उत्तर मुग़ल काल (1707-1857) MCQ प्रश्न | UPSC History

भारतीय इतिहास आधुनिक भारत उत्तर मुग़ल काल (1707-1857) MCQ प्रश्न
1. मयूर सिंहासन पर बैठने वाला अंतिम मुगल सम्राट कौन था?
(a) शाह आलम प्रथम
(b) मुहम्मद शाह
(c) बहादुर शाह
(d) जहांदार शाह
40th B.P.S.C. (Pre) 1995
उत्तर-(b)
शाहजहां ने अपने सिंहासनारोहण के बाद मयूर सिंहासन का निर्माण कराया था, जिस पर बहुमूल्य रत्न जड़े हुए थे। यही सिंहासन मुहम्मद शाह (1719-1748 ई.) तक मुगल बादशाहों की शान का प्रतीक बना रहा। 1739 ई. में नादिरशाह ने भारत पर आक्रमण कर करनाल के युद्ध में मुगल सेना को बुरी तरह पराजित किया और तख्तेताउस (मयूर सिंहासन) सहित अपार धनराशि व कोहिनूर हीरा लूटकर ईरान ले गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: यह सिंहासन कभी भारत नहीं लौटा और बाद के समय में फारस में ही नष्ट हो गया, जिससे मुहम्मद शाह इस पर बैठने वाला अंतिम मुगल सम्राट बना।
2. निम्नलिखित में से किस मुगल सम्राट ने अंग्रेजों को बंगाल में शुल्क-मुक्त व्यापार की सुविधा प्रदान की थी?
(a) अकबर
(b) जहांगीर
(c) बहादुरशाह
(d) फर्रुखसियर
U.P.P.S.C. (GIC) 2010
उत्तर-(d)
1717 ई. में फर्रुखसियर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल में शुल्क-मुक्त व्यापार की अनुमति दी। यह शाही फरमान कंपनी के व्यापारिक अधिकारों की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है और इसे ‘अंग्रेजी कंपनी का मैग्नाकार्टा’ भी कहा जाता है।
3. औरंगजेब की 1707 ईस्वी में मृत्यु होने के बाद सत्ता किसने संभाली?
(a) बहादुर शाह प्रथम ने
(b) जहांदार शाह
(c) मोहम्मद शाह ने
(d) अकबर द्वितीय ने
U.P.P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर-(a)
1707 ई. में औरंगजेब की मृत्यु के पश्चात उसके सबसे बड़े पुत्र मुअज्जम ने अपने भाइयों आजम शाह व कामबख्श को पराजित कर ‘बहादुर शाह प्रथम’ के नाम से सत्ता संभाली और 1707 से 1712 ई. तक शासन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:गद्दी पर बैठने के समय उसकी आयु लगभग 63 वर्ष थी, इसलिए उसे ‘शाह-ए-बेखबर’ भी कहा जाता था। अपने शासनकाल में उसने पंजाब में सिख विद्रोह को दबाने के प्रयास भी किए, जिसका नेतृत्व उस समय बंदा बहादुर कर रहा था।
4. कौन-सा मुगल बादशाह ‘रंगीला’ के नाम से जाना जाता है?
(a) फर्रुखसियर
(b) रफी-उद्-दराजत
(c) मुहम्मद शाह
(d) रफी-उद्-दौला
M.P.P.C.S. (Pre) 2014
उत्तर-(c)
मुहम्मद शाह (1719-1748 ई.) को विलासितापूर्ण जीवनशैली, संगीत व मनोरंजन के प्रति अत्यधिक रुझान के कारण ‘रंगीला’ की उपाधि दी गई। उसके दरबार में आनंद राम मुखलिस जैसे विद्वान व लेखक भी संरक्षण प्राप्त करते थे, जिनके लेखन से इस काल के इतिहास की जानकारी मिलती है।
5. नादिरशाह के आक्रमण के समय मुगल शासक था-
(a) अहमद शाह
(b) आलमगीर द्वितीय
(c) मुहम्मद शाह
(d) रफी-उद्-दरजात
U.P. P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004
उत्तर-(c)
1739 ई. में ईरान के शासक नादिरशाह ने भारत पर आक्रमण किया, उस समय मुगल सिंहासन पर मुहम्मद शाह आसीन था। करनाल के स्थान पर हुए युद्ध में कमजोर मुगल सेना बुरी तरह पराजित हुई और नादिरशाह दिल्ली में प्रवेश कर गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:वहां भारी लूटपाट के साथ-साथ उसने मयूर सिंहासन व कोहिनूर हीरा भी अपने साथ ले लिया। नादिरशाह स्वयं अफशरीद वंश का संस्थापक था, जिसने ईरान में सफ़विद वंश के पतन के बाद सत्ता स्थापित की थी।
6. निम्नलिखित को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए।
A. मुहम्मद शाह
B. जहांदार
C. आलमगीर II
D. अहमद शाह
कूट :
(a) A C D B
(b) B A D C
(c) C A B D
(d) D B C A
U.P.P.C.S. (Pre) 2018
उत्तर-(b)
सही कालानुक्रम है- जहांदार शाह (1712-1713 ई.), मुहम्मद शाह (1719-1748 ई.), अहमद शाह (1748-1754 ई.) तथा आलमगीर द्वितीय (1754-1759 ई.)। अहमद शाह के काल में ही अफगान आक्रमणकारी अहमद शाह अब्दाली ने 1748 ई. में पहली बार भारत पर आक्रमण किया था, जो आगे चलकर कई बार दोहराया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:आलमगीर द्वितीय की 1759 ई. में उसके वजीर इमाद-उल-मुल्क के इशारे पर हत्या कर दी गई थी।
7. मुगल सम्राट जहांदार शाह के शासन का समय से पूर्व अंत कैसे हुआ?
(a) उनके वजीर ने उन्हें गद्दी से उतार दिया
(b) सीढ़ी से उतरते समय फिसलने के कारण उसकी मृत्यु हो गई
(c) एक युद्ध में वे अपने भतीजे द्वारा पराजित हुए
(d) मदिरा के अत्यधिक सेवन के फलस्वरूप रोग के कारणवश उनकी मृत्यु हुई
I.A.S. (Pre) 2003
उत्तर-(c)
जहांदार शाह (1712-1713 ई.) को मुगल इतिहास का सर्वाधिक अयोग्य व विलासी बादशाह माना जाता है, जिसने शक्तिशाली अमीर जुल्फिकार खां की सहायता से सिंहासन प्राप्त किया था। उसके शासनकाल में उसकी प्रेयसी लाल कुंवर का दरबारी मामलों पर गहरा प्रभाव था। शीघ्र ही उसका भतीजा फर्रुखसियर सैयद बंधुओं की सहायता से युद्ध में उसे पराजित करने में सफल रहा और 1713 ई. में जहांदार शाह की हत्या कर दी गई। उसी वर्ष फर्रुखसियर ने जुल्फिकार खां की भी हत्या करवा दी।
8. निम्नलिखित में से किस मुगल बादशाह को वजीर गाजीउद्दीन ने दिल्ली में दाखिल नहीं होने दिया था?
(a) आलमगीर द्वितीय
(b) शाह आलम द्वितीय
(c) अकबर द्वितीय
(d) बहादुर शाह द्वितीय
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
उत्तर-(b)
शाह आलम द्वितीय (वास्तविक नाम अली गौहर) का शासनकाल 1759 से 1806 ई. तक रहा। अपने पिता आलमगीर द्वितीय की मृत्यु के समय वह बिहार में था और दरबार में वजीर गाजीउद्दीन के प्रभुत्व के कारण उसे दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: 1764 ई. में बक्सर के युद्ध में उसने मीर कासिम व अवध के नवाब शुजाउद्दौला के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया, परंतु पराजित हुआ। बाद में 1765 ई. की इलाहाबाद संधि से अंग्रेजों को बंगाल, बिहार व उड़ीसा की दीवानी प्राप्त हुई, और 1772 ई. में मराठों की सहायता से वह अंततः दिल्ली पहुंच सका।
9. निम्नलिखित में से कौन मुगलकाल में ‘राजा बनाने वाले’ थे?
(a) हुसैन अली और अब्दुल्ला
(b) नासिर खान और जकारिया खान
(c) शाह हुसैन और अब्दुल हुसैन
(d) मुहम्मद जमीं और मुहम्मद जुनैदी
U.P. R.O/A.R.O. (Mains) 2017
उत्तर-(a)
1713 से 1720 ई. के बीच मुगल दरबार में सैयद बंधु अब्दुल्ला खां और हुसैन अली खां का प्रभुत्व इतना अधिक हो गया था कि वे जिसे चाहें सिंहासन पर बैठा सकते थे और जिसे चाहें हटा सकते थे, इसी कारण उन्हें ‘सम्राट निर्माता’ कहा गया। उन्होंने 1713 ई. में फर्रुखसियर को सिंहासन पर बैठाया, फिर 1719 ई. में उसे हटाकर क्रमशः रफी-उद्-दरजात, रफी-उद्-दौला और अंत में मुहम्मद शाह को कठपुतली शासक बनाया। अंततः 1720 ई. में निजाम-उल-मुल्क के साथ मिलकर मुहम्मद शाह ने सैयद बंधुओं का अंत कर दिया, जिसमें हुसैन अली की हत्या कर दी गई और अब्दुल्ला खां को बंदी बना लिया गया।
10. किसके शासन में हिजड़ों तथा महिलाओं के एक वर्ग का प्रभुत्व था?
(a) मुहम्मद शाह (1719-48 ई.)
(b) अहमद शाह (1748-54 ई.)
(c) आलमगीर (1754-59 ई.)
(d) शाह आलम द्वितीय (1759-1806 ई.)
U.P. P.C.S. (Mains) 2004
उत्तर-(a)
मुहम्मद शाह (1719-1748 ई.) का अधिकांश समय शिकार, संगीत और मनोरंजन में बीतता था, जिससे शासन प्रशासन की वास्तविक बागडोर दरबार के हिजड़ों और कुछ प्रभावशाली महिलाओं के हाथों में चली गई थी। उसकी धाय ‘कोकी जी’ का दरबारी निर्णयों पर खासा प्रभाव माना जाता है। इसी ढीली-ढाली व्यवस्था का परिणाम था कि उसके शासनकाल में निजाम-उल-मुल्क जैसे शक्तिशाली सूबेदार स्वतंत्र होते चले गए और साम्राज्य की केंद्रीय सत्ता निरंतर कमजोर पड़ती गई।
11. निम्नलिखित में से किसने दिल्ली में खगोलीय वेधशाला, जिसे ‘जंतर-मंतर’ कहते हैं, बनवाई थी?
(a) अकबर ने
(b) शाहजहां ने
(c) सूरजमल ने
(d) जयसिंह द्वितीय ने
U.P.P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(d)
दिल्ली की जंतर-मंतर वेधशाला आमेर के राजा जयसिंह द्वितीय ने बनवाई थी, इसका निर्माण मुहम्मद शाह के शासनकाल में हुआ था। इसके अतिरिक्त उन्होंने उज्जैन, मथुरा, वाराणसी और जयपुर में भी इसी प्रकार की वेधशालाएं स्थापित कीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:जयपुर की जंतर-मंतर वेधशाला आज सबसे बड़ी एवं सर्वाधिक सुरक्षित अवस्था में है, जिसे वर्ष 2010 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
12. निम्नलिखित में से कौन अवध का प्रथम नवाब था?
(a) आसफ-उद्-दौला
(b) सआदत खां
(c) शुजा-उद्-दौला
(d) सफदरजंग
U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008
उत्तर-(b)
अवध का प्रथम नवाब सआदत खां (मूल नाम मुहम्मद अमीन) था, जिसे 1722 ई. में अवध का सूबेदार नियुक्त किया गया था। मूलतः ईरान से आया यह व्यक्ति शीघ्र ही दरबार की राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्ति बन गया तथा अवध में अपने भतीजे सफदरजंग के माध्यम से व्यावहारिक रूप से स्वतंत्र शासन चलाता रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:1739 ई. में नादिरशाह के आक्रमण के समय करनाल के युद्ध में बंदी बना लिए जाने और अपमानित होने के कारण उसने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद सफदरजंग अवध का उत्तराधिकारी बना।
13. भारत का आखिरी मुगल सम्राट कौन था?
(a) औरंगजेब
(b) बहादुर शाह जफर
(c) शाह आलम
(d) शाहजहां
M.P.P.C.S. (Pre) 2000
उत्तर-(b)
बहादुर शाह जफर (1837-1857 ई.) भारत का अंतिम मुगल सम्राट था। 1857 ई. के विद्रोह के दौरान मेरठ से आए सैनिकों ने उसे दिल्ली का सम्राट तथा संपूर्ण भारत का बादशाह घोषित कर दिया था, हालांकि व्यावहारिक रूप से उसकी सत्ता नाममात्र की ही थी। विद्रोह के दमन के बाद अंग्रेजों ने उस पर मुकदमा चलाकर उसे रंगून (वर्तमान म्यांमार) भेज दिया, जहां 1862 ई. में उसकी मृत्यु हो गई और इस प्रकार मुगल वंश का औपचारिक अंत हो गया।
14. 1773 ई. में ‘जिज मुहम्मदशाही’ पुस्तक जो नक्षत्रों संबंधी ज्ञान से संबंधित है, के लेखक हैं-
(a) जोधपुर के दरबार जसवंत सिंह
(b) आमेर के राजा भारमल
(c) जयपुर के सवाई जयसिंह
(d) उदयपुर के महाराणा अमर सिंह
R.A.S. / R.T.S. (Pre) 2007
उत्तर-(c)
आमेर के सवाई जयसिंह द्वितीय को 18वीं शताब्दी का सबसे योग्य राजपूत शासक माना जाता है, जिसने वर्ष 1727 ई. में जयपुर नगर की स्थापना कर उसे विज्ञान-कला का केंद्र बनाया। एक महान खगोलशास्त्री होने के नाते उन्होंने दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा में उन्नत उपकरणों से युक्त वेधशालाएं बनवाईं तथा खगोलीय गणनाओं हेतु ‘जिज मुहम्मदशाही’ नामक सारणियां तैयार कीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: ‘सवाई’ की उपाधि उन्हें औरंगजेब के दरबार से प्राप्त हुई थी, और उन्होंने यूक्लिड की रेखागणित से संबंधित कृति का संस्कृत में अनुवाद भी कराया।
15. निम्नलिखित में से कौन हैदराबाद के स्वतंत्र राज्य का संस्थापक था?
(a) कमरुद्दीन खां
(b) मोहम्मद अमीन खां
(c) असद खां
(d) चिनकिलिच खां
U.P.P.C.S. (Mains) 2011
उत्तर-(d)
हैदराबाद के स्वतंत्र राज्य की स्थापना 1724 ई. में चिनकिलिच खां, जो निजामुलमुल्क के नाम से प्रसिद्ध है, ने की थी। अक्टूबर 1724 में शकूरखेड़ा के युद्ध में दक्कन के मुगल गवर्नर मुबारिज खां के मारे जाने के बाद वह दक्कन का वास्तविक स्वतंत्र शासक बन गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:मुगल बादशाह से उसे ‘आसफजाह’ की उपाधि प्राप्त थी, इसी कारण हैदराबाद पर शासन करने वाले उसके वंशजों को ‘आसफजाही वंश’ कहा जाता है, जिसका शासन भारत की स्वतंत्रता के बाद 1948 ई. में हैदराबाद के भारत में विलय तक चलता रहा।
16. अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह था। उसके पिता का नाम था-
(a) अकबर शाह I
(b) अकबर शाह II
(c) औरंगजेब
(d) शाहजहां
U.P. P.C.S. (Pre) 2005
उत्तर-(b)
अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह द्वितीय अथवा बहादुर शाह जफर (1837-1857 ई.) के पिता अकबर शाह द्वितीय (1806-1837 ई.) थे, जो अंग्रेजों की पेंशन पर निर्भर एवं केवल लाल किले तक सीमित शाही उपाधि के धारक थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:अकबर शाह द्वितीय के शासनकाल की एक उल्लेखनीय घटना यह रही कि उन्होंने राजा राममोहन राय को अपना प्रतिनिधि बनाकर इंग्लैंड भेजा और उन्हें ‘राजा’ की उपाधि प्रदान की। अकबर शाह द्वितीय की मृत्यु 1862 ई. में नहीं, बल्कि 1837 ई. में हुई थी।
17. जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह ने वेधशाला नहीं बनवाई थी-
(a) उज्जैन में
(b) वाराणसी में
(c) मथुरा में
(d) इलाहाबाद में
U.P.P.C.S. (Mains) 2014
उत्तर-(d)
सवाई जयसिंह द्वितीय ने दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा में वेधशालाएं बनवाई थीं, परंतु इलाहाबाद में उन्होंने कोई वेधशाला नहीं बनवाई। इन वेधशालाओं को सम्मिलित रूप से ‘जंतर-मंतर’ कहा जाता है, जो वस्तुतः संस्कृत के ‘यंत्र-मंत्र’ शब्द का अपभ्रंश रूप है, क्योंकि इनमें खगोलीय गणनाओं हेतु विशाल पत्थर व धातु के यंत्र स्थापित किए गए थे।
18. भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
1. हैदराबाद राज्य से आरकोट की निजामत का उदय हुआ।
2. विजयनगर साम्राज्य से मैसूर राज्य का उदय हुआ।
3. रूहेलखंड राज्य का गठन, अहमद शाह दुर्रानी द्वारा अधिकृत राज्य क्षेत्र में से हुआ।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) 1 और 2
(b) केवल 2
(c) 2 और 3
(d) केवल 3
I.A.S. (Pre) 2021
उत्तर-(b)
आरकोट (कर्नाटक) की निजामत हैदराबाद राज्य से नहीं, बल्कि सीधे मुगल केंद्रीय सत्ता से अलग होकर उभरी थी, इसलिए कथन 1 गलत है। मैसूर राज्य 1399 ई. तक विजयनगर साम्राज्य का ही हिस्सा था और वाडियार वंश ने इसे विजयनगर से अलग कर स्वतंत्र सत्ता स्थापित की, अतः कथन 2 सही है। अहमद शाह दुर्रानी (अब्दाली) ने भारत में स्थायी राज्य क्षेत्र अधिकृत नहीं किया था; रूहेलखंड में पहले से बसे रूहेला अफगानों को मुगल बादशाह ने अली मुहम्मद खां के नेतृत्व में मान्यता दी, इसलिए कथन 3 भी गलत है। आगे चलकर इसी मैसूर राज्य पर हैदर अली और उसके पुत्र टीपू सुल्तान ने शासन किया।
19. निम्नलिखित कथनों में से कौन बहादुर शाह ज़फर के बारे में सही नहीं है?
(a) वह बिना साम्राज्य का सम्राट था।
(b) इब्राहिम जौक और असद उल्लाह खां गालिब उसके कविता के शिक्षक थे।
(c) हसन अस्करी उसके आध्यात्मिक निर्देशक थे।
(d) वह एक लाख रुपये से कम प्रतिमाह ईस्ट इंडिया कंपनी से पेंशन के रूप में प्राप्त करता था।
U.P.P.C.S. (Mains) 2006
उत्तर-(d)
ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से बहादुर शाह जफर को प्रतिमाह 1 लाख रुपये पेंशन, संपत्तियों के बदले 15 लाख रुपये किराये तथा एक हजार रुपये पारिवारिक खर्च के रूप में दिए जाते थे, इसलिए कथन (d) गलत है। शेष तीनों कथन सही हैं। बहादुर शाह जफर स्वयं भी ‘जफर’ तखल्लुस से उर्दू में गजलें लिखते थे और एक प्रतिष्ठित शायर के रूप में जाने जाते थे, जिनकी काव्य रचनाओं में मुगल सत्ता के पतन की पीड़ा स्पष्ट झलकती है।
20. महाराजा जयसिंह II ने वेधशालाएं कहां बनवाई थीं?
1. दिल्ली
2. जयपुर
3. उज्जैन
4. वाराणसी
कूट :
(a) 1 एवं 2
(b) 1 एवं 3
(c) 2 एवं 3
(d) 1, 2, 3 एवं 4
U.P. P.C.S. (Mains) 2007
उत्तर-(d)
महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा- इन सभी स्थानों पर वेधशालाएं बनवाई थीं, अतः चारों स्थान (दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी) सही हैं। जयपुर की वेधशाला में स्थित ‘सम्राट यंत्र’ विश्व की सबसे बड़ी पत्थर निर्मित धूपघड़ी मानी जाती है, जो आज भी अपेक्षाकृत सटीक समय बताने में सक्षम है।
21. मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर के बारे में कहा जाता था कि उसके साम्राज्य की सीमा थी-
(a) चांदनी चौक से पालम
(b) दिल्ली से बिहार
(c) पेशावर से बिहार
(d) पेशावर से वाराणसी
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
64th B.P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर-(e)
दिए गए विकल्पों में से कोई भी सही उत्तर सिद्ध नहीं होता, इसलिए विकल्प (e) सही है। यह प्रचलित कहावत मूलतः दिल्ली सल्तनत के अंतिम तुगलक शासक नासिरुद्दीन महमूद के संदर्भ में कही गई थी, जिसके विषय में कहा जाता था कि “संसार के स्वामी का शासन दिल्ली से पालम तक सीमित है।” बाद में सिकुड़ते मुगल साम्राज्य का व्यंग्यात्मक वर्णन करने हेतु यही उक्ति बहादुरशाह जफर पर भी प्रचलित हो गई। इसी अस्पष्टता के कारण बिहार लोक सेवा आयोग ने इस प्रश्न को मूल्यांकन से बाहर कर दिया था।

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