लोदी वंश MCQ प्रश्न | UPSC

भारतीय इतिहास मध्यकालीन भारत लोदी वंश MCQ प्रश्न
1. इनमें कौन गुलाम वंश का नहीं था?
(a) बलबन
(b) इल्तुतमिश
(c) कुतुबुद्दीन ऐबक
(d) इब्राहिम लोदी
Uttarakhand Lower Sub. (Pre) 2010
उत्तर – (d)
गुलाम वंश (1206–1290 ई.) दिल्ली सल्तनत का पहला राजवंश था, जिसकी नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने रखी थी। इस वंश के प्रमुख शासकों में कुतुबुद्दीन ऐबक (1206–1210 ई.), इल्तुतमिश (1211–1236 ई.) और बलबन (1266–1286 ई.) शामिल हैं। इब्राहिम लोदी इस वंश से संबंधित नहीं था — वह लोदी वंश का तीसरा और अंतिम सुल्तान था जिसने 1517–1526 ई. तक शासन किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: गुलाम वंश को ‘ममलूक वंश’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके अधिकांश शासक तुर्क दास (ममलूक) मूल के थे। इल्तुतमिश पहला ऐसा दिल्ली सुल्तान था जिसने 1229 ई. में बगदाद के खलीफा से अपने शासन की औपचारिक मान्यता (मनशूर) प्राप्त की थी।
2. निम्नलिखित वंशों ने किस क्रम में दिल्ली पर शासन किया था? नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए–
1. खिलजी 2. लोदी 3. सैयद 4. गुलाम

कूट:
(a) 1, 2, 4, 3
(b) 1, 2, 3, 4
(c) 2, 3, 4, 1
(d) 4, 1, 3, 2
U.P. P.C.S. (Mains) 2012
उत्तर – (d)
दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाले इन चार वंशों का सही कालक्रम इस प्रकार है — गुलाम वंश (1206–1290 ई.), खिलजी वंश (1290–1320 ई.), सैयद वंश (1414–1451 ई.) और लोदी वंश (1451–1526 ई.)। यह ध्यान देने योग्य है कि खिलजी और सैयद वंश के बीच तुगलक वंश (1320–1414 ई.) का शासन रहा। अतः सही अनुक्रम 4, 1, 3, 2 है, जो विकल्प (d) है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1206 ई. में हुई और यह 1526 ई. में पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर द्वारा इब्राहिम लोदी की पराजय के साथ समाप्त हुई। सैयद वंश की स्थापना खिज्र खाँ ने की थी, जो तैमूर लंग का प्रतिनिधि था।
3. निम्नलिखित सल्तनत शासकों में से कौन अफगान मूल के थे?
(a) खिलजी
(b) तुगलक
(c) सैय्यद
(d) लोदी
U.P.P.C.S (Mains) 2016
उत्तर – (d)
दिल्ली सल्तनत के पाँच प्रमुख वंशों में केवल लोदी वंश अफगान (पश्तून) मूल का था। इस वंश की स्थापना 1451 ई. में बहलोल लोदी ने की थी। इस वंश का शासन 1451 से 1526 ई. तक चला और इसके तीन सुल्तान हुए — बहलोल लोदी, सिकंदर लोदी और इब्राहिम लोदी। खिलजी तुर्क मूल के, तुगलक तुर्क-भारतीय मिश्रित मूल के तथा सैय्यद अरब मूल के थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: लोदी वंश, दिल्ली सल्तनत का एकमात्र ऐसा वंश था जो किसी तुर्क कुलीन वर्ग से नहीं, बल्कि अफगान जनजाति से उत्पन्न हुआ था। बहलोल लोदी से पहले वे पंजाब के गवर्नर के रूप में कार्यरत थे और उनके उदय ने दिल्ली की सत्ता पर तुर्की एकाधिकार को समाप्त किया।
4. निम्नलिखित में से किस सुल्तान ने एक नगर बसाया जहां अब आगरा है?
(a) मुहम्मद बिन तुगलक
(b) फिरोज तुगलक
(c) बहलोल लोदी
(d) सिकंदर लोदी
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
U.P.P.C.S. (Pre) 1993
उत्तर – (d)
सिकंदर लोदी ने 1504 ई. में यमुना नदी के तट पर आगरा नगर की स्थापना की और उसे दिल्ली सल्तनत की राजधानी बनाया। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य राजस्थान के राजपूत शासकों पर सैन्य एवं प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करना था। सिकंदर लोदी एक कुशल प्रशासक था — उसने ‘गज-ए-सिकंदरी’ नामक मापन पैमाने का प्रचलन किया और ‘गुलरुखी’ उपनाम से फारसी कविताएं भी लिखीं।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सिकंदर लोदी ने संगीत पर प्रतिबंध लगाया था और वह धार्मिक दृष्टि से कट्टर था — उसने हिंदू मंदिरों को तोड़ने के आदेश दिए। इसके बावजूद उसके शासनकाल में आयुर्वेद के एक प्रमुख ग्रंथ का फारसी में ‘फरहंग-ए-सिकंदरी’ नाम से अनुवाद कराया गया।
5. दिल्ली की राजगद्दी पर अफगान शासकों के शासन का निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही कालानुक्रम है?
(a) सिकंदर शाह – इब्राहिम लोदी – बहलोल खान लोदी
(b) सिकंदर शाह – बहलोल खान लोदी – इब्राहिम लोदी
(c) बहलोल खान लोदी – सिकंदर शाह – इब्राहिम लोदी
(d) बहलोल खान लोदी – इब्राहिम लोदी – सिकंदर शाह
I.A.S. (Pre) 2006
उत्तर – (c)
लोदी वंश के तीनों अफगान शासकों का दिल्ली की गद्दी पर बैठने का सही क्रम इस प्रकार है — (1) बहलोल खान लोदी (1451–1489 ई.) जो वंश के संस्थापक थे, (2) सिकंदर लोदी (1489–1517 ई.) जो सबसे कुशल प्रशासक माने जाते हैं, और (3) इब्राहिम लोदी (1517–1526 ई.) जो वंश के अंतिम शासक थे। इस प्रकार सही उत्तर विकल्प (c) है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बहलोल लोदी ने सुल्तान की उपाधि धारण करते हुए भी अफगान सरदारों के साथ बराबरी का व्यवहार किया — वह उनके साथ एक आसन पर बैठता था, जो पूर्व के तुर्क सुल्तानों की निरंकुश परंपरा से बिल्कुल भिन्न था। सिकंदर लोदी को ‘लोदी वंश का महानतम सुल्तान’ माना जाता है।
6. महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को किस युद्ध में परास्त किया था?
(a) खातोली का युद्ध
(b) सारंगपुर का युद्ध
(c) सिवाना का युद्ध
(d) खानुआ का युद्ध
R.A.S. / R.T.S (Pre) 2012
उत्तर – (a)
1518 ई. में राजस्थान के खातोली (वर्तमान कोटा जिले के निकट) नामक स्थान पर मेवाड़ के शक्तिशाली शासक महाराणा सांगा (संग्रामसिंह) और दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी के बीच युद्ध हुआ, जिसमें इब्राहिम लोदी बुरी तरह पराजित हुआ। यह युद्ध इस बात का प्रमाण था कि इब्राहिम लोदी का साम्राज्य भीतर से कमजोर हो चुका था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: महाराणा सांगा उस समय के सबसे शक्तिशाली हिंदू राजा थे — उनके शरीर पर 100 से अधिक युद्ध के घाव थे, एक आँख और एक हाथ खो चुके थे, फिर भी वे निरंतर युद्ध करते रहे। इब्राहिम लोदी की आंतरिक कमजोरी का लाभ उठाते हुए ही महाराणा सांगा ने बाबर को भारत पर आक्रमण करने का न्योता भेजा था, हालाँकि बाद में खानुआ (1527 ई.) में बाबर ने सांगा को भी पराजित कर दिया।
7. दिया गया मानचित्र किस लोदी सुल्तान से संबंधित है और मानचित्र में A से चिह्नित स्थान किस नगर को निरूपित करता है?
लोदी वंश
(a) बहलोल लोदी, जौनपुर
(b) सिकंदर लोदी, अलीगढ़
(c) इब्राहिम लोदी, जौनपुर
(d) इब्राहिम लोदी, अलीगढ़
I.A.S. (Pre) 1999
उत्तर – (a)
प्रश्न में दिया गया मानचित्र बहलोल लोदी के साम्राज्य विस्तार को दर्शाता है। मानचित्र में ‘A’ से चिह्नित नगर जौनपुर है। बहलोल लोदी ने जौनपुर के शर्की सुल्तानों से लंबे समय तक संघर्ष किया और अंततः 1479 ई. में जौनपुर को दिल्ली सल्तनत में मिला लिया। जौनपुर को ‘पूरब का शिराज’ या ‘भारत का शिराज’ कहा जाता था क्योंकि यह विद्या और संस्कृति का प्रमुख केंद्र था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: जौनपुर की स्थापना फिरोज तुगलक ने 1360 ई. में अपने चचेरे भाई जूना खाँ (मुहम्मद बिन तुगलक) की स्मृति में की थी। जौनपुर के शर्की सुल्तानों के काल में वहाँ एक विशेष स्थापत्य शैली विकसित हुई जिसे ‘जौनपुरी शैली’ कहते हैं, जिसके उत्कृष्ट उदाहरण अटाला मस्जिद और जामा मस्जिद हैं।
8. निम्न में से किसने ‘गुलरुखी’ उपनाम से अपनी कविताओं की रचना की?
(a) फिरोजशाह तुगलक
(b) बहलोल लोदी
(c) सिकंदर लोदी
(d) इब्राहिम लोदी
U.P.P.C.S. (Mains) 2015
उत्तर – (c)
सिकंदर लोदी एक प्रतिभाशाली कवि था जो ‘गुलरुखी’ उपनाम (तख्खल्लुस) से फारसी भाषा में कविताएं लिखता था। ‘गुलरुखी’ का अर्थ है ‘फूल जैसे चेहरे वाला’। उसने फारसी काव्य की परंपरा को प्रश्रय दिया और दरबार में विद्वानों को संरक्षण दिया। यह उल्लेखनीय है कि एक ओर वह धार्मिक रूप से कट्टर था, तो दूसरी ओर साहित्य और कला का पोषक भी था।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सिकंदर लोदी के दरबार में ‘लज्जत-ए-सिकंदरशाही’ नामक संगीत ग्रंथ की रचना हुई, हालाँकि स्वयं सिकंदर ने संगीत पर प्रतिबंध लगाया था। उसके आदेश से आयुर्वेद के एक प्रसिद्ध संस्कृत ग्रंथ का फारसी में अनुवाद ‘फरहंग-ए-सिकंदरी’ के नाम से किया गया, जो चिकित्सा ज्ञान के प्रसार में महत्वपूर्ण था।
9. किस मध्ययुगीन सुल्तान को आगरा शहर की नींव डालने एवं उसे सल्तनत की राजधानी बनाने का श्रेय जाता है?
(a) इल्तुतमिश
(b) मोहम्मद बिन तुगलक
(c) फिरोजशाह तुगलक
(d) सिकंदर लोदी
U.P.P.C.S. (Mains) 2008
U.P.P.C.S. (Mains) 2011
उत्तर – (d)
आगरा नगर की स्थापना सिकंदर लोदी ने 1504 ई. में यमुना नदी के किनारे की और इसे दिल्ली सल्तनत की नई राजधानी घोषित किया। यह निर्णय रणनीतिक था — दिल्ली की तुलना में आगरा राजस्थान और मध्य भारत के विद्रोही राजपूत राजाओं पर नियंत्रण रखने के लिए अधिक उपयुक्त स्थान था। इस प्रकार आगरा का राजनीतिक महत्व लोदी काल से ही आरंभ हुआ।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: बाद में आगरा मुगल साम्राज्य की भी प्रमुख राजधानी बनी। अकबर ने 1571 ई. तक आगरा से शासन किया और यहाँ आगरा का किला (लाल किला) बनवाया। शाहजहाँ के काल में आगरा में ताजमहल (1632–1653 ई.) का निर्माण हुआ, जो आज विश्व के सात अजूबों में से एक है।
10. निम्नलिखित में से किसने आगरा की स्थापना की थी?
(a) बलबन ने
(b) बहलोल लोदी ने
(c) सिकंदर लोदी ने
(d) फिरोज तुगलक ने
U.P.P.C.S. (Pre) 2011
U.P.P.C.S. (Pre) 2004
U.P. U.D.A./L.D.A. (Mains) 2010
U.P.P.C.S. (Mains) 2005
उत्तर – (c)
आगरा की स्थापना सिकंदर लोदी ने 1504 ई. में की थी। यमुना नदी के किनारे बसे इस नगर को उसने दिल्ली सल्तनत की राजधानी बनाया। सिकंदर लोदी के बाद यह नगर मुगल काल में और अधिक विकसित हुआ तथा भारतीय इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र बन गया। बलबन और फिरोज तुगलक दोनों आगरा की स्थापना से बहुत पहले हुए थे और उनका इस नगर से कोई संबंध नहीं है।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: पानीपत के प्रथम युद्ध (1526 ई.) के बाद बाबर ने आगरा पर अधिकार कर लिया और इसे मुगल साम्राज्य की राजधानी बनाया। बाबर ने यहाँ ‘आराम बाग’ (रामबाग) की स्थापना की जो भारत में मुगल शैली का पहला बाग माना जाता है।
11. आगरा नगर की स्थापना किस शासक ने की?
(a) सिकंदर लोदी
(b) अकबर
(c) फिरोज तुगलक
(d) शाहजहां
Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2018
उत्तर – (a)
आगरा नगर की स्थापना सिकंदर लोदी ने 1504 ई. में की थी। अकबर, शाहजहाँ और फिरोज तुगलक — इनमें से कोई भी आगरा का संस्थापक नहीं था। अकबर ने आगरा में प्रसिद्ध ‘आगरा का किला’ बनवाया और शाहजहाँ ने ताजमहल का निर्माण करवाया, किंतु नगर की नींव तो सिकंदर लोदी ने डाली थी। फिरोज तुगलक तो सिकंदर लोदी से लगभग डेढ़ सदी पहले हुए थे।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: सिकंदर लोदी ने आगरा को केवल राजधानी ही नहीं बनाया, बल्कि इसे एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र के रूप में भी विकसित किया। उसने व्यापार को प्रोत्साहन देने के लिए अनाज पर से जकात (कर) समाप्त कर दी, जिससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली और नगर की समृद्धि बढ़ी।
12. निम्नलिखित सुल्तानों में से कौन अन्न के ऊपर कर समाप्त करने के लिए जाना जाता है?
(a) अलाउद्दीन खिलजी
(b) गियासुद्दीन तुगलक
(c) फिरोज तुगलक
(d) सिकंदर लोदी
U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl.) (Pre) 2010
उत्तर – (d)
सिकंदर लोदी ने अनाज पर लगने वाले ‘जकात’ (इस्लामिक संपत्ति कर) को समाप्त कर दिया, जिससे किसानों और व्यापारियों को भारी राहत मिली और अनाज का व्यापार सुगम हो गया। इसके अतिरिक्त उसने भूमि मापन के लिए ‘गज-ए-सिकंदरी’ नामक एक मानक पैमाने का प्रचलन किया। इस पैमाने का उपयोग बाद में शेरशाह सूरी और अकबर ने भी अपने-अपने शासनकाल में किया।
📌 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने अनाज पर कर समाप्त करने के बजाय उल्टे कड़े मूल्य-नियंत्रण (बाजार सुधार) लागू किए थे — उसने अनाज का अधिकतम मूल्य सरकार द्वारा निश्चित किया, जो एक अलग प्रकार का नियंत्रण था। सिकंदर लोदी की कर-मुक्ति नीति उदार आर्थिक दृष्टिकोण का परिचय देती है जो उसके शासनकाल में सल्तनत की आर्थिक समृद्धि का एक प्रमुख कारण रही।

📚 Chapters

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Swipe left/right to change content

    Share This Page

    WhatsApp Telegram