भारत पर अरबों का आक्रमण
❑ सर्वप्रथम अरबों ने 636 ई. में बम्बई के निकट थाना को जीतने के लिए खलीफा उमर के समय में असफल आक्रमण किया।
❑ सर्वप्रथम मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर विजय 712 ई. में पाई।
❑ भारत पर आक्रमण करने वाला प्रथम मुस्लिम शासक मुहम्मद बिन कासिम था।
❑ अरबों के सिंध विजय की जानकारी चचनामा से प्राप्त होती है।
❑ सिंध पर आक्रमण का आदेश अरब के सूबेदार अल-हज्जाज ने दिया था। अल हज्जाज की मृत्यु 714 ई. में हुई।
❑ सिंध पर आक्रमण के समय वहाँ का शासक दाहिर था। उसके पिता का नाम चच था।
❑ अरबवासियों के भारत पर आक्रमण करने का मुख्य उद्देश्य धन लूटना तथा इस्लाम का प्रचार-प्रसार करना था।
❑ अरब आक्रमणकारी बोलन दर्रे के रास्ते भारत आये थे।
❑ मुहम्मद बिन कासिम को 715 ई. में भारत से वापस बुला लिया गया। उसने जुनैद को सिंध का राज्यपाल नियुक्त किया।
❑ भारत पर अरब आक्रमण से भविष्य में भारत पर आक्रमण करने वालों का मार्ग प्रशस्त हुआ था।
❑ अरबों ने सिंध में ऊँट पालन और खजूर की खेती का प्रचलन किया।
❑ अरबों ने दिरहम नामक सिक्के का सिंध में प्रचलन करवाया।
महमूद गजनवी
❑ गजनी साम्राज्य की स्थापना अलप्तगीन नामक तुर्क सरदार ने की थी।
❑ सुबुक्तगीन गजनी की राजगद्दी पर 977 ई. में बैठा। सुबुक्तगीन अलप्तगीन का गुलाम एवं दामाद था।
❑ महमूद गजनवी को राजगद्दी के लिए अपने भाई इस्माइल से संघर्ष करना पड़ा।
❑ महमूद गजनवी 998 ई. में गद्दी पर बैठा।
❑ महमूद गजनवी ने बगदाद के खलीफा कादिर से सुल्तान पद की मान्यता प्राप्त की।
❑ महमूद गजनवी ने 1000 ई. से 1028 ई. तक सत्रह बार भारत पर आक्रमण किया।
❑ सुबुक्तगीन का उत्तराधिकारी महमूद गजनवी था।
❑ सुबुक्तगीन के शासन काल में गजनवी खुरासान का शासक था।
❑ महमूद गजनवी का प्रथम आक्रमण 1000 ई. में हुआ तथा सीमा पर कुछ किलों को जीता।
❑ 1001 ई. में दूसरे आक्रमण में गजनवी ने पेशावर के निकट हिन्दूशाही राजा जयपाल को पराजित किया।
❑ जयपाल के बाद आनन्दपाल गद्दी पर बैठा।
❑ महमूद गजनवी ने मुल्तान को 1006 ई. में विजित किया।
❑ महमूद गजनवी ने कन्नौज पर 1018 ई. में अधिकार किया।
❑ महमूद गजनवी ने यमीन-उद्दौला तथा यमीन-उल-मिल्लाह की उपाधि धारण की थी।
❑ महमूद गजनवी ने सोमनाथ पर 1025 ई. में आक्रमण किया। इस समय वहां का शासक भीम प्रथम था।
❑ महमूद गजनवी ने सोमनाथ की मूर्ति के टुकड़ों को मक्का, मदीना और गजनी के मस्जिद की सीढ़ियों में लगवाया।
❑ महमूद गजनवी को विद्याधर चंदेल से (1008 ई. में) सन्धि करनी पड़ी थी।
❑ महमूद गजनवी का अंतिम आक्रमण 1027 ई. में जाटों के विरुद्ध था।
❑ महमूद गजनवी की मृत्यु 1030 ई. में हुई।
❑ महमूद ने लाहौर का नाम बदलकर महमूदपुर रखा था।
❑ महमूद गजनवी के साथ उत्बी, फिरदौसी, अलबरुनी, बैहाकी एवं फारुखी विद्वान भारत आये थे।
❑ महमूद गजनवी का दरबारी इतिहासकार उत्बी था।
❑ किताब-उल-यामिनी की रचना उत्बी ने की।
❑ शाहनामा की रचना फिरदौसी ने की।
❑ अलबरूनी ने किताब-उल-हिन्द या तहकीक-ए-हिन्द की रचना की।
❑ पुराणों का अध्ययन करने वाला प्रथम मुसलमान अलबरूनी था।
❑ महमूद गजनवी ने अपने को इस्लाम का यश बढ़ाने वाला बुत शिकन अर्थात् मूर्तिभंजक के तौर पर पेश किया।
मुहम्मद गोरी
❑ भारत में तुर्क राज्य की स्थापना मुहम्मद गोरी ने की थी।
❑ मुहम्मद गोरी का पुरा नाम शिहाबुद्दीन उर्फ मुईजुद्दीन मुहम्मद गोरी था।
❑ भारत में मुहम्मद गोरी की प्रथम पराजय गुजरात के चालुक्य शासक मूलराज द्वितीय से हुई थी।
❑ मूलराज द्वितीय (भीम द्वितीय) ने मुहम्मद गोरी को आबू पर्वत के समीप (1178 ई. में) पराजित किया था।
❑ सन 1175 ई. मुहम्मद गोरी ने सबसे पहले मुल्तान पर आक्रमण किया।
❑ वर्ष 1179 ई. में मुहम्मद गोरी ने पेशावर को जीत लिया।
❑ 1192 ई. में तराईन का द्वितीय युद्ध हुआ पृथ्वी राज चौहान के विरुद्ध हुआ जिसमें मुहम्मद गोरी की जीत हुई।
❑ 1193 ई. में दिल्ली भारत में गोरी के राज्य की राजधानी बन गई।
❑ चन्दावर का युद्ध 1194 ई. में, जयचन्द एवं मुहम्मद गोरी के बीच हुआ जिसमें जयचन्द की हार हुई।
❑ मुहम्मद गोरी का अंतिम आक्रमण 1205 ई.में खोखर जाति के विरुद्ध हुआ।
❑ 15 मार्च, 1206 ई. में गजनी वापस जाते समय मार्ग में सिन्ध नदी के तट पर दमयक नामक स्थान पर खोखर जाति ने उसका कत्ल कर दिया तथा उसके शव को गजनी में दफनाया गया।
❑ मुहम्मद गोरी ने अपने विजित प्रदेशों की जिम्मेदारी कुतुबुद्दीन ऐबक को सौंपा।
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