इतिहास का संपूर्ण कालक्रम : एक सारांश

भारतीय इतिहास प्राचीन भारत इतिहास का संपूर्ण कालक्रम

सहस्राब्दी का अर्थ   हज़ार वर्षों का समूह
1 मिलियन वर्ष   10 लाख वर्ष
ईसा पूर्व   ईसा मसीह के जन्म से पहले का समय
ईस्वी   ईसा मसीह के जन्म के बाद का समय
शताब्दी/सदी   100 वर्षों का समय
BP   Before the Present
BC  Common Era/Before Christ
AD   Anno Domini

BP


4600 मिलियन वर्ष पूर्व  पृथ्वी की रचना
3500 मिलियन वर्ष पूर्व  जीवन की उत्पति
200 मिलियन वर्ष पूर्व  मेसोजोइक युग (डायनोसर का स्वर्ण युग)
65 मिलियन वर्ष पूर्व   स्तनधारी जीवों की उत्पति
30 करोड़ वर्ष पूर्व  पृथ्वी पर प्रथम मानव (एक लंगूर के रूप में )
6 करोड़ वर्ष  पृथ्वी पर होमिनिड्स (दक्षिणी और पूर्वी अफ्रीका) की उपस्थिति
5.5-1.5 करोड़ वर्ष  पृथ्वी पर आस्ट्रेलोपेथिकस का आना
4 करोड़ वर्ष भारतीय उपमहाद्वीप का उदय
2.2 करोड़ वर्ष  पाकिस्तानी पंजाब के पोतवार पठार की शिवालिक पहाड़ी क्षेत्र में रामपिथिकस और शिवपिथिकस की खोपड़ी
2 करोड़-12,000 नवयुग (हिमयुग)
तीसरी-दूसरी सहस्राब्दि मध्य एशिया में शुष्कता और हिमीकरण का तापमान चरम पर
2 करोड़ वर्ष अफ्रीका में निचला पुरापाषाण-युग
60 लाख काला सागर क्षेत्र में पालतू घोड़े
50 लाख मेसोपोटामिया में लोहा
30 लाख अनातोलिया में लोहा। मिस्र में लोहा
20 लाख -1200 हिमालय उत्थान का अन्तिम चरण
20 लाख उत्तरार्द्ध राजस्थान और कर्नाटक में ताम्र-पाषाण काल के दौरान लौह, इण्डो-ईरानी एण्ड्रोनोवा संस्कृति ने पूरे मध्य एशिया को ढंक लिया
6 लाख – 1.5 लाख भारत में निचला पुरापाषाण-युग
2.3 लाख -30 हजारसहस्राब्दि वर्ष  पृथ्वी पर होमो सेपियन्स की उपस्थिति
2-1.5 सहस्राब्दि वर्ष  पृथ्वी पर होमो हाबिलिस की उपस्थिति (पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका)
1.8-1.6 सहस्राब्दि वर्ष  पृथ्वी पर होमो इरेक्टस की उपस्थिति। पत्थर की बनी प्राथमिक हाथ कुल्हाड़ी। आग की खोज।
1.15 लाख वर्ष  दक्षिणी अफ्रीका में होमो सेपियन्स सेपियन्स (आधुनिक मानव) की उपस्थिति
1.5 लाख – 35 हजार भारत में मध्य पुरापाषाण-युग

ईसा पूर्व (BC)


50,000 भाषा की उत्पत्ति, ऑस्ट्रिक लोगों का भारत आगमन
35 हजार – 10 हजार भारत में ऊपरी पुरापाषाण-युग
700,000 नर्मदा घाटी से होमो सेपियन्स की पुरानी खोपड़ी
34,000 श्रीलंका में जीवाश्मों में होमो सेपियन्स सेपियन्स
30,000 द्रविड़ियन का भारत आगमन
12,000   वर्तमान तक अभिनव युग (उत्तर-हिमयुग)
1000-500 ऊपरी गंगा में ब्राह्मण नामक उत्तर-वैदिक ग्रन्थ का संकलन। करीब 700 चित्रित भूरे बर्तन स्थलों का अस्तित्व। लोगों ने लोहे के औजार का इस्तेमाल किया और प्रमुख फसलों के रूप में चावल और गेहूँ की खेती शुरू हुई
9000 – 4000  भारत में मध्य पाषाण-युग संस्कृति
1200 पश्चिमी एशिया के शासकों द्वारा उपहार स्वरूप लोहे का इस्तेमाल
9000 पश्चिम एशिया में नवपाषाण-युग की शुरुआत, विश्व स्तर पर कोई भी प्रमुख जलवायु परिवर्तन नहीं
7000-6000 राजस्थान (सांभर) में पौधों की खेती की शुरुआत
7000 भारतीय उपमहाद्वीप में नवपाषाण बस्तियाँ, मेहरगढ़ और बुर्जहोम में भारत के प्राचीनतम कृषि एवं पशुपालन अवशेष
5000 भारत में पशुपालन का प्रथम साक्ष्य, विन्ध्य के उत्तर में नवपाषाण स्थल
5000-4000बागोर (भीलवाड़ा) तथा आदमगढ़ (होशंगाबाद) के निकट भेड़-बकरी पालन के प्रथम अवशेष।
6000मेहरगढ़ और बुर्जहोम में भारत के प्राचीनतम कृषि एवं पशुपालन अवशेष।
पाँचवीं सहस्राब्दि अनाज का अस्तित्व, मिट्टी की ईंटों का उपयोग
4000 चोलिस्तान (पाकिस्तान) में पूर्व-हड़प्पा बस्ती
4000 ब्रहुई (दविड़ियन) बोलने वालों का भारत आगमन
4000-3000कृषक एवं पशुपालक सभ्यताएँ।
3000-2000 सिन्धु और सरस्वती में भारी बारिश और पानी का प्रवाह
2800-2200 गणेश्वर के संगठित होने का समय (राजस्थान)
2700 कश्मीर में सबसे प्राचीन नवपाषाण बस्तियों का काल
2500 दक्षिण भारत में प्राचीनतम नवपाषाण बस्तियाँ
2500-1900 विकसित हड़प्पा संस्कृति
2350-1750 रेडियो कार्बन तिथि निर्धारण के आधार पर हड़प्पा सभ्यता का समय।
2300 काकेशिया क्षेत्र में पाए गए स्पोक वाले पहिये
2100-1500 अहर ताम्र-पाषाण संस्कृति (बनास घाटी, राजस्थान)
2000 से आगे काले और लाल बर्तन का व्यापक उपयोग
2000 चिरान्द के नवपाषाण चरण के लिए प्राचीनतम काल, शक्तिशाली राज्य एलाम का उदय। सुरकोतड़ा में घोड़े का अवशेष
2000-1800 कयथ ताम्र-पाषाण संस्कृति (मध्य प्रदेश)
2000-1500 गेरू रंग के बर्तनों की संस्कृति
1900-1200 उत्तर-शहरी हड़प्या संस्कृति
1900 हड़प्पा नगर गायब हो गए
1900-1500 गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हड़प्पा संस्कृति का क्षरण काल
1900-1700 अनातोलिया में हित्ती अभिलेखों में भारोपीय भाषा के नमूने
1800 लोथल में चावल का उपयोग, कर्नाटक में स्वर्ण-प्राप्ति के पहले संकेत
1700 यमुना और सतलज का सरस्वती से दुराव। बलूचिस्तान में घोड़े और बैक्ट्रीयन ऊँट का अस्तित्व
1700-1200 नवदाटोली, एरन और नगदा (मध्य प्रदेश) में मालवा संस्कृति
1500-1200 वैदिक लोगों के एक समूह का भारतीय उपमहाद्वीप में आगमन
1600 इराक के कसित अभिलेखों में आर्यों के नाम
1600-1000 भगवानपुर के चित्रित भूरे बर्तन और बाद के हड़प्पा बर्तनों का काल
1500 गिलुन्द में ताम्न-पाषाण युगीन पकी ईंटें (राजस्थान), भारत में आर्यों का आगमन
1500-1000 ऋग्वेद काल
1400-700 जोरवे संस्कृति (महाराष्ट्र)
1400 जेण्ड अवेस्ता।, ग्रीस के मायसीनियन अभिलेख में भारोपीय भाषा
14 शताब्दी सीरिया में मितान्नी अभिलेखों में आर्यों के नाम
1200 से आगे पश्चिम भारत में ताम्र-पाषाण बस्तियों का अवसान
1200 मध्य और पूर्वी भारत में कई ताम्र-पाषाण स्थल
1000-500 उत्तर वैदिक काल, आर्यों का पूर्वी गंगा मैदान में विस्तार, यजुर्वेद, अथर्ववेद, ब्राह्मण ग्रन्थों और आरण्यक की रचना, वर्ण व्यवस्था का बीजारोपण, लौह धातु का प्रयोग प्रारम्भ।
1000 दक्षिणी और पूर्वी भारत में नवपाषाणकालीन बस्तियों के नवीनतम प्रमाण, खेतरी ताम्र इलाके का सबसे प्राचीन समय
1000 से पूर्व पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार में ताम्बे के औजार
1000 गान्धार क्षेत्र, बलूचिस्तान, पूर्वी पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश और राजस्थान में लोहे का इस्तेमाल, महापाषाणिक संस्कृति की शुरुआत
1000 ऋग्वेद का अगला हिस्सा।
1000-800 यजुर्वेद, अथर्ववेद और सामवेद।
1050 ई०पू० -256 ई०पू०   चीन वंश (कन्फ्यूशियस, लाओ-त्से),
900-800 होमर का ओडिसी और इलियड।
950 महाभारत युद्ध(अपवाद : 5000 ई. पू. )
900-500 हस्तिनापुर से जुड़े शहर के बनने की शुरुआत
850तेइसवें तीर्थकर पार्श्वनाथ के जन्म का परंपरागत वर्ष।
800 पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्यतः लोहे का इस्तेमाल, महर्षि व्यास के द्वारा महाभारत महाकाव्य की रचना, आर्यों का दक्षिण-पूर्व (बंगाल) की ओर विस्तार, रामायण का प्रथम वृत्तान्त।
800–500 ब्राह्मण, अरण्यक और उपनिषद्।
700 पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्राचीनतम लौह उपकरण
7-6 शताब्दी पटना में लकड़ी के बने सबसे पुराने घेरे
600 से पूर्व उत्तर-पूर्व भारत में लोग झीलों और नदियों के किनारे रहते थे
600-300 श्रौतसूत्र और गृह्यसूत्र के सिद्धान्त ।
600-500 मध्य गंगा के मैदानी इलाकों में कुछ लौह कुल्हाड़ियाँ
600-550सोलह महाजनपदों का उदय, उपनिषदों की रचना, आर्यों का दक्षिण विस्तार, आर्य सभ्यता में कर्मकाण्डीय अनुष्ठान प्रतिष्ठित।
छठी शताब्दी चार्वाक का लोकायत और भौतिकवादी दर्शन।
6ठी शताब्दी बसढ़ (वैशाली) नहीं बसा था, चार्वाक का लोकायत या भौतिकवादी दर्शन
6ठी शताब्दी उत्तर-पूर्व भारत में, स्वतन्त्र रियासत और गणराज्य का पान साम्राज्य में विलय
6ठी शताब्दी के बाद बड़े राज्यों (महाजनपदों) के बीच संघर्ष
6ठी शताब्दी का अन्त गंगा के मैदानी इलाकों में बस्तियों का उदय
500-200 गौतम, अपस्तम्ब, बौद्धायन और वशिष्ठ के धर्मसूत्र।
500 – सन् 300 भौतिकवादी दर्शन का विकास
500 सुल्वसूत्र, दीर्घ निकाय,, गंगा मैदानों में कई ग्रामीण और शहरी बस्तियों का उदय, शिल्प और खेती में लोहे के औजारों के उपयोग ने समतावादी से वैदिक समाज में पूरी तरह से कृषि और जाति-विभाजित सामाजिक व्यवस्था निर्माण की परिस्थितियाँ तैयार की
5वीं शताब्दी भारतीय समाज में चाण्डाल दिखाई दिए, सुल्वसूत्रों ने माप और ज्यामितीय ज्ञान दिया। पाणिनी ने संस्कृत के नियमों को व्यवस्थित किया और अष्टाध्यायी की रचना की, मध्य गंगा घाटी में पहला नगर, पहले सिक्के
580 सांख्य प्रणाली के संस्थापक, कपिल का जन्म
563 बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा बुद्ध का जन्म
563-483बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध का जीवन काल।
516ईरान के शासक डेरियस प्रथम का भारत पर प्रथम विदेशी आक्रमण।
544-412हर्यक वंश बिम्बिसार, अजातशत्रु, उदयिन।
540 जैन धर्म के संस्थापक वर्द्धमान महावीर का जन्म।
540-468जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक (24वें तीर्थंकर) वर्द्धमान महावीर का जीवन काला
527 महावीर की पारम्परिक मृत्यु
516 पंजाब और सिन्ध पर ईरानी शासक डेरियस का कब्जा (भारत पर पहला सफल आक्रमण)
500 इससे पहले कपिलवस्तु की राजधानी, पिपरहवा में कोई आवास नहीं आधारित शहरों में अतिरिक्त अनाज की उपलब्धता
500-200 धर्मसूत्र
500कौशाम्बी, श्रावस्ती, वाराणसी, वैशाली और राजगढ़, कोशल और विदेह में वैदिक लोगों का विस्तार
500 से आगे गंगा के समतल मैदानों में लोहे के औजारों का व्यापक उपयोग और बस्तियों का निर्माण, प्राकृत, पालि और अपभ्रंश भाषा सहित मध्य इण्डो-आर्यन का प्रारम्भ
चौथी शताब्दी ईरानी साम्राज्य पर यूनानियों की विजय, चौथी ,मेगस्थनीज द्वारा इण्डिका, मगध के नन्दों का कलिंग पर विजय।
492-60 मगध में अजातशत्रु का शासन
483 प्रथम बौद्ध संगीति, राजगृह में।
460-44 मगध में उदयिन का शासन। उदयिन द्वारा गंगा और सोन के संगम पर किले का निर्माण
487 एक परम्परा के अनुसार 80 साल की आयु में बुद्ध की मृत्यु
468 एक परम्परा के अनुसार, 72 वर्ष की आयु में महावीर की मृत्यु
450 पाणिनी का व्याकरण, पाणिनि का व्याकरण (अष्टाध्ययी)।
412-344शिशुनाग वंश की स्थापना एवं विस्तार,अवन्ति के प्रद्यौत वंश का मगध साम्राज्य में विलय।
383द्वितीय बौद्ध संगीति, वैशाली में।
344महापद्मनन्द द्वारा मगध में नंदवंश की स्थापना।
तीसरी शताब्दी कलिंग पर अशोक की विजय। शिशुपालगढ़ समझौते का उदय, उड़ीसा में लेखन का ज्ञान, खगोल विज्ञान और औषधि का स्वतन्त्र विकास। अशोक के अभिलेखों से प्राप्त सूचनानुसार भारतीय अंक को अंग्रेजी में अरबी कहते हैं, जबकि अरबों द्वारा हिन्द कहा जाता है
326 भारत पर सिकन्दर का आक्रमण
326-5 उन्नीस महीनों तक सिकन्दर भारत में रहा
322 चन्द्रगुप्त मौर्य का राज्याभिषेक
323  सिकन्दर की बेबीलोन में मृत्यु।
323 चन्द्रगुप्त मौर्य द्वारा मौर्य वंश की स्थापना।
323   सिकंदर की मृत्यु
322  घनानंद के साथ चन्द्रगुप्त मौर्य का युद्ध
315   इण्डिका के लेखक तथा सेल्युकस (यूनानी शासक) के दूत मेगस्थनीज़ का भारत में आगमन।
305   सिकंदर के सेनापति सेल्युकस का चन्द्रगुप्त मौर्य के साथ युद्ध
3 शताब्दी-3ईस्वी  ईरानी लेखकों द्वारा खरोष्ठी लिपि भारत में लाई गयी
300 अकाल और मगध से दक्षिण भारत तक जैन प्रवास, उत्तरी भारत में पकी ईंटों का उपयोग। ब्राह्मी लिपि में लेखन, सुत्तनिपात।
300 – सन् 100 कौटिल्य का अर्थशास्त्र।
300 – सन् 600 संगम साहित्या
269  अशोक का राज्याभिषेक , मौर्यवंश का स्वर्णयुग
दूसरी शताब्दी बादरायण के ब्रह्मसूत्र का संकलन, मिलिन्द पान्हों (मेनैण्डर के प्रश्न), द गारलैण्ड ऑफ मदुरै (अंग्रेजी में अनूदित तमिल ग्रन्थ)
दूसरी शताब्दी – सन् 7वीं शताब्दी अजन्ता गुफा का निर्माण
298  बिन्दुसार शासक बना।
273-32 अशोक का शासनकाल
272-268 अशोक तथा उसके भाइयों के बीच उत्तराधिकार युद्ध।
269 अशोक शासक बना।
268-232 अशोक का शासन काल।
262-261 कलिंग युद्ध
257 उपगुप्त द्वारा अशोक बौद्ध धर्म में दीक्षित।
251 तृतीय बौद्ध संगीति।
247-10 सिं हुआंग ती, चीनी शासक का काल
232 अशोक द्वारा सत्ता का त्याग,मगध साम्राज्य का विघटन, कुणाल शासक बना।
220 चीनी साम्राज्य को आक्रमणों से बचाने के लिए चीनी शासक सिं हुआंग ती द्वारा चीन की महान दीवार का निर्माण
221-206  चि-इन वंश (चीन की बड़ी दीवार का निर्माण)
200 यूनानियों का भारत में आगमन, भगवतवाद या कृष्ण पन्थ का उभार।
दूसरी शताब्दी कृष्ण को नारायण के साथ मिलाया गया और इन्हें नारायण-विष्णु के रूप में जाना जाने लगा , दक्षिण-पूर्वी बंगाल में लोगों को प्राकृत और ब्राह्मी लिपि का ज्ञान
200 इस काल में मध्य गंगा के मैदानी इलाकों में इस्पात की वस्तुओं का होना, मध्य एशिया के साथ घनिष्ट और व्यापक सम्पर्क की शुरुआत, उज्जैन ने इसके बाद मनकों, सुलेमानी एवं कार्नेलियन पत्थरों का निर्यात किया। पत्थर, शिप्रा नदी की तलहटी से निकाला गया
200-सन् 250 शकों, कुषाणों, सातवाहनों और प्रारम्भिक तमिल राज्यों के काल में शिल्प और वाणिज्य में वृद्धि हुई। भारत और पूर्वी रोमन साम्राज्य के बीच व्यापार विकसित हुआ 200-सन् 300 सिक्कों की सबसे अधिक संख्या
दूसरी शताब्दी बोधगया, साँची और भरहुत में सबसे प्राचीन बौद्ध मूर्ति, इण्डो-यूनानियों ने उत्तर-पश्चिम के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया, शून्य की खोज। वेदियों के निर्माण के लिए व्यावहारिक ज्यामिति पर अपस्तम्ब का लेखन। इस्पात निर्माण की खोज
200-सन् 300 दक्कन पर सातवाहनों का प्रभुत्व और तमिल राज्यों का दक्षिणी तमिलनाडु पर प्रभुत्व। आन्ध्र और कर्नाटक में, अशोक से भिन्न, प्राकृत में लिखे अभिलेख
190-171 यवन शासक डेमेट्रियस का राज्यकाल।
185 पुष्यमित्र शुंग द्वारा मौर्य साम्राज्य का विनाश, अंतिम मौर्य शासक वृहद्रथ की हत्या, शुंग वंश की स्थापना।
165 कलिंग शासक खारवेल द्वारा पाण्ड्य, चोल राज्य पर विजय
165-145 मिनाण्डर या मिलिण्डा का काल।
150 पतंजलि का महाभाष्य, शकों, पार्थियनों और कुषाणों की गतिविधियों के कारण स्थलीय आवागमन एवं व्यापार बाधित हुए।
145 चोल राजा एलारा की श्रीलंका के शासक असेल पर विजय
128 यूची आक्रमण के भय से शक क़बीलों का भारत में पंजाब से प्रवेश।
75 शुंग वंश के अन्तिम सम्राट देवभूति की हत्या, वसुदेव के द्वारा कण्व वंश की स्थापना।
60  सिमुक द्वारा आन्ध्र में सिमुक द्वारा आंध्र सातवाहन वंश की स्थापना।
58-57 उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने शक को हराया और इस समय से विक्रम संवत नामक एक नए संवत की शुरुआत हुई।
22 रोम के शासक आगस्टस के दरबार में पाण्ड्य राजदूत पहुँचा, चोल, पाण्ड्यों का रोम से व्यापारिक सम्बन्ध।
6 साहित्यानुसार महावीर और बुद्ध
5 पुरातत्व के सन्दर्भ में महावीर और बुद्ध
3 भारत में स्पष्ट करने योग्य लेखन
पहली शताब्दी महानदी के दक्षिण, कलिंग में, खारवेल ने मजबूत राज्य की स्थापना की और मगध तक पहुँचे
पहली शताब्दी से आगे बौद्धों ने मूर्ति पूजा शुरू की, बुद्ध की शृंखलाबद्ध मूर्तियों का निर्माण प्रारम्भ
2-1 शताब्दी श्रीलंका में ब्राह्मी अभिलेख प्राप्त
1 कलिंग के खारवेला का हाथीगुंफा शिलालेख हाथीगुंफा इन्स्क्रिप्टी खारवेला
1 श्रीलंका में हाल-फिलहाल में पालि बौद्ध ग्रन्थ संकलित

ईस्वी वर्ष I(AD)


1 -2 शताब्दी दक्कन में धान का रोपाई
पहली शताब्दी ईसाई धर्म का आगमन, मानसून की खोज, महावस्तु, मुख्यत: समुद्री मार्ग से व्यापार का संचालन, शीशा गलाने का ज्ञान भारत तक पहुँचा।
पहली-दूसरी शताब्दी कुषाण काल के दौरान उत्तर भारत में समृद्ध शहर अरिकमेण्डु और तिरुचिरापल्ली में रंगाई कुण्ड
पहली-तीसरी शताब्दी मेसोपोटामिया पर रोम की विजय और वह रोमन प्रान्त का अधीन हो गया
पहली-दूसरी शताब्दी उड़ीसा ने मोती, हाथी दाँत और मलमल का व्यापार किया।
पहली-पाँचवीं शताब्दी अजन्ता के चित्रों का काल
1  कौटिल्य का अर्थशास्त्र संकलित
दूसरी शताब्दी सुश्रुत और चरक
4  सबसे पुराना भारतीय पाण्डुलिपि मध्य एशिया में उपलब्ध
5  फहियान का भारत आगमन
6  अन्ततः वलभी में प्राकृत जैन ग्रन्थ संकलित
7  वेनसांग की यात्रा, बाणभट्ट द्वारा हर्षचरित की रचना
11 अतुला द्वारा मुशिका वंश की नींव
11-12 बिल्हन द्वारा विक्रमांकदेवचरित की रचना
12  सन्ध्याकर नन्दी द्वारा रामचरित कल्हन द्वारा राजतरंगिणी की रचना
14-15 रोमन संत सेंट थॉमस (ईसाई धर्म) का भारत आगमन।
14-15 कुषाणों (यूची का तोचारियन) का भारत में प्रवेश।
22 रोमन लोगों द्वारा पूर्व से काली मिर्च की महँगी खरीद के विरुद्ध विरोध
27-8 रोमन सम्राट अगस्टस के दरबार में भारतीय दूत भेजे गए
45 कुषाणों का भारत में प्रवेश, कुजुल कदफिसेस द्वारा भारत में कुषाण वंश की स्थापना। ।
65 चीनी सम्राट का बौद्ध ग्रंथों के लिए भारत में प्रतिनिधि भेजना।
77 लैटिन में प्लीनी की नेचुरल हिस्ट्री का समय
78 कुषाण शासक कनिष्क द्वारा शक संवत् का प्रारम्भ जिसे भारत सरकार द्वारा प्रयोग में लाया जाता है।
78-100 कनिष्क का काल, चौथी बौद्ध संगीति का (कश्मीर में) आयोजन।।
100 अश्वघोष द्वारा ‘सौन्दरानन्द’ तथा ‘बुद्धचरित’ एवं कुमारलाट के द्वारा ‘कल्पमंदितिका’ की रचना।
80-115 द पेरिप्लस ऑफ द इरिथ्रियन सी।
86-128 गौतमीपुत्र शातकर्णी तथा वशिष्ठीपुत्र पुलुमावी के अधीन सातवाहनों का पुनरुत्थान।
100-200 संगम युग, करिकाल का शासन (त्रिचरापल्लि के निकट कावेरी नदी पर सिंचाई बाँध का निर्माण)।
दूसरी शताब्दी महाराष्ट्र में, बौद्ध धर्मावलम्बियों ने भिक्षुओं के लिए वस्त्रों और अन्य आवश्यकताओं के पूर्ति हेतु कारीगरों के विभिन्न मण्डलों के पास पैसे जमा किए। कुषाणों के अधीन उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग और रोमन साम्राज्य के पूर्वी भाग के बीच व्यापार।
100-300 विष्णुधर्मसूत्र या विष्णुस्मृति।
दूसरी शताब्दी संगम साहित्य के कुछ अंशो की रचना।
106-30 ई. गौतमीपुत्र सतकर्णी काल
110-20 रोमन सम्राट ट्राजन के पास भारत से दूत भेजे गए
130-150 पश्चिम भारत का महान शक क्षत्रप रुद्रदामन प्रथम।
130-50 शक शासक रुद्रदमन प्रथम का शासनकाल
165-94 ई. सातवाहन राजवंश के अन्तिम महान राजा यज्ञ श्री सतकर्णी का काल
130-54 ई. वशिष्ठिपुत्र पुलुमयी काल
150 टॉलमी का भूगोल, जूनागढ़ के रुद्रदमन अभिलेख में काव्य शैली का सबसे प्रारम्भिक शताब्दी मथुरा कला विधा का विकास
दूसरी शताब्दी करीमनगर जिले के पेद्दबाँकुर में पक्की ईंटों वाले बाईस कुएँ, अमरावती स्तूप का पुनर्निर्माण, बादरायण के ब्रह्मसूत्र का संकलन , शासकीय वर्ग द्वारा संस्कृत का इस्तेमाल जारी
200-400 मनु की कानून-संहिता (मनुस्मृति)।
220 ई. सातवाहन साम्राज्य का अन्त
230 उत्तर-पश्चिम भारत में कुषाण शासन का अन्त अफगानिस्तान और सिन्धु के पश्चिम में ईरान के ससैनियन शक्ति द्वारा कुषाण साम्राज्य का खात्मा व ससैनियन , उत्तर भारत में कुषाण सत्ता का अन्त। सन् 250 तक मुरुण्डों ने शासन किया
225 विंध्यशक्ति द्वारा वाकाटक शासन की स्थापना
226  पर्शिया में सासानियन वंश की स्थापना।
250 सातवाहन साम्राज्य का विघटन,नासिक में त्रैकुटकर वंश की स्थापना।
240-280 गुप्त वंश की स्थापना (श्रीगुप्त शासक)
275 गुप्त राजवंशों ने सत्ता हासिल की
280-319 घटोत्कच सिंहासनारूढ़।
300-888 कांची में पल्लवों का शासनकाल।
300 भास के तेरह नाटक दरिद्र चारुदत्त, मृच्छकटिक के रूप में पुनरावृति।
300 -600 संगम साहित्य और वायु, विष्णु, मार्कंडेय और मत्स्य पुराणों की सम्पूर्ण रचना।
3 शताब्दी वात्स्यायन का कामसूत्र मथुरा से तक्षशिला तक उत्तर-पश्चिमी या उत्तरपथ मार्ग पर, कुषाण साम्राज्य के अन्त का प्रभाव। शहरों एवं भारत-रोमन व्यापार पर सातवाहन सत्ता के अन्त का प्रभाव, इस शताब्दी के अन्त में उत्तर प्रदेश और बिहार में वास्तविक गुप्त साम्राज्य
तीसरी सदी सामान्य भाषा के रूप में प्राकृत, एक ग्रन्थ में बुद्ध के आठ पन्थों का उल्लेख।
तीसरी शताब्दी रोमन साम्राज्य के पश्चिमी भाग के साथ व्यापार का अन्त
तीसरी-चौथी शताब्दी कलियुग, सामाजिक संकट
300-500 सुदूर दक्षिण के राजाओं द्वारा ब्राह्मणों को भूमि अनुदान
300-600 विदर्भ सहित लगभग दो दर्जन राज्यों का प्रायद्वीप में गठन।
300-750 विन्ध्य के दक्षिण में ग्रामीण विस्तार और भूमि का बेहतर इस्तेमाल । प्रायद्वीप में और अधिक राज्यों का गठन
319-20 गुप्त काल का आरम्भ, प्रथम गुप्त सम्राट, चन्द्रगुप्त प्रथम द्वारा गुप्त काल की शुरुआत
322-298 उत्तरवर्ती परम्परा के अनुसार, कर्नाटक में बौद्ध धर्म के प्रसार का श्रेय चन्द्रगुप्त मौर्य को समुद्रगुप्त का काल जिसे सैन्य विजयों के कारण उसे ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है।
322-298 कृष्णा नदी के दक्षिण में पल्लव वंशी राज्य की स्थापना।
335-275 समुद्र गुप्त का शासन काल।
360 समुद्रगुप्त के दरबार में श्रीलंका का राजदूत।
375 समुद्रगुप्त की मृत्यु, रामगुप्त शासक।
350 बाँकुरा जिले के दामोदर के पोखराना में एक महाराज ने शासन किया। उन्हें संस्कृत का ज्ञान था। इस समय से, संस्कृत का उपयोग शुरू हो गया,मयूरशर्मन द्वारा कदम्ब वंश की स्थापना
380-415 चंद्रगुप्त द्वितीय का शासनकाल, गुप्त राज्य का पश्चिम में विस्तार तथा संस्कृत साहित्य का चरमोत्कर्ष।
399-414 चीनी तीर्थयात्री फा-हियान की यात्रा
3-4 शताब्दी इस अवधि के कुषाण सिक्के, अभिलेख और मिट्टी की मूर्तियाँ मध्य एशिया के हिस्से में पाए गए।
400 आयुर्वेद की रचना, अन्तत: महाभारत, रामायण एवं प्रमुख पुराण संकलित
चौथी शताब्दी उड़ीसा के कलिंग में जैन धर्म का प्रसार, प्रायद्वीपीय भारत में ब्राह्मणों के लिए अठारह प्रकार की छूटा दक्षिणी कर्नाटक में पश्चिमी गंग शासन का उदय। चन्द्रगुप्त द्वितीय द्वारा शक क्षत्रप शासित मालवा और गुजरात पर कब्जा। कदम्बों द्वारा उत्तरी कर्नाटक और कोंकण पर नियन्त्रण। इसके बाद संस्कृत प्रायद्वीप में आधिकारिक राजभाषा बनी
चौधी-छठी शताब्दी उड़ीसा में कई राज्यों का गठन; उनमें से पाँच की पहचान चौथी शताब्दी एवं आगे राजभाषा के रूप में संस्कृत, दिल्ली के मेहरौली में लोहे का स्तम्भ स्थापित किया गया
चौथी-सातवीं शताब्दी पूर्वी मध्य प्रदेश, उड़ीसा, बंगाल और असम में उन्नत ग्रामीण, प्रकृति के अलावा, सांख्य दर्शन में पुरुष या आत्मा को एक तत्त्व के रूप में पेश किया गया, दोनों से मिलकर दुनिया का निर्माण
415-455 कुमार गुप्त प्रथम का शासनकाल, नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना।
432-33 पुण्ड्ववर्धनभुक्ति में ताम्रपत्र पर भूमि खरीद-बिक्री के दस्तावेज दर्ज
448 इलाहाबाद जिले से प्राप्त सन् 448 के एक गुप्तकालीन अभिलेख में दशमलव प्रणाली के ज्ञान के बारे में उल्लेख है
455-467 स्कन्दगुप्त का काल, हूणों का भारत पर प्रथम आक्रमण तथा उनकी पराजय।
477-496 बुद्धगुप्त, गुप्तवंश का अन्तिम सम्राट, गुप्तवंश का विघटन प्रारम्भ।
467 स्कन्दगुप्त के शासनकाल का अन्त
473 रेशम बुनकरों के एक संघ का गुजरात से मालवा में प्रवासन
476-540 आर्यभट्ट काल, जिन्होंने आर्यभट्टीय की रचना की
485 पूर्वी मालवा और मध्य भारत के एक हिस्से पर हूणों का कब्जा
पाँचवीं शताब्दी इस शताब्दी के बाद कलिंग पर पूर्वी गंग का शासन, नारद स्मृति और आर्यभट्ट की आर्यभटीय की तिथि। शून्य और दशमलव प्रणालियों का ज्ञान। फा-हियान लिखते हैं कि चाण्डाल गाँव के बाहर रहते थे और माँस खाते थे, नालन्दा में बौद्ध संरचनात्मक परिसर की स्थापना। कश्मीर, पंजाब और पश्चिमी भारत पर श्वेत हूणों का वर्चस्व , आदर्शवादी दर्शन द्वारा भौतिकवादी दर्शन का आच्छादन
पाँचवीं शताब्दी इस शताब्दी के उत्तरार्द्ध में हूण आक्रमण, इस शताब्दी के मध्य से लगभग आधा दर्जन राज्यों का गठन किया गया था। लोगों ने वर्ष को बारह चन्द्र महीनों में विभाजित करने की प्रथा शुरू की, भारत और रोमन साम्राज्य, दोनों जगह आम तौर पर शहरों का पतन
पाँचवीं-छठी शताब्दी संस्कृत का प्रयोग, वर्ण समाज का गठन, बौद्ध धर्म और ब्राह्मणवाद की प्रगति। गंगा और ब्रह्मपुत्र के बीच का क्षेत्र (बांग्लादेश), एक व्यवस्थित और संस्कृत शिक्षित क्षेत्र के रूप में उभरा
पाँचवीं शताब्दी दशमलव के उपयोग के अभिलेखकीय सबूत, भूमि अनुदान की निरंतरता। इस शताब्दी तक शासकों को चोरों को दण्डित करने का अधिकार, लेकिन बाद में इसे जमीन्दारों को हस्तान्तरण। पश्चिमी तट से रेशम बुनकरों का एक समूह मालवा के मन्दसोर चले गए और अन्य व्यवसाय अपना लिया
पाँचवीं-अट्ठारहवीं शताब्दी  संस्कृत, पाली और प्राकृत में टीकाओं का काल
पाँचवीं-छठी शताब्दी भूमि अनुदान से जमीन्दारों का उद्भव और वैश्य किसानों की शूद्रों जैसी हालत
500-532 तोरमाण एवं मिहिरकुल के अधीन उत्तर भारत में हूणों का शासन।
500-757 पश्चिम तथा मध्य दक्कन में वातापी का प्रथम चालुक्य वंश।
502-528 तोरमाण का उत्तराधिकारी मिहिरकुल भारत में गुप्त शासक भानुगुप्त द्वारा पराजित, एरण पर गुप्तवंश का पुनः अधिकार
510 सती होने का पहला अभिलेखकीय साक्ष्य
525 समतट में एक संगठित राज्य और इसके पश्चिमी सीमा पर वंगा का एक हिस्सा
532 गुप्तों को मालवा राजकुमार यशोधर्मन की चुनौती और उत्तर भारत पर विजय के दावे में विजय स्तम्भ की स्थापना
532 यशोवर्धन द्वारा हूण शासक मिहिरकुल की पराजय।
540 परवर्ती गुप्त तथा गुप्त वंश की मुख्य शाखा का अन्त।
550 बिहार एवं उत्तर प्रदेश से गुप्तों का अधिकार समाप्त, इस समय के आस-पास, पूर्वी रोमन साम्राज्य के लोग चीनियों से रेशम उगाने की कला सीख चुके थे, जिससे भारतीय व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, गुप्त शासकों के प्रशासकों ने, शायद इस तिधि के बाद स्वतन्त्र, उत्तर बंगाल पर कब्जा कर लिया
छठी शताब्दी  गुजरात के वल्लभी में अन्ततः अर्धमगधी में लिखे गए जैन-ग्रन्थों का संकलन, इस सदी के दूसरे छमाही में, समतट के शासकों ने पर्याप्त संख्या में सोने के सिक्के जारी किए। एक क्षेत्रीय और प्रशासनिक इकाई, वर्धमानभुक्ति (बर्दवान) का गठन, जो उस क्षेत्र के कबीलाई निवासियों के शमन-दमन हेतु बनाई गई ,उत्तर और पश्चिमी भारत में शताब्दी के मध्य 160 वर्षों तक गुप्त का शासन, , कलभ्र विद्रोह , चालुक्य द्वारा पश्चिमी दक्कन में अपने राज्य की स्थापना
छठी शताब्दी वराहमिहिर और उनकी प्रसिद्ध कृति बृहत्संहिता, कानून-संहिताओं में सेवाओं के लिए भूमि अनुदान की, कोसमोस इण्डीकोप्लेस्टस द्वारा द क्रिस्चियन टोपोग्राफी,सिलप्पदिकारम और मणिमेकलई जैसे दो तमिल महाकाव्यों की रचना, अनुशंसा। ईरान और बायजैन्तियम के साथ रेशम का व्यापार समाप्त। वराहमिहिर ने वर्ण और सम्पत्ति-दोनों के आधार पर घर के आकार निर्धारित किए। तन्त्रवाद का उद्भव एवं प्रसार, महिलाओं एवं शूद्रों के लिए भी जगह। अलंकृत संस्कृत गद्य और पद्य।
छठी-आठवीं शताब्दी काँची के पल्लवों और बदामी के चालुक्यों के बीच संघर्ष
600 बांग्लादेश में विस्तृत क्षेत्र गौड़ के नाम से जाना जाने लगा, जहाँ शशांक ने शासन किया
600-900 स्वर्ण मुद्राओं के अभाव में 300 वर्षों तक व्यापार में गिरावट
606-647 हर्षवर्धन का शासन काल।
609  पुलकेशिन-II शासक बना।
629-645 ह्वेनसांग भारत में रहा।
636  सिन्ध पर प्रथम अरब-आक्रमण।
610 मन्दिरों का निर्माण
629  चीनी बौद्ध यात्री ह्वेन त्सांग का भारत आगमन, बाणभट्ट ने ‘हर्षचरित’ की रचना की।
630-68 पल्लव राजा नरसिम्हवर्मन का शासनकाल
630-970 पूर्वी दक्कन में वेंगी के पूर्वी चालुक्यों का शासनकाल। (दक्षिण भारत)
636-637 ख़लीफ़ा उमर के समय में अरबों का भारत पर पहला अभिलिखित हमला। (दक्षिण भारत)
645 व्हेन त्सांग की चीन वापसी
647 हर्षवर्धन की मृत्यु, ह्वेनसांग पर हमला। (दक्षिण भारत)
670 चीनी तीर्थयात्री इत्सिंग द्वारा नालन्दा का दौरा
674 विक्रमादित्य प्रथम चालुक्य और पल्लव वंश के परमेश्वर वर्मा प्रथम शासक बने। (दक्षिण भारत)
675-685 तीसरे चीनी यात्री इत्सिंग का नालन्दा आवास। (दक्षिण भारत)
680 पट्टदकल का पापनाथ मन्दिर
सातवीं शताब्दी  इस शताब्दी से भारत में समाज, धर्म, कला, वास्तुकला और साहित्य को आकार देने में जमीन्दारों की प्रमुख भूमिका। उत्तर और दक्षिण भारत दोनों में धातु के पैसे की कमी। जातियों का प्रसार।
सातवीं-आठवीं शताब्दी इस काल से मूर्तिकला और मन्दिर निर्माण में प्रत्येक क्षेत्र की अपनी शैली विकसित
सातवीं शताब्दी  बौद्ध मठ में आराम पसन्द लोगों का वर्चस्व, एवं गौतम बुद्ध द्वारा निषिद्ध प्रथाओं का बोल-बाला, पूरब से पश्चिम तक फैले ब्रह्मपुत्र घाटी पर बसे कामरूप को प्रसिद्धि मिली। भास्करवर्मन, राज्य के ! प्रमुख के रूप में उभरे। जिन्होंने ब्रह्मपुत्र घाटी और अन्य क्षेत्रों को नियन्त्रित किया। चीनी यात्री व्हेन त्सांग ने भास्करवर्मन के राज्य का दौरा किया। ढाका क्षेत्रों में खड्गों के राज्य का गठन। ब्राह्मण सामन्त लोकनाथ और रतों के साम्राज्य का कोमिल्ला क्षेत्रों में गठन। इन राजकुमारों ने अग्रहार की व्यवस्था चलाई। भूमि के दस्तावेज संस्कृत के छन्दों से अपनी उत्कृष्टता को दर्शाते हैं , काँची के पल्लवों, बदामी के चालुक्यों और मदुरै के पण्ड्या का प्रमुख राज्यों के रूप में उभार। एहोल अभिलेख के नुसार चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय का शासनकाल
700 कन्नौज में यशोवर्मन (मौखरी वंश) सिंहासनारूढ़
700-900 दक्षिण भारत में आलवारों (वैष्णव) का भक्ति आंदोलन, भक्ति संग्रह ‘प्रबंधम्’ की रचना।
712 मुहम्मद बिन कासिम का भारत पर प्रथम अरबी मुस्लिम आक्रमण , राजा दाहिर की पराजय व देवलगढ़ विजय
725 नागभट्ट द्वारा प्रतिहार राज्य की स्थापना।
733-45 चालुक्य राजा विक्रमादित्य द्वितीय का शासनकाल
740 पट्टदकल का विरुपाक्ष मन्दिर
740-1036 उत्तर भारत में गुर्जर-प्रतिहारों का आधिपत्य, अरबों का प्रतिरोध। (उत्तरी भारत)
752 कन्नौज में यशोवर्मन (मौखरी वंश) की मृत्यु
753 राष्ट्रकूट वंश की शुरुआत
753-973 मान्यखेत में राष्ट्रकूटों का शासनकाल। (दक्षिण भारत)।
757 पल्लव वर्चस्व समाप्त
760-1142 पूर्वी भारत के पाल।
770-810 महान पाल शासक धर्मपाल का काल, विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना।
775 दक्कन में बदामी के चालुक्यों की भूमिका का अन्त
783-1036 राजस्थान के वत्सराज द्वारा उत्तर भारत में गुर्जर-प्रतिहार वंश की स्थापना तथा उनका शासनकाल।
788 आदि गुरु शंकराचार्य का जन्म,अल्वर नदी के तटवर्ती ग्राम कलादी, केरल में।।
आठवीं शताब्दी  जैन ग्रन्थों में अठारह प्रमुख लोगों या उपराष्ट्रीयताओं के अस्तित्व का उल्लेख,  जैन ग्रन्थों में अठारह मुख्य नागरिकों अर्थात राष्ट्रों की उपस्थिति।
820 बद्रीनाथ में आदि गुरु शंकराचार्य का देह त्याग।
824-924 वैष्णव भक्ति काल
831-1310 चन्देलों द्वारा बुंदेलखण्ड में स्वतंत्र राज्य की स्थापना, अनेक विष्णु मन्दिरों और खजुराहों के मन्दिरों का भी निर्माण। (पश्चिम भारत)
835-885 गुर्जर-प्रतिहार वंश का काल, अरब के व्यापारी सुलेमान का उसके राज्य में आगमन।
836  सतलुज से नर्मदा नदी तक मिहिरभोज या भोज का शासन। (पश्चिम भारत)
850  चोल की स्थापना, विजयालय द्वारा पांड्यों को पराजित कर तंजौर पर अधिकार।
851 अरब-यात्री सुलेमान ने भारत वृत्तान्त लिखा।
860- सुमात्रा (इंडोनेशिया) के राजा बलपुत्र द्वारा नालंदा मे एक बौद्ध विहार की स्थापना।
871-1173 तंजौर के शाही चोल।
873 अरब में शून्य का प्राचीनतम इस्तेमाल
883-1026 पंजाब और काबुल के हिन्दूशाही।
नौवीं शताब्दी शंकर द्वारा ब्रह्मसूत्र पर एक प्रसिद्ध टीका लिखी गई, विशाखदत्त द्वारा विभिन्न क्षेत्रों की विभिन्नताओं के अनुकूल धर्मों, भाषाओं और परिधानों के विकास का उल्लेख
907 चोल शासक परांतक प्रथम का राज्याभिषेक।
915-925 महान राष्ट्रकूट इंद्र तृतीय के दरबार में अरबयात्री अल मसूदी का आगमन।
916-1205 जेजाकभुक्ति के चंदेल, चंदेलों द्वारा खजुराहो में मंदिरों का निर्माण।
950-1195 मध्य भारत में त्रिपुरी के कलचुरि।
973-1238 अन्हिलवाड़ा (काठियावाड़) के सोलंकी (गुजराती चालुक्य)।
977  सुबुक्तगीन(महमूद गजनवी का पिता) गजनी की गद्दी पर बैठा।
985-1014 राजराज चोल का शासनकाल, तंजौर के प्रसिद्ध शिव अथवा वृहदेश्वर मंदिर का निर्माण,भूमि-सर्वेक्षण का प्रारम्भ।
986 खुरासनी शासक अलप्तगीन के ग़ुलाम सुबुक्तगीन का काबुल-कंधार में हिन्दूशाही शासक जयपाल पर प्रथम आक्रमण, जयपाल पराजित।
997-98 सुबुक्तगीन की मृत्यु, महमूद ग़ज़नवी खुरासान की गद्दी पर बैठा।
999 बगदाद के खलीफा द्वारा महमूद गजनवी को स्वतन्त्र शासक के रूप में मान्यता।
1000 महमूद गजनवी का भारत में काबुल पर प्रथम आक्रमण, स्थानीय जनता पर लूट तथा धर्म परिवर्तन।
1002 महमूद ग़ज़नवी का तीसरा आक्रमण, आनन्दपाल से युद्ध तथा उसकी पराजय।
1000-1323 वारंगल के काकतीय, बेतराज-प्रथम (संस्थापक), प्रतापरुद्रदेव (अन्तिम शासक)।
1001 वैहिन्द की लड़ाई तथा जयपाल (हिन्दूशाही शासक) की महमूद गजनवी से पराजय।
1010  जयपाल का पुत्र आनन्दपाल अपमानजनक शर्तों पर महमूद ग़ज़नवी का सामंत बना।
1013  आनन्दपाल की मृत्यु, पुत्र त्रिलोचनपाल उत्तराधिकारी बना।
1014  तोषी की लड़ाई में त्रिलोचनपाल परास्त, झेलम नदी तक का क्षेत्र महमूद गज़नवी के राज्य में सम्मिलित।
1025-1026 महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर की लूट।
1017 वैष्णव आचार्य रामानुज का जन्म।
1026 अन्तिम हिन्दूशाही शासक भीमपाल की मृत्यु, काबुल-कंधार के हिन्दूशाही वंश का अन्त।
1027 जाटों को कुचलने के लिए महमूद का गुजरात-सिन्ध पर 17वाँ व अन्तिम आक्रमण।
1030 महमूद गजनवी की मृत्यु, किताब-उल-हिन्द के लेखक अलबरूनी का भारत आगमन।
1044-52 राजेन्द्र के उत्तराधिकारी राजाधिराज प्रथम का शासनकाल। (दक्षिण भारत)
ग्यारहवीं शताब्दी अतुल द्वारा मूषिका वंश।
ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी बिल्हण द्वारा बिक्रमणकादेवचरित।
1131 कर्नाटक में लिंगायत सम्प्रदाय के संस्थापक संत बासवेश्वर या ‘बासव’ का जन्म।
1137 विशिष्टाद्वैतवाद के विचारक संत रामानुजाचार्य का देहान्त
1162 द्वैतवादी वैष्णव संत निम्वार्क स्वामी का जन्म।
1173 मुइजुद्दीन मुहम्मद ग़ोरी ग़ज़नी का शासन बना।
1191 तराइन का प्रथम युद्ध ,पृथ्वीराज द्वारा मुहम्मद गोरी पराजित हुआ।
1192 तराइन का द्वितीय युद्ध, मुहम्मद गोरी द्वारा पृथ्वीराज की हार, कुतुबुद्दीन ऐबक भारत का सूबेदार नियुक्त।
1194 चन्दावर का युद्ध, जयचन्द पराजित।
1199 द्वैतवाद सम्प्रदाय के आचार्य महादेव मध्वाचार्य का जन्म।
बारहवीं शताब्दी सन्ध्यकारा नन्दी द्वारा रामचरित, कल्हण द्वारा राजतरंगिनी,ब्रह्मसूत्र पर रामानुज की टीका।
बारहवीं शताब्दी ब्रह्मसूत्र पर रामानुज की टीका,  निरन्तर ब्राह्मणवादी (शैव और वैष्णव दोनों हमले), बिहार शरीफ़ में मठ में संचित धन के लिए तुर्कों के लालच ने बौद्ध धर्म को नष्ट कर दिया। भिक्षु नेपाल और तिब्बत भाग गए
1206 मुहम्मद गोरी की मृत्यु।
1206 कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा दिल्ली सल्तनत की स्थापना, कुतुबमीनार का निर्माण आरम्भ।
1210 कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु, आरामशाह को पदच्युत कर इल्तुतमिश शासक बना।
1221 चंगेज खां का भारत पर आक्रमण।
1221 बग़दाद के ख़लीफ़ा से इल्तुतमिश को ‘खिल्लत’ अर्थात् इस्लामी शासक के रूप में मान्यता।
1236 इल्तुतमिश के उत्तराधिकारी रुकुनुद्दीन फ़ीरोज़शाह को पदच्युत कर, रजिया सुल्तान गद्दी पर बैठी।
1239 मलिक अल्तूनिया का विद्रोह।
1240 रजिया सुल्तान की हत्या।
1241 भारत पर मंगोलों का प्रथम आक्रमण
1246   नासिरुद्दीन महमूद शाह गद्दी पर बैठा (ग़ुलाम वंश )
1253   अमीर ख़ुसरो का जन्म।
1265-66 गयासुद्दीन बलबन गद्दी पर बैठा।
1266 कश्मीर में हिन्दू राजवंश की स्थापना, ग़यासुद्दीन बलबन गद्दी पर बैठा।
1279 बंगाल में तुगरिल खाँ का विद्रोहा
1286 गयासुद्दीन बलबन की मृत्यु।
1288-1293 प्रसिद्ध वेनिश यात्री मार्को पोलो की भारत यात्रा।
1290 खिलजी वंश की स्थापना जलालुद्दीन खिलजी (संस्थापक)।
1290 अलाउद्दीन ख़िलजी का देवगिरि अभियान।
1296-1316 अलाउद्दीन खिलजी शासक बना।
1309-1313 मलिक काफूर का दक्कन अभियान।
1315 मलिक काफूर दक्कन से वापसी
1320 ग़यासुद्दीन तुग़लक़ (गाज़ी मलिक) दिल्ली का सुल्तान बना, तुग़लक़ वंश की स्थापना
1321-23  काकतीय तथा पाण्ड्यों के राज्य का दिल्ली सल्तनत में विलय
1325 मुहम्मद बिन तुगलक शासक बना।
1326-27  मुहम्मद तुग़लक़ द्वारा दिल्ली से दौलताबाद राजधानी का स्थानान्तरण।
1330  मुहम्मद तुग़लक़ द्वारा प्रयोग के तौर पर सोने के स्थान पर ताँबे के सिक्के जारी किए गए।
1333-1342 अफ़्रीकी यात्री इब्नबतूता की भारत यात्रा।
1336 हरिहर एवं बुक्का द्वारा विजयनगर साम्राज्य की स्थापना।
1342 इब्नबतूता का चीन को प्रस्थान।
1347 बहमनशाह द्वारा बहमनी राज्य की स्थापना।
1351 मुहम्मद तुग़लक़ की मृत्यु, फ़िरोज़ शाह तुग़लक उत्तराधिकारी बना, हरिहर द्वितीय का राज्यरोहण
1388-1414 परवर्ती तुग़लक़ शासकों का शासनकाल।
1393 जौनपुर राज्य की स्थापना।
1398 तैमूरलंग का भारत पर आक्रमण, दिल्ली पर अधिकार।
1412 अहमदशाह बहमनी द्वारा अहमदाबाद की स्थापना एवं स्वतंत्रता की घोषणा।
1398 अन्तिम तुग़लक़ शासक महमूद की मृत्यु, तुग़लक़ वंश का पतन।
1414 दिल्ली में सैय्यद वंश की स्थापना।
1414 इटली के यात्री निकोलो कोंटी की भारत यात्रा।
1429 बहमनी राज्य की राजधानी गुलबर्गा से बीदर स्थानान्तरित।
1430 मेवाड़ में राणा कुम्भा का राज्यकाल।
1442 अब्दुर्रज्जाक़ की विजयनगर यात्रा।
1448 राणा कुंभा द्वारा विजय स्तम्भ का निर्माण
1451 बहलोल लोदी द्वारा लोदी वंश की स्थापना।
1455 संत कबीर का जन्म।
1469 सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानकदेव का पंजाब के तलवंडी में जन्म।
1470 रूसी यात्री निकितिन की भारत यात्रा।
1472 शेरशाह सूरी का जन्म।
1479 बल्लभाचार्य का जन्म।
1483 जहीरुद्दीन बाबर का फरगना में जन्म।
1484 बरार में इमादशाही वंश
1485 चैतन्य महाप्रभु का जन्म।
1486 सालुव वंश की शुरुआत
1489 बीजापुर राज्य में आदिलशाह वंश , सिकन्दर लोदी गद्दी पर आसीन
1490 दिल्ली सल्तनत से अहमदनगर स्वाधीन।
1493 बंगाल में हुसैनशाह गद्दी पर आसीन, बाबर फ़रगना का अमीर बना।
1498 पुर्तगाली नाविक वास्कोडिगामा भारत में, कालीकट (केरल) पहुँचा
1502 पुर्तग़ाल के राजा जॉन द्वितीय को पोप अलेक्जेंडर षष्टम का ‘बुल’ प्रदान किया गया, जिससे पुर्तग़ालियों को भारत के साथ व्यापार करने का एकाधिकार तथा भारत में राज्य स्थापित करने का औपचारिक अधिकार मिला।
1503 फ़रगना बाबर के अधिकार से मुक्त।
1504 इटली के लुडोविको डी बार्थेमा की पश्चिम तथा दक्षिण भारत की यात्रा, काबुल पर अधिकार कर बाबर का मुल्तान की ओर प्रस्थान।
1505 वीर नर सिंह द्वारा तालुव वंश की स्थापना
1507 गुजरात के शासक महमूद बेगड़ा का दीव (गोवा) में पुर्तग़ालियों के विरुद्ध अभियान।
1507 द्वितीय मुग़ल सम्राट हुमायूँ का जन्म।
1509 विजयनगर में कृष्णदेवराय सिंहासनरूढ़, पुर्तग़ाली गवर्नर फ़्रांसिस्को-द-अल्मेडा भारत आया।
1510 गोवा पर पुर्तग़ालियों का अधिकार, अलबुकर्क गवर्नर बना।
1512 गोलकुण्डा बहमनी राज्य से मुक्त।
1517 सिकन्दर लोदी की मृत्यु के पश्चात् इब्राहिम लोदी का राज्याभिषेक।
1519 भारत में बाबर का प्रवेश।
1520 बाबर का भीटा एवं स्यालकोट पर आक्रमणा
1520 बाबर का कंधार पर अधिकार।
1520 लाहौर और सरहिन्द पर बाबर का आक्रमण, लाहौर पर अधिकार
1526 पानीपत का प्रथम युद्ध (बाबर व इब्राहिम लोदी के मध्य), इब्राहिम लोदी की पराजय, मुगल सम्राज्य की स्थापना।
1527 बाबर तथा इब्राहिम लोदी के मध्य पानीपत का प्रथम युद्ध, इब्राहीम लोदी की पराजय तथा मृत्यु, दिल्ली पर क़ब्ज़े के साथ ही मुग़ल साम्राज्य की स्थापना।
1526-27 बीदर में बरीदशाही की स्थापना
1527 राणा संग्राम सिंह तथा बाबर के मध्य खानवा का युद्ध (16 मार्च), संग्राम सिंह पराजित।
1529 घाघरा के युद्ध में बाबर द्वारा अफगानों की पराजय।
1530 बाबर की मृत्यु (29 मई), हुमायूँ का सिंहासनारोहण, विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय की मृत्यु (26 दिसम्बर)।
1530 गुजरात के बहादुरशाह का मालवा तथा उज्जैन पर अधिकार।
1532 गोस्वामी तुलसीदास का जन्म, रायसेन, चंदेरी एवं मंदसौर पर बहादुरशाह का अधिकार तथा चित्तौड़ पर पहला हमला।
1533 बहादुरशाह ने चित्तौड़ का घेरा उठाया, रणथम्भौर तथा अजमेर पर अधिकार, वैष्णव संत चैतन्य का निधन।
1534 हुमायूँ का मालवा को प्रस्थान, शेरशाह ने सूरजगढ़ के युद्ध में बंगाल के शासक महमूद शाह को परास्त किया।
1535 पुर्तग़ालियों की सहायता से बहादुरशाह का चित्तौड़ पर अधिकार, हुमायूँ से बहादुरशाह पराजित, हुमायूँ की गुजरात तथा मालवा पर विजय।
1536 हुमायूँ ने अस्करी को गुजरात का शासक नियुक्त किया, गुजरात में मुग़लों के विरुद्ध विद्रोह।
1537 गुजरात के शासक बहादुरशाह की मृत्यु।
1538 शेरशाह के हाथों बंगाल का शासक महमूदशाह परास्त,हुमायूँ का बंगाल पर आक्रमण।
1539 चौसा के युद्ध में शेरशाह द्वारा हुमायूँ की पराजया, गुरु नानक की मृत्यु
1540 शेरशाह का दिल्ली पर अधिकार।
1542 मारवाड़ के राजा मालदेव के आमंत्रण पर हुमायूँ जोधपुर पहुँचा, अमरकोट में (15 अक्टूबर) अकबर का जन्म।
1544 हुमायूँ फ़ारस के तहमस्प शाह की शरण में।
1545 शाह तहमस्प की मदद से कंधार-काबुल पर पुनः हुमायूँ का अधिकार, शेरशाह की मृत्यु, इस्लाम शाह सूर गद्दी पर बैठा।
1555 माछीवार का युद्ध , सरहिंद का युद्ध हुमायूँ का लाहौर पर हुमायूँ का अधिकार।
1556 हुमायूँ की मृत्यु (24 जनवरी)पानीपत के द्वितीय युद्ध में अकबर द्वारा हेमू की पराजय, बैरम खाँ के संरक्षण में अकबर बादशाह बना। पुर्तगालियों द्वारा पहला प्रिंटिंग प्रेस भारत पहुंचा।
1560 अकबर के द्वारा बैरम ख़ाँ का निष्कासन।
1562 आमेर की राजकुमारी (राजा भारमल की पुत्री) से अकबर का विवाह, अकबर द्वारा दास प्रथा की समाप्तिा
1563 तीर्थ यात्रा कर की समाप्तिा
1564-67 उज़बेकों का विद्रोह।
1564 अकबर द्वारा जजिया कर की समाप्ति, रानी दुर्गावती को परास्त कर गोंडवाना मुग़ल राज्य में सम्मिलित, रानी द्वारा आत्महत्या।
1565 तालीकोटा या राक्षसी तंगड़ी का युद्ध, विजयनगर साम्राज्य का अंत, अकबर ने आगरा किला व् लाहौर का किला बनवाया
1567 राधावल्लभ सम्प्रदाय के प्रवर्तक श्रीहरिवंश का देवबन्द (सहारनपुर) में जन्म।
1568 अकबर की चित्तौड़ विजया
1569 जहाँगीर का जन्म,रणथम्भौर और कालिंजर पर अकबर का अधिकार।
1570 सदाशिव द्वारा अराविदु वंश की शुरुआत
1571 अकबर द्वारा फ़तेहपुर सीकरी का निर्माण तथा राजधानी बनाने का निर्णय।
1572 राणा उदयसिंह की मृत्यु, जालौर के राजा और मेवाड़ सेनापतियों के द्वारा राणा प्रताप को गद्दी पर बैठाया गया।
1572-1573 गुजरात विजय
1573 कबीर का निधन, गुजरात पर अकबर का आधिपत्य।
1574-76 अकबर द्वारा बिहार-बंगाल की विजय।
1576 हल्दीघाटी का युद्ध, अकबर द्वारा महाराणा प्रताप पराजिता
1577 अमृतसर नगर की स्थापना
1578 भारतीय भाषा की पहली पुस्तक “डुट्रिना क्रिस्टा’ (तमिल भाषा में) मुद्रित व प्रकाशित
1579 अकबर ने ‘महजरनामा’ (इन्फैलिबिलिटी डिक्री) जारी किया, बंगाल-बिहार में विद्रोह
1582 अकबर द्वारा दीन-ए-इलाही की घोषणा।
1583 अकबर ने इलाहबाद का किला बनवाया ,कश्मीर पर अकबर का आधिपत्य।
1583 राजा टोडरमल की मृत्यु।
1590-92 अकबर की सिंध पर विजय।
1590-92 अकबर की कंधार विजय, बलूचिस्तान मुग़ल साम्राज्य में सम्मिलित।
1590-92 राणा प्रताप की मृत्यु।
1600 ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना।
1600 अकबर का असीरगढ़ पर अधिकार।
1601-03 अकबर के पुत्र सलीम का विद्रोह।
1602 अबुल फ़ज़ल की मृत्यु, ‘डच यूनिवर्सल यूनाइटेड ईस्ट इंडिया कम्पनी’ की स्थापना
1605 अकबर की मृत्यु (16 अक्टूबर), जहाँगीर गद्दी पर बैठा (24 अक्टूबर)।
1606 शहज़ादा ख़ुसरो का विद्रोह, जहाँगीर के आदेशानुसार पाँचवें सिक्ख गुरु अर्जुन देव को प्राणदण्ड, ईरानियों द्वारा कंधार का घेराव, जहाँगीर की मेवाड़ पर चढ़ाई।
1607 मुग़लों के द्वारा कंधार मुक्त।
1608 अहमद नगर पर मलिक अम्बर का पुनः अधिकार, इंग्लैण्ड के राजा जेम्स प्रथम का पत्र लेकर विलियम हाकिंस जहाँगीर के दरबार आया, संत तुकाराम का जन्म।,सूरत में पहली फैक्ट्री ।
1610 पुलीकट में डच फैक्टरी स्थापित।
1611 मूसलीपत्तनम में प्रथम अंग्रेज फैक्टरी स्थापित,आदिलशाह बीजापुर की गद्दी पर आसीन, नूरजहाँ एवं जहाँगीर का विवाहा
1612 शहज़ादा ख़ुर्रम (शाहजहाँ) का मुमताज़ महल से विवाह, बंगाल की राजधानी राजमहल से ढाका स्थानान्तरित।
1614 मेवाड़ के राणा अमर सिंह से जहाँगीर की संधि।
1615 मेवाड़ पर जहाँगीर का अधिकार, इंग्लैण्ड के शासक जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में सर टॉमस रो जहाँगीर के दरबार में आया।
1622 कंधार पर फ़ारस का पुनः अधिकार, शाहजहाँ का विद्रोह, गोस्वामी तुलसीदास का जन्म।
1624 अहमदनगर के मलिक अम्बर के हाथों मुग़ल सेना पराजित।
1625-74 गोलकुण्डा की गद्दी पर सुल्तान अब्दुल्ला क़ुतुबशाह बैठा।
1626 महावत ख़ाँ का विद्रोह।
1627 जहाँगीर की मृत्यु (29 अक्टूबर), जुन्नार (पूना) के निकट शिवनेर के क़िले में शिवाजी का जन्म (20 अप्रैल) [अपवाद:1630]।
1628 शाहजहाँ मुग़ल सम्राट बना (6 फ़रवरी)।
1631 मुमताज़ महल की मृत्यु (7 जून)।
1631-1653 शाहजहाँ द्वारा ताजमहल का निर्माण,
1632 बीजापुर पर मुग़ल आक्रमण, पुर्तग़ालियों के विरुद्ध सैन्य अभियान, हुगली में उनकी बस्ती नष्ट।
1632 अहमदनगर के निज़ामशाही वंश का अन्त, अहमदनगर मुग़ल साम्राज्य में सम्मिलित, दौलताबाद के क़िले पर अधिकार।
1632 अंग्रेज़ों को बंगाल में व्यापार करने का फ़रमान मिला, महावत ख़ाँ की मृत्यु।
1636 बीजापुर और गोलकुण्डा से मुग़लों की संधि, औरंगज़ेब दक्कन का सूबेदार नियुक्त, औरंगजेब को दक्कन का सूबेदार बनाया गया।
1638 अली मर्दान द्वारा कंधार मुग़लों को समर्पित, शाहजहाँ द्वारा नए राजधानी शहर शाहजहाँनाबाद का निर्माण प्रारम्भ।।
1639 अंग्रेजों ने मद्रास में सेंट जॉर्ज किले की नींव रखी।
1642 इंग्लैंड में गृह युद्ध की शुरुआत
1644 दिल्ली में जामा मस्जिद का निर्माण
1646 शिवाजी का तोरण पर पहला सैन्य अभियान , बल्ख पर मुग़लों का अधिकार।
1648 शाहजहाँ द्वारा शाहजहाँनाबाद का निर्माण शुरू।
1648 कंधार पर पर पुनः फ़ारस का अधिकार।
1650 मराठी संत तुकाराम का निधन।
1656 शिवाजी का जाबली पर अधिकार।
1656 बीदर का पतन और मुग़लों द्वारा बीजापुर की घेराबन्दी, शाहजहाँ के अस्वस्थ होने पर ‘उत्तराधिकारी का युद्ध’ प्रारम्भ, बीजापुर के साथ द्वितीय सन्धि।
1658 धरमत के युद्ध (5 मई) तथा सामूगढ़ के युद्ध (8 जून) में दारा शिकोह की औरंगज़ेब के हाथों पराजय, शाहजहाँ आगरा में बन्दी (5 जून), औरंगज़ेब का राज्याभिषेक (31 जुलाई)।
1659 देवराई का युद्ध दारा शिकोह व औरंगजेब के बीच ,औरंगजेब सिंहासनारूढ़ दूसरी बार दिल्ली में ।
1659 शिवाजी द्वारा अफजल खाँ की हत्या, दारा शिकोह को मृत्युदण्ड।
1661 इंग्लैंड सम्राट चाल्स द्वितीय का पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन से विवाह , शहज़ादा मुराद की हत्या, पुर्तग़ालियों द्वारा इस शर्त पर बम्बई अंग्रेज़ों को हस्तांतरित की गयी कि वे डचों को इस क्षेत्र में व्यापार से बाहर खदेड़ने में इनका साथ देंगे।
1662 मीर जुमला का असम अभियान।
1662 मीर जुमला की मृत्यु, शाइस्ता ख़ाँ बंगाल का सूबेदार नियुक्त।
1664 शिवाजी द्वारा सूरत की लूट। फ्रांसीसी ईस्ट इण्डिया कम्पनी की स्थापना।
1665 राजा जयसिंह के हाथों शिवाजी की पराजय,शिवाजी और मुगलों के बीच पुरन्दर की सन्धिा
1666 शाहजहाँ की मृत्यु, शिवाजी और बेटे शम्भा जी जयपुर भवन में कैद।
1668 औरंगज़ेब द्वारा हिन्दुओं के विरुद्ध नये आदेश, ईस्ट इंडिया कम्पनी का पूर्ण अधिकार।
1669 मथुरा में जाट सरदार गोकुल का विद्रोह, बम्बई पर अंग्रेज़ ‘ईस्ट इंडिया कम्पनी’ का पूर्ण अधिकार।
1670 शिवाजी का सूरत पर दूसरा आक्रमण।
1671 छत्रसाल के नेतृत्व में बुंदेलों का विद्रोह।
1672 अफ्रीदी तथा सतनामी विद्रोह, दम लौहेम के नेतृत्व में फ़्राँसीसियों ने श्रीलंका तथा चेन्नई के निकट सेंट टोम पर अधिकार
1673 शिवाजी का सूरत पर तीसरा आक्रमण, हिन्दी कवि धनानंद का जन्म।
1674 शिवाजी का रायगढ़ में राज्याभिषेक गंगाभट द्वारा तथा ‘छत्रपति’ की उपाधि धारण, ‘स्वराज’ की स्थापना, फ़्राँसीसी कप्तान फ़्राँसिस मार्टिन के द्वारा पांण्डिचेरी की स्थापना, ।।
1675 औरंगजेब द्वारा गुरु तेगबहादुर को मृत्युदण्ड।
1677 कर्नाटक में शिवाजी की विजय।
1679 औरंगजेब ने पुन: जजिया कर लगाया, औरंगजेब ने बीबी का मकबरा बनवाया, मारवाड़ अभियान। ।
1680 शिवाजी की मृत्यु, शंभाजी पेशवा बना, अलंकारवादी हिन्दी कवि केशवदास का जन्म।
1681 असम पुनः स्वतंत्र, औरंगज़ेब का दक्षिण में अभियान।
1685 अंग्रेज कम्पनी का मुख्यालय सूरत से हटाकर बम्बई स्थानान्तरित।
1685 औरंगज़ेब का बीजापुर पर अधिकार।
1687 गोलकुण्डा मुग़ल साम्राज्य में सम्मिलित, ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा औरंगज़ेब के विरुद्ध युद्ध की घोषणा।,मद्रास में नगर निगम की स्थापना
1689 औरंगजेब द्वारा शंभाजी व कलश को मृत्युदण्ड, शाहू बन्दी बनाया गया, राजाराम सत्तारूढ़।
1698 सूतानाटी, कलिकता तथा गोविन्दपुरी की जमींदारी ईस्ट इंडिया कम्पनी को मिली।
1699 मालवा पर मराठों का प्रथम आक्रमण।
1700 शंभाजी के छोटे भाई राजाराम की मृत्यु, ताराबाई के संरक्षण में शिवाजी द्वितीय (राजाराम का पुत्र) गद्दी पर बैठा।
1702 इंग्लैंण्ड में रानी ऐन गद्दी पर बैठीं, गोडोल्फिन के हस्तक्षेप से पुरानी और नयी कम्पनियों को एकीकरण कर नयी ईस्ट इंडिया कम्पनी का उदय।
1699 मराठों का बरार पर आक्रमण।
1707 औरंगज़ेब की मृत्यु, बहादुरशाह प्रथम (राजकुमार मुहम्मद मुअज्जम) मुग़ल सम्राट बना, शाहू मुक्त, ताराबाई तथा शाहू समर्थकों के मध्य खेड़ा का युद्ध, मराठा राज्य दो भागों में विभक्त,पेशवा बालाजी विश्वनाथ शाहू के साथ।
1708  बालाजी विश्वनाथ को ‘सेनाकर्ते’ की उपाधि,,अन्तिम गुरु गोविन्द सिंह का नांदेड में निधन।
1712 बहादुरशाह प्रथम की मृत्यु, जहाँदारशाह शासक बना।
1713 बालाजी विश्वनाथ पेशवा वने, जहाँदारशाह की हत्या, सैय्यद बन्धुओं की मदद से फ़र्रुख़सियर सिंहासनारूढ़।
1713 हुसैन अली दक्षिण का सूबेदार, हुसैन अली की मराठों से सन्धि।
1715 सिख नेता बन्दाबहादुर को मृत्युदण्ड।
1717 ईस्ट इंडिया कम्पनी को बादशाह फ़र्रुख़सियर का स्वतंत्र व्यापार (ड्यूटी-फ़्री) फ़रमान, कलकत्ता के निकट 37 गाँवों को ख़रीदने का अधिकार भी मिला।
1719 फ़र्रुख़सियर की हत्या, मुहम्मदशाह गद्दी पर आसीन (दो अल्पकालिक शासकों रफ़ी-उद-दौला तथा रफ़ी-उद-दरजात की मृत्यु के उपरान्त), मुग़ल सम्राट द्वारा सनद प्रदान कर ‘चौथ’ तथा ‘सरदेशमुखी’ वसूलने का अधिकार
1720 बाजीराव प्रथम पेशवा बने, सैय्यद बन्धुओं का अन्त, मराठों का उत्तरी अभियान प्रारम्भ।
1723 शिवाजी के गुरु समर्थ रामदास की मृत्यु, पेशवा का मालवा पर आक्रमण।
1724 सआदत ख़ाँ अवध का सूबेदार नियुक्त, दक्षिण में निज़ाम स्वतंत्र।
1725 शुजाउद्दीन बंगाल का सुबेदार
1731 गॉटनबर्ग में सम्राट फ़्रेडरिक द्वारा ‘स्वीडिश ईस्ट इंडिया’ का गठन।
1731 मुग़ल बादशाह द्वारा पेशवा बाजीराव प्रथम को मालवा के शासक के रूप में स्वीकृति।
1738 तुलसीदास (‘रामचरितमानस’ के रचयिता) का निधन।
1739 नादिरशाह द्वारा दिल्ली पर आक्रमण, कोहिनूर हीरा एवं मयूर सिंहासन उसके कब्जे में।
1740 खुरासान में नादिरशाह की उसके ही सेनापतियों के द्वारा हत्या, अलीवर्दी खां बंगाल का नवाब बना, बालाजी बाजीराव पेशवा बने, अर्काट पर मराठों का आक्रमण।।
1742 बंगाल पर मराठों का अभियान, डूप्ले फ्रांसीसी बस्ती पाण्डिचेरी का गवर्नर नियुक्ता
1744-48 प्रथम आंग्ल-फ्रांसीसी कर्नाटक युद्ध, यूरोप में फ्राँस तथा इंग्लैण्ड के बीच युद्ध आरम्भ।
1747 अहमदशाह अब्दाली का भारत पर आक्रमण।
1748 हैदराबाद के निज़ाम आसफ़जाह की मृत्यु, मुहम्मदशाह की मृत्यु के पश्चात् अहमदशाह मुग़ल बादशाह बना
1748-51 अहमदशाह अब्दाली का अफ़ग़ानिस्तान और पंजाब पर अधिकार।
1749 यूरोप में ब्रिटिश और फ़्राँसीसियों के बीच ‘एक्स-ला-शापेल’ की सन्धि, भारत में अंग्रेज़ी और फ़्राँसीसी कम्पनियों में भी युद्ध विराम, फ़्राँसीसियों द्वारा चेन्नई अंग्रेज़ों को वापस, शाहू की मृत्यु तथा रामराज का छत्रपति के रूप में राज्याभिषेक।
1751 अर्काट के क़िले पर राबर्ट क्लाइव का अधिकार, जिससे फ़्राँसीसी त्रिचरापल्लि से हटे, मुजफ़्फ़र जंग की मृत्यु, सलावत जंग निज़ाम बना, अलीवर्दी ख़ाँ की मराठों से सन्धि।
1754 डूप्ले फ़्राँस वापस, आलमगीर द्वितीय मुग़ल बादशाह बना।
1756 अलीवर्दी खां की मृत्यु, सिराजुद्दौला बंगाल को गद्दी पर बैठा, तीसरा आंग्ल-फ्रांसीसी कर्नाटक युद्ध। बंगाल का नवाब बना,ब्लैक होल की घटना।
1757 प्लासी का युद्ध (23 जून) में अंग्रेज़ों द्वारा सिराजुद्दौला पराजित, मीर ज़ाफ़र नवाब बनाया गया (28 जून), अंग्रेज़ों का कलकत्ता पर पुनः अधिकार, सिराजुद्दौला को मृत्युदण्ड (2 जुलाई), अंग्रेज़ों का राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित।
1758 फ़्राँसीसी गवर्नर मारकुइस डि बुसी का भारत आगमन,,फ्रांसीसियों का फोर्ट सेंट डेविड पर कब्जा,पंजाब पर मराठों का अधिकार।
1758 बंगाल में अंग्रेज़ों द्वारा डच पराजित, बीदर का युद्ध, गाज़ीउद्दीन इमामुलमुल्क द्वारा आलमगीर द्वितीय की हत्या, शाहआलम द्वितीय बादशाह बना (1759-1806)।
1760  मीर कासिम बगाल का नवाब बना, वाडीवाश के युद्ध में अंग्रेज़ों के हाथों फ़्राँसीसी पराजित, रॉबर्ट क्लाइब इंग्लैण्ड वापस।
1761 अहमदशाह अब्दाली तथा मराठों के बीच पानीपत का तीसरा युद्ध (14 जनवरी), मराठे पराजित, फ़्राँसीसियों द्वारा पांण्डिचेरी अंग्रेज़ों को समर्पित, पेशवा बाजीराव का निधन, माधवराव सिंहासनारूढ़, हैदर अली मैसूर का नवाब, अवध का नवाब शुजाउद्दौला वज़ीर बना।
1763 मीर जाफर पुन: बंगाल का नवाब बना
1763-80 सन्यासी विद्रोह , अंग्रेज़ों द्वारा पांण्डिचेरी फ़्राँसीसियों को वापस, बंगाल एवं बिहार पर मीर क़ासिम का अधिकार समाप्त, मीर क़ासिम निष्कासित, मीर ज़ाफ़र पुनः नबाब बना, रघुनाथराव का सत्ता पर क़ब्ज़ा, माधवराव बन्दी।
1764 बक्सर का युद्ध, शाहआलम, शुजाउद्दौला तथा मीर क़ासिम की संयुक्त सेनायें अंग्रेज़ों से पराजित।
1765 बंगाल में अंग्रेजों द्वारा द्वैध शासन की शुरुआत।
1765 क्लाइव की दूसरी गवर्नरी (1765-67 ई.), शुजाउद्दौला, शाहआलम तथा ईस्ट इंडिया कम्पनी के मध्य ‘इलाहाबाद की सन्धि’, शाहआलम ने बिहार, बंगाल तथा उड़ीसा की ‘दीवानी’ कम्पनी को सौंपी, मीर जाफ़र की मृत्यु।
1767-69 प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध,अंग्रेज़ों ने अपमानजनक शर्तों पर हैदर अली से सन्धि की, हैदर अली का चेन्नई अभियान।
1767 रॉबर्ट क्लाइब इंग्लैण्ड वापस, वेरेलस्ट बंगाल का गवर्नर बना।
1769 निज़ाम और मराठों के साथ अंग्रेज़ों की ‘चेन्नई की सन्धि’।,नेपोलियन का जन्म
1770 बंगाल में भीषण अकाल, पेरिस में दिवालिया हो जाने के कारण ‘फ़्राँसीसी ईस्ट इंडिया कम्पनी’ भंग।
1770 मराठों का हैदर अली पर आक्रमण, दिल्ली पर मराठों का क़ब्ज़ा, शाहआलम द्वितीय को अंग्रेज़ों के बन्धन से मुक्ति।
1772 राजा राममोहन राय का जन्म,वारेन हेस्टिंग्स बंगाल का गवर्नर जनरल बना, कम्पनी द्वारा द्वैध शासन की समाप्ति,पेशवा माधवराव की मृत्यु, नारायणराव पेशवा बना पर ही शीघ्र मृत्यु, जिला कलेक्टर की नियुक्ति ।
1773 ब्रिटिश संसद द्वारा रेग्यूलेटिंग एक्ट पारित, कम्पनी पर ब्रिटिश संसद का आंशिक नियंत्रण, रघुनाथराव पेशवा बना
1774 माधवराव नारायण पेशवा बना(74),रूहेला युद्ध, वारेन हेस्टिंग प्रथम गवर्नर जनरल (1774-85 ई.), कलकत्ता में पहले उच्चतम न्यायालय की स्थापना।
1775-82 प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध
1775 कम्पनी और अवध के वज़ीर आसफ़उद्दौला के बीच मैत्री सन्धि, नन्द कुमार पर मुक़दमा तथा मृत्युदण्ड (6 मई), रघुनाथराव तथा अंग्रेज़ों के बीच ‘सूरत की सन्धि’।
1777 सन् 1857 के विद्रोही वीर कुँवर सिंह का जन्म।
1776 अंग्रेज़ों (कर्नल आप्टन) तथा मराठों (रघुनाथराव के विरोधियों) के बीच ‘पुरन्दर की सन्धि’।, अमेरिका के सवतंत्रता की घोषणा
1778 यूरोप में अंग्रेज़-फ़्राँस युद्ध, भारत में फ़्राँसीसी उपनिवेशों पर अंग्रेज़ों का अधिकार।
1779 मराठों तथा अंग्रेज़ों के बीच ‘बड़गाँव समझौता, हैदर अली, हैदराबाद के निज़ाम तथा मराठे अंग्रेज़ों का विरोध करने को एकजुट।
1780  कैप्टन पोफम के नेतृत्व में ईस्ट इण्डिया कम्पनी का ग्वालियर पर अधिकार, द्वितीय मैसूर युद्ध प्रारम्भ, हैदर अली द्वारा कर्नाटक ध्वस्त, महाराजा रणजीत सिंह का जन्म, जेम्स हिक्की द्वारा भारत में छपने वाला प्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र बंगाल गजट
1781 पोर्टोनोवा में हैदर अली पराजित, रेग्युलेटिंग एक्ट में संशोधन, वारेन हेस्टिंग्स द्वारा ‘कलकत्ता मदरसा’ की स्थापना, बंगाल में ‘बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यू’ की स्थापना।
1782 अंग्रेज़, मराठा और हैदर अली के बीच ‘सल्बाई की सन्धि’ हैदर अली की मृत्यु, ‘बंगाल की खाड़ी’ में अंग्रेज़ों तथा फ़्राँसीसियों के बीच नौसेनिक युद्ध
1780-84 द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध।
1782-99 टीपू सुल्तान मैसूर का शासक बना।
1783 फाक्स का इंडिया बिल ब्रिटिश संसद में अस्वीकृत।
1784 टीपू सुल्तान के साथ ‘मंगलौर की सन्धि’, द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध की समाप्ति, भारतीय मामलों के लिए ‘बोर्ड ऑफ़ कन्ट्रोल’ की स्थापना हेतु पिट का इंडिया एक्ट,, एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना।
1784 वारेन हेस्टिंग्स का त्यागपत्र, पंजाब में सिक्ख का आधिपत्य, दिल्ली पर महादजी सिंधिया का अधिकार।
1786 लॉर्ड कार्नवालिस गवर्नर जनरल बना।
1787 टीपू सुल्तान ने पेरिस और कुस्तुनतुनिया में दूत भेजा, मराठा, निज़ाम तथा टीपू के बीच सन्धि, विलियम विलबरफ़ोर्स द्वारा ‘दासता-विरोधी (Anti-slavery) लीग’ की स्थापना।
1787 ग़ुलाम क़ादिर रुहिल्ला का दिल्ली पर क़ब्ज़ा, ग़ुलाम क़ादिर ख़ान द्वारा शाहआलम द्वितीय को नेत्रहीन बनाया गया, बेदार बख़्त दिल्ली की गद्दी पर आसीन।
1788-95 वारेन हेस्टिंग्स पर महाभियोग।
1789 फ़्रांस की क्रांति
1790-92 तीसरा आंग्ल-मैसूर युद्ध (टीपू सुल्तान और अंग्रेज़, मराठों की संयुक्त सेना के बीच)।
1792 श्रीरंगपट्टम की सन्धि के साथ ‘तृतीय मैसूर युद्ध’ समाप्त, पंजाब में रणजीत सिंह सुकरचकिया-मिसल के मुखिया, डंकन जोनाथन द्वारा वाराणसी में ‘राजकीय संस्कृत महाविद्यालय’ (बाद में ‘संस्कृत विश्वविद्यालय’) की स्थापना।
1793 बंगाल में भू-राजस्व का स्थायी बंदोबस्त, ब्रिटिश संसद द्वारा भारत में युद्ध नियंत्रण विधेयक पारित। पांण्डिचेरी पर अंग्रेज़ों का अधिकार, कम्पनी के चार्टर का नवीनीकरण।
1795 इन्दौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर का निधन, जोनाथन डंकन बम्बई का गवर्नर नियुक्त।
1796 पेशवा माधवराव नारायण की मृत्यु, बाजीराव द्वितीय पेशवा नियुक्त, अंग्रेज़ों द्वारा श्रीलंका को डचों से मुक्त कराया गया।
1797 श्रीरंगपट्टनम में फ्रांसीसियों द्वारा जैकोबिन क्लब की स्थापना।
1797  अवध में नवाब आसफ़ुद्दौला की मृत्यु,वज़ीर अली नया नवाब (अवध), श्रीरंगपट्टनम में 60 फ़्राँसीसियों द्वारा ‘जैकोबिन क्लब’ की स्थापना।
1798 लॉर्ड वेलेजली बंगाल का गवर्नर जनरल बना, मद्रास प्रेसिडेंसी की स्थापना, पेशवा और निज़ाम में एकता, टीपू ने फ़्राँसीसी उपनिवेश मॉरिशस को दूत भेजा, नेपोलियन बोनापार्ट का मिस्र अभियान।
1799 चौथा आंग्ल-मैसूर युद्ध, टीपू सुल्तान की मृत्यु, मैसूर विभाजन। मैसूर राजवंशज कृष्णराज गद्दी पर आसीन। जमानशाह द्वारा रणजीत सिंह लाहौर का सूबेदार नियुक्त,प्रेस पर प्रतिबन्ध ।
1800 
1801 फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना (10 जुलाई )।
1802 पेशवा और अंग्रेज़ों के बीच ‘बसीन की सन्धि’
1803 द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1803-05) में मराठों की पराजय। अलीगढ़ पर अंग्रेज़ों का अधिकार। भोंसले के साथ कम्पनी की ‘देवगाँव की सन्धि’ तथा सिंधिया के साथ ‘सुर्जी अर्जुनगाँव की सन्धि’।
1803  लॉर्ड वेलेज़ली को इंग्लैंण्ड वापस बुलाया गया, लॉर्ड कॉर्नवॉलिस की मृत्यु, होल्कर के साथ सन्धि।
1806 अकबर द्वितीय शाहआलम द्वितीय का उत्तराधिकारी बना, वेल्लोर में सैनिक विद्रोह।
1807-08 नेपोलियन की भारत पर संयुक्त फ़्राँसीसी-रूसी अभियान योजना।
1809 कम्पनी और रणजीतसिंह के बीच अमृतसर की सन्धि(25 अप्रैल)।
1813 कम्पनी का चार्टर नवीनीकृत, शिक्षा पर सालाना एक लाख रुपये ख़र्च करने का प्रावधान।
1814-16 नेपाल के साथ युद्ध तथा सुगौली की सन्धिा
1815 वाटरलू का युद्ध नेपोलियन व् मित्र राष्ट्रों के बीच
1817 कलकत्ता में ‘हिन्दू कॉलेज’ की स्थापना (डेविड हेयर तथा राममोहन राय द्वारा)।
1817-18 तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध, सेरामपुर ईसाई मिशनरी संस्था’ द्वारा भारतीय भाषा (बांग्ला) में ‘समाचार दर्पण’ नाम का पहला साप्ताहिक प्रकाशित। पेशवा बाजीराव द्वितीय का समर्पण।।
1818 भारतीय भाषा (बांग्ला) में प्रथम समाचार पत्र “समाचार दर्पण” साप्ताहिक प्रकाशित, अष्टी की लड़ाई, कोरेगांव की सुरक्षा, पेशवा बाजीराव द्वारा आत्मसमर्पण।
1818 पेशवा पद की समाप्ति, बाजीराव द्वितीय को अंग्रेजों के पेंशनर के रूप में बिठूर में भेज दिया गया।
1820-22 सर थॉमस मुनरो मद्रास के गवर्नर।
1821 पूना में संस्कृत कॉलेज की स्थापना।
1822 टेनेंसी एक्ट या काश्तकारी अधिनियम, बम्बई में ‘नेटिव एजुकेशन सोसाइटी’ की स्थापना। ‘बम्बई समाचार’ प्रकाशित।
1823 गवर्नर-जनरल एडम्स ने मुद्रणालयों के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया था।
1824 बैरकपुर में सैनिक विद्रोह (अधिक भत्ते की मांग पर)।
1824-26 प्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध। ‘याण्डबू की सन्धि’। अराकान तथा तेनासरीम ब्रिटिश साम्राज्य में शामिल।
1825 प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी दादाभाई नौरोजी का जन्म (4 सितम्बर)।
1826 यान्डूब की सन्धि, उदन्त मार्तण्ड हिंदी का प्रथम समाचार पत्र
1827 पहला वाष्पचालित युद्धपोत ‘इंटरप्राइज’ मद्रास पहुँचा।
1828 विलियम बैंटिक बंगाल के गवर्नर जनरल बने,राममोहन राय द्वारा ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना। ‘ऐकेडमिक एसोसिएशन’ स्थापित।
1829 विलियम बेंटिक द्वारा सती प्रथा को गैरकानूनी घोषित किया गया।
1830  ईश्वरचन्द्र गुप्ता द्वारा बंगाल मासिक ‘संवाद प्रभाकर’ प्रकाशित।
1831 राजा राममोहन राय इंगलैण्ड गये, मैसूर का राजा पदच्युत। शासन ब्रिटिश सरकार के हाथ में, रोपड़ में विलियम बैंटिक और रणजीत सिंह की भेंट।।
1833 भारतीय विधि आयोग गठित, बंगाल का गवर्नर जनरल भारत का गवर्नर जनरल कहलाने लगा, कम्पनी का व्यापारिक अधिकार समाप्त, राजा राममोहन राय की ब्रिस्टल में मृत्यु।
1834  सरकार द्वारा चाय बाग़ानों की स्थापना।
1835 चार्ल्स मेटकॉफ द्वारा समाचार पत्रों पर से प्रतिबन्ध की समाप्ति, अंग्रेजी सरकारी भाषा व शिक्षा का माध्यम बनी, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई,सर मेटकॉफ़ द्वारा समाचार पत्रों पर से प्रतिबन्ध समाप्त। लॉर्ड मैकाले का शिक्षा नीति पर प्रस्ताव। अंग्रेज़ी (फ़ारसी के स्थान पर) पहली बार सरकारी भाषा बनी। कम्पनी ने पहली बार अपने सिक्के जारी किए।
1837 अकबर द्वितीय का उत्तराधिकारी अंतिम मुग़लशाह बहादुर शाह का राज्याभिषेक, महारानी विक्टोरिया गद्दी पर आसीन।
1838 कम्पनी, रणजीतसिंह तथा शाहशुजा के बीच त्रिदलीय सन्धि,काबुल-कंधार पर अंग्रेज़ों का अधिकार, केशवचन्द्र सेन का जन्म (19 नवम्बर)।
1839 महाराजा रणजीत सिंह की मृत्यु। कलकत्ता तथा दिल्ली के बीच जी. टी. रोड का कार्य आरम्भ। अंग्रेज़ों द्वारा शाहशुजा काबुल का अमीर घोषित, ‘यूनाइटेड इंडिया एसोसियशन’ की स्थापना (9 फ़रवरी)। लन्दन में ‘ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी’ की स्थापना।
1839-42 प्रथम अफगान युद्ध।
1841 कलकत्ता में ‘देश हितेषणी सभा’ की स्थापना (3 अक्टूबर)।
1843 सिन्ध पर अंग्रेज़ों का आधिपत्य। ‘दास प्रथा’ पर प्रतिबन्ध। ‘बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी’ की स्थापना।
1845-46 प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध (अंग्रेजी कंपनी तथा सिख राजा के बीच)
1846 अंग्रेज़ों तथा सिक्खों के बीच ‘लाहौर की सन्धि’।
1847 रुड़की में प्रथम इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित।
1848 लॉर्ड डलहौजी गवर्नर जनरल बना, सतारा ब्रिटिश साम्राज्य में सम्मिलित। गोद लेने की प्रथा पर प्रतिबन्ध। बम्बई में ‘स्टूडेंट्स लिटरेरी एंड साइंटिफिक सोसाइटी’ की स्थापना।।
1848-49 द्वितीय आंग्ल सिख युद्ध।
1850 कलकत्ता में बेथुन द्वारा पहली कन्या पाठशाला की स्थापना।
1849 आत्मारंग पांडुरंग द्वारा परमहस मण्डली की स्थापना
1851 कलकत्ता में “ब्रिटिश इण्डियन एसोसिएशन” की स्थापना।
1852 द्वितीय आंग्ल बर्मा युद्ध, दादा भाई नैरोजी द्वारा बंबई असोसिएशन की स्थापना, पहली बार आई. सी. एस. परीक्षा प्रारम्भ। सस्ती डाक सेवा प्रारम्भ।
1853 बम्बई से थाणे तक पहली रेलवे लाइन का उद्घाटन, कलकत्ता से आगरा तक पहली टेलीग्राफ लाइन, पहली बार आई.सी.एस. परीक्षा प्रारम्भ,
1854 बंगाल में नील विद्रोह, प्रथम डाक टिकट
1855-56 संथाल विद्रोह। पटसन उद्योग की शुरुआत। कलकत्ता में ‘अंजुमने इस्लामी’ (या मोहम्मडन एसोसिएशन) की स्थापना (मई 6)।, कलकत्ता में अंजुमन-ए-इस्लामी की स्थापना।
1856 कलकत्ता में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना।,हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित, अवध को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया गया,बंगाल विधान परिषद्’ द्वारा ‘हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम’ पारित। यूरोप में ‘क्रीमिया युद्ध’ समाप्त।।
1857 डलहौजी की हड़प निति समाप्त ,कलकत्ता, बम्बई तथा मद्रास विश्वविद्यालय की स्थापना, भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का विद्रोह, केशवचन्द्र सेन ब्रह्म समाज में शामिल, मंगल पाण्डे द्वारा लेफ्टिनेंट बाग़ की गोली मारकर हत्या।।
1858 भारत का शासन कम्पनी से ब्रिटिश सरकार ने अपने हाथों में लिया।
1858 1 नवम्बर, 1858 ई. को प्रथम वायसराय लॉर्ड कैनिंग ने इलाहाबाद में एक दरबार का आयोजन किया, जिसमें वायसराय ने महारानी विक्टोरिया द्वारा भारतीय शासन चलाने की विधिवत् घोषणा की तथा विक्टोरिया की ओर से एक घोषणा पत्र पढ़कर सुनाया, जिसे भारतीय स्वतंत्रता का ‘मैग्नाकार्य’ कहा जाता है।
1859 कागज का नोट जारी, गोद प्रथा की समाप्ति, नील विद्रोह,ईश्वर विद्या सागर की सोमप्रकाश का प्रेक्षण कलकत्ता से ,
1860 बजट की व्यवस्था शुरू। (7 अप्रैल, 1860 को देश का पहला बजट ब्रिटिश सरकार के वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने पेश किया था),अब्राहिम लिंकन 16वें राष्ट्रपति
1861 ‘भारतीय परिषद् अधिनियम’ तथा ‘भारतीय हाईकोर्ट्स अधिनियम’ लागू। आर्कियोलाजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ए.एस.आई.) का गठन। दीनबंधु मित्र का नाटक ‘नील-दर्पण’ प्रकाशित। रवीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म, भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 के अंतर्गत कलकत्ता, बम्बई, मद्रास में एक-एक उच्च न्यायालय की स्थापना की गयी, इंडियन मिरर ।
1862 भारतीय दण्ड संहिता लागू, उच्च न्यायालय की स्थापना।
1863 कलकत्ता में मोहम्मडन एसोसिएशन की स्थापना, पटना कॉलेज की स्थापना।
1864 सैय्यद अहमद द्वारा ‘मोहम्मडन साइंटिफिक सोसायटी’ की स्थापना, बंकिमचन्द्र चटर्जी द्वारा ‘दुर्गेश नन्दनी’ उपन्यास की रचना।
1865 अमेरिका में गृह युद्ध समाप्त
1866 इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थापना,दादा भाई नैरोजी द्वारा ईस्ट इंडिया असोसिएशन की ।
1867 ब्रह्मसमाज की प्रेरणा से बम्बई में ‘प्रार्थना समाज’ की स्थापना। नवगोपाल मित्र द्वारा कलकत्ता में स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार के लिए वार्षिक मेले का उदघाटन। आयकर पुनः लागू किए जाने का विरोध। ‘पूना सार्वजनिक सभा: स्थापित।
1868 अम्बाला से दिल्ली तक रेलवे लाइन का उदघाटन। शिशिर कुमार घोष द्वारा ‘अमृत बाज़ार पत्रिका’ प्रकाशित। भारत का प्रथम संध्या समाचार पत्र ‘मद्रास-मेल’ प्रकाशित।
1878 लिटन का ‘वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट’ लागू, द्वितीय आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध आरम्भ। कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में भारतीय पत्रकारों की ‘नेटिव प्रेस कांफ्रेंस’ का पहला सम्मेलन। ‘साधारण ब्रह्म समाज’ की स्थापना।
1869 ड्यूक ऑफ़ एडिनबरा’ की भारत यात्रा। स्वेज नहर का उदघाटन। महात्मा गांधी का जन्म। ठक्कर बापा का जन्म।
1870 1872 ‘कूका विद्रोह’,आनन्द मोहन बोस द्वारा लन्दन में ‘इंडियन सोसायटी’ की स्थापना,प्रथम जनगणना प्रारम्भ, कृषि विभाग , भारतीय साख्यिँकी सर्वेक्षण विभाग की स्थापना, लॉर्ड मेयो की हत्या (पोर्ट ब्लेयर में)।
1873 ज्योतिबा फुले द्वारा सत्यशोधक समाज की स्थापना ,लाहौर में स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार के लिए ‘स्वदेशी सभा’ स्थापित।
1874 बिहार में अकाल।
1875 कलकत्ता में ‘इंडिया लीग’ की स्थापना, थियोसोफिकल सोसाइटी की स्थापना, सैय्यद अहमद खाँ द्वारा अलीगढ़ में मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएन्टल कॉलेज की स्थापना, प्रिंस ऑफ वेल्स की प्रथम भारत यात्रा। स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना।
1876 क्वेटा पर अंग्रेज़ सेना का अधिकार। कलकत्ता में ‘इण्डियन एसोसिएशन’ की स्थापना। ‘आई.सी.एस. परीक्षा’ में शामिल होने के लिए आयु सीमा में कटौती।
1877 लॉर्ड लिटन का प्रथम दिल्ली दरबार, महारानी विक्टोरिया भारत की साम्राज्ञी घोषित (1 जनवरी )तथा कैसर-ऐ – हिन्द की उपाधि, पहली ‘नेटिव प्रेस ऐसोसिएशन’ की स्थापना ।
1878 लिटन का वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट पारित,द्वितीय आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध आरम्भ। कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में भारतीय पत्रकारों की ‘नेटिव प्रेस कांफ्रेंस’ का पहला सम्मेलन। ‘साधारण ब्रह्म समाज’ की स्थापना, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी का जन्म (7 दिसम्बर)। लॉर्ड लिटन द्वारा इंग्लैंण्ड से आयातित सूती माल पर आयात कर हटाया गया।
1880 दुर्भिक्ष आयोग’ (अकाल आयोग) की स्थापना। अफ़ग़ानिस्तान के प्रति ब्रिटिश नीति में परिवर्तन। पट्टाभि सीतारामैया का जन्म (24 दिसम्बर), मनी आर्डर सेवा प्रारम्भ
1881 नियमित जनगणना , प्रथम फैक्टरी अधिनियम बना,पहला फैक्ट्री अधिनियम। मैसूर राज्य उसके मूल शासकों को सौंपा गया। ‘ट्रबियून’, ‘केसरी’ तथा ‘मराठा’ का प्रकाशन।।
1882 ‘वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट’ निरस्त। ‘हंटर आयोग’, ‘भारतीय शिक्षा आयोग’, ‘पंजाब विश्वविद्यालय’ की स्थापना। सूरत में ‘प्रजाहितवर्धक सभा’ का गठन, पुरुषोत्तम दास टंडन का जन्म।
1883 ‘इल्बर्ट बिल’ गवर्नर-जनरल की विधान परिषद् में प्रस्तुत। ‘भारतीय राष्ट्रीय सम्मेलन’ का आयोजन।, अकाल सहिंता,अजमेर में स्वामी दयानद सरस्वती की मृत्यु ।
1884 केशवचन्द्र सेन की मृत्यु (8 जनवरी)। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म (3 दिसम्बर)। मद्रास में ‘महाजन सभा’ स्थापित।
1885 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बम्बई में स्थापना, बंगाल टेनेंसी एक्ट पारित हुआ, आंग्ल-बर्मा युद्ध। ‘बम्बई प्रेसीडेन्सी एसोसिएशन’ की स्थापना।।
1886 केशवचन्द्र सेन द्वारा ‘भारतीय ब्रह्म समाज’ की स्थापना। गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म। ‘ईस्ट इंडिया एसोसिएशन’ की स्थापना तथा बाद में ‘लन्दन इंडिया सोसाइटी’ का इसमें विलेय रामकृष्ण परमहंस की मृत्यु। कांग्रेस के दूसरे अधिवेशन में पंजाब के प्रतिनिधि लाला मुरलीधर का हिन्दी में भाषण( कांग्रेस के मंच से हिन्दी में यह पहला भाषण था)।
1887 महारानी विक्टोरिया के शासनकाल की स्वर्ण जयन्ती। ‘इलाहाबाद विश्वविद्यालय’ की स्थापना। शिवनारायण अग्निहोत्री द्वारा ‘देव समाज’ की स्थापना।
1888 कर्नल थियोडोर बैंक द्वारा ‘यूनाइटेड इंडियन पैट्रियॉटिक एसोसिएशन’ की स्थापना।
1889 प्रिंस ऑफ वेल्स की दूसरी भारत यात्रा, जमनालाल बजाज, खुदीराम बोस तथा जवाहरलाल नेहरू का जन्म।
1891 ‘द्वितीय फैक्ट्री अधिनियम’। सहवास वर्ष अधिनियम (एज ऑफ़ कॉनसेन्ट एक्ट), मणिपुर में विद्रोह, डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जन्म (14 अप्रैल)।
1892 ब्रिटिश संसद द्वारा भारतीय परिषद अधिनियम पारित, चुनाव की प्रणाली निर्धारत।
1893 एनी बेसेन्ट का भारत आगमन, स्वामी विवेकानद ने प्रथम विश्व धर्म सम्मलेन में भाग लिया ।
1894 नटाल (दक्षिण अफ़्रीका) में ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ की स्थापना (कांग्रेस के लाहौर (1893) अधिवेशन से प्रभावित होकर)।
1895 बाल गंगाधर तिलक ने शिवाजी उत्सव मनाया।
1896 वर्तमान पाकिस्तान व अफगानिस्तान के ड्यूरेंड रेखा निर्धारण, बम्बई में प्लेग।
1897 भारतीय शिक्षा सेवा का गठन, लोकमान्य तिलक को शिवाजी से सम्बोधित देश के भक्ति के पद्य लिखने के आरोप में 18 माह की कड़ी क़ैद, स्वामी विवेकानद द्वारा राम कृष्ण मिशन की स्थापना, सुभास बोष का जन्म , प्रथम जल विद्युत् गृह दार्जलिंग ।
1898 ऐनी बेसेंट द्वारा बनारस में सेंट्रल हिन्दू कॉलेज की स्थापना ,’प्रार्थना समाज’ (बम्बई) द्वारा एक दलित वर्ग मिशन प्रारम्भ।
1899-1905 लॉर्ड कर्जन वायसराय।
1900 मुंडा विद्रोह,भूमि स्वामित्व-परिषद् अधिनियम, दुर्भिक्ष आयोग, कांग्रेस के मंच से पहली महिला श्रीमती कादम्बिनी गांगुली का भाषण।
1901 महात्मा गाँधी ने पहली बार कांग्रेस अधिवेशन में भाग लिया,महारानी विक्टोरिया की मृत्यु, एडवर्ड सप्तम सिंहासनारूढ़, उत्तर-पश्चिम सीमा प्रान्त का गठन।
1902 लार्ड कर्जन के पुलिस आयोग का गठन , प्रथम जल विद्युत् केंद्र शिव समुद्रम
1903 गाँधी ने इंडियन ओपनियन नामक पत्र निकाला
1904 भारतीय विश्वविद्यालय एक्ट पारित, पुरातत्व विभाग का गठन, नासिक में मित्र मेला संगठन, डाबरन में गाँधी का फीनिक्स फॉर्म की स्थापना,जतीन्द्रदास का जन्म।
1905 बंगाल का विभाजन, रेलवे बोर्ड की स्थापना, लॉर्ड मार्ले भारतीय मामलों के सचिव नियुक्त।
1906 कांगेस (कलकत्ता अधिवेशन) मंच से दादाभाई नौरोजी द्वारा ‘स्वराज’ शब्द का पहली बार प्रयोग। ढाका में ‘मुस्लिम लीग’ की स्थापना।
1907 सूरत अधिवेशन’ में कांग्रेस विभाजित। एनी बेसेन्ट ‘थियोसॉफिकल सोसायटी’ की अध्यक्ष बनी। ‘टाटा इस्पात कारखाने’ से इस्पात का उत्पादन प्रारम्भ।
1908 खुदीराम बोस को फाँसी, तिलक पर राजद्रोह केस तथा तिलक को 6 वर्ष का कारावासा, गाँधीजी को सत्याग्रह करने के लिए सबसे पहले जेल हुई,’समाचार पत्र अधिनियम’,सबसे कम उम्र वाले क्रांतिकारी खुदीराम बोस को फाँसी, तिलक पर राजद्रोह का मुकदमा।।
1909 मॉलें मिण्टो सुधार, दक्षिण अफ़्रीका जाते हुए जहाज़ पर गाँधी जी ने ‘हिन्दी स्वराज’ नामक पुस्तक लिखी।। भारतीय परिषद् अधिनियम पारित।
1910 गाँधी द्वारा जॉहन्सबर्ग में टॉलस्टॉय की स्थापना,एडवर्ड तृतीय की मृत्यु, जॉर्ज पंचम सिंहासनारूढ़।
1911 द्वितीय दिल्ली दरबार’, सम्राट जॉर्ज पंचम का भारत आगमन ,बंगाल विभाजन रद्द, राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानान्तरित, मुंबई में गेटवे ऑफ़ इंडिया का निर्माण ।
1912 दिल्ली राजधानी बनायी गयी, लॉर्ड हार्डिंग दिल्ली में बम विस्फोट में घायल। जवाहर लाल नेहरू पहली बार कांग्रेस अधिवेशन (बांकीपुर) में उपस्थित। ‘इंस्लिंग्टन कमीशन’ का गठन। अबुलकलाम आज़ाद द्वारा ‘अल-हिलाल’ अख़बार प्रकाशित।
1913 सैन फ्रांसिस्को में गदर पार्टी का गठन, रवीन्द्रनाथ टैगोर को साहित्य का नोवेल पुरस्कार मिला, फ़िरोजशाह मेहता द्वारा ‘द बम्बई क्रॉनिकल’ की शुरुआत, सैन फ़्राँसिस्को में ‘ग़दर पार्टी’ का गठन।।
1914 प्रथम विश्व युद्ध प्रारम्भ, तिलक माण्डले जेल से रिहा, ताना भगत आंदोलन, ‘फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट’ की स्थापना। पनामा नहर की शुरुआत, एनी बेसेन्ट द्वारा ‘न्यू इंडिया’ प्रकाशित।
1915 गाँधीजी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे, एनीवेसेण्ट ने मद्रास में होमरूल लीग का गठन (25 सितम्बर), गाँधी जी को कैसर-ए-हिन्द की उपाधि दी, भारतीय सुरक्षा अधिनियम’,अहमदाबाद में ‘सत्याग्रह आश्रम’ की स्थापना. गोपालकृष्ण गोखले का निधन।
1916 लोकमान्य तिलक द्वारा ‘होमरूल लीग’ की स्थापना (26 अप्रैल)। कांग्रेस-मुस्लिम लीग के बीच ‘लखनऊ समझौता’। पूना में प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना। ‘बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय’ की स्थापना। दादाभाई नौरोजी का निधन।
1917 मॉण्टेग्यूचेम्सफोर्ड सुधार, शिक्षा के लिए सैडलर आयोग का गठन,रूस की क्रांति, गाँधी जी द्वारा ‘चम्पारन सत्याग्रह’ आरम्भ, होमरूल आंदोलन के सिलसिले में एनी बेसेन्ट बंदी, शिक्षा से सम्बन्धित ‘सैडलर आयोग’ की नियुक्ति,रौलट एक्ट कमेटी का गठन,अमेरिका विश्व युद्ध में शामिल हुआ।
1918 प्रथम युद्ध की समाप्ति, रासबिहारी बोस की अध्यक्षता में ‘बंगीय जनसभा’ की स्थापना। सुरेन्द्रनाथ बनर्जी की अध्यक्षता में बम्बई में ‘ऑल इंडिया मॉडरेट कांफ्रेंस’ आयोजित। गाँधी जी के द्वारा अहमदाबाद कपड़ा मजदूरों की मांग के समर्थन में सत्याग्रह के रूप में पहली बार भूख हड़ताल का प्रयोग किया गया। सुरेन्द्रनाथ बनर्जी ‘नेशनल लिबरल लीग’ के अध्यक्ष निर्वाचित।
1919 जलियांवाला बाग़ नरसंहार, रौलेट एक्ट पारित, रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा सर की उपाधि वापस, मॉण्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार अधिनियम पारित, नवजीवन नामक दैनिक पत्र व यंग इंडिया नामक साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन, ख़िलाफत कमेटी की स्थापना। रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा सर की उपाधि वापस। बम्बई में मिल मजदूरों का पहला सम्मेलन, एनी बेसेन्ट की अध्यक्षता में दिल्ली में पहला ‘अखिल भारतीय महिला सम्मेलन’ आयोजित, तृतीय अफ़ग़ान युद्ध, ‘भारतीय सरकार अधिनियम-1919’ पारित।
1920 असहयोग तथा खिलाफत आन्दोलन प्रारम्भ, गाँधीजी ने कैसर-ए-हिन्द की उपाधि लौटाई, अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना, अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन की स्थापना,तिलक की मृत्यु, हण्टर कमेटी की रिपोर्ट प्रकाशित।
1921 प्रिंस आफ़ वेल्स एडवर्ड की भारत यात्रा, मानवेन्द्र नाथ द्वारा भारतीय साम्यवादी दल की स्थापना, ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ प्रस्ताप पारित (4 नवम्बर), मोपला विद्रोह (20 नवम्बर),विजयवाड़ा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी’ सम्मेलन में तिलक स्वराज कोष के लिए एक करोड़ रुपये एकत्रित करने का निर्णय (1 अप्रैल),भारत सरकार अधिनियम 1919 लागू,हड़प्पा में उत्खनन प्रारम्भ ।
1922  विश्व भारती विश्व विद्यालय की स्थापना,कलकत्ता में ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ आरम्भ (15 जून)। चौरी-चौरा कांड (5 फ़रवरी)। बारदोली में कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन ‘स्थगित करने का निर्णय (12 फ़रवरी)। कांग्रेस द्वारा सामूहिक ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ स्थगित (31 दिसम्बर)। मोतीलाल नेहरू तथा चितरंजन दास द्वारा ‘स्वराज पार्टी’ की स्थापना। मांटेग्यू का इस्तीफ़ा।
1922-23 इंग्लैंड व भारत दोनों जगह सिविल सेवा परीक्षा शुरू
1923 स्वराज पार्टी की स्थापना,मदन मोहन मालवीय द्वारा ‘इंडियन पार्टी’ की स्थापना। बम्बई में कपड़ा मजदूरों की ‘गिरनी कामग़ार यूनियन’ स्थापित। ‘हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएसन’ की स्थापना। नमक-कर क़ानून पारित,कमाल पाशा द्वारा तुर्की को धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित करने से ख़िलाफ़त आंदोलन स्वतः समाप्त।
1924 कानपुर षड्यन्त्र केस, गाँधी जी पहली बार एवं अन्तिम बार कांग्रेस अध्यक्ष (बेलगाँव)
1925 काकोरी काण्ड, अखिल भारतीय दलित वर्ग एसोसिएशन की स्थापना, कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना (27 सितम्बर, 1925 को नागपुर में RSS की स्थापना हुई थी) , गाँधी जी ने अपनी आत्मकथा लिखी(29 नवंबर), अखिल भारतीय दलित वर्ग एसोसिएशन’ की स्थापना, अंतरविद्यालय बोर्ड गठित,’अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी’ की कार्यवाहियों के लिए हिन्दुस्तानी भाषा की स्वीकृति (26 दिसम्बर),चितरंजन दास का निधन, विट्ठलभाई पटेल विधानसभा में प्रथम भारतीय अध्यक्ष नियुक्त.लॉर्ड लिटन द्वितीय स्थानापन्न वायसराय।
1926 ट्रेड यूनियन एक्ट पारित, लोकसेवा आयोग की स्थापना, दिल्ली में ‘आल इंडिया प्रोहिबेशन लीग’ (अखिल भारतीय नशाबन्दी लीग) की स्थापना (31 जनवरी),गाँधी जी द्वारा गुवाहाटी अधिवेशन में स्वाधीनता प्रस्ताव का विरोध (26 दिसम्बर)।
1927 साइमन कमीशन की नियुक्ति, अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की स्थापना, ‘भारतीय नौसेना अधिनियम’, कांग्रेस के मद्रास अधिवेशन में स्वतंत्रता के लक्ष्य की घोषणा,’मुस्लिम लीग’ का विभाजन (29 दिसम्बर),भारत में रेडियो का प्रसारण ।
1928 हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक पार्टी की स्थापना, नेहरू रिपोर्ट, साइमन कमीशन भारत आया, लाला लाजपतराय की मृत्यु।
1929 लाहौर जेल में जतिन दस की 64 दिन भूख हड़ताल से मौत , लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में नेहरू द्वारा पूर्ण-स्वराज का प्रस्ताव पारित, शारदा एक्ट पारित,लाहौर में कांग्रेस के 44वें अधिवेशन में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में स्वराज्य का प्रस्ताव पारित (29 दिसम्बर)। 31 दिसम्बर की मध्यरात्रि के समय पंडित नेहरू ने रावी तट पर तिरंगा फहराया।।
1930 सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ, 26 जनवरी को स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाने का आह्वान,अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी’ द्वारा ‘सविनय अवज्ञा (नमक) आंदोलन’ का कार्यक्रम स्वीकृत (19 फ़रवरी), ‘डांडी यात्रा’ आरम्भ (12 मार्च), नमक क़ानून तोड़ा गया (6 अप्रैल), 28 मार्च को ‘आनन्द भवन’ देश को समर्पित तथा 11 अप्रैल को ‘स्वराज भवन’ के रूप में नामकरण, सुभाषचन्द्र बोस कलकत्ता नगर निगम के मेयर निर्वाचित (22 अगस्त), सी. वी. रमन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार (14 नवम्बर)। ‘प्रथम गोलमेज सम्मेलन’ लन्दन में, कांग्रेस कार्यसमिति ग़ैरक़ानूनी घोषित (25 अगस्त)।
1931 गाँधी-इर्विन पैक्ट, कांग्रेस कार्यसमिति पर से प्रतिबंध हटा (26 जनवरी), लखनऊ में मोतीलाल नेहरू का निधन (5 फ़रवरी), इलाहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में चन्द्रशेखर आज़ाद की मृत्यु (27 फ़रवरी), ‘गांधी-इरविन समझौता’ (मार्च), लाहौर में रावी तट पर भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव को फाँसी (23 मार्च), शोक स्वरूप गाँधी जी को कराची अधिवेशन में युवा क्रान्तिकारियों द्वारा काले फूल भेंट (31 मार्च), बम्बई कांग्रेस हाउस में सरोजिनी नायडू द्वारा ‘राष्ट्रीय झंडा दिवस’ का उदघाटन (26 अप्रैल), कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से गांधीजी को गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया (10 जून), गांधीजी द्वारा प्रस्तावित चरखा युक्त झंडा राष्ट्रीय कांग्रेस का ध्वज बना (1 अगस्त), संयुक्त प्रान्त में लगान-रोको आंदोलन (11 दिसम्बर), रॉयल लेबर कमीशन की रिपोर्ट प्रकाशित।
1932 देहरादून में राष्ट्रीय सेना अकादमी की स्थापना, ‘मेरठ षड़यंत्र केस’ के 27 अभियुक्तों को सज़ा (16 जनवरी), गाँधी जी द्वारा व्यक्तिगत सत्याग्रह आरम्भ (26 जून), एनी बेसेन्ट का देहान्त (20 सितम्बर), पहली बार ‘पाकिस्तान’ शब्द का प्रयोग। गांधीजी द्वारा साप्ताहिक ‘हरिजन’ की शुरुआत, रैम्जे मैक्डोनल्ड द्वारा 16 अगस्त को ‘साम्प्रदायिक निर्णय’ की घोषणा, 24 सितम्बर को गांधीजी और अम्बेडकर के मध्य ‘पूना समझौता’ सम्पन्न।
1933 प्रस्तावित सुधारों पर श्वेतपत्र जारी, संयुक्त चयन समिति का गठन।
1934 कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की पटना में स्थापना, सविनय अवज्ञा आन्दोलन वापस, बिहार में भूकंप, फैक्टरीज एक्ट लागू, रॉयल इंडियन नेवी की स्थापना, गाँधी जी ने अखिल भारतीय ग्रामोद्योग की स्थापना,आचार्य नरेन्द्र देव की अध्यक्षता में ‘कांग्रेस समाजवादी पार्टी’ के गठन की घोषणा (17 मई), कांग्रेस चुनाव घोषणा पत्र प्रकाशित (14 जून), गाँधी जी कुछ समय के लिए कांग्रेस से अलग (17 सितम्बर) ।
1935 भारत सरकार अधिनियम-1935′ पारित (अगस्त)। भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता। गाँधी जी के साथी तथा ‘सत्याग्रह आंदोलन’ में जेल जाने वाले प्रथम व्यक्ति मोहन लाल पाण्ड्या का निधन (18 मई)। गाँधी जी द्वारा मीरा बेन के लिए वर्धा के पास सेवा गाँव के आश्रम (सेवाश्रम) की स्थापना (22 अक्टूबर), सुभाष चंद्र बोस ने द इंडियन स्ट्रगल नामक पुस्तक लिखी, रिजर्व बैंक की स्थापना। ।
1936 सम्राट जार्ज V की मृत्यु, एडवर्ड VIII का राज्यारोहण, ऑल इंडिया रेडियो का गठन, गाँधी जी ने सेवाग्राम आश्रम बनाया ,आंबेडकर द्वारा इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी का गठन
1937 संघीय न्यायालय’ की स्थापना (1 अक्टूबर), प्रान्तीय स्वशासन की शुरुआत, ,प्रथम आम चुनाव तथा नवीन प्रान्तीय सरकारें, हिन्दू महिला सम्पति कानून, सुभास चंद्र बोस का विवाह
1938 सुभाष चन्द्रबोस कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए, बी. डी. सावरकर ‘हिन्दू महासभा’ के अध्यक्ष निर्वाचित, शरतचन्द्र चटर्जी तथा मोहम्मद इक़बाल की मृत्यु।
1939 ‘त्रिपुरी अधिवेशन’ में सुभाषचन्द्र बोस कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर दुबारा निर्वाचित तथा बाद में त्यागपत्र (28 अप्रैल), बोस द्वारा ‘फारवर्ड ब्लाक’ की स्थापना (3 मई), द्वितीय विश्वयुद्ध आरम्भ (3 सितम्बर), विश्वयुद्ध में भारत को बिना इजाज़त शामिल करने के विरोधस्वरूप प्रान्तीय कांग्रेस मंत्रिमण्डलों का त्यागपत्र, जिन्ना द्वारा कांग्रेस शासन से मुक्ति के लिए 22 दिसम्बर को ‘मुक्ति दिवस’ के रूप में मनाने का आह्वान (8 अक्टूबर)।
1940 मौलाना अबुलकलाम आज़ाद कांग्रेस अध्यक्ष, ‘मुस्लिम लीग’ के लाहौर अधिवेशन में जिन्ना द्वारा मुस्लिमों के लिए पृथक देश की मांग (22 मार्च), कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा गाँधी जी का व्यक्तिगत सत्याग्रह स्वीकृत (13 अक्टूबर), विनोबा भावे पहले व्यक्तिगत सत्याग्रही।
1941 जापान द्वारा युद्ध की घोषणा,अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल (7 दिसंबर), जिन्ना द्वारा पाकिस्तान की परिकल्पना पर कांग्रेस की स्वीकृति की मांग (17 अप्रैल)। सुभाषचन्द्र बोस नज़रबन्दी से भागकर कलकत्ता से जर्मनी पहुँचे, रवींद्र नाथ टैगोर की मृत्यु ।
1942 बर्मा में अंग्रेज़ों का आत्मसमर्पण, ‘अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी’ के ‘बम्बई अधिवेशन’ में ‘अंग्रेज़ों भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पारित तथा देशव्यापी आंदोलन शुरू (8 अगस्त),आजाद हिंदी फ़ौज का गठन ।
1943 सुभाष चन्द्र बोस द्वारा स्वतंत्र भारत की सरकार का गठन तथा भारतीय राष्ट्रीय सेना बनायी,’मुस्लिम लीग’ ने अपने ‘कराची अधिवेशन’ में ‘डिवाइड एंड क्किट’ (बाँटों और छोड़ो) स्लोगन को पारित किया।
1944 असम पर जापानी आक्रमण, आजाद हिन्द फौज मणिपुर के नजदीक पहुँची।
1945  ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार, जापान में परमाणु बम गिराया,द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति। लॉर्ड वेवेल की घोषणा, ‘आज़ाद हिन्द फ़ौज’ का आत्मसमर्पण तथा उन पर पहली बार मुकदमा, लॉर्ड वेवेल की घोषणा, शिमला समझौता, हिटलर ने आत्महत्या की ।
1946 नौसेना विद्रोह(18 फ़रवरी) ,कैबिनेट मिशन भारत आया, अंतरिम सरकार का गठन, संविधान सभा की प्रथम बैठक, 16 अगस्त को मुस्लिम लीग द्वारा ‘सीधी कार्यवाही दिवस’ मनाया गया, 2 सितंबर को अंतरिम सरकार गठित, नोआखाली एवं टिपरा में 14 अक्टूबर को सांप्रदायिक दंगे, 25 अक्टूबर को बिहार में दंगे, 26 अक्टूबर को मुस्लिम लीग का अंतरिम सरकार में विलय, 9 दिसंबर को सविधान सभा का प्रथम सत्र,जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री नियुक्त, कैबिनेट मिशन योजना की घोषणा (16 जून)।
1947 ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली द्वारा जून 1948 तक भारत छोड़ने का निर्णय, लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा 15 अगस्त, 1947 को सत्ता हस्तान्तरित किया जाना,14 अगस्त को पाकिस्तान बना तथा 15 अगस्त को भारत स्वाधीन, भारतीय स्वाधीनता अधिनियम’ 4 जुलाई, 1947 को संसद में पेश, भारत-पाक विभाजन प्रस्ताव पारित, जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री बने, सविंधान सभा ने राष्टीय ध्वज अपनाया ।
1948 महात्मा गाँधी की दिल्ली में हत्या, जिन्ना की मृत्यु, भारतीय सेना द्वारा हैदराबाद की मुक्ति, भारत में प्रथम औद्योगिक नीति की घोषणा,ऑपरेशन पोलो ।
1949 रिजर्व बैंक का राष्ट्रिय एकीकरण
1950 भारतीय संविधान लागू हुआ, राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रपति चुने गए, राष्ट्र गान जन गण मन अपनाया, भारत रेल का राष्ट्रीयकरण ।
1951 प्रथम पंचवर्षीय योजना की शुरुआत।
1952 प्रथम आम चुनाव सम्पन्न,प्रथम राज्य सभा का गठन
1953 राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना
1954 चीन और भारत में पंचशील समझौता, भारतीय साहित्य अकादमी की स्थापना ।
1955 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की आवड़ी (चेन्नई) अधिवेशन में समाजवादी समाज का लक्ष्य स्वीकार, भारतीय नागरिकता अधिनियम ।
1956 भारत में दूसरी औद्योगिक नीति की घोषणा, राज्य पुनर्गठन अधिनियम
1957 दूसरे आम चुनाव, ऑल इंडिया रेडियो का नाम आकाशवाणी रखा ।
1959 भारत में दूरदर्शन की शुरुआत, दुनिया का प्रथम चंद्र अभियान (रूस) ।
1958 माप और तोल की मीट्रिक प्रणाली का प्रारम्भ
1960 महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों का बनना, भारत व पाक के बीच सिंधु जल समझौता ।
1961 गोवा स्वतन्त्र हुआ, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान व NCERT की स्थापना ।
1962 भारत पर चीन का आक्रमण।
1963 डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की मृत्यु।
1964 पं. जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु।
1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध,दूरदर्शन में हिंदी समाचार प्रसारण की शुरुआत ।
1966 ताशकन्द समझौता, प्रधानमंत्री लालबहादुर पालिकाल वह काल, जिसक लिए कोई लिपि शास्त्री की मृत्यु।
1966-67 हरित क्रांति का आरम्भ
1968 मद्रास का नाम तमिलनाडु
1972 पिनकोड प्रणाली की शुरुआत
1973 मैसूर राज्य का नाम बदलकर कर्नाटक
1974 भारत के पहला परमाणु परिक्षण जैसलमेर में
1975 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना
1982 ब्रिटेन में भारत महोत्सव का आयोजन
1984 राकेश शर्मा चाँद पर पहुंचा , भोपाल गैस काण्ड
1986 MTNL की स्थापना , स्पीड पोस्ट सेवा आरम्भ
1988 राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्रारम्भ
1991 राजीव गाँधी की हत्या
1992 बाबरी मस्जिद ढांचा को गिराया गया
1993 FM रेडियो की स्थापना
1999 भारत और बांग्लादेश के बीच बस सेवा

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