र में हिंदू धर्म के पुनरुत्थान में अहम भूमिका निभाई।
21. ‘जजिया’ किसके शासनकाल में पुनः लगाया गया था?
(a) अकबर
(b) औरंगजेब
(c) जहांगीर
(d) हुमायूं
U.P.P.C.S. (Pre) 2002
उत्तर-(b)
जजिया एक धार्मिक कर था जो गैर-मुस्लिम प्रजा (विशेषतः हिंदुओं) से लिया जाता था। अकबर ने 1564 ई. में इस कर को समाप्त कर दिया था, किंतु औरंगजेब ने अपनी कट्टर धार्मिक नीति के अंतर्गत 1679 ई. में इसे पुनः लागू किया। इस निर्णय का हिंदू समुदाय ने व्यापक विरोध किया और यह मुगल साम्राज्य के पतन का एक कारण भी बना।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जजिया की दर आय के अनुसार तीन श्रेणियों में थी – धनी वर्ग पर 48 दिरहम, मध्यम वर्ग पर 24 दिरहम और निर्धन वर्ग पर 12 दिरहम प्रतिवर्ष। ब्राह्मण, महिलाएं, बच्चे, अपाहिज और भिखारी इस कर से मुक्त थे। राजपूत राजाओं द्वारा इस कर के विरोध ने मुगलों और राजपूतों के बीच बढ़ती दूरी को और गहरा कर दिया।
22. कौन-सा मकबरा ‘द्वितीय ताजमहल’ कहलाता है?
(a) अनारकली का मकबरा
(b) एत्माद-उद्-दौला का मकबरा
(c) राबिया-उद्-दौरानी का मकबरा
(d) इनमें से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Pre) 2000
U.P.P.C.S. (Mains) 2013
उत्तर-(c)
औरंगाबाद स्थित ‘बीबी का मकबरा’ औरंगजेब की पत्नी राबिया-उद्-दौरानी का मकबरा है। इसे ताजमहल की अनुकृति मानकर ‘द्वितीय ताजमहल’ कहा जाता है। यह मकबरा मुख्य गुंबद, चार मीनारों और बाग-ए-बहिश्त (चारबाग) की संरचना में ताजमहल से समानता रखता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: एत्माद-उद्-दौला का मकबरा (आगरा) मुगल वास्तुकला में पहली ऐसी संरचना है जिसमें पत्थर में पित्रादुरा (जड़ाई का काम) का उपयोग हुआ – इसे ‘ताजमहल का पूर्वज’ माना जाता है, न कि द्वितीय ताजमहल। अनारकली का मकबरा लाहौर (वर्तमान पाकिस्तान) में स्थित है और इसे जहांगीर की प्रेम कहानी से जोड़ा जाता है।
23. निम्नलिखित में से कौन सम्राट औरंगजेब की पुत्री थी?
(a) जहांआरा
(b) रोशन आरा
(c) गौहर आरा
(d) मेहरुन्निसा
U.P.P.C.S. (Mains) 2005
उत्तर-(d)
मेहरुन्निसा औरंगजेब की पुत्री थीं। प्रश्न में दिए गए अन्य तीन नाम – जहांआरा, रोशन आरा और गौहर आरा – शाहजहां की पुत्रियां और औरंगजेब की बहनें थीं। औरंगजेब की प्रमुख पुत्रियों में जेबुन्निसा, जीनतुन्निसा, बदरुन्निसा, जुबदतुन्निसा और मेहरुन्निसा शामिल थीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: औरंगजेब की पुत्री जेबुन्निसा एक प्रतिभाशाली उर्दू-फारसी कवयित्री थीं जिन्होंने ‘मखफी’ उपनाम से कविताएं लिखीं। अपने भाई मुअज्जम के विद्रोह में सहयोग के संदेह में औरंगजेब ने उन्हें दिल्ली के सलीमगढ़ किले में 20 वर्षों तक नजरबंद रखा, जहां 1702 ई. में उनका निधन हो गया।
24. औरंगजेब द्वारा चलाए ‘जिहाद’ का अर्थ है-
(a) दारूल-हर्ब
(b) दारूल-इस्लाम
(c) होली वॉर
(d) जजिया
43rd B.P.S.C. (Pre) 1999
उत्तर-(b)
इस्लामी धर्मशास्त्र के अनुसार संसार को दो भागों में विभाजित किया गया है – ‘दारूल-हर्ब’ (युद्ध का क्षेत्र, अर्थात् गैर-इस्लामी देश) और ‘दारूल-इस्लाम’ (इस्लाम का राज्य)। औरंगजेब ने जिहाद को इसी अर्थ में प्रयुक्त किया – अर्थात् ‘दारूल-हर्ब’ को ‘दारूल-इस्लाम’ में परिवर्तित करने के लिए धर्म-युद्ध। वह एक कट्टर सुन्नी मुसलमान था और उसकी धार्मिक नीति में सांसारिक समझौते का कोई स्थान नहीं था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: औरंगजेब ने ‘फतावा-ए-आलमगीरी’ नामक इस्लामी कानूनों का विशाल संग्रह तैयार करवाया, जो आज भी उपमहाद्वीप के इस्लामी विधिशास्त्र में संदर्भग्रंथ माना जाता है। इसे तैयार करने में 500 से अधिक इस्लामी विद्वानों ने लगभग 30 वर्षों तक कार्य किया।
25. दिल्ली के लाल किले में मोती मस्जिद का निर्माण किया था-
(a) अकबर ने
(b) जहांगीर ने
(c) शाहजहां ने
(d) औरंगजेब ने
U.P. P.C.S. (Pre) 2001
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002
उत्तर-(d)
औरंगजेब ने दिल्ली के लाल किले के भीतर 1659-1660 ई. में शुद्ध श्वेत संगमरमर से मोती मस्जिद का निर्माण करवाया। शाहजहां ने लाल किले की मूल योजना में किले के अंदर कोई मस्जिद नहीं बनाई थी – उन्होंने किले के बाहर जामा मस्जिद का निर्माण किया था। औरंगजेब ने अपनी दैनिक नमाज की सुविधा हेतु यह निजी मस्जिद बनवाई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘मोती मस्जिद’ नाम की तीन प्रमुख मस्जिदें मुगल काल में बनीं – दिल्ली के लाल किले में औरंगजेब द्वारा, आगरा के किले में शाहजहां द्वारा, और लाहौर में भी एक मोती मस्जिद है। आगरा किले की मोती मस्जिद को उसकी बेजोड़ संगमरमर शिल्पकारी के कारण अधिक भव्य माना जाता है।

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