1. ‘दस्तार बन्दान’ कौन कहलाते थे?
U.P.P.C.S. (Pre) 2014
उत्तर-(d)
सल्तनत काल में धार्मिक एवं न्यायिक क्षेत्र के उच्च पदाधिकारियों यानी उलेमाओं को सामूहिक रूप से ‘दस्तार बन्दान’ कहा जाता था, क्योंकि वे पद की गरिमा के प्रतीक के रूप में विशेष पगड़ी (दस्तार) धारण करते थे। ये लोग काजी, मुफ्ती, सद्र जैसे पदों पर नियुक्त होते थे और शासन में धर्म तथा कानून संबंधी मामलों की देखरेख करते थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) सल्तनत काल में ‘सद्र-उस-सुदूर’ नामक अधिकारी धार्मिक मामलों तथा दान-संबंधी कार्यों का प्रमुख होता था। (2) काजी-उल-कुज्जात सल्तनत का सर्वोच्च न्यायिक अधिकारी होता था, जो सुल्तान के बाद न्याय व्यवस्था का प्रमुख माना जाता था।
2. निम्न यात्रियों के पधारने का क्या अनुक्रम रहा?
1.इब्नबतूता 2.ट्रेवर्नियर
3.अलबरूनी 4.मनूची
कूट :
1.इब्नबतूता 2.ट्रेवर्नियर
3.अलबरूनी 4.मनूची
कूट :
U.P.P.C.S. (Pre) 1997
U.P. Lower Sub. (Pre) 2002
U.P. Lower Sub. (Pre) 2002
उत्तर-(b)
सही कालक्रम है- अलबरूनी, इब्नबतूता, ट्रेवर्नियर, मनूची। अलबरूनी मूलतः ख्वारिज्म (मध्य एशिया) का विद्वान था और महमूद गजनवी के साथ भारत आया था; उसने भारतीय समाज, विज्ञान और दर्शन का गहन अध्ययन कर ‘किताब-उल-हिन्द’ की रचना की। इब्नबतूता मोरक्को का यात्री था जो मुहम्मद बिन तुगलक के समय भारत आया और उसे दिल्ली का काजी नियुक्त किया गया; उसने अपने अनुभव ‘रेहला’ में दर्ज किए। फ्रांसीसी जौहरी ट्रेवर्नियर ने शाहजहां के काल में भारत की यात्रा की और ‘ट्रेवेल्स इन इंडिया’ लिखी। इतालवी यात्री मनूची ने दारा शिकोह की सेना में सेवा की और बाद में चिकित्सक बनकर ‘स्टोरिया दो मोगोर’ की रचना की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) अलबरूनी ने सर्वप्रथम पृथ्वी की परिधि (Circumference) मापने का गणितीय प्रयास भारत में रहते हुए किया था। (2) मनूची की पुस्तक ‘स्टोरिया दो मोगोर’ को 17वीं सदी के मुगल भारत का एक महत्वपूर्ण समकालीन स्रोत माना जाता है।
3. भारत में पोलो खेल का प्रचलन किया-
U.P.P.C.S. (Pre) 2001
उत्तर-(c)
पोलो (जिसे ‘चौगान’ भी कहा जाता था) खेल को भारत में तुर्कों द्वारा लाया गया। दिल्ली सल्तनत का संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक इस खेल का विशेष शौकीन था, और वर्ष 1210 ई. में लाहौर में पोलो खेलते समय घोड़े से गिरने के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) कुतुबुद्दीन ऐबक को उसके दान-पुण्य के स्वभाव के कारण ‘लाखबख्श’ (लाखों का दान देने वाला) कहा जाता था। (2) उसका मकबरा लाहौर में स्थित है और वह भारत का पहला तुर्क सुल्तान था जिसने ‘गुलाम वंश’ की स्थापना की।
4. निम्न व्यक्तियों ने भारत में विभिन्न समय पर राज्य किया। उनके राज के सही कालक्रम का, नीचे दिए गए कूट की सहायता से चयन कीजिए-
1. शेरशाह 2.अकबर
3. अलाउद्दीन खिलजी 4.रजिया सुल्तान
कूट :
1. शेरशाह 2.अकबर
3. अलाउद्दीन खिलजी 4.रजिया सुल्तान
कूट :
U. P. P. S.C. (GIC) 2010
उत्तर-(c)
इन शासकों का सही कालक्रम है- रजिया सुल्तान (1236-1240), अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316), शेरशाह सूरी (1540-1545) और अकबर (1556-1605)। रजिया सुल्तान दिल्ली सल्तनत की पहली और एकमात्र मुस्लिम महिला शासक थी। अलाउद्दीन खिलजी ने अपने सैन्य अभियानों और बाजार नियंत्रण नीति के लिए प्रसिद्धि पाई। शेरशाह सूरी ने मुगलों को अस्थायी रूप से हराकर सूरी वंश की स्थापना की, जबकि अकबर मुगल साम्राज्य का सबसे शक्तिशाली शासक माना जाता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) शेरशाह सूरी ने प्रसिद्ध ‘ग्रांड ट्रंक रोड’ (सड़क-ए-आजम) का निर्माण/पुनरुद्धार कराया था। (2) अकबर ने 1582 ई. में ‘दीन-ए-इलाही’ नामक नए धार्मिक पंथ की स्थापना की थी।
5. सूची-I तथा सूची-II का सुमेल कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
सूची-Iसूची-II
A. फिरोज तुगलक 1. दीवान-ए-रियासत
B. बलबन 2. नौरोज
C. अलाउद्दीन 3. नहरों का निर्माण
D. जहांगीर 4. सर थॉमस रो
कूट :
सूची-Iसूची-II
A. फिरोज तुगलक 1. दीवान-ए-रियासत
B. बलबन 2. नौरोज
C. अलाउद्दीन 3. नहरों का निर्माण
D. जहांगीर 4. सर थॉमस रो
कूट :
U.P.P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(b)
सही सुमेलन है- फिरोज तुगलक का संबंध नहरों के निर्माण से, बलबन का संबंध फारसी पर्व ‘नौरोज’ को दिल्ली दरबार में प्रचलित करने से, अलाउद्दीन खिलजी का संबंध आर्थिक मामलों की देखरेख हेतु स्थापित ‘दीवान-ए-रियासत’ विभाग से, और जहांगीर के शासनकाल में ब्रिटिश राजदूत सर थॉमस रो भारत आया था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) फिरोज तुगलक ने यमुना नदी से जोड़ने वाली पाँच प्रमुख नहरों का निर्माण कराया था, जो मध्यकालीन भारत की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना मानी जाती है। (2) सर थॉमस रो 1615-1619 ई. के बीच इंग्लैंड के राजा जेम्स प्रथम का दूत बनकर जहांगीर के दरबार में आया था और उसने अंग्रेजों को व्यापारिक सुविधाएँ दिलवाई।
6. निम्नलिखित में से दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान के शासनकाल में शाही महलों में हिंदू देवी-देवताओं की पूजा होती थी?
U.P.R.O./ A.R.O. (Pre) 2021
उत्तर-(c)
नासिरुद्दीन खुसरो शाह के अल्पकालीन शासनकाल में शाही महलों में हिंदू देवी-देवताओं की पूजा का प्रचलन हुआ था। मूलतः खुसरो खां नामक एक हिंदू मूल का गुलाम था, जिसने मुबारकशाह खिलजी की हत्या के बाद स्वयं को सुल्तान घोषित किया और ‘नासिरुद्दीन खुसरो शाह’ की उपाधि धारण की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) खुसरो शाह का शासन बहुत अल्पकालिक रहा और शीघ्र ही गाजी मलिक (जो बाद में गयासुद्दीन तुगलक बना) ने उसे पराजित कर तुगलक वंश की स्थापना की। (2) मुबारकशाह खिलजी, अलाउद्दीन खिलजी का पुत्र था और खिलजी वंश का अंतिम शासक था।
7. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(यात्री) (देश)
(यात्री) (देश)
U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2017
उत्तर-(c)
अब्दुर रज्जाक तुर्की का नहीं, बल्कि ईरान (फारस) का राजदूत था, जो विजयनगर शासक देवराय द्वितीय के दरबार में आया था, अतः यह युग्म गलत है। इब्नबतूता मोरक्को का यात्री था जो मुहम्मद बिन तुगलक के समय भारत आया। मार्को पोलो वेनिस (इटली) का यात्री था जिसने पांड्य राज्य की यात्रा की। नूनिज पुर्तगाली घोड़ा-व्यापारी और यात्री था जिसने विजयनगर साम्राज्य का वर्णन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) अब्दुर रज्जाक का यात्रा-वृत्तांत ‘मतला-उस-सादैन’ में संकलित है, जिसमें उसने विजयनगर की समृद्धि का विस्तृत वर्णन किया है। (2) नूनिज के अलावा डोमिंगो पायस नामक पुर्तगाली यात्री ने भी विजयनगर साम्राज्य, विशेषकर कृष्णदेव राय के शासनकाल का वर्णन किया था।
8. चुंबकीय दिशासूचक का भारतीय महासागरों में प्रयोग की प्रारंभिक सूचना किसके द्वारा दी गई?
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2016
उत्तर-(c)
भारतीय महासागरीय क्षेत्र में चुंबकीय दिशासूचक (कंपास) के उपयोग का सबसे पहला उल्लेख सदरुद्दीन मुहम्मद ‘औफी’ द्वारा लगभग 1232-33 ई. में अपनी रचना ‘जवामी-उल-हिकायत’ में किया गया। इनकी एक अन्य प्रसिद्ध रचना ‘लुबाब-उल-अल्बाब’ है, जो फारसी कवियों का जीवन-परिचय प्रस्तुत करती है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) चीन में चुंबकीय दिशासूचक का आविष्कार और नौवहन में प्रयोग औफी के विवरण से कई शताब्दियों पहले हो गया था, जहाँ से यह तकनीक अरब व्यापारियों के माध्यम से हिंद महासागर में फैली। (2) सदरुद्दीन औफी का जन्म बुखारा (मध्य एशिया) में हुआ था और बाद में वह दिल्ली सल्तनत के दरबार से जुड़ा।
9. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए –
सूची I ( युद्ध) सूची-II (वर्ष)
A. चन्दवाड़ का युद्ध 1. 1398
B. तैमूर का आक्रमण 2. 1194
C. तालीकोटा का युद्ध 3. 1529
D. घाघरा का युद्ध 4. 1565
सूची I ( युद्ध) सूची-II (वर्ष)
A. चन्दवाड़ का युद्ध 1. 1398
B. तैमूर का आक्रमण 2. 1194
C. तालीकोटा का युद्ध 3. 1529
D. घाघरा का युद्ध 4. 1565
U.P. R.O./A.R.O. (Mains) 2017
उत्तर-(d)
इन युद्धों का सही कालक्रम है- चन्दवाड़ का युद्ध 1194 ई. में मुहम्मद गोरी और कन्नौज के शासक जयचंद के बीच हुआ था। तैमूर का आक्रमण 1398 ई. में हुआ, जिसने दिल्ली सल्तनत को भारी क्षति पहुँचाई। घाघरा का युद्ध 1529 ई. में बाबर और बंगाल-बिहार के अफगान शासकों के बीच लड़ा गया था। तालीकोटा का युद्ध 1565 ई. में विजयनगर साम्राज्य और दक्कन की संयुक्त मुस्लिम सल्तनतों के बीच हुआ, जिसमें विजयनगर की पराजय हुई।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) चन्दवाड़ के युद्ध में जयचंद की पराजय के साथ ही उत्तर भारत में तुर्क सत्ता की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। (2) तालीकोटा के युद्ध (जिसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहते हैं) के बाद विजयनगर की राजधानी हम्पी को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया था।
10. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है ?
R.A.S./R.T.S. (Pre) 2016
उत्तर-(b)
चांद बीबी का संबंध अवध से नहीं, बल्कि अहमदनगर और बीजापुर से था। वह अहमदनगर के शासक हुसैन निजामशाह प्रथम की पुत्री थीं और बाद में बीजापुर की रानी बनीं; उन्होंने अकबर की मुगल सेनाओं के विरुद्ध अहमदनगर की रक्षा में वीरतापूर्वक नेतृत्व किया था। बहादुरशाह गुजरात का शासक था, रजिया सुल्तान दिल्ली सल्तनत की शासिका थी, और बाज बहादुर मालवा का अंतिम स्वतंत्र शासक था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: (1) चांद बीबी 1595-1600 ई. के दौरान मुगल आक्रमणों के विरुद्ध अहमदनगर दुर्ग की रक्षा में सक्रिय रहीं और अंततः 1600 ई. में अहमदनगर पर मुगलों का अधिकार हो गया। (2) बाज बहादुर अपनी पत्नी रूपमती के साथ संगीत और कला के संरक्षक के रूप में प्रसिद्ध था, परंतु अकबर के सेनापति आदम खान ने 1561 ई. में मालवा पर अधिकार कर लिया।
11. निम्नलिखित अवतरण पर ध्यान दीजिए-
“अपने लगभग तीस वर्ष के व्यापक यात्री जीवन में उसने पूर्वी गोलार्द्ध के विस्तृत भू-भाग की यात्रा की, उस विशाल भू-भाग को देखा, जिसमें आज कोई 44 देश आते हैं और कुल मिलाकर लगभग 73000 मील की दूरी चलकर पार की।”
पूर्व आधुनिक काल का संसार का सबसे बड़ा वह यात्री कौन था,जिसका वर्णन ऊपर के अवतरण में है?
“अपने लगभग तीस वर्ष के व्यापक यात्री जीवन में उसने पूर्वी गोलार्द्ध के विस्तृत भू-भाग की यात्रा की, उस विशाल भू-भाग को देखा, जिसमें आज कोई 44 देश आते हैं और कुल मिलाकर लगभग 73000 मील की दूरी चलकर पार की।”
पूर्व आधुनिक काल का संसार का सबसे बड़ा वह यात्री कौन था,जिसका वर्णन ऊपर के अवतरण में है?
I.A.S. (Pre) 1993
उत्तर-(d)
मोरक्को के निवासी इब्नबतूता ने अपनी लगभग तीस वर्षों की यात्रा में पूर्वी गोलार्द्ध के लगभग 44 देशों का भ्रमण किया और करीब 73000 मील की दूरी तय की, जिसमें उत्तरी और पश्चिमी अफ्रीका, यूरोप, मध्य पूर्व, मध्य एशिया, भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन शामिल थे। तुलना में मार्को पोलो ने 1271 ई. से लगभग 24 वर्षों में करीब 24000 मील की यात्रा की थी, इसलिए दूरी और विस्तार दोनों दृष्टि से इब्नबतूता उसे पीछे छोड़ देता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इब्नबतूता मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में दिल्ली आया था और उसे दिल्ली का काजी नियुक्त किया गया था। उसकी यात्रा-वृत्तांत ‘रेहला’ नाम से प्रसिद्ध है, जो तत्कालीन भारत की सामाजिक-आर्थिक स्थिति जानने का महत्वपूर्ण स्रोत है।
12. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए-
सूची-I सूची-II
A. प्लासी का युद्ध 1. 261 ईस्वी पूर्व
B. कलिंग का युद्ध 2. 1576 ईस्वी सन
C. हल्दीघाटी का युद्ध 3. 1192 ईस्वी सन
D. तराइन का युद्ध 4. 1757 ईस्वी सन
कूट :
सूची-I सूची-II
A. प्लासी का युद्ध 1. 261 ईस्वी पूर्व
B. कलिंग का युद्ध 2. 1576 ईस्वी सन
C. हल्दीघाटी का युद्ध 3. 1192 ईस्वी सन
D. तराइन का युद्ध 4. 1757 ईस्वी सन
कूट :
U.P. Lower Sub. (Pre) 2002
U.P. Lower Sub. (Pre) 2003
U.P. Lower Sub. (Pre) 2003
उत्तर-(c)
प्लासी का युद्ध 1757 ई. में सिराजुद्दौला और अंग्रेजों के बीच हुआ, जिसमें मीर जाफर के विश्वासघात से अंग्रेजों की जीत हुई। कलिंग युद्ध 261 ई.पू. में अशोक द्वारा लड़ा गया, जिसके भीषण नरसंहार से प्रभावित होकर अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया। हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ई. में अकबर और महाराणा प्रताप के बीच हुआ, जिसमें मुगल सेना की जीत हुई। तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई. में मुहम्मद गोरी और पृथ्वीराज चौहान के बीच हुआ, जिसमें गोरी विजयी रहा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप का साथ भील सरदार और उनके घोड़े ‘चेतक’ ने दिया था। प्लासी युद्ध के बाद बंगाल में अंग्रेजी कंपनी के राजनीतिक प्रभुत्व की वास्तविक शुरुआत हुई।
13. निम्नलिखित में से किस प्रथा की शुरुआत राजपूतों के समय में हुई ?
Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007
उत्तर-(c)
जौहर प्रथा राजपूत काल में मुस्लिम आक्रांताओं से सम्मान बचाने हेतु शुरू हुई, जिसमें युद्ध में पुरुषों की पराजय और मृत्यु निश्चित होने पर महिलाएं सामूहिक रूप से अग्नि में आत्मदाह कर लेती थीं। इसके विपरीत सती और बाल विवाह जैसी प्रथाएं राजपूत काल से पहले भी समाज में किसी रूप में विद्यमान थीं, केवल इस काल में इनका प्रचलन बढ़ा।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जौहर का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण रानी पद्मिनी द्वारा अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़ आक्रमण (1303 ई.) के समय किया गया जौहर माना जाता है। राजा राममोहन राय के प्रयासों से 1829 ई. में लॉर्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा को कानूनन प्रतिबंधित किया।
14. निम्नलिखित मध्यकालीन विद्वानों/लेखकों में कौन जैन धर्म का अनुयायी था?
U.P.P.C.S. (Mains) 2009
उत्तर-(b)
हेमचंद्र सूरी एक प्रसिद्ध जैन आचार्य एवं विद्वान थे, जो गुजरात के चालुक्य शासक जयसिंह सिद्धराज के राजदरबार से जुड़े हुए थे। उनके प्रभाव से प्रेरित होकर जयसिंह सिद्धराज ने आबू पर्वत पर एक भव्य मंडप का निर्माण कराया, जिसमें जैन तीर्थंकरों की मूर्तियां स्थापित की गईं और जो बाद में प्रमुख जैन तीर्थस्थल बन गया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: हेमचंद्र सूरी को ‘कलिकालसर्वज्ञ’ की उपाधि दी गई थी और उन्होंने व्याकरण, काव्यशास्त्र तथा इतिहास जैसे विषयों पर अनेक ग्रंथ लिखे, जिनमें ‘सिद्धहेम शब्दानुशासन’ प्रमुख है।
15. आइन-उल-मुल्क मुल्तानी ने इनमें से किस शासक के अधीन सेवा नहीं की थी ?
M.P.P.C.S. (Pre) 2017
उत्तर-(d)
आइन-उल-मुल्क मुल्तानी एक प्रमुख अमीर एवं प्रशासक था जिसने अलाउद्दीन खिलजी, मुहम्मद बिन तुगलक और फिरोज शाह तुगलक तीनों के काल में महत्वपूर्ण पद संभाले, परंतु इल्तुतमिश का शासनकाल इन तीनों शासकों से बहुत पहले (1210-1236 ई.) समाप्त हो गया था, इसलिए उसके अधीन सेवा संभव नहीं थी। अलाउद्दीन खिलजी ने उसे मालवा अभियान पर भेजा था, जहां उसने सफलता प्राप्त की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: इल्तुतमिश गुलाम वंश का सबसे प्रभावशाली सुल्तान माना जाता है, जिसने दिल्ली सल्तनत की वास्तविक नींव रखी और ‘इक्ता प्रणाली’ को संगठित रूप दिया। उसने अपनी पुत्री रजिया को अपना उत्तराधिकारी नामित किया था।
16. नीचे के युग्मों में एक ओर प्राचीन और मध्य युग के राजाओं के नाम हैं और दूसरी ओर उनके विरचित ग्रंथ हैं। इनमें से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है ?
I.A.S. (Pre) 1993
उत्तर-(b)
पल्लव शासक महेंद्रवर्मन प्रथम ने संस्कृत में ‘मत्तविलासप्रहसन’ नामक हास्य प्रहसन की रचना की थी, इसलिए यही युग्म सही है। शेष विकल्पों में कर्ता-कृति का मेल गलत है—कृष्णदेव राय ने ‘अमुक्तमाल्यद’ लिखी, परमार राजा भोज ने ‘समरांगणसूत्रधार’ रचा, तथा चालुक्य नरेश सोमेश्वर तृतीय ने ‘मानसोल्लास’ की रचना की।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: महेंद्रवर्मन प्रथम संगीत और चित्रकला का भी संरक्षक था और उसे ‘चित्रकारपुली’ की उपाधि प्राप्त थी। उसके पुत्र नरसिंहवर्मन प्रथम ने प्रसिद्ध पल्लव वंश के शासक चालुक्यों को पराजित किया था।
17. सूची-I तथा सूची-II का सुमेल कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
सूची-Iसूची-II
A. अकबर 1. सड़क-ए-आजम
B. मुहम्मद तुगलक 2. चहलगानी अमीर
C. इल्तुतमिश 3. आइन-ए-दहसाला
D. शेरशाह 4. प्रतीक मुद्रा
कूट :
सूची-Iसूची-II
A. अकबर 1. सड़क-ए-आजम
B. मुहम्मद तुगलक 2. चहलगानी अमीर
C. इल्तुतमिश 3. आइन-ए-दहसाला
D. शेरशाह 4. प्रतीक मुद्रा
कूट :
U.P.P.C.S. (Pre) 1997
उत्तर-(b)
अकबर की भूमि-राजस्व व्यवस्था ‘आइन-ए-दहसाला’ से जुड़ी है, जिसमें पिछले दस वर्षों की उपज और मूल्यों के आधार पर औसत निकाला जाता था। मुहम्मद बिन तुगलक ने प्रतीक मुद्रा (टोकन करेंसी) चलाई थी, जो असफल प्रयोग साबित हुआ। इल्तुतमिश ने ‘चहलगानी’ नामक तुर्क अमीरों के समूह का गठन किया था, और शेरशाह सूरी ने ग्रांड ट्रंक रोड के रूप में प्रसिद्ध ‘सड़क-ए-आजम’ का निर्माण कराया, जो बंगाल से सिंध तक फैली थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अकबर की भू-राजस्व व्यवस्था को राजा टोडरमल ने लागू किया था, इसलिए इसे ‘टोडरमल बंदोबस्त’ भी कहा जाता है। शेरशाह सूरी ने मुद्रा व्यवस्था में ‘रुपया’ नामक चांदी का सिक्का प्रचलित किया, जो आगे मुगल काल में भी जारी रहा।
18. दिल्ली सल्तनत के किस वंश ने सबसे कम समय तक शासन किया ?
M.P.P.C.S. (Pre) 2017
उत्तर-(a)
खिलजी वंश ने मात्र 1290 से 1320 ई. तक, यानी लगभग 30 वर्ष शासन किया, जो दिल्ली सल्तनत के सभी वंशों में सबसे कम अवधि है। तुलना में गुलाम वंश (1206-1290), तुगलक वंश (1320-1412), सैय्यद वंश (1414-1451) और लोदी वंश (1451-1526) ने अपेक्षाकृत अधिक समय तक शासन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: खिलजी वंश का सबसे शक्तिशाली शासक अलाउद्दीन खिलजी था, जिसने बाजार नियंत्रण नीति लागू की और मंगोल आक्रमणों को सफलतापूर्वक विफल किया। खिलजी वंश की स्थापना जलालुद्दीन खिलजी ने की थी, जो गुलाम वंश के अंतिम शासक की हत्या के बाद सत्ता में आया।
19. निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए-
1. विजयनगर के कृष्णदेव राय का शासनकाल
2. कुतुबमीनार का निर्माण
3. पुर्तगालियों का भारत आगमन
4. फिरोज तुगलक की मृत्यु
इन घटनाओं का सही कालानुक्रम है-
1. विजयनगर के कृष्णदेव राय का शासनकाल
2. कुतुबमीनार का निर्माण
3. पुर्तगालियों का भारत आगमन
4. फिरोज तुगलक की मृत्यु
इन घटनाओं का सही कालानुक्रम है-
I.A.S. (Pre) 2000
उत्तर-(a)
कुतुबमीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक के काल में आरंभ हुआ और इल्तुतमिश के समय पूर्ण हुआ। फिरोज तुगलक की मृत्यु 1388 ई. में हुई, जो कुतुबमीनार निर्माण से बाद की घटना है। इसके बाद 1498 ई. में वास्कोडिगामा के नेतृत्व में पुर्तगाली भारत पहुंचे, और अंत में विजयनगर साम्राज्य के कृष्णदेव राय का शासनकाल 1509-1529 ई. रहा, जो सबसे बाद की घटना है। इस प्रकार सही क्रम 2, 4, 3, 1 है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: फिरोज तुगलक को अपने प्रशासनिक सुधारों और नहरों के निर्माण के लिए जाना जाता है, उसने सिंचाई हेतु कई नहरें खुदवाई थीं। पुर्तगालियों के आगमन के बाद भारत में यूरोपीय व्यापारिक शक्तियों के प्रवेश का मार्ग खुला, जिसने आगे चलकर औपनिवेशिक काल की नींव रखी।
20. निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए तथा इन्हें कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए.
1. मुहम्मद तुगलक द्वारा राजधानी का स्थानांतरण
2. अफगानपुर षड्यंत्र
3. जलालुद्दीन खिलजी की हत्या
4. तराइन का द्वितीय युद्ध
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
कूट :
1. मुहम्मद तुगलक द्वारा राजधानी का स्थानांतरण
2. अफगानपुर षड्यंत्र
3. जलालुद्दीन खिलजी की हत्या
4. तराइन का द्वितीय युद्ध
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
कूट :
U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2017
उत्तर-(a)
तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई. में हुआ, जिसमें मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को हराकर भारत में मुस्लिम सत्ता की नींव रखी। इसके बाद 1296 ई. में जलालुद्दीन खिलजी की उसके भतीजे अलाउद्दीन द्वारा हत्या की गई। अफगानपुर षड्यंत्र (1325 ई.) में सुल्तान गयासुद्दीन तुगलक की मृत्यु हुई, जिसका दोषी उलूग खां (बाद में मुहम्मद बिन तुगलक) को माना जाता है, और इसके बाद मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की। इस प्रकार सही क्रम 4, 3, 2, 1 है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मुहम्मद बिन तुगलक की राजधानी परिवर्तन की योजना कुछ ही वर्षों में असफल रही और उसे पुनः दिल्ली लौटना पड़ा, जिससे आम जनता को भारी कष्ट हुआ। पृथ्वीराज चौहान की पराजय के बाद कुतुबुद्दीन ऐबक को गोरी ने भारत में अपना सूबेदार नियुक्त किया, जिसने बाद में गुलाम वंश की स्थापना की।
21. तेरहवी और चौहदवीं शताब्दियों में भारतीय कृषक, खेती नहीं करता था-
U.P. P.C.S. (Spl.) (Pre) 2008
U.P.P.C.S. (Pre) 2011
U.P.P.C.S. (Pre) 2011
उत्तर-(d)
13-14वीं शताब्दी में कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार था और किसान गेहूं, जौ, चावल, चना तथा कपास जैसी फसलें उगाते थे, परंतु मक्का इस सूची में शामिल नहीं था क्योंकि यह फसल भारत में मौजूद ही नहीं थी। मक्का को भारत में पुर्तगालियों ने 16वीं शताब्दी के आसपास अमेरिका से लाकर परिचित कराया, इसलिए मध्यकाल के आरंभिक दौर में इसकी खेती संभव नहीं थी।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मोरक्को के यात्री इब्नबतूता ने अपने यात्रा-वृत्तांत में उल्लेख किया कि उस समय के किसान वर्ष में दो से तीन फसलें (दोफसली/तिफसली) उगाते थे, जिनमें धान, गेहूं, ईख और कपास प्रमुख थे। पुर्तगालियों के साथ ही भारत में तंबाकू, टमाटर, आलू और मूंगफली जैसी अमेरिकी फसलें भी आईं, जिन्हें सामूहिक रूप से ‘कोलंबियन एक्सचेंज’ का हिस्सा माना जाता है।
22. मध्यकालीन भारत में ‘महत्तर’ और ‘पट्टकिल’ पदनाम किनके लिए प्रयुक्त होते थे?
I.A.S. (Pre) 2014
उत्तर-(b)
प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत में गांव प्रशासन का मूल केंद्र होता था और गांव के मुखिया को अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता था—उत्तर प्रदेश में ‘महत्तर/महत्तक’, महाराष्ट्र में ‘पट्टकिल’ या ‘ग्रामकूट’, कर्नाटक में ‘गवुंद’ तथा वैदिक काल में सामान्यतः ‘ग्रामिणी’ कहा जाता था। इस प्रकार ‘महत्तर’ और ‘पट्टकिल’ दोनों पदनाम ग्राम मुखिया के लिए प्रयुक्त होते थे, हालांकि कुछ अभिलेखों में ‘महत्तर’ का प्रयोग शिल्पकार श्रेणियों के प्रमुख के लिए भी मिलता है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मध्यकाल में ग्राम प्रशासन में पंचायत व्यवस्था का महत्वपूर्ण योगदान था, जिसमें भू-राजस्व संग्रहण, विवाद निपटारा तथा सामुदायिक कार्यों की जिम्मेदारी मुखिया और पंचायत सदस्यों पर होती थी। दक्षिण भारत के चोल अभिलेखों (जैसे उत्तरमेरूर अभिलेख) से ग्राम सभाओं की विस्तृत कार्यप्रणाली की जानकारी मिलती है।
23. मध्यकालीन भारतीय इतिहास में ‘पनही’ तथा ‘उपानह’ का उल्लेख किस संदर्भ में मिलता है ?
M.P.P.C.S. (Pre) 2020
उत्तर-(d)
‘पनही’ एवं ‘उपानह’ दोनों शब्द मध्यकालीन भारतीय समाज में पहने जाने वाले ‘जूते/पादत्राण’ के लिए प्रयुक्त होते थे, जो तत्कालीन वस्त्र-संस्कृति और दैनिक जीवन की शब्दावली का हिस्सा थे। ऐसे शब्द मुख्यतः फारसी-अरबी और स्थानीय भाषाओं के मिश्रण से उत्पन्न हुए, जो मध्यकालीन समाज में मुस्लिम-शासन के प्रभाव से भाषा में आए सांस्कृतिक बदलावों को दर्शाते हैं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: मध्यकालीन भारत में वस्त्र एवं वेशभूषा संबंधी शब्दावली पर फारसी का गहरा प्रभाव पड़ा, जिससे ‘पायजामा’, ‘कुर्ता’ और ‘शेरवानी’ जैसे शब्द भी भारतीय भाषाओं में प्रचलित हुए। समकालीन ग्रंथों एवं चित्रकलाओं (जैसे मुगल मिनिएचर पेंटिंग) से तत्कालीन वेशभूषा और जीवन-शैली की जानकारी प्राप्त होती है।
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