भगवत धर्म | One-Liner Practice

❑ वैष्णव धर्म के विषय में प्रारंभिक जानकारी उपनिषदों से मिलती है। जिसका विकास भागवत धर्म से हुआ।

❑ भागवत सम्प्रदाय का सर्वोच्च देवता वासुदेव कृष्ण हैं, जिसकी बाद में पहचान विष्णु के साथ की गयी है।

❑ दक्षिण भारत (तमिल भूमि) में भागवत आंदोलन का प्रसार 12 अलवारों द्वारा किया गया।

❑ भागवत सम्प्रदाय के प्रमुख तत्व भक्ति एवं अहिंसा है। अहिंसा का अर्थ किसी जीव का वध न करना है जबकि भक्ति का अर्थ प्रेममय निष्ठा निवेदन है।

❑ वैष्णव धर्म के प्रवर्तक कृष्ण थे, जो बृष्णि कबीले के थे और उनका निवास स्थान मथुरा था।

❑ कृष्ण का उल्लेख सर्वप्रथम छांदोग्य उपनिषद् में देवकी-पुत्र और अंगिरस के शिष्य के रूप में हुआ है।

❑ विष्णु के दस अवतारों का उल्लेख मत्स्य पुराण में मिलता है।

❑ विष्णु के दस अवतार हैं-मत्स्य, कूर्म, वराह, (शूकर), नरसिंह, वामन, परशुराम (भृगुपति), राम, बलराम (कृष्ण), बुद्ध एवं कल्कि।

❑ अवतारवाद का सर्वप्रथम उल्लेख भगवद्गीता में मिलता है।

❑ वैष्णव धर्म में ईश्वर को प्राप्त करने के लिए सर्वाधिक महत्त्व भक्ति को दिया गया है।

❑ वैष्णव धर्म का सर्वाधिक विकास गुप्त काल में हुआ। गुप्तकाल में ही अमरसिंह ने अपने ग्रंथ अमरकोश में विष्णु केकुल 39 नामों का वर्णन किया है।

➣ दक्षिण भारत में भागवत धर्म के उपासक अलवार कहे जाते थे। प्रमुख अलवार संत तिरूमंगाई, पेरिय अलवार एवं नाम्मालवार थे। अलवार सन्त बारह थे।

आन्दाल नामक महिला अलवार संत ने स्वयं को विष्णु की प्रेमिका माना।

➣ केरल का राजा कुलशेखर अलवार संत एवं विष्णु का भक्त था। कुलशेखर की रामं में भी अगाध आस्था थी। कुलशेखर ने पेरुमल तिरुमोलि नामक ग्रन्थ की रचना की।

➣ यूनानी राजा एण्टियालकीडास के राजदूत हेलियोडोरस ने विदिशा के बेसनगर में नौवें शुंग शासक भागभद्र के काल में विष्णु (वासुदेव) के सम्मान में गरूड़ ध्वज की स्थापना की एवं स्तम्भ का निर्माण करवाकर अभिलेख खुदवाया।

➣ भागवत धर्म से सम्बन्धित प्रथम अभिलेखीय साक्ष्य हेलियोडोरस का गरूड़ स्तम्भ अभिलेख है।

➣ भक्ति का सर्वप्रथम उल्लेख श्वेताश्वर उपनिषद में मिलता है जबकि भक्ति का सर्वप्रथम विस्तृत उल्लेख भगवतगीता में मिलता है।

➣ गुप्त काल में विद्वान वाराहमिहिर ने वृहत्संहिता में भागवत् धर्म का उल्लेख किया है।

स्कंदगुप्त का जूनागढ़ अभिलेख में भगवान विष्णु की स्तुति से ही प्रारंभ होता है। स्कन्दगुप्त के भीतरी अभिलेख में देवकी एवं कृष्ण का उल्लेख है।

सात्वत सम्प्रदाय वैष्णव धर्म से सम्बन्धित है।

➣ दिल्ली में महरौली लौह स्तंभ में उल्लिखित जानकारी के मुताबिक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने विष्णु ध्वज की स्थापना की।

➣ गुप्तकाल में विष्णु का सबसे लोकप्रिय अवतार वाराह अवतार था।

➣ प्रतिहार शासक मिहिरभोज ने अपने ग्वालियर अभिलेख में स्वयं को वाराह अवतार घोषित किया है।

12वीं शताब्दी में जयदेव ने गीतगोविंद की रचना की, जिसमें राधा-कृष्ण को महान बनाया गया है।

➣ राष्ट्रकूट शासक दंतिदुर्ग ने एलोरा में दशावतार का मंदिर बनवाया था जो भागवत धर्म से सम्बंधित था।

➣ प्रत्येक वर्ष आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष में ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ (कृष्ण), बलराम और सुभद्रा के सम्मान में रथयात्रा निकाली जाती है।

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